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भारत शांतिप्रिय देश लेकिन किसी भी चुनौती से निबटने को तैयार: राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि भारत हमेशा से एक शांतिप्रिय देश रहा है और आज भी है। किसी भी विवाद को अपनी तरफ़ से शुरू करना हमारे मूल्यों के ख़िलाफ़ है। अगर ज़रुरत होती है तो हमारा देश किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

नई दिल्ली/चंडीगढ़: चंडीगढ में ‘ट्रर्मिनल बैलिस्टिक रिसर्च लेबोरेटरी’ (TBRL) के कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी समय 2 कमरों से शुरू हुई यह लेबोरेट्री (TBRL) आज देश को महत्वपूर्ण रक्षा तकनीक और क्षमताएं प्रदान करने वाले लेबोरेट्री बन चुकी है।

राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि भारत हमेशा से एक शांतिप्रिय देश रहा है और आज भी है। किसी भी विवाद को अपनी तरफ़ से शुरू करना हमारे मूल्यों के ख़िलाफ़ है। अगर ज़रुरत होती है तो हमारा देश किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

रक्षामंत्री ने आगे कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम कहते थे कि दुनिया में भय की जगह नहीं है। एक शक्ति ही दूसरी शक्ति का सम्मान करती है। भारत को हम सशक्त बनाना चाहते हैं ताकि दुनिया में बड़ी से बड़ी ताक़त के सामने आँख झुकाकर नहीं बल्कि आँख में आँख डालकर बात करना पड़े।


वहीं, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि सीमाओं पर चुनौतियां हैं और इनका सामना करने के लिए हमें उच्च तकनीकी सिस्टम की ज़रुरत है। हमारे प्रतिद्वंदी तेजी से युद्ध में तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका मुकाबला करने के लिए हमें भी तकनीक का इस्तेमाल करना होगा।

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SC ने पलटा बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला, NTA को NEET-UG 2021 के नतीजे घोषित करने की दी अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को अंडर ग्रेजुएट (NEET-UG) 2021 के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित करने की अनुमति दी। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश पर भी रोक लगा दी है, जिसमें NTA को नतीजे घोषित करने का निर्देश दिया गया था।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को अंडर ग्रेजुएट (NEET-UG) 2021 के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित करने की अनुमति दी। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश पर भी रोक लगा दी है, जिसमें NTA को नतीजे घोषित करने का निर्देश दिया गया था।


भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाकर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के लिए नीट यूजी परिणाम घोषित करने का रास्ता साफ कर दिया है। बता दें कि हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने एनटीए को दो स्नातक चिकित्सा उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया था।

क्या कहा था बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाई कोर्ट ने आदेश में कहा था कि नीट परीक्षा दो छात्रों, वैष्णवी भोपाली और अभिषेक शिवाजी के लिए आयोजित की जानी चाहिए, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें गलत सीरियल नंबर के साथ प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं दी गई थीं। जिसके बाद केंद्र ने बॉम्बे एचसी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसमें कहा गया था कि परिणाम तैयार होने पर भी एनटीए परिणाम घोषित नहीं कर सकता है। केंद्र सरकार ने अपनी अपील में कहा कि नीट परिणाम में देरी से स्नातक मेडिकल प्रवेश प्रभावित होगा।


बता दें कि इस साल अंडरग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम विवादों में घिर गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पहले उन समूहों को गिरफ्तार किया था जिन्होंने कथित तौर पर छात्रों को प्रश्न पत्र हल करने में मदद की थी। कुछ मेडिकल उम्मीदवारों ने शीर्ष अदालत का रुख कर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी को परीक्षा रद्द करने और फिर से परीक्षा आयोजित करने का निर्देश देने की मांग की थी क्योंकि यह पहले निष्पक्ष तरीके से आयोजित नहीं की गई थी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि लाखों छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं और कुछ प्राथमिकी के कारण परिणाम रद्द नहीं किए जा सकते। एक अन्य हालिया घटनाक्रम में, केरल उच्च न्यायालय ने एनटीए को राज्य में एक उम्मीदवार की ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (ओएमआर) शीट में कथित हेरफेर की जांच करने का निर्देश दिया है।


सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अब आदेश पर रोक लगा दी है, बदले में एनटीए को परिणाम जारी करने की अनुमति देते हुए, इस तथ्य का भी संज्ञान लिया है कि 2 छात्रों की कोई गलती नहीं होने के कारण पूर्वाग्रह से ग्रसित थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को देखने का आश्वासन देते हुए एनटीए को आगे बढ़ने और स्नातक परीक्षा के लिए नीट 2021 परिणाम घोषित करने की भी अनुमति दी है।

पीठ ने कहा कि दो छात्रों के मामले की बाद में जांच की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई दिवाली के बाद रखी है।



अग्नि 5 मिसाइल का भारत ने किया सफल परीक्षण, जद में पाक और चीन, 5 हजार किलोमीटर तक है मारक क्षमता

सतह से सतह पर मार करने वाला इस बैलेस्टिक मिसाइल को ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड से लॉन्च किया गया। यह बेहद सटीकता के साथ वार करने वाले इस मिसाइल की जद में पूरा चीन और पाकिस्तान है।

नई दिल्ली: भारत को आज एक और बड़ी सफलता मिली है। दरअसल, आज यानि बुधवार को 5 हजार किलोमीटर तक मारक क्षमता वाले अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। 

सतह से सतह पर मार करने वाला इस बैलेस्टिक मिसाइल को ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड से लॉन्च किया गया। यह बेहद सटीकता के साथ वार करने वाले इस मिसाइल की जद में पूरा चीन और पाकिस्तान है। 

अधिकारियों ने मिसाइल के सफल परीक्षण की जानकारी देते हुए कहा कि अग्नि-5 का सफल परीक्षण विश्वस्त न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता हासिल करने की भारत की नीति के अनुरूप है। भारत ने इस मिसाइल का एक और परीक्षण ऐसे समय पर किया है जब, पड़ोसी देश चीन के साथ सीमा पर डेढ़ साल से अधिक समय से तनाव है। दूसरी तरफ पाकिस्तान के साथ सीमा पर सीजफायर चल रहा है, लेकिन पड़ोसी मुल्क आतंकियों को भेजकर माहौल बिगाड़ने की साजिश में जुटा है।


अग्नि 5 से जुड़ी खास बातें

  • अग्नि 5 तीन चरणों में मार करने वाली मिसाइल है। 
  • ये 17 मीटर लंबी, दो मीटर चौड़ी है।
  • 1.5 टन तक के परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। 
  • इस श्रृंखला की अन्य मिसाइलों के उलट अग्नि 5 मार्ग और दिशा-निर्देशन, विस्फोटक ले जाने वाले शीर्ष हिस्से और इंजन के लिहाज से सबसे उन्नत है।


दिल्ली में 1 नवंबर से स्कूलों को खोलने की इजाजत, कोविड प्रोटोकॉल का करना होगा पालन

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया है कि दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट, सभी स्कूल 1 नवंबर से खोले जा सकेंगे।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 नवंबर से सभी प्रकार के स्कूलों को खोलने की इजाजर मिल गई है। हालांकि, कोविड प्रोटोकॉल का पालन स्कूलों को करना ही होगा। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया है कि दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट, सभी स्कूल 1 नवंबर से खोले जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि बच्चों को स्कूल भेजने के लिए पैरंट्स पर प्रेशर नहीं डाला जाएगा। सिसोदिया ने इसके साथ ही दिल्ली में छठ पूजा भी मनाई जाएगी।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि कहा कि दिल्ली में कोरोना काबू में है। अब चिंता की बात नहीं है, लेकिन सावधान रहना होगा। उन्होंने कहा, 'स्कूल काफी समय से बंद हैं। बच्चों को बहुत नुकसान हो रहा है। बच्चों के नुकसान की भरपाई आसान नहीं होगी। अब फैसला लिया गया है कि स्कूल खोलने की अनुमति दे दी जाए। चाहे वह सरकारी हों या फिर प्राइवेट हों, सभी स्कूलों को खोलने की इजाजत जी जा रही है।

मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि 1 नवंबर से सभी स्कूल खोले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी पैरंट को बच्चे को स्कूल भेजने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। सिसोदिया ने कहा कि स्कूलों को कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन करना होगा। बच्चों को स्कूल बुलाने वाले स्कूल सुनिश्चित करेंगे कि पढ़ाई हाइब्रिड मोड में हो। 50 पर्सेंट से ज्यादा बच्चों को न बुलाया जाए।

उन्होंने कहा कि स्कूल सुनिश्चित करेंगे कि उनके स्टाफ को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हों। उन्हें बताया गया है कि 98-99 पर्सेंट स्टाफ को कम से कम एक डोज लग चुकी है। सिसोदिया ने कहा कि स्कूल खुलने के बाद भी ऑनलाइन क्लास चलती रहेंगी। पैरंट्स बच्चों को स्कूल भेज सकते हैं, लेकिन उन्हें बाध्य नहीं किया जाएगा।

सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में इस बार छठ पूजा होगी। इसको लेकर काफी लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं। दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि दिल्ली में छठ पूजा होगी, लेकिन इसके लिए नियम सख्त होंगे। कुछ निर्धारित जगहों पर ही इसका आयोजन होगा। कोविड प्रोटोकॉल के साथ सीमित संख्या में ही लोग इसमें शामिल हो पाएंगे। दिल्ली में किन-किन जगहों पर छठ पूजा होगी, इस पर सिसोदिया ने कहा कि पूजा कमिटियों के साथ मिलकर लिस्ट बनाई जाएगी।


पेगासस जासूसी कांड: सुप्रीम टिप्पणी-'लोगों की जासूसी मंजूर नहीं', 'एक्सपर्ट कमेटी' करेगी मामले की जांच, मोदी सरकार को बड़ा झटका

एक्सपर्ट कमेटी में तीन सदस्य होंगे। तीन सदस्यीय समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरवी रवींद्रन करेंगे, वहीं अन्य सदस्य आलोक जोशी और संदीप ओबेरॉय होंगे।

नई दिल्ली: बहुचर्चित पेगासस जासूसी कांड में स्वतंत्र जांच की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। मामले की जांच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है जो सुप्रीम कोर्ट को जांच रिपोर्ट सौपेगी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी भी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लोगों की जासूसी किसी भी हाल में मंजूर नहीं है। एक्सपर्ट कमेटी में तीन सदस्य होंगे। तीन सदस्यीय समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरवी रवींद्रन करेंगे, वहीं अन्य सदस्य आलोक जोशी और संदीप ओबेरॉय होंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पेगासस जासूसी केस की जांच एक्सपर्ट कमेटी करेगी। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि लोगों की जासूसी किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है और जांच करने के लिए 8 सप्ताह का समय दिया है।

बता दें कि मामले में सुनवाई करते हुए इससे पहले चीफ जस्टिस एनवी रमण, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने 13 सितंबर को मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा था कि वह केवल यह जानना चाहती है कि क्या केंद्र ने नागरिकों की कथित जासूसी के लिए अवैध तरीके से पेगासस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया या नहीं? पीठ ने मौखिक टिप्पणी की थी कि वह मामले की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञ समिति का गठन करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस पर केंद्र द्वारा कोई विशेष खंडन नहीं किया गया, इस प्रकार हमारे पास याचिकाकर्ता की दलीलों को प्रथम दृष्टया स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, हम एक विशेषज्ञ समिति नियुक्त करते हैं जिसका कार्य सर्वोच्च न्यायालय द्वारा देखा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक्सपर्ट कमेटी को आरोपों की पूरी तरह से जांच करने और अदालत के समक्ष रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही मामले की सुनवाई 8 सप्ताह के बाद तय कर दी है।

पिछली सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत द्वारा समिति गठित करने संबंधी टिप्पणी केंद्र के बयान के संदर्भ में अहम है जिसमें उसने कहा था कि वह स्वयं इस पूरे मामले को देखने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन करेगी। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि वह अगले कुछ दिनों में इस बारे में अपना आदेश सुनायेगी। न्यायालय ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा था कि अगर सरकार दोबारा विस्तृत हलफनामा देना चाहती है तो मामले का उल्लेख करें। 

मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने कहा था कि वह केवल केंद्र से जानना चाहती है जिसने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर विस्तृत हलफनामा जमा करने के प्रति अनिच्छा जताई है कि क्या पेगासस का कथित इस्तेमाल व्यक्तियों की जासूसी करने के लिए किया गया, क्या यह कानूनी तरीके से किया गया। पत्रकारों और कुछ अन्य लोगों द्वारा पेगासस विवाद में निजता के हनन को लेकर जताई गई चिंता पर शीर्ष अदालत ने कहा था कि उसकी रुचि राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी विस्तृत जानकारी में नहीं है।

अपने रुख पर कायम था केंद्र

केंद्र सरकार इस रुख पर कायम था कि सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया या नहीं इसको लेकर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को अनिच्छुक है। केंद्र का कहना था कि यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं है और न ही यह ''राष्ट्रीय सुरक्षा के हित' में है। 

मोदी सरकार के लिए तगड़ा झटका

पेगासस जासूसी कांड की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक्सपर्ट कमेटी का गठन करना केंद्र की मोदी सरकार के लिए किसी तगड़े झटके से कम नहीं है। बता दें कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एक हो गया था और मॉनसून सत्र के हर दिन संसद में सिर्फ पेगासस जासूसी कांड की ही गूंज रही। 

क्या है पेगासस जासूसी कांड

बता दें कि केंद्र सरकार पर 40 भारतीय पत्रकारों सहित दुनियाभर के 180 संवाददाताओं के फोन हैक किए गए। इनमें ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ और ‘मिंट’ के तीन पत्रकारों के अलावा ‘फाइनैंशियल टाइम्स’ की संपादक रौला खलाफ तथा इंडिया टुडे, नेटवर्क-18, द हिंदू, द इंडियन एक्सप्रेस, द वॉल स्ट्रीट जर्नल, सीएनएन, द न्यूयॉर्क टाइम्स व ले मॉन्टे के वरिष्ठ संवाददाताओं के फोन शामिल हैं। जांच में दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक पूर्व प्रोफेसर और जून 2018 से अक्तूबर 2020 के बीच एल्गार परिषद मामले में गिरफ्तार आठ कार्यकर्ताओं के फोन हैक किए जाने का भी दावा किया गया है।

आरोप यह भी है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, भाजपा के मंत्रियों अश्विनी वैष्णव और प्रह्लाद सिंह पटेल, पूर्व निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर उन लोगों में शामिल हैं, जिनके फोन नंबरों को इजराइली स्पाइवेयर के जरिए हैकिंग के लिए सूचीबद्ध किया गया था। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने सोमवार को यह जानकारी दी।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे तथा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी और भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई पर अप्रैल 2019 में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली उच्चतम न्यायालय की कर्मचारी और उसके रिश्तेदारों से जुड़े 11 फोन नंबर हैकरों के निशाने पर थे।

गांधी और केंद्रीय मंत्रियों वैष्णव और प्रहलाद सिंह पटेल के अलावा जिन लोगों के फोन नंबरों को निशाना बनाने के लिये सूचीबद्ध किया गया उनमें चुनाव पर नजर रखने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के संस्थापक जगदीप छोकर और शीर्ष वायरोलॉजिस्ट गगनदीप कांग शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार सूची में राजस्थान की मुख्यमंत्री रहते वसुंधरा राजे सिंधिया के निजी सचिव और संजय काचरू का नाम शामिल था, जो 2014 से 2019 के दौरान केन्द्रीय मंत्री के रूप में स्मृति ईरानी के पहले कार्यकाल के दौरान उनके विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) थे। इस सूची में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े अन्य जूनियर नेताओं और विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया का फोन नंबर भी शामिल था। 


पटना गांधी मैदान ब्लास्ट: 8 साल बाद आज NIA कोर्ट सुनाएगी फैसला, 6 लोगों की हुई थी मौत, 89 हुए थे घायल

एक तरफ नरेंद्र मोदी लोगों को संबोधित कर रहे थे तो दूसरी तरफ गांधी मैदान में एक के बाद एक बम धमाके हो रहे थे। पटना जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 10 पर भी बम धमाका हुआ था। इसमें छह लोगों की मौत हुई थी, जबकि 80 से अधिक लोग घायल हुए थे। 8 साल बाद आज इस मामले में NIA कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।

पटना: 27 अक्टूबर 2013... यह वह दिन था जब लोकसभा चुनाव 2014 के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां ताबड़तोड़ रैलियां कर रही थीं। वहीं, मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी भी एक-एक दिन में 5-5 रैलियां कर रहे थे और आमजनों को संबोधित कर रहे थे। इसी कड़ी में पीएम मोदी ने पटना के गांधी मैदान में 'हुंकार रैली' को संबोधित किया था।

एक तरफ नरेंद्र मोदी लोगों को संबोधित कर रहे थे तो दूसरी तरफ गांधी मैदान में एक के बाद एक बम धमाके हो रहे थे। पटना जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 10 पर भी बम धमाका हुआ था। इसमें छह लोगों की मौत हुई थी, जबकि 80 से अधिक लोग घायल हुए थे। 8 साल बाद आज इस मामले में NIA कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।

बिहार की राजनीति और कानून व्यवस्था के लिए बुधवार का दिन अहम फैसले का दिन है। राजधानी पटना के गांधी मैदान में हुए सिलसिलेवार बम धमाके के मामले में आठ साल बाद फैसला आने वाला है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान  में नरेन्द्र मोदी की हुंकार रैली में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। आज के पीएम मोदी तब प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे और प्रचार रैली के लिए पटना पहुंचे थे। 

187 लोगों की सुनवाई हुई

आठ साल बाद बुधवार को एनआइए की विशेष कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में अब तक कोर्ट में 187 लोगों की सुनवाई हो चुकी है। छह अक्टूबर को एनआइए की विशेष अदालत ने बचाव और अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में दिए गए लिखित तर्क के बाद फैसले की तारीख 27 अक्टूबर निर्धारित की थी। 

10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट

इस मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। अब सारी नजर एनआइए कोर्ट पर है। मामले की जांच कर रही एनआइए की टीम ने 2014 में मुख्य आरोपित रांची निवासी इम्तियाज अंसारी समेत दस के खिलाफ एनआइए कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई थी। सभी आरोपितों को बेउर जेल में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।

1 नाबालिग समेत कुल 12 आरोपी 

गांधी मैदान सीरियल ब्लास्ट मामले की प्राथमिकी 27 अक्टूबर, 2013 को पटना के गांधी मैदान थाने में दर्ज की गई। इसके बाद 31 अक्टूबर, 2013 को एनआइए ने केस संभाला और एक नवंबर को दिल्ली एनआइए थाने में इसकी फिर से प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें नाबालिग समेत 12 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था जिसमें एक की मौत इलाज के दौरान ही हो गई थी। वहीं जुवेनाइल बोर्ड द्वारा नाबालिग आरोपित को पहले ही तीन वर्ष की कैद की सजा सुनाई जा चुकी है। अभी दस आतंकवादी ट्रायल का सामना कर रहे हैं।

6 की मौत 89 हुए थे घायल

गांधी मैदान सीरियल बम ब्लास्ट तब हुआ था, जब वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 27 अक्टूबर 2013 को गांधी मैदान में बीजेपी की हुंकार रैली को संबोधित करने के लिए पटना आए थे। इस घटना में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 89 लोग घायल हुए थे। इस मामले की जांच एनआईए की टीम ने की है। इस कांड का मुख्य आरोपी व साजिशकर्ता हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी समेत दस के खिलाफ एनआईए कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई थी। सभी आरोपितों को बेउर जेल में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।


कैप्टन अमरिंदर सिंह आज कर सकते हैं अपनी पार्टी के नाम का एलान, पंजाब में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ना तय!

माना जा रहा है कि वह आज अपनी पार्टी के नाम का एलान भी करेंगे। वहीं, उन्होंने बीते दिनों यह भी कहा था कि वो भाजपा को समर्थन भी देंगे। ऐसे में पंजाब में अब कांग्रेस की राह आसान नहीं होगी।

चंडीगढ़: पंजाब में कांग्रेस के लिए संभवतः आज से नई मुसीबत शुरू होने वाली है। दरअसल, पंजाब के सीएम पद से हटाए जाने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह 'बागी' हो गए और बगावत इस कदर बढ़ गई कि अब वह अपनी पार्टी बनाने जा रहे हैं। 

माना जा रहा है कि वह आज अपनी पार्टी के नाम का एलान भी करेंगे। वहीं, उन्होंने बीते दिनों यह भी कहा था कि वो भाजपा को समर्थन भी देंगे। ऐसे में पंजाब में अब कांग्रेस की राह आसान नहीं होगी।


माना यह भी जा रहा है कि कैप्टन 15 कांग्रेसी विधायकों को भी अपने खेमें में कर चुके हैं। पंजाब के पूर्व मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह अपनी नई पार्टी और अगले सियासी कदम के बारे में घोषणा कर सकते हैं। कैप्‍टन अमरिंदर सिंह 27 अक्‍टूबर को  मीडिया से रूबरू होंगे। 

इसके बाद से उनकी नई पार्टी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। इससे पहले संकेत दिए गए थे कैप्‍टन अमरिंदर दीपावली से पहले अपनी पार्टी की घोषणा कर सकते हैं। इसके साथ ही वह पंजाब कांग्रेस में धमाका भी कस सकते हैं। 


कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रहे रवीन ठुकराल ने मंगलवार सुबह ट्वी्ट कर जानकारी दी कि कैप्‍टन 27 अक्‍टूबर को मीडिया से बात करेंगे। इसके बाद से चर्चाओं तेज  हो गई हैं कि कैप्‍टन कल अपने अगले सियासी कदम की घोषणा कर सकते हैं। 

रवीन ठुकराल ने ट्वीट में कहा है कि पूर्व मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह 27 अक्‍टूबर को दिन में 11 बजे मीडिया से बात करेंगे।    


बता दें कि कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने पिछले दिनों अपनी नई पार्टी बनाने की बात कही थी। इसके साथ ही उन्‍होंने  भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल से टूट कर बनी पार्टियों के साथ गठबंधन के संकेत भी दिए थे। कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि किसान आंदोलन समाप्‍त होने और केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर पैदा विवाद के समाप्‍त हाेने की सूरत में  भाजपा से गठबंधन करेंगे। 

इसके साथ ही बताया जाता है कि कैप्‍टन अपनी नई पार्टी के बारे में समर्थक नेताओं के साथ पिछले कई दिनों से विचाार-विमर्श कर रहे हैं। यह भी चर्चा है कि कैप्‍टन अमरिंदर के संपर्क में कांग्रेस के कई वरिष्‍ठ नेता और विधायक हैं। ऐसे में अब इसको लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने यदि अपनी नई पार्टी की घोषणा की तो कौन से कांग्रेस नेता उनके साथ आ सकते हैं।           


टी20 विश्वकप में पाक की जीत का जश्न मनाना J&K के मेडिकल छात्रों को पड़ा भारी, UAPA के तहत केस दर्ज

दरअसल, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वेन्टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की जीत का कथित रूप से जश्न मनाने के सिलसिले में दो मेडिकल कॉलेजों के छात्रों के खिलाफ अवैध गतिविधियां (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के तहत दो मामले दर्ज किए हैं।

श्रीनगर/जम्मू: टी 20 विश्वकप में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाना जम्मू-कश्मीर के मेडिकल छात्रों को भारी पड़ गया है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वेन्टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की जीत का कथित रूप से जश्न मनाने के सिलसिले में दो मेडिकल कॉलेजों के छात्रों के खिलाफ अवैध गतिविधियां (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के तहत दो मामले दर्ज किए हैं।

अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यहां कर्ण नगर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज और शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान श्रीनगर (एसकेआईएमएस) सौरा के छात्रावासों में रहने वाले छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कर्ण नगर और सौरा पुलिस थानों में यूएपीए के तहत दो मामले दर्ज किए गए हैं।
     
बताते चलें कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान की जीत का घाटी में कई स्थानों पर जश्न मनाए जाने संबंधी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। यह मैच रविवार को दुबई में हुआ था। पाकिस्तान की जीत के बाद कई स्थानों पर पटाखे छोड़े गए थे। इस बीच, जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से यूएपीए के तहत लगाए गए आरोपों को मानवीय आधार पर रद्द किए जाने का अनुरोध किया था।


विधानसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार के पास बड़ा मौका, 29 नवंबर से शुरू हो सकता है संसद का शीतकालीन सत्र

अगले साल उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव है। इसके मद्देनजर चुनाव से पहले सत्र सरकार और विपक्ष दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं, संसद का शीतकालीन सत्र अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक शीतकालीन सत्र आयोजित होने की संभावना है।

नई दिल्ली:  अगले साल उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव है। इसके मद्देनजर चुनाव से पहले सत्र सरकार और विपक्ष दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं, संसद का शीतकालीन सत्र अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक शीतकालीन सत्र आयोजित होने की संभावना है।

मिली जानकारी के मुताबिक, संसद का शीतकालीन सत्र नवंबर के चौथे सप्ताह से शुरू होने की संभावना है और इस दौरान कोविड-19 प्रोटोकाल का सख्ती से पालन किया जाएगा। बताया गया कि सत्र क्रिसमस से पहले समाप्त हो जाएगा और इस दौरान लगभग 20 दिन सत्र आयोजित होने की संभावना है।

शीतकालीन सत्र सरकार और विपक्ष दोनों के लिए काफी अहम है। इस वक्त विपक्ष के पास महंगाई, ईंधन की कीमतों में वृद्धि, खाद्य तेल की कीमतों में वृद्धि, कश्मीर में नागरिकों पर हालिया हमलों और किसान समूहों द्वारा जारी विरोध प्रदर्शन जैसे मुद्दे हैं, जिनके जरिए वो संसद में सरकार को घेरने की तैयारी करेगी तो दूसरी तरफ सरकार चुनाव से पहले इस सत्र में कुछ फैसले लेकर आम जनता को फौरी राहत दे सकती है।

गौरतलब है कि अगले साल उत्तरप्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके मद्देनजर भी शीतकालीन सत्र बेहद अहम है।


लखीमपुर हिंसा: सुप्रीम सवाल-रैली में सैकड़ों किसान थे, फिर 23 गवाह मिले, सभी को मुहैया कराई जाए सुरक्षा

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज फिर यूपी सरकार को फटकार लगाई और पूछा कि घटनास्थल पर सैकड़ों किसान मौजूद थे और केवल 23 चश्मदीद गवाह ही मिले।

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज फिर यूपी सरकार को फटकार लगाई और पूछा कि घटनास्थल पर सैकड़ों किसान मौजूद थे और केवल 23 चश्मदीद गवाह ही मिले।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को घटना के गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया और यह भी निर्देश दिया कि गवाहों के बयान तेजी से दर्ज किए जाएं। सुप्रीम कोर्ट में लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में अदालत की निगरानी में स्वतंत्र जांच की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने सुनवाई की। अब इस मामले की सुनवाई 8 नवंबर को होगी। 

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 68 गवाहों में से 30 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं और 23 लोगों ने घटना के चश्मदीद होने का दावा किया है।

इस पर सीजेआई ने कहा कि वहां पर बड़े पैमाने पर किसानों की रैली चल रही थी, सैकड़ों किसान मौजूद थे, तो क्या केवल 23 चश्मदीद मिले? इसके बाद साल्वे ने बताया कि लोगों ने कार और कार के अंदर मौजूद लोगों को देखा है।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि घटनास्थल पर 4000-5000 लोगों की भीड़ थी, जो सभी स्थानीय लोग हैं और यहां तक कि घटना के बाद भी अधिकांश आंदोलन कर रहे हैं। कोर्ट को यही बताया गया है। फिर इन लोगों की पहचान में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। वहीं, हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि अब तक जितने गवाहों के बयान दर्ज हैं, उनके बयान यूपी सरकार सीलबंद लिफाफे में दे सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में भी गवाहों के बयान दर्ज करने में हो रही देरी को लेकर यूपी सरकार को फटकार लगाई थी। यूपी सरकार की ओर से गवाहों के बयान जारी करने के लिए वक्त मांगे जाने के बाद कोर्ट ने कार्यवाही को स्थगित कर दिया। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई आज यानी 26 अक्टूबर को करने का फैसला लिया था।

बता देंकि इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा समेत 10 लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। दो वकीलों की ओर से इस मामले में याचिका दायर कर हाई लेवल इन्क्वायरी की मांग किए जाने पर अदालत ने सुनवाई शुरू की थी। 

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में 3 अक्टूबर को आंदोलनकारी किसानों की एक एसयूवी से कुचलकर मौत हो गई थी। इसके बाद भड़की हिंसा में 4 और लोगों की मौत हो गई थी। इनमें एक स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप और भाजपा के तीन कार्यकर्ता शामिल थे। इस मामले ने इतना राजनीतिक तूल पकड़ा कि कई दिनों तक राज्य सरकार ने नेताओं की लखीमपुर खीरी में एंट्री पर ही रोक लगा दी थी। हालांकि बाद में अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी समेत कई नेता पीड़ित किसानों से मिलने के लिए लखीमपुर खीरी पहुंचे थे। 


कश्मीर में नहीं सुधर रहे आतंकी, बांदीपोरा में ग्रेनेड हमला, 6 सिविलियंस घायल

आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए ग्रेनेड से हमला किया है हालांकि, इस हमले में सुरक्षाबलों को तो कोई नुकसान नहीं हुआ है लेकिन 6 लोग घायल हुए हैं।

श्रीनगर/जम्मू: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के बावजूद आतंकियों में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। ताजा मामले में एक बार फिर से आतंकियो ने सिविलियंस को निशाना बनाया है। आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए ग्रेनेड से हमला किया है हालांकि, इस हमले में सुरक्षाबलों को तो कोई नुकसान नहीं हुआ है लेकिन 6 लोग घायल हुए हैं।

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में मंगलवार को हुए ग्रेनेड हमले में कम से कम छह नागरिक घायल हो गए। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि बांदीपोरा के सुंबल पुल क्षेत्र में हुए हमले का उद्देश्य सुरक्षा बलों को निशाना बनाना था।

पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ने बताया था कि रविवार को केंद्र शासित प्रदेश के शोपियां जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक बटालियन पर आतंकवादियों ने हमला किया था  जिसके बाद क्रॉस फायरिंग में एक नागरिक की कथित रूप से मौत हो गई।






पाकिस्तान के लिए BSF जवान कर रहा था जासूसी, ATS गुजरात ने दबोचा

गुजरात एटीएस ने एक बीएसएफ जवान को पाकिस्तान के लिए जासूसी करन के आरोप में गिरफ्तार किया है। जवान गुजरात की भुज बटालियन में तैनात है। एटीएस के मुताबिक, जवान पड़ोसी देश को व्हाट्सऐप पर गुप्त और संवेदनशील जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

भुज: गुजरात एटीएस ने एक बीएसएफ जवान को पाकिस्तान के लिए जासूसी करन के आरोप में गिरफ्तार किया है। बीएसएफ जवान गुजरात की भुज बटालियन में तैनात है। एटीएस के मुताबिक, जवान पड़ोसी देश को व्हाट्सऐप पर गुप्त और संवेदनशील जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।  


एटीएस ने कहा कि गिरफ्तार बीएसएफ के जवान की पहचान मोहम्मद सज्जाद के रूप में हुई है। वह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सरोला गांव का निवासी है। भुज में 74 बीएसएफ बटालियन में तैनात था। सज्जाद को भुज में बीएसएफ मुख्यालय से गिरफ्तार किया गया है। सज्जाद 2012 में कांस्टेबल के तौर पर बीएसएफ में शामिल हुआ था।

एटीएस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, बीएसएफ द्वारा पाकिस्तान को साझा की जा रही जानकारी के बदले उसके वाजिद और सहयोगी इकबाल राशिद के खातों में पैसे मिल रहे थे। सज्जाद ने अपना पासपोर्ट जम्मू के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से बनवाया था।

एटीएस के मुताबिक, उसी पासपोर्ट पर उसने 1 दिसंबर, 2011 से 16 जनवरी, 2012 के बीच 46 दिनों के लिए पाकिस्तान की यात्रा की थी। वह पाकिस्तान जाने के लिए अटारी रेलवे स्टेशन से समझौता एक्सप्रेस में सवार हुआ था।

एटीएस के मुताबिक, सज्जाद दो फोन इस्तेमाल करता था। अपने एक फोन पर, उसने आखिरी बार 14-15 जनवरी, 2021 को एक सिम कार्ड सक्रिय किया था। उस नंबर के सीडीआर (कॉल डेटा रिकॉर्ड) की जांच की गई, तो पता चला कि सिम कार्ड, त्रिपुरा के सत्यगोपाल घोष के नाम पर रजिस्टर है। उस नंबर पर दो कॉल आए थे। सिम को 25 दिसंबर, 2020 तक निष्क्रिय कर दिया गया था। एटीएस ने कहा कि इसे 26 दिसंबर, 2020 को फिर से सक्रिय किया गया था।

एटीएस ने कहा, "15 जनवरी, 2021 को, जब नंबर सक्रिय किया गया था, तो 12:38:51 बजे एक एसएमएस प्राप्त हुआ था। उसी नंबर पर लगभग 12:38 बजे एक एसएमएस प्राप्त हुआ था, जो व्हाट्सऐप के लिए एक ओटीपी लग रहा था। इसके बाद नंबर को निष्क्रिय कर दिया गया था।"

एटीएस ने कहा कि आरोपी ने इस नंबर पर ओटीपी प्राप्त किया और उसे पाकिस्तान भेज दिया जहां उसने व्हाट्सऐप को सक्रिय कर दिया जिससे वह गुप्त सूचना भेजता था। एटीएस ने कहा कि व्हाट्सऐप अभी भी सक्रिय था और पाकिस्तान में किसी व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किया गया था जो सज्जाद के संपर्क में था।

एटीएस अधिकारियों ने कहा कि सज्जाद ने गलत जन्मतिथि बताकर बीएसएफ को गुमराह किया। उसके आधार कार्ड के अनुसार, उसका जन्म 1 जनवरी 1992 को हुआ था, लेकिन उसके पासपोर्ट विवरण में जन्म तिथि 30 जनवरी 1985 थी। एटीएस ने कहा, "सज्जाद के कब्जे से दो मोबाइल फोन, उनके सिम कार्ड, दो अतिरिक्त सिम कार्ड जब्त किए गए। आगे की जांच जारी है।"


दिल्ली में पटाखे बेचते व फोड़ते पाए गए तो खैर नहीं, केजरीवाल सरकार की अपील-'पटाखे नहीं दीया जलाओ'

केजरीवाल सरकार ने लोगों से पटाखों की जगह दिए जलाने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा है कि अगर कोई पटाखा बेचता या फोड़ता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाई की जाएगी।

नई दिल्ली: दीपावली के अवसर पर दिल्ली में पटाखे फोड़ने महंगे पड़ सकते है। केजरीवाल सरकार ने लोगों से पटाखों की जगह दिए जलाने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा है कि अगर कोई पटाखा बेचता या फोड़ता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाई की जाएगी।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय  ने कहा कि दिल्ली में पटाखे जलाते पाए जाने पर संबंधित आईपीसी प्रावधानों और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार 27 अक्टूबर से एक अभियान की शुरुआत करने जा रही है। नई कवायद के तहत लोगों से 'पटाखे नहीं दीया जलाओ' की अपील की जाएगी।

गोपाल राय ने कहा है कि दिल्ली में पटाखे फोड़ने वालों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछली बार ग्रीन पटाखों का लाइसेंस दिया गया था लेकिन इस बार पटाखे बैन करेंगे। सभी जिलों में इस बाबत आदेश जारी कर दिए गए हैं।


क्रूज पर ड्रग्स पार्टी मामला: NCB के जारी जांच के बीच दिल्ली पहुंचे समीर वानखेड़े, कहा-'कुछ काम से आया हूँ, नहीं किया गया है मुझे तलब'

समीर वानखेड़े ने इस बात पर भी जोर दिया कि वे क्रूज ड्रग्स की जांच का नेतृत्व कर रहे हैं और जल्द ही इस केस में नया अपडेट लेकर सामने आएंगे।

मुम्बई: क्रूज पर ड्रग्स पार्टी करने के मामले में लगातार ताबड़तोड़ कार्यवाई कर रहे एनसीबी के जोनल डॉयरेक्टर समीर वानखेड़े आज दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट पर ही उन्हें मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। उनसे जब पूछा गया कि क्या उन्हें दिल्ली तलब किया गया है? तो जवाब में उन्होंने कहा कि वह कुछ काम से दिल्ली आए हैं। उन्हें तलब नहीं किया गया है।


शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े ड्रग्स मामले की जांच कर रहे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े आज शाम दिल्ली पहुंचे। एनसीबी की ओर से तलब होने की सुगबुगाहट पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। वे दिल्ली कुछ काम से पहुंचे थे।

दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर निकलते हुए एनसीबी के जोनल डायरेक्टर को मीडिया ने घेर दिया। पत्रकारों को जवाब देते हुए समीर वानखेड़े ने कहा कि उन्हे एनसीबी ने तलब नहीं किया है, वे यहां किसी काम के सिलसिले में पहुंचे हैं।


समीर वानखेड़े ने इस बात पर भी जोर दिया कि वे क्रूज ड्रग्स की जांच का नेतृत्व कर रहे हैं और जल्द ही इस केस में नया अपडेट लेकर सामने आएंगे।

बता दें कि क्रूज ड्रग्स केस में एनसीबी के अधिकारी और जांचकर्ता समीर वानखेड़े की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। केस के एक गवाह प्रभाकर सेल के रिश्वत के आरोप के बाद एनसीबी ने समीर वानखेड़े के खिलाफ ही जांच शुरू कर दी है।

 समीर वानखेड़े ने भी कोर्ट में हलफनामा दायर किया और कहा कि उन्हें डराया जा रहा है। उन्होंने अपने पूरे करियर में कभी कुछ गलत नहीं किया, वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।


आज की रात पुलवामा के सीआरपीएफ कैंप में बिताएंगे अमित शाह

जम्मू कश्मीर में केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे का आज तीसरा और आखिरी दिन है। वहीं, अमित शाह ने अपने दौरे के आखिरी दिन आज पुलवामा पहुंचे। यहां वे सीआरपीएफ कैंप में रात बिताएंगे। हमले वाले जगह पर भी अमित शाह दौरा कर सकते हैं।

पुलवामा: जम्मू कश्मीर में केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे का आज तीसरा और आखिरी दिन है। वहीं, अमित शाह ने अपने दौरे के आखिरी दिन आज पुलवामा पहुंचे। यहां वे सीआरपीएफ कैंप में रात बिताएंगे। हमले वाले जगह पर भी अमित शाह दौरा कर सकते हैं।

इससे पहले गृह मंत्री ने श्रीनगर में घाटी के लोगों को संबोधित किया था। अपने संबोधन से पहले शाह ने बुलेट प्रूफ शील्ड ग्लास हटवा दिया था। अमित शाह पुलवामा के सीआरपीएफ कैंप में जवानों से मुलाकात करेंगे और उनका मनोबल बढ़ाएंगे। इसके अलावा ये भी जानकारी मिल रही है कि शाह हमले वाले जगह का भी दौरा कर सकते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जम्मू कश्मीर दौरा सरकार के मद्देनजर बेहद अहम है, इसलिए भी क्योंकि बीते कुछ दिनों से घाटी में हो रहे आतंकी हमलों से लोगों में डर का माहौल है। जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री लगातार ऐसी कोशिश कर रहे हैं कि लोगों के मन से डर निकले। इसी के मद्देनजर अमित शाह आज घाटी दौरे के तीसरे दिन पुलवामा के सीआरपीएफ कैंप में रात बिताएंगे।

इससे पहले आज सुबह गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर पहुंचकर लोगों को संबोधित किया था। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने मंच से बुलेट प्रूफ ग्लास शील्ड हटवाई। इसके बाद संबोधन में लोगों से कहा था कि वे कश्मीर के लोगों से खुलकर बात करना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने बुलेट प्रूफ शील्ड हटवाई।

अपने संबोधन में उन्होंने राज्य स्तर पर चल रही राजनीति पर भी निशाना साधा। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि वे पाकिस्तान से नहीं कश्मीर के लोगों से बात करेंगे। बता दें कि फारूख अब्दुल्ला ने कहा था कि भारत सरकार को पाकिस्तान से बात करनी चाहिए। 


NEET पीजी काउंसलिंग पर लगेगी रोक, SC ने केंद्र को दिए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट को बताया गया था कि नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (पीजी) की पहले राउंड की काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन 25 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक होंगे। इस पर शीर्ष अदालत ने सोमवार को कहा कि जब तक कोर्ट मामले पर फैसला नहीं ले लेती, तब तक काउंसलिंग की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़नी चाहिए।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नीट पीजी काउंसलिंग प्रक्रिया पर तब तक रोक लगाने के निर्देश दिए जब तक कि वह ऑल इंडिया कोटा (एआईक्यू) में ओबीसी, आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी और ईडब्ल्यूएस आरक्षण का प्रावधान किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले की वैधता पर फैसला नहीं ले लेती।

सुप्रीम कोर्ट को बताया गया था कि नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (पीजी) की पहले राउंड की काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन 25 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक होंगे। इस पर शीर्ष अदालत ने सोमवार को कहा कि जब तक कोर्ट मामले पर फैसला नहीं ले लेती, तब तक काउंसलिंग की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़नी चाहिए। 

मामले की सुनवाई के क्रम में न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्न की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज की ओर से दिए गए आश्वासन को दर्ज कर लिया और यह माना कि अगर काउंसलिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ती है जो मेडिकल विद्यार्थी बड़ी मुश्किल में पड़ जाएंगे। 

नटराज ने यह आश्वासन तब दिया जब नीट अभ्यर्थियों की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अरविंद दत्तार ने बताया कि डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज की ओर से जारी शेड्यूल के मुताबिक नीट पीजी काउंसलिंग प्रक्रिया 25 अक्टूबर से शुरू होनी है। 

अरविंद दत्तार ने कहा कि जब तक कोर्ट 29 जुलाई की आरक्षण वाली अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं का फैसला लेगा, तब तक एडमिशन की पूरी प्रक्रिया खत्म हो चुकी होगी और यह विद्यार्थियों के साथ बड़ा अन्याय होगा। 


शर्मनाक! टी20 विश्वकप में पाक से भारत को मिली हार के बाद पंजाब में कश्मीरी छात्रों की पिटाई

कश्मीरी छात्रों को टी20 विश्व कप में अपने पहले मुकाबले में हार मिलने के बाद कुछ छात्रों द्वारा पीटा गया है। आरोपियों में अधिकांश छात्र उत्तर प्रदेश और बिहार के हैं।

चंडी़गढ़: खेल को सिर्फ खेल भावना से ही जोड़कर देखना चाहिए लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो खेल को जंग के रूप में देखते हैं। कुछ ऐसा ही देखने को मिला है पंजाब में। यहां कश्मीरी छात्रों को टी20 विश्व कप में अपने पहले मुकाबले में हार मिलने के बाद कुछ छात्रों द्वारा पीटा गया है। आरोपियों में अधिकांश छात्र उत्तर प्रदेश और बिहार के हैं।

आईसीसी T20 विश्व कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की जीत के बाद पंजाब के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों पर हमले की खबर सामने आ रही है। हमला करने वालों में  उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग शामिल हैं। 'फ्री प्रेस कश्मीर' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के संगरूर में भाई गुरु दास इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में कई छात्रों पर हमला किया गया। उनके छात्रावास के कमरों में हमला किया गया।

छात्रों में से एक ने फेसबुक पर इस हमले का लाइव-स्ट्रीम भी किया। छात्रों पर रॉड और लाठियों से हमला किया गया।  फ्री प्रेस कश्मीर ने भाई गुरु दास इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के इंजीनियरिंग छात्र आकिब के हवाले से कहा है कि उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ छात्रों ने रॉड से उनके कमरे में घुसकर उन पर हमला कर दिया।

उसी कॉलेज के एक अन्य छात्र शोएब ने कहा, “हम अपने छात्रावास के कमरों में थे जब हमने बाहर से कुछ शोर सुना। हम देखने गए कि क्या हो रहा है और दूसरे ब्लॉक में कुछ लोगों ने कश्मीरी छात्रों पर हमला करते देखा। उन्होंने कमरों की खिड़की के शीशे तोड़ दिए थे और लगातार 'तुम पाकिस्तानी हो' के नारे लगा रहे थे।"  उन्होंने कहा, "हमने खुद को अपने कमरों में बंद कर लिया।"

एक अन्य छात्र ने कहा, “स्थानीय पंजाबी हमारे बचाव में आए। उन्होंने हमें इन हमलों से बचाने की कोशिश की।” कई अन्य छात्रों ने बताया कि उन्होंने कॉलेज प्रशासन से बात की है और उन्हें आश्वासन दिया गया है कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। आपको बता दें कि इस घटना में कम से कम छह कश्मीरी छात्र घायल हो गए हैं।

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन के प्रवक्ता नासिर खुहमी ने फ्री प्रेस कश्मीर को बताया कि उन्हें मैच में भारत की हार के बाद पंजाब के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों से परेशान करने वाले फोन आए हैं। उन्होंने कहा, "मुझे इन हमलों के जो वीडियो मिल रहे हैं, वे बहुत परेशान करने वाले हैं।" उन्होंने कहा, "पंजाब पुलिस ने हमें आश्वासन दिया है कि वे मामले को देखेंगे और इन हमलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।"


दिल्ली-एनसीआर में तेज गरज के साथ बरसे मेघा

दोपहर बाद से ही बारिश का माहौल बना हुआ था। काफी देर तक बादल गरजते रहे लेकिन लगभग 4:30 बजते-बजते नोएडा, गाजियाबाद समेत दिल्ली एनसीआर के कई क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई।

नई दिल्ली: आज एक बार फिर से दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने से मौसम सुहाना बना हुआ है साथ ही ठंड का आगाज भी हो गया है।

दोपहर बाद से ही बारिश का माहौल बना हुआ था। काफी देर तक बादल गरजते रहे लेकिन लगभग 4:30 बजते-बजते नोएडा, गाजियाबाद समेत दिल्ली एनसीआर के कई क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई।

हालांकि, कहीं पर तेज तो कहीं पर धीमी बारिश हुई लेकिन बारिश की वजह से की जगहों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई और बारिश ने लोगों को ठंड का भी एहसास कराया।


अमित शाह के जम्मू कश्मीर दौरे का दूसरा दिन, IIT नगरोटा जम्मू में ब्लाक का करेंगे उद्घाटन

अमित शाह इसके अलावा हंदवाड़ा व ऊधमपुर में मेडिकल कॉलेज का ई नींव पत्थर भी रखेंगे। शाह के दौरे को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।

श्रीनगर: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के जम्मू कश्मीर दौरे का आज दूसरा दिन है। जम्मू के नगरोटा स्थित आइआइटी नगरोटा में ब्लाक का कुछ ही समय उपरांत उद्घाटन करने वाले हैं। इसके उपरांत वह जम्मू के भगवती नगर इलाके में रैली को संबोधित करेंगे। 


इससे पहले प्रशासन की ओर से बारिश को मद्देनजर रखते हुए जम्मू यूनिवर्सिटी के जनरल जोरावर सिंह आडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी लेकिन शनिवार देर रात को प्रशासन ने रैली स्थल का दौरा किया और अब भगवती नगर में अमित शाह लोगों को संबोधित करेंगे। 

जम्मू-कश्मीर भाजपा की ओर से रैली में एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पिछले कई दिनों से प्रदेश भाजपा की तैयारियां जारी हैं। 

शनिवार तड़के से जारी बारिश के कारण भगवती नगर में आयोजित की जाने वाली रैली के स्थान में बदलाव किया गया था लेकिन अब एक बार फिर से अमित शाह की रैली भगवती नगर में ही करवाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 

अमित शाह इसके अलावा हंदवाड़ा व ऊधमपुर में मेडिकल कॉलेज का ई नींव पत्थर भी रखेंगे। शाह के दौरे को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।


डेंगू का डंक: दिल्ली में इस वर्ष पहली मौत, सीएम केजरीवाल ने किया कन्फर्म

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि डेंगू से दिल्ली में 1 व्यक्ति की मौत हुई है। अस्पतालों में बेड की कमी नहीं है। अगर कोई अस्पताल बदमाशी कर रहा है तो उनको ठीक करेंगे। डेंगू के मामले बढ़े हैं लेकिन अभी डेंगू की स्थिति काबू में है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब डेंगू पैर पसार रहा है और इस वर्ष आज डेंगू की वजह से दिल्ली में पहली मौत हुई है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि डेंगू से दिल्ली में 1 व्यक्ति की मौत हुई है। अस्पतालों में बेड की कमी नहीं है। अगर कोई अस्पताल बदमाशी कर रहा है तो उनको ठीक करेंगे। डेंगू के मामले बढ़े हैं लेकिन अभी डेंगू की स्थिति काबू में है।

दूसरी तरफ, दिल्ली में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच स्वामी दयानंद अस्पताल में इससे निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने बताया, "हमारे अस्पताल में 50% मरीज़ डेंगू के हैं। हमने 100 बेड का डेंगू वार्ड बनाया था और अभी डेंगू के 99 मरीज़ भर्ती है।"

उन्होंने आगे बताया कि हम 40 और बेडो की संख्या बढ़ा रहे हैं। कल बच्चों की संख्या 7 थी और आज 14 हो गई है। 55% मरीज़ उत्तर प्रदेश के लोनी इलाके से आ रहे हैं। नंदनगरी, सीमापुरि, सुंदरनगरी इलाकों से भी डेंगू के मरीज़ अधिक संख्या में आ रहे हैं।


मौसम समाचार: दिल्ली-एनसीआर में बारिश होने के आसार, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में 23 की रात और 24 की सुबह छिटपुट बारिश की भी संभावना है। इस दौरान पंजाब में अच्छी बारिश होगी, लेकिन उत्तराखंड में बारिश की संभावना नहीं है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्‍ली समेत आसपास के इलाकों में ठंड  ने दस्तक दे दी है।  वहीं, भारतीय मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में ठंड में और इजाफा हो होगा, क्‍योंकि 23 और 24 अक्टूबर को बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा वायु प्रदूषण में भी कमी आने की उम्‍मीद है।

भारतीय मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जेनामनी ने कहा कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दिल्ली में बादल रहेंगे। इसके साथ दिल्ली-एनसीआर में 23 की रात और 24 की सुबह छिटपुट बारिश की भी संभावना है। इस दौरान पंजाब में अच्छी बारिश होगी, लेकिन उत्तराखंड में बारिश की संभावना नहीं है।


जम्मू-कश्मीर: सेना लोगों को सिखा रही आत्मरक्षा का हुनर

राज़ौरी ज़िले के लाम सेक्टर में युवाओं के लिए भारतीय सेना ने विलेज डिफेंस कमेटी(VDC) के द्वारा ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान सेना ने युवाओं को आत्मसुरक्षा के लिए हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में अब भारतीय सेना युवाओं को और खासकर लड़कियों को सेल्फ डिफेंस के गुर सिखा रही है। आज राज़ौरी ज़िले के लाम सेक्टर में युवाओं के लिए भारतीय सेना ने विलेज डिफेंस कमेटी(VDC) के द्वारा ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान सेना ने युवाओं को आत्मसुरक्षा के लिए हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी। 

एक युवती ने बताया, "हमने यहां गोली चलानी सिखी हैं। अगर आतंकी घटना के वक्त हमारे साथ कुछ हो जाए तो इस ट्रेनिंग के बाद हम अपनी और अपने गांव की सुरक्षा के लिए खुद कुछ कर सकते हैं। लड़कियां इस कार्यक्रम में बहुत उत्साहित होकर भाग ले रहीं हैं।"


जम्मू-कश्मीर में होगा आतंकियों का अंत, यूपी निभाएगा ये बड़ी जिम्मेदारी

यह जानकारी मिली है कि हाल ही में आतंकी घटनाओं को जेल में बंद ऐसे ही आतंकियों ने अपरोक्ष तरीके से स्लीपर सेल के जरिए अंजाम दिया है या घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों की मदद अपने स्लीपर सेल से कराई है।

नई दिल्ली: अब आतंकियों का खात्मा जम्मू कश्मीर से होना लगभग तय है और इस काम में उत्तर प्रदेश अहम भूमिका निभाने जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में बढ़ी आतंकी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए वहां सख्ती बढ़ा दी गई है। अचानक बढ़ी आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। 


इसी कड़ी में वहां की जेलों में बंद हार्डकोर आतंकियों को दूसरे राज्यों की जेलों में शिफ्ट किए जाने का सिलसिला भी शुरू किया गया है। कश्मीर घाटी की अलग-अलग जेलों में बंद 26 आतंकियों का पहला ग्रुप शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की आगरा सेंट्रल जेल भेजा गया है। आशंका है कि इन आतंकियों का कश्मीर में हो रहे हमलों में हाथ हो सकता है।


कुछ दिनों में कश्मीर घाटी के अंदर आतंकी हमलों में तेजी आई है। आतंकी घाटी में गैर-कश्मीरियों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ जारी अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। 


जम्मू-कश्मीर की अलग-अलग जेलों में बंद 26 हार्डकोर आतंकियों को उत्तर प्रदेश की आगरा सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया है। इनके अलावा और भी कुछ आतंकियों को कश्मीर से बाहर की जेल में शिफ्ट किया जा सकता है।

सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है खुफिया एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद 100 आतंकियों की लिस्ट तैयार की है, जो सुरक्षा बलों की तरफ से तैयार की गई ए और बी कैटेगरी के आतंकियों की लिस्ट में शामिल हैं। 30 आतंकी ए कैटेगरी में जबकि 70 आतंकी बी कैटेगरी में रखे गए हैं। ये आतंकी जेल में रहकर भी बाहर अपने स्लीपर सेल के साथ लिंक जोड़े हैं।

यह जानकारी मिली है कि हाल ही में आतंकी घटनाओं को जेल में बंद ऐसे ही आतंकियों ने अपरोक्ष तरीके से स्लीपर सेल के जरिए अंजाम दिया है या घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों की मदद अपने स्लीपर सेल से कराई है।

17 अक्टूबर को भेजे गए थे 15 बंदी आगरा जेल : 

जम्मू-कश्मीर की जेलों से पांच दिन पहले ही 15 बंदियों आगरा केंद्रीय कारागार दाखिल किया गया है। जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग के चलते वहां सख्ती बढ़ा दी गई है। राज्य विरोधी ताकतों को जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा लोक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत गिरफ्तार किया जा रहा है। 

इन बंदियों को दूसरे राज्यों की जेलों में स्थानांतरित किया जा रहा है। जिसके तहत 17 अक्टूबर को 15 कश्मीरी बंदियों को आगरा केंद्रीय कारागार भेजा गया था। इन बंदियों के आने से पहले यहां पर पाक अधिकृत कश्मीर के भी दो बंदी निरुद्ध हैं। जिन्हें हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है।


जम्मू-कश्मीर: NIA ने की कई जगह छापेमारी, आतंकियों पर लगाम लगाने की तैयारी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तरफ से जम्मू-कश्मीर और अन्य प्रमुख शहरों में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम) और अल बद्र द्वारा हिंसक आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश के मामले में कई स्थानों पर तलाशी ली गई। घाटी में आम नागरिकों की हत्या के सिलसिले में एनआईए लगातार कार्रवाई कर रही है। वहीं लोगों से पूछताछ भी की गई है।

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में आतंकियों की कमर तोड़न के लिए लगातार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) छापेमारी कर रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तरफ से जम्मू-कश्मीर और अन्य प्रमुख शहरों में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम) और अल बद्र द्वारा हिंसक आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश के मामले में कई स्थानों पर तलाशी ली गई। घाटी में आम नागरिकों की हत्या के सिलसिले में एनआईए लगातार कार्रवाई कर रही है। वहीं लोगों से पूछताछ भी की गई है।

एनआईए द्वारा कई सप्ताह से घाटी में छापेमारी की जा रही है। जिनके यहां छापे पड़े हैं, उन पर परोक्ष या अपरोक्ष तौर पर आतंकियों की मदद करने का आरोप है। ऐसे कई लोगों की प्रॉपर्टी जब्त की गई हैं। कुछ लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। कश्मीर में जिन सिविलियन और नॉन-लोकल्स को मारा गया है, इन वारदातों के पीछे नए आतंकी संगठनों का हाथ बताया जा रहा है। हालांकि द रेजिस्टेंस फ्रंट, पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट आदि छोटे समूहों को लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे बड़े आतंकी संगठनों द्वारा खड़ा किया गया है।


'लश्कर-ए-तैयबा' की नई शाखा 'द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने भी इन हत्याओं की जिम्मेदारी ली थी। 'यूनाइटेड लिब्रेशन फ्रंट-जम्मू एंड कश्मीर' भी इसी कड़ी का हिस्सा हैं। 'यूएलएफ जेके' ने बिहार के दो लोगों की हत्या करने के बाद जारी पत्र में खुद को फ्रीडम फाइटर बताया है। एनआईए जांच में पाकिस्तान की इस नई रणनीति का खुलासा हो सकता है।

बता दें कि इससे पहले एनआई ने 10 अक्टूबर को 16 जगहों पर और 12 अक्टूबर को भी 16 जगहों पर छापेमारी की थी। एनआईए ने यह छापा लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेएम), हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम), अल बद्र, द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), पीपल अगेंस्ट फासिस्ट फोर्सेज (पीएएफएफ), मुजाहिदीन गजवतुल हिंद (एमजीएच) समेत विभिन्न आतंकी संगठनों की साजिशों का पर्दाफाश करने के लिए मारा था। 

वहीं, 12 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में दो स्थानों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान स्थित लश्कर की शाखा, द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के खिलाफ एक नए मामले के सिलसिले में छापेमारी की। एनआईए ने इस दौरान पांच और आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आतंकियों की पहचान मोहम्मद हनीफ चिरालू, हफीज, ओवैस दार, मतीन भट और आरिफ फारूक भट के रूप में हुई

यह मामला लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, अल बदर और उनके सहयोगियों के कैडर द्वारा जम्मू-कश्मीर और अन्य प्रमुख शहरों में हिंसक आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की साजिश रचने से संबंधित है।


उत्तराखंड में भारी बर्फबारी से अब तक दर्जनभर ट्रेकरों-पोर्टरों की मौत

भारी बर्फबारी के कारण अबतक विभिन्न जगहों पर 10 ट्रेकर्स सहित कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में उत्तरकाशी जिले में भारत-चीन सीमा पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के लिए काम करने वाले तीन कुली भी शामिल हैं। हालांकि, 5 लोगों को बचा लिया गया है और 6 अभी भी लापता हैं।

देहरादून: उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण अबतक विभिन्न जगहों पर 10 ट्रेकर्स सहित कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में उत्तरकाशी जिले में भारत-चीन सीमा पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के लिए काम करने वाले तीन कुली भी शामिल हैं। हालांकि, 5 लोगों को बचा लिया गया है और 6 अभी भी लापता हैं।

बताया जा रहा है कि ट्रेकर्स का एक समूह 14 अक्टूबर को देहरादून से 230 किलोमीटर दूर उत्तरकाशी जिले के हरसिल के पास लमखागा दर्रे के रास्ते में लापता हो गया था। उनके साथ आए नौ कुलियों में से छह सुरक्षित लौटने में सफल रहे। उन्होंने अधिकारियों को तीन लापता कुलियों और आठ ट्रेकर्स के बारे में सूचित किया। 

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (उत्तरकाशी) देवेंद्र पटवाल ने कहा कि बचाव दल ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और वायु सेना के जवानों से समझौता किया और गुरुवार सुबह लमखागा दर्रे के पास पांच शव देखे। उन्होंने कहा, "शवों को जल्द ही मौके से एयरलिफ्ट किया जाएगा।" बचावकर्मी वहां जीवित पाए गए ट्रेकर्स में से एक को बचाने में कामयाब रहे। उसे सैन्य अस्पताल में भर्ती किया गया है। आठ लापता ट्रेकर्स में से सात पश्चिम बंगाल के थे जबकि एक दिल्ली का था।

17 अक्टूबर को लापता हुए आईटीबीपी के जवानों को सीमा के पास उनकी चौकियों पर ले जाने वाले तीन कुलियों के शव गुरुवार को बरामद किए गए। उन्हें वायु सेना के हेलिकॉप्टर से ITBP बेस पर लाया गया। पटवाल ने कहा, "उनकी पहचान 24 साल के संजय सिंह, 25 साल के राजेंद्र सिंह और 23 साल के दिनेश चौहान के रूप में हुई है। सभी उत्तरकाशी के रहने वाले थे।"

 कुली 15 अक्टूबर को आईटीबीपी के जवानों के साथ सीमा के लिए रवाना हुए। 17 अक्टूबर को भारी बर्फबारी के कारण वे अलग हो गए और लापता हो गए। आईटीबीपी ने मंगलवार शाम जिला प्रशासन को सूचित किया जिसके बाद उन्हें बचाने के लिए हेलिकॉप्टर भेजा गया।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने कहा कि बागेश्वर जिले में पांच ट्रेकर्स की मौत हो गई, जबकि चार को सुंदरधुंगा ग्लेशियर के पास बचाया गया। 65 से अधिक पर्यटक बागेश्वर के ऊंचे इलाकों में फंसे हुए हैं, जिनमें कफनी में 20 और द्वाली ग्लेशियर में 34 और सुंदरधुंगा में 10 पर्यटक शामिल हैं। पर्यटकों को बचाने के लिए देहरादून से एक हेलीकॉप्टर और एनडीआरएफ की एक टीम के साथ जिले से तीन बचाव दल भेजे हैं। 


पीएम मोदी ने किया इंफोसिस फाउंडेशन विश्राम सदन का उद्घाटन, कही ये बातें

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एम्स नई दिल्ली के झज्जर परिसर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान(एनसीआई) में इंफोसिस फाउंडेशन विश्राम सदन का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहे।

नई दिल्ली: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एम्स नई दिल्ली के झज्जर परिसर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान(एनसीआई) में इंफोसिस फाउंडेशन विश्राम सदन का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहे।

इस मौके पर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन इतिहास में दर्ज़ हो गया है। भारत ने 100 करोड़ वैक्सीन डोज़ का आंकड़ा पार कर लिया है। 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी का मुकाबला करने के लिए देश के पास अब 100 करोड़ वैक्सीन डोज़ का मज़बूत सुरक्षा कवच है। ये उपलब्धि भारत और भारत के प्रत्येक नागरिक की है।

उन्होंने आगे कहा कि आज जब हम देश के हर ज़िले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज बनाने पर बल दे रहे हैं तो इसमें निजी क्षेत्र की भूमिका भी बहुत अहम है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि जब मरीज़ को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ़्त में इलाज मिलता है तो उसकी सेवा होती है। ये सेवाभाव ही है जिसकी वजह से हमारी सरकार ने कैंसर की लगभग 400 दवाओं की कीमतों को कम करने के लिए कदम उठाए हैं।


जम्मू कश्मीर में आतंक फैलाने में चीन कर रहा पाक की मदद, आतंकियों को दे रहा 'Made in China' हथियार

अब चीन भी आतंकियों को हथियार सप्लाई कर रहा है। जम्मू और कश्मीर में अस्थिरता फैलाने की पाकिस्तान की नापाक योजना में चीन भी पर्दे के पीछे से शामिल है।

श्रीनगर: अब चीन भी आतंकियों को हथियार सप्लाई कर रहा है। जम्मू और कश्मीर में अस्थिरता फैलाने की पाकिस्तान की नापाक योजना में चीन भी पर्दे के पीछे से शामिल है। 


भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अभी खुलकर चीन का नाम लेने से परहेज कर रही हैं। लेकिन आतंकी गुटों तक चीन के हथियार और ड्रोन लगातार पहुंच रहे हैं। चीन चाहता है कि भारत क़ई मोर्चो पर उलझे। बता दें कि भारत पहले से ही चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर पूर्वी लद्दाख से लेकर पूर्वोत्तर के इलाकों में उलझा हुआ है। 


एक अधिकारी के मुताबिक चीन की ओर से हथियार, ड्रोन आदि आईएसआई को दिए जाने के पुख्ता इनपुट एजेंसियों को मिले हैं। साथ ही पिछले कुछ महीनों में तालिवानी लड़ाकों का मूवमेंट भी चिंता का विषय रहा है। दरअसल एलएसी पर तनाव के बाद से चीन पाकिस्तान के जरिये भारत की चुनौती कश्मीर में बढ़ाना चाहता है।


जानकारों के मुताबिक, पाकिस्तान को चीन और तुर्की की तरफ से अत्याधुनिक ड्रोन और हथियार मिल रहे हैं। जो रात और दिन हर वक्त कार्रवाई में सक्षम हैं। पाकिस्तान के पास मौजूद स्टेल्थ ड्रोन का इस्तेमाल आतंकी गुट करते हैं तो ये सुरक्षाबलो के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।

इतना ही नहीं, एलएसी के पास लगातार ड्रोन के जरिए गिराए गए हथियार भारतीय सुरक्षाबलों को मिले हैं, जिसमें इस बात की पुष्टि होती है कि ये हथियार चीन निर्मित रहे हैं। 


चीन की मदद से पाकिस्तान को ड्रोन व हथियार ही नहीं मिले हैं बल्कि सीमावर्ती इलाके में चीन सुरंग बनाने में भी पाक एजेंसियों को तकनीकी मदद मुहैया कराने लगा है। पिछले कुछ समय मे पकड़ में आई सुरंग में चीनी तकनीक का इस्तेमाल सामने आया है। 


बता दें कि बीते कुछ समय से कश्मीर में सीमा पार से घुसपैठ की घटनाओं और टारगेट किलिंग की घटनाओं में इजाफा देखने को मिला है। हालांकि, भारतीय सेना भी आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दे रही है और बीते दो सप्ताह में 15 से अधिक आतंकियों को मौत के घाट उतारा गया है।


जम्मू-कश्मीर: सिविलियन्स को मारने वाले आतंकियों को चुन-चुनकर जहन्नुम भेज रही सेना, 12 घंटे में 4 को मार गिराया

आज सुरक्षाबलों ने 12 घंटों के अंदर 4 आतंकियों को मार गिराया है। इनमें वो आतंकी भी शामिल हैं जिन्होंने यूपी बिहार के श्रमिकों की हत्या की थी।

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में आतंकियों की सामत आ चुकी है। सिविलियन्स को निशाना बनाना उनकी बड़ी भूल साबित हो रही है। सेना हाथ धोकर आतंकियों के पीछे पड़ गई है। अब न तो सेना सरेंडर की अपील कर रही है औऱ ना ही आतंकियों को भागने का मौका। आज सुरक्षाबलों ने 12 घंटों के अंदर 4 आतंकियों को मार गिराया है। इनमें वो आतंकी भी शामिल हैं जिन्होंने यूपी बिहार के श्रमिकों की हत्या की थी।

सुरक्षाबलों ने बुधवार को कश्मीर घाटी में 4 दहशतगर्दों को मार गिराया, जिन्होंने हाल ही में बिहारी और उत्तर प्रदेश के मजदूरों की हत्या की थी। दिन में शोपियां में लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन  'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ) के दो आतंकी मारे गए तो शाम को लश्कर-ए-तैयबा के दो और आतंकियों को जहन्नुम पहुंचा दिया गया।

कुलगाम में मारे गए लश्कर के  दहशतगर्दों ने ही 17 अक्टूबर को वानपोह में दो बिहारी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि तीसरा घायल हो गया था। 

आईजीपी कश्मीर ने बताया कि इनमें से एक लश्कर का कमांडर गुलजार अहमद रेशी भी शामिल है। पुलिस ने कहा कि पुख्ता जानकारी के आधार पर आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस और सेना ने इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान आतंकियों ने फायरिंग की तो एनकाउंटर शुरू हो गया।

इससे पहले शोपियां में हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी मारे गए और सेना का एक जवान शहीद हो गया। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में दो अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, मारे गए आतंकवादियों में से एक हाल में हुई उस व्यक्ति की हत्या में शामिल था जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का रहने वाला था। 


क्षेत्र में आतंकवादियों की उपस्थिति की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने शोपियां जिले के दरगड़ इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादियों ने गोलीबारी करना शुरू कर दिया जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। 

अधिकारियों ने बताया कि टीआरएफ के दो आतंकवादियों को मार गिराया गया है।ॉमारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान आदिल वानी के रूप में की गई है जिसने जो 2020 में आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। 

कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने एक ट्वीट में कहा, ''मारे गए एक आतंकवादी की पहचान आदिल अहमद वानी के रूप में की गई है जो जुलाई 2020 से सक्रिय था। दो सप्ताह में अब तक 15 आतंकवादियों को मारा जा चुका है।''


अब चीन की खैर नहीं! Indian Army ने अरुणाचल प्रदेश में LAC पर तैनात की बोफोर्स तोपें

भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगी सीमाओं के पास तैनाती बढ़ा दी है। सेना ने अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर अग्रिम इलाकों में बोफोर्स तोपों की तैनाती कर दी है।

नई दिल्ली: काफी समय से भारत चाह रहा था कि चीन के साथ सीमा पर चल रहा गतिरोध बातचीत से हल हो जाये। कई बार सैन्य स्तरीय वार्ता भी दोनों देशों के बीच हो चुकी हैं लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई। अब भारत चीन को उसी के अंदाज में जवाब देने की तैयारी कर चुका है।

भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगी सीमाओं के पास तैनाती बढ़ा दी है। सेना ने अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर अग्रिम इलाकों में बोफोर्स तोपों की तैनाती कर दी है। वहीं समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक सेना ने अपने विमानन विंग के एयर फायर पावर को भी मजबूत किया है।

सेना ने अपनी विमानन विंग के एयर फायर पावर में हेरान आई ड्रोन, हथियारबंद अटैक हेलीकाप्टर रुद्र और ध्रुव की तैनाती की है। मालूम हो कि इस विंग में पहले से ही एविएशन विंग में बड़े पैमाने पर चीता हेलीकाप्टर तैनात थे। 

समाचार एजेंसी आइएएनएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सेना (Indian Army) ने स्वदेशी हल्के हेलीकाप्टर ध्रुव के स्क्वाड्रन को भी एलएसी से लगे इलाकों में तैनात कर दिया है। यही नहीं किसी भी नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए रुद्र लड़ाकू हेलीकाप्टरों का पहला स्क्वाड्रन भी तैयार किया जा चुका है।

भारतीय सेना की एविएशन विंग में इजरायली यूएवी हेरान ड्रोन शामिल किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एलएसी से लगे इलाकों में ये हथियार सेना के कमांडरों को ऐसी क्षमताएं देते हैं जिससे आपात स्थितियों में सभी प्रकार के आपरेशनों को अंजाम दिया जा सके। 

माना जा रहा है कि सरहद पर चीन की बढ़ती आक्रामकता से निपटने के लिए ही सेना ने एलएसी पर अपनी तैनातियों में बढ़ोतरी की है। यही नहीं सेना ने पूर्वी क्षेत्र में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए योजना तैयार की है।

पूर्वी लद्दाख में भी एलएसी पर चीन की चालबाजी से निपटने के लिए भारत ने अपनी तैनाती में इजाफा किया है। समाचार एजेंसी एएनआइ की हाल ही में आई रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वी लद्दाख के फारवर्ड एरिया में भारतीय सेना ने के-9 स्वचालित होवित्जर रेजिमेंट को तैनात किया है। यह तोप लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद दुश्मन के ठिकानों को ध्‍वस्‍त करने में सक्षम है। के-9 वज्र तोपें ऊंचाई वाले इलाकों में भी काम कर सकती हैं।


कर्नाटक हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी-'मुस्लिमों का निकाह एक कॉन्ट्रैक्ट, हिंदू विवाह की तरह संस्कार नहीं'

पारिवारिक अदालत ने आदेश दिया था कि वादी यानी महिला वाद की तारीख से अपनी मृत्यु तक या अपना पुनर्विवाह होने तक या प्रतिवादी की मृत्यु तक 3,000 रुपये की दर से मासिक गुजारा भत्ते की हकदार है।

नई दिल्ली: कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा है कि मुस्लिम निकाह एक कॉन्ट्रैक्ट है, जिसके कई अर्थ हैं, यह हिंदू विवाह की तरह कोई संस्कार नहीं और इसके टूटने से उत्पन्न कुछ अधिकारों एवं दायित्वों से पीछे नहीं हटा जा सकता। यह मामला बेंगलुरु के भुवनेश्वरी नगर में एजाजुर रहमान (52) की एक याचिका से संबंधित है, जिसमें 12 अगस्त, 2011 को बेंगलुरु में एक पारिवारिक अदालत के प्रथम अतिरिक्त प्रिंसिपल न्यायाधीश का आदेश रद्द करने का अनुरोध किया गया था। 

रहमान ने अपनी पत्नी सायरा बानो को पांच हजार रुपए के 'मेहर' के साथ विवाह करने के कुछ महीने बाद ही 'तलाक' शब्द कहकर 25 नवंबर, 1991 को तलाक दे दिया था। इस तलाक के बाद रहमान ने दूसरी शादी की, जिससे वह एक बच्चे का पिता बन गया। 

बानो ने इसके बाद गुजारा भत्ता लेने के लिए 24 अगस्त, 2002 में एक दीवानी मुकदमा दाखिल किया था। पारिवारिक अदालत ने आदेश दिया था कि वादी यानी महिला वाद की तारीख से अपनी मृत्यु तक या अपना पुनर्विवाह होने तक या प्रतिवादी की मृत्यु तक 3,000 रुपये की दर से मासिक गुजारा भत्ते की हकदार है। 

न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित ने 25,000 रुपए के जुर्माने के साथ शख्स की याचिका खारिज करते हुए सात अक्टूबर को अपने आदेश में कहा, 'निकाह एक अनुबंध है जिसके कई अर्थ हैं, यह हिंदू विवाह की तरह एक संस्कार नहीं है। यह बात सच है।' 

न्यायमूर्ति दीक्षित ने विस्तार से कहा कि मुस्लिम निकाह कोई संस्कार नहीं है और यह इसके समाप्त होने के बाद पैदा हुए कुछ दायित्वों एवं अधिकारों से भाग नहीं सकता। पीठ ने कहा, ''तलाक के जरिए विवाह बंधन टूट जाने के बाद भी दरअसल पक्षकारों के सभी दायित्वों एवं कर्तव्य पूरी तरह समाप्त नहीं होते हैं।'' 

कोर्ट ने कहा कि मुसलमानों में एक अनुबंध के साथ निकाह होता है और यह अंतत: वह स्थिति प्राप्त कर लेता है, जो आमतौर पर अन्य समुदायों में होती है। अदालत ने कहा, ''यही स्थिति कुछ न्यायोचित दायित्वों को जन्म देती है। वे अनुबंध से पैदा हुए दायित्व हैं।''

अदालत ने कहा कि कानून के तहत नए दायित्व भी उत्पन्न हो सकते हैं। उनमें से एक दायित्व व्यक्ति का अपनी पूर्व पत्नी को गुजारा भत्ता देने का परिस्थितिजन्य कर्तव्य है जो तलाक के कारण अपना भरण-पोषण करने में अक्षम हो गई है। न्यायमूर्ति दीक्षित ने कुरान में सूरह अल बकराह की आयतों का हवाला देते हुए कहा कि अपनी बेसहारा पूर्व पत्नी को गुजारा-भत्ता देना एक सच्चे मुसलमान का नैतिक और धार्मिक कर्तव्य है। 


उत्तराखंड में बारिश से बड़ा हादसा, पिथौरागढ़ में बड़ा हादसा, रिटायर्ड ब्रिगेडियर समेत पांच की मौत

वाहन थल-मुनस्यारी मार्ग पर मुवानी के निकट हादसे का शिकार हुआ है। इसमें सेना के रिटायर्ड ब्रिगेडियर सहित पांच की मौत व दो लोगों के घायल होने की सूचना है।

पिथौरागढ़: तीन दिन की आपदा के बीच पिथौरागढ़ से बुरी खबर मिली है। केदारनाथ से लौट रहा वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वाहन थल-मुनस्यारी मार्ग पर मुवानी के निकट हादसे का शिकार हुआ है। इसमें सेना के रिटायर्ड ब्रिगेडियर सहित पांच की मौत व दो लोगों के घायल होने की सूचना है। शेष समाचार प्रतीक्षा में है।


जम्मू कश्मीर: सुरक्षाबलों ने यूपी के श्रमिक साकिर के हत्यारे आदिल को मार गिराया, 1 जवान शहीद

आदिल वहीं आतंकी है जिसने टारगेट किलिंग के तहत गत दिनों पुलवामा में बाहरी श्रमिक साकिर अहमद वानी निवासी सहारनपुर उत्तर प्रदेश की हत्या की थी। दूसरे आतंकी की पहचाना होना अभी बाकी है।

श्रीनगर: शोपियां के द्रगाड इलाके में सुरक्षाबलों ने कुछ ही घंटों में द रजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया। आज मार गिराए गए दो आतंकियों में TRF का जिला कमांडर शोपियां आदिल अहमद वानी भी शामिल था।


बता दें कि आदिल वहीं आतंकी है जिसने टारगेट किलिंग के तहत गत दिनों पुलवामा में बाहरी श्रमिक साकिर अहमद वानी निवासी सहारनपुर उत्तर प्रदेश की हत्या की थी। दूसरे आतंकी की पहचाना होना अभी बाकी है। वहीं इस मुठभेड़ में सेना का एक जवान शहीद जबकि दो अन्य घायल भी हुए हैं।


इसी बीच आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने दो आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि फिलहाल एक आतंकी की पहचान कर ली गई है। उसका नाम आदिल अहमद वानी था और वह जुलाई 2020 से आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था। यही नहीं उसी ने लिटर, पुलवामा में एक गरीब मजदूर की हत्या की थी। 


आइजीपी ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान के दौरान अभी तक 2 हफ्ते के भीतर सुरक्षाबलों ने अभी तक 15 आतंकियों को ढेर कर दिया है। शोपियां में इस अवधि के दौरान यह तीसरी मुठभेड़ थी। दूसरे आतंकवादी की भी पहचान की जा रही है। वहीं ऑपरेशन की समाप्ति के बाद इलाके में इंटरनेट सेवा को फिर से बहाल कर दिया गया है।


लखीमपुर हिंसा: यूपी सरकार को सुप्रीम फटकार, 'अपने काम करने से बच रह हो, हम स्टेटस रिपोर्ट का करते रह गए इंतजार'

लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी की योगी सरकार को जमकर फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहाहै कि यूपी सरकार अपना का करने से बच रही है। हम देर रात तक स्टेटस रिपोर्ट का इंतजार करते रहे लेकिन स्टेटस रिपोर्ट हमें आज मिली है।

नई दिल्ली: लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी की योगी सरकार को जमकर फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहाहै कि यूपी सरकार अपना का करने से बच रही है। हम देर रात तक स्टेटस रिपोर्ट का इंतजार करते रहे लेकिन स्टेटस रिपोर्ट हमें आज मिली है।


मामले में सुनवाई करते हुए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पैरवी कर रहे वकील हरीश साल्वे को कहा कि कोर्ट ने कल देर रात तक स्टेटस रिपोर्ट दायर किए जाने का इंतजार किया लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि हमें अब स्टेटस रिपोर्ट मिली है।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की ओर से सुनवाई को शुक्रवार तक टालने की मांग को भी खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यूपी सरकार अपना काम करने से बच रही है। कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हत्या मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर तक टाल दी है। 

वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट में बताया कि सील बंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट शीर्ष न्यायालय को सौंप दी गई है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमने कल देर रात तक रिपोर्ट दायर किए जाने का इंतजार किया लेकिन रिपोर्ट अब सौंपी गई है। सीजेआई ने कहा, 'इतनी देर से रिपोर्ट सौंपेंगे तो हम इसे कैसे पढ़ेंगे? कम-से-कम एक दिन पहले दायर करनी चाहिए।' इसपर यूपी सरकार ने कोर्ट से शुक्रवार तक का समय मांगा।
 
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि यूपी सरकार ने अभी तक इस मामले में और लोगों से पूछताछ क्यों नहीं की। सीजेआई ने कहा, 'आपने अब तक 44 में से 4 गवाहों से पूछताछ की, और लोगों से क्यों नहीं।' हालांकि, इसपर साल्वे ने जवाब दिया कि प्रक्रिया जारी है और सभी मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

यूपी सरकार ने दिया ये जवाब

यूपी सरकार ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि अब तक 10 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि चार आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं। लखीमपुर में प्रदर्शकारियों की भीड़ द्वारा दो बीजेपी कार्यकर्ताओं और एक कार चालक की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा भी शामिल है। 

क्या हुआ था

तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों को गाड़ी से कुचल दिया गया था, जिसमें चार किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद भड़की हिंसा में एक पत्रकार सहित चार अन्य लोग भी मारे गए। मामले में कुल आठ लोगों की जान गई थी। किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि जिस गाड़ी से किसानों को कुचला गया उसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा का बेटा आशीष मिश्रा भी था। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने इन आरोपों को गलत बताया लेकिन मामले में लगभग एक हफ्ते बाद आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी हुई।


आज रूस में होगा भारत और तालिबान का आमना-सामना!

यह बैठक आज यानी 20 अक्टूबर को होगी, जिसमें भारत भी अहम भूमिका निभाएगा। भारत ने इस बैठक में भाग लेने को अपनी हां कर दी है।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान का राज आने के बाद आज पहली बार भारत और तालिबान आमने सामने होंगे। रूस ने जानकारी दी है कि अफगानिस्तान के हालात को लेकर मॉस्को फॉर्मेट की बैठक में 10 देश और तालिबान का एक प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा। यह बैठक आज यानी 20 अक्टूबर को होगी, जिसमें भारत भी अहम भूमिका निभाएगा। भारत ने इस बैठक में भाग लेने को अपनी हां कर दी है। 

भारत ने इस बैठक में भाग लेने को अपनी हां कर दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि 20 अक्टूबर को अफगानिस्तान मसले पर मॉस्को फॉर्मेट पर बैठक का आमंत्रण मिला है और हम इसमें भाग ले रहे हैं। इतना ही नहीं, इस बैठक में पाकिस्तान और चीन भी शामिल हो रहा है। 

तीसरी मास्को फॉर्मेट बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव जेपी सिंह करेंगे, जो विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान डेस्क के प्रमुख हैं। मॉस्को में बैठक से इतर भारतीय टीम और तालिबान के बीच अनौपचारिक संपर्क की संभावना से इंकार नहीं किया गया है। 

स्पूतनिक की रिपोर्ट बताती है कि मॉस्को में होने वाली यह बैठक अफगानिस्तान में सैन्य, राजनीतिक हालात, समावेशी सरकार के गठन और मानवीय संकट को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय कोशिशों पर केंद्रित होगी। 

रूस के विदेश मंत्री सरगी लावरोव इस बैठक में भाग लेने वालों को संबोधित करेंगे। रूसी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अफगानिस्तान में सैन्य और राजनीतिक विकास की संभावनाओं और समावेशी सरकार गठन पर चर्चा की जाएगी। हम सभी अफगानिस्तान में मानवीय संकट को रोकने के लिए दुनिया की कोशिशों को और मजबूत करेंगे। मीटिंग के बाद एक जॉइंट स्टेटमेंट भी जारी किया जाएगा।


तालिबान प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अंतरिम अफगान सरकार के उपप्रधानमंत्री अब्दुल सलाम हनफी करेंगे। यह जानकारी अफगानिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल कहर बल्खी ने ट्विटर पर लिखा। 

तालिबान को उम्मीद है कि इस बैठक से आपसी हित के मसलों पर बातचीत की जाएगी। बता दें कि मॉस्को फॉर्मेट की घोषणा 2017 में की गई थी। उस वक्त इस ग्रुप में रूस के साथ अफगानिस्तान, चीन, पाकिस्तान, ईरान और भारत जैसे देश शामिल थे। 


मोदी सरकार का केंद्रीय कर्मियों को दीवाली का तोहफा, सशस्‍त्र बलों समेत इन सभी को मिलेगा 30 दिन का एडहॉक बोनस

इसका फायदा केंद्र सरकार के ग्रुप-सी और ग्रुप-बी के उन सभी नॉन-गैजेटेड कर्मचारियों को मिलेगा, जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस स्कीम के तहत नहीं आते हैं।

नई दिल्‍ली: केंद्र की मोदी सरकार  कुछ केंद्रीय कर्मचारियों को दिवाली पर बोनस  का तोहफा देने वाली है। वित्‍त मंत्रालय ने बताया कि अर्धसैनिक बलों को 30 दिन का दिवाली बोनस दिया जाएगा।


केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस  दिए जाने की मंजूरी दे दी गई है। इसका फायदा केंद्र सरकार के ग्रुप-सी और ग्रुप-बी के उन सभी नॉन-गैजेटेड कर्मचारियों को मिलेगा, जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस स्कीम के तहत नहीं आते हैं।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, एडहॉक बोनस का फायदा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के पात्र कर्मचारियों को मिलेगा।

इसके अलावा केंद्रशासित प्रदेशों के उन कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा, जो केंद्र सरकार के एमॉलमेंट्स (Emoluments) के पैटर्न का पालन करते हैं और केंद्र सरकार के किसी दूसरे बोनस के दायरे में नहीं आते हैं।

एडहॉक बोनस का फायदा केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो 31 मार्च 2021 को सेवा में थे और साल 2020-21 के दौरान कम से कम छह महीने लगातार नौकरी कर रहे हैं। इसमें 6 महीने से एक साल तक नौकरी कर रहे कर्मचारियों को उसी अनुपात में बोनस दिया जाएगा।

ऐसे निर्धारित होगा बोनस

  • एक वर्ष में औसत एमॉलमेंट्स को महीने में दिनों की औसत संख्या 30.4 से डिवाइड किया जाएगा।उदाहरण के लिए 7000 रुपये पर 7000×30/30.4 = Rs 6907.89 रुपये होगा।

  • सप्ताह में 6 दिनों के तहत कार्यालयों में 3 साल या उससे ज्यादा समय तक हर साल कम से कम 240 दिन काम करने वाले कैजुअल लेबर को फायदा मिलेगा। इनके लिए एडहॉक बोनस की राशि 1200×30/30.4 = 1184.21 रुपये होगी।


जम्मू-कश्मीर में अब आतंकियों की खैर नहीं, हर तरफ बनाए गए चेक पोस्ट, 24 घंटे अलर्ट पर सीआरपीएफ

गैर-कश्मीरियों और कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीआरपीएफ जवाब 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात हैं।

श्रीनगर: कश्मीर को जन्नत से जहन्नुम बनाने का ख्वाब देख रहे आतंकियों का अंत अब लगभग तय है। सिविलियंस की हत्या करने वाले आतंकियों को अब सेना चुन-चुनकर मारेगी। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। अब राज्य में हर तरफ चेक पोस्ट ही नजर आ रहे हैं और सीआरपीएफ 24 घंटे अलर्ट पर है। अब सीआरपीएफ पहले से ज्यादा मुस्तैदी दिखाते हुए चौबीसों घंटे और सातों दिन ड्यूटी में लग गई है। गैर-कश्मीरियों और कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीआरपीएफ जवाब 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात हैं।


जगह-जगह न सिर्फ सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं बल्कि संदिग्धों की तलाशी भी ली जा रही है। इसके अलावा पूरे केंद्र शासित प्रदेश में वाहनों की तलाशी के लिए चेक पोस्ट भी बना दिए गए हैं। सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडर ने कहा, 'सीआरपीएफ की भूमिका जम्मू-कश्मी के लोगों की सुरक्षा करने की है। हम चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं, गाड़ियां चेक कर रहे हैं, अलग-अलग जगहों में सुरक्षा व्यवस्था की देखभाल कर रहे हैं और लोगों में सुरक्षा की भावना को भी बढ़ा रहे हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'हाल में हुई नागरिकों की हत्या के बाद यहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। हम गाड़ियों की चेकिंग कर रहे हैं और जनता की भी तलाशी ले रहे हैं। इसके अलावा हम लोगों को यह महसूस करवाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे यहां सुरक्षित हैं।'

उन्होंने आगे बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के लोग इसमें उनका सहयोग भी कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा, 'यह काम मुश्किल है लेकिन हाल के दिनों में हुई हत्याओं को ध्यान में रखते हुए हमारा मकसद इलाके को सुरक्षित रखना और यहां आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाना है।'

सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर ने बताया, 'हमने यहां एक 24 घंटे वाला चेक पोस्ट बनाया है और हम सभी स्थानीय, गैर-स्थानीय लोगों की तलाशी ले रहे हैं ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।'


जम्मू-कश्मीर में आतंकियों पर काल बनकर टूटी सेना, राजौरी के जंगलों में लश्कर के 6 आतंकियों को किया ढेर

भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की काल बनकर टूट पड़ी है। ताजा मामले में सेना ने राजौरी के जंगलों में 6 आतंकियों को मार गिराया है।

नई दिल्ली: सिविलियंस की हत्या और हाल ही में 9 जवानों को खोने के बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की काल बनकर टूट पड़ी है। ताजा मामले में सेना ने राजौरी के जंगलों में 6 आतंकियों को मार गिराया है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना ने 16 कोर सैनिकों द्वारा शेष तीन से चार इस्लामिक जिहादियों को बेअसर करने के प्रयासों के साथ राजौरी सेक्टर के घने जंगलों में चल रही मुठभेड़ में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े छह आतंकवादियों को मार गिराया है।

बता दें कि राजौरी के जंगलों में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में भारतीय सेना के नौ सेनिकों को खोने के बाद, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने 16 अक्टूबर को क्षेत्र का दौरा किया और चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों को संभालने वाले स्थानीय कमांडरों के साथ चर्चा की।

खबर है कि बीते तीन महीनों में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के 10 आतंकी राजौरी-पुंछ जिले की सीमाओं के बीच के जंगलों की ओर घुसपैठ कर चुके हैं। जबकि एलओसी पर और बाड़ के साथ घुसपैठ की कई कोशिशों को नाकाम कर दिया गया था, पाक आतंकवादी अफगानिस्तान में अपनी सफलता से उत्साहित थे और उस हद तक भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा आतंकवादी वृद्धि का अनुमान लगाया गया था। 


जब भारतीय सैनिक आतंकवादियों को पकड़ने के लिए में भाग रहे थे, मौके पर ही आतंकवादियों की मौजूदगी के साथ क्षेत्र के चारों ओर एक घेरा स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए थे। अब रणनीति में बदलाव यह था कि अब यह आतंकवादियों पर छोड़ दिया गया था कि वे जीवित रहने के लिए आस-पास के गांवों से पुनःपूर्ति प्राप्त करने के लिए आंदोलन करें और इस तरह खुद को लक्ष्य के रूप में उजागर करें। 

सेना के एक कमांडर ने कहा कि जंगल में युद्ध के लिए धैर्य की आवश्यकता होती है और सैनिकों को निर्देश दिया जाता है कि वे सतर्क रहें और आतंकवादियों को आमने-सामने उलझाकर हताहतों से बचें। चूंकि समय की कोई बाधा नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना आतंकवादियों को खदेड़ेगी और उनका सफाया करेगी।

गौरतलब है कि आतंकी पिछले लगभग 15 दिन से गैर कश्मीरियों और हिंदुओं व सिखों को निशाना बना रहे हैं। आतंकियों के निशाने पर फिलहाल श्रमिक वर्ग के लोग है। बहुत सारे दूसरे राज्यों के श्रमिक अब पलायन कर रहे हैं हालांकि, मस्जिद के इमामों द्वारा बार-बार उन्हें न जाने की अपील की जा रही है लेकिन लोग डरे हुए हैं।


केरल और उत्तराखंड में भारी बारिश से मचा कोहराम, कई लोगों ने गवांई जान

दक्षिणी राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं। वहीं उत्तर भारत में बारिश के साथ मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है।

नई दिल्ली: देश के ज्यादातर राज्यों में इन दिनों बारिश का दौर जारी है। कई जगहों पर तो बारिश का कहर इतना ज्यादा है कि जगह-जगह पानी भर गया है, जिस कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। दक्षिणी राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं। वहीं उत्तर भारत में बारिश के साथ मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है। 

केरल का हाल

केरल में बारिश के कारण हालात काफी गंभीर हैं। यहां भारी बारिश और भूस्खलन हो रहा है, जिस वजह से अब तक 35 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। राज्य सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए कदम उठा रही है। यहां एर्नाकुलम जिले में इदमलयार बांध के दो शटर आज सुबह 6 बजे 50-50 सेंटीमीटर के लिए खोले गए। बांध का वर्तमान जल स्तर 165.70 मीटर है जिसमें पूरे जलाशय का स्तर 169 मीटर और अधिकतम जल स्तर 171 मीटर है।


उत्तराखंड में बीते 48 घंटों से हो रही लगातार बारिश

पिछले 48 घंटे से हो रही बारिश ने उत्तराखंड के कई हिस्सों में कहर मचा दिया है। राज्य में भूस्खलन के चलते कई लोगों की जान चली गई है। नैनीताल झील का पानी ओवरफ्लो होकर हल्द्वानी रोड पर बह रहा है। वहीं, काठगोदाम रेलवे स्टेशन की पटरियां गौला नदी में बह गई हैं। इस कारण कई ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया है।




बड़ा खुलासा! J&K में गैर कश्मीरियों की हत्या के पीछे ISI का हाथ, NIA करेगी मामले की जांच

हालांकि, अब मामले की जांच एनआईए करेगी। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि एनआईए को इस बात की जानकारी पहले से ही थी कि सिविलियंस को आतंकी निशाना बना सकते हैं और इसलिए वह लगातार छापेमारी भी कर रही थी और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था।

नई दिल्ली: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान लगातार जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले करने का प्रयास कर रहा है और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई जी जान से इस फिराक में जुटी हुई है कि किसी भी हाल में आम नागरिकों को निशाना बनाया जाए। हालांकि, अब मामले की जांच एनआईए करेगी। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि एनआईए को इस बात की जानकारी पहले से ही थी कि सिविलियंस को आतंकी निशाना बना सकते हैं और इसलिए वह लगातार छापेमारी भी कर रही थी और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था।

जम्मू-कश्मीर में निर्दोष नागरिकों की हत्याओं के मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी करेगी। पूरे मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक सरकार की ओर से जल्दी ही इस संबंध में आदेश जारी किया जा सकता है। फार्मेसी चलाने वाले माखनलाल बिंदरू, गैर-कश्मीरी वीरेंद्र पासवान, स्कूल की प्रिंसिपल सुपिंदर कौर और टीचर दीपक चंद समेत कई लोगों की हत्याओं के मामलों में दर्ज एफआईआर पर आगे की कार्रवाई केंद्रीय एजेंसी संभाल सकती है। जम्मू-कश्मीर और केंद्र की सरकार का मानना है कि हाल के दिनों में नागरिकों पर बढ़े हमले किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हैं। इन घटनाओं में पाक समर्थित द रेजिस्टेंस फोर्स और अन्य आतंकी संगठनों का हाथ सामने आया है।

पूरे घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि एनआईए को इन हमलों के बारे में पहले से ही कुछ जानकारी है। बीते कुछ दिनों में आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच के लिए एजेंसी ने बड़े पैमाने पर छापेमारियां की हैं। यही नहीं एजेंसी ने कई लोगों को आतंकवाद से जुड़े होने के सिलसिले में गिरफ्तार भी किया है। एजेंसी ने बीते एक सप्ताह में ही द रेजिस्टेंस फोर्स से जुड़े 9 लोगों को अरेस्ट किया है। इस संगठन पर ही इन हमलों में शामिल होने का आरोप लगा है। एनआईए ने दो दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी के बाद इन लोगों को अरेस्ट किया था। 

अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान ने यह साजिश रची है ताकि कश्मीर में शांति को भंग किया जा सके और इन्वेस्टर्स को हतोत्साहित किया जा सके। अब तक नागरिकों की हत्याएं नहीं होती थीं, लेकिन इस नए ट्रेंड ने चिंताओं को बढ़ा दिया है। इस बीच होम मिनिस्टर अमित शाह ने सभी एजेंसियों को मौजूदा हालातों से सख्ती के साथ निपटने का आदेश दिया है। अलग-अलग एजेंसियों के साथ अमित शाह ने कई समीक्षा बैठकें की हैं। अकेले अक्टूबर महीने में ही आतंकियों ने घाटी में 11 नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया है। बाहरी लोगों पर भी हमले बढ़े हैं। इसके चलते प्रवासी मजदूरों ने घाटी और आसपास के इलाकों से पलायन करना शुरू कर दिया है।


CBSE Exam 2022: फर्स्ट टर्म एग्जाम के लिए 10वीं व 12वीं क्लास के लिए बोर्ड ने की जारी की डेटशीट, ऐसे करें डाउनलोड

सीबीएसई ने डेटशीट अपनी आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर अपलोड कर दी है।

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं-12वीं क्लास के लिए  टर्म 1 बोर्ड परीक्षा 2022 की डेट शीट जारी दी  है। सीबीएसई ने डेटशीट अपनी  आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर अपलोड कर दी है।


सीबीएसई द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, दसवीं कक्षा की पहले टर्म की बोर्ड परीक्षा 30 नवंबर से शुरू होगी और 11 दिसंबर तक चलेगी और 12वीं कक्षा की पहले टर्म की बोर्ड परीक्षा 1 दिसंबर से शुरू होगी और 22 दिसंबर को तक लेगी। वहीं टर्म 2 बोर्ड परीक्षा मार्च-अप्रैल 2022 में आयोजित की जाएगी। 

टर्म-1 परीक्षा में छात्रों से केवल ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्न पूछे जाएंगे और टर्म 2 में दोनों ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव टाइप के प्रश्न पूछे जाएंगे।


दसवीं कक्षा की पहले टर्म की बोर्ड परीक्षा की तिथियां


30 नवंबर - सोशल साइंस 
2 दिसंबर - साइंस 
3 दिसंबर - होम साइंस 
4 दिसंबर - गणित 
8 दिसंबर - कंप्यूटर एप्लीकेशन 
9 दिसंबर - हिंदी
11 दिसंबर - इंग्लिश


12वीं कक्षा की पहले टर्म की बोर्ड परीक्षा की तिथियां

1 दिसंबर  - सोशियोलॉजी
3 दिसंबर - इंग्लिश
6 दिसंबर - गणित 
7 दिसंबर - फिजिकल एजुकेशन
8 दिसंबर - बिजनेस स्टडीज 
9 दिसंबर - ज्योग्राफी 
10दिसंबर - फिजिक्स 
11 दिसंबर - साइकोलॉजी 
13 दिसंबर - अकाउंटेंसी 
14 दिसंबर - केमिस्ट्री 
15 दिसंबर - इकोनॉमिक्स 
16 दिसंबर - हिंदी 
17 दिसंबर - पॉलिटिकल साइंस 
18 दिसंबर - बायोलॉजी 
20 दिसंबर - हिस्ट्री 
21 दिसंबर - कंप्यूटर एप्लीकेशन / इनफॉर्मेशन प्रैक्टिस 
22  दिसंबर - होम साइंस


यह भी जानें

  • 10वीं और 12वीं की सीबीएसई बोर्ड की टर्म परीक्षा परीक्षा मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन बेस्ड होगी और इसमें ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल पूछे जाएंगे
  • टर्म 1 का परीक्षा सिर्फ 90 मिनट का होगा वहीं  टर्म 2 का परीक्षा दो घंटे का होगा
  • दोनों टर्म की परीक्षा ऑफलाइन होंगे तो इन दोनों परीक्षा का 50-50 फीसदी वेटेज लेकर रिजल्ट को तैयार किया जाएगा


कश्मीर में गैर कश्मीरियों पर आतंकी हमले को लेकर एक्शन में अमित शाह, सुरक्षा एजेंसियों संग की बड़ी मीटिंग

बैठक में देश की आंतरिक सुरक्षा और जम्मू कश्मीर में शांति को लेकर अहम चर्चा भी हुई है। जम्मू-कश्मीर में अब तक आतंकियों द्वारा 11 लोगों की हत्या की जा चुकी है। जिससे घाटी में दहशत का माहौल है। गैर कश्मीरी सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

नई दिल्ली/श्रीनगर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शीर्ष सुरक्षा एजेंसियों, अर्धसैनिक अधिकारियों, पुलिस प्रमुखों और अन्य महत्वपूर्ण लोगों के साथ बैठक की है। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश की आंतरिक सुरक्षा और जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले हैं। 

सूत्रों का ये भी कहना है कि गृह मंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर में हालिया हुए आतंकी हमलाों को लेकर चिंतित हैं। अमित शाह आज शीर्ष सुरक्षा एजेंसियों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस प्रमुखों और सेना के बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की है।

बैठक में देश की आंतरिक सुरक्षा और जम्मू कश्मीर में शांति को लेकर अहम चर्चा भी हुई है। जम्मू-कश्मीर में अब तक आतंकियों द्वारा 11 लोगों की हत्या की जा चुकी है। जिससे घाटी में दहशत का माहौल है। गैर कश्मीरी सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि इससे संकेत मिलता है कि आतंकवादी दूसरे राज्यों के लोगों को कश्मीर से बाहर खदेड़ना चाहते हैं। कल बिहार के दो लोगों को कश्मीर घाटी के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने मार गिराया था। एक उत्तर प्रदेश का युवक मारा गया। हालांकि सुरक्षा बलों ने भी घाटी में आतंक विरोधी अभियान तेज कर दिया है। पिछले एक हफ्ते में 13 आतंकवादी मारे चुके हैं। 


मौसम समाचार: केरल में बारिश ढा रही कहर, हिमाचल में जमकर बर्फबारी, जानिए-अन्य राज्यों का हाल

वहीं हिमाचल प्रदेश में आज बर्फबारी दर्ज हुई है। आलम यह है कि बाढ़ और भूस्खलन के चलते काफी संख्या में लोगों की जान चली गई है। लोगों को बचाने के लिए सेनाएं लगी हुई है। रेस्क्यू आपरेशन जारी है।

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में भारी बारिश की कहर है। खासकर केरल में बारिश और भुस्खलन से भारी नुकसान हुआ है और अबतक 20 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। वहीं, केरल में इडुक्की डैम के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं हिमाचल प्रदेश में आज बर्फबारी दर्ज हुई है। आलम यह है कि बाढ़ और भूस्खलन के चलते काफी संख्या में लोगों की जान चली गई है। लोगों को बचाने के लिए सेनाएं लगी हुई है। रेस्क्यू आपरेशन जारी है। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के घर देखते ही देखते भारी बारिश के बहाव में डूब रहे हैं।

कोट्टायम के मुंडकायम में भारी बारिश के बाद नदी की तेज पानी की धाराओं में एक घर बह गया। नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। वहीं राजधानी दिल्ली-एनसीआर में भी रविवार से अचानक मौसम में बदलाव आया है। कल रात से हो रही बारिश ने लोगों के सामान्य जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जगह-जगह पानी भर गया है। वहीं हिमाचल में आज बर्फबारी हुई।

केरल में बांध सुरक्षा प्राधिकरण ने इडुक्की डैम (Idukki dam reservoir) के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है। इदमालयार जलाशय, एर्नाकुलम जिले के लिए ब्लू अलर्ट और कक्की जलाशय, पठानमथिट्टा जिले के लिए रेड अलर्ट जारी हुआ है।

मौसम के ताजा अपडेट की बात कर तो हरियाणा में स्थित होडल, औरंगाबाद, पलवल, फरीदाबाद, बल्लभगढ़ में हल्की बारिश जारी रहेगी वहीं यूपी में स्थित बुलंदशहर, गुलोठी मध्य तीव्रता के साथ बारिश होगी। उधर, उत्तराखंड में आज बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के धनखड़ गांव में आज बर्फबारी हुई

रातभर दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश के चलते सेक्टर 39 स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी गौतमबुद्धनगर के कार्यालय परिसर में जलभराव हो गया है। इसके अलावा दिल्ली के गाजीपुर फल और सब्जी थोक बाजार में जलभराव देखने को मिला। वहीं उत्तराखंड के चमौली में भारी बारिश हुई। आइएमडी ने आज भारी बारिश के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया। एहतियात के तौर पर बद्रीनाथ यात्रा भी रोक दी गई है।


जम्मू-कश्मीर: आतंकी संगठन ULF ने किया था बिहार के मजदूरों पर हमला, अब दी धमकी, कहा-'सब निकल जाओ, वरना...'

यूएलएफ के प्रवक्ता उमर वानी ने कहा, 'हम पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि बाहरी लोग हमारी धरती से चले जाएं, वरना उन्हें अंजाम भुगतना होगा। निर्दोष नागरिकों पर भारतीय फोर्सेज की ओर से किए गए हमलों के जवाब में ये अटैक किए गए हैं।'

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के वानपोह इलाके में रविवार को हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ने ली है। बता दें कि आतंकियों ने यहां पर बिहार के तीन श्रमिकों को निशाना बनाया था और उन्होंने गोलियों से भूना जिसमें दो  सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहे बयान में लिबरेशन फ्रंट ने कहा है कि यह हमला हिंदुत्ववादी ताकतों की ओर से मुस्लिमों को लिंच किए जाने के जवाब में है।

लिबरेशन फ्रंट ने कहा कि बीते एक साल में बिहार में ही 200 मुस्लिमों को लिंच करके मारा गया है। यही नहीं इस दहशतगर्द संगठन ने जम्मू-कश्मीर से बाहर के लोगों को लौट जाने की धमकी दी है। यूएलएफ के प्रवक्ता उमर वानी ने कहा, 'हम पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि बाहरी लोग हमारी धरती से चले जाएं, वरना उन्हें अंजाम भुगतना होगा। निर्दोष नागरिकों पर भारतीय फोर्सेज की ओर से किए गए हमलों के जवाब में ये अटैक किए गए हैं।' 


अपने साथियों की हत्या से खौफ में कश्मीर के बिहारी श्रमिक, कर रहे वापस घर लौटने की तैयारी

बिहार के श्रमिकों की कश्मीर घाटी में आतंकियों द्वारा हत्या किए जाने के बाद अब बिहार के श्रमिक खौफजदा हो गए हैं। वो अब कश्मीर से वापस बिहार लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

श्रीनगर: एक के बाद एक कई बिहार के श्रमिकों की कश्मीर घाटी में आतंकियों द्वारा हत्या किए जाने के बाद अब बिहार के श्रमिक खौफजदा हो गए हैं। वो अब कश्मीर से वापस बिहार लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

बता दें कि  दस अक्टूबर को भागलपुर के वीरेंद्र पासवान और शनिवार को बांका जिले के अरविंद कुमार साह की हत्या के बाद डर बढ़ गया है। अरविंद के गृह जिले बांका के कई लोग घाटी छोड़ने की तैयारी में लग गए हैं। इसके अलावा कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के अन्य जिलों के लोग भी घाटी को अलविदा करने का मूड बना चुके हैं। सहरसा जिले के मनोज कुमार, रोहित कुमार, सुपौल जिले के अरविंद कुमार, संजीव कुमार भी परिवार के साथ घाटी छोड़ने का फैसला कर चुके हैं।

घाटी के मौजूदा हालात से इन सभी के मन में दहशत है। इसी तरह जलालगढ़ के याकूब आलम, अररिया के मंसूर आलम, बरसौनी के रजत कुमार राजभर ने बताया कि उनके परिजन पांच माह पहले घाटी गए थे। गैर कश्मीरियों की हत्या के बाद ठेकेदार बकाया रकम भी नहीं दे रहे, ताकि सब वहां से लौट आएं।

सीमांचल के सबसे अधिक अररिया, किशनगंज के अलावा पूर्णिया के मजदूर जम्मू कश्मीर में काम की तलाश में गए हुए हैं। बताया जाता है कि छह माह के लिए कोसी और सीमांचल से हजारों की संख्या में मजदूर काम करने के लिए जम्मू-कश्मीर समेत आसपास के इलाकों में जाते हैं।

इनमें कई ऐसे भी मजदूर हैं जिन्होंने कई महीने काम किया और मालिक के पास रुपए भी बकाया है लेकिन जान के डर से अब वापस घर आ गए हैं। इनको एक तो मजदूरी नहीं मिली, ऊपर से जो भी रुपया कर्ज लेकर गए थे, लौटने पर कर्जदार परेशान कर रहा है। मजदूरों की परेशानी लॉकडाउन के कारण पहले से ही बढ़ी हुई थी।

दो दिन पहले पूर्णिया जिला निवासी राज मिस्त्री मो. मुजाहिद की हत्या कारगिल में कुछ अपराधियों ने ईंट से कूचकर कर दी। हालांकि इस घटना को आतंकियों ने अंजाम दिया है, यह स्पष्ट नहीं हुआ है। इस घटना के बाद से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में रह रहे बिहार के मजदूरों में भी डर घर कर गया है। यहां भी कोसी-सीमांचल के सैकड़ों मजदूर रहते हैं।

डगरूआ के करियात गांव निवासी मुजाहिद का शव भी पूर्णिया पहुंचने ही वाला है। बायसी के मो. मकसूद ने बताया कि उनके दो बेटे चार महीने से लेह में हैं। एक पुत्र पर पहले भी हमला हो चुका है। वापसी मुश्किल हो रही है।


जम्मू कश्मीर में इस महीने 11 गैर कश्मीरियों की हत्या!

जम्मू-कश्मीर में स्थिति तनावपूर्ण है क्योंकि आतंकवादी क्रूर हमलों में आम नागरिकों को लगातार निशाना बना रहे हैं। कई पीड़ितों के गैर मुस्लिम अल्पसंख्यक या गैर-स्थानीय होने के कारण, इन हमलों ने नागरिकों में भय पैदा कर दिया है।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना द्वारा पिछले एक महीने में कम से कम 11 हत्याओं के कारण आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिकफ सफाई अभियान की शुरुआत कर दी है। इस बीच जम्मू कश्मीर पुलिस ने निर्देश जारी किया है कि गैर कश्मीरी मजदूरों को सुरक्षाबलों के कैम्प में सुरक्षित रखने की बात कही गई है।


जम्मू-कश्मीर में स्थिति तनावपूर्ण है क्योंकि आतंकवादी क्रूर हमलों में आम नागरिकों को लगातार निशाना बना रहे हैं। कई पीड़ितों के गैर मुस्लिम अल्पसंख्यक या गैर-स्थानीय होने के कारण, इन हमलों ने नागरिकों में भय पैदा कर दिया है।

पिछले सप्ताह हुए हमलों के सिलसिले में 700 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए कई ऑपरेशन भी शुरू किए हैं। ऑपरेशन के दौरान कई सैनिक भी शहीद हुए हैं।

रविवार को बिहार के दो और गैर-स्थानीय मजदूरों की कुलगाम में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। एक के किराए की दुकान पर गोलियां चलाईं गईं। 

इस महीने इन गैर कश्मीरियों की हुई हत्या


मोहम्मद शफी डार: इस महीने की शुरुआत में मोहम्मद शफी डार की आतंकवादियों ने हत्या कर दी। डार को 2 अक्टूबर को सुरक्षा बलों के साथ कथित संबंधों के कारण आतंकवादियों ने मार दिया था।

माजिद अहमद गोजरी: श्रीनगर के छत्ताबल निवासी गोजरी की 2 अक्टूबर को करण नगर इलाके में मदीना कॉम्प्लेक्स के पास आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसे पास के अस्पताल ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। उन पर सुरक्षा बलों की मदद करने का भी संदेह था।

माखन लाल बिंदू: एक प्रमुख कश्मीरी पंडित, माखन लाल बिंदरू की 5 अक्टूबर को श्रीनगर में उनकी फार्मेसी में बिंदु-रिक्त सीमा पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्हें भी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बिंदरू 68 वर्ष के थे। वह और उनका परिवार 1990 के दशक में कश्मीर में रह रहा था। 

वीरेंद्र पासवान: श्रीनगर के लाल बाजार में एक स्ट्रीट फूड विक्रेता की उसी दिन गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिस दिन बिंदरू की हत्या हुई थी। पासवान बिहार के भागलपुर के रहने वाले थे।

मोहम्मद शफी लोन: बांदीपोरा में एक टैक्सी स्टैंड के अध्यक्ष और कैब चालक, शफी की उसी दिन गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिस दिन बिंदू और पासवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शफी को मारने के बाद भाग रहे लश्कर के आतंकवादी इम्तियाज अहमद डार को कुछ दिनों बाद एक ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने मार गिराया।

सुपिन्दर कौर: श्रीनगर के एक सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल कौर की 7 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी। कौर ईदगाह इलाके के गवर्नमेंट बॉयज़ हायर सेकेंडरी स्कूल में थी। आतंकवादियों ने परिसर में धावा बोल दिया और उन्हें गोली मार दी।

दीपक चंद: सुपिन्दर कौर के स्कूल में शिक्षक, चंद जम्मू के एक हिंदू थे। उसी दिन सुबह करीब 11 बजे स्कूल में उनकी भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।


सगीर अहमद: उत्तर प्रदेश के एक बढ़ई सगीर अहमद की 16 अक्टूबर को पुलवामा में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अहमद सहारनपुर का रहने वाला था और शनिवार को हुए हमले के बाद उसकी हालत नाजुक थी। इसके तुरंत बाद उनकी मृत्यु हो गई।

अरबिंद कुमार शाह: आतंकवादियों ने शनिवार को श्रीनगर में गोल-गप्पे बेचने वाले शाह की गोली मारकर हत्या कर दी। वह बिहार के बांका का रहने वाला था। वह 30 साल का था। वह शहर के ईदगाह इलाके में एक पार्क के बाहर गोल-गप्पे बेच रहा था, जब उसकी हत्या कर दी गई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने परिवार के लिए 2 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।

राजा रेशी देव: बिहार के एक मजदूर देव की आज कुलगाम के वानपोह में किराए की दुकान में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

जोगिंदर रेशी देव : आतंकवादियों ने आज उसी दुकान पर राजा देव के साथ रह रहे जोगिंदर की भी गोली मारकर हत्या कर दी। आतंकवादियों ने दुकान पर धावा बोल दिया और गोलियां चला दीं, जिसमें बिहार के जोगिंदर और राजा दोनों की मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। घटना पूर्व विधायक के आवास के पास हुई।


लखीमपुर हिंसा के विरोध में आज देशभर में किसानों का 'रेल रोको' प्रदर्शन

यूपी के लखीमपुर खीरी में हाल में हुई हिंसा के खिलाफ आज किसान देशव्यापी रेल रोको प्रदर्शन करेंगे। किसानों के प्रदर्शन का असर कई ट्रेनों पर पड़ने वाला है।

नई दिल्ली: यूपी के लखीमपुर खीरी में  हाल में हुई  हिंसा के खिलाफ आज किसान देशव्यापी रेल रोको प्रदर्शन करेंगे। किसानों के प्रदर्शन का असर कई ट्रेनों पर पड़ने वाला है।


संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने ऐलान किया कि लखीमपुर खीरी घटना के सिलसिले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने और गिरफ्तार करने की मांग को लेकर 18 अक्टूबर यानि सोमवार को देश भर में 'रेल रोको' विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 


केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान संघों ने कहा, लखीमपुर खीरी मामले में जब तक न्याय नहीं मिल जाता तब तक विरोध जारी रहेगा। एसकेएम ने 'रेल रोको' विरोध के दौरान कहा, सभी ट्रेन यातायात को रोक दिया जाएगा। कार्यक्रम सोमवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक छह घंटे तक प्रभावी रहेगा। 


लखीमपुर खीरी हत्याकांड में न्याय की मांग कर रहे एसकेएम ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की अपनी मांग को फिर दोहराया है। हालांकि एसकेएम ने रेल रोको अभियान के दौरान सभी लोगों से शांतिपूर्ण तरीके विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है। कहा है कि सरकार की संपत्ति को नुकसान पहुंचाए विरोध प्रदर्शन को सफल बनाया जाएगा।


गौरतलब है कि बीते 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में भाजपा सरकार के काफिले की गाड़ियों की चपेट में आकर चार किसानों की मौत हो गई थी। जिसके बाद हिंसा हुई और चार और लोगों की हत्या कर दी गई। इस प्रकरण में किसानों का दावा है कि किसानों को कुचलने वाली गाड़ी पर केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष सवार थे। इस मामले में आशीष मिश्रा को 9 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। 


जम्मू कश्मीर: गैर कश्मीरी मजदूरों को सुरक्षाबलों के कैम्प में लाने के आदेश, दहशगर्दों के खिलाफ 'सफाई अभियान' शुरू करने की तैयारी में सेना

खबर है कि सुरक्षाबलों द्वारा दहशतगर्दों का अंत करने के लिए व कश्मीर घाटी को नरक बनाने से बचाने के लिए आतंकियों के खिलाफ 'बड़ा सफाई अभियान' चलाने जा रही है।

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर पुलिस ने एक बड़ा फैसला लिया है कि सभी गैर कश्मीरी मजदूरों को तुरंत सुरक्षाबलों के कैम्प में सुरक्षित लाकर रखा जाए। वहीं, खबर है कि सुरक्षाबलों द्वारा दहशतगर्दों का अंत करने के लिए व कश्मीर घाटी को नरक बनाने से बचाने के लिए आतंकियों के खिलाफ 'बड़ा सफाई अभियान' चलाने जा रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक, कश्मीर घाटी में गैर-कश्मीरियों पर हो रहे ताबड़तोड़ हमलों के बाद पुलिस ने राज्य के सभी जिला पुलिस प्रमुखों को आदेश दिया है कि सभी गैर-स्थानीय मजदूरों को तुरंत नजदीकी पुलिस और सेना के कैंपों में लाया जाए। रविवार को कुलगाम में 3 बिहारी मजदूरों को गोली मारे जाने के तुरंत बाद यह फैसला लिया गया है। 24 घंटे के भीतर आतंकियों ने 5 मजदूरों को निशाना बनाया है, जिनमें से 4 बिहार और 1 यूपी से हैं।


बंगाल, महाराष्ट्र, मप्र और गुजरात के जंगलों में ठिकाना बनाने की फिराक में आतंकी संगठन IS-K

खबर है कि आतंकी संगठन आईएस -के महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल के जंगलों को अपना ठिकाना बनाने की तैयारी में जुटा है। उसे यह प्रेरणा नक्सलियों से मिली है।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान का राज स्थापित होने के बाद आतंकी भारत में अपना ठिकाना बनाने की फिराक में हैं। आतंकियों का आका पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई लगातार भारत में घुसपैठियों की घुसपैठ कराने का प्रयास कर चुका है।

अफगान में तालिबान राज आने के बाद पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान द्वारा भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराए जाने का सैकड़ों बार असफल प्रयास किया जा चुका है। लेकिन अब एक और चौकाने  वाली खबर सामने आ रही है। खबर है कि आतंकी संगठन आईएस -के महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल के जंगलों को अपना ठिकाना बनाने की तैयारी में जुटा है। उसे यह प्रेरणा नक्सलियों से मिली है।



अफगानिस्तान में सक्रिय इस्लामिक स्टेट-खुरासान (आइएस-के) के आतंकी भारत में बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के जंगलों में ट्रेनिंग कैंप बनाना चाहते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआइए) द्वारा गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में इसका पता चला है। पिछले महीने बेंगलुरु में आइएस के मामले में दाखिल एक चार्जशीट में एनआइए ने इसका उल्लेख किया है।


वैसे एनआइए ने स्पष्ट किया है कि आइएस का यह प्लान सिर्फ कागजों तक सीमित है और इसे अमल में लाने के पहले ही आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एनआइए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आइएस आतंकियों ने अपने कैंप के लिए मध्य प्रदेश, बंगाल, महाराष्ट्र और गुजरात के जंगलों को क्यों चुना, इसका कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया है। 

उन्होंने कहा कि अल हिंद नाम से भारत में सक्रिय आइएस के गिरफ्तार आतंकियों के अनुसार बंगाल के वर्धमान, गुजरात के जामबुसर और महाराष्ट्र के रत्नागिरी के जंगलों को इसके लिए चुना गया था। वहीं मध्य प्रदेश के इलाके के बारे में वह साफ-साफ नहीं बता पाए।

आइएस के गिरफ्तार आतंकियों का मानना था कि भारत में नक्सली लंबे समय से जंगलों में अपना बेस बनाकर सक्रिय हैं और उन्हीं की तर्ज पर आइएस का भी बेस तैयार किया जा सकता है। इसके लिए स्थानीय युवाओं की आनलाइन भर्ती की भी तैयारी थी। लेकिन इन इलाकों से अभी तक किसी स्थानीय युवा के आइएस में शामिल होने की बात सामने नहीं आई है।


जम्मू कश्मीर में नहीं थम रहा गैर कश्मीरियों पर हमला, अब 3 और लोगों को दहशतगर्दों ने गोलियों से भूना

इस घटना में गैर कश्मीरी दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक घायल हो गया है। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है।

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में एक बार फिर से गैर कश्मीरी की गोलियों से भूनकर हत्या की गई है। इस बार दहशतगर्दों ने तीन लोगों पर गोलियां बरसाई है जिसमें से 2 की मौत हो गई है।


जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की ओर से आम नागरिकों को निशाना बनाने का सिलसिल टूट नहीं रहा है। रविवार को कुलगाम के वानपोह इलाके में आतंकियों ने घर में घुसकर मंजदूरों पर अंधाधुंध फायरिंग की। इस घटना में गैर कश्मीरी दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक घायल हो गया है। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। 


सीआईडी सूत्रों के हवाले से खबर है कि आतंकियों ने जिन तीन गैर कश्मीर मजदूरों पर गोलियां चलाई है वो बिहार के रहने वाले हैं। तीन में से दो राजा रेशी देव और जोगिंदर रेशी देव की मौत हो गई है जबकि एक चुनचुन रेशी देव घायल हैं। बता दें कि यह लगातार दूसरा दिन है जब आतंकियों ने गैर कश्मीरी मजदूरों को निशाना बनाया गया है। इन दो दिनों में आतंकियों ने अब तक कुल चार गैर-कश्मीरी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर चुके हैं।


इससे पहले शनिवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और पुलवामा जिले अलग-अलग घटनाओं में आतंकवादियों ने दो गैर स्थानीय लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना को लेकर पुलिस अधिकारी ने बताया था कि मूल रूप से बिहार के बांका जिले के रहने वाले अरविंद कुमार साह (30) को आतंकवादियों ने शनिवार शाम को श्रीनगर में ईदगाह के पास पार्क के बाहर गोली मारी थी।


AIIMS स्टूडेंट्स ने रामायण के किरदारों के साथ किया 'अभद्र अभिनय', वीडियो वायरल होने के बाद मांगी माफी

इन छात्रों पर कथित तौर पर अभद्रता करने और रामायण के किरदारों का मजाक उड़ाने का आरोप है। इसे लेकर जहां सोशल मीडिया में इनकी जमकर खिंचाई की जा रही है, वहीं इनकी गिरफ्तारी की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।

नई दिल्ली: दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कुछ छात्रों द्वारा रामलीला मंचन करना अब विवादों में घिर गया है।


इन छात्रों पर कथित तौर पर अभद्रता करने और रामायण के किरदारों का मजाक उड़ाने का आरोप है। इसे लेकर जहां सोशल मीडिया में इनकी जमकर खिंचाई की जा रही है, वहीं इनकी गिरफ्तारी की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।


एम्स के कुछ छात्रों द्वारा किए गए रामलीला मंचन की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं। इस पर एम्स स्टूडेंट एसोसिएशन ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि छात्रों की ओर से हम इस नाटक के संचालन के लिए क्षमा चाहते हैं, जिसका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी कोई गतिविधि न हो।

बता दें कि, रामलीला नाटक के दौरान राम-लक्ष्मण और शूर्पणखा के संवाद वाली यह वीडियो क्लिप जैसी ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, उसे देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद तो #ArrestAIIMSCulprits और #AntiHinduUnacademy जैसे हैशटैग ट्विटर पर दिनभर ट्रेंडिंग में बने रहे। 

सोशल मीडिया पर पर चल रही इन खबरों में बताया जा रहा है कि इस नाटक का मंचन शोएब आफताब नाम के छात्र द्वारा किया गया था, जिसने जान-बूझकर हिन्दू धर्म की आस्था का मजाक उड़ाते हुए अपमान किया है।


प्रदूषण से जंग: दिल्ली में सोमवार से 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान की होगी शुरुआत

दिल्ली पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण है लेकिन दिल्ली के बाहर के राज्यों में पराली जलने की जो घटनाएं शुरू होती हैं, वे ठंड के समय में दिल्ली के प्रदूषण को खतरनाक स्थिति में पहुंचा देती हैं। जिसकी शुरुआत हो चुकी है, यह दिख रहा है। कल से हम दिल्ली में गाड़ियों के द्वारा फैलने वाले प्रदूषण के ख़िलाफ़ "रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ" अभियान की शुरुआत कर रहे हैं।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार से प्रदूषण के खिलाफ 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान की शुरुआत होने जा रहा है। 


दिल्ली पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण है लेकिन दिल्ली के बाहर के राज्यों में पराली जलने की जो घटनाएं शुरू होती हैं, वे ठंड के समय में दिल्ली के प्रदूषण को खतरनाक स्थिति में पहुंचा देती हैं। जिसकी शुरुआत हो चुकी है, यह दिख रहा है। कल से हम दिल्ली में गाड़ियों के द्वारा फैलने वाले प्रदूषण के ख़िलाफ़ "रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ" अभियान की शुरुआत कर रहे हैं।


उन्होंने आगे कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए हम पूरी दिल्ली में "एंटी डस्ट कैंपेन" चला रहे हैं। प्रदूषण फैलाने की गतिविधियों के ख़िलाफ़ अब तक 1,000 जगहों पर छापा मारकर लगभग 70 लाख रुपए का ज़ुर्माना लगाया गया है।


मौसम समाचार: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश, हर तरफ छाया अंधेरा

दोपहर को अचानक आसमान में बादल छा गए। इसके कारण दिन में अंधेरा छा गया। लोगों को सड़कों पर वाहनों की लाइट ऑन करनी पड़ी। दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है।

नई दिल्ली: आज दिल्ली एनसीआर में सुबह से ही बारिश हो रही है। भारी बारिश की वजह से जर तरफ अंधेरा सा छाया हुआ है। दोपहर को अचानक आसमान में बादल छा गए। इसके कारण दिन में अंधेरा छा गया। लोगों को सड़कों पर वाहनों की लाइट ऑन करनी पड़ी। दिल्ली एनसीआर  के कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। 


बादलों की वजह से दिन के समय भी तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 18 अक्टूबर यानी सोमवार को भी हल्की बारिश होगी। इसके बाद मौसम शुष्क हो जाएगा, लेकिन न्यूनतम तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी जिसकी वजह से सर्दी का एहसास भी होगा।


वहीं उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से रेड अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी के मुताबिक आज हिमाचल प्रदेश के शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर और मंडी जिलों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 


समाचार लिखे जाने के  समय  दिल्ली सहित एनसीआर के लोनी देहात, हिंडन एएफ स्टेशन, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला, नोएडा के कई स्थानों पर और आसपास के क्षेत्रों गरज चमक व तेज हवा के साथ भारी बारिश हो रही है। 

इसके अलावा दादरी, ग्रेटर नोएडा हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, मानेसर, बल्लभगढ़ यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, नरवाना, फतेहाबाद, आदमपुर, हिसार, सिवानी, सोनीपत, खरखोदा, मट्टनहेल, झज्जर, फरुखनगर, कोसली, सोहाना, रेवाड़ी, पलवल, बावल, नूंह, औरंगाबाद , होडल व यूपी के सहारनपुर, गंगोह, देवबंद, नजीबाबाद, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, खतौली, सकोटी टांडा, हस्तिनापुर, चांदपुर, बड़ौत, दौराला, बागपत, मेरठ, खेकरा, मोदीनगर, किठौर, अमरोहा, गढ़मुक्तेश्वर, पिलाखुआ, हापुड़, गुलाटी, सियाना, संभल, सिकंदराबाद, बुलंद, सिकंदराबाद , जहांगीराबाद, अनूपशहर, बहाजोई, शिकारपुर, खुर्जा, पहासू, देबाई, नरौरा, गभाना, जट्टारी, खैर, नंदगांव, बरसाना, राया, हाथरस, मथुरा, जलेसर, एटा, सादाबाद, टूंडला, आगरा, फिरोजाबाद व राजस्थान के भद्रा, सिद्धमुख, भिवाड़ी, तिजारा, खैरथल, अलवर, नगर, डीग, लक्ष्मणगढ़, नदबई, भरतपुर, महावा में बारिश हो रही है।


केरल में बाढ़ से तबाही, अबतक 18 लोगों की मौत, अमित शाह ने कहा-'हर संभव करेंगे मदद'

केरल में भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से अबतक 18 लोगों की मौत हो गई है। राज्य में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

नई दिल्ली: केरल में भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से अबतक 18 लोगों की मौत हो गई है। राज्य में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा है कि केरल में भारी बारिश की वजह से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग लापता हैं। केरल में आए इस संकट के बीच केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को हर संभव मदद देने का भरोसा जताया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को केरल में जरूरतमंद लोगों के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। अमित शाह ने ट्विटर पर कहा कि केंद्र स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। बताया जा रहा है कि केरल बाढ़ में मरने वालों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। 


गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, 'हम भारी बारिश और बाढ़ के मद्देनजर केरल के कुछ हिस्सों में स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। केंद्र सरकार जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हर संभव मदद करेगी। बचाव कार्यों में सहायता के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को पहले ही भेजा जा चुका है। सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं।'


बारिश के कारण भयावह हुई स्थिति के मद्देनजर राहत और बचाव कार्य के लिए सेना उतर चुकी है। देश के इस दक्षिणी राज्य में बारिश जनित घटनाओं की वजह से कई लोग घायल हुए हैं, जबकि कई विस्थापित हुए हैं। राज्य के अधिकतर बांध अपनी पूरी क्षमता से भर चुके हैं और भूस्खलन की वजह से पहाड़ों में बसे कई छोटे कस्बे और गांव शेष दुनिया से कट गए हैं।


महंगाई की मार ! राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों में बढ़े सब्जियों के दाम

देश में महंगाई आपमे चरम पर है। पेट्रोल डीजल से लेकर खाने पीने तक की सभी चीजें महंगी हो गई हैं। वहीं, सब्जियों की कीमतों में भी आग लगी हुई है।

नई दिल्ली: देश में महंगाई  अपने चरम पर है। पेट्रोल डीजल से लेकर खाने पीने तक की सभी चीजें महंगी हो गई हैं। वहीं, सब्जियों की कीमतों में भी आग लगी हुई है।

राजधानी दिल्ली में सब्ज़ियों के दाम बढ़ गए हैं। गाज़ीपुर मंडी में एक सब्ज़ी विक्रेता ने बताया, "भारी बारिश और तेल के दाम बढ़ने से भी सब्ज़ियों के दाम बढ़ रहे हैं। 2-3 हफ्ते पहले प्याज 28-30 रुपए किलो था अब 45-46 रुपए किलो बिक रहा है। हम भी प्याज महंगा ही खरीद रहे हैं।" 

वहीं, कानपुर में सब्ज़ियों के दामों में बढ़ोतरी हुई है। एक महिला ग्राहक ने बताया, "सब्ज़ियां पहले से काफ़ी महंगी हो गई हैं। तरोई, भिंडी, आलू, प्याज और सभी सब्ज़ियों के दाम पहले से ज़्यादा बढ़ गए हैं।" 

कुछ दिनों पहले जिले में हुई अनवरत बारिश से खेतों में सब्जियों का उत्पादन भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। सब्जियां खेतों में खराब हो जाने से पहले तो किसानों को नुकसान हुआ और अब सब्जी की आवक मंडी में कम होने से सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच रहे हैं। 10 दिनों में कई तरह की सब्जियों के दाम दो गुना तक हो गये हैं। 

सबसे ज्यादा महंगाई का तड़का टमाटर, तरोई, गोभी, गिलकी के दामों में है, ये सभी सब्जियां 50 रुपये किलो से कम पर नहीं मिल रही हैं। मंडी से लेकर गली-मोहल्लों में पहुंचने वाली सब्जियों में 20 रुपये किलो की कम की कोई सब्जी नहीं है।

सबसे ज्यादा तेजी टमाटर के दामों में हो रही है। 10 दिन में ही टमाटर के भाव 10 रुपए से बढ़कर 60 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। 20 रुपये किलो बिक रही गिलकी भी 50 रुपये तक बिक रही है। ग्वारफली, तरोई, गोभी, बैंगन के दाम 50 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गये है। सब्जी के साथ मुफ्त मिलने वाला धनिया-मिर्ची के दामों में भी तेजी है।


जम्मू कश्मीर: आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान बीत 6 दिन में 2 जेसीओ समेत 9 जवान शहीद

शनिवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान एक जेसीओ सहित 2 सैनिकों के शव मिले। छह दिन से चल रहे इस एनकाउंटर में अब तक 9 सैनिक सर्वोच्च बलिदान कर चुके हैं, जिनमें 2 जेसीओ शामिल हैं।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के राजौरी-पुंछ जिलों की सीमा पर घने जंगल में पिछले छह दिन से चल रहे एनकाउंटर में दो और सैनिक शहीद हो गए हैं। शनिवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान एक जेसीओ सहित 2 सैनिकों के शव मिले। छह दिन से चल रहे इस एनकाउंटर में अब तक 9 सैनिक सर्वोच्च बलिदान कर चुके हैं, जिनमें 2 जेसीओ शामिल हैं। 

पुंछ के सुरनकोट जंगल में यह एनकाउंटर सोमवार को शुरू हुआ था, जोकि बाद में राजौरी के थानामंडी से पुंछ के मेंढर तक फैल गया। अधिकारियों ने बताया कि एक जेसीओ और एक जवान का शव मेंढर के नार खास वन क्षेत्र में उस स्थान के पास से मिले जहां गुरुवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। 

इस दौरान जान गंवाने वाले जवानों की संख्या अब बढ़कर चार हो गई है। इससे पहले राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी और योगंबर सिंह की नार खास वन में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद होने की पुष्टि हुई थी। नेगी और सिंह दोनों उत्तराखंड के थे।


अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले 11 अक्टूबर को एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) समेत सेना के 5 जवान उस वक्त शहीद हो गए जब आतंकवादियों ने पुंछ के सुरनकोट वन में सेना के एक गश्ती दल पर हमला कर दिया था। उसी दिन राजौरी के थानामंडी जंगल में फरार आतंकवादियों और सेना के तलाश दल के बीच मुठभेड़ हुई थी।


अधिकारियों ने बताया कि मेंढर से थानामंडी तक के पूरे वन क्षेत्र की कड़ी घेराबंदी कर दी गयी है और आतंकवादियों का पता लगाने के लिए व्यापक तलाश अभियान चलाया गया है। आतंकवादी घेराबंदी से बचने की कोशिश में एक जगह से दूसरी जगह जा रहे हैं। 

राजौरी-पुंछ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक विवेक गुप्ता ने मंगलवार को बताया था कि पुंछ में सुरक्षाबलों पर हमले में शामिल आतंकवादी पिछले दो से तीन महीनों से इलाके में मौजूद थे।
     
जम्मू क्षेत्र के राजौरी और पुंछ क्षेत्रों में इस साल जून के बाद से घुसपैठ की कोशिशें बढ़ गईं हैं। अलग-अलग मुठभेड़ों में 9 आतंकवादी मारे जा चुके हैं। इस बीच, एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि राइफलमैन नेगी और सिंह के पार्थिव शरीर शनिवार सुबह विमान से उत्तराखंड ले जाए गए। हवाईअड्डे से जवानों का पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से उनके गृह नगर ले जाए जाएंगे और पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।


जम्मू कश्मीर में आतंकियों ने एक और गैर कश्मीरी की हत्या की

आतंकवादियों ने श्रीनगर के ईदगाह इलाके में एक गोलगप्पे वाले की गोली मारकर हत्या कर दी है।

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में आतंकियों की कायराना हरकत जारी है। एक बार फिर गैर कश्मीरी को निशाना बनाकर हमला किया गया है। आतंकवादियों ने श्रीनगर के ईदगाह इलाके में एक गोलगप्पे वाले की गोली मारकर हत्या कर दी है। 


आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि गैर-स्थानीय वेंडर अरविंद कुमार की ईदगाह इलाके में आतंकियों ने हत्या कर दी है। पाकिस्तानी साजिश के मुताबिक, हाल ही में आतंकियों ने कई गैर-मुस्लिम और गैर-कश्मीरी लोगों की जान ली है। 5 अक्टूबर को श्रीनगर में बिहार के एक रेहड़ी वाले की हत्या कर दी गई थी। सितंबर में कुलगाम के नेहामा इलाके में आतंकियों ने बिहार के एक मजदूर की हत्या कर दी थी।


बता दें कि इसी महीने आतंकियों ने 7 नागरिकों की हत्या कर दी है। इनमें से 5 अल्पसंख्यक समुदाय से हैं और छह हत्याएं ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीगर में हुई हैं। 


पिछले सप्ताह श्रीनगर के एक सरकारी स्कूल के अंदर महिला प्रधानाध्यापक और एक शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रमुख कश्मीरी पंडित और श्रीनगर की सबसे प्रसिद्ध फार्मेसी के मालिक माखन लाल बिंदू की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 

एक 'चाट' विक्रेता, बिहार के वीरेंद्र पासवान और एक अन्य नागरिक, मोहम्मद शफी लोन की भी आतंकियों ने जान ले ली थई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2021 में अब तक कुल 29 नागरिकों को आतंकवादियों ने मार गिराया है।


सिंधु बॉर्डर पर युवक की हत्या का मामला पहुंचा SC, याचिकाकर्ता ने आंदोलनकारियों पर लगाया कानून का उल्लंघन करने का आरोप

नई दिल्ली: दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर किसानों के धरना स्थल के मंच के पास शुक्रवार को हुई एक व्यक्ति की निर्मम हत्या का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से इस निर्मम हत्या समेत पूर्व की कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए प्रदर्शनकारी किसानों को हटाने की मांग करने वाली पहले से दाखिल एक याचिका पर शीघ्र सुनवाई की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता स्वाति गोयल एवं संजीव नेवार की ओर से वकील शशांक शेखर झा ने अदालत से आवेदन कर शीघ्र सुनवाई की गुहार लगाई है। आवेदन में कहा गया है कि केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे आंदोलनकारी कानून का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। वे कोविड-19 के दिशानिर्देशों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इसकी वजह से अन्य लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। याचिका में कहा गया है कि आंदोलन की वजह से रोजमर्रा की परेशानियों के अलावा कई अमानवीय घटनाएं सामने आई है।

बता दें कि, शुक्रवार को लखबीर सिंह नामक एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया। इससे पहले एक महिला के साथ बलात्कार, लाल किले की प्राचीर पर धार्मिक झंडा फहराना, प्रदर्शन के दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हुई हैं।

झा का कहना है विभिन्न कारणों से रिट याचिका पर सुनवाई कई महीनों से टल रही है। यह मामला व्यापक जनहित से जुड़ा हुआ है। लिहाजा इस पर तत्काल सुनवाई की मांग अदालत से की गई है।

उन्होंने बताया कि याचिका पर 10 मई 2021 को सुनवाई होनी थी, जो 13 मई के लिए टल गई। इसके बाद 31 मई को सुनवाई होनी थी, फिर यह मामला 12 जुलाई के लिए टल गई। इस प्रकार लगातार किसी न किसी कारण से अब तक सुनवाई टलती रही है। इसी वजह से याचिका पर शीघ्र सुनवाई की मांग के लिए विशेष उल्लेख के तहत अदालत से आवेदन किया गया है।

सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार को पंजाब के तरनतारन जिले के निवासी लखबीर सिंह हत्या कर दी गई। उसका शव धरना-प्रदर्शन स्थल से कुछ दूरी पर बैरिकेड से लटका मिला था। मृतक का एक हाथ कटा हुआ मिला। मृतक का संबंध निहंग समूह से बताया जाता है। हत्या की वजह एक धर्म ग्रंथ की बेअदबी को लेकर हुआ विवाद माना जा रहा है।

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे संयुक्त  किसान मोर्चा ने हत्या घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और इसके पीछे षड्यंत्र की जांच करने की मांग सरकार से की है। 


जम्मू-कश्मीर में जारी है आतंकियों के खिलाफ सेना का सफाई अभियान, लश्कर का खूंखार कमांडर उमर मुश्ताक ढेर, टॉप 10 आतंकियों में था शामिल

पांपोर एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर उमर मुश्ताक खांडे को मार गिराया है। उसका एक अन्य साथी भी ढेर कर दिया गया है। एनकाउंटर के बाद मौके से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है। सर्च अभियान अभी जारी है।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने सिविलियंस को निशाना बनाकर बैठे-बिठाए अपने काल को और करीब बुला लिया है। लगातार सेना आतंकियों के खिलाफ सफाई अभियान चलाए हुए हैं। खबर है कि सुरक्षाबलों ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के खूंखार कमांडर उमर मुश्ताक को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया है। उमर मुश्ताक का नाम टॉप 10 आतंकियों में शामिल था।

मिली जानकारी के मुताबिक, पांपोर एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर उमर मुश्ताक खांडे को मार गिराया है। उसका एक अन्य साथी भी ढेर कर दिया गया है। एनकाउंटर के बाद मौके से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है। सर्च अभियान अभी जारी है।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के पंपोर इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में वह घिर गया था।  खांडे उन आतंकवादियों में शामिल था, जिन्हें इस साल अगस्त में पुलिस की ओर से जारी एक हिटलिस्ट में रखा गया था। इसके बाद से ही सुरक्षा बलों को उसकी तलाश थी।  
     
आईजीपी (कश्मीर रेंज) विजय कुमार ने ट्वीट किया कि खांडे इस साल की शुरुआत में श्रीनगर जिले के बघाट में दो पुलिसकर्मियों की हत्या की घटना में शामिल था। उन्होंने ट्वीट किया, ''श्रीनगर के बघाट में दो पुलिसकर्मियों की हत्या और आतंकवाद से जुड़े अन्य अपराधों में शामिल शीर्ष 10 आतंकवादियों में शामिल लश्कर का कमांडर उमर मुस्ताक खांडे पंपोर में फंसा है।'' बाद में पुलिस ने सूचना दी कि वह मारा गया है।




जम्मू-कश्मीर: पुलिसकर्मी अर्शीद के हत्यारे समेत दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने किया ढेर

सुरक्षाकर्मियों ने पुलवामा और श्रीनगर में हुए एनकाउंटर में दो आतंकवादियों में दो दहशतगर्दों को ढेर कर दिया। इनमें से एक आम नागरिक का हत्यारा था तो दूसरे ने पिछले दिनों श्रीनगर में पुलिसकर्मी अर्शीद अहमद मीर के सिर में पीछे से गोली मार दी थी।

श्रीनगर: आज सुरक्षाकर्मियों ने पुलवामा और श्रीनगर में हुए एनकाउंटर में दो आतंकवादियों में दो दहशतगर्दों को ढेर कर दिया। इनमें से एक आम नागरिक का हत्यारा था तो दूसरे ने पिछले दिनों श्रीनगर में पुलिसकर्मी अर्शीद अहमद मीर के सिर में पीछे से गोली मार दी थी।


आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि प्रोबेशनरी सब-इंस्पेक्टर अर्शीद के हत्यारे को बेमीना एनकाउंटर में मार गिराया गया है। 12 सितंबर को आतंकी ने श्रीनगर के खानयार इलाके में अर्शीद के सिर में पीछे से गोली मार दी थी। घायल अधिकारी को सौरा के एसकेआईएमएस अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।  यह घटना सीसीटीवी में कैद हुई थी। 

शुक्रवार को ही जम्मू कश्मीर के पुलवामा के वहीबाग इलाके में सुरक्षाबलों ने एक आतंकवादी मारा गया। मारे गए आतंकवादी की पहचान शाहीद बशीर के तौर पर हुई है। बशीर श्रीनगर का रहने वाला बताया जा रहा है। उसने हाल ही में आम नागरिक मोहम्मद साफी डार की हत्या में बशीर भी शामिल था। 

कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने बताया कि इस हत्याकांड में एके-47 रायफल का इस्तेमाल किया गया था। एनकाउंटर में ढेर हुए आतंकवादी के पास से यह घातक हथियार और मैगजीन बरामद किये गये हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अभी भी वहां तीन आतंकवादी घिरे हुए हैं।


जम्मू कश्मीर में गैर मुस्लिमों की हत्या के पीछे ISI का हाथ, 200 लोग टार्गेट पर!

श्रीनगर: हाल ही में जम्मू कश्मीर में आतंकियों द्वारा गैर मुस्लिमों की हत्या के पीछे एक बहुत गहरी साजिश का खुलासा हुआ है। दरअसल, ये सब पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर आतंकियों द्वारा किया गया है।


आने वाले दिनों में इस तरह के हमले और तेज करने की नापाक साजिश रची जा रही है। पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया अजेंसी आईएसआई ने हाल ही में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी संगठनों के नेताओं से मुलाकात की है और उन्हें जम्मू-कश्मीर में और हमले करने को कहा है, जिनमें कश्मीरी पंडितों और गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाने को कहा गया है। 

आईएसआई और आतंकी संगठनों ने अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए ऐसे आतंकियों के इस्तेमाल करने का फैसला किया है जो अभी भारतीय सुरक्षाबलों के निशाने पर नहीं हैं। अलर्ट में कहा गया है कि यह दिखाने के लिए कि हमला घरेलू है, ऐसे कश्मीरी युवकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिनका कोई क्राइम रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन वे आतंकियों के मददगार हैं। इसके लिए पिस्टल, ग्रेनेट आदि को उरी और तंगधार के इलाके से सीमा के इस बार भेजा जा रहा है। खुफिया एजेंसियों को भटकाने के लिए नए आतंकी संगठन इन हमलों की जिम्मेदारी लेंगे। 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह बैठक 21 सितंबर को हुई है। भारतीय खुफिया एजेंसियों को आईएसआई और आतंकी संगठनों के बीच हुई इस गोपनीय बैठक की जानकारी मिली है। इसके मुताबिक, एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि आईएसआई ने बड़ी संख्या में आतंकियों को जम्मू-कश्मीर में लॉन्च करने का प्लान तैयार किया है। आईएसआई ने आतंकियों को टारगेट किलिंग बढ़ाने को कहा है।  


साजिश के तहत पुलिस, सुरक्षाबलों और खुफिया विभाग में काम कर रहे कश्मीरियों पर हमले करने को कहा गया है। गैर-कश्मीरी लोगों और बीजेपी-आरएसएस से जुड़े लोगों को भी निशाना बनाने को कहा गया है। 

अलर्ट के मुताबिक, आईएसआई ने 200 लोगों की हिट लिस्ट तैयार की है, जिनकी हत्या से कश्मीर घाटी में तनाव पैदा किया जा सके। मीडिया कर्मियों के अलावा भारतीय खुफिया एजेंसियों और सुरक्षाबलों के लिए मुखबिरी करने वालों को निशाना बनाने को कहा गया है। कथित तौर पर इस लिस्ट में कई कश्मीरी पंडितों के नाम शामिल हैं जो घाटी में समुदाय की वापसी के लिए सक्रियता से पैरवी कर रहे हैं।  


'मेड इन इंडिया' उपकरणों से लैस होगी सेना, पीएम मोदी ने किया 7 कंपनियों का उद्घाटन

इस मौके पर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ ए.पी.जे अब्दुल कलाम की जयंती है। रक्षा क्षेत्र में आज जो 7 नई कंपनियां उतरने जा रही हैं, वे समर्थ राष्ट्र के उनके संकल्पों को मज़बूती देगी।

नई दिल्ली: रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित 7 नई रक्षा कंपनियों का आज पीएम नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ ए.पी.जे अब्दुल कलाम की जयंती है। रक्षा क्षेत्र में आज जो 7 नई कंपनियां उतरने जा रही हैं, वे समर्थ राष्ट्र के उनके संकल्पों को मज़बूती देगी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 41 ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को नए स्वरूप में किए जाने का निर्णय, 7 नई कंपनियों की ये शुरुआत, देश की इसी संकल्प यात्रा का हिस्सा है। यह निर्णय पिछले 15-20 साल से लटका हुआ था। मुझे पूरा भरोसा है कि ये सभी 7 कंपनियां आने वाले समय में भारत की सैन्य ताक़त का एक बड़ा आधार बनेंगी।

पीएम ने आगे कहा कि विश्व युद्ध के समय भारत की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का दम-खम दुनिया ने देखा था। हमारे पास बेहतर संसाधन होते थे, विश्व स्तरीय कौशल था। आज़ादी के बाद हमें ज़रूरत थी इन फैक्ट्रियों को अपग्रेड करने की, नई तकनीक को अपनाने की, लेकिन इस पर बहुत ध्यान नहीं दिया गया।

उन्होंने आगे कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश का लक्ष्य भारत को अपने दम पर दुनिया की बड़ी सैन्य ताक़त बनाने का है, भारत में आधुनिक सैन्य इंडस्ट्री के विकास का है। पिछले 7 सालों में देश ने ‘मेक इन इंडिया’ के मंत्र के साथ अपने इस संकल्प को आगे बढ़ाने का काम किया है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि कुछ समय पहले ही रक्षा मंत्रालय ने ऐसे 100 से ज्यादा सामरिक उपकरणों की लिस्ट जारी की थी जिन्हें अब बाहर से आयात नहीं किया जाएगा। इन नई कंपनियों के लिए भी देश ने अभी से 65 हजार करोड़ रुपए के ऑर्डर्स दिए हैं। ये हमारी डिफेंस इंडस्ट्री में देश के विश्वास को दिखाता है।


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO परिसर में दशहरा पर किया 'शस्त्र पूजन'

आज पूरे देश में दशहरा को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। मान्यता है कि दशहरे के अवसर पर लोगों को अपने शस्त्र यानी हथियारों की पूजा करनी चाहिए।

नई दिल्ली:  आज पूरे देश में दशहरा को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। मान्यता है कि दशहरे के अवसर पर लोगों को अपने शस्त्र यानी हथियारों की पूजा करनी चाहिए।

ऐसे में आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी डीआरडीओ परिसर में शस्त्र पूजन किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैदिक मंत्रों के बीच शस्त्र पूजन किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि, बुराइयों पर अच्छाइयों की विजय का पर्व है विजयदशमी। मैं सौभाग्य मानता हूं कि PM मोदी द्वारा ऑर्डिनेंस बोर्ड की 7 पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग को राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है। आज एपीजे अब्दुल कलाम साहब का जन्मदिवस भी है, मैं उनकी स्मृति को नमन करता हूं।


'मेड इन इंडिया' हथियारों से लैस होगी भारतीय सेना, आज PM करेंगे 7 कंपनियों का उद्घाटन

पीएम कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड को सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी वाली 7 डिफेंस कंपनियों में तब्दील करने का फैसला लिया गया है। देश को रक्षा संसाधनों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से यह फैसला लिया गया है।

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी विजयदशमी के मौके पर देश को 7 नई डिफेंस कंपनियां समर्पित करेंगे। इसके साथ ही वह रक्षा मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे। इस मौके पर ऱक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कुछ वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। 


पीएम कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड को सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी वाली 7 डिफेंस कंपनियों में तब्दील करने का फैसला लिया गया है। देश को रक्षा संसाधनों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से यह फैसला लिया गया है। पीएमओ ने कहा कि इस फैसले से देश में आयुध निर्माण की दिशा में लगी कंपनियों को स्वायत्ता मिलेगी और उनकी क्षमता में इजाफा होगा।


केंद्र सरकार की ओर से जिन 7 नई डिफेंस कंपनियों को बनाने का प्रस्ताव दिया गया है, उनमें म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड, आर्मर्ड वीकल्स निगम लिमिटेड, अडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड शामिल हैं। इसकेअलावा ट्रूप्स कम्फर्ट्स लिमिटेड, यंत्र इंडिया लिमिटेड, इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड शामिल हैं। 

बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी अकसर भारत में ही हथियारों एवं जरूरी सैन्य संसाधनों को निर्माण पर जोर देते रहे हैं। सरकार का मानना है कि इससे मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा और रक्षा संसाधनों के मामले में देश आत्मनिर्भर हो सकेगा।


बांग्लादेश में मां दुर्गा के पंडालों में तोड़फोड़ के मामले में बांग्लादेशी सरकार के एक्शन से खुश है भारत

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बगाची ने कहा कि हमें बांग्लादेश में धार्मिक आयोजनों के दौरान आक्रमण की कुछ परेशान करने वाली घटनाओं की रिपोर्ट मिली है। बांग्लादेश सरकार ने क़ानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तैनाती सहित तुरंत कदम उठाए हैं।

नई दिल्ली: आज बांग्लादेश में कुछ दुर्गा पांडालों  में कट्टरपंथियों ने तोड़फोड़ की। जिसके बाद बांग्लादेश सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए कार्यवाई शुरू कर दी। भारत ने बांग्लादेश सरकार के एक्शन की तारीफ की है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बगाची ने कहा कि हमें बांग्लादेश में धार्मिक आयोजनों के दौरान आक्रमण की कुछ परेशान करने वाली घटनाओं की रिपोर्ट मिली है। बांग्लादेश सरकार ने क़ानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तैनाती सहित तुरंत कदम उठाए हैं।


उन्होंने आगे कहा कि हम बांग्लादेश सरकार के साथ संपर्क में हैं। बांग्लादेश सरकार ने पुलिस और दूसरी सुरक्षा व्यवस्थाएं की हैं। बांग्लादेश में दुर्गा पूजा आयोजन चल रहे हैं, इसमें बांग्लादेश सरकार और जनता का काफी सहयोग रहा है।


वहीं, दूसरे देशों को वैक्सिनेशन सप्लाई पर अरिंदम बगाची ने कहा कि हमने अभी पहले पड़ोसी देशों में वैक्सीन सप्लाई करने का निर्णय लिया है। नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार और ईरान में भारत से वैक्सीन जा चुकी हैं। हमारे वैक्सीन प्रोडक्शन और अपनी घरेलू ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए हम आगे सप्लाई पर फैसला लेंगे।


दिल्ली में छोटी क्लासों के स्कूल खोलने पर DDMA की बैठक में लगी मुहर

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की बुधवार को हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि त्यौहारी मौसम के बाद निचली कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने की अनुमति दी जाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छोटी क्लासों के लिए करीब डेढ़ साल से अधिक समय से बंद चल रहे स्कूल दोबारा खोलने का समय आज फाइनल हो गया। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की बुधवार को हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि त्यौहारी मौसम के बाद निचली कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने की अनुमति दी जाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।


उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मौजूद सूत्रों ने बताया कि डीडीएमए ने कहा कि दिल्ली में कोविड की स्थिति अब अच्छी है, लेकिन आगे भी लगातार एहतियात बरतने चाहिए।

सूत्रों ने कहा कि बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि बाकी कक्षाओं के लिए स्कूल दिवाली के बाद खोले जाएंगे। डीडीएमए ने दिल्ली में नौ से 12वीं कक्षा के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 1 सितंबर को फिर से खोलने की अनुमति दी थी।

उन्होंने कहा कि रामलीला, दशहरा और दुर्गा पूजा जैसे सभी त्योहारों के आयोजन को भी सोशल डिस्टेंसिंंग और मास्क पहनने सहित सभी उचित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के साथ अनुमति दी गई है।

सूत्रों ने कहा कि दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों को कोविड नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है कि त्योहारी सीजन के दौरान होने वाली सभाएं और कार्यक्रम निर्धारित एसओपी के अनुपालन में हों, जिसमें कोई खड़ी भीड़ न हो और प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग हों, बैठने के लिए उचित सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था हो। इसके साथ ही भीड़ को आकर्षित करने वाली गतिविधियों (मेला, स्टॉल और झूले) को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।


चीन पर भारत को नहीं रहा भरोसा, जानिए-इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली:  बार बार वादाखिलाफी करने वाले चीन पर अब किसी भी प्रकार का भरोसा नहीं रह गया है। भारत और चीन के बीच 13वें राउंड की बातचीत के बाद भी बॉर्डर पर तनाव बना हुआ है। 


एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में पूर्वी लद्दाख के लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर टकराव की संभावना और बढ़ सकती है। यह भी संभव है कि बीजिंग बातचीत को नियमित न रखे। 

बॉर्डर पर चीन द्वारा सेना की अधिक तैनाती के बाद से डिसइंगेजमेंट प्लान को लेकर भारत बहुत भरोसा नहीं कर पा रहा है। उलटे चीन ने बॉर्डर पर तनाव को लेकर भारत को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि भारत की मांगें 'अनुचित' हैं।

एक समाचार पत्र की  रिपोर्ट बताती है कि भविष्य में गलवान जैसे हिंसक संघर्ष फिर से हो सकते हैं। प्रिंट ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आने वाली सर्दी भारतीय सैनिकों के लिए मुश्किल भरी हो सकती है। मार्च-अप्रैल 2022 में एक बार फिर बॉर्डर पर हिंसक संघर्ष संभव है। और अबकी चीन अपना नजरिया भी बदलते नजर आ सकता है। 

बता दें कि अप्रैल-मई 2021 से पूर्वी लद्दाख में स्टैंडऑफ की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों ने इसे सुलझाने के लिए तीन स्तर पर काम कर रहे हैं। विदेश मंत्रियों के साथ  ]बातचीत, डिप्लोमैटिक बातचीत और मिलिट्री स्तर पर बातचीत। इस सबके साथ ही दोनों देशों के टॉप सुरक्षा सलाहकारों के बीच भी बातचीत हुई है लेकिन 20 महीने से अधिक बीत जाने के बाद भी मामला सुलझता नहीं दिख रहा है।

हालांकि पैंगोंग त्सो और गोगरा पोस्ट क्षेत्र में डिसइंगेजमेंट हुई है लेकिन हॉट स्प्रिंग्स, देपसांग और डेमचोक इलाके में अब भी गतिरोध जारी है। रिपोर्ट बताती है कि इस सर्दी में एक बार फिर दोनों देश बॉर्डर पर बढ़त की दिशा में आगे बढ़ेंगे लेकिन भारतीय सेना चुनौती का सामना करने को पूरी तरह से तैयार है।


इन राज्यों में 50 किलोमीटर की दूरी तक मिला बीएसएफ को बिना वारंट तलाशी लेने व गिरफ्तारी करने का अधिकार

यह व्यवस्था भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लागू होगी।

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात बीएसएफ को सीमावर्ती राज्यों के 50 किलोमीटर तक के दायरे में बिना वारंट तलाशी लेने और किसी को भी गिरफ्तार करने का अधिकार मिल गया है। आतंकवाद और सीमा पार अपराधों के खिलाफ जीरो टालरेंस (शून्य सहनशीलता) की नीति बनाए रखने के उद्देश्य से, केंद्र ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किमी भीतर तक तलाशी करने, संदिग्धों को गिरफ्तार करने और जब्ती करने का अधिकार दिया है। यह व्यवस्था भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लागू होगी। 


गृह मंत्रालय द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में जारी एक नए आदेश से बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का विस्तार किया गया है। इससे बीएसएफ के अधिकारियों को 10 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कार्रवाई करने की अनुमति मिल गई है।

हालांकि इस आदेश से कुछ राज्यों में प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद पैदा हो सकता है। ताजा आदेश के अनुसार, बीएसएफ, जिसे पंजाब, बंगाल और असम में सीमा से पंद्रह किलोमीटर अंदर तक कार्रवाई करने का अधिकार था, को अब बिना किसी बाधा या अनुमति के 50 किमी भीतर तक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों की तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी की छूट मिल गई है। इसके लिए उसे केंद्र या राज्य सरकारों से कोई अनुमति नहीं लेनी होगी।हालांकि पूर्वोत्तर के पांच राज्यों- मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में इसके अधिकार क्षेत्र में 30 किमी की कटौती की गई है। वहां इसका अधिकार क्षेत्र पहले 80 किमी तक था।

इसी तरह गुजरात में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 80 से घटाकर 50 किमी कर दिया गया है। राजस्थान में, बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र पहले की तरह 50 किमी पर समान रहेगा। सीआरपीसी के तहत बीएसएफ का सबसे निचली रैंक का अधिकारी अब मजिस्ट्रेट के आदेश और वारंट के बिना अपनी शक्तियों और कर्तव्यों के पालन और निर्वहन कर सकता है। 

बीएसएफ अधिकारी को अब ऐसे किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार है जो किसी भी संज्ञेय अपराध में शामिल है, या जिसके खिलाफ उचित शिकायत की गई है, या विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हुई है।


रीजनल प्लान-2041: दिल्ली-एनसीआर में स्मार्ट सड़कें, बुलेट ट्रेन, हेलीटैक्सी... और भी बहुत कुछ

प्लान के तहत झुग्गी मुक्त राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एयर एंबुलेंस, हेलीटैक्सी, रोड, रेल और जलमार्ग के जरिये तेज गति संपर्क की परिकल्पना की गई है।

नई दिल्ली: एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने शहरों के बीच बेहतर संपर्क कायम करने के लिए ड्राफ्ट रीजनल प्लान-2041 को मंजूरी दे दी है। प्लान के तहत झुग्गी मुक्त राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एयर एंबुलेंस, हेलीटैक्सी, रोड, रेल और जलमार्ग के जरिये तेज गति संपर्क की परिकल्पना की गई है। 


आज हुई बैठक में बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, दिल्ली के शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन, राजस्थान के शहरी विकास मंत्री शांति कुमार धारीवाल, उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग और एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।


रीजनल प्लान-2041 का जोर एनसीआर के शहरों को स्मार्ट संपर्क वाले क्षेत्र में बदलने पर है, जिसमें बुलेट ट्रेन, हेलीटैक्सी सेवा और स्मार्ट सड़कें होंगी और क्षेत्र को आर्थिक रूप से संपन्न बनाया जाएगा और यहां की पूरी आधारभूत संरचना नागरिक केंद्रित होगी। इसके लिए पूरे एनसीआर में वायु, रोड, रेल और जल मार्ग से परिवहन को उन्नत बनाया जाएगा।

ड्राफ्ट प्लान में तेज रफ्तार रेल के जरिये 30 मिनट में एनसीआर के बड़े शहरों के बीच आवागमन और मास ट्रांजिट रेल सिस्टम के जरिये एनसीआर के नजदीकी सीमाओं से 30 मिनट में दिल्ली पहुंचने के लिए विशेष उपाय करने पर जोर है। 

एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की मंगलवार को हुई बैठक में इस ड्राफ्ट प्लान को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय शहरी मामले और आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने की। योजना का मसौदा लोगों की राय के लिए जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।

बोर्ड ने जनता की राय के लिए रखे जाने वाले इस ड्राफ्ट में कुछ बदलाव किए हैं। इसकी सोच है कि तय प्रक्रिया के तहत लोगों की राय के अनुसार जरूरी बदलाव करने के बाद ड्राफ्ट योजना का अंतिम रूप मार्च 2022 तक बोर्ड से स्वीकृत करवा लिया जाए। 


ड्राफ्ट में कहा गया है कि पूरे एनसीआर में यात्रा का समय घटाना महत्वपूर्ण है और इसके लिए ये तय किया गया है कि तेज रफ्तार बुलेट ट्रेन या हेलीटैक्सी से एक से दूसरे शहर में 30 मिनट के अंदर, दूसरी ट्रेनों से 60 मिनट के अंदर और दो से तीन घंटे के अंदर कार से पहुंचा जा सके। दिल्ली को एनसीआर के बड़े शहरों से सुपरफास्ट ट्रेन से मात्र 30 मिनट की दूरी पर होना चाहिए। 

ड्राफ्ट में इलेक्ट्रिक परिवहन ढांचे को बढ़ावा देने की भी योजना है। इसके अलावा जल और वायु की गुणवत्ता सुधारने, पर्यावरण संरक्षण, शहरी पुनर्निर्माण, आसान जीवन यापन, झुग्गी मुक्त क्षेत्र, 24 घंटे एयर एंबुलेंस, स्वच्छ और स्मार्ट एनसीआर आदि कुछ और बड़े कदम हैं जिन पर इस योजना में जोर रहेगा।

यह योजना पूरी दिल्ली, उत्तर प्रदेश के आठ जिले, हरियाणा के 14 जिले और राजस्थान के दो जिलों को कवर करता है। कुल मिलाकर बोर्ड के दायरे में 55,083 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र आता है। बोर्ड की योजना है कि इस पूरे क्षेत्र को हेलीटैक्सी से जोड़ा जाए ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। 

ड्राफ्ट के अनुसार हेलीटैक्सी की सेवा हर जिला मुख्यालय और पर्यटन केंद्रों पर उपलब्ध होगी। योजना में प्रस्ताव रखा गया है कि इस क्षेत्र को विश्वस्तरीय विमानन हब में बदला जाएगा और इसके लिए हर जिले में हेलीपोर्ट और एयरपोर्ट बनाए जाएंगे।

रीजनल प्लान-2041 के तहत अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सीमा दिल्ली के राजघाट से 100 किलोमीटर तक तय कर दी गई है। यानी राजघाट से चारों ओर 100 किलोमीटर के दायरे में आने वाले शहर या गांव इस योजना के दायरे में आएंगे। 

इससे पहले ये सीमा 150 से लेकर 175 किलोमीटर तक थी। इसका अर्थ ये है कि अब 100 किलोमीटर के दायरे में ही सड़कों, रेल या हवाई नेटवर्क का विकास किया जाएगा। बोर्ड के सूत्रों ने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ आदि शहर अब भी एनसीआर बोर्ड का अंग रहेंगे।


जम्मू कश्मीर: सिविलियन्स की हत्या करना आतंकियों को पड़ रहा है भारी, जैश का टॉप कमांडर शमा सोफी को भी सुरक्षाबलों ने मार गिराया

कश्मीर घाटी को जन्नत से जहन्नुम बनाने का ख्वाब देख रहे आतंकियों के खिलाफ सेना का सफाई अभियान जारी है। आतंकियों की ओर से नागरिकों और फिर सैनिकों पर घात लगाकर हमला किए जाने की घटनाओं का सुरक्षा बलों ने बदला लेना शुरू कर दिया है।

श्रीनगर: कश्मीर घाटी को जन्नत से जहन्नुम बनाने का ख्वाब देख रहे आतंकियों के खिलाफ सेना का सफाई अभियान जारी है। आतंकियों की ओर से नागरिकों और फिर सैनिकों पर घात लगाकर हमला किए जाने की घटनाओं का सुरक्षा बलों ने बदला लेना शुरू कर दिया है। 


बुधवार को सुरक्षा बलों ने त्राल में हुए एनकाउंटर में जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर शाम सोफी को मार गिराया। जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से सोफी को मार गिराए जाने की जानकारी दी गई है। यही नहीं अब भी आतंकियों से मुठभेड़ जारी है।


बता दें कि आतंकियों  द्वारा पहले तो अल्पसंख्यक हिंदुओं और सिखों की हत्या की गई और फिर सेना के दस्ते पर उस समय घात लगाकर आतंकियों ने हमला किया जब वह सर्च ऑपरेशन के लिए निकले थे। आतंकियो द्वारा किये गए हमले में 1 जेसीओ समेत 5 जवान शहीद हुए थे।


बिजली संकट: पीएम के साथ बिजली व कोयला मंत्री की बैठक, 7 दिन में हालात सही होने की उम्मीद

सूत्रों के मुताबिक़, प्रधानमंत्री ने संकट की स्थिति से निपटने को लेकर किए जा रहे उपायों और आगे की कार्ययोजना की समीक्षा की। दोनों मंत्रियों ने पीएम मोदी को बताया कि देश में कोयले की कोई कमी नहीं है और आने वाले दिनों में हालात सुधरने की उम्मीद है।

नई दिल्ली: देश में इस समय कोयला और बिजली संकट है। कई पावर स्टेशन बं हो चुके हैं। इस बीच मंगलवार को को पीएम नरेंद्र मोदी ने बिजली मंत्री आर के सिंह और कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ बैठक की।  बैठक में दोनों मंत्रियों ने प्रधानमंत्री को कोयले की आपूर्ति की ताज़ा स्थिति के बारे में जानकारी दी। माना जा रहा है कि यह समस्या एक सप्ताह के अंदर ठीक हो जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक़, प्रधानमंत्री ने संकट की स्थिति से निपटने को लेकर किए जा रहे उपायों और आगे की कार्ययोजना की समीक्षा की। दोनों मंत्रियों ने पीएम मोदी को बताया कि देश में कोयले की कोई कमी नहीं है और आने वाले दिनों में हालात सुधरने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री के साथ दोनों मंत्रियों की बैठक से पहले कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने दोनों मंत्रालय के सचिवों के साथ बैठक की।

बैठक में बिजली मंत्रालय के सचिव आलोक कुमार और कोयला मंत्रालय के सचिव अनिल कुमार जैन ने कैबिनेट सचिव के साथ बैठक में कोयला की उपलब्धता और बिजली के ताज़ा हालात पर एक प्रेजेंटेशन दिया। प्रेजेंटेशन में दोनों सचिवों ने बताया कि कोयले की कोई कमी नहीं है लिहाज़ा 7-10 दिनों में बिजली उत्पादन संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति सामान्य होने लगेगी ।  प्रेजेंटेशन में ये भी बताया गया कि पिछले दो दिनों से विद्युत संयंत्रों को 19.20 लाख टन कोयले की आपूर्ति की गई है जबकि मांग 18.70 लाख टन रहा है।

बैठक के बाद कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने एक समाचार चैनल से बातचीत में बताया कि बिजली मंत्रालय की ओर से 21 अक्टूबर से प्रतिदिन 20 लाख टन कोयले की मांग रखी गई। उन्होंने कहा कि बिजली मंत्रालय की मांग के मुताबिक़ ही कोयला मुहैया करवाया जाएगा और अगले 15 - 20 दिनों में संयंत्रों के पास मौजूद कोयले की रिजर्व स्टॉक में बढोत्तरी होने लगेगी । 


जी 20 शिखर सम्मेलन में अफगान को लेकर पीएम मोदी का बड़ा बयान, कहा-'अफगानिस्तान को बदलना है तो मिलकर करना होगा प्रयास'

पीएम मोदी ने कहा कि हर भारतीय भूख और कुपोषण से जूझ रहे अफगानिस्तान नागरिकों के दर्द को समझता है। वहां पर हालात बेहतर करने के लिए सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अनुरूप एकजुट होकर वैश्विक प्रयास करने की जरूरत है।

नई दिल्ली: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी 20 देशों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि अफगानिस्तान की स्थिति में वांछित बदलाव लाने के लिए वह एकजुट होकर प्रयास करे। इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल क्षेत्रीय या वैश्विक रूप से कट्टरपंथ और आतंकवाद के स्रोत के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।

जी-20 के वर्चुअल सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने जोर दिया कि अफगान नागरिकों को तत्काल मानवीय सहायता की जरूरत है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अफगानिस्तान में महिलाओं और अल्पसंख्यकों की भागीदारी के साथ समावेशी प्रशासन की जरूरत को भी रेखांकित किया। 

पीएम मोदी ने कहा कि हर भारतीय भूख और कुपोषण से जूझ रहे अफगानिस्तान नागरिकों के दर्द को समझता है। वहां पर हालात बेहतर करने के लिए सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अनुरूप एकजुट होकर वैश्विक प्रयास करने की जरूरत है।

पीएम मोदी ने इस बात की जानकारी ट्विटर पर भी साझा की। उन्होंने ट्वीट किया कि अफगानिस्तान पर जी-20 के सम्मेलन में भाग लिया। इस बात पर जोर दिया कि अफगानिस्तान की धरती कट्टरपंथ और आतंकवाद का स्रोत नहीं बने। अफगान नागरिकों को तत्काल मानवीय सहायता देने के साथ ही समावेशी प्रशासन का भी आह्वान किया।


दिल्ली पुलिस को मिली पाकिस्तानी आतंकी की 14 दिनों की रिमांड

दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद अशरफ को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आज 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद अशरफ को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आज 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया और उसके पास से हथियार तथा गोला बारूद बरामद किए गए हैं। 

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहने वाले मोहम्मद अशरफ उर्फ अली ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये कई भारतीय पहचान पत्र हासिल कर लिए थे। वह करीब 15 साल से भारतीय नागरिक के तौर पर रह रहा था।

आतंकी के पास से एके-47 राइफल, अन्य हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, अशरफ को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार आतंकवादी का नाम मोहम्मद अशरफ उर्फ अली है। वह मूल रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है। उसने फजीर् दस्तावेजों के आधार पर'अली अहमद नूर'के नाम से यहां का पहचान पत्र हासिल किया था और दिल्ली के शास्त्री नगर कॉलोनी में रह रहा था। स्पेशल सेल ने खुफिया सूचना के आधार पर उसे यमुनापार के लक्ष्मी नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। 


जम्मू कश्मीर: 34 घंटे में 7 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया

पिछले 34 घंटों के भीतर जम्मू-कश्मीर में ये पांचवीं मुठभेड़ है, जिसमें अभी तक सात आतंकी मारे जा चुके हैं।

श्रीनगर: 5 जवानों की शहादत का बदला सुरक्षाबालों ने 7 आतंकियों को मारकर ले लिया है। अभी भी युद्धस्तर पर आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों द्वारा सफाई अभियान चलाया जा रहा है।

शोपियां के तुलरान मेंं द रजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ के तीन आतंकियों को मार गिराने के बाद अब सुरक्षाबलों ने शोपियां के ही फेरीपोरा इलाके में दो आतंकियों को ढेर कर दिया।  फिलहाल मारे गए आतंकियों की पहचान नहीं हो पाई है।

पिछले 34 घंटों के भीतर जम्मू-कश्मीर में ये पांचवीं मुठभेड़ है, जिसमें अभी तक सात आतंकी मारे जा चुके हैं। बता दें कि जिला पुंछ के सुरनकोट के ढेरा दी गली जंगलों में आतंकियों द्वारा घात लगाकर सेना पर किए गए हमले में जेसीओ समेत पांच जवान शहीद हो गए थे।


पुलिस ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों के आधार पर एसओजी, सेना की 34 आरआर और सीआरपीएफ की 14 बटालियन के संयुक्त दल ने फेरीपोरा की घेराबंदी कर जैसे ही तलाशी अभियान शुरू किया। इलाके में छिपे आतंकियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी।

आपको बता दें कि पिछले 34 घंटों में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच यह पांचवीं मुठभेड़ थी। इन मुठभेड़ों में अभी तक सुरक्षाबलों ने सात आतंकवादियों को ढेर कर दिया है। ये सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के दूसरे धड़े द रजिस्टेंस फ्रंट से संबंधित थे। गत सोमवार को मारे जाने वाले दो आतंकियों में सूमो चालक का हत्यारा इम्तियाज भी शामिल था।


प्रदूषण के खिलाफ जंग: दिल्ली में 18 से फिर शुरू होगा 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्लीवासियों से आग्रह किया कि वे सप्ताह में एक बार वाहनों का इस्तेमाल बंद करके और रेड लाइट पर वाहनों के इंजन बंद करके शहर में प्रदूषण को कम करने में मदद करें।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए आगामी 18 अक्टूबर से एक बार फिर 'रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ' अभियान की शुरुआत होने जा रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्लीवासियों से आग्रह किया कि वे सप्ताह में एक बार वाहनों का इस्तेमाल बंद करके और रेड लाइट पर वाहनों के इंजन बंद करके शहर में प्रदूषण को कम करने में मदद करें।



केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के आस-पास के राज्यों के किसानों ने पराली जलाना शुरू कर दिया है, जिसके कारण दिल्ली में पिछले तीन-चार दिनों से वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय स्तर पर होने वाला प्रदूषण सुरक्षित सीमा में है, लेकिन अन्य राज्यों में पराली जलाने से यह बढ़ रहा है।


सीएम ने कहा, "मैं पिछले एक महीने से वायु गुणवत्ता के आंकड़े ट्वीट कर रहा हूं। इससे पता चलता है कि प्रदूषण बढ़ना शुरू हो गया है क्योंकि पड़ोसी राज्यों ने अपने किसानों की मदद नहीं की, जो धान की पराली जलाने के लिए मजबूर हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि दिल्लीवासियों को प्रदूषण कम करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति जिम्मेदारी ले और स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 18 अक्टूबर से शुरू होने वाले 'रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ' (Red Light on, Gaadi off) अभियान सहित तीन उपायों में योगदान दें।
हमने पिछले साल भी 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' पहल शुरू की थी। यह 18 अक्टूबर से फिर से शुरू हो जाएगा, जैसे ही आप रेड लाइट पर रुकते हैं, अपने वाहन के इंजन को बंद कर दें। आप चाहें तो इसे आज ही शुरू कर सकते हैं, हालांकि इसे औपचारिक रूप से 18 तारीख को लॉन्च किया जाएगा।


केजरीवाल ने कहा कि अगर आपने ग्रीन दिल्ली ऐप (Green Delhi App) डाउनलोड नहीं किया है, तो आज ही कर लें। यदि आप दिल्ली में कहीं भी प्रदूषण देखते हैं - एक ट्रक जो वायु प्रदूषण का कारण बनता है, कोई भी उद्योग जो प्रदूषण पैदा कर रहा है, कचरा जला रहा है - आप ऐप के माध्यम से शिकायत कर सकते हैं। हमारी टीम मौके पर पहुंचेगी और प्रदूषण के स्रोत को रोकेगी। उन्होंने कहा कि लोग प्रदूषण की घटनाओं की सूचना देकर दिल्ली सरकार की आंख-कान बनें ताकि इसे रोका जा सके।


जम्मू कश्मीर में आतंकवाद पर नकेल कसने की तैयारी, NIA ने 16 जगहों पर की छापेमारी

एनआईए ने एक नया केस दर्ज करते हुए द रेजिस्टेंस फोर्स और पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के ओवरग्राउंड वर्कर्स के 16 ठिकानों पर छापेमारी की है। ये ओवरग्राउंड वर्कर्स जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, अल बदर और अन्य संगठनों से जुड़े हुए हैं।

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में आतंकियों की बढ़ती संख्या के बीच आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) सक्रिय हो गई है। 

एनआईए ने एक नया केस दर्ज करते हुए द रेजिस्टेंस फोर्स और पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के ओवरग्राउंड वर्कर्स के 16 ठिकानों पर छापेमारी की है। ये ओवरग्राउंड वर्कर्स जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, अल बदर और अन्य संगठनों से जुड़े हुए हैं। हाल ही में कश्मीर घाटी में नागरिकों और अन्य लोगों पर हुए आतंकवादी हमलों में द रेजिस्टेंस फोर्स का हाथ बताया जा रहा है और ये ओवरग्राउंड वर्कर्स इसे मदद करते रहे हैं। 

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 10 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर में माहौल बिगाड़ने के आरोप में नई एफआईआर दर्ज की है। इसी के तहत अब एजेंसी ने कार्रवाई शुरू की है। 


एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि टीआरएफ को मदद करने वाले हर ओवरग्राउंड वर्कर की जांच की जाएगी। यही लोग पाकिस्तानी आतंकवादियों की घाटी में दहशत फैलाने में मदद करते रहे हैं। 


द रेजिस्टेंस फोर्स का गठन पाकिस्तान की सेना और आईएसआई ने किया है। भारत सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 और 35 ए हटाए जाने के बाद से पाक सेना ने यह साजिश रची है।


भारतीय एजेंसियों के मुताबिक यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया रूप है, जिसे नए नाम से लॉन्च किया गया है। हाल ही में घाटी में हुए आतंकी हमलों की जिम्मेदारी भी रेजिस्टेंस फोर्स ने ली थी। 


इतना ही नहीं, जांचकर्ताओं का कहना है कि जून में 5.5 किलोग्राम आईईडी मिलने के मामले में भी टीआरएफ का ही हाथ था। यह विस्फोटक ड्रोन का इस्तेमालल करते हुए जम्मू के बठिंडी इलाके में गिराया गया था। 

इसके अलावा जम्मू के ही एयर फोर्स स्टेशन में हुए ड्रोन अटैक्स में भी इसका ही हाथ बताया जा रहा है। बता दें कि बीते एक महीने में जम्मू कश्मीर में आम लोगों को भी निशाना बनाकर आतंकी हमले कर रहे हैं।


पाकिस्तानी आतंकी को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार, AK-47 और हैंड ग्रेनेड बरामद, राजधानी को दहलाने की थी साजिश

दिल्ली पुलिस ने एक पाकिस्तानी आतंकी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एके 47, हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ है। आतंकी पूरी दिल्ली में दहशत फैलानी की तैयारी में था लेकिन दिल्ली पुलिस ने आतंक के आकाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक पाकिस्तानी आतंकी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एके 47, हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ है। आतंकी पूरी दिल्ली में दहशत फैलानी की तैयारी में था लेकिन दिल्ली पुलिस ने आतंक के आकाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

मिली जानकारी के मुताबिक, मुहम्मद अशरफ उर्फ अली लक्ष्मीनगर इलाके में अली अहमद नूरी के नाम से रह रहा था। बताया जा रहा है कि वह दिल्ली के दहलाने की साजिश रच रहा था। दिल्ली पुलिस इस आतंकी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रही है।

मिल रही ताजा जानकारी के मुताबिक, आतंकी मुहम्मद अशरफ को लक्ष्मी नगर स्थित रमेश पार्क से गिरफ्तार किया गया है। अशरफ के पास से एके-47 राइफल के अलावा, अतिरिक्त मैगजीन व 60 राउंड, एक हैंड ग्रेनेड, 50 राउंड गोलियां और आधुनिक पिस्टल भी मिली है।

नाम बदलकर रह रहा था आतंकी

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहने वाले आतंकी मुहम्मद अशरफ के पास से एक-47 राइफल व अन्य हथियार व विस्फोटक बरामद हुआ है। वह लक्ष्मी नगर में भारतीय नागरिक बनकर अली अहमद नूरी के नाम से रह रहा था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के इस आतंकी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पहचान पत्र हासिल कर रखे थे। दिल्ली पुलिस का दावा है कि इसके पास से हैंड ग्रेनेट भी बरामद हुआ है।


आज जी20 देशों के साथ पीएम मोदी की बैठक, अफगान के हालात पर भी होगी चर्चा


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज G20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के समूह के अध्यक्ष, इटली द्वारा बुलाए गए अफगानिस्तान पर असाधारण नेताओं के शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। दुनिया की सबसे अमीर अर्थव्यवस्थाएं मंगलवार को अफगानिस्तान से उत्पन्न मानवीय संकट और आतंकी जोखिमों पर चर्चा करेंगी।
भारत पहले ही अपनी स्थिति साझा कर चुका है कि वह अफगानों के साथ खड़ा है और अपने सहायता कार्यक्रम को जारी रखने के लिए तैयार है। भारत ने पहले भी संकेत दिया है कि वह काबुल तक बिना किसी रुकावट और प्रतिबंधों के पहुंच चाहता है।


आज की जी-20 बैठक में जहां मानवीय संकट पर फोकस होगा, वहां जी20 देशों के अलावा कतर, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र भी हिस्सा लेंगे। आपको बता दें कि अफगानिस्तान के आर्थिक पतन और आसन्न प्रवासी संकट ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बना दिया है।


G20 अफगानिस्तान के आतंकवाद के लिए सुरक्षित पनाहगाह बनने को लेकर भी चिंतित है। हालांकि, यह महसूस किया जा रहा है कि दुनिया को अफगानों को सहायता प्रदान करने पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि बड़ा संकट शुरू हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान पर जी20 बैठक के अंत में एक संयुक्त बयान की उम्मीद है।



भारत ने समाज के सभी वर्गों को सहायता के निष्पक्ष वितरण का भी आह्वान किया है। सबसे बड़े दानदाताओं में से एक होने के नाते, भारत ने युद्धग्रस्त देश के पुनर्निर्माण के लिए 3 अरब डॉलर खर्च किए हैं। पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि दुनिया को युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में लोगों को सहायता प्रदान करके अपना कर्तव्य पूरा करना चाहिए जहां महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों को इसकी जरूरत है।

आज की बैठक में, अफगानों को मानवीय सहायता प्रदान करने की भारत की इच्छा को रेखांकित करने के अलावा, पीएम मोदी से जी-20 देशों को अफगानिस्तान से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद के जोखिमों और पड़ोसी देश अफगानिस्तान में भारत विरोधी आतंकवादी समूहों की सहायता करने के बारे में समूह को बताने की भी उम्मीद है।


पिछले महीने एससीओ द्वारा आयोजित अफगानिस्तान पर एक आभासी बैठक में, पीएम मोदी ने जोर दिया और चेतावनी दी कि अगर अफगानिस्तान में "अस्थिरता और कट्टरवाद" बना रहता है, तो यह पूरी दुनिया में आतंकवादी और चरमपंथी विचारधाराओं को प्रोत्साहित करेगा।


महबूबा मुफ्ती के जहरीले बोल, कहा-'हमारे मुल्क की गोली से मरे तो ठीक, आतंकी की गोली से मरे तो गलत कैसे?'

एक सभा को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती कहती हैं , ''हम आतंकवादियों की गोलियों से मरने वालों के परिजनों से मिलते हैं। हाल ही में सीआरपीएफ ने एसटी समुदाय के एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हम उनके परिवार से मिलने गए लेकिन घर पर ताला लगा हुआ था।"

श्रीनगर: एक बार फिर से जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा है कि अगर हमारे मुल्क की गोली से कोई मरता है तो वह सही है और अगर आतंकी की गोली से मरता है तो वह गलत कैसे हैं?

बता दें कि आज जम्मू कश्मीर के पुंछ में आतंकियों ने कायराना हरकत दिखाई और सेना पर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में सेना के पांच जवान शहीद हो गए। अब जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का विवादित बयान सामने आया है। महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि कोई हमारे मुल्क की गोली से मरे तो ठीक, लेकिन आतंकी की गोली से मरे तो गलत कैसे।

जानकारी के मुताबिक, एक सभा को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती कहती हैं , ''हम आतंकवादियों की गोलियों से मरने वालों के परिजनों से मिलते हैं। हाल ही में सीआरपीएफ ने एसटी समुदाय के एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हम उनके परिवार से मिलने गए लेकिन घर पर ताला लगा हुआ था।"

इतना ही नहीं महबूबा मुफ्ती आगे कहती है, "ये कैसा सिस्टम है इनका, कोई हमारे मुल्क की गोली से मरे वो ठीक है, आतंकी की गोली से मरे तो वो गलत।" 

सोमवार सुबह जम्मू कश्मीर के पुंछ में आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन के दौरान एक जेसीओ समेत 5 सैनिक शहीद हो गए। आतंकियों द्वारा सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला किया गया था।



कोयला संकट: गृहमंत्री अमित शाह ने संभाली कमान, मंत्रियों के साथ बैठक खत्म

इस अहम बैठक में एनटीपीसी के अधिकारी भी मौजूद रहे। बता दें कि राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, यूपी समेत कई राज्यों ने कोयले की कमी का हवाला देते हुए कहा है कि यदि संकट जारी रहा तो आने वाले दिनों में बिजली की आपूर्ति में कटौती की जा सकती है।

नई दिल्ली: देश के पॉवर प्लांटों में अचानक कोयले का संकट आ चुका है और अगल हालात नहीं सही हुए तो कई राज्यों में बत्ती गुल हो सकती है। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हालात संभालने की जिम्मेदारी खुद ही संभाल ली है। उन्होंने मंत्रियों की हाई लेवल मीटिंग बुलाई है और इस बैठक में एनटीपीसी के शीर्ष अधिकारी भी शामिल रहेे।

सोमवार को ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी इस मुद्दे पर मुलाकात करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। दोनों केंद्रीय मंत्रियों के साथ उनके मंत्रालयों के अफसर भी मौजूद थे।

जानकारी के मुताबिक, इस अहम बैठक में एनटीपीसी के अधिकारी भी हिस्सा लिए। बता दें कि राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, यूपी समेत कई राज्यों ने कोयले की कमी का हवाला देते हुए कहा है कि यदि संकट जारी रहा तो आने वाले दिनों में बिजली की आपूर्ति में कटौती की जा सकती है। 

केजरीवाल सरकार ने केंद्र पर बोला हमला

दिल्ली की आप सरकार ने तो इस मसले पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा था कि केंद्र सरकार इस संकट को उसी तरह टाल रही है, जैसे उसने ऑक्सीजन की कमी के मुद्दे पर फोस नहीं किया था। हालांकि ऐसी तमाम टिप्पणियों का जवाब देते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा था कि फिलहाल देश के कोयला पावर प्लांटों के पास 7.2 मिलियन टन का भंडार मौजूद है। कोयला प्लांट्स में पर्याप्त भंडार मौजूद है, जो 4 दिनों के लिए काफी है। यही नहीं उन्होंने देश के कई राज्यों में ब्लैकआउट के खतरे वाली खबरों को भी गलत करार दिया था। 

ऊर्जा मंत्री का बड़ा बयान, कहा-कोई बिजली संकट देश पर नहीं

उनका कहना था कि सरकारी कंपनी कोल इंडिया के पास भी 40 मिलियन टन का भंडार फिलहाल मौजूद है, जिसे पावर स्टेशनों को सप्लाई किया जा रहा है। ऊर्जा मंत्रालय का कहना था कि पावर सप्लाई में कमी या फिर बाधा आने की बातें पूरी तरह से गलत हैं। बता दें कि बीते कुछ महीनों में लॉकडाउन में ढील के चलते तेजी से इंडस्ट्री शुरू हुई है। इससे कोयले की खपत में इजाफा हुआ है। वहीं बारिश अधिक होने के चलते कई क्षेत्रों में कोयले का खनन प्रभावित हुआ है। इसी वजह से कोयले की सप्लाई में कमी देखने को मिल रही है। 



जम्मू-कश्मीर: आतंकियों के कायराना हरकत से पुंछ में JCO समेत सेना के 5 जवान शहीद

सेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "गंभीर रूप से घायल जेसीओ और चार जवानों को निकटतम चिकित्सा सुविधा में ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। ऑपरेशन अभी भी जारी है।"

श्रीनगर: एक बार फिर से आतंकियों ने घात लगाकर सुरक्षाबलों पर हमला किया है। इस हमले में देश के 5 वीर सपूत शहीद हुए हैं। शहीदों में सेना का एक जेसीओ भी शामिल है।

मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार को पुंछ में आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन के दौरान एक जेसीओ समेत 5 सैनिक शहीद हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सैनिकों की यह शहादत उस वक्त हुई, जब एक टुकड़ी आतंकवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन कर रही थी। इसी दौरान आतंकवादियों ने घात लगाकर सैनिकों की टुकड़ी पर हमला कर दिया, जिसमें एक जेसीओ समेत 5 सैनिक शहीद हो गए।


फिलहाल भारतीय सेना की ओर से अतिरिक्त फोर्स को मौके पर भेजा गया है और इलाके की घेराबंदी कर ली गई है। हमलावर आतंकियों से मुठभेड़ जारी है। सेना से जुड़े अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने पुंछ के सुरनकोट इलाके में घात लगाकर हमला किया था। आतंकियों ने यह हमला उस वक्त किया, जब सैनिक पुंछ के चमरेर इलाके के जंगल में आतंकियों की तलाशी का अभियान चला रही थी।

सेना के एक अधिकारी ने बताया कि इसी दौरान सैनिकों पर भारी फायरिंग होने लगी, जिसमें हमने एक जेसीओ और 4 सैनिकों को खो दिया। इन आतंकियों को मार गिराने के लिए ऑपरेशन जारी है। उन्होंने कहा कि हमलावर आतंकियों के 4 से 5 तक होने की आशंका है। 

सेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "गंभीर रूप से घायल जेसीओ और चार जवानों को निकटतम चिकित्सा सुविधा में ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। ऑपरेशन अभी भी जारी है।"

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों को सुरनकोट उपखंड में मुगल रोड के पास स्थित जंगलों में घुसपैठ की कोशिश का संदेह था। उनके पास नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार से घुसने में कामयाब होने के बाद चमरेर जंगल में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह की मौजूदगी की खबरें हैं।


कश्मीर में सेना का जारी है आतंकियों के खिलाफ सफाई अभियान, TRFआतंकी इम्तियाज बांडीपोरा में ढेर, अनंतनाग में भी सुरक्षाबलों ने एक आतंकी मार गिराया

आज सुबह बांडीपोरा के हाजिन और अनंतनाग के वेरीनाग इलाके में दो अलग-अलग मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है।

श्रीनगर: कश्मीर घाटी को जन्नत की जगह जहन्नुम बनाने का सपना देख रहे आतंक के आकाओं के लिए आज एक बार फिर से सुरक्षाबलों ने कड़ा संदेश दिया है। कश्मीर घाटी में अशांति फैला रहे आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की सख्ती असर दिखाने लगी है। आज सुबह बांडीपोरा के हाजिन और अनंतनाग के वेरीनाग इलाके में दो अलग-अलग मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है।

आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बांडीपोरा में मारे गए आतंकी के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का वहीं आतंकी था जिसने शाहगुंड में सूमो चालक की हत्या की थी। फिलहाल इलाके में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन अभी जारी है। 

 पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में पिछले पांच दिनों के दौरान हुई हत्याओं के बाद से ही पुलिस व अन्य सुरक्षाकर्मी इन हत्याओं में शामिल आतंकियों की तलाश में जुटे हुए थे। आज बांडीपोरा में कुछ आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही एसओजी, सेना व सीआरपीएफ का संयुक्त दल बांडीपोरा के हाजिन इलाके में पहुंच गया और आतंकियों की तलाश शुरू कर दी। जैसे ही सुरक्षाकर्मी आतंकियों के ठिकाने के नजदीक पहुंचे वहां छिपे आतंकी ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने पहले तो उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा परंतु जब वह नहीं माना तो जवाबी फायरिंग में उसे मार गिराया गया। 

सुरक्षाबलों ने शव को अपने कब्जे में लेने के बाद जब उसकी पहचान की तो पता चला कि यह टीआरएफ का वहीं आतंकी है जिसने कुछ दिन पहले सूमो चालक की हत्या की थी। आतंकी की पहचान इम्तियाज अहमद डार के रूप में हुई है। बांडीपोरा के गुंडजहांगीर हाजिन में सुरक्षाबलों का अभियान अभी भी जारी है। इलाके में कुछ और आतंकियों की मौजूदगी की आशंका है।  

वहीं आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडलर पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि "मारे गए आतंकवादी की पहचान इम्तियाज अहमद डार के रूप में की गई है, जो प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (टीआरएफ) से संबंध रखता था। वह शाहगुंड बांदीपोरा में हालिया नागरिक हत्या में शामिल था।


बता दें कि इससे पहले गत रविवार को सुरक्षाबलों ने बांडीपोरा से ही चार आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था जो शाहगुंड सूमो चालक की हत्या में भी शामिल थे। मारा गया इम्तियाज इन्हीं का पांचवां साथी था जो हत्या के बाद फरार हो गया और आतंकवाद में शामिल हो गया। 

इससे पहले सुरक्षाबलों ने तड़के करीब 2.30 बजे दक्षिण कश्मीर के जिला अनंतनाग जिले के खगुंड वेरीनाग इलाके में भी एक आतंकवादी मारा है। हालांकि इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। पुलिस अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार सूचना के आधार पर मध्य रात्रि को अनंतनाग में शुरू किया गया सर्च ऑपरेशन सुबह तड़के डेढ़ बजे के करीब मुठभेड़ में बदल गया। 

इलाके में छिपे आतंकी को सुरक्षाबलों ने आत्मसमर्पण करने का कई बार मौका दिया परंतु हर बार उसने सुरक्षाबलों की अपील का जवाब अपनी गोली से दिया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। जवाबी फायरिंग में आतंकवादी मारा गया। उसकी पहचान अभी नहीं हुई है। वहीं घायल पुलिसकर्मी को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मारे गए आतंकी के पास से पिस्तौल, उसकी मैगजीन और ग्रेनेड बरामद किया गया है।


भारत-चीन के बीच सैन्य वार्ता: 13वें दौर की चर्चा भी रही बेनतीजा, ड्रैगन के पास ठोस प्रस्ताव नही

रविवार को भी कोर कमांडर स्तर की 13वीं बैठक हुई। चुशुल-मोल्दो सीमा पर दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच चर्चा पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ शेष मुद्दों के समाधान पर केंद्रित थी। हालांकि यह भी बेनतीजा रही।

नई दिल्ली: पड़ोसी देश चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। इतना ही नहीं भारत और चीन के बीच 13वें दौर की सैन्य वार्ता भी बेनतीजा रही। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर गतिरोध की स्थिति आज भी बरकरार है। दोनों देशों के बीच कई दौर की चर्चा हो चुकी है, लेकिन बेनतीजा रही है। 

रविवार को भी कोर कमांडर स्तर की 13वीं बैठक हुई। चुशुल-मोल्दो सीमा पर दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच चर्चा पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ शेष मुद्दों के समाधान पर केंद्रित थी। हालांकि यह भी बेनतीजा रही। 

बैठक में भारत ने चीन को बताया कि एलएसी के साथ स्थिति चीनी पक्ष द्वारा यथास्थिति को बदलने और द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन के एकतरफा प्रयासों के कारण हुई थी। इसलिए यह आवश्यक था कि चीनी पक्ष शेष क्षेत्रों में उचित कदम उठाए ताकि पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी के साथ शांति बहाल हो सके।

भारत ने कहा कि यह दोनों विदेश मंत्रियों द्वारा दुशांबे में अपनी हालिया बैठक में प्रदान किए गए मार्गदर्शन के अनुरूप भी होगा, जहां वे इस बात पर सहमत हुए थे कि दोनों पक्षों को शेष मुद्दों को जल्द से जल्द हल करना चाहिए। भारतीय पक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि शेष क्षेत्रों के ऐसे समाधान से द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की सुविधा होगी।

बैठक के दौरान, भारतीय पक्ष ने शेष क्षेत्रों को हल करने के लिए रचनात्मक सुझाव दिए लेकिन चीनी पक्ष सहमत नहीं था और साथ ही कोई दूरंदेशी प्रस्ताव भी नहीं दे सका। इस प्रकार बैठक में शेष क्षेत्रों का समाधान नहीं हुआ।

दोनों पक्ष संचार बनाए रखने और जमीनी स्तर पर स्थिरता बनाए रखने पर सहमत हुए हैं। भारत ने कहा कि हमें उम्मीद है कि चीनी पक्ष द्विपक्षीय संबंधों के समग्र परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखेगा और द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करते हुए शेष मुद्दों के शीघ्र समाधान की दिशा में काम करेगा।

चीन इस बैठक को लेकर अलग ही राग अलाप रहा है। चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने पीएलए वेस्टर्न थिएटर कमांड के हवाले से कहा है कि इस दौरान भारत के द्वारा अनुचित और अवास्तविक मांगों पर जोर दिया गया। उन्होंने भारत पर बातचीत में मुश्किलें पैदा करने का भी आरोप लगाया है।


चीन को चौतरफा घेरेगा भारत और यूएस, ये है 'मास्टर प्लान'

क्वाड का विस्तार ज्यादातर गैर सैन्य मुद्दों पर ही होगा। लेकिन ये रणनीतिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होगा। चीन की सीधी घेराबंदी के बजाय व्यापार को केंद्र में रखते हुए सहयोग का दायरा बढ़ाया जाएगा।

नई दिल्ली: अगर सबकुछ प्लान के मुताबिक हुआ तो आने वाले कुछ समय में भारत के 'साइलेंट दुश्मन' चीन की बोलती बंद होगी। दरअसल, भारत और अमेरिका चीन को तौरफा घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।  क्वाड के विस्तार को लेकर आने वाले दिनों में अमेरिका और भारत के बीच बात हो सकती है। सदस्यता से इतर ये विस्तार रणनीतिक मुद्दों पर हो सकता है। मसलन मुद्दों के आधार पर क्वाड अन्य देशों से सहयोग बढ़ाएगा। खासतौर पर आसियान देशों से सहयोग का विस्तार किया जाएगा। क्वाड में भारत के अलावा अमेरिका, जापान व ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक,  क्वाड का विस्तार ज्यादातर गैर सैन्य मुद्दों पर ही होगा। लेकिन ये रणनीतिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होगा। चीन की सीधी घेराबंदी के बजाय व्यापार को केंद्र में रखते हुए सहयोग का दायरा बढ़ाया जाएगा। 

बताते चलें कि चीन क्वाड को अपने खिलाफ मानता है।दक्षिण चीन सागर में समान हित रखने वाले देशों को चीन की विस्तारवादी रणनीति से आगाह करते हुए उनके बीच इनपुट साझा करने, उनके ढांचागत तंत्र को मजबूती सहित अन्य मुद्दों पर आने वाले दिनों में समझ बढ़ेगी। क्वाड की रणनीति में छोटे आइलैंड देशों का सहयोग और आसियान देशों के साथ समझ बढ़ाना शामिल है। चीन के मनमाने व्यवहार के खिलाफ ये गठजोड़ आने वाले दिनों में और भी व्यापक होगा।

क्वाड शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण आधारभूत ढांचा निर्माण में साझेदारी, वैक्सीन निर्माण व वितरण में सहयोग, साइबर सुरक्षा, सहित अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को अन्य देशों तक विस्तारित करेगा। एक दूसरे की जरूरतों के मद्देनजर रणनीतिक सहयोग का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।

जी-7 और जी-20 के साथ भी आने वाले दिनों में क्वाड की सहयोग आधारित रणनीति नजर आएगी। क्वाड के चारों देश वैश्विक मंचों पर एक दूसरे का साथ देने के अलावा समान हित वाले देशों को विकास, व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर और सूचनाओं के आदान प्रदान में शामिल करेंगे। ईयू से भी व्यापारिक मुद्दों पर तालमेल बढ़ाया जाएगा। सप्लाई चेन पर भारत की विशेष निगाह है। भारत चाहता है कि क्वाड सहित अन्य देश चीन की वैकल्पिक सप्लाई चेन तैयार करने की मुहिम में साथ शामिल हों।



बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बिल्कुल नहीं: केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी

कोयला मंत्री जोशी ने ट्वीट कर कहा कि देश में कोयला उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई है। सभी को आश्वस्त करते हुए कि बिजली आपूर्ति में व्यवधान का कोई खतरा नहीं है। कोल इंडिया के पास 24 दिनों की कोयले की मांग के लिए 43 मिलियन टन का पर्याप्त मात्रा में कोयले का स्टाक रखा हुआ है।

नई दिल्ली: कोयले की कमी के चलते देश के कई राज्यों में बिजली की समस्या को लेकर सरकार सजग हो गई है। इसी बीच केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सभी को आश्वस्त करते हुए कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होना का खतरा बिल्कुल भी नहीं है। कोल इंडिया लिमिटेड के पास 24 दिनों की कोयले की मांग के बराबर 43 मिलियन टन का पर्याप्त मात्रा में कोयले का स्टाक मौजूद है।

कोयला मंत्री जोशी ने ट्वीट कर कहा कि देश में कोयला उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई है। सभी को आश्वस्त करते हुए कि बिजली आपूर्ति में व्यवधान का कोई खतरा नहीं है। कोल इंडिया के पास 24 दिनों की कोयले की मांग के लिए 43 मिलियन टन का पर्याप्त मात्रा में कोयले का स्टाक रखा हुआ है।

मंत्री ने यह दोहराते हुए कहा कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है, भय फैलाने के चक्कर में न पड़ें। उन्होंने कहा कि थर्मल पावर प्लांट्स में रोलिंग स्टाक दैनिक आपूर्ति के साथ भरा जा रहा है। इसके अलावा मानसून की वापसी के साथ आने वाले दिनों में कोयले की खेप बढ़ने की संभावना है, जिससे कोयले का स्टाक और बढ़ जाएगा।

कोयला मंत्रालय के अनुसार पावर प्लांट के पास अभी कोयले का लगभग 72 लाख टन स्टाक मौजूद है, जो 4 दिनों की आवश्यकता के लिए पर्याप्त है, और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) के पास 400 लाख टन से अधिक का स्टाक है, जिससे पावर प्लांट के लिए  कोयले कीआपूर्ति की जा रही है।

बता दें कि कोयला कंपनियों से मजबूत आपूर्ति के आधार पर सितंबर 2021 तक घरेलू कोयला आधारित बिजली उत्पादन में इस वर्ष लगभग 24 फीसद की वृद्धि हुई है। पावर प्लांट में कोयले की दैनिक औसत आवश्यकता लगभग 18.5 लाख टन प्रतिदिन है जबकि दैनिक कोयले की आपूर्ति लगभग 17.5 लाख टन प्रतिदिन है।





दिल्ली में कोयले की किल्लत, बिजली संकट गहराया, ऊर्जा मंत्री की बैठक, BSES और टाटा पावर के अधिकारी शामिल

नई दिल्ली: देश के बिजली संयंत्रों में कोयले की किल्लत को लेकर संकट गहराता जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में बिजली गुल होने की आशंका के बीच केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के आवास पर बैठक हो रही है। इस बैठक में ऊर्जा मंत्रालय, बीएसइएस और टाटा पावर के अधिकारी शामिल हैं।


दिल्ली के बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन ने कल आगाह किया था कि अगर राष्ट्रीय राजधानी को बिजली की आपूर्ति करने वाले बिजली संयंत्रों को कोयले की तत्काल आपूर्ति नहीं की गई तो दो दिनों के बाद राष्ट्रीय राजधानी में पूर्ण रूप से ब्लैकआउट हो सकता है। दिल्ली में बिजली संकट के समाधान को लेकर जैन ने कहा कि सरकार फिलहाल महंगी बिजली भी खरीदने को तैयार है।


इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। केजरीवाल ने एक ट्वीट में कहा, 'मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा हूं। हम इससे बचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर कोयले की कमी की स्थिति से अवगत कराया था। उन्होंने पीएम से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।


कश्मीर घाटी में 1991 जैसे हालात, हिंदू-सिख कर्मचारी मांग रहे ट्रांसफर, पलायन की भी तैयारी!

हालांकि, केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि वह कश्मीर में अल्पसंख्यकों के खिलाफ किसी भी प्रकार के हमले को बर्दाश्त नहीं करेगी लेकिन हाल ही में आतंकियों ने कई अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जिसके बाद ये हालात उत्पन्न हुए हैं।

नई दिल्ली: कश्मीर में एक बार फिर से 1991 जैसे हालात होते जा रहे हैं। यहां तैनात सरकारी हिन्दू व सिख अल्पसंख्यक अपने ट्रांसफर किये जाने की मांग कर रहे हैं। इतना ही नहीं अब पलायन की भी छुटपुट खबरें सामने आ रही है। 

हालांकि, केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि वह कश्मीर में अल्पसंख्यकों के खिलाफ किसी भी प्रकार के हमले को बर्दाश्त नहीं करेगी लेकिन हाल ही में आतंकियों ने कई अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जिसके बाद ये हालात उत्पन्न हुए हैं।


एक तरफ केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार विस्थापितों को बसाने की बात कर रही है, लेकिन आतंक की नई लहर के चलते दोबारा पलायन शुरू हो गया है। अध्यापकों और कारोबारियों तक पर हुए हमलों से दहशत में आए सिख और कश्मीरी पंडित समुदाय के लोग जम्मू लौट रहे हैं, जहां गैर-मुस्लिमों की बहुलता है। 

शिक्षकों समेत अन्य सरकारी कर्मचारी जम्मू लौट रहे हैं और कुछ ने घाटी से बाहर ट्रांसफर की मांग की है। इसके अलावा कई तो सुरक्षा की बढ़ती चिंताओं की वजह से काम पर ही नहीं आ रहे हैं।

ऐसे तमाम लोगों ने अपनी दिक्कतों को तमाम अखबारों व पत्रकारों को बताया लेकिन साथ ही अपना नाम गोपनीय रखने की भी अपील की।


भारत-चीन के बीच हाई लेवल की सैन्य वार्ता के 13वें दौर की बातचीत आज, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

एलएसी पर सीमा को लेकर जारी विवाद के बीच भारत और चीन के बीच उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता का एक और दौर आज यानी रविवार को होगा। इसमें पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले शेष बिंदुओं से सैनिकों की वापसी प्रक्रिया में कुछ आगे बढ़ने पर ध्यान दिया जाएगा।

नई दिल्ली: एलएसी पर सीमा को लेकर जारी विवाद के बीच भारत और चीन के बीच उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता का एक और दौर आज यानी रविवार को होगा। इसमें पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले शेष बिंदुओं से सैनिकों की वापसी प्रक्रिया में कुछ आगे बढ़ने पर ध्यान दिया जाएगा। 

पहले से तय समय के मुताबिक, पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास गतिरोध के बाकी स्थानों से सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत के लद्दाख कोर कमांडर और चीनी दक्षिण शिनजियांग सैन्य जिला कमांडर के बीच यह बैठक चुशुल में करीब सुबह 1.30 बजे होगी, जहां बातचीत के एजेंडे में पेट्रोलिंग प्वाइंट 15 या हॉट स्प्रिंग्स से डी-एस्केलेशन होगा।

भारतीय पक्ष से उम्मीद की जा रही है कि वह देप्सांग बुलगे और डेमचोक में मुद्दों के समाधान के लिए दबाव डालने के अलावा टकराव वाले शेष बिंदुओं से जल्द से जल्द सैनिकों की वापसी की मांग करेगा। दोनों देशों के बीच 12वें दौर की वार्ता 31 जुलाई को हुई थी। वार्ता के कुछ दिनों बाद दोनों सेनाओं ने गोगरा में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी की, जिसे इस क्षेत्र में शांति की बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा गया। चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ की कोशिश की दो हालिया घटनाओं की पृष्ठभूमि में 13वें दौर की वार्ता होगी। ये घटनाएं उत्तराखंड के बाराहोती सेक्टर में और दूसरी अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में हुई थी।

विशेषज्ञों के मुताबिक, वरिष्ठ सैन्य कमांडर दक्षिण डेमचोक में देपसांग बुलगे और चारडिंग नुल्लाह जंक्शन सहित पूर्वी लद्दाख में एक-एक करके गतिरोध के बाकी बचे बिंदुओं को उठाएंगे। अगर हॉट स्प्रिंग्स से डी-एस्केलेशन पर दोनों पक्ष एक समझौते पर आने का फैसला करते हैं, तो मई 2020 की चीनी सैनिकों की आक्रामकता को पूर्वी लद्दाख में यथास्थिति के साथ ही उलट दिया जाएगा। अब तक लगभग पीएलए के 50 जवान गश्त बिंदु 15 पर अपनी स्थिति से आगे हैं और इतनी ही संख्या में भारतीय सेना के जवान भी उनका सामना कर रहे हैं।

हालांकि,  पिछले साल की तुलना में दोनों पक्षों के बीच सैन्य स्थिति कम हो गई है। फिर भी पीएलए ने अभी भी दो से अधिक डिवीजनों और कई संयुक्त हथियार ब्रिगेडों को तैनात सीमा पर आगे की ओर तैनात कर रखा है। भारतीय सेना ने भी चीन को टक्कर देते हुए तैनाती कर रखी है और दोनों तरफ से स्टैंडबाय पर वायु सेना को रखा गया है। बीजिंग पर नजर रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि अगर रविवार को पट्रोलिंग प्वाइंट 15 से डी-एस्केलेशन की प्रक्रिया पर सहमति बन जाती है तो तो भारत और चीन दोनों 16 महीने के बाद पूर्वी लद्दाख थिएटर से सैनिकों को हटाने की दिशा में काम कर सकते हैं। 




'धरती के स्वर्ग' में आतंकियों का सफाया तय, इस स्पेशल फोर्स को 'यमदूत' बनाकर केंद्र सरकार ने भेजा जम्मू-कश्मीर

केंद्र सरकार ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं कि कश्मीर में मासूमों और अल्पसंख्यकों के बहे खून को बर्बाद नहीं जाने दिया जाएगा। आतंकियों को इसकी कीमत चुकानी होगी। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन हत्‍याओं के खिलाफ साफ निर्देश दे दिए हैं। केंद्र ने टॉप काउंटर-टेरर (CT) एक्‍सपर्ट्स की टीमें कश्‍मीर भेजी हैं। ये आतंकी हमलों में शामिल पाकिस्तान समर्थित स्थानीय मॉड्यूल को बेअसर करने में पुलिस की मदद करेंगी।

नई दिल्ली: धरती के स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर को आतंकवादियों की नजर लग गई है। अब यहां फिर से 1991 जैसे हालात हो रहे हैं लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने आतंकियों के फन कुचलने व उनके खात्में के लिए यमदूतों को भेज दिया है।

केंद्र सरकार ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं कि कश्मीर में मासूमों और अल्पसंख्यकों के बहे खून को बर्बाद नहीं जाने दिया जाएगा। आतंकियों को इसकी कीमत चुकानी होगी। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन हत्‍याओं के खिलाफ साफ निर्देश दे दिए हैं। केंद्र ने टॉप काउंटर-टेरर (CT) एक्‍सपर्ट्स की टीमें कश्‍मीर भेजी हैं। ये आतंकी हमलों में शामिल पाकिस्तान समर्थित स्थानीय मॉड्यूल को बेअसर करने में पुलिस की मदद करेंगी।

मोदी सरकार पाकिस्तान के आतंकी समूहों के सामने झुकने के मूड में नहीं है। गृह मंत्री शाह ने सुरक्षा एजेंसियों और अर्ध-सैन्य बलों को बिना किसी देरी के हमलावरों से निपटने और घाटी में सामान्य स्थिति लाने के लिए कहा है।

बता कें कि बीते दो दिनों में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के समर्थन वाले द रेजिस्‍टेंस फोर्स (TRF) के आतंकियों ने श्रीनगर में एक कश्मीरी पंडित फार्मासिस्ट, स्कूल की प्रिंसिपल, शिक्षक और दो अन्‍य लोगों की गोली मारकर हत्‍या कर दी। इसके बाद गृह मंत्री शाह ने गुरुवार को कश्मीर पर पांच घंटे की मैराथन बैठक की। सुरक्षा एजेंसियों को अपने काउंटर-टेरर एक्‍सपर्ट्स को कश्मीर भेजने के लिए निर्देश दिए। अपराधियों को पकड़ने के लिए सख्‍ती से कहा।


खुफिया ब्यूरो के काउंटर टेरर ऑपरेशन के प्रमुख तपन डेका घाटी में आतंकियों के खिलाफ लड़ाई की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने जा रहे हैं। वहीं, अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की काउंटर टेरर टीमें जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद के लिए पहले ही कश्मीर पहुंच चुकी हैं।

इन हमलों की टाइमिंग बहुत महत्‍वपूर्ण है। ये ऐसे समय हुए हैं जब बड़ी संख्‍या में पर्यटक कश्‍मीर पहुंच रहे हैं। सभी होटल पूरी तरह बुक हैं। श्रीनगर में आर्थिक गतिविधियों में तेजी है।


अफगानिस्तान में तालिबान का राज आने से जम्मू-कश्मीर में बढ़ी आतंकी गतिविधियां: आर्मी चीफ

अफगान में तालिबान का राज होने के बाद जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं। ऐसा कहना है भारतीय सेना प्रमुख एमएम नरवणे का।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान का राज आने के बाद दुनिया के सभी देश अभी अफगानिस्तान को लेकर वेट एंड वॉच की नीति अपनाए हुए हैं। वहीं, अफगान में तालिबान का राज होने के बाद जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं। ऐसा कहना है भारतीय सेना प्रमुख एमएम नरवणे का।

सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने शनिवार को इस संभावना को खारिज नहीं किया कि अफगानी मूल के विदेशी आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में घुसने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने दो दशक पहले अफगानिस्तान में तालिबान शासन के दौरान के इस तरह के उदाहरण भी दिए। सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि भारतीय सेना इस तरह की किसी हिमाकत का जवाब देने के लिए तैयार हैं। 

एक निजी समाचार चैनल की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में सेना प्रमुख से पूछा गया कि जम्मू-कश्मीर में हाल में की गईं हत्याओं और अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बीच कोई संबंध है? जनरल नरवणे ने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि इसमें कोई कनेक्शन है या नहीं।  सेना प्रमुख ने कहा, ''निश्चित तौर पर गतिविधियां (जम्मू-कश्मीर) बढ़ी हैं, लेकिन क्या अफगानिस्तान में जो हो रहा है उससे इसका कोई सीधा संबंध है या नहीं, हम नहीं कह सकते।''


सेना प्रमुख ने आगे कहा, ''लेकिन हम जो कह सकते हैं और इतिहास से जान सकते हैं वह यह कि तालिबान के पूर्व के शासन के समय जम्मू-कश्मीर में अफगान मूल के विदेशी आतंकवादी थे। इसलिए यह विश्वास करने की वजहें हैं कि अफगानिस्तान में स्थिति समान्य होने के बाद उसी तरह की चीजें हो सकती हैं। तब हम अफगानिस्तान से इन लड़ाकों की आवक देख सकते हैं।''


सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेना इस तरह की कोशिशों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, ''हम इस तरह की किसी स्थिति के लिए तैयार हैं। सीमा पर घुसपैठ रोधी हमारा सिस्टम बेहद मजबूत है। इस तरह की किसी भी कार्रवाई से निपटने के लिए हमारे पास आंतरिक इलाकों में एक बहुत मजबूत आतंकवाद-रोधी ग्रिड है। जिस तरह हमने 2000 के दशक की शुरुआत में उनसे निपटा था, हम उनसे अब भी निपटेंगे, अगर वे हमारे आस-पास कहीं भी आते हैं।''


पीएम मोदी और डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडरिकसन के बीच द्विपक्षीय वार्ता खत्म, दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने कही ये बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। वार्ता के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से एक साल पहले हमने अपने वर्चुअल समिट में भारत और डेनमार्क के बीच ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। वार्ता के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से एक साल पहले हमने अपने वर्चुअल समिट में भारत और डेनमार्क के बीच ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। यह हम दोनों देशों की दूरगामी सोच और पर्यावरण के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज की हमारी मुलाकात भले ही पहली रूबरू मुलाकात थी लेकिन कोरोना कालखंड में भी भारत और डेनमार्क के बीच संपर्क और सहयोग की गति बरकरार रही थी। उन्होंने आगे कहा कि हम जिस स्केल और स्पीड से आगे बढ़ना चाहते हैं उसमें डेनमार्क की विशेषज्ञता और तकनीक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती है। भारत की अर्थव्यवस्था में आए रिफॉर्म्स विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उठाए गए कदम ऐसी कंपनियों के लिए अपार अवसर प्रस्तुत कर रहे हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि हम जिस स्केल और स्पीड से आगे बढ़ना चाहते हैं उसमें डेनमार्क की विशेषज्ञता और तकनीक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती है। भारत की अर्थव्यवस्था में आए रिफॉर्म्स विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उठाए गए कदम ऐसी कंपनियों के लिए अपार अवसर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमने आज यह निर्णय भी लिया कि हम अपने सहयोग के दायरे का सतत रूप से विस्तार करते रहेंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमने एक नई पार्टनरशिप की शुरुआत की है। भारत में कृषि उत्पाद और किसानों की आय बढ़ाने के लिए हमने कृषि संबंधित तकनीक में भी सहयोग करने का निर्णय लिया है। 

उन्होंने आगे कहा किहमने आज यह निर्णय भी लिया कि हम अपने सहयोग के दायरे का सतत रूप से विस्तार करते रहेंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमने एक नई पार्टनरशिप की शुरुआत की है। भारत में कृषि उत्पाद और किसानों की आय बढ़ाने के लिए हमने कृषि संबंधित तकनीक में भी सहयोग करने का निर्णय लिया है।

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन द्विपक्षीय वार्ता के बाद आज हम पानी और ग्रीन ईंधन पर काम करने के लिए सहमत हुए हैं। हम स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों पर भी साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं। हमारा हरित सहयोग बहुत महत्वाकांक्षी है।  उन्होंने आगे कहा कि हम दो लोकतांत्रिक देश हैं जो नियमों पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में विश्वास करते हैं। भारत और डेनमार्क के बीच सहयोग इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे ग्रीन ग्रोथ और ग्रीन ट्रांजिशन साथ-साथ चल सकते हैं।


कश्मीर में हिंदुओं पर हमला बिल्कुल भी नहीं किया जाएगा बर्दाश्त, गृहमंत्री और NSA की बैठक में फैसला

7 अक्टूबर को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद, केंद्र ने फैसला किया है कि उसकी पहली प्राथमिकता अपराधियों को खत्म करना और फिर उनके प्रायोजकों के खिलाफ कार्रवाई करना है।

नई दिल्ली: कश्मीर में अल्पसंख्यकों को टारगेट करके आतंकियों द्वारा किये जा रहे हमले को लेकर केंद्र सरकार अब सख्त हो गई है। अल्पसंख्यक हिंदू और सिख समुदायों को आतंकित करने के उद्देश्य से कश्मीर घाटी में पाकिस्तान द्वारा भड़काए गए हिंसा का मुकाबला करने के लिए केंद्र सरकार कठोर कार्रवाई करने के लिए तैयार है। इस महीने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के स्थानीय मोर्चों द्वारा पांच निर्दोषों की श्रीनगर में हत्या कर दी गई। 

7 अक्टूबर को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद, केंद्र ने फैसला किया है कि उसकी पहली प्राथमिकता अपराधियों को खत्म करना और फिर उनके प्रायोजकों के खिलाफ कार्रवाई करना है। 


खुफिया एजेंसियों और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की चार आतंकवाद-रोधी और खुफिया टीमें श्रीनगर में मौजूद हैं। इन आतंकी मॉड्यूल को पिन-पॉइंट एक्शन के जरिए खत्म करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, विद्रोह रोधी बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को श्रीनगर में अपनी कमर कसने के लिए कहा गया है। साथ ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सीमा पार से घुसपैठ रोकने के लिए कहा गया है।


कश्मीरी पंडित फार्मासिस्ट माखन लाल बिंदू, स्कूल की प्रिंसिपल सुपिंदर कौर, स्कूली शिक्षक दीपक चंद और बिहार के एक फेरीवाले वीरेंद्र पासवान की हत्या के बाद, सुरक्षा बल नए खतरे को बेअसर करने के लिए श्रीनगर शहर को स्कैन कर रहे हैं। केंद्र सरकार इसको लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। 

जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, तीन स्थानीय मॉड्यूल, लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी, तथाकथित प्रतिरोध बल, श्रीनगर में काम कर रहे हैं। छोटे हथियारों से निर्दोष लोगों को निशाना बना रहे हैं। अधिकारी एक पाकिस्तानी नागरिक की मौजूदगी की पुष्टि करते हैं जो लक्ष्यों का चयन करके हमलों का मार्गदर्शन कर रहा है।


तीन दिवसीय भारत दौरे पर डेनमार्क की PM मेट फ्रेडरिक्सन, पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्सन ने इस दौरान कहा, 'हम भारत को एक बहुत करीबी पार्टनर मानते हैं। मैं इस यात्रा को डेनमार्क-भारत द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक मील के पत्थर के रूप में देखती हूं।'

नई दिल्ली: डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्सन तीन दिवसीय भारत के दौरे पर है। आज उनके दौरे का पहला दिन है और उनकी अगवानी पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में की। अब दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई है। फ्रेडरिक्सन नौ से 11 अक्टूबर तक तीन दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंची हैं। विदेश राज्य मंत्री (MoS) मीनाक्षी लेखी ने दिल्ली हवाई अड्डे पर फ्रेडरिक्सन का स्वागत किया, जो भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर हैं। पीएम मोदी के साथ पीएम मेट फ्रेडरिक्सन की इस द्विपक्षीय वार्ता में विदेश मंत्री जयशंकर भी शामिल रहे।

डेनमार्क की पीएम मेट फ्रेडरिक्सन ने इस दौरान कहा, 'हम भारत को एक बहुत करीबी पार्टनर मानते हैं। मैं इस यात्रा को डेनमार्क-भारत द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक मील के पत्थर के रूप में देखती हूं।'

उन्होंने आगे कहा कि पिछले साल मैंने और पीएम मोदी ने हरित रणनीतिक साझेदारी (ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप) पर हस्ताक्षर किए और सहमति व्यक्त की। जब भारत और बाकी दुनिया में हरित संक्रमण की बात आती है तो हम एक महत्वाकांक्षी भारतीय सरकार को बड़ी जिम्मेदारी लेते हुए देखते हैं।


जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर के नटीपोरा में मुठभेड़, लश्कर एक आतंकी ढेर, दूसरा फरार

श्रीनगर के नटीपोरा में पुलिस और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर हो गया जबकि दूसरे के फरार होने की सूचना है। मारे गए आतंकी से जो दस्तावेज मिले हैं, उनके आधार पर उसकी पहचान त्रेंज शोपियां के आकिब बशीर के रुप में हुई है। वह लश्कर ए तैयबा का आतंकी था।

श्रीनगर: श्रीनगर के नटीपोरा में पुलिस और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर हो गया जबकि दूसरे के फरार होने की सूचना है। मारे गए आतंकी से जो दस्तावेज मिले हैं, उनके आधार पर उसकी पहचान त्रेंज शोपियां के आकिब बशीर के रुप में हुई है। वह लश्कर ए तैयबा का आतंकी था। 

फरार आतंकी की तलाश में सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चला दिया है। कश्मीर पुलिस ने भी इस मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए ट्विट किया है जिसमें पुलिस ने एक आतंकी के मारे जाने व मौके से गोला बारूद बरामद किए जाने की बात कही है।


आतंकियों और कश्मीर पुलिस के बीच यह मुठभेड़ शुक्रवार रात को उस समय अचानक हुई जब पुलिस इलाके में तलाशी अभियान चला रही थी। पुलिस जब नाटीपोरा के जम जम होटल के पास पहुंची तो वहां आतंकियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मौके पर ही ढेर हो गया जबकि दूसरे के फरार हो गया। 

मिली जानकारी के अनुसार आतंकियों और पुलिस के बीच कुछ राउंड ही फायर हुए थे कि एक आतंकी उसमें ढेर हाे गया। इस मुठभेड़ में पुलिस को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।


बताया जा रहा है कि इलाके में दो आतंकी मौजूद थे जिनमें से एक अंधेरे का लाभ उठाते हुए फरार होने में कामयाब हो गया। हालांकि पुलिस की ओर से दूसरे आतंकी बारे कोई जानकारी नहीं मिली है लेकिन इलाके में और आतंकियों के छिपे होने की आशंका के चलते तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।


घुसपैठ करने की फिराक में थे चीनी सैनिक, भारतीय जाबांजों ने खदेड़ा, कुछ को तो हिरासत में भी ले लिया!

एक बार फिर से चीनी सैनिकों ने भारत में घुसपैठ करने की कोशिश की जिसे भारतीय सेना के जवानों ने नकाम कर दिया और चीनी सैनिकों को वापस उनकी सीमा में खदेड़ दिया। खबर तो यह है भी है कि कुछ चीनी सैनिकों को इस दौरान भारतीय सेना ने हिरासत में भी ले लिया था हालांकि, थोड़ी देर बाद उन्हें वार्निंग देकर छोड़ दिया गया।

नई दिल्ली: पड़ोसी देश चीन एलएसी पर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह आए दिन सीमा पर विवाद खड़ा करता रहता है और भारत को उकसाने का काम करता रहता है। इतना ही नहीं वह सीमा पर कभी बंकर बनाने का काम करता है तो कभी सड़कें। ताजा मामले में एक बार फिर से चीनी सैनिकों ने भारत में घुसपैठ करने की कोशिश की जिसे भारतीय सेना के जवानों ने नकाम कर दिया और चीनी सैनिकों को वापस उनकी सीमा में खदेड़ दिया। खबर तो यह है भी है कि कुछ चीनी सैनिकों को इस दौरान भारतीय सेना ने हिरासत में भी ले लिया था हालांकि, थोड़ी देर बाद उन्हें वार्निंग देकर छोड़ दिया गया।


मिली जानकारी के मुताबिक, चीन ने अरुणाचल सेक्टर में बीते सप्ताह घुसपैठ की कोशिश की, मगर भारत के जांबाज सैनिकों ने ड्रैगन के मंसूबों पर पानी फेर दिया और उन्हें खदेड़ने में कामयाब रहे। रक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो बीते सप्ताह अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके में भारत और चीनी सेना के बीच उस वक्त झड़प हुई, जब ड्रैगन के सिपाही भारतीय सीमा में दाखिल होने की हिमाकत कर रहे थे। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद मामला सुलझ गया। 

भारतीय सेना ने घुसपैठ की नापाक कोशिशों का मुंहतोड़ जवाब देते हुए चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया। माना जा रहा है कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके में चीनी सेना भारतीय बंकरों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से आए थे। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी सैनिकों की संख्या करीब 200 थी। बता दें कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन इससे पहले भी इस तरह की कई बार हिमाकत कर चुका है। 

रक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि जब अरुणाचल सेक्टर में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गईं तो फिर इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ घंटों तक बातचीत चली और मौजूदा प्रोटोकॉल के अनुसार इसे मामले को तुरंत सुलझा लिया गया। इस झड़प में भारतीय पक्ष को नुकसान नहीं हुआ है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यह घटना पिछले सप्ताह वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास बुम ला और यांग्त्से के सीमा दर्रे के बीच हुई थी।




India Air Force का 89वॉ स्थापना दिवस आज, ये बातें हर भारतीय का सीना कर देती हैं गर्व से चौड़ा

खासकर अभी हाल के वर्षों में दूसरे देशों में फंसे भारतीयों को एयरलिफ्ट कर भारतीय वायुसेना ने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खीचा है। तो आइए इस मौके पर हम आपके बताते हैं देश की आन, बान और शान अपनी वायुसेना से जुड़ी कुछ बातें।

नई दिल्ली: आज भारतीय वायुसेना का 89वॉ स्थापना दिवस है। भारतीय वायुसेना ना सिर्फ युद्ध के दौरान बल्कि देश में आपातकाल, बाढ़, भूकंप, तूफान के समय में देशवासियों की रक्षा करने के लिए तत्पर रहती है। हमारी वायुसेना के जंगी जहाज से लेकर मालवाहक विमान तक देश की सेवा में जुटे रहते हैं। खासकर अभी हाल के वर्षों में दूसरे देशों में फंसे भारतीयों को एयरलिफ्ट कर भारतीय वायुसेना ने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खीचा है। तो आइए इस मौके पर हम आपके बताते हैं देश की आन, बान और शान अपनी वायुसेना से जुड़ी कुछ बातें।

A career in Indian Air Force in 2021 Check Latest Update - College Chalo
  • 8 अक्टूबर 1932 को वायुसेना की स्थापना की गई थी इसीलिए हर साल 8 अक्टूबर वायुसेना दिवस मनाया जाता है। देश के स्वतंत्र होने से पहले वायुसेना को रॉयल इंडियन एयर फोर्स (आरआईएएफ) कहा जाता था।  आजादी के बाद वायुसेना के नाम में से "रॉयल" शब्द को हटाकर सिर्फ "इंडियन एयरफोर्स" कर दिया गया था।
  • 1 अप्रैल 1933 को वायुसेना का पहला दस्ता बना जिसमें 6 आएएफ-ट्रेंड ऑफिसर और 19 हवाई सिपाहियों को शामिल किया गया था।
  • आजादी से पहले वायु सेना आर्मी के तहत ही काम करती थी। एयर फोर्स को आर्मी से 'आजाद' करने का श्रेय भारतीय वायु सेना के पहले कमांडर इन चीफ, एयर मार्शल सर थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट को जाता है।
  • आजादी के बाद सर थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट को भारतीय वायु सेना का पहला चीफ, एयर मार्शल बनाया गया था। वह 15 अगस्त 1947 से 22 फरवरी 1950 तक इस पद पर बने रहे थे।
  • भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य है- 'नभ: स्पृशं दीप्तम' है। इसे गीता के 11वें अध्याय से लिया गया है। महाभारत के युद्ध के दौरान कुरूक्षेत्र में भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश का एक अंश है।
  • वायुसेना ध्वज, वायु सेना निशान से अलग, नीले रंग का है जिसके शुरुआती एक चौथाई भाग में राष्ट्रीय ध्वज बना है और बीच के हिस्से में राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों अर्थात्‌ केसरिया, श्वेत और हरे रंग से बना एक वृत्त (गोलाकार आकृति) है। यह ध्वज 1951 में अपनाया गया। 
Indian Air Force restructures, deploys more air warriors to boost fighter  squadron strength by 20 per cent | India News | Zee News




क्या 'धरती के स्वर्ग' कश्मीर में हो गए हैं 1990 जैसे हालात?, 5 दिन में 7 हिंदुओं व सिखों की हत्या

एक बार फिर से कश्मीर घाटी में 1990 जैसे हालात हो गए हैं। यहां पिछले एक सप्ताह में आतंकियों ने 7 लोगों की हत्या की है। जिन्हें आतंकियों ने अपना निशाना बनाया है वह सभी अल्पसंख्यक यानि हिंदू और सिख थे।

नई दिल्ली: एक बार फिर से कश्मीर घाटी में 1990 जैसे हालात हो गए हैं। यहां पिछले एक सप्ताह में आतंकियों ने 7 लोगों की हत्या की है। जिन्हें आतंकियों ने अपना निशाना बनाया है वह सभी अल्पसंख्यक यानि हिंदू और सिख थे।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद अब आतंकियों की बौखलाहट खुलकर सामने आने लगी है। आतंकवादी अब आम नागरिकों को निशाना बनाकर घाटी में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को आतंकियों द्वारा दो शिक्षकों की हत्या के बाद घाटी में पिछले पांच दिनों में मारे गए आम नागरिकों की संख्या सात पहुंच गई है। आतंकी ज्यादातर घाटी के हिन्दुओं और गैर मुस्लिमों को निशाना बना रहे हैं। इनमें से छह की हत्या शहर में हुई है। इनमें चार अल्पसंख्यक समुदाय से थे। इस तरह से देखा जाए तो एक बार फिर से जम्मू-कश्मीर को 90 के दशक में लौटाने की साजिश हो रही है। 

कश्मीर में आम नागरिकों को लक्ष्य बनाकर की जा रही हत्या को आतंकियों की नई रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकार इसे अभी 90 के दशक जैसी स्थिति बनाने की कोशिश से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, आतंकी गुटों की कमजोर स्थिति के मद्देनजर सुरक्षा बल इस संभावना से इनकार कर रहे हैं। ताजा घटनाओं को आतंकी गुटों के शीर्ष नेतृत्व के खात्मे की वजह से बौखलाहट और घाटी में जनसांख्यिकीय बदलाव की आशंका के मद्देनजर आम नागरिकों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश और तालिबान के कब्जे के बाद उभरते कट्टरपंथ से जोड़कर देखा जा रहा है।

 पिछले 5 दिनों में इन लोगों की हुई हत्याएं

2 अक्तूबर : श्रीनगर के चट्टाबल निवासी माजिद अहमद गोजरी की आतंकियों ने हत्या की
2 अक्तूबर : एसडी कॉलोनी बटमालू में मोहम्मद शफी डार को गोलियों से भूना
5 अक्तूबर : श्रीनगर के मशहूर दवा कारोबारी माखन लाल बिंदरू की शाम को गोली मारकर हत्या
5 अक्तूबर : एक घंटे बाद चाट विक्रेता बिहार निवासी वीरेंद्र पासवान की हत्या
5 अक्तूबर : कुछ ही मिनट बाद उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा में मोहम्मद शफी लोन की हत्या
7 अक्तूबर : श्रीनगर में महिला प्रधानाध्यापिका समेत दो शिक्षकों की गोली मारकर हत्या


लखीमपुर जा रहे नवजोत सिंह सिद्धू को यूपी बॉर्डर पर पुलिस ने समर्थकों समेत लिया हिरासत में

अपने काफिले के साथ पंजाब से लखीमपुर खीरी जा रहे पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को पुलिस ने यूपी में प्रवेश करते ही सरसावा में रोक लिया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से धक्का मुक्की कर बेरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढऩे की प्रयास किया।

सहारनपुर: अपने काफिले के साथ पंजाब से लखीमपुर खीरी जा रहे पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को पुलिस ने यूपी में प्रवेश करते ही सरसावा में रोक लिया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से धक्का मुक्की कर बेरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढऩे की प्रयास किया। 


पुलिस ने कार्यकर्ताओं और सिद्धू को हिरासत में ले लिया। तीन विधायक व दो मंत्रियों के खीरी जाने पर सहमति बनी है। सिद्धू ने गिरफ्तारी दे दी है। उन्हें व कार्यकर्ताओं को सरसावा में रोक दिया गया है। एडीजी राजीव सभरवाल, डीएम अखिलेश सिह, एसएसपी डा एस चनप्पा मौजूद हैं।

सहारनपुर में पंजाब कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा बस से लगा दी गई हैं। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के बाद पंजाब कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी शुरू कर दी गई है। पुलिस ने नवजोत सिंह सिद्धू और उनके साथियों को बस में बिठाना शुरू किया।


फिलहाल नवजोत सिंह सिद्धू को पुलिस चौकी शाहजहांपुर में बैठाया गया है। इस दौरान एडीजी राजीव सब्बरवाल के साथ बातचीत चल रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी कर रह हैं। नवजोत सिंह सिद्धू की एडीजी के साथ वार्ता चल रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता लखीमपुर खीरी जाने के लिए अडिग हैं।


लखीमपुर हिंसा: यूपी सरकार को 'सुप्रीम आदेश'-कितने हुए गिरफ्तार? फाइल करो स्टेटस रिपोर्ट

वैसे तो मामले में राजनीतिक लीपापोती जारी है लेकिन आज मामले का स्वत संज्ञान लेते हुए सीजेआई की अध्यक्षता में 3 जजों की बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है और सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि अब तक मामले में कितने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है?

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुए हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। वैसे तो मामले में राजनीतिक लीपापोती जारी है लेकिन आज मामले का स्वत संज्ञान लेते हुए सीजेआई की अध्यक्षता में 3 जजों की बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है और सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि अब तक मामले में कितने आरोपियों  को गिरफ्तार कर लिया गया है?

अदालत ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान पूछा कि आखिर अब तक कितने लोगों के खिलाफ केस फाइल हुआ है और कितने लोग अब तक गिरफ्तार हुए हैं। अदालत ने इस संबंध में यूपी सरकार से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। 

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा कि क्या जिन लोगों के खिलाफ इस मामले में एफआईआर हुई है, उन्हें गिरफ्तार किया गया? इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी पूछा है कि आखिर इस घटना का जिम्मेदार कौन है। 

इस पर यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इसके अलावा एक सदस्यीय आयोग भी गठित किया गया है, जिसे दो महीने में रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है। 

दो वकीलों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस सूर्यकांत और हिमा कोहली की बेंच ने इस मामले में अब तक प्रदेश सरकार की ओर से की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने शुक्रवार को भी इस मामले पर सुनवाई करने का फैसला लिया है। 

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने बताया कि कैसे इस रजिस्ट्री विभाग की गलती से इस अर्जी को जनहित याचिका की बजाय स्वत: संज्ञान के तहत दर्ज कर दिया गया। अदालत ने बताया कि दो वकीलों ने पत्र लिखकर लखीमपुर खीरी में हुए बवाल को लेकर सुनवाई किए जाने की मांग की थी। 

बेंच ने बताया कि उनके पत्र को रजिस्ट्री विभाग को सौंपते हुए कहा गया था कि इसके तहत वे जनहित याचिका की सुनवाई के लिए लिस्टिंग करें। लेकिन मिसकम्युनिकेशन की स्थिति पैदा हो गई और रजिस्ट्री विभाग ने इसे जनहित याचिका की बजाय स्वत: संज्ञान के तौर पर दर्ज कर लिया।


जम्मू कश्मीर: आतंकियों ने 2 हिन्दू शिक्षकों को गोलियों से भूना, मुस्लिम शिक्षकों को पहले कर दिया था अलग

दोनों ही हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में इस बात को लेकर भी चिंता जताई जा रही है कि आखिर घाटी में गैर-मुस्लिम कितने सुरक्षित हैं।

श्रीनगर: आज यानी गुरुवार सुबह श्रीनगर में आतंकियों ने ईदगाह इलाके में स्थित एक स्कूल में हमला कर दिया। इस हमले में स्कूल के प्रिंसिपल और टीचर की मौत हो गई है। दोनों ही हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में इस बात को लेकर भी चिंता जताई जा रही है कि आखिर घाटी में गैर-मुस्लिम कितने सुरक्षित हैं। 

इससे पहले बुधवार की शाम को आतंकियों ने एक बाद एक तीन हमले किए थे, जिसमें केमिस्ट की दुकान चलाने वाले माखनलाल बिंद्रू समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। अब एक बार फिर से हमला होना बताता है कि आतंकी कितने बेखौफ हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी सरकारी स्कूल में हुए हमले में दो अध्यापकों के मारे जाने की पुष्टि की है। पुलिस ने कहा कि ये आतंकी अचानक ही स्कूल में घुस आए और अध्यापकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

इस हमले के बाद श्रीनगर में बड़ी संख्या में लोग आतंकी हमले के विरोध में सड़कों पर उतरे हैं। मंगलवार को कश्मीरी पंडित माखनलाल बिंद्रू के कत्ल के बाद अब इस वारदात ने पूरी घाटी में सनसनी फैला दी है। 2019 में आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही आतंकी हमलों में कमी देखी गई थी, लेकिन हाल के दिनों में बढ़ी घटनाएं चिंताजनक हैं। आतंकियों के हमले में घायल दोनों अध्यापकों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्य से इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दोनों टीचर श्रीनगर के संगम सफाकदल इलाके में स्थित बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाते थे।


आतंकी हमले का शिकार हुए अध्यापकों की पहचान सिखविंदर कौर और दीपक के तौर पर हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रिंसिपल के ऑफिस में टीचर्स की मीटिंग चल रही थी और उसी दौरान आतंकी कमरे में घुस आए। आतंकियों ने मुस्लिम अध्यापकों को अलग कर दिया और दो हिंदू टीचर्स को गोली मार दी। इनमें से एक प्रिंसिपल थे। दोनों को गोली मारने के बाद आतंकी मौके से भाग गए।


लखीमपुर हिंसा का सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, CJI की अध्यक्षता में 3 जजों की बेंच आज करेगी सुनवाई

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में हुई हिंसा का सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस सूर्य कांत और हीमा कोहली की बेंच आज इस मामले पर सुनवाई करेगी। बता दें कि रविवार को यहां हुई हिंसा में 4 किसानों सहित 8 लोगों की मौत हो गई थी।

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में हुई हिंसा का सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस सूर्य कांत और हीमा कोहली की बेंच आज इस मामले पर सुनवाई करेगी। बता दें कि रविवार को यहां हुई हिंसा में 4 किसानों सहित 8 लोगों की मौत हो गई थी। 

किसानों का आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने किसानों को गाड़ी से कुचलकर मार डाला, जबकि मंत्री और उनके बेटे का दावा है कि वह मौके पर मौजूद नहीं थे। गुस्साए किसानों ने इसके बाद तोड़फोड़ और आगजनी की। केंद्रीय मंत्री के ड्राइवर के अलावा बीजेपी के 3 कार्यकर्ताओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। कवरेज के दौरान घायल हुए एक पत्रकार ने भी अगले दिन दम तोड़ दिया।


यूपी पुलिस ने किसानों की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर केंद्रीय मंत्री के बेटे के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है तो वहीं मौके से भागकर जान बचाने वाले बीजेपी नेता सुमित ने भी अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।


राहुल-प्रियंका पहुंचे लखीमपुर, मृतक किसान लवप्रीत के परिजनों से कर रहे मुलाकात

राहुल और प्रियंका लखीमपुर के पलिया पहुंच गए हैं। वहां किसान लवप्रीत के परिवार से मिल रहे हैं। उनके साथ छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, पंजाब के सीएम चरनजी चन्नी और दिपेंद्र हुड्डा भी हैं।

लखीमपुरखीरी: राहुल और प्रियंका लखीमपुर के पलिया पहुंच गए हैं। वहां किसान लवप्रीत के परिवार से मिल रहे हैं। उनके साथ छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, पंजाब के सीएम चरनजी चन्नी और दिपेंद्र हुड्डा भी हैं। 


भाजपा ने बोला हमला

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने राहुल पर हमला करते हुए कहा कि सुर्खियां बटोरने को कांग्रेसी युवराज ने ड्रामा किया। कहा कि विपक्ष मौतों पर अपनी वोट बैंक की राजनीति का घिनौना खेल बंद करे। उन्होंने कांग्रेस पर गैरजिम्मेदाराना रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि लखीमपुर जाने की अनुमति मिलने के बावजूद केवल मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए एयरपोर्ट पर कांग्रेस युवराज द्वारा किया गया हाईवोल्टेज ड्रामा दर्शाता है कि वे कितने गंभीर हैं।


आतंकियों को कश्मीरी पंडित की बेटी ने दी खुली चुनौती, कहा-'हिम्मत है तो सामने आओ...'

मंगलवार को श्रीनगर के इकबाल पार्क इलाके के प्रतिष्ठित केमिस्ट माखनलाल बिंद्रू की हत्या कर दी गई थी। आतंकियों ने उन्हें मेडिकल स्टोर में घुसकर गोली मारी थी।

श्रीनगर: मंगलवार को आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया। इनमें से एक मृतक कश्मीरी पंडित की बेटी ने कुंठाग्रसित आतंकियों को खुली चुनौती दी है। बेटी ने कहा है कि अगर आतंकियों में हिम्मत है तो वह उसके सामने आए और उससे बहस कर।

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों को फिर निशाना बनाना शुरू कर दिया। मंगलवार को श्रीनगर के इकबाल पार्क इलाके के प्रतिष्ठित केमिस्ट माखनलाल बिंद्रू की हत्या कर दी गई थी। आतंकियों ने उन्हें मेडिकल स्टोर में घुसकर गोली मारी थी। 

बुधवार को उनकी बेटी डॉक्टर श्रद्धा बिंद्रू ने आतंकियों को बहस करने की चुनौती दी है। डॉ. श्रद्धा ने कहा कि वो अपने कश्मीरी पंडित पिता की बेटी हैं। आतंकियों में अगर हिम्मत है तो वो उनके सामने आएं और बहस करें। 68 साल के जिस कश्मीरी पंडित केमिस्ट को आतंकियों ने गोली मारी, वह उन चुनिंदा लोगों में थे, जिन्होंने 90 के दशक में भी कश्मीर नहीं छोड़ा था।’

मेरे पिता बहुत मेहनती थे। अपने काम के शुरुआती दिनों में वे साइकिल से जाते थे। उन्होंने मुझे और मेरे भाई को पढ़ाया। मेरा भाई यहां का फेमस डायबिटोलॉजिस्ट (मुधमेह का डॉक्टर) है। मैं एसोसिएट प्रोफेसर हूं। मेरी मां महिला होते हुए हमारी मेडिकल संभालती हैं। इससे ही समझ सकते हैं कि मेरे पिता का हौसला कितना बुलंद है। ये सब उनके जज्बे का ही नतीजा है।

आतंकी मेरे पिता के शरीर को तो खत्म कर सकते हैं, लेकिन उनकी आत्मा हमेशा अमर रहेगी। जिसने भी मेरे पिता को गोली मारी है, उसे चुनौती देती हूं। वह सामने आए और मुझसे बहस करे। नहीं कर पाएगा, क्योंकि आतंकी सिर्फ पीठ पीछे ही गोली मार सकते हैं। मैं अपने पिता की बेटी हूं, औकात है तो आओ मेरे सामने और मुझसे बात करो।

हिंदू होने के बाद भी मैंने कुरान पढ़ी है। कुरान कहती है- शरीर तो एक चोला है, जिसे बदला जा सकता है, लेकिन किसी के जज्बे को कभी खत्म नहीं किया जा सकता। माखनलाल बिंद्रू की आत्मा हमेशा अमर रहेगी।


माखनलाल बिंद्रू श्रीनगर के प्रमुख केमिस्ट थे। उनका परिवार तीन पीढ़ियों से श्रीनगर में दवाओं का कारोबार करता आया है। जब 1990 में आतंकवाद चरम पर था, तब भी बिंद्रू अपना घर छोड़कर नहीं गए।


बता दें कि बिंद्रू पर हमले के एक घंटे बाद अवंतीपोरा के हवला इलाके में आतंकियों ने बिहार के वीरेंद्र पासवान को मार डाला। वीरेंद्र भेलपूरी और गोलगप्पे का ठेला लगाते थे। इसके कुछ मिनट बाद मंगलवार के ही दिन बांदीपोरा के मो. शफी लोन की गोली मारकर हत्या कर दी गई।


अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शेर्मन और भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला के बीच द्विपक्षीय बैठक

आज अमेरिका की उप विदेश मंत्री वेंडी शेर्मन और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की।

नई दिल्ली: आज अमेरिका की उप विदेश मंत्री वेंडी शेर्मन और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की। 

अमेरिका की उप विदेश मंत्री वेंडी शेर्मन ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत और अमेरिका जानते हैं कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया भर में शांति और स्थिरता बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखना और मजबूत करना है। हमारी एक अपरिहार्य साझेदारी है।

वहीं, पिछले दशकों और पिछले कुछ वर्षों में हमारे संबंधों की गति में  नियमित वृद्धि हुई है। हम द्विपक्षीय और क्वाड स्तर पर सकारात्मक और रचनात्मक दोनों एजेंडा जारी रखने के लिए तत्पर हैं।


लखीमपुर जाने की जिद पर अड़े राहुल, बोले-'हमें मार दो या जमीन में गाड़ दो, कोई फर्क नहीं पड़ता'

राहुल गांधी ने सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र को निशाने पर लेते हुए कहा कि किसानों पर सरकार का आक्रमण हो रहा है। किसानों को जीप से कुचला जा रहा है। राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि पीएम लखनऊ गए लेकिन लखीमपुर नहीं गए।

नई दिल्ली: लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने सूबे की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि किसानों पर योजनाबद्ध तरीके से हमले किये का रहे हैं और उन्हें मारा जा रहा है।

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान राहुल गांधी ने सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र को निशाने पर लेते हुए कहा कि किसानों पर सरकार का आक्रमण हो रहा है। किसानों को जीप से कुचला जा रहा है। राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि पीएम लखनऊ गए लेकिन लखीमपुर नहीं गए। 

राहुल ने प्रियंका गांधी के साथ हुई धक्का-मुक्की से जुड़े सवाल ला जवाब देते हुए कहा प्रियंका के साथ धक्का-मुक्की हुई इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। राहुल ने आगे कहा कि हमें मार दिया जाए, गाड़ दिया जाए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता...हमारी ट्रेनिंग ऐसी हुई है। यह किसानों का मुद्दा है। मैं लखनऊ जाकर जमीनी हकीकत पता करना चाहता हूं। 

राहुल ने इस दौरान कहा कि सरकार किसानों की ताकत नहीं समझ पा रही है। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों पर हमला है। राहुल ने कहा कि पूरे देश के किसानों पर योजनागत तरीके से हमला हो रहा रहा, पहले भूमि अधिग्रहण बिल वापस किया गया और फिर तीन काले कानून लाए गए। राहुल ने कहा कि यूपी में किसानों को मारा जा रहा है। इस सरकार में जो रेप करते हैं, किसानों को मारते हैं वे जेल से बाहर रहते हैं और जो कुछ नहीं करते उन्हें जेल में डाला जा रहा है।


जम्मू-कश्मीर: 'जन्नत' को जहर बनाने की फिराक में दहशतगर्द, 1 घंटे में 3 आतंकी हमले

पहला हमला कश्मीर के जाने-माने फार्मेसी कारोबारी पर हुआ। इसके बाद श्रीनगर के मदीन साहिब में एक स्ट्रीट हॉकर पर आतंकियों ने गोलियां बरसा दीं और अब बांदीपुरा जिले में एक आम नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

श्रीनगर: आज कश्मीर घाटी में दहशतगर्दों में एक नार फिर से तांडव मचाया। 1 घंटे के अंदर 3-3 आतंकी हमले कश्मीर में हुए हैं। पहला हमला कश्मीर के जाने-माने फार्मेसी कारोबारी पर हुआ। इसके बाद श्रीनगर के मदीन साहिब में एक स्ट्रीट हॉकर पर आतंकियों ने गोलियां बरसा दीं और अब बांदीपुरा जिले में एक आम नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।


पुलिस ने कहा कि आतंकियों ने जिस शख्स को निशाना बनाया है उसकी पहचान नायदखाई निवासी मोहम्मद शफी लोन के रूप में हुई है। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और आतंकियों को पकड़ने के लिए तलाशी जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना वाले क्षेत्र में पुलिस की तैनाती भी कर दी गई है।


इस घटना से कुछ ही मिनट पहले आतंकियों ने श्रीनगर में एक कश्मीरी पंडित की गोली मार कर हत्या कर दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 68 वर्षीय बिंदरू को हमलावरों ने उस समय गोली मार दी जब वह दुकान पर दवाई दे रहे थे। आतंकियों ने इस घटना को श्रीनगर के इकबाल पार्ट में अंजाम दिया। गोली मारने के बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। 

तीसरी घटना भी श्रीनगर में घटी, जहां एक स्ट्रीट हॉकर को आंतकियों ने गोलियों से भून दिया। कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार ने बताया कि आतंकियों ने श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके में इस घटना को अंजाम दिया। फिलहाल इन तीनों इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।


पूर्वी लद्दाख में अभी भी है चीन की सेना: IAF चीफ

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में चीन की वायु सेना अभी भी है। चीन ने काफी हद तक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बढ़ाया है, इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से हो सकता है कि वह अपनी सेना को जल्दी तैनात कर दें लेकिन हम पर इसका कोई असर नहीं होगा।

नई दिल्ली: चीन अभी भी सीमा पर तनाव रखने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। भारतीय सेना ने भारत चीन सीमा पर 18 ऐसे स्थान चिन्हित किये हैं जहां चीनी सैनिकों द्वारा बार बार प्रॉबलम्स की जा रही हैं। अभी भी चीनी सैनिक पूर्वी लद्दाख में हैं।

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में चीन की वायु सेना अभी भी है। चीन ने काफी हद तक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बढ़ाया है, इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से हो सकता है कि वह अपनी सेना को जल्दी तैनात कर दें लेकिन हम पर इसका कोई असर नहीं होगा।

मिग 21 विमानों के बार बार दुर्घटनाग्रस्त होने से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि मिग-21 की बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं हुई हैं। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि पहले के मुकाबले इन दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आई है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हर विमान उड़ान भरने से पहले एक सख्त जांच से गुजरता है।


कोरोना के दौरान एयरफोर्स द्वारा किये गए कार्यों को लेकर उन्होंने कहा कि कोविड की दूसरी लहर में हमारे ट्रांसपोर्ट फ्लीट ने मेडिकल सप्लाई और ऑक्सीजन को 18 देशों से लाने और ले जाने का काम किया। इसमें हमारी वायु सेना ने क़रीब 1100 घंटों की उड़ान भरी और भारत में ही 2600 घंटों की उड़ान भरी।


किसान प्रदर्शन: सुप्रीम सवाल-'जब कानून के अमल पर रोक है तो विरोध किस बात का?'

सुप्रीम कोर्ट ने किसान प्रदर्शन से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सवालिया लहजे में कहा है कि जब कानून के अमल पर रोक लगाई गई है तो विरोध किस बात का है ?

नई दिल्ली: किसान प्रदर्शन को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट सख़्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने किसान प्रदर्शन से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सवालिया लहजे में कहा है कि जब कानून के अमल पर रोक लगाई गई है तो विरोध किस बात का है ?


सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को किसान महापंचायत नाम के संगठन की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि जब लखीमपुर खीरी जैसी घटनाएं हो जाती हैं तो फिर कोई जिम्मेदारी नहीं लेता। किसान महापंचायत ने शीर्ष अदालत से मांग की थी कि उन्हें दिल्ली के जंतर-मंतर पर सत्याग्रह करने की परमिशन दी जाए। इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की है।

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह इस बात का परीक्षण करेगा कि क्या प्रदर्शन करने का हक मूल अधिकार है या नहीं। इसके साथ ही अदालत की बेंच ने किसानों के आंदोलन पर ही सवाल उठाया कि  जब कानूनों के अमल पर रोक है तो विरोध किस बात का। 

इसके साथ ही कहा कि कोर्ट के सामने मामला लंबित रहते याचिकाकर्ता विरोध कैसे कर सकते हैं। केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि भविष्य में ऐसे किसी आंदोलन को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यदि हमें लखीमपुर खीरी जैसी घटनाओं को टालना है। इसके साथ ही उन्होंने रविवार को हुई हिंसा को लेकर दुख जताया। वेणुगोपाल ने कहा कि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं नहीं होनी चाहिए। ऐसे प्रदर्शनों पर रोक लगनी जरूरी है।

इसके साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि वह इस बात परीक्षण करेगी कि यदि किसी मामले में कोई व्यक्ति या पार्टी अदालत का रुख करती है तो क्या उसी केस में वह आंदोलन भी कर सकते हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 21 अक्टूबर तय की है।


भारत ने LAC पर किया K-9 वज्र तोपों को तैनात, ड्रैगन के हरकतों का जवाब देने की तैयारी

भारत ने अभी हाल ही में 18 ऐसे स्थानों को चिन्हित किया है जहां पर चीन द्वारा अपने सैनिकों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। अब भारत भी मजबूर होकर एलएसी पर K9 वज्र तोपों को तैनात कर दिया है।

नई दिल्ली: पड़ोसी मुल्क चीन अक्सर  एलएसी पर तनाव बढ़ाता रहता है। भारत ने अभी हाल ही में 18 ऐसे स्थानों को चिन्हित किया है जहां पर  चीन द्वारा अपने सैनिकों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। अब भारत भी मजबूर होकर एलएसी पर K9 वज्र तोपों को तैनात कर दिया है।


वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की चालबाजी से निपटने के लिए भारत ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी है। चीनी सेना को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूर्वी लद्दाख के फारवर्ड एरिया में भारतीय सेना ने के-9 स्वचालित होवित्जर रेजिमेंट (K9 Vajra howitzer regiment) को तैनात किया है। यह तोप लगभग 50 किमी की दूरी पर मौजूद दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने में सक्षम है।

के-9 वज्र तोपों की तैनाती पर सेना प्रमुख ने कहा कि ये तोपें ऊंचाई वाले इलाकों में भी काम कर सकती हैं। इसका फील्ड ट्रायल बेहद सफल रहा है। हमने अब एक पूरी रेजिमेंट तैनात कर दी है, जो वास्तव में बेहद मददगार साबित होगी। 

भारत-चीन सीमा पर चल रहे गतिरोध की स्थिति पर सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने कहा है कि पिछले 6 महीनों में स्थिति काफी सामान्य रही है। हमें उम्मीद है कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में 13वें दौर की वार्ता होगी और हम इस बात पर आम सहमति पर पहुंचेंगे कि डिसएंगेजमेंट कैसे होगा। सेना प्रमुख ने इस बात का भी जिक्र किया कि चीन ने हमारे पूर्वी कमान तक पूरे पूर्वी लद्दाख और उत्तरी मोर्चे पर काफी संख्या में तैनाती की है। निश्चित रूप से अग्रिम क्षेत्रों में उनकी तैनाती में वृद्धि हुई है जो हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है।


जम्मू कश्मीर: बरघशेखा भवानी मंदिर पर उपद्रवियों का हमला, मूर्तियों को किया क्षतिग्रस्त

पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि केस दर्ज किया गया है। जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

श्रीनगर: एक बार फिर से उपद्रवियों द्वारा कश्मीरी पंडितों की आस्था पर प्रहार किया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, अनंतनाग में शनिवार को बरघशेखा भवानी के मंदिर पर हमला किया। इस दौरान मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि केस दर्ज किया गया है। जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। 

बरघशेखा भवानी का मंदिर कश्मीर घाटी के अनंतनाग जिले में मट्टन पहाड़ पर है। कश्मीरी पंडितों का यह आस्था का केंद्र है। बरघशिखा मंदिर पर ऐसे समय में हला किया गया है जब सरकार घाटी में पंडितों की वापसी की कोशिश में जुटी है।  

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, ''विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि मट्टन पहाड़ पर बरघशेखा भवानी मंदिर को कुछ उपद्रवियों ने अपवित्र किया है। केस दर्ज किया गया है और जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है।''

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। अनंतनाग के डीसीपी पीयूष सिंगला ने कहा कि दोषियों को सजा दी जाएगी और किसी को सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, ''इस तरह के कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानून के संबंधित धाराओं के तहत सजा दी जाएगी।''

जनप्रतिनिधियों ने की सख्त कार्यवाई की मांग


नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना की निंदा करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ''अस्वीकार्य। मैं इस तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करता हूं और प्रशासन खासकर जम्मू-कश्मीर पुलिस से अपील करता हूं कि दोषियों की पहचानकर सख्त सजा दी जाए। पीडीपी नेता नईम अख्तर ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की।

अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं

मामले में पुलिस द्वारा अभी तक किसी भी उपद्रवी को या किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। हालांकि पुलिस द्वारा कुछ लोगों को चिन्हित कर लिया गया है  और उनके संभावित ठिकानों पर पुलिस छापेमारी कर रही है। समाचार प्रेषण तक पुलिस द्वारा किसी भी आरोपी को मामले में गिरफ्तार नहीं किया जा सका था।


LAC पर चीन द्वारा किए गए गतिरोध वाले 18 जगहों की भारत ने की पहचान, ड्रैगन से एक-एक पर होगी बात

पड़ोसी देश चीन अक्सर एलएसी पर गतिरोध बनाकर रखता है। भारत ने ऐसे 18 स्थानों को चिन्हित किया है और इन सभी गतिरोध वाले स्थानों को लेकर चीन से बात होगी।

नई दिल्ली: पड़ोसी देश चीन अक्सर एलएसी पर गतिरोध बनाकर रखता है। भारत ने ऐसे 18 स्थानों को चिन्हित किया है और इन सभी गतिरोध वाले स्थानों को लेकर चीन से बात होगी।

मिली जानकारी के मुताबिक, भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर संघर्ष वाले 18 जगहों की पहचान की है, जिन्हें अनिर्धारित सीमा पर शांति बहाल करने से पहले दोनों सेनाओं के बीच हल करने की आवश्यकता है। सीमा संबंधी सभी विवादास्पद मुद्दों को एक साथ उठाने के बजाय और दो इंडो-पैसिफिक शक्तियों के बीच द्विपक्षीय सामान्य स्थिति बहाल होने से पहले, भारत ने चीन के साथ एक समय में एक मुद्दे को हल करने के लिए कदम उठाने का फैसला किया है।

जिस तरह 31 जुलाई को 12वीं कोर कमांडर की बैठक में पूर्वी लद्दाख में गोगरा पर भारतीय सेना और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के गतिरोध को सुलझा लिया गया था, उसी तरह भारत पीएलए को अनुमति नहीं देते हुए शेष सभी मुद्दों को चीन के साथ एक-एक करके उठाने के लिए तैयार है। आपको बता दें कि भारत ने 3,488 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ यथास्थिति को एकतरफा रूप से बदलने के लिए चीन का लगातार विरोध किया है।

भारत और चीन के बीच जारी कमांडर स्तरीय वार्ता में आगे कोंगका ला, डेमचोक के पास हॉट स्प्रिंग्स में गतिरोध को हल करना और देपसांग बुलगे में गश्त के अधिकारों की बहाली  पर चर्चा होनी है।


भारत ने एलएसी पर 18 ऐसे जगहों की पहचान की है, जहां दोनों देशों के बाच गतिरोध जारी है। एलएसी पर शांति बहाल करने से पहले दोनों सेनाओं के बीच इन जगहों पर जारी गतिरोध को हल करने की आवश्यकता है। एक पूर्व विदेश सचिव ने कहा, "हम एक-एक करके प्रत्येक प्वाइंट को उठाने का इरादा रखते हैं ताकि दोनों पक्ष अपने रुख के समर्थन में तर्कों के बारे में स्पष्ट हों।"
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों का भविष्य सीमा मुद्दों को हल करने में लगने वाले समय पर निर्भर करेगा।

 मई 2020 में, PLA ने 1993-1996 के द्विपक्षीय सीमा समझौते को नहीं मानते हुए पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग त्सो, गालवान, गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स के उत्तरी तट पर अतिक्रमण के साथ यथास्थिति को सैन्य रूप से बदलने का फैसला किया। पूर्वी लद्दाख में 1597km LAC पर 1959 लाइन (तत्कालीन चीनी पीएम झोउ एन-लाई द्वारा प्रस्तावित) को पहले ही खारिज कर दिया गया था। 15 जून, 2020 को गालवान में स्थिति तब और बिगड़ गई, जब पीएलए ने गश्त प्वाइंट 14 पर भारतीय सेना के साथ युद्ध करने की कोशिश की। इस दौरान कर्नल संतोष बाबू सहित 20 भारतीय सैनिकों शहीद हो गए।


चीनी सैनिकों की सीमा पर बढ़ती संख्या चिंता का विषय: आर्मी चीफ एमएम नरवणे

उन्होंने कहा कि चीन ने हमारे पूर्वी कमान तक पूरे पूर्वी लद्दाख और उत्तरी मोर्चे पर काफ़ी संख्या में तैनाती की है। निश्चित रूप से अग्रिम क्षेत्रों में उनकी तैनाती में वृद्धि हुई है जो हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

नई दिल्ली: सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने पूर्वी लद्दाख़ और पूर्वी कमान पर चीन द्वारा सैनिकों की तैनाती बढ़ाने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चीन ने हमारे पूर्वी कमान तक पूरे पूर्वी लद्दाख और उत्तरी मोर्चे पर काफ़ी संख्या में तैनाती की है। निश्चित रूप से अग्रिम क्षेत्रों में उनकी तैनाती में वृद्धि हुई है जो हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले 6 महीनों में स्थिति काफी सामान्य रही है। हमें उम्मीद है कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में 13वें दौर की वार्ता होगी और हम इस बात पर आम सहमति पर पहुंचेंगे कि 'डिसएंगेजमेंट' कैसे होगा।

बता दें कि आज लद्दाख के उपराज्यपाल आरके माथुर ने लेह में दुनिया के सबसे बड़े खादी राष्ट्रीय ध्वज का उद्घाटन कर उसे लगाया। इस दौरान सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे भी मौके पर मौज़ूद रहें।


राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को पीएम मोदी, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति राहुल गांधी, सोनिया गांधी समेत तमाम हस्तियों ने दी श्रंद्धाजलि

आज देश के दो अमर सपूतों (राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री) की जयंती है। इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत तमाम हस्तियों ने श्रंद्धाजलि अर्पित की।

नई दिल्ली: आज देश के दो अमर सपूतों (राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री) की जयंती है। इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत तमाम हस्तियों ने श्रंद्धाजलि अर्पित की।


महात्मा गांधी को तमाम दिग्गज हस्तियों ने दी श्रंद्धाजलि

  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गांधी जयंती के अवसर पर राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी जयंती के अवसर पर राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गांधी जयंती के अवसर पर राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू  ने गांधी जयंती के अवसर पर राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गांधी जयंती के अवसर पर राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

लाल बहादुर शास्त्री को दिग्गजों ने दी श्रंद्धाजलि


  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद  ने विजय घाट पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयघाट पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 117वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके बेटे अनिल शास्त्री ने विजयघाट पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू  ने विजयघाट पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 
  • कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विजयघाट पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 
  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विजयघाट पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 117वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


जयंती विशेष: 'जय जवान, जय किसान' का दिया था लाल बहादुर शास्त्री ने नारा, पढ़िए-उनके जीवन से जुड़ी रोचक बातें

महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जन्म एक ही दिन हुआ था और 2 अक्टूबर को दोनों की जयंती मनाई जाती है। दोनों ने ही अपना पूरा जीवन इस देश के लिए समर्पित कर दिया।

'जय जवान, जय किसान' का नारा देने वाले भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 2 अक्टूबर को 118वीं जयंती मनाई जा रही है। महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जन्म एक ही दिन हुआ था और 2 अक्टूबर को दोनों की जयंती मनाई जाती है। दोनों ने ही अपना पूरा जीवन इस देश के लिए समर्पित कर दिया।

शास्त्री जी का जन्म उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में 2 अक्टूबर, 1904 को शारदा प्रसाद और रामदुलारी देवी के घर हुआ था। देश की आजादी में लाल बहादुर शास्त्री का खास योगदान है।

साल 1920 में शास्त्री जी भारत की आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए थे और स्वाधीनता संग्राम के जिन आंदोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें मुख्‍य रूप से 1921 का असहयोग आंदोलन, 1930 का दांडी मार्च और 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन उल्लेखनीय हैं। शास्त्री ने ही देश को 'जय जवान, जय किसान' का नारा दिया था।


शास्त्री जी के बारे में जानिए ये बातें

  • बचपन में ही पिता की मौत होने के कारण वे अपनी मां के साथ नाना के यहां मिर्जापुर चले गए। यहीं पर ही उनकी प्राथमिक शिक्षा हुई। उन्होंने विषम परिस्थितियों में शिक्षा हासिल की। कहा जाता है कि वह नदी तैरकर रोज स्कूल जाया करते थे। क्योंकि उस समय बहुत कम गांवों में ही स्कूल होते थे।
  • भारत में गहरी जड़ें जमाने वाली जाति-व्यवस्था का विरोध करते हुए, 12 वर्ष की आयु में, 1917 में, उन्होंने अपना उपनाम 'श्रीवास्तव' छोड़ दिया। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्हें 'शास्त्री' की उपाधि दी गई, जिसका अर्थ है विद्वान।
  • 15 अगस्त 1947 को वे पुलिस और परिवहन मंत्री बने। उनके कार्यकाल के दौरान पहली बार महिला कंडक्टरों की नियुक्ति की गई थी। उन्होंने ही अनियंत्रित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियों के बजाय पानी के जेट के इस्तेमाल का सुझाव दिया था।
  • आधिकारिक उपयोग के लिए उनके पास शेवरले इम्पाला कार थी। एक बार उनके बेटे ने ड्राइव के लिए कार का इस्तेमाल किया। जब शास्त्री को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने अपने ड्राइवर से कहा कि कार का इस्तेमाल निजी इस्तेमाल के लिए कितनी दूरी पर किया गया और बाद में सरकारी खाते में पैसे जमा कर दिए गए।
  • 1952 में वे रेल मंत्री बने, लेकिन 1956 में तमिलनाडु में एक ट्रेन दुर्घटना में लगभग 150 यात्रियों की मौत के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं दूध के उत्पादन और आपूर्ति को बढ़ाने के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने श्वेत क्रांति को बढ़ावा दिया। साथ ही भारत के खाद्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने हरित क्रांति को बढ़ावा दिया।
  • लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री बनने के बाद 1965 में भारत पाकिस्तान का युद्ध हुआ जिसमें शास्त्री जी ने विषम परिस्थितियों में देश को संभाले रखा। सेना के जवानों और किसानों महत्व बताने के लिए उन्होंने 'जय जवान जय किसान' का नारा भी दिया।
  • आजादी के बाद वे 1951 में नई दिल्ली आ गए और केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई विभागों का प्रभार संभाला। वह रेल मंत्री, परिवहन एवं संचार मंत्री, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, गृह मंत्री एवं नेहरू जी की बीमारी के दौरान बिना विभाग के मंत्री भी रहे।
  • जब वे प्रधानमंत्री थे, तो उनके परिवार ने उन्हें एक कार खरीदने के लिए कहा था। उन्होंने जो फिएट कार खरीदी वह 12,000 रुपये में थी। चूंकि उनके बैंक खाते में केवल 7,000 रुपये थे, इसलिए उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से 5,000 रुपये के बैंक ऋण के लिए आवेदन किया। कार को आज नई दिल्ली के शास्त्री मेमोरियल में रखा गया है।
  • भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान देश में अन्न की कमी हो गई। देश भुखमरी की समस्या से गुजरने लगा था। इस संकट के समय में लाल बहादुर शास्त्री ने अपनी तनख्वाह लेनी बंद कर दी और उन्‍होंने देश के लोगों से अपील की कि वो हफ्ते में एक दिन एक वक्त व्रत रखें। उनकी अपील को अच्छी प्रतिक्रिया मिली और सोमवार शाम को भोजनालयों ने शटर बंद कर दिए और जल्द ही लोगों ने इसे 'शास्त्री व्रत' कहना शुरू कर दिया।
  • लाल बहादुर शास्त्री जी 10 जनवरी, 1966 को ताशकंद में पाकिस्तान के साथ शांति समझौते पर करार के महज 12 घंटे बाद (11 जनवरी) को अंतिम सांस ली थी। उनकी मृत्यु को आज भी एक रहस्य माना जाता है। वह मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित होने वाले पहले व्यक्ति थे।


जयंती विशेष: क्या राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में आप जानते हैं इन रोचक बातों को

उन्होंने सभी धर्मों को एकसमान मानने, सभी भाषाओं का सम्मान करने, पुरुषों और महिलाओं को बराबर का दर्जा देने और दलितों-गैर दलितों के बीच की युगों से चली आ रही खाई को पाटने पर जोर दिया।


हर वर्ष देश में 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती मनाई जाती है। यह बात सही है कि गांधी जी भारत की आजादी की लड़ाई में 1915 से सक्रिय हुए और आजादी की जंग उसके कई दशकों पहले से चल रही थी। लेकिन गांधी जी की एंट्री ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में जबरदस्त जान फूंकी। 

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में गांधी जी भूमिका ने भारतीय समाज और राष्ट्रीयता को नए सिरे से गढ़ने में मदद की। उनकी अहिंसक नीतियों और नैतिक आधारों ने और अधिक लोगों को आंदोलन से जोड़ा। उन्होंने सभी धर्मों को एकसमान मानने, सभी भाषाओं का सम्मान करने, पुरुषों और महिलाओं को बराबर का दर्जा देने और दलितों-गैर दलितों के बीच की युगों से चली आ रही खाई को पाटने पर जोर दिया।


2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मे महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के सिद्धांत के दम पर अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया। उन्हीं के विचारों के सम्मान में 2 अक्टूबर को हर साल अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस भी मनाया जाता है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की तरह इस दिन राष्ट्रीय पर्व का दर्जा दिया गया है।


राष्ट्रपिता के बारे में जानिए ये रोचक बातें

  • स्कूल में गांधी जी अंग्रेजी में अच्छे विद्यार्थी थे, जबकि गणित में औसत व भूगोल में कमजोर छात्र थे। उनकी हैंडराइटिंग बहुत सुंदर थी।
  • महान आविष्कारक अल्बर्ट आइंस्टीन बापू से खासे प्रभावित थे। आइंस्टीन ने कहा था कि लोगों को यकीन नहीं होगा कि कभी ऐसा इंसान भी इस धरती पर आया था। 
  • वह कभी अमेरिका नहीं गए और न ही कभी प्लेन में बैठे।
  • उन्हें अपनी फोटो खिचंवाना बिल्कुल पसंद नहीं था।
  • जब वकालत करने लगे तो वह अपना पहला केस हार गए थे।
  • वह अपने नकली दांत अपनी धोती में बांध कर रखा करते थे। केवल खाना खाते वक्त ही इनको लगाया करते थे।
  • उनकी शवयात्रा में करीब दस लाख लोग साथ चल रहे थे और 15 लाख से ज्यादा लोग रास्ते में खड़े हुए थे। 
  • उन्हें 5 बार नोबल पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। 1948 में पुरस्कार मिलने से पहले ही उनकी हत्या हो गई। 
  • श्रवण कुमार की कहानी और हरिश्चन्द्र के नाटक को देखकर महात्मा गांधी काफी प्रभावित हुए थे।
  • राम के नाम से उन्हें इतना प्रेम था की अपने मरने के आखिरी क्षण में भी उनका आखिरी शब्द राम ही था।
  • साल 1930 में उन्हें अमेरिका की टाइम मैगजीन ने Man Of the Year से उपाधि से नवाजा था।
  • भारत में कुल 53 बड़ी सड़कें महात्मा गांधी के नाम पर हैं। सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी कुल 48 सड़कों के नाम महात्मा गांधी के नाम पर हैं।
  • 1934 में भागलपुर में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए उन्होंने अपने ऑटोग्राफ के लिए पांच-पांच रुपये की राशि ली थी।
  • यह तो सभी जानते हैं कि महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया जाता है, लेकिन बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि उन्हें यह उपाधि किसने दी थी? महात्मा गांधी को पहली बार सुभाष चंद्र बोस ने 'राष्ट्रपिता' कहकर संबोधित किया था। 4 जून 1944 को सिंगापुर रेडिया से एक संदेश प्रसारित करते हुए 'राष्ट्रपिता' महात्मा गांधी कहा था।
  • कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने गांधीजी को महात्मा की उपाधि दी थी।
  • जब 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली थी तो महात्मा गांधी इस जश्न में नहीं थे। तब वे दिल्ली से हजारों किलोमीटर दूर बंगाल के नोआखली में थे, जहां वे हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे। 
  • आजादी की निश्चित तिथि से दो सप्ताह पहले ही गांधीजी ने दिल्ली को छोड़ दिया था। उन्होंने चार दिन कश्मीर में बिताए और उसके बाद ट्रेन से वह कोलकाता की ओर रवाना हो गए, जहां साल भर से चला रहा दंगा खत्म नहीं हुआ था।
  • गांधीजी ने 15 अगस्त 1947 का दिन 24 घंटे का उपवास करके मनाया था। उस वक्त देश को आजादी तो मिली थी लेकिन इसके साथ ही मुल्क का बंटवारा भी हो गया था।


उत्तराखंड: हिमस्खलन की चपेट में आया नौसेना का दल, 6 लापता, माउंट त्रिशूल में हुआ हादसा

पांच पर्वतारोही और एक पोर्टर लापता बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये माउंट त्रिशूल के आरोहण के दौरान हिमस्खलन आने से यह हादसा हुआ। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से राहत-बचाव टीम कर्नल अमित बिष्ट के नेतृत्व में त्रिशूल चोटी के लिए रवाना हो गई है।

देहरादून: आज उत्तराखंड में नौसेना का एक दल हिमस्खलन की चपेट में आ गया है। घटना माउंट त्रिशूल में हुई है। नौसेना का यह दल यहां आरोहण के लिए गया था। पांच पर्वतारोही और एक पोर्टर लापता बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये माउंट त्रिशूल के आरोहण के दौरान हिमस्खलन आने से यह हादसा हुआ। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से राहत-बचाव टीम कर्नल अमित बिष्ट के नेतृत्व में त्रिशूल चोटी के लिए रवाना हो गई है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, नौसेना का 20 सदस्यीय दल करीब 15 दिन पहले 7120 मीटर ऊंची त्रिशूल चोटी के आरोहण के लिए गया था। शुक्रवार सुबह दल आगे बढ़ा तो हिमस्खलन की चपेट में आ गया। घटना शुक्रवार सुबह पांच बजे के करीब हुई है। नौसेना के करीब पांच पर्वतारोही और एक पोर्टर हिमस्खलन की चपेट में आए हैं और लापता चल रहे हैं। 

भारतीय नौसेना का कहना है कि हिमस्खलन में लापता पर्वतारोही और एक पोर्टर की खोज के लिए राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। अभियान में सेना, वायु सेना और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल का बचाव दल और हेलीकॉप्टर शामिल है। माउंट त्रिशूल चमोली जनपद की सीमा पर स्थित कुमांऊ के बागेश्वर जनपद में है। तीन चोटियों का समूह होने के कारण इसे त्रिशूल कहते हैं। इस चोटी के आरोहण के लिए चमोली जनपद के जोशीमठ और घाट से पर्वतारोही टीमें जाती हैं। 


एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने संभाला इंडियन एयर फोर्स चीफ का पदभार

एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी जो चीन के साथ संकट के चरम के दौरान लद्दाख सेक्टर के प्रभारी थे, उन्होंने गुरुवार को एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया से नए वायु सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाला।

नई दिल्ली: एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने आड इंडियन एयरफोर्स के नए चीफ का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने आरकेएस भदौरिया की जगह ली है। एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी जो चीन के साथ संकट के चरम के दौरान लद्दाख सेक्टर के प्रभारी थे, उन्होंने गुरुवार को एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया से नए वायु सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाला।

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एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी के बारे में

वी आर चौधरी भारतीय वायुसेना में 1982 में शामिल हुए थे और फाइटर-स्ट्रीम से ताल्लुक रखते हैं। वे मिग-29 फाइटर जेट के पायलट रह चुके हैं और पिछले 39 साल के कैरियर में कई कमान और स्टाफ नियुक्तियां कर चुके हैं।इससे पहले तक वो सह-वायुसेना प्रमुख के तौर पर तैनात थे। इससे पहले वे एयरफोर्स एकेडमी में इस्ट्रक्टर के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

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निवर्तमान वायुसेना अध्यक्ष आरकेएस भदौरिया आज वायुसेना से रिटायर हो गए। रिटायरमेंट से पहले निवर्तमान वायुसेना चीफ ने आज दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। आरकेएस भदौरिया 42 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। इस दौरान उन्होंने 36 राफेल और 83 मार्क1ए स्वदेशी तेजस जेट सहित दो मेगा लड़ाकू विमान सौदों में अहम भूमिका निभाई थी।

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उनका करियर 'पैंथर्स' स्क्वाड के साथ MIG-21 की उड़ान के शुरू हुआ था और फिर उसी एयरबेस पर और उसी स्क्वाड्रन के साथ ही समाप्त हुआ। पूर्व एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने 13 सितंबर को 23 वर्ग, हलवारा में वायु सेना प्रमुख के रूप में एक लड़ाकू विमान में अपनी अंतिम उड़ान भरी।


पाकिस्तान में SCO की एंटी टेरर अभ्यास में भारत लेगा हिस्सा, जानिए-क्यों लिया ये फैसला

इस जॉइंट एक्सरसाइज में शामिल होने के लिए भारत की एक तीन सदस्यीय टीम पाकिस्तान में नौशेरा जिले के पब्बी जाएगी। इस संयुक्त अभ्यास का नाम 'पब्बी एंटी टेरर एक्सरसाइज 2021' है, जो 3 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। एक अंग्रेजी समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान से तल्ख रिश्तों के बावजूद भारत ने इस संयुक्त अभ्यास में शामिल होने का फैसला लिया है।

नई दिल्ली: केंद्र में एनडीए की सरकार बनने के बाद से ही पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के साथ भारत किसी भी प्राकर की बातचीत नहीं कररहा है। हालांकि, अगले हफ्ते से पाकिस्तान में शुरू हो रहे शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के आतंकवाद निरोधी अभ्यास में भारत भी हिस्सा लेगा।

इस जॉइंट एक्सरसाइज में शामिल होने के लिए भारत की एक तीन सदस्यीय टीम पाकिस्तान में नौशेरा जिले के पब्बी जाएगी। इस संयुक्त अभ्यास का नाम 'पब्बी एंटी टेरर एक्सरसाइज 2021' है, जो 3 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। एक अंग्रेजी समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान से तल्ख रिश्तों के बावजूद भारत ने इस संयुक्त अभ्यास में शामिल होने का फैसला लिया है।

दरअसल, भारत सरकार का मानना है कि शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ के इस अभ्यास में हिस्सा लेने से सीमापार आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान को लेकर उसके रुख पर कोई फर्क नहीं पड़ता। बल्कि इस अभ्यास में भारत की मौजूदगी मध्य एशिया में सुरक्षा संबंधी मसलों पर, खासतौर पर अफगानिस्तान को लेकर नई दिल्ली की अहमियत को दर्शाएगी।

बताते चलें कि रूस, भारत, चीन, पाकिस्तान के अलावा ईरान भी इस समूह के अभ्यास में हिस्सा लेगा। माना जा रहा है कि अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर कोई हल निकालने में यह समूह अहम भूमिका निभा सकता है। इस साल मार्च में ताशंकत में काउंसिल ऑफ RATS की बैठक के बाद इस संयुक्त अभ्यास की घोषणा हुई थी, जिसमें शामिल होने की पुष्टि करने वाला आखिरी देश भारत है।

एससीओ प्रोटोकॉल के तहत पाकिस्तान ने भारत सहित सभी सदस्य देशों को संयुक्त अभ्यास के लिए न्योता दिया था। हालांकि, इस अभ्यास में किसी भी देश के सैनिक शामिल नहीं होंगे। इस अभ्यास में भारत संभवतः नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरियट के अधिकारियों को भेजेगा।


एंटीलिया केस: क्या देश छोड़कर भाग चुके हैं मुम्बई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ?

परमबीर सिंह को पूछताछ के लिए कई बार समन भेजा है, लेकिन उन्हें अबतक समन डिलीवर नहीं हुआ है। ऐसे में इस बात का शक एनआईए और महाराष्ट्र राज्य की जांच एजेंसियों को है कि गिरफ़्तारी के डर से परमबीर सिंह देश छोड़कर चले गए हैं।

मुंबई: एंटीलिया व मनसुख हिरेन हत्या मामले की जांच कर रही एनआईए ने मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह को पूछताछ के लिए कई बार समन भेजा है, लेकिन उन्हें अबतक समन डिलीवर नहीं हुआ है। ऐसे में इस बात का शक एनआईए और महाराष्ट्र राज्य की जांच एजेंसियों को है कि गिरफ़्तारी के डर से परमबीर सिंह देश छोड़कर चले गए हैं।

एनआईए सूत्रों ने बताया कि सचिन वाजे की गिरफ़्तारी के बाद चल रही जांच के दौरान अप्रैल महीने में परमबीर सिंह को एनआईए कार्यालय बुलाया गया था, जहां पर एनआईए ने सचिन वाजे से जुड़े कई सवाल पूछे थे। जिस वक्त एंटीलिया कांड सामने आया था तब वाजे को मामले का इंवेस्टिगेशन अधिकारी बनाया गया था और वह सीधे परमबीर सिंह को रिपोर्ट करता था।

कोर्ट में दायर चार्जशीट में एनआईए ने कई ऐसे सबूत जोड़े हैं, जिन्हें देखकर एजेंसियों को परमबीर पर शक होने लगा है कि उनका भी इस क्राइम में कोई हाथ रहा होगा।  एनआईए ने इसी सिलसिले में अपनी जांच आगे बढ़ाने के लिए परमबीर सिंह को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाना चाहा, लेकिन एजेंसी परमबीर सिंह को ट्रैक नहीं कर पा रही है।

एनआईए की टीम छत्तीसगढ़, रोहतक सहित और कुछ जगहों पर गई, पर कहीं भी सिंह नहीं मिले। एजेंसी को शक है की परमबीर देश छोड़कर कहीं बाहर चले गए हैं और यूरोपियन देश में छिपे हुए हैं।  हालांकि इसका सबूत अभी तक किसी एजेंसी को नहीं मिला है।


चीन की दबंगई! उत्तराखंड में चीन के 100 सैनिकों ने की घुसपैठ, पुल तोड़कर भागे

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के लगभग सौ सैनिक सीमा का उल्लंघन कर पिछले महीने उत्तराखंड के बाराहोती सेक्टर में घुस आए थे।

नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में भारत की सेना से मुंह की खाने के बाद भी चीन नहीं सुधरा है। इस बार उसने उत्तराखंड में घुसपैठ की कोशिश की है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के लगभग सौ सैनिक सीमा का उल्लंघन कर पिछले महीने उत्तराखंड के बाराहोती सेक्टर में घुस आए थे। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। 

बता दें कि पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सेना ने घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया था और इस झड़प में चीनी सेना के कई सैनिक मारे गए थे और फिर ड्रैगन को पीछे हटना पड़ा था।

सूत्रों ने बताया कि यह घटना 30 अगस्त की है। चीनी सैनिक घुसपैठ के कुछ घंटे बाद बाराहोती से लौट गए। हालांकि, रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि चीनी सैनिकों ने लौटने से पहले भारतीय इलाके में बने एक पुल को ध्वस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि चीनी सैनिक पांच किलोमीटर अंदर भारतीय सीमा में घुस आए थे। उनके साथ 50 घोड़े भी थे।

इस क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान तैनात हैं। जवाबी रणनीति के तहत भारतीय सैनिकों ने क्षेत्र में गश्त की। चीनी सैनिकों के भारतीय सीमा में दाखिल होने को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख के कई क्षेत्रों में गतिरोध जारी है।


दिल्ली दंगा: हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, कहा-'अचानक नहीं, सोची समझी साजिश के तहत हुई थी हिंसा'

एंटी सीएए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के एक आरोपी की जमानत याचिका आज दिल्ली हाईकोर्ट ने यह कहकर खारिज कर दी कि दिल्ली दंगा क्षणिक आवेश में नहीं हुई थी यह एक सोची समझी साजिश की तहत हुई थी।

नई दिल्ली: एंटी सीएए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के एक आरोपी की जमानत याचिका आज दिल्ली हाईकोर्ट ने यह कहकर खारिज कर दी कि दिल्ली दंगा क्षणिक आवेश में नहीं हुई थी यह एक सोची समझी साजिश की तहत हुई थी।

कोर्ट ने कहा कि जो वीडियो फुटेज अदालत में पेश किए गए, उनमें प्रदर्शनकारियों का आचरण साफ दिखाई देता है। सरकार के साथ-साथ शहर में लोगों के सामान्य जीवन को बाधित करने के लिए दंगे सुनियोजित ढंग से कराए गए। अदालत ने कहा कि CCTV कैमरों को नष्ट करना भी शहर में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए एक पहले से की गई साजिश की पुष्टि करता है।

जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने आरोपी मोहम्मद इब्राहिम के जमानत की अपील खारिज कर दी, जिसे दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता का इस्तेमाल सभ्य समाज के ताने-बाने को खतरे में डालने के लिए नहीं किया जा सकता है। इब्राहिम को CCTV क्लिप में भीड़ को तलवार से धमकाते हुए देखा गया।

बता दें कि यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग में दंगे के दौरान पुलिसकर्मियों पर भीड़ के हमले से जुड़ा हुआ है। हिंसा के दौरान हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल के सिर में चोट लगने से मौत हो गई थी और एक अन्य अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया था। गौरतलब है कि दिल्ली दंगे में 42 से ज्यादा लोग मारे गए और करीब 200 घायल हुए।


दिल्ली के स्कूलों में आज से लागू होगा 'देशभक्ति पाठ्यक्रम', CM केजरीवाल करेंगे लॉन्च

आज यानि शहीद भगत सिंह की जयंती के मौके पर राजधानी के पब्लिक स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 12 तक के छात्रों को

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज यानि  शहीद भगत सिंह की जयंती के मौके पर राजधानी के पब्लिक स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 12 तक के छात्रों को "सक्रिय और प्रतिबद्ध नागरिक बनने" में मदद करने के उद्देश्य से 'देश भक्ति' करिकुलम लागू करने जा रही है।

देशभक्ति पाठ्यक्रम छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा आज शाम 4।30 बजे लॉन्च किया जाएगा। स्कूलों में देशभक्ति पाठ्यक्रम के जरिए बच्चों को देश के प्रति उनके कर्तव्य का अहसास कराया जाएगा। उन्हें ये बताया जाएगा कि हर बच्चे की देश के प्रति क्या जिम्मेदारी है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत करने के मकसद से स्कूलों में ये पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है। यह करिकुलम बच्चों को देश के प्रति गर्व करने के लिए प्रेरित करेगा। बच्चों को देश की गौरव गाथाएं और देश की आजादी की गाथाएं सुनाई जाएगी।
गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में फिलहाल कक्षा 9 से 12 के छात्र ही फिजिकल कक्षाओं में भाग ले रहे हैं। शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “अभी के लिए, स्कूल आ रहे कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को देशभक्ति पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। एक बार स्कूल फिर से खुलने के बाद बाकी छात्रों को भी पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।”

मिली जानकारी के मुताबिक, कक्षा 8 तक के छात्रों के लिए हर दिन देशभक्ति का 1 पीरियड होगा, और कक्षा 9 से 12 के वरिष्ठ छात्रों के लिए प्रति सप्ताह दो कक्षाएं होंगी।  DoE ने अपने सर्कुलर में कहा था कि, “प्रत्येक देशभक्ति पीरियड पांच मिनट के 'देशभक्ति ध्यान' से शुरू होगा, जहां शिक्षक और छात्र माइंडफुलनेस की प्रैक्टिस करेंगे, देश, स्वतंत्रता सेनानियों और किन्हीं पांच व्यक्तियों के प्रति आभार को रिफ्लेक्ट करेंगे, जिन्हें वे देशभक्त मानते हैं, और उनके सम्मान की शपथ लेंगे।”


बता दें कि इस साल जून और जुलाई के बीच करिकुलम को डेवलप करने और पायलट चलाने में 41 सलाहकार शिक्षकों, 9 एनजीओ पार्टनर और एक्सपर्ट्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पायलट रन का संचालन दिल्ली सरकार के स्कूली शिक्षकों के एक कोर ग्रुप द्वारा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 20 स्कूलों में विभिन्न कक्षाओं के 250 से अधिक छात्रों के साथ किया गया था।


जयंती विशेष: शहीद-ए-आजम भगत सिंह की वो चिट्ठियां जिन्हें पढ़ने पर पत्थर में भी जाग जाएगा देशभक्ति का जज्बा

आज 28 सिंतबर भारत के अमर सपूत शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती है। देश को आजाद कराने के लिए क्रांतिकारी बने भगत सिंह 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायलपुर गांव ( अब पाकिस्तान) में पैदा हुए थे।

भगत सिंह! देश की आजादी का वह अमर सपूत जिसने क्रांति को अगर आगे नहीं बढ़ाया होता तो शायद भारत आजाद नहीं होता। अग्रेंजी हुकूमत की नजर में अगर कोई सबसे ज्यादा खटना तो वह नाम था भगत सिंह और उनके साथी राजगुरू और सुखदेव की। लेकिन आज हम भगत सिंह के नक्शेकदम चलने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं। हम सिर्फ उनकी जयंती और शहादत दिवस के दिन उन्हें याद कर लेते हैं और फिर एक साल के लिए भूल जाते हैं। आज भला हो सोशल मीडिया का जो लगभग हर किसी के पास पोस्टर, बैनर, न्यूज, स्टीकर्स आदि के जरिए कम से कम यह संदेश पहुंचा देता है कि आज क्या है। तो आज 28 सिंतबर भारत के अमर सपूत शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती है। देश को आजाद कराने के लिए क्रांतिकारी बने भगत सिंह 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायलपुर गांव ( अब पाकिस्तान) में पैदा हुए थे।

भगत सिंह का कर्ज तो शायद यह देश और इस देश के लोग कभी नहीं उतार सकते। अक्‍टूबर, 1930 में भगत सिंह ने अपने पिता को एक चिट्ठी लिखी। पिता ने लाहौर केस में भगत के बचाव-पक्ष के लिए स्‍पेशल ट्रिब्‍यूनल को एक आवेदन भेजा था। बेहद सख्‍त लहजे में लिए गए इस खत में यह महान क्रांतिकारी एक बेटे के रूप में सारी भावनाएं उड़ेल देता है। महज 23 साल की उम्र में वो लिखता है कि 'बेटा होने के नाते आपकी भावनाओं का सम्‍मान करता हूं लेकिन बिना मुझसे सलाह-मशविरा किए ऐसा आवेदन करने का आपको कोई अधिकार नहीं था।' भगत की लेखनी और तीखी हो जाती है। वो कहते हैं, 'मुझे डर है कि आप पर दोषारोपण करते हुए या इससे बढ़कर आपके इस काम की निंदा करते हुए मैं कहीं सभ्यता की सीमाएं न लांघ जाऊं और मेरे शब्द ज्यादा सख्त न हों जाएं।' उनके जन्मदिन पेश हैं उनकी लिखी कुछ चिट्ठियां :

Archives of Bhagat Singh case trial to be exhibited - Pakistan - DAWN.COM


पत्र संख्या 1


लाहौर, 22 जुलाई, 1918

पूज्य बाबाजी,

नमस्ते।

अर्ज यह है कि आपका खत मिला। पढ़कर दिल खुश हुआ। इम्तिहान की बात यह है कि मैंने पहले इसलिए नहीं लिखा था क्योंकि हमें बताया नहीं गया था। अब हमें अंग्रेजी और संस्कृत का नतीजा बताया गया है। उनमें मैं पास हूं। संस्कृत में मेरे 150 नंबरों में से 110 नंबर हैं। अंग्रेजी में 150 में से 68 नंबर हैं। 150 में से जो 50 नंबर ले जाए, वह पास होता है। 68 नंबरों को लेकर मैं अच्छी तरह पास हो गया हूं। किसी किस्म की चिंता न करना। बाकी नहीं बताया गया है। छुट्टियां, 8 अगस्त को पहली छुट्टी होगी। आप कब आएंगे, लिखना।

आपका आज्ञाकारी

भगत सिंह

( 6वीं कक्षा में लिखी पहली चिट्ठी जो उन्होंने अपने दादाजी को लिखी।)


On Bhagat Singh's 110th birth anniversary, here are 10 facts about the  revolutionary freedom fighter | India News – India TV



पत्र संख्या 2


साल 1923

पूज्य पिताजी,

नमस्ते।

मेरी ज़िंदगी, सबसे ऊंचे मकसद यानी आजादी-ए-हिंद के नाम हो चुकी है। इसलिए मेरी ज़िंदगी में आराम और ख्वाहिशों की चाह नहीं है। आपको याद होगा कि जब मैं छोटा था तो बापू जी ने मेरे यज्ञोपवीत के वक्त ऐलान किया था कि मुझे देश के काम के लिए दान कर दिया जाए। लिहाजा मैं उस वक्त की प्रतिज्ञा पूरी कर रहा हूं।

उम्मीद है आप मुझे माफ करेंगे।

आपका ताबेदार

भगत सिंह



Bhagat Singh would have been jailed as an 'Urban Naxal' by the Modi  Government


पत्र संख्या 3

4 अक्तूबर, 1930

पूज्य पिताजी,

मुझे यह जानकर हैरानी हुई कि आपने मेरे बचाव-पक्ष के लिए स्पेशल ट्रिब्यूनल को एक आवेदन भेजा है। यह खबर इतनी यातनामय थी कि मैं इसे खामोशी से बर्दाश्त नहीं कर सका। इस खबर ने मेरे भीतर की शांति भंग कर उथल-पुथल मचा दी है। मैं यह नहीं समझ सकता कि मौजूदा स्थितियों में और इस मामले पर आप किस तरह का आवेदन दे सकते हैं?

आपका बेटा होने के नाते मैं आपकी भावनाओं और इच्छाओं का पूरा सम्मान करता हूं, लेकिन इसके बावजूद मैं समझता हूं कि आपको मेरे साथ सलाह-मशविरा किए बिना ऐसे आवेदन देने का कोई अधिकार नहीं था। आप जानते हैं कि राजनैतिक क्षेत्र में मेरे विचार आपसे काफी अलग हैं। मैं आपकी सहमति या असहमति का ख्याल किए बिना हमेशा आजादी से काम करता रहा हूं।

मुझे यकीन है कि आपको यह बात याद होगी कि आप शुरू से ही मुझसे यह बात मनवा लेने की कोशिशें करते रहे हैं कि मैं अपना मुकदमा संजीदगी से लडूं और अपना बचाव ठीक से पेश करूं, लेकिन आपको यह भी मालूम है कि मैं हमेशा इसका विरोध करता रहा हूं। मैंने कभी भी अपना बचाव करने की इच्छा नहीं जताई और न ही मैंने कभी इस पर संजीदगी से गौर किया है।

आप जानते हैं कि हम एक निश्चित नीति के मुताबिक मुकदमा लड़ रहे हैं। मेरा हर कदम इस नीति, मेरे सिद्धांतों और हमारे कार्यक्रम के मुताबिक होना चाहिए। आज स्थितियां बिलकुल अलग हैं। लेकिन स्थितियां इससे कुछ और भी अलग होतीं तो भी मैं अंतिम व्यक्ति होता जो बचाव पेश करता। इस पूरे मुकदमे में मेरे सामने एक ही विचार था और वह यह कि हमारे खिलाफ जो संगीन आरोप लगाए गए हैं, बावूजद उनके हम पूरी तरह इस बारे में अवहेलना का बर्ताव करें। मेरा नज़रिया यह रहा है कि सभी राजनैतिक कार्यकर्ताओं को ऐसी स्थितियों में उपेक्षा दिखानी चाहिए और उनको भी जो कठोरतम सजा दी जाए, वह उन्हें हंसते-हंसते बर्दाश्त करनी चाहिए। इस पूरे मुकदमे के दौरान हमारी योजना इसी सिद्धांत के मुताबिक रही है। हम ऐसा करने में सफल हुए या नहीं, यह फैसला करना मेरा काम नहीं। हम खुदगर्जी को त्यागकर अपना काम कर रहे हैं।

वाइसराय ने लाहौर साजिश केस आर्डिनेंस जारी करते हुए इसके साथ जो बयान दिया था, उसमें उन्होंने कहा था कि साजिश के मुजरिम शांति-व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे जो हालात पैदा हुए, उन्होंने हमें यह मौका दिया कि हम जनता के सामने यह बात पेश करें कि खुद देख लें कि शांति-व्यवस्था और कानून खत्म करने की कोशिशें हम कर रहे हैं या हमारे विरोधी? इस बात पर मतभेद हो सकते हैं। शायद आप भी उनमें से एक हों जो इस बात पर मतभेद रखते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप मुझसे सलाह किए बिना मेरी ओर से ऐसे कदम उठाएं। मेरी ज़िंदगी इतनी कीमती नहीं जितनी कि आप सोचते हैं। कम से कम मेरे लिए तो इस जीवन की इतनी कीमत नहीं कि इसे सिद्धांतों को कुर्बान करके बचाया जाए। मेरे अलावा मेरे और साथी भी हैं जिनके मुकदमे इतने ही संगीन हैं जितना कि मेरा मुकदमा। हमने एक संयुक्त योजना अपनाई है और इस योजना पर हम अंतिम समय तक डटे रहेंगे। हमें इस बात की कोई परवाह नहीं कि हमें व्यक्तिगत रूप से इस बात के लिए क्या कीमत चुकानी पड़ेगी।

पिताजी, मैं बहुत दुख का अनुभव कर रहा हूं। मुझे डर है कि आप पर दोषारोपण करते हुए या इससे बढ़कर आपके इस काम की निंदा करते हुए मैं कहीं सभ्यता की सीमाएं न लांघ जाऊं और मेरे शब्द ज्यादा सख्त न हों जाएं। लेकिन मैं साफ शब्दों में अपनी बात जरूर कहूंगा। अगर कोई दूसरा शख्स मुझसे ऐसा व्यवहार करता तो मैं इसे गद्दारी से कम न मानता, लेकिन आपके बारे में इतना ही कहूंगा कि यह एक कमजोरी है।

यह एक ऐसा समय था जब हम सबका इम्तिहान हो रहा था। मैं यह कहना चाहता हूं कि आप इस इम्तिहान में नाकाम रहे हैं। मैं जानता हूं कि आप भी इतने ही देशप्रेमी हैं, जितना कोई और व्यक्ति हो सकता है। मैं जानता हूं कि आपने अपनी पूरी ज़िंदगी भारत की आजादी के लिए लगा दी है, लेकिन इस अहम मोड़ पर आपने ऐसी कमजोरी दिखाई, यह बात मैं समझ नहीं सकता।

अंत में मैं आपसे, आपके दोस्तों और मेरे मुकदमे में दिलचस्पी लेनेवालों से यह कहना चाहता हूं कि मैं आपके इस कदम को नापसंद करता हूं। मैं आज भी अदालत में अपना कोई बचाव पेश करने के पक्ष में नहीं हूं। अगर अदालत हमारे कुछ साथियों की ओर से स्पष्टीकरण आदि के लिए पेश किए गए आवेदन को मंजूर कर लेती तो भी मैं कोई स्पष्टीकरण पेश नहीं करता।

भूख हड़ताल के दिनों में ट्रिब्यूनल को जो आवेदन-पत्र मैंने दिया था और उन दिनों में जो साक्षात्कार दिया था, उन्हें गलत अर्थों में समझा गया है और अखबारों में प्रकाशित कर दिया गया कि मैं स्पष्टीकरण पेश करना चाहता हूं। हालांकि मैं हमेशा स्पष्टीकरण पेश करने के विरोध में रहा। आज भी मेरी यही मान्यता है, जो उस वक्त थी। बोस्टर्ल जेल में बंदी मेरे साथी इस बात को मेरी ओर से गद्दारी और विश्वासघात ही समझ रहे होंगे। मुझे उनके सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करने का मौका भी नहीं मिल सकेगा।

मैं चाहता हूं कि इस बारे में जो उलझनें पैदा हो गई हैं, उनके बारे में जनता को असलियत का पता चल जाए। इसलिए आपसे प्रार्थना करता हूं कि आप जल्द-से-जल्द यह चिट्ठी प्रकाशित कर दें।

आपका आज्ञाकारी

भगत सिंह



नोट: चिट्ठियां राज कमल प्रकाशन से साभार ली गई हैं। पुस्तक का नाम है 'भगत सिंह और उनके साथियों के दस्तावेज'


रोहिणी कोर्ट शूटआउट: जांच के दौरान बड़ा खुलासा, पल-पल की जानकारी ले रहा था तिहाड़ में बंद गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया

इस शूटआउट में कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र मान गोगी और वकीलों के वेश में आए दो हमलावर मारे गए थे। गोगी 30 से अधिक आपराधिक मामलों में वॉन्टेड था।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में हुए शूटआउट के मामले में चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। दरअसल, फायरिंग से पहले तिहाड़ जेल में बंद एक अन्य गैंगस्टर फोन पर लाइव अपडेट ले रहा था। इस शूटआउट में कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र मान गोगी और वकीलों के वेश में आए दो हमलावर मारे गए थे। गोगी 30 से अधिक आपराधिक मामलों में वॉन्टेड था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि गोगी की हत्या के पीछे लंबे समय से उसके प्रतिद्वंद्वी रहे टिल्लू ताजपुरिया का हाथ था।

एक समाचार चैलन की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों के अनुसार, टिल्लू हमलावरों- राहुल त्यागी और जगदीप जग्गा और अन्य शामिल लोगों के साथ लगातार संपर्क में था। उसके पास एक फोन था, जिससे पता चलता है कि अदालती गोलीबारी में एक और बड़ी सुरक्षा चूक हुई थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, टिल्लू गोगी को मारने के लिए भेजे गए दोनों हमलावरों से मिनट दर मिनट लाइव अपडेट ले रहा था। सूत्रों ने कहा कि वह उनसे यहां तक ​​पूछ रहा था कि वे रोहिणी कोर्ट से कितनी दूर हैं और कब पहुंचेंगे। वह दो और साथियों विनय और उमंग के भी संपर्क में था, जिन्हें अब गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने कथित तौर पर दोनों को अदालत पहुंचने और लाइव अपडेट देने के लिए कहा था।

टिल्लू कथित तौर पर उस वक्त घबरा गया जब उसे पता चला कि दोनों शूटर पहले से ही भारी पुलिस उपस्थिति के बीच में फंसे हुए थे और अपने प्लान को अंजाम दे रहे थे। सूत्रों ने कहा कि उसने महसूस किया कि उसके गुर्गों के लिए पुलिस से बचना और कॉल काटना मुश्किल होगा।

टिल्लू ने कथित तौर पर अपने दो अन्य लोगों को तुरंत बुलाया। सूत्रों ने बताया कि जब उन्होंने उसे बताया कि वे रोहिणी कोर्ट में पार्किंग स्थल पर पहुंच गए हैं, तो टिल्लू ने उन्हें भागने के लिए कहा।

सूत्र बताते हैं कि अगर घटना या उसकी योजना के दौरान किसी भी समय गैंगस्टर का फोन तलाश कर जब्त कर लिया जाता, तो हत्याओं को रोका जा सकता था।

गोगी और टिल्लू जो कॉलेज छोड़ने से पहले गहरे दोस्त थे और फिरौती का रैकेट चलाते थे। पिछले कुछ दशकों में इन दोनों प्रतिद्वंद्वियों के बीच झगड़े में कई लोगों की जान जा चुकी है। 


जम्मू-कश्मीर: आज़ादी का अमृत महोत्सव में भारतीय वायुसेना ने डल झील पर किया एयर शो आयोजन

एयर शो में Su-30MKI और चिनूक हेलीकाप्टर का परफॉरमेंस आकर्षण का केंद्र बना रहा। लोगों ने हाथ हिलाकर अपनी वायुसेना का अभिवादन किया।

श्रीनगर: आज़ादी का अमृत महोत्सव में भारतीय वायुसेना ने श्रीनगर में डल झील पर एयर शो आयोजित किया। एयर शो में वायुसेना के जहाजों ने मनमोहक करतब आसमान में दिखाए। एयर शो में भारी संख्या में लोग पहुंचे थे।


इस मौके पर जम्मू कश्मीर में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि 23 साल बाद भारतीय वायुसेना ने यहां के लोगों को करतब दिखाए हैं। मुझे लगता है कि ये देखने के बाद यहां के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और अधिक लोग इसका हिस्सा बनेंगे। आज़ादी के अमृत महोत्सव पर वायुसेना ने देशभक्ति की भावना भरने का काम किया।

एयर शो में Su-30MKI और चिनूक हेलीकाप्टर का परफॉरमेंस आकर्षण का केंद्र बना रहा। लोगों ने हाथ हिलाकर अपनी वायुसेना का अभिवादन किया।


बांदीपोरा एनकाउंटर: सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया, भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद

जम्मू कश्मीर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में 2 अज्ञात आतंकवादी मारे गए, सर्च ऑपरेशन चल रहा है। हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर बांदीपोरा में आज सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया है।

जम्मू कश्मीर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में 2 अज्ञात आतंकवादी मारे गए, सर्च ऑपरेशन चल रहा है। हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए।

IGP कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि पुलिस को 2 आतंकी छुपे होने की सूचना मिली थी। हमने उनको घेरने के बाद सरेंडर करने की अपील की। उन्होंने इस अपील को नहीं माना जिसके बाद मुठभेड़ में दोनों मारे गए। इनमें से एक आतंकी ने पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली थी और दूसरा आतंकी वसीम बारी की हत्या में शामिल था।


गुलाब तूफान: ओड़िशा और आंध्र के तटों से चक्रवात के टकराने की आशंका, प्रशासन अलर्ट

चक्रवात को देखते हुए बचाव और राहत कार्यों के लिए उत्तर तटीय आंध्र जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के तीन और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के एक दल को तैनात किया गया है।

नई दिल्ली: प्रकृति एक बार फिर से भारत की परीक्षा लेने आ रही है। इस साल तीसरी बार चक्रवाती तूफान कहर ढाने आ रहा है। ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तटों के बीच से रविवार को 'गुलाब' चक्रवात के गुजरने की आशंका है।

चक्रवात को देखते हुए बचाव और राहत कार्यों के लिए उत्तर तटीय आंध्र जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के तीन और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के एक दल को तैनात किया गया है। 


वहीं, ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) के 42 दलों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के 24 दलों के साथ दमकल कर्मियों को सात जिलों गजपति, गंजम, रायगढ़, कोरापुट, मल्कानगिरी, नबरंगपुर, कंधमाल भेजा है।

सरकार की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम जिलों में निचले इलाकों से लगभग शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है। श्रीकाकुलम में एनडीआरएफ के दो दलों को तैनात किया गया है जहां चक्रवात का अधिक प्रभाव हो सकता है। इसके अलावा विशाखापत्तनम में एक दल को तैनात किया गया है। 

विशाखापत्तनम में एसडीआरएफ के एक दल को भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रखा गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इन जिलों के मछुआरों से 27 सितंबर तक समुद्र में न जाने को कहा है।
ओडिशा के गंजम के चक्रवाती तूफान से गंभीर रूप से प्रभावित होने की उम्मीद है और इलाके में 15 बचाव दलों को तैनात किया गया है। इसके अलावा दमकल के 11 दलों के अलावा ओडीआरएएफ के छह दलों और एनडीआरएफ के आठ दलों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर और मध्य हिस्से पर बना गहरे दबाव का क्षेत्र 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है। शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे गहरे दबाव का क्षेत्र गोपालपुर से 510 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व और आंध्र प्रदेश में कलिंगपत्तनम से 590 किलोमीटर पूर्व में स्थित था।  

आईएमडी ने कहा, 'यह 26 सितंबर की शाम तक कलिंगपत्तनम के आसपास विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तटों की ओर बढ़ सकता है।' आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय मोहपात्र ने बताया कि चक्रवाती तूफान के प्रभाव से 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक हवा चलने का अनुमान है। 


अगले तीन दिनों के दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठेंगी और ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा आंध्र प्रदेश में मछुआरों को 25 से 27 सितंबर तक बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उत्तरपूर्वी क्षेत्र में समुद्र में न जाने को कहा गया है।


अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की चाहत, भारत को मिलनी चाहिए UNSC में स्थायी सीट

यूएनएससी की कमान अगस्त 2021 में भारत के पास थी। भारत द्वारा अध्यक्ष के तौर पर जो निर्णय लिए गए वह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को खूब भाया है। अब जो बाइडेन यह महसूस कर रहे है कि भारत को भी यूएनएससी में स्थायी सीट मिलनी चाहिए।

नई दिल्ली: यूएनएससी की कमान अगस्त 2021 में भारत के पास थी। भारत द्वारा अध्यक्ष के तौर पर जो निर्णय लिए गए वह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को खूब भाया है। अब जो बाइडेन यह महसूस कर रहे है कि भारत को भी यूएनएससी में स्थायी सीट मिलनी चाहिए।


विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने शुक्रवार कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को लगता है कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट मिलनी चाहिए। बिडेन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात पर विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हमारी अध्यक्षता की सराहना की गई, विशेष रूप से अफगानिस्तान के मुद्दे पर। राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा कि उन्हें लगता है कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक स्थायी सीट मिलनी चाहिए।" 

श्रृंगला ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की अध्यक्षता विशेष रूप से अफगानिस्तान के मुद्दे पर भारत के कदम की सराहना की गई। बाइडेन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह महसूस करते हैं कि सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए।पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जो बाइडेन को भारत आने का न्योता दिया है। राष्ट्रपति बाइडेन ने धन्यवाद और प्रशंसा के साथ इसका संज्ञान लिया है।

यूएनएससी में होते हैं 15 सदस्य

बता दें कि UNSC में 15 सदस्य होते हैं जिनमें 10 अस्थायी और 5 स्थायी सदस्य होते हैं। 193 सदस्यीय UNSC हर साल संयुक्त राष्ट्र में दो साल के कार्यकाल के लिए पांच गैर-स्थायी सदस्यों का चुनाव कराता है। इसके अलावा, परिषद के पांच स्थायी सदस्य  के रूप में चीन, फ्रांस, रूस, यूके और यूएस है।


बता दें कि भारत, विश्व निकाय के संस्थापक सदस्यों में से एक, वर्ष 1950-1951, 1967-1968, 1972-1973, 1977-1978, 1984-1985, 1991-1992  के दौरान 7 बार परिषद के एक अस्थायी सदस्य के रूप में चुना गया है। और सबसे हाल ही में 2011-2012 में।


UPSC 2020 का फाइनल रिजल्ट जारी, बिहार के शुभम कुमार बने टॉपर, IAS टीना डाबी की बहन ने हासिल किया 15वां रैंक

टॉपर शुभम कुमार आईआईटी बॉम्बे से B Tech (सिविल इंजीनियरिंग) कर चुके हैं और बिहार के कटिहार के रहने वाले हैं। जागृति अवस्थी MANIT भोपाल से बी टेक (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) कर चुकी हैं।

नई दिल्ली: यूपीएससी ने सिविल सर्विसेज 2020 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले शुभम कुमार ने टॉप किया है।


वहीं,  जागृति अवस्थी और अंकिता जैन ने क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान मिला है। इसके अलावा एक और नाम भी चर्चा में है। वह है 2015 की टॉपर आईएएस टीना डाबी की बहन है। उनकी बहन  रिया डाबी भी UPSC की परीक्षा में पास हुई हैं. रिया डाबी ने 15वां रैंक हासिल किया है।

सिविल सर्विसेज परीक्षा 2020 में 761 उम्मीदवार पास हुए हैं जिनमें 545 पुरुष और 216 महिलाएं शामिल हैं। टॉपर शुभम कुमार आईआईटी बॉम्बे से B Tech (सिविल इंजीनियरिंग) कर चुके हैं और बिहार के कटिहार के रहने वाले हैं। जागृति अवस्थी MANIT भोपाल से बी टेक (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) कर चुकी हैं।


दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में जज के सामने ही गैंगेस्टर जितेंद्र गोगी की गोली मारकर हत्या, दोनों हमलावरों को भी पुलिस ने किया ढेर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई जब गैंगेस्टर जितेंद्र गोगी को दिनदहाड़े और जज के सामने की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। मौके पर ही पेशी पर आए जितेंद्र गोगी की मौत हो गई।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बदमाशों द्वारा गैंगेस्टर जितेंद्र गोगी को दिनदहाड़े और जज के सामने की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। मौके पर ही पेशी पर आए जितेंद्र गोगी की मौत हो गई।

मिली जानकारी के मुताबिक, ये गैंगवार रोहिणी कोर्ट के रूम नंबर-207 के भीतर हुई है। हालांकि पुलिस ने मौके पर जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावर को ढेर कर दिया। शूटआउट में तीन से चार लोग घायल भी हुए हैं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस वारदात को टिल्लू गैंग द्वारा अंजाम दिया गया। एनकाउंटर में टिल्लू गैंग के दो बदमाशों को मार गिराया गया है।

दोनों बदमाश वकीलों की वेश में रोहिणी कोर्ट में घुसे थे। इन्होंने ही जितेंद्र गोगी को गोली मारी। मारे गए बदमाशों के नाम के बारे में अभी पता नहीं चल सका है। लेकिन यह बात जरूर सामने आई है टिल्लू गैंग और गैंगेस्टर जितेंद्र गोगी के बीच पुरानी रंजिश थी।

मामले में दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, 'पुलिस ने एक्सटॉर्शन केस में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी को दो दिन पहले पकड़ा था। उसकी आज कोर्ट में पेशी थी। वहां वकील की ड्रेस में आए बदमाशों ने अचानक गोली चला दी। जितेंद्र गोगी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। बदमाशों को ये नहीं मालूम था कि जितेंद्र गोगी के साथ स्पेशल सेल की एक टीम भी थी। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बदमाशों को ढेर कर दिया।'

इनामी बदमाश था जितेंद्र गोगी

जितेंद्र गोगी की गिनती दिल्ली के टॉप मोस्ट गैंग्स्टरों में की जाती थी। दिल्ली पुलिस ने उसपर 4 लाख रुपए का इनाम रखा था। हरियाणा पुलिस ने उस पर ढाई लाख रुपए का इनाम भी रखा था। दिल्ली के नरेला इलाके में एक स्थानीय नेता वीरेंद्र मान की हत्या में गोगी और उसके गुर्गों का हाथ था। जितेंद्र उर्फ गोगी पर हरियाणा की मशहूर सिंगर हर्षिता दाहिया की हत्या का आरोप भी है।


राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार 2019-20: राष्ट्रपति ने विजेताओं को किया सम्मानित

आज राष्ट्रपति रामना​थ कोविंद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार 2019-20 कार्यक्रम में पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और निसिथ प्रमाणिक ने भी हिस्सा लिया।

नई दिल्ली: आज राष्ट्रपति रामना​थ कोविंद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार 2019-20 कार्यक्रम में पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और निसिथ प्रमाणिक ने भी हिस्सा लिया।

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इस अवसर पर राष्ट्रपति ने अपने वक्तव्य में कहा कि जिस समाज में बेटियों को जीवन के हर क्षेत्र में उनकी चाहत, क्षमता और संभावना के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होते हैं वो ही समाज प्रगतिशील होता है। मुझे ये देखकर विशेष प्रसन्नता हुई कि समारोह में प्रदान किए गए 42 पुरस्कारों में से 14 पुरस्कार बेटियों ने प्राप्त किए।

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वहीं, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार का पूरा ध्यान युवाओं के माध्यम से बदलाव लाने पर केंद्रित है और इसके लिए सरकार उन्हें अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से पर्याप्त अवसर उपलब्ध करा रही है।

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राजधानी दिल्ली में शराब पीकर वाहन चलाने वालों की खैर नहीं, पुलिस करने जा रही है ये काम

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के स्पेशल कमिश्नर मुक्तेश चंद्र ने बताया कि पिछले 15 दिनों में जब से ये अभियान शुरू किया है, तब से 750 से ज़्यादा लोगों का चालान किया गया है। हम कोविड से संबंधित सावधानियां बरत रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमने कोरोना के दिनों में एहतियातन शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों का चालान बंद कर दिया था।

नई दिल्ली: अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शराब पीकर वाहन चलाने वालों की खैर नहीं। दरअसल, दिल्ली पुलिस द्वारा शराबी वाहन चालकों पर नकेल कसने की तैयारी फिर से शुरू कर दी गई। हालांकि, यह पहले भी किया जा रहा था लेकिन कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वालों को भी नजरअंदाज किया जाता रहा लेकिन यह पहल अब फिर से दिल्ली पुलिस द्वारा शुरू कर दी गई है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के स्पेशल कमिश्नर मुक्तेश चंद्र ने बताया कि पिछले 15 दिनों में जब से ये अभियान शुरू किया है, तब से 750 से ज़्यादा लोगों का चालान किया गया है। हम कोविड से संबंधित सावधानियां बरत रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमने कोरोना के दिनों में एहतियातन शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों का चालान बंद कर दिया था। ये देखने में आ रहा है कि सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। ये फैसला लिया गया कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले लोगों के खिलाफ अभियान दोबारा शुरू किया जाए।

स्पेशल कमिश्नर मुक्तेश चंद्र ने आगे बताया कि हम ऐसे 100 लोगों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं जो गाड़ी खतरनाक तरह से चलाते हैं। उनके घरों में चिट्ठी द्वारा सूचना देंगे कि उनकी ड्राइविंग अच्छी नहीं और उनको रोड सेफ्टी की क्लास लेनी है। ऐसा ना करने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।


दिल्ली-NCR में हुई जमकर बारिश, कई राज्यों के लिए मौसम विभाग में जारी किया अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात, कोंकण, गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अगले 5 दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर 25-26 सितंबर को बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना है।

नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में आज शाम लगभग 8 बजे जमकर बारिश हुई। इस दौरान साउथ दिल्ली, साउथ ईस्ट दिल्ली, यमुनानगर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा के साथ हरियाणा और पश्चिम यूपी के कुछ जगहों पर जोरदार बारिश हुई।


वहीं, मौसम विभाग ने अगले पांच दिन तक देश के कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात, कोंकण, गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अगले 5 दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर 25-26 सितंबर को बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना है।

मौसम विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, सौराष्ट्र कच्छ में 26 और 27 सितंबर तथा तटीय आंध्र प्रदेश में 26 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर और आसपास के पूर्व मध्य में 24 सितंबर की शाम को निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस कारण से 26 सितंबर से ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में भारी वर्षा की संभावना है। वहीं मौसम विभाग ने बताया कि जम्मू में छिटपुट भारी वर्षा होने की संभावना है। कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पंजाब में आज अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। 


आईएमडी ने पूर्वानुमान लगाया है कि उत्तर प्रदेश, मप्र समेत देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश देखने को मिलेगी। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात और कोलकाता में भी भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

मौसम विभाग की ताजा जानकारी के मुताबिक 24 सितंबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। 26 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान और गुजरात में भारी बारिश के साथ व्यापक रूप से व्यापक वर्षा होने की संभावना है। 

24 सितंबर तक छत्तीसगढ़, विदर्भ और मध्य प्रदेश में और 23 सितंबर तक मध्य महाराष्ट्र, गोवा, कोंकण और मराठवाड़ा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियों में कल के बाद कमी देखी जाएगी।

इन राज्यों में अगले 24 घंटे में होगी बारिश

अगले 24 घंटों के दौरान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, विदर्भ, मराठवाड़ा, दक्षिण पूर्व राजस्थान, उत्तरी कोंकण और गोवा, गुजरात के कुछ हिस्सों, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 

वहीं, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के शेष हिस्सों, सौराष्ट्र और कच्छ, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।


उड़ी में सुरक्षाबलों ने मार गिराए 3 आतंकी, भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार बरामद

गए आतंकियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है लेकिन जिस तरह से उनके पास से भारी मात्रा में गोला-बारुद व हथियार बरामद हुए हैं उसे देखने से तो यही लग रहा है कि आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें ऊपर भेज दिया।

श्रीनगर: एक बार फिर से आतंकियों के मंसूबों को सुरक्षाबलों ने नकाम कर दिया है। उत्तर कश्मीर के बारामुला जिले में पड़ने वाले उड़ी में आज सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। मारे गए आतंकियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है लेकिन जिस तरह से उनके पास से भारी मात्रा में गोला-बारुद व हथियार बरामद हुए हैं उसे देखने से तो यही लग रहा है कि आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें ऊपर भेज दिया। हालांकि, मुठभेड़ के क्रम में एक जवान के घायल होने की भी खबर है।

मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, विदेशी करंसी और अन्य साजो सामान भी बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि मारे गए तीनों वे आतंकी हैं, जो हाल ही में पाक अधिकृत कश्मीर से घुसपैठ कर भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे। अभी मारे गए आतंकियों की पहचान नहीं हो पाई है। इस कार्रवाई में एक जवान के भी घायल होने की सूचना है।

मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों को उड़ी में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली। देखते ही देखते पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के जवानों ने बताए गए ठिकाने को घेर कर गहन तलाशी अभियान छेड़ दिया है। कुछ ही देर में मुठभेड़ शुरू हो गई। इस कार्रवाई में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया।

मारे गए आतंकियों से पांच एके-47 रायफल, आठ पिस्तौल, 45 ग्रेनेड, दो यूबीजीएल, भारी मात्रा में कारतूस, विदेशी करंसी, सेटेलाइट फोन, खाने-पीने के सामान आदि बरामद किए गए। बरामद हथियार और गोला-बारूद की मात्रा से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मारे गए आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।


भारत में घुसे अफगानी आतंकी, निशाने पर सेना के कैंप और बड़े सरकारी संस्थान

इस बावत खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। खुफिया एजेंसियों ने आतंकियों द्वारा किसी बड़े हमले की आशंका भी जाहिर की गई है। सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों के निशाने पर सेना के कैंप या बड़े सरकारी संस्थान हो सकते हैं।

नई दिल्ली: अफगान में तालिबानी आतंकियों के कब्जे के बाद पहली बार भारत में अफगानी आतंकी घुस आए हैं। इस बावत खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। खुफिया एजेंसियों ने आतंकियों द्वारा किसी बड़े हमले की आशंका भी जाहिर की गई है। सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों के निशाने पर सेना के कैंप या बड़े सरकारी संस्थान हो सकते हैं।


खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, उरी सेक्टर के एक पोस्ट पर फैंस काटकर अफगान आतंकियों की घुसपैठ कराई गई। अफगानी आतंकियों को भारत में घुसा कर वापस लौट रहे पाकिस्तानी आतंकियों से सुरक्षाबलों की मुठभेड़ हुई जिसमें एक सिपाही जख्मी हो गया था। आतंकियों के पास से घातक हथियार भी बरामद हुए। खुफिया रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि 18 सितंबर 2021 को पांच अफगान आतंकियों ने उरी सेक्टर के एक पोस्ट से भारत में घुसपैठ की है। 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सेना द्वारा उरी सेक्टर में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इन पांचों आतंकी अफगानिस्तान से आए हैं, इसलिए कश्मीर में लोगों के बीच आसानी से घुलमिल नहीं सकते। सुरक्षाबल लगातार इनकी तलाश कर रही है। सभी संदिग्ध जगहों पर छापेमारी की जा रही है। इसके अलावा जो लोग इन्हें शरण दे सकते हैं, उनसे भी पूछताछ की जा रही है। सेना के कैंप या बड़े सरकारी संस्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तालिबान का राज आने के बाद भारत में और खासकर कश्मीर के रास्ते आतंकियों द्वारा घुसपैठ का खतरा लगातार बढ़ा हुआ है। वहीं, पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा अफगान में तालिबान का राज आने के बाद अबतक 100 से भी अधिक बार घुसपैठ की कोशिश की जा चुकी है। हालांकि, सुरक्षाबलों की सक्रियता की वजह से आतंकी अबतक अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए हैं लेकिन अब कुछ आतंकियों के देश में घुसपैठ किए जाने की सूचना है।


त्यौहारों में खलल डालने की फिराक में पाक और अफगानी आतंकी, खुफिया एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

खुफिया एजेंसियों ने आगामी त्योहारी सीजन के दौरान देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में पाकिस्तानी आतंकियों के साथ-साथ अफगान मूल के दहशतगर्दों की सीमा पार से आवाजाही को लेकर अलर्ट जारी किया है।

ई दिल्‍ली: बंदुकों के दम पर तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में सरकार बनाए जाने के बाद से ही पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान लगातार आतंकियों की घुसपैठ भारत में करान के लिए तत्पर है। अबतक 100 से भी ज्यादा बार पाक समर्थित आतंकियों द्वारा भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की जा चुकी है जिसे भारतीय सुरक्षाबलों की सक्रियता की वजह से कामयाबी नहीं मिल पाई है। लेकिन अब सूचना है कि देश में आने वाले त्यौहारों में पाकिस्तानी व अफगानिस्तानी पृष्ठिभूमि के आतंकी खलल पैदा कर सकते हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, भारत में अमन-चैन और जम्‍मू-कश्‍मीर में शांति बहाली पाकिस्‍तान की आंखों में चुभ रही है। वह लगातार आतंकी संगठनों और खुफि‍या एजेंसी आइएसआइ के जरिए भारत को अस्थिर करने की कोशिशें कर रहा है।  खुफिया एजेंसियों ने आगामी त्योहारी सीजन के दौरान देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में पाकिस्तानी आतंकियों के साथ-साथ अफगान मूल के दहशतगर्दों की सीमा पार से आवाजाही को लेकर अलर्ट जारी किया है।

एजेंसियों के मुताबिक उन्हें लश्कर-ए-तैयबा, हरकत उल-अंसार और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों की सीमा पार से आवाजाही के संबंध में इनपुट मिले हैं। खुफि‍या एजेंसियों ने जारी अलर्ट में साफ कहा है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन अफगान मूल के दहशतगर्दों को भारत में घुसने में मदद कर रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि अफगानिस्तान की सत्ता में तालिबान की वापसी के बाद हमें पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों की मदद से अफगान आतंकियों के भारत में घुसपैठ कराने के बारे में इनपुट मिला है।

एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, आतंकियों की घुसपैठ कराने में पाकिस्‍तानी खुफि‍या एजेंसी आईएसआई खुलकर मदद कर रही है। खुफि‍या एजेंसियों को इनपुट मिला है कि नियंत्रण रेखा यानी एलओसी के पास पाकिस्तान के नक्याल सेक्टर में एक आतंकी शिविर में घुसपैठक के लिए पूरी तरह तैयार लगभग 40 आतंकी मौजूद हैं। इन आतंकियों को पुंछ नदी को पार करके भारत में दाखिल होने का प्रशिक्षण दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि इन आतंकियों को ट्यूब और स्नार्कलिंग के माध्यम से नदी पार करने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है।

सुरक्षाबलों के अधिकारियों को खबर मिली है कि ये आतंकी टिफिन बम बनाने में प्रशिक्षित हैं। घुसपैठ करने के बाद भारत में सक्रिय स्लीपर सेल के आतंकियों की ओर से उन्हें हमलों को अंजाम देने के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि इन इनपुट के आधार पर सभी संबंधित एजेंसियों, राज्य पुलिस के अधि‍कारियों और अर्धसैनिक बलों को अलर्ट जारी किया गया है। 


बताते चलें कि इससे पहले खुफिया एजेंसियों ने कहा था कि अफगानिस्‍तान में तालिबान की वापसी के बाद गुलाम कश्‍मीर में आतंकियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं।


झारखंड जज की मौत का मामला: ऑटो चालक ने जानबूझकर मारी टक्कर जज को टक्कर, CBI ने हाईकोर्ट में कहा

मामले में सुनवाई के दौरान CBI के ज्वाइंट डायरेक्टर ने कहा की सीबीआई हर एंगल पर जांच करेगी। जांच जारी है और कोई भी एंगल नही छोड़ा जाएगा।

रांची: लगभग दो महीने पहले एक ऑटो से टक्कर लगने की वजह से धनबाद के जज उत्तम आनंद की मौत के मामले में सीबीआई ने आज हाईकोर्ट में बताया कि वह एक हादसा नहीं था। बल्कि, ऑटो चालक द्वारा जान-बूझकर जज उत्तम आनंद को टक्कर मारी थी। मामले में सुनवाई के दौरान CBI के ज्वाइंट डायरेक्टर ने कहा की सीबीआई हर एंगल पर जांच करेगी। जांच जारी है और कोई भी एंगल नही छोड़ा जाएगा। इसके बाद कोर्ट ने अगले सप्ताह प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

सीबीआी ने मामले में विश्लेषण और अपराध स्थल के रिकंस्ट्रक्शन, सीसीटीवी फुटेज की जांच और उपलब्ध फोरेंसिक सबूतों से पता चलता है कि उत्तम आनंद की जानबूझकर दो लोगों ने निशाना बनाकर हत्या कर दी।

सीबीआई द्वारा उक्त बातें झारखंड उच्च न्यायालय को पूछताछ पर अपडेट प्रदान करने के दौरान बताई। सीबीआई ने कहा कि हत्या की जांच अंतिम चरण में है। सीबीआई ने कहा कि वह अब इस मामले की उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों के साथ फोरेंसिक रिपोर्ट के जरिए पुष्टि कर रही है। सीबीआई ने सबूतों का अध्ययन करने के लिए देश भर से चार अलग-अलग फोरेंसिक टीमों को लगाया है। सीबीआई को कहना है कि जांच पूरी होने के करीब है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एजेंसी गुजरात में दोनों आरोपियों की ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट की रिपोर्ट का भी अध्ययन कर रही है। घटना के अगले दिन दोनों आरोपियों लखन वर्मा और राहुल वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं ऑटोरिक्शा एक महिला के नाम पर पंजीकृत है।

सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि अगस्त में एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण सबूत खोजे। इसमें यह तथ्य भी शामिल है कि आरोपी ने अपराध करने से पहले कॉल्स करने के लिए रेलवे ठेकेदार के चोरी के दो मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। 28 जुलाई को 49 साल के जज उत्तम आनंद की ऑटो से टक्कर लगने के बाद मौत हो गई थी।

बताते चलें कि इमामले की अब तक हुई जांच और कार्रवाई से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं था। अदालत ने 23 सितंबर को CBI के जोनल डायरेक्टर को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि सीबीआई हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट दे रही है, लेकिन उसमें कुछ भी नया नहीं है। हर बार स्टीरियो टाइप रिपोर्ट दायर कर रही है। यह संतोषजनक नहीं है। जुडिशल ऑफिसर की हत्या हुई है। हमें रिजल्ट चाहिए।

गौरतलब है कि जज उत्तम आनंद की 28 जुलाई की सुबह उस समय ऑटो की टक्कर से मौत हो गई थी जब वह मॉर्निंग वाक पर निकले थे। जज उत्तम आनंद ने कई गैंगस्टरों की बेल खारिज की थी। फिलहाल मामला सीबीआई के पास है और वह इसकी हर पहलू से जांच कर रही है।



पेगासस जासूसी केस: जांच के लिए SC करेगा टेक्निकल एक्सपर्ट कमिटी का गठन

बहुचर्चित पेगासस जासूसी कांड की जांच के लिए अब सुप्रीम कोर्ट खुद आगे आया है। विभिन्न एजेंसियों की नाकामी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टेक्निकल एक्सपर्ट कमिटी गठित करने का फैसला लिया है।

नई दिल्ली: बहुचर्चित पेगासस जासूसी कांड की जांच के लिए अब सुप्रीम कोर्ट खुद आगे आया है। विभिन्न एजेंसियों की नाकामी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टेक्निकल एक्सपर्ट कमिटी गठित करने का फैसला लिया है।

केस की सुनवाई करते हुए गुरुवार को चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि इसकी जांच के लिए उच्चतम न्यायालय एक टेक्निकल एक्सपर्ट कमिटी का गठन करेगा। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह अगले सप्ताह इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर स्वतंत्र आदेश देगा।


मिली जानकारी के मुताबिक, चीफ जस्टिस ने इस मामले से जुड़े एक अधिवक्ता सीयू सिंह से बताया कि हम पेगासस जासूसी कांड की जांच के लिए एक तकनीकी टीम का गठन करेंगे। इसके साथ ही चीफ जस्टिस ने उनसे कहा कि कि वे दूसरे अधिवक्ताओं को बता दें कि अगले सप्ताह हमारी ओर से इस संबंध में अंतिम आदेश जारी किया जाएगा।

 
चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि इस मामले में अगले सप्ताह आदेश जारी किया जाएगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 13 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। तब याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के रुख पर नाराजगी जाहिर की थी। अदालत ने कहा था कि हम यह जानना चाहते हैं कि क्या सरकार ने पेगासस स्पाईवेयर का इस्तेमाल आम लोगों की जासूसी के लिए किया है या नहीं। 

इससे पहले केंद्र सरकार ने इस मामले में कोई हलफनामा दाखिल करने से इनकार कर दिया था। सरकार का कहना था कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं होगा। केंद्र सरकार का कहना था कि ऐसा करने से देश के दुश्मनों को यह पता लग सकता है कि हम उन पर नजर रखने के लिए किस चीज का इस्तेमाल करते हैं। इस पर कोर्ट ने कहा था कि आप ऐसा कुछ भी न बताएं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से ठीक न हो। लेकिन हम सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि क्या कुछ लोगों पर निगरानी के लिए पेगासस स्पाईवेयर का इस्तेमाल किया गया था।


गौरतलब है कि स्वतंत्र जांच का अनुरोध करने वाली याचिकाएं उन खबरों से संबंधित हैं जिसमें सरकारी एजेंसियों पर कुछ प्रतिष्ठित नागरिकों, नेताओं और पत्रकारों की इजराइली कंपनी एनएसओ के जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस का इस्तेमाल कर जासूसी करने का आरोप है। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने खबर दी थी कि पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हुए जासूसी की संभावित सूची में 300 से अधिक पुष्ट भारतीय मोबाइल फोन नंबर थे।


आज PM मोदी करेंगे कमला हैरिस से मुलाकात, दिग्गज कंपनियों के CEO के साथ करेंगे बैठक

तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी आज आस्ट्रेलियाई समकक्ष स्काट मारिसन, अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और दिग्गज कंपनियों के चुनिंदा प्रमुखों के साथ बैठक करेंगे। जिसमें भारत में काफी निवेश करने की संभावना है।

वाशिंगटन: तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी आज आस्ट्रेलियाई समकक्ष स्काट मारिसन, अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और दिग्गज कंपनियों के चुनिंदा प्रमुखों के साथ बैठक करेंगे। जिसमें भारत में काफी निवेश करने की संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी अपने दिन की शुरुआत अमेरिका में दिग्गज कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक से करेंगे। सीईओ में क्वालकाम, एडोब, ब्लैकस्टोन, जनरल एटामिक्स और फर्स्ट सोलर के प्रमुख शामिल होंगे। यब बैठक भारतीय समय के मुताबिक शाम 7.10 बजे होगी।

इसेक बाद प्रधानमंत्री मोदी का रात 11 बजे का आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्काट मारिसन से मिलने का कार्यक्रम है। अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कई मुद्दों पर प्रधानमंत्री मारिसन से मुलाकात को लेकर उत्सुक हैं। दोनों नेता विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान कई मौकों पर मिल चुके हैं। प्रधानमंत्री मारिसन ने हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी को फोन कर चीन से मुकाबले के लिए बनाए गए एयूकेयूएस गठबंधन के बारे में जानकारी दी थी।

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में पीएम मोदी की मेजबानी करेंगे। 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में बाइडन के पदभार संभालने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली व्यक्तिगत बैठक होने जा रही है। इसके बाद वह उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से उनके औपचारिक कार्यालय में मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों पक्षों के हितों से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।


बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन सहित विश्व के अन्य नेताओं के साथ वार्ता करेंगे और संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री भारतीय समयानुसार आज सुबह करीब 3.30 बजे वाशिंगटन पहुंचे।


शोपियां एनकाउंटर: सुरक्षाबलों ने 1 आतंकी को मार गिराया, आम नागरिक को गोली मारकर हुआ था फरार

मारे गए आतंकी के पास से पिस्तौल व कुछ ग्रेनेड भी बरामद किए हैं। सुरक्षाबलों का कहना है कि आतंकी को आत्मसमर्पण करने के लिए कई बार कहा गया परंतु जब उसने इससे इंकार कर दिया तो उसे मुठभेड़ में मार गिराया गया।

श्रीनगर: आज शोपियां के चित्रीगाम क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया है। मारे गए आतंकी की पहचान अनायत अशरफ डार (18) के रूप में हुई है। अनायत कुछ दिन पहले ही वह आतंकियों से जा मिला था।

मिली जानकारी के मुताबिक इलाके में दो से तीन आतंकियों की मौजूदगी की सूचना थी। ऐसे में सुरक्षाबलों ने आतंकी को मारने के बाद काफी देर तक इलाके में तलाशी अभियान जारी रखा परंतु जब यह सुनिश्चित हो गया कि वहां और कोई आतंकी मौजूद नहीं है, तो वे अभियान को समाप्त कर वहां से चले गए।

मारे गए आतंकी के पास से पिस्तौल व कुछ ग्रेनेड भी बरामद किए हैं। सुरक्षाबलों का कहना है कि आतंकी को आत्मसमर्पण करने के लिए कई बार कहा गया परंतु जब उसने इससे इंकार कर दिया तो उसे मुठभेड़ में मार गिराया गया। 

सूत्रों का कहना है कि आतंकी की तलाश में सेना का यह सर्च ऑपरेशन गत बुधवार रात से जारी है। हाल ही में ओवर ग्राउंड वर्कर से आतंकी बने अनायत अशरफ डार (18) पुत्र अशरफ डार निवासी केशवा शोपियां ने गत बुधवार को अपने ही इलाके के एक व्यक्ति जीवर हमीद भट को गोली मार उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।


आतंकियों से संबंध रखने वाले जम्मू-कश्मीर के 2 पुलिसकर्मी समेत 6 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्ति

भारत का खाकर आतंकियों का साथ देने वाले जम्मू कश्मीर के 6 सरकारी कर्मचारियों की सर्विस समाप्त कर दी गई है। इनमें 2 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इन लोगों को आतंकवादी संगठनों से ताल्लुक रखने और उनके लिए ओवरग्राउंड वर्कर्स के दौर पर काम करने के आरोप में कार्रवाई की गई है।

श्रीनगर: भारत का खाकर आतंकियों का साथ देने वाले जम्मू कश्मीर के 6 सरकारी कर्मचारियों की सर्विस समाप्त कर दी गई है। इनमें 2 पुलिसकर्मी  भी शामिल हैं। इन लोगों को आतंकवादी संगठनों से ताल्लुक रखने और उनके लिए ओवरग्राउंड वर्कर्स के दौर पर काम करने के आरोप में कार्रवाई की गई है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की ओर से एक कमिटी का गठन किया गया था, जिसकी सिफारिश पर यह ऐक्शन लिया गया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(c) के तहत ऐसे मामलों की स्क्रूटनी के लिए कमिटी का गठन किया था। 

इससे पहले बीते सप्ताह जम्मू कश्मीर के प्रशासन ने कहा था कि किसी भी कर्मचारी को तभी पासपोर्ट जारी किया जाएगा, जब उनके विभाग की ओर से विजिलेंस क्लियरेंस दी जाए। इससे पहले भी इसी साल जुलाई में सरकार ने अपने 11 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया था। इनमें हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सैयद सलाहुद्दीन के बेटे भी शामिल थे।

इसके अलावा पुलिस विभाग से भी दो लोगों को नौकरी से हटाया गया था। इन लोगों पर आरोप था कि ये आतंकी संगठनों के लिए ओवरग्राउंड वर्कर के तौर पर काम कर रहे थे।


केंद्र को 'सुप्रीम' आदेश: महिलाओं को इसी साल NDA में शामिल करो, टाल नहीं सकते लैंगिक समानता की बात

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि नेशनल डिफेंस एकेडमी अगले साल यानी मई 2022 में महिलाओं को एंट्रेस एग्जाम में बैठने की इजाजत देगी।

नई दिल्ली: एनडीएम में महिलाओं को शामिल करने को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि महिलाओं को इसी साल से एनडीए की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने दिया जाए। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि नेशनल डिफेंस एकेडमी अगले साल यानी मई 2022 में महिलाओं को एंट्रेस एग्जाम में बैठने की इजाजत देगी।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की इस मांग को ठुकरा दिया और कहा कि इस साल 14 नवंबर को होने वाली एनडीए परीक्षा में महिलाओं को बैठने दिया जाए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इसकी तुलना आपात स्थिति से करते हुए कहा कि सशस्त्र बल आपात स्थितियों से निपटने के लिए सबसे उपयुक्त है।


मामले में सुनावाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि परीक्षा के बाद अगर कोई समस्या आती है तो सरकार कोर्ट को सूचित कर सकती है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि हम नहीं चाहते कि महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित किया जाए। रक्षा मंत्रालय को यूपीएससी के सहयोग से जरूरी कदम उठाने चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि एक साल की देरी सब कुछ खत्म कर देगी। जस्टिस एसके कौल ने कहा कि हम  प्रक्रिया में देरी नहीं करना चाहते लेकिन हम इस बारे में सटीक समय-सीमा नहीं तय करने जा रहे हैं कि किस तारीख तक यूपीएससी को अधिसूचना जारी की जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि सशस्त्र बल बहुत सी आपात स्थितियों से निपटा है। उन्हें आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है और वे इससे निपटने में सक्षम होंगे।

बता दें कि केंद्र सरकार ने मंगलवार को दायर हलफनामे में कहा था कि अब महिला अफसरों के लिए भी उपयुक्त चिकित्सा मानक तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। हलफनामे में कहा गया था कि सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशालय और विशेषज्ञों का निकाय तीनों रक्षा सेवाओं के लिए आवश्यक अभ्यास करेगा और उनकी उम्र, प्रशिक्षण की प्रकृति जैसे विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा मानकों का निर्धारण और निर्माण करेगा। 


भारत में मुस्लिमों का प्रजनन दर सबसे अधिक, दूसरे स्थान पर हिंदू, जानिए-अन्य समुदाय का हाल

वैसे तो 1992 से लेकर 2015 के बीच प्रजनन दर प्रति महिला 4.4 बच्चे से कम होकर 2.6 बच्चे पर आ गई। इस मामले में दूसरा स्थान हिंदुओं का है। जबकि जैनियों की प्रजनन दर सबसे कम है।

नई दिल्ली: भारत में मुस्लिमों की प्रजनन दर सबसे अधिक है और इस मामले में बहुसंख्यक हिंदू दूसरे स्थान पर है जबकि जैन धर्म के लोगों में प्रजनन दर बहुत ही कम है। वैसे तो 1992 से लेकर 2015 के बीच आश्चर्यजनक तरीके से प्रजनन दर प्रति महिला 4.4 बच्चे से कम होकर 2.6 बच्चे पर आ गई। इस मामले में दूसरा स्थान हिंदुओं का है। जबकि जैनियों की प्रजनन दर सबसे कम है।

एक गैर-पक्षपाती अमेरिकी थिंक टैंक ने मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। हालांकि, इसमें कहा गया है कि हर धर्मों के बीच प्रजनन दर में गिरावट आई है। प्यू शोध केंद्र की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि हर धार्मिक समूह की प्रजनन क्षमता में गिरावट देखी गई है, जिसमें बहुसंख्यक हिंदू आबादी और मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और जैन अल्पसंख्यक समूह भी शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि 2.1 प्रजनन दर के साथ हिंदू दूसरे स्थान पर हैं। जबकि 1.2 प्रजनन दर के साथ जैन धर्म सबसे कम है।

सामान्य पैटर्न काफी हद तक वैसा ही है जैसा 1992 में था, जब मुसलमानों की प्रजनन दर सबसे अधिक 4.4 और उसके बाद हिंदुओं में 3.3 थी। उदाहरण के लिए, जहां 1992 में मुस्लिम महिलाओं के हिंदू महिलाओं की तुलना में औसतन 1.1 अधिक बच्चे होने की उम्मीद थी, 2015 तक यह अंतर कम होकर 0.5 हो गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की धार्मिक संरचना में इन प्रवृत्तियों की वजह से भारत की मुस्लिम आबादी प्रजनन अंतर के कारण अन्य धार्मिक समूहों की तुलना में कुछ हद तक तेजी से बढ़ी है। लेकिन आंशिक रूप से प्रजनन पैटर्न में गिरावट और अभिसरण के कारण 1951 के बाद से समग्र धार्मिक जनसंख्या में केवल मामूली बदलाव हुए हैं। 


कैमरे की निगरानी में महंत नरेंद्र गिरि के शव का पोस्टमार्टम, दोपहर बाद दी जाएगी भू समाधि, चारों गनर से पूछताछ जारी

चारों सरकारी गनरों की लापरवाही भी सामने आई है। चारों गनर को आज निलंबित किया जा सकता है। वहीं, आरोपी शिष्य आनंद गिरि ने गनर अजय सिंह के खिलाफ बयान भी दिए हैं।

प्रयागराज: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पोस्टमार्टम 5 डॉक्टरों की टीम कैमरे की निगरानी में की जा रही है। एमएलएन मेडिकल कॉलेज के दो, जिला अस्पताल के दो और सीएमओ ऑफिस से अटैच एक डॉक्टर शव का पोस्टमार्टम कर रहे हैं। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी हो रही है। दोपहर बाद भू समाधि की प्रक्रिया सम्पन्न की जाएगी।

एसआईटी कर रही चारों गनरों से पूछताछ

दूसरी तरफ नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच कर रही एसआईटी महंत की सुरक्षा में तैनात चारों गनरों से गहन पूछताछ कर रही है। खबर है कि इन्हें  हिरासत में ले लिया गया हैं। गनर अजय सिंह, मनीष शुक्ला, अभिषेक मिश्रा और विवेक मिश्रा से लगातार पूछताछ की जा रही है।


इतना ही नहीं, चारों गनर को सस्पेंड किए जाने की भी सिफारिश की गई है। बता दें चारों सरकारी गनरों की लापरवाही भी सामने आई है। चारों गनर को आज निलंबित किया जा सकता है। वहीं, आरोपी शिष्य आनंद गिरि ने गनर अजय सिंह के खिलाफ बयान भी दिए हैं।

बताते चलें कि नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच के लिए मंगलवार को 18 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। हरिद्वार में महंत के एक शिष्य आनंद गिरि को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अबतक दर्जनभर लोगों से पूछताछ कर चुकी है।


एयर मार्शल वी आर चौधरी होंगे इंडियन एयरफोर्स के नए चीफ

वीआर चौधरी वर्तमान में वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

नई दिल्ली: केंद्र सरकसर द्वारा एयर मार्शल वीआर चौधरी को इंडियन एयरफोर्स का नया चीफ बनाने का निर्णय लिया गया है। वीआर चौधरी वर्तमान में वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बताते चलें कि मौजूदा एयरफोर्स एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया 30 सितंबर 2021 को सेवा रिटायर हो रहे हैं। 


एयर मार्शल वीआर चौधरी, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, को 29 दिसंबर 1982 को भारतीय वायु सेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था। उन्होंने वर्तमान में वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ सहित विभिन्न स्तरों पर विभिन्न कमांड, स्टाफ की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।


24 सितंबर को PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों की करेंगे समीक्षा, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में ये ज़िक्र ज़रूर करेंगे की संयुक्त राष्ट्र में रिफॉर्म कैसे हो सकता है, इसकी ज़रूरत है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मुद्दों पर ज़रूर चर्चा होगीप्रधानमंत्री मोदी कल अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा आयोजित COVID19 वैश्विक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

नई दिल्ली: 24 सितंबर को अपनी द्विपक्षीय बैठक में PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे। दोनों देशों के बीच ग्लोबल पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने, व्यापार, रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करने आदि पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस बात की जानकारी विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने दी।

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में ये ज़िक्र ज़रूर करेंगे की संयुक्त राष्ट्र में रिफॉर्म कैसे हो सकता है, इसकी ज़रूरत है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मुद्दों पर ज़रूर चर्चा होगीप्रधानमंत्री मोदी कल अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा आयोजित COVID19 वैश्विक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

श्रृंगला ने आगे बताया कि भारत में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की कुछ बड़ी कंपनियों के CEO के साथ बैठक करेंगे। 25 सितंबर को प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री सीमा पार आतंकवाद, कोविड और जलवायु परिवर्तन से निपटने के वैश्विक प्रयास, बहुपक्षीय संस्थान में सुधार की ज़रूरत जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात करेंगे


मौसम समाचार: दिल्ली-NCR में बरसे मेघा, गर्मी से मिली राहत

हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार को ज्यादातर जगहों पर हल्की बारिश होगी वहीं आने वाले दिनों में बारिश में तेजी देखी जा सकती है। जिसके चलते मौसम विभाग ने मध्यम स्तर की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

नई दिल्ली: आज दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर से बारिश हुई और लोगों को गर्मी से निजात मिली। इस बीच मौसम विभाग ने लो अलर्ट जारी किया गया है। तापमान में काफी गिरावट देखे जाने के आसार हैं, मौसम की रिपोर्ट के अनुसार इस हफ्ते के अंत तक तापमान अधिकतम 31 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस तक होगा।


मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहने और जिसके साथ ही हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार को ज्यादातर जगहों पर हल्की बारिश होगी वहीं आने वाले दिनों में बारिश में तेजी देखी जा सकती है। जिसके चलते मौसम विभाग ने मध्यम स्तर की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 घंटे में दिल्ली के नरेला,  बवाना,  अलीपुर,  कंझावला,  रोहिणी,  पीतमपुरा,  मुंडका,  पंजाबी बाग,  हरियाणा के चरखी दादरी,  उत्तर प्रदेश के हाथरस, जहांगीराबाद, टूंडला, फिरोजाबाद और राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ और इसके आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश होगी।

बता दें कि दिल्ली में बीते हफ्ते से बारिश नहीं होने के कारण दिल्ली वासियों को उमस से परेशान होना पड़ा। यहां रविवार को अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं सोमवार को तापमान में बढ़ोत्तरी देखी गई। इससे पहले शनिवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस था।


फिलहाल बीते एक हफ्ते से राजधानी दिल्ली में बारिश रुकी हुई है। बीते दिनों भारी बारिश होने और अब तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण दिल्ली में सोमवार को काफी उमस महसूस की गई। वहीं मौसम विभाग के अलर्ट के बाद एख बार फिर दिल्ली वासी राहत की सांस ले रहे हैं।


सुप्रीम फैसला: नौकर या केयरटेकर नहीं हो सकता संपत्ति का मालिक

कोलकाता हाईकोर्ट के द्वारा नौकर के पक्ष में दिए गए ऐसे एक फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए पलट दिया कि नौकर या केयरटेकर को संपत्ति का मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है। फैसले के तहत कोई नौकर या केयरटेकर संपत्ति में कभी भी कोई अधिकार नहीं ले सकते चाहे वह उसमें लंबे समय से क्यों न रह रहे हों। दरअसल, कोलकाता हाईकोर्ट के द्वारा नौकर के पक्ष में दिए गए ऐसे एक फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए पलट दिया कि नौकर या केयरटेकर को संपत्ति का मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता।

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और ए.एस. ओका की पीठ ने यह फैसला देते हुए नौकर को आदेश दिया कि वह संपत्ति को तीन माह के अंदर खाली कर उसका कब्जा मालिक को सौंप दे। अदालत ने कहा कि यदि वह कब्जा नहीं देता तो उस पर कानूनी रूप से कार्रवाई की जाएगी।

अदालत ने इसके साथ ही मालिक की सीपीसी के आदेश 7 और नियम 11 की अर्जी स्वीकार कर ली और कहा कि नौकर का संपत्ति में कोई हक अर्जित नहीं होता। अदालत ने कहा कि नौकर या केयरटेकर प्रतिगामी कब्जे (एडवर्स पजेशन) का दावा भी नहीं कर सकता क्योंकि वह संपत्ति पर मालिक द्वारा देखभाल के वास्ते रखा गया है जिसका वह कोई किराया या अन्य कोई राजस्व नहीं दे रहा था।

मामला तब शुरू हुआ जब मालिक ने लंबे समय से संपत्ति की देखभाल के लिए रह रहे व्यक्ति से कब्जा लेने का प्रयास किया। नौकर ने कहा कि वह इस संपत्ति पर लंबे समय से रह रहा है इसलिए यह उसकी संपत्ति हो गई। इसके लिए उसे दीवानी कोर्ट में मुकदमा दायर किया और कहा कि उसे संपत्ति का शांतिपूर्ण कब्जा बनाए रखने का अंतरिम आदेश दिया जाए तथा मलिक को हस्तक्षेप से रोका जाए।


उरी में आतंकी घुसपैठ की फिराक में, इंडियन आर्मी ने LoC पर लॉन्च किया सर्च ऑपरेशन

भारतीय सेना ने रविवार को उत्तरी कश्मीर के उरी सेक्टर में कुछ संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के बाद नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तलाशी अभियान शुरू किया है। हालांकि, अभी तक कोई संपर्क स्थापित नहीं हुआ है, और सेना को यकीन नहीं है कि घुसपैठिए उरी में घुस गए हैं या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लौट गए हैं।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान का राज स्थापित होने के बाद भारत में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पोषित आतंकी लगातार घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सुरक्षाबलों की सतर्कता से आतंकियों को कामयाबी नहीं मिल पा रही है। तालिबान का राज आफगान में स्थापित होने के बाद 100 से भी ज्यादा बार आतंकियों द्वारा भारत में कश्मीर के जरिए घुसपैठ का फिराक किया जा चुका है।


भारतीय सेना ने रविवार को उत्तरी कश्मीर के उरी सेक्टर में कुछ संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के बाद नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तलाशी अभियान शुरू किया है। हालांकि, अभी तक कोई संपर्क स्थापित नहीं हुआ है, और सेना को यकीन नहीं है कि घुसपैठिए उरी में घुस गए हैं या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लौट गए हैं।

रक्षा प्रवक्ता कर्नल एमरोन मसावी ने पुष्टि की है कि 18/19 सितंबर की रात को एलओसी पर संदिग्ध गतिविधि का पता चला था। उन्होंने कहा, "क्षेत्र की तलाशी जारी है।"

इस साल उत्तरी कश्मीर में विशेष रूप से उरी, नौगाम, तंगदार, केरन, माछिल और गुरेज सेक्टरों से नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ के प्रयासों में काफी गिरावट आई है। सेना के 19 पैदल सेना और 27 पैदल सेना डिवीजनों के अधिकारी, जो उरी से गुरेज तक नियंत्रण रेखा पर नजर रखने के लिए जिम्मेदार हैं, ने भी नियंत्रण रेखा के पार से घुसपैठ के प्रयासों में गिरावट को स्वीकार किया है।

उत्तरी कश्मीर में तैनात सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “गार्ड को कम नहीं किया जा सकता क्योंकि हम नहीं जानते कि चीजें कब अस्थिर हो सकती हैं। हमारे जवान लगातार निगरानी में हैं। यह एलओसी पर कड़ी निगरानी है जिसने घुसपैठ के प्रयासों को रोका है।”

अधिकारियों ने कहा कि सितंबर और अक्टूबर महीने हमेशा घुसपैठ के प्रयासों की तुलना में महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि आमतौर पर भारी बर्फबारी के कारण घुसपैठ के लिए पास और रिज का इस्तेमाल किया जाता है। आधिकारिक सूत्रों ने हालांकि कहा कि पिछले कुछ महीनों में विभिन्न क्षेत्रों से कश्मीर में घुसपैठ के कई प्रयास किए गए।


भारत दौरे पर आ रहे सऊदी के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल, PM मोदी से करेंगे मुलाकात, अफगान समेत कई मुद्दों पर होगी बात

भारतीय विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है की फैसल 18 सितंबर की रात नई दिल्ली पहुंचेंगे और 20 सितंबर की रात न्यूयॉर्क के लिए रवाना होंगे। प्रिंस फैसल विदेश मंत्री के रूप में अपनी पहली बार भारत पहुंच रहे हैं।

नई दिल्ली: सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन रहमान अल साउद तीन दिनी दौर पर भारत आ रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है की फैसल 18 सितंबर की रात नई दिल्ली पहुंचेंगे और 20 सितंबर की रात न्यूयॉर्क के लिए रवाना होंगे। प्रिंस फैसल विदेश मंत्री के रूप में पहली बार भारत पहुंच रहे हैं।


फैसल 19 सितंबर को हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इसके बाद 20 सितंबर को फैसल पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। प्रिंस फैसल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल से भी मुलाकात कर सकते हैं।

भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत होगी। इसके साथ ही अफगानिस्तान पर भी विस्तार से बातचीत संभव है। अधिकारियों ने बताया है कि सऊदी अरब और ईरान जैसे देश अफगानिस्तान को लेकर भारत से बात करना चाहते हैं। ऐसे में ईरान के विदेश मंत्री भी जल्द ही भारत का दौरा कर सकते हैं।

बता दें कि 1996 में पिछले तालिबान शासन के उलट अबकी सऊदी अरब ने तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी है और न ही सऊदी अरब के दूतावास काबुल में एक्टिव है। हालांकि सऊदी अरब ने तालिबान से संपर्क बनाए हुए रखा है।


मुंबई पर मडरा रहा आतंकी हमले का खतरा, ट्रेनों को बनाया जा सकता है निशाना, ऐसे रची जा रही हमले की साजिश

देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई पर आतंकी हमला करने की फिराक में हैं। आतंकी गैस के जरिये ट्रेनों पर हमला कर सकते हैं। इस बाबत जीआरपी को व मुंबई पुलिस को सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट भेजा है।

नई दिल्ली: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई पर आतंकी हमला करने की फिराक में हैं। आतंकी गैस के जरिये ट्रेनों पर हमला कर सकते हैं। इस बाबत जीआरपी को व मुंबई पुलिस को सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट भेजा है।


बता दें कि हाल ही में दिल्ली स्पेशल सेल की ओर से 6 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक आरोपी मुंबई के धारावी इलाके का रहने वाला है। दिल्ली स्पेशल सेल के सूत्रों ने बताया कि गिरफ़्तार संदिग्ध आतंकी मुंबई की लोकल ट्रेन समेत देश के अलग-अलग इलाक़ों में आतंकी साज़िश को अंजाम देना चाहते थे। सूत्रों ने यह भी बताया है कि रेलवे पुलिस यानी की जीआरपी को एजेंसियों से संभावित आतंकी हमले की जानकारी मिली थी।

अब खुफिया एजेंसियों ने जीआरपी को आगाह किया है कि आतंकी ट्रेन में गैस अटैक या फिर प्लेटफ़ोर्म पर होने वाली यात्रियों की भीड़ को गाड़ी से रौंद सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि आतंकियों से पूछताछ के दौरान दिल्ली स्पेशल सेल को मिली जानकारी के अलावा जीआरपी को इस तरह के कई अलर्ट कई एजेंसियों से मिले हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमें समय-समय पर इस तरह के अलर्ट मिला करते हैं, ख़ासकर लोकल ट्रेन के लिए और हम हर एक अलर्ट को बहुत ही गंभीरता से लेते हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हम उस तरह के कदम भी उठाते हैं।  दिल्ली पुलिस की करवाई के बाद जीआरपी ने मुंबई के सभी बड़े रेलवे स्टेशन की सुरक्षा बढ़ा दी है और कुछ एंट्री और एग्ज़िट के रास्ते भी बंद कर दिए गए हैं।


NIA का बड़ा खुलासा, भारत में अपनी जड़ें फैलाना चाहता है इस्लामिक स्टेट, सोशल मीडिया को बना रखा है हथियार!

एनआईए की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''भोले-भाले युवाओं को फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर टारगेट बनाया जा रहा है।''

नई दिल्ली: आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट भारत में अपनी जड़ें फैलाने की फिराक में हैं। इस बाबत एनआईए ने अलर्ट जारी किया है। एनआईए ने शुक्रवार को कहा कि इसने अब तक इस्लामिक स्टेट से जुड़े कम से कम 37 केसों की जांच की है। सबसे ताजा मामला जून 2021 का है। एजेंसी ने बताया कि इन 37 केसों में अब तक कुल 168 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 31 केसों में चार्जशीट दायर की जा चुकी है और ट्रायल में 27 दोषी करार दिए जा चुके हैं।

एजेंसी ने कहा कि इसकी जांच से पता चला है कि इस्लामिक आतंकी समूह ''लगातार ऑनलाइन प्रॉपेगेंडा के जरिए जाल फैला रहा है।'' एनआईए की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''भोले-भाले युवाओं को फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर टारगेट बनाया जा रहा है।''

एनआईए ने कहा कि जैसे ही कोई इस्लामिक स्टेट की विचारधारा में दिलचस्पी दिखाता है, उसे ऑनलाइन हैंडलर्स से बातचीत के लिए ललचाया जाता है, जो विदेशों में मौजूद होते हैं और इनक्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के जरिए संपर्क साधते हैं। झांसे में आए व्यक्ति के भोलेपन के आधार पर हैंडलर्स उनका इस्तेमाल डिजिटल कॉन्टेंट अपलोड करने, आतंकी समूह की सामग्री का स्थानीय भाषा में ट्रांसलेशन, मॉड्यूल बनाने, आईईडी बनाने, टेटर फंडिंग और हमलों में किया जाता है।


एनआईए ने आमजन से अपील की है कि यदि इंटरनेट पर उन्हें इस तरह की कोई गतिविधि दिखती है तो तुरंत  011-24368800 पर कॉल करके जानकारी दें। 


न्यूड कॉल करके लोगों को करते थे ब्लैकमेल, 250 लोगों को बनाया शिकार, अब सलाखों के पीछे

वॉट्सऐप पर चैटिंग के दौरान महिला ने शिकायतकर्ता को सेक्सुअल ऐक्ट के लिए उत्तेजित किया, जिसे उसने रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद महिला ने धमकी देना शुरू किया और वीडियो डिलीट करने की एवज में 15 हजार रुपए मांगे।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया अब अपराधियों और ब्लैकमेलियो का नया अड्डा बन चुका है। आजकल एक नए तरह का अपराध ट्रेड में है। एक खूबसूरत लड़की आपको पहले तो फ्रेडशिप रिक्वेट भेजेगी और आप फूलकर कुप्पा हो जाएंगी। फिर वह अपना नंबर आपको देगी और आपसे आपका नंबर लेगी.. अब आप और भी फूल जाएंगे। फिर धीरे-धीरे मीठी-मीठी बात शुरू होगी और आप फंसते चले जाएंगे। एक दिन वह आपसे ऐसी हरकत कराकर अपने स्क्रीन पर रिकॉर्ड कर लेगी जो आपकी जेब काटने के लिए पर्याप्त होगी। 

दरअसल, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो सोशल मीडिया पर न्यूड या मॉर्फ वीडियो या तस्वीरें शेयर करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग करते थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि किस तरह ये दोनों लोगों को अपनी जाल में फंसाते थे और फिर उगाही करते थे। 

डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस (रोहिणी) प्रणव तयाल ने बताया कि आरोपी जाहुल (25) और मिनाज (23) राजस्थान में भरतपुर जिले के मेवात इलाके के रहने वाले हैं। अब तक ये 250 से अधिक लोगों से उगाही कर चुके हैं। दिल्ली के एक पीड़ित की ओर से जुलाई में बेगमपुर पुलिस थाने में की गई शिकायत के आधार पर इन्हें पकड़ा गया है। 

एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर एक लड़की की ओर से आए फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार किया था। उन दोनों ने एक दूसरे से नंबर साझा किया और फिर वॉट्सऐप पर चैटिंग करने लगे। वॉट्सऐप पर चैटिंग के दौरान महिला ने शिकायतकर्ता को सेक्सुअल ऐक्ट के लिए उत्तेजित किया, जिसे उसने रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद महिला ने धमकी देना शुरू किया और वीडियो डिलीट करने की एवज में 15 हजार रुपए मांगे। 
    
पीड़ित ने जब रकम दे दी तो उन्हें एक अन्य शख्स ने फोन किया, जिसने खुद को दुर्गापुरी साइबर सेल अधिकारी बताया। उसने शिकायतकर्ता को वीडियो को यूट्यूब और दूसरे सोशल मीडिया साइट्स से डिलीट कराने को कहा। जब शिकायतकर्ता ने वीडियो डिलीट कराने के लिए कथित यूट्यूबर से संपर्क किया तो उसने बी पैसों की मांग की। अधिकारी ने बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड एनालिसिस और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर मेवात में छापेमारी की गई और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनसे उगाही की जाती थी। 


दिल्ली की CBI बिल्डिंग में लगी आग, जान-माल की क्षति नहीं

आग फैलने से पहले ही सभी सीबीआई अधिकारी व कर्मचारी बिल्डिंग से बाहर निकल लिए। दमकल की 8 गाडियां ने मिलकर और काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित सीबीआई की बिल्डिंग के बेसमेंट में भीषण आग लगने की खबर है। हालांकि, आग फैलने से पहले ही सभी सीबीआई अधिकारी व कर्मचारी बिल्डिंग से बाहर निकल लिए। दमकल की 8 गाडियां ने मिलकर और काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। दिल्ली अग्निशमन सेवा के डिविजनल ऑफिसर एस.के. दुआ  ने कहा है कि आग पर काबू पा लिया गया है।

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मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के लोधी रोड स्थित सीजीओ कॉम्पलेक्स में यह आग लगी है। जानकारी के मुताबिक दमकल की 8 गाड़ियां मौके पर मौजूद है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि शुक्रवार की दोपहर करीब 1.30 बजे बिल्डिंग के बेसमेंट से धुंआ निकलते देखा गया। इसके कुछ ही देर बाद अंदर से आग की लपटे निकलती देखी गईं।

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एहतियात के तौर पर अंदर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत बिल्डिंग खाली करने के लिए कहा गया। अभी तक की सूचना के मुताबिक इस आगजनी में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। अभी आग लगने की वजहों का पता नहीं चल सका है। 




पीएम मोदी ने SCO शिखर सम्मेलन को किया संबोधित, कहा-'अफगानिस्तान संकट के बाद चुनौती और बढ़ी'

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी से संबंधित है और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ता हुआ कट्टरवाद है। अफ़ग़ानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इन चुनौतियों को और स्पष्ट कर दिया है। इस मुद्दे पर SCO को पहल लेकर काम करना चाहिए।

नई दिल्ली: आज पीएम नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एससीओ शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। अपने संबोधिन में पीएम मोदी ने तमाम मुद्दों से जुड़ी बात कही। पीएम मोदी ने सबसे पहले शिखर सम्मेलन के लिए धन्यवाद दिया। 

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने  कहा कि इस साल हम एससीओ की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह ख़ुशी की बात है कि इस शुभ अवसर पर हमारे साथ नए मित्र जुड़ रहे हैं। मैं ईरान का एससीओ के नए सदस्य देश के रूप में स्वागत करता हूँ। 

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी से संबंधित है और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ता हुआ कट्टरवाद है। अफ़ग़ानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इन चुनौतियों को और स्पष्ट कर दिया है। इस मुद्दे पर SCO को पहल लेकर काम करना चाहिए। पीएम ने आगे कहा कि भारत में और एससीओ के लगभग सभी देशों में, इस्लाम से जुड़ी उदारवादी, सहिष्णु और समावेशी संस्थाएं और परम्पराएँ हैं। एससीओ को इनके बीच एक मजबूत तंत्र विकसित करने के लिए काम करना चाहिए

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत मध्य एशिया के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा मानना है कि भूमि से घिरे हुए मध्य एशिया के देशों को भारत के विशाल बाज़ार से जुड़कर अपार लाभ हो सकता है। कनेक्टिविटी की कोई भी पहल वन वे स्ट्रीट नहीं हो सकती। आपसी विश्वास सुनिश्चित करने के लिए कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को कंसल्टिव, पारदर्शी और भागीदारी वाला होना चाहिए। इनमें सभी देशों की टेरीटोरियल इंटीग्रिटी का सम्मान निहित होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ाई न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा और विश्वास के लिए जरूरी है बल्कि युवाओं का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है। समिट में पीएम मोदी ने कहा कि भारत सेंट्रल एशिया के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।


पीएम मोदी ने कहा कि अगर हम इतिहास पर नज़र डालें, तो पाएंगे कि मध्य एशिया का क्षेत्र मोडरेट और प्रोग्रेसिव कल्चर और वैल्यूज का गढ़ रहा है। सूफ़ीवाद जैसी परम्पराएं यहां सदियों से पनपी और पूरे क्षेत्र और विश्व में फैलीं। इनकी छवि हम आज भी इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत में देख सकते हैं।


बता दें कि पहली बार एससीओ की शिखर बैठक हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित की जा रही है और यह चौथी शिखर बैठक है जिसमें भारत एससीओ के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में हिस्सा ले रहा है। हाईब्रिड प्रारूप के तहत आयोजन के कुछ हिस्से को डिजिटल आधार पर और शेष हिस्से को आमंत्रित सदस्यों की प्रत्यक्ष उपस्थिति के माध्यम से संपन्न किया जाता है। इस बैठक का महत्व इसलिये भी बढ़ जाता है क्योंकि संगठन इस वर्ष अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ मना रहा है।

उल्लेखनीय है कि एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी और भारत 2017 में इसका पूर्णकालिक सदस्य बना । 



ATS चीफ और खुफिया एजेंसियों की बुलाई गई बैठक, तालिबान को लेकर अलर्ट पर भारत सरकार

दिल्ली पुलिस ने खुफिया एजेंसियों और आतंकवाद विरोधी दस्ते के राज्य प्रमुखों की एक अंतर-राज्य समन्वय बैठक शुक्रवार को दिल्ली में बुलाई है। यह पहली बार है जब केंद्र प्रशासित दिल्ली पुलिस ने इस तरह की बैठक बुलाई है।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा बंदूकों के दम पर सत्ता हासिल कर ली गई है लेकिन उसे दुनिया आतंकी की ही नजरों से देख रही है। दुनिया के अधिकतर देश अफगानिस्तान को लेकर 'वेट एंड वाच' की नीति अपनाए हुए हैं और अलर्ट पर है। इसी क्रम में भारत सरकार भी अलर्ट मोड पर है और आज देश में पहली बार ऐसा हुआ है जब सभी खुफिया एजंसियों की मीटिंग एक साथ बुलाई गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने खुफिया एजेंसियों और आतंकवाद विरोधी दस्ते के राज्य प्रमुखों की एक अंतर-राज्य समन्वय बैठक शुक्रवार को दिल्ली में बुलाई है। यह पहली बार है जब केंद्र प्रशासित दिल्ली पुलिस ने इस तरह की बैठक बुलाई है। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि तालिबान ने अन्य आतंकी संगठनों और पाकिस्तान में राज्य के अभिनेताओं के समर्थन के बाद, अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया।बैठक से बेहतर समन्वय और किसी भी अप्रिय घटना के लिए पहले से तैयारी करने में मदद करेगी।

अधिकारी ने कहा, “बैठक का उद्देश्य खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को अच्छा बनाना और बेहतर समन्वय बनाना है।” पहली बार इंटेलिजेंस ब्यूरो, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग, मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य एजेंसियों जैसी खुफिया एजेंसियों की अंतर-राज्य समन्वय बैठक दिल्ली पुलिस मुख्यालय में बुलाई गई है। बैठक में अन्य राज्यों के 11 एटीएस प्रमुख और फील्ड ऑपरेशंस के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

आतंकियों के सीमा पार करने और देश में कुछ ‘बड़ा’ करने की योजना बनाने को लेकर खुफिया एजेंसियों को लगातार अलर्ट मिल रहे हैं। 15 अगस्त को, अफगानिस्तान में सरकार गिर गई और तालिबान ने देश पर कब्जा कर लिया। भारत पर नजर रखने वाले तालिबान के हमदर्द सक्रिय हो गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सक्रिय खुफिया एजेंसियों के कर्मियों को पीओके क्षेत्र में सक्रिय अपने समकक्ष से जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में घुसपैठ करने की योजना बना रहे आतंकवादियों की आवाजाही के बारे में खुफिया रिपोर्ट मिली।

अगस्त के तीसरे सप्ताह के दौरान कंधार में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और तालिबान नेताओं के बीच एक बैठक के बारे में पता चलने के बाद सभी खुफिया एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बैठक में तालिबान नेताओं के एक समूह ने भाग लिया, जहां जैश ने ‘भारत-केंद्रित’ अभियानों में उनका समर्थन मांगा। सूत्र आगे बताते हैं कि बैठक में पाकिस्तान के राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हुई।

सीमा पार आतंकियों में गठजोड़ की खबरें मिलने के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसिंयों ने देश के जम्मू-कश्मीर इलाके में आतंकी हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक देश के सभी राज्यों की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के साथ इनपुट साझा किया गया है, ताकि आतंकियों के खतरनाक मंसूबों पर पानी फेरा जा सके और संभावित इन हमलों को नाकाम करने की तैयारी की जा सके।



पीएम नरेंद्र मोदी आज SCO समिट को करने संबोधित, पाकिस्तान को इमरान के सामने करेंगे बेनकाब !

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शुक्रवार को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की वार्षिक शिखर बैठक को डिजिटल माध्यम से संबोधित करेंगे।

नई दिल्ली: आज एक बार फिर से पाकिस्तान दुनिया के सामने बेनकाब होगा। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शुक्रवार को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की वार्षिक शिखर बैठक को डिजिटल माध्यम से संबोधित करेंगे।

इस बैठक में अफगानिस्तान संकट, आतंकवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा, सहयोग एवं सम्पर्क सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। इस बैठक में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान भी शामिल हो रहे हैं। माना जा रहा है कि इमरान खान की मौजूदगी में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आतंकवाद का मद्दा उठाएंगे और आतंक के आका की फिर से पोल खोलेंगे।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि एससीओ परिषद के सदस्य देशों के प्रमुखों की 21वीं बैठक शुक्रवार को हाइब्रिड प्रारूप में दुशांबे में हो रही है जिसकी अध्यक्षता ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान करेंगे। 

पीएम मोदी नरेन्द्र मोदी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और वीडियो लिंक के जरिए शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे और दुशांबे में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे। एस जयशंकर बैठक में हिस्सा लेने के लिये दुशांबे रवाना हो गये हैं। शिखर बैठक के बाद सम्पर्क बैठक होगी। इस दौरान अफगानिस्तान के अलावा क्षेत्रीय सुरक्षा, सहयोग एवं सम्पर्क सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी । 

मंत्रालय के अनुसार, एससीओ की शिखर बैठक में सदस्य देशों के नेताओं के अलावा पर्यवेक्षक देश, संगठन के महासचिव, एससीओ क्षेत्रीय आतंकवाद निरोधक ढांचे के कार्यकारी निदेशक, तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति एवं अन्य आमंत्रित अतिथि शामिल होंगे।

एक ओर जहां पीएम मोदी वर्चुअली समिट को संबोधित करेंगे, वहीं इसमें शामिल होने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान दो दिवसीय दौरे पर तजाकिस्तान पहुंचे हैं। इस बैठक के अलावा, इमरान खान अन्य देशों के साथ द्वीपक्षीय बैठक कर सकते हैं। समिट में प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान की मौजूदगी में इस क्षेत्र में आतंकवाद का मुद्दा उठा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के सुबह 11:30 से 11:45 के बीच बैठक को संबोधित करने की उम्मीद है।


विदेश मंत्रालय के अनुसार इस शिखर बैठक में नेताओं द्वारा पिछले दो दशकों में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करने और भविष्य में सहयोग की संभावना पर चर्चा किये जाने की उम्मीद है। एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी और भारत 2017 में इसका पूर्णकालिक सदस्य बना। 

बागची ने बताया कि जयशंकर अपनी दुशांबे यात्रा के दौरान विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ चर्चा करेंगे। दुशांबे में इस बैठक में ईरान के भी हिस्सा लेने की संभावना है। इसके अलावा चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के एससीओ बैठक के लिए दुशांबे आने की संभावना है।


इस्लामिक कोऑपरेशन और पाकिस्तान को भारत ने लगाई जमकर लताड़, कहा-'आंतरिक मामलों में टिप्पणी करने का हक नहीं'

भारत ने यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल (UNHRC) में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) को जमकर लताड़ लगाई है। कश्मीर को लेकर भारत ने कहा है कि OIC के पास भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

नई दिल्ली: एक बार फिर से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को भारत ने वैश्विक स्तर पर जमकर लताड़ लगाई। भारत ने यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल (UNHRC) में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) को जमकर लताड़ लगाई है। कश्मीर को लेकर भारत ने कहा है कि OIC के पास भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

भारत ने दोनों को लताड़ लगाते हुए आगे कहा कि OIC ने लाचार होकर खुद को पाकिस्तान द्वारा बंधक बनाए जाने की इजाजत दी है। जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन में के फर्स्ट सेक्रेटर पवन ने भारत की बातों को काउंसिल में रखा है। पाकिस्तान और IOC द्वारा लगातार कश्मीर पर बेतुके बयान देने के बाद भारत ने लताड़ लगाई है। भारत ने कहा है कि काउंसिल को यह बात पता है कि पाकिस्तान मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है और भारत के भूभाग कर कब्जा किए हुए है। पाकिस्तान अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम रहा है। हिंदू, सिख और ईसाई और अहमदिया जैसे समुदाय के साथ पाकिस्तान का रवैया दुनिया से छिपा नहीं है। यहां तक कि पाकिस्तान में गलत हो रहे चीजों पर सवाल उठाने पर पत्रकारों के साथ बुरा सुलूक किया जा रहा है।

UNHRC की 48वीं बैठक में भारत ने कहा है कि दुनिया पाकिस्तान को आतंकियों को खुले तौर पर समर्थन, ट्रेनिंग, पैसों से मदद करने के तौर पर जानती है। पाकिस्तान काउंसिल के मंचों का दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार करता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और भारत को पाकिस्तान जैसे असफल देशों से किसी तरह के सबक की जरूरत नहीं है जो दुनिया में आतंकवाद का केंद्र है।



OIC द्वारा कश्मीर मुद्दे पर दिए गए बयान को भारत ने खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। भारत ने कहा है कि पाकिस्तान अपने एजेंडे के लिए OIC का इस्तेमाल करता रहा है। ऐसे में OIC के सदस्य देश यह तय करें कि वह पाकिस्तान को ऐसा करने की इजाजत देते रहेंगे या नहीं।


दिल्ली वाले इस दीपावली भी नहीं फोड़ पाएंगे पटाखे, केजरीवाल सरकार ने लगाया बैन

सीएम अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को ट्वीट कर दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध की जानकारी लोगों से साझा की है।

नई दिल्ली: वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने इस बार भी दीपावली पर आतिशबाजी करने पर रोक लगा दी है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को  ट्वीट कर दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध की जानकारी लोगों से साझा की है। उन्होंने कहा है कि पिछले 3 साल से दिवाली के समय दिल्ली के प्रदूषण की खतरनाक स्थिति को देखते हुए पिछले साल की तरह इस बार भी हर प्रकार के पटाखों के भंडारण, बिक्री एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा रहा है। जिससे लोगों की जिंदगी बचाई जा सके।

अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा है कि पिछले साल व्यापारियों द्वारा पटाखों के भंडारण के पश्चात प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए देर से पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया, जिससे व्यापारियों का नुकसान हुआ था। सभी व्यापारियों से अपील है कि इस बार पूर्ण प्रतिबंध को देखते हुए किसी भी तरह का भंडारण न करें।

गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में वायु प्रदूषण के उच्च स्तरों का भौगोलिक दायरा बढ़ा है। खासकर सर्दियों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच जाता है। हरियाणा और पंजाब के किसानों द्वारा पराली जलाने के कारण दिल्ली-एनसीआर में कई महीनों तक वायु गुणवत्ता स्तर खतरनाक श्रेणी में बना रहता है। पिछले बार की तरह इस बार भी अप्रैल-मई महीने लॉकडाउन भी बेअसर रहा, इस दौरान भी AQI ने लोगों को परेशान किया।


बताते चलें कि बढ़ते प्रदूषण के चलते दिवाली के दिन पिछले साल भी दिल्ली-एनसीआर समेत इससे सटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया था। यह अलग बात है कि दिवाली की शाम इन प्रतिबंधों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं थीं। इसका असर यह हुआ कि पहले से खराब दिल्ली की हवा और खराब हो गई और गंभीर स्थित में पहुंच गई। जगह-जगह एक्यूआई बढ़ता चला गया। पटाखों के जलाने से दिवाली की राहत ही वायु गुणवत्ता स्तर 500 के आसपास पहुंच गया था। दूसरे दिन भी हालात कुछ खास ठीक नहीं थे।


दिल्ली में 2 पाकिस्तानी समेत 6 आतंकी गिरफ्तार, भारी मात्रा में विस्फोटक सामान बरामद

गिरफ्त में आए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामान बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आतंकी बड़ी घटना घटित करने की फिराक में थे। फिलहाल, इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान के संगठित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो पाकिस्तान से प्रशिक्षित आंतकवादी समेत कुल 6 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्त में आए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामान बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आतंकी बड़ी घटना घटित करने की फिराक में थे। फिलहाल, इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

डीसीपी स्पेशल सेल प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि विशेष प्रकोष्ठ ने पाक के संगठित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, पाक प्रशिक्षित दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है इनके पास से काफी संख्या में विस्फोटक और अन्य चीजें बरामद की गई हैं।

छह आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली, महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश में आपरेशन चला इन्हें गिरफ्तार किया गया। आतंकियों में एक का नाम मोहम्मद ओसामा है, जिसे दिल्ली का ही रहने वाला बताया जा रहा है।


राजधानी दिल्ली हमेशा से ही आतंकियों के निशाने पर रही है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन दिल्ली को दहलाने की साजिश रचते रहते हैं, दिल्ली पुलिस को 15 अगस्त से पहले आतंकियों का इनपुट मिला था, उसको ध्यान में रखकर स्पेशल टीम काम कर रही थी। पुलिस की इसके बारे में सूचनाएं मिल रही थी। पुलिस आतंकियों के पूरे मॉड्यूल पर नजर बनाए हुए थी। जब सूचना पुख्ता हो गई उसके बाद स्पेशल सेल ने इस मॉड्यूल के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया, अब इनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने जिन लोकल लोगों को पकड़ा है उनके भी इनसे संबंधों की तलाश की जा रही है।


जम्मू-कश्मीर: पुलवामा में पुलिस-CRPF टीम पर ग्रेनेड से हमला, 3 लोग घायल, सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरा

गनीमत यह रही कि ग्रेनेड निशाने पर न फटकर सुरक्षाबलों से कुछ दूरी पर जाकर फटा, जिसकी चपेट में आने से तीन स्थानीय लोग घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

श्रीनगर: आज आतंकियों ने पुलवामा में एक बार फिर से सुरक्षाबलों को अपना निशाना बनाया। आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से हमला किया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, पुलवाला में राजपुरा चौक में गश्त लगा रहे सीआरपीएफ-पुलिस के जवानों पर आतंकवादियों ने ग्रेनेड हमला किया। गनीमत यह रही कि ग्रेनेड निशाने पर न फटकर सुरक्षाबलों से कुछ दूरी पर जाकर फटा, जिसकी चपेट में आने से तीन स्थानीय लोग घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, हमला दोपहर करीब पौने एक बजे किया गया। पुलवामा के राजपुरा चौक में स्थित शहीद पार्क के पास जब सीआरपीएफ-पुलिस का संयुक्त दल सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। तभी भीड़ का फायदा लेते हुए कुछ हमलावर धीरे-धीरे सुरक्षाबलों के नजदीक पहुंचे और उन पर ग्रेनेड दाग दिया। आतंकवादियों द्वारा फेंका गया यह ग्रेनेड निशाने पर न गिरकर सड़क के दूसरी तरफ गिरा और फट गया। ग्रेनेड की चपेट में आकर करीब तीन स्थानीय लोग घायल हो गए।

विस्फोट के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल फैल गया और इसका फायदा उठाकर हमलावर वहां से भागने में कामयाब रहे। सुरक्षाबलों ने हमले में घायल स्थानीय लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया। उनका इलाज चल रहा है। इस बीच सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसओजी, सेना और सीआरपीएफ के जवानों ने राजपुरा चौके के आसपास के इलाकों की घेराबंदी शुरू कर दी है।

घेराबंदी होने के बाद इलाके में आतंकियों की तलाश शुरू की जाएगी। वहीं, पुलिस ने बताया कि वह बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। हमलावरों की पहचान होते ही उनकी धरपकड़ शुरू कर दी जाएगी। वहीं हमले में घायल तीन लोगों में से दो की पहचान हो गई है। इनमें जितेंद्र कुमार निवासी बिहार और अजहर खुर्शीद निवासी डालीपोरा पुलवामा शामिल हैं।


अफगानिस्तान में इस तरह से चीन और पाक को घेरेगा भारत, ये दो देश बनेंगे साथी!

अफगानिस्तान को लेकर अगर संघर्ष बढ़ता है तो एक और चीन-पाकिस्तान तो दूसरी ओर रूस-ईरान और भारत जैसे देश होंगे। वहीं, अमेरिका अब इस संघर्ष का हिस्सा नहीं होगा।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में हालात किस कदर खराब है यह बात किसी से छिपी हुई नहीं है। अफगान में तालिबान की सरकार बन चुकी है और उसका साथ पाकिस्तान और चीन बखूबी दे रहे हैं। ऐसे में भारत चौकन्ना है और भारत का साथ अफगानिस्तान में पाकिस्तान और चीन को घेरने में दो देश भविष्य में साथ दे सकते हैं।

दरअसल, अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से चीन और पाकिस्तान काबुल पर अपना प्रभाव बढ़ाने को लेकर काम कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अफगानिस्तान को लेकर अगर संघर्ष बढ़ता है तो एक और चीन-पाकिस्तान तो दूसरी ओर रूस-ईरान और भारत जैसे देश होंगे। वहीं, अमेरिका अब इस संघर्ष का हिस्सा नहीं होगा।

वैसे तो यह बात जग जाहिर है कि काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद से चीन और पाकिस्तान अफगानिस्तान में सबसे आगे नज़र आए हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई लंबे वक्त से तालिबान को हर तरह से सहयोग कर रही है। चीन की नजर अफगानिस्तान की समृद्ध खनिज संसाधनों पर है। इसके साथ ही चीन बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट का विस्तार भी करना चाहता है।


सावधान है रूस

तालिबान के रवैए को देखते हुए रूस ने अफगानिस्तान पर अपनी स्थिति सख्त कर ली है और नई सरकार के साथ बातचीत करने के मूड में नहीं है। रूस ने तालिबान सरकार के उद्घाटन समारोह में भी भाग लेने से इनकार कर दिया है।

रूस क्षेत्र में एक्टिव आतंकी गुटों से सावधान है। इन्हीं खतरों से रूस ने अफगानिस्तान के बॉर्डर से लगे ताजिकिस्तान को कई सैन्य उपकरण भेजे हैं। आतंक के खिलाफ भारत और रूस की पॉलिसी एक सी ही रही है। हाल ही में भारत में रूसी राजदूत निकोले कुदाशेव ने कहा था कि क्षेत्रीय सुरक्षा पर संयुक्त चिंताएं रूस और भारत को एक साथ लाती हैं। अफगानिस्तान मसले को लेकर रूस और भारत के टॉप अधिकारी लगातार बातचीत कर रहे हैं।


आक्रोशित है ईरान

शिया बहुल ईरान के तालिबान से संबंध मधुर नहीं है। ईरान ने पंजशीर घाटी में तालिबान की कारवाई को लेकर कड़ी निंदा की है। इससे पहले ईरान ने अंतरिम अफगानिस्तान सरकार को गैर-समावेशी बताया था। ईरान ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर भी कई बार सवाल उठाया है। पिछले तालिबान शासन के दौरान भी ईरान ने तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी थी।

इस सबके बीच अफगानिस्तान के हालात को लेकर भारत और ईरान नजदीक आ रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीरबदोल्लाहियान सितंबर आखिर तक भारत का दौरा कर सकते हैं।


भारत है सतर्क

भारत अपने बॉर्डर के पास अस्थिर अफगानिस्तान नहीं देखना चाहता है। इसे लेकर भारत कई देशों से बातचीत कर रहा है। पिछले तालिबान शासन में कश्मीर में चरमपंथी घटनाओं में इजाफा देखने को मिला था। भारत पहले ही इस बात को लेकर चिंता जता चुका है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। 


ऐसे में भारत रूस और ईरान के साथ तिकड़ी बनाकर अफगान मे चीन और पाक के प्रभाव को कम कर सकता है।


अफगान में मानवीय स्थिति पर UN में उच्च स्तरीय बैठक, भारत बोला-'हमने हमेशा की मदद'

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पहले भी हमने अफगानिस्तान के लिए मानवीय सहायता में सहयोग किया है। इसमें पिछले दशकों में 1 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं उपलब्ध कराना है। पिछले साल हमने अफगानिस्तान को 75,000 मीट्रिक टन गेहूं की मदद दी।

नई दिल्ली: आज अफगानिस्तान में मानवीय स्थिति पर UN में उच्च स्तरीय बैठक हुई। जिसमें भारत ने अफगानिस्तान के प्रति किए गए मददों की जानकारी दी। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पहले भी हमने अफगानिस्तान के लिए मानवीय सहायता में सहयोग किया है। इसमें पिछले दशकों में 1 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं उपलब्ध कराना है। पिछले साल हमने अफगानिस्तान को 75,000 मीट्रिक टन गेहूं की मदद दी।

एस जयशंकर ने आगे कहा कि अफगान लोगों की मदद करने के भारत के प्रयास प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों रहे हैं। हमारी मित्रता भारतीय विकास परियोजनाओं में दिखाई पड़ रही है जो आज सभी 34 प्रांतों में हैं। हमने अफगानिस्तान के लोगों की भलाई के लिए 3 बिलियन डालर से अधिक का निवेश किया है।


दिल्ली में बारिश का कहर, 4 मंजिल इमारत ढही, 3 की मौत व कई लोगों के दबे होने की आशंका

बारिश की वजह से उत्तरी दिल्ली में एक 4 मंजिला इमारत ढह गई और अबतक इस हादसे में तीन लोगों के मरने की खबर है। वहीं, कई लोगों के मलवे में दबे होने की सूचना है। फिलहाल, मौके पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

नई दिल्ली: दिल्ली और आसपास के इलाकों में 2-3 दिन से भारी बारिश हो रही है। बारिश की वजह से उत्तरी दिल्ली में एक 4 मंजिला इमारत ढह गई और अबतक इस हादसे में तीन लोगों के मरने की खबर है। वहीं, कई लोगों के मलवे में दबे होने की सूचना है। फिलहाल, मौके पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है।


मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तरी दिल्ली के मलका गंज इलाके में एक चार मंजिला इमारत के भरभराकर गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई के दबे होने की बात सामने आ रही है। सूचना पर पहुंची दिल्ली पुलिस राहत और बचाव के काम में जुटी हुई है।

सोमवार सुबह सब्जी मंडी इलाके के मलका गंज में अचानक एक चार मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। राहत और बचाव के दौरान टीम ने इमारत के मलबे में दबे एक युवक निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, इस हादसे में तीन लोगों की मौत की जानकारी मिल रही है।

दिल्ली दमकल विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर इमारत गिरने की सूचना मिली थी। कई कार के ऊपर भी इमारत का मलबा गिरा है। फिलहाल पुलिस और दमकल कर्मी बचाव कार्य मे जुटे हैं। बताया जा रहा है कि मलबे में कुछ लोगों के दबे हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने तीनों लोगों की मौत की पुष्टि की है।

हादसे को लेकर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर संजय गोयल ने कहा कि राहत और बचाव कार्य चल रहा है। जांच में तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। हमने खतरे वाले भवनों को चिन्हित किया है। जांच करके उन्हें खाली कराएंगे ताकि आगे इस तरह के हादसे से बचा जा सके।

मामले में एंटो अल्फोंस (डीसीपी नॉर्थ, दिल्ली पुलिस) बिल्डिंग गिरने की वजह से जो लोग नीचे काम कर रहे थे वो अंदर दबे हुए हैं। दो बच्चों को अस्पताल भेजा गया, अस्पताल ने उन्हें मृत घोषित किया है। हम एफआईआर दर्ज़ करेंगे और कार्रवाई होगी।


जम्मू कश्मीर: आतंकी ने सब इंस्पेक्टर को पीछे से गोली मारी, मौके पर ही मौत, सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरा

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि ये बहुत दुखद घटना है, हमने एक बहादुर युवा अधिकारी को खोया है। हम अपनी संवेदनाएं व्य​क्त करते हैं। इस मामले में शामिल अपराधियों की पहचान कर ली गई है।

श्रीनगर: एक बार फिर से आतंकियों  द्वारा एक कायराना हरकत किया गया है। जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में आतंकियों ने एक पुलिस सब इंस्पेक्टर को अपना निशाना बनाया है। आतंकियों ने कायरता की सारी हदें पार करते हुए सब इंस्पेक्टर को पीछे से सिर में गोली मारी। सब इंस्पेक्टर की मौके पर ही मौत हो जाती है लेकिन सुरक्षा बलों को लिया है और आतंकी की तलाश कर रही है। 

मामले में राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि ये बहुत दुखद घटना है, हमने एक बहादुर युवा अधिकारी को खोया है। हम अपनी संवेदनाएं व्य​क्त करते हैं। इस मामले में शामिल अपराधियों की पहचान कर ली गई है।

अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी ने प्रोबेशनरी सब-इंस्पेक्टर अर्शद अहमद मीर को पीछे से गोली मारकर घायल कर दिया। घायल अधिकारी को सौरा के एसकेआईएमएस अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब एक बजकर 35 मिनट पर हुई।

यह घटना सीसीटीवी में कैद हुई है और फुटेज में आतंकवादी खानयार बाजार में पीछे से बेहद करीब से अधिकारी को दो बार गोली मारते हुए दिखा है। वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि पुलिसअधिकारी के हाथ में कोई हथियार नहीं है और वह टहलते हुए जा रहे हैं। अचानक पीछे से आकर आतंकी उनपर गोलियां बरसा देता है। लोग डरकर इधर-उधर भागने लगते हैं। इस बीच एक कुत्ता आतंकी के पीछे भागता हुआ दिखता है। अधिकारियों ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और हमलावर को पकड़ने के लिए तलाश जारी है। 


मौसम समाचार: दिल्ली-NCR में मौसम हुआ सुहाना, जमकर हो रही बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया 'ऑरेंज अलर्ट'

दिल्ली और आस-पास के इलाकों में आज सुबह से ही लगातार बारिश हो रही है। वहीं, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट भी जारी कर रखा है। बारिश की वजह से दिल्ली-एनसीआर का मौसम सुहाना तो जरूर बना हुआ है लेकिन जगह-जगह लोगों को जाम और जलभराव की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

नई दिल्ली: दिल्ली और आस-पास के इलाकों में आज सुबह से ही लगातार बारिश हो रही है। वहीं, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट भी जारी कर रखा है। बारिश की वजह से दिल्ली-एनसीआर का मौसम सुहाना तो जरूर बना हुआ है लेकिन जगह-जगह लोगों को जाम और जलभराव की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग द्वारा कई क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने शाम तक और तेज बारिश होने की संभावना जताई है। साथ ही अगले कुछ घंटों में एनसीआर (फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा), मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और आसपास के इलाकों में 20-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल चलने का अनुमान जताया है।

इससे पहले शुक्रवार को अलग-अलग जगहों पर हुई हल्की बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया। दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में शुक्रवार सुबह से ही बादल छाए रहे। इस दौरान कई जगहों पर हल्की और मध्यम स्तर की बरसात हुई। इससे तापमान में गिरावट आई। सफदरजंग मौसम केंद्र में दिन का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जो सामान्य से एक डिग्री कम है। 

वहीं, न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से एक डिग्री ज्यादा है। यहां पर आर्द्रता का स्तर 95 से 74 फीसदी तक रहा। इसके चलते खासतौर पर दोपहर के समय लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना भी करना पड़ा। लेकिन, शाम तक मौसम आमतौर पर सुहाना हो गया। 

मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश तक हो सकती है। इस दौरान हवा की गति भी 22 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हो सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग की ओर से अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के चलते तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। 

वहीं, बारिश का वायु गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर पड़ा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शुक्रवार दिन का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 79 के अंक पर यानी संतोषजनक श्रेणी में रहा। सफर का अनुमान है कि बारिश की गतिविधियों के चलते वायु गुणवत्ता का स्तर अभी इसी के आसपास बना रहेगा।


MRSAM: भारतीय वायुसेना को मिला नया हथियार, अब 70 किलोमीटर दूरी से ही दुश्मन को कर देगा ढेर

भारतीय वायु सेना को गुरुवार को मीडियम रेंज सरफेस-टु-एयर मिसाइल सिस्टम (MRSAM) मिल गया जो, दश्मनों के लड़ाकू विमान, मिसाइल, हेलीकॉप्टर या ड्रोन को 70 किलोमीटर दूर से ध्वस्त कर सकता है।

नई दिल्ली: आज इंडियन एयरफोर्स को एक नया हथियार मिल गया है। भारतीय वायु सेना को गुरुवार को मीडियम रेंज सरफेस-टु-एयर मिसाइल सिस्टम (MRSAM) मिल गया जो, दश्मनों के लड़ाकू विमान, मिसाइल, हेलीकॉप्टर या ड्रोन को 70 किलोमीटर दूर से ध्वस्त कर सकता है।

 रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी क्षमता के बारे में बताते हुए इसे एयर डिफेंस का गेम चेंजर बताया। भारत और इजराइल ने संयुक्त रूप से MRSAM या बराक 8 एयर डिफेंस सिस्टम को विकसित किया है। 


इस सिस्टम में अडवांस रडार, कमांड और कंट्रोल सिस्टम, मोबाइल लॉन्चर शामिल है। मिसाइल को देश में निर्मित रॉकेट मोटर ताकत देता है और बेहद खास कंट्रोल सिस्टम है। जैसलमेर में इंडक्शन सेरेमनी में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ''MRSAM को इंडियन एयर फोर्स को सौंपने के साथ हमने आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ी छलांग लगाई है। MRSAM एयर डिफेंस में गेमचेंजर होगा।

इस सिस्टम को इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज और डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) की ओर से संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। इस प्रॉजेक्ट में इजराइली कंपनी राफाइल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, भारत डानामिक्स लिमिटेड एंड L&T को भी शामिल किया गया था। डीआरडीओ के चीफ जी सतीश रेड्डी ने रक्षामंत्री राजनाथ सिहं की मौजूदगी में वायु सेना अध्यक्ष आरकेएस भदौरिया को पहला फायरिंग यूनिट सौंपा।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ''यह सिस्टम खराब मौसम में भी 70 किलोमीटर रेंज में एक साथ कई टारगेट को ध्वस्त करने की क्षमता रखता है। कड़े परीक्षणों की कड़ी में इसकी सफलता इसकी विश्वसनीयता का प्रमाण है।'' 

बताते चलें कि इसका नेवल वर्जन पहले ही कुछ भारतीय युद्धक जहाजों की क्षमता बढ़ा चुका है। सेना ने भी MRSAM के लिए ऑर्डर दिया है। भारत और इजराइल ने पिछले 4 सालों में अडवांस सरफेस टु एयर मिसाइल सिस्टम के लिए 3 अरब डॉलर के अलग-अलग समझौते किए हैं।


13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की पीएम मोदी ने की अध्यक्षता, कही ये बड़ी बातें

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। आज हम विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावकारी आवाज़ है। विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए भी यह मंच उपयोगी रहा है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की। शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कई महत्तपूर्ण बातें कही। पीएम मोदी ने कहा, 'ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ पर इस समिट की अध्यक्षता करना मेरे और भारत के लिए खुशी की बात है। आज की इस बैठक के लिए हमारे पास विस्तृत एजेंडा है।'

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। आज हम विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावकारी आवाज़ है। विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए भी यह मंच उपयोगी रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि ब्रिक्स अगले 15 वर्षों में और परिणामदायी हो। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए जो थीम चुनी है, वह यही प्राथमिकता दर्शाती है- ब्रिक्स @15: इंट्रा-ब्रिक्स कोऑपरेशन फॉर कंटीन्यूटी, कॉन्सॉलिडेशन एंड कंसेन्सस।

डिजिटल हेल्थ सम्मेलन का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में पहले ब्रिक्स डिजिटल हेल्थ सम्मेलन का आयोजन हुआ। तकनीक की मदद से स्वास्थ्य तक पहुंच बढ़ाने के लिए यह एक नया कदम है। नवंबर में हमारे जल संसाधन मंत्री ब्रिक्स फॉर्मेट में पहली बार मिलेंगे।

शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना और उसके सहयोगियों की वापसी ने एक नया संकट पैदा कर दिया है। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यह वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा को कैसे प्रभावित करेगा। यह अच्छा कारण है कि हम देशों ने इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया है। अफगानिस्तान को अपने पड़ोसी देशों के लिए खतरा नहीं बनना चाहिए। आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी का स्रोत नहीं होना चाहिए।

शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, पिछले 15 वर्षों में हमारे पांच देशों ने खुलेपन, समावेशिता और समानता की भावना में रणनीतिक संचार और राजनीतिक विश्वास बढ़ाया, एक-दूसरे की सामाजिक व्यवस्था का सम्मान किया। राष्ट्रों के लिए एक-दूसरे के साथ बातचीत करने का ठोस तरीका खोजा। हमने व्यावहारिकता, नवाचार और समान सहयोग की भावना से सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में ठोस प्रगति की है। हमने बहुपक्षवाद का समर्थन किया है और समानता, न्याय और पारस्परिक सहायता की भावना से वैश्विक शासन में भाग लिया है।


शिखर सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति रामाफोसा ने कहा, हमें कोविड 19 टीकों, इलाज और चिकित्सा विज्ञान तक समान पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए। यही एकमात्र तरीका है जिससे हम दुनिया को चपेट में लेने वाली इस महामारी का मुकाबला कर सकते हैं। कोरोना के प्रति हमारी एकत्रित प्रतिक्रिया ने प्रदर्शित किया है कि जब हम एक साथ काम करते हैं तो क्या हासिल किया जा सकता है। ब्रिक्स देशों के रूप में हमें अपने लोगों के जीवन, आजीविका की रक्षा करना जारी रखना चाहिए, वैश्विक आर्थिक सुधार का समर्थन करना चाहिए और सार्वजनिक प्रणालियों के लचीलेपन को बढ़ावा देना चाहिए।


राजस्थान में इमरजेंसी एयर स्ट्रिप का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया उद्घाटन

आज राजस्थान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत जालौर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर इमरजेंसी लैंडिंग फिल्ड के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।

नई दिल्ली: आज राजस्थान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत जालौर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर इमरजेंसी लैंडिंग फिल्ड के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।

भारत-पाक बार्डर पर बाड़मेर-जालोर जिले की सीमा पर अगड़ावा में बन रही देश की पहली इमरजेंसी एयर स्ट्रिप का आज उद्घाटन हुआ। वहीं, राजनाथ सिंह ने कहा है कि आज का दिन ऐतिहासिक है अब सड़क पर भी विमान उतरेंगे।

रक्षामंत्री ने आगे कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर से कुछ ही कदम दूर इस प्रकार की इमर्जेंसी लैंडिंग फील्ड का तैयार होना सिद्ध करता है कि भारत अपनी एकता, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए सदैव तैयार है। भारत के अंदर किसी भी चुनौती का सामना करने की क्षमता है।

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सेना की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने के लिए देश में कई स्थानों पर इस प्रकार की इमर्जेंसी लैंडिंग फील्ड का निर्माण किया जा रहा है। इससे प्राकृतिक आपदा की घड़ी में जनता को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि यह देश की सबसे बेहतर एयर स्ट्रिप है। मंच से उन्होंने एयरफोर्स अधिकारियों को इसका प्रोजेक्ट बनाने की बात कहीं। साथ ही बताया कि इसे एयरफोर्स के साथ ही सिविल उपयोग में लिया जाएगा। उन्होंने आस-पास एयरपोर्ट की कमी को देखते हुए बोले कि 350 KM की रेंज में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। उन्होंने दिल्ली से जयपुर के बीच इलेक्ट्रिक हाइवे प्रोजेक्ट लाने की भी बात कही।

इस मौके पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हमलोग प्रतिदिन 2 किलोमीटर सड़क बनाने तक आए थे। कोरोना के बावजूद भी हमने प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़क बनाया है जो दुनिया में सबसे ज़्यादा है। मुंबई और दिल्ली के बीच हमलोग एक्सप्रेस हाईवे बना रहे हैं जिसका 60-65% काम पूरा हुआ है।


पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र, बिहार और पुडुचेरी में राज्यसभा के लिए उपचुनाव की ECI ने की घोषणा

चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में 1-1 और तमिलनाडु में 2 सीटों के लिए चुनाव होगा।

नई दिल्ली: भारतीय निर्वाचन आयोग 6 सीटों के लिए 4 अक्टूबर को राज्यसभा उपचुनाव आयोजित करेगा। चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में 1-1 और तमिलनाडु में 2 सीटों के लिए चुनाव होगा। वहीं, बिहार में विधानसभा परिषद की 1 सीट के लिए उपचुनाव 4 अक्टूबर को होगा। चुनाव आयोग 4 अक्टूबर को पुडुचेरी की 1 राज्यसभा सीट के लिए चुनाव कराएगा।


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अच्छी खबर! नागालैंड के एक और उग्रवादी ग्रुप ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

नगालैंड में सक्रिय उग्रवादी संगठन एनएससीएन (के) निकी ग्रुप ने हिंसा का रास्ता छोड़कर युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किया है।

नई दिल्ली: पूर्वोत्तर भारत में शांति और विकास के केंद्र सरकार के प्रयासों से एक और बड़ी सफलता मिली है। दसरसल, नगालैंड में सक्रिय उग्रवादी संगठन एनएससीएन (के) निकी ग्रुप ने हिंसा का रास्ता छोड़कर युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किया है। 

समझौते के साथ ही निकी ग्रुप के 200 कैडर अपने 83 हथियारों के साथ शांति प्रक्रिया में शामिल हो गए हैं। अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद पूर्वोत्तर भारत में उग्रवादी गुटों के साथ यह पांचवां समझौता है।


गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नगालैंड में इसके पहले नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल आफ नगालैंड (एनएससीएन) (आइएम), एनएससीएन (एनके), एनएससीएन (आर) और एनएससीएन (के) के साथ युद्धविराम समझौता हो चुका है। इसके अलावा एनएससीएन (आइएम) के साथ नगा समस्या के समाधान के लिए एक प्रारूप पर समझौता हो चुका है।

यह अलग बात है कि एनएससीएन (आइएम) के बाद में अलग झंडे और अलग संविधान पर अड़ जाने के कारण समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। एनएससीएन (के) निकी के बातचीत में शामिल होने से शांति समझौते की उम्मीद बढ़ गई है।

बता दें कि 4 सितंबर को कार्बी आंगलांग के सभी उग्रवादी गुटों ने हथियार डालकर केंद्र और असम के साथ समझौता किया था। उसके पहले जनवरी 2020 में बोडो और अगस्त 2019 में त्रिपुरा के उग्रवादी गुटों के साथ समझौता हो चुका है।


'तालिबान को लेकर पाक की भी जिम्मेदारी तय हो...', रूस के साथ बातचीत में भारत का दो टूक

यह बात भारत ने पिछले कुछ दिनों के दौरान ब्रिटेन, अमेरिका और रूस को साफ तौर पर बताया है।

नई दिल्ली: अफगान पर कब्जा जमाने के बाद तालिबान ने वहां सरकार चलाने को लेकर वैश्विक विरादरी से जो वादा किया है अगर उस पर वह खरा नहीं उतरता है तो इसके काफी दूरगामी असर होंगे। 

इतना ही नहीं, पाकिस्तान को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश में आतंकवादी वारदातों को बढ़ावा देने के लिए ना हो। यह बात भारत ने पिछले कुछ दिनों के दौरान ब्रिटेन, अमेरिका और रूस को साफ तौर पर बताया है।

भारत के दौरे पर पहुंचे रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव जनरल निकोले पेत्रुशेव ने बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से अलग से मुलाकात की। इसके अलावा रूसी दल और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के नेतृत्व में भारतीय दल की बैठक हुई। इन सभी बैठकों में भारत ने बगैर किसी लाग लपेट के यह बताया कि अफगानिस्तान के हालात सीधे तौर पर उसकी सुरक्षा से जुड़े हैं, लिहाजा वह हर सतर्कता बरतेगा।


अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए के प्रमुख विलियम ब‌र्न्स के साथ मंगलवार को बैठक में भी डोभाल ने भारत का यही रख रखा था। रूस और अमेरिका के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों की यात्रा से पहले माना जा रहा है कि ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआइ के प्रमुख ने भी हाल ही में भारत की गोपनीय यात्रा की थी। 

सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर ब‌र्न्स और एमआइ प्रमुख की यात्राओं के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। सीआइए प्रमुख के बुधवार को अफगानिस्तान व पाकिस्तान जाने की भी अपुष्ट खबरें हैं।


असम: 120 लोगों से भरी नांव ब्रम्हपुत्र नदी में डूबी, भारी संख्या में लोग गायब

जहाज और यंत्र चालित नाव के बीच टक्कर होने के बाद नाव डूब गई, जिसमें 120 लोग सवार थे।

जोरहाट: असम के जोरहाट से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां, ब्रम्हपुत्र नदी में 120 लोगों से भरी नांव नदी में डूब गई और भारी संख्या में लोग लापता हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, जहाज और यंत्र चालित नाव के बीच टक्कर होने के बाद नाव डूब गई, जिसमें 120 लोग सवार थे।

घटना के बाद एनडीआरएफ की टीम बचाव में जुटी और बड़ी संख्या में लोगों को बाहर निकाल लिया है। लेकिन अब भी कई लोग लापता हैं। ऐसे में बड़ी जनहानि होने की आशंका जताई जा रही है। यह हादसा जोरहाट जिले के निमातीघाट के पास हुई है। 


फिलहाल राहत की बात यह है कि 100 से ज्यादा लोगों को बचा लिया है और कुछ ही लोगों की तलाश जारी है। घटना के बाद के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ऐसे ही एक वीडियो में नावों में टक्कर होने के बाद लोग चीखते-पुकारते दिख रहे हैं और बचाने की गुहार लगा रहे हैं। कई लोग जो तैरना जानते थे, वे मशक्कत करते दिखे। वहीं कई लोग देखते ही देखते पानी में डूबे गए।

राज्य के सीएम हेमंता बिस्वा सरमा ने घटना की पुष्टि की है और कल निमातीघाट का दौरा करने की बात कही है। सरमा ने कहा कि मुझे निमातीघाट में यह घटना होने का दुख है।

सीएम ने कहा कि मैंने माजुली और जोरहाट के प्रशासन को बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा मंत्री बिमल बोहरा भी घटनास्थल का जायजा लेने के लिए रवाना हुए हैं। 

उन्होंने कहा कि मैंने होम मिनिस्टर अमित शाह से भी बात की है और घटना की पूरी जानकारी दी है। सीएम ने कहा कि उन्होंने पूरा अपडेट लिया है और कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद किसी भी वक्त मुहैया कराई जाएगी।


'अन्नदाताओं' को केंद्र सरकार का तोहफा, गेहूं की MSP में 40 और सरसों पर 400 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया गया

केंद्र सरकार ने बुधवार को मौजूदा फसल वर्ष के लिए गेहूं और सरसों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में इजाफे का ऐलान किया। गेहूं की एमएसपी 40 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दी गई है। इजाफे के बाद 2,015 रुपए प्रति क्विंटल की न्यूनतम कीमत पर गेहूं की खरीद होगी। इसके अलावा सरसों की एमएसपी 400 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर 5,050 रुपए कर दी गई है।

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार में किसानों को आज एक और तोहफा दिया है। केंद्र सरकार ने बुधवार को मौजूदा फसल वर्ष के लिए गेहूं और सरसों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में इजाफे का ऐलान किया। गेहूं की एमएसपी 40 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दी गई है। इजाफे के बाद 2,015 रुपए प्रति क्विंटल की न्यूनतम कीमत पर गेहूं की खरीद होगी। इसके अलावा सरसों की एमएसपी 400 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर 5,050 रुपए कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में कैबिनेट कमिटी ऑन इकॉनमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में यह फैसला लिया गया है।

एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) वह कीमत है जिस पर सरकार किसानों से फसल की खरीद करती है। इस समय सरकार खरीफ और रबी सीजन के 23 फसलों के लिए एमएसपी तय करती है। रबी फसलों की बुआई अक्टूबर में खरीफ फसल की कटाई के तुरंत बाद होती है। गेहूं और सरसों रबी सीजन के दो मुख्य फसल हैं। 


जम्मू-कश्मीर: एलजी मनोज सिन्हा ने कश्मीरी प्रवासियों की जमीन के लिए ऑनलाइन पोर्टल किया लॉंच

इस मौके पर एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि हमारे पास जो आंकड़ा है उसके मुताबिक मोटे तौर पर 44,000 परिवारों ने रजिस्ट्रेशेन कराया है। इसमें 40,142 हिंदू परिवार हैं, 2,684 मुस्लिम परिवार हैं और 1730 सिख परिवार हैं।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में कश्मीरी प्रवासियों की जमीन और अन्य अचल संपत्तियों के बारे में शिकायतों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया। इस पोर्टल पर कश्मीर से विस्थापित हो चुके लोग और कश्मीर प्रवासी अपनी जमीन व अचल संपत्ति से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

इस मौके पर एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि हमारे पास जो आंकड़ा है उसके मुताबिक मोटे तौर पर 44,000 परिवारों ने रजिस्ट्रेशेन कराया है। इसमें 40,142 हिंदू परिवार हैं, 2,684 मुस्लिम परिवार हैं और 1730 सिख परिवार हैं।


किसान आंदोलन: SC का सिंघु बॉर्डर खाली कराने की अर्जी पर सुनवाई करने से इन्कार, हाईकोर्ट जाने की दी सलाह

आज सिंधू बॉर्डर को किसानों द्वारा खाली कराए जाने वाली याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याची को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है।

नई दिल्ली: किसान बिल के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों के प्रदर्शन का लगभग 9 महीने पूरा हो चुका है। इस दौरान सड़क से लेकर संसद तक कोहराम मचा रहा और मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा। आज सिंधू बॉर्डर को किसानों द्वारा खाली कराए जाने वाली याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याची को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है याचिकाकर्ता को सुझाव दिया है कि वे अपनी अर्जी पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में दायर करें। सुप्रीम कोर्ट में सोनीपत के दो लोगों ने अपनी याचिका में कहा था कि सड़क कई महीनों से बंद है इसलिए सुप्रीम कोर्ट सरकार से सड़क खोलने का निर्देश दे या फिर दूसरी सड़क बनाने का आदेश जारी करे, ताकि लोगों का आना जाना आसानी से होता रहे। 

मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, 'हमारे लिए इस मामले में दखल देने की कोई वजह नहीं है। जब हाई कोर्ट मौजूद हैं और वे स्थानीय परिस्थितियों के बारे में पूरा जानकारी रखते हैं कि आखिर क्या हो रहा है। हमें उच्च न्यायालय पर भरोसा करना चाहिए।' सुप्रीम कोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ ही याचियों को आदेश दिया कि वे हाई कोर्ट का रुख करें। इसके बाद उनकी ओर से अर्जी को वापस ले लिया गया। अदालत ने कहा, 'याचिकाकर्ता को छूट है कि वह हाई कोर्ट में अर्जी दायर करे। उच्च न्यायालय भी आंदोलन की आजादी और मूलभूत सुविधाओं तक लोगों की पहुंच के मुद्दे को डील कर सकते हैं।'

बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट आंदोलन के अधिकार और अन्य लोगों के हकों के बीच संतुलन की बात कर सकता है। दरअसल सोनीपत के रहने वाले याचिकाकर्ता जयभगवान ने कहा था कि इस आंदोलन के चलते शहर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बंद है। याची की ओर से पेश वकील अभिमन्यु भंडारी ने कहा कि सिंघु ब़ॉर्डर सोनीपत के लोगों की आवाजाही के लिए अहम है और इस आंदोलन के चलते उनके मूवमेंट के अधिकार पर रोक लग रही है। उन्होंने कहा कि हम शांतिपूर्ण आंदोलन के खिलाफ नहीं है, लेकिन सड़कों को बंद करने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


ट्रिब्यूनलों में नियुक्तियों में हो रही देरी को लेकर केंद्र पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, कहा-'आप कोर्ट के फैसलों का सम्मान नहीं करना चाहते हैं'

मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। मामले की सुनवाई कर रहे सीजेआई जस्टिस रमना ने कहा कि केंद्र सरकार कोर्ट के फैसलों का सम्मान नहीं करना चाहती है। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या ट्रिब्यूनल बंद कर दें या आप पर (केंद्र सरकार के खिलाफ) अवमानना कार्यवाही करें?

नई दिल्ली: एक बार फिर से ट्रिब्यूनलों में नियुक्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है। मामले की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने केंद्र को इस मुद्दे पर फटकार लगाते हुए यहां तक कह डाला कि आप कोर्ट के फैसलों का सम्मान नहीं करना चाहते हैं।

आज मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। मामले की सुनवाई कर रहे सीजेआई जस्टिस रमना ने कहा कि केंद्र सरकार कोर्ट के फैसलों का सम्मान नहीं करना चाहती है। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या ट्रिब्यूनल बंद कर दें या आप पर (केंद्र सरकार के खिलाफ) अवमानना कार्यवाही करें?

हालांकि, सीजेआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट हम सरकार के साथ टकराव नहीं चाहते हैं लेकिन अगर केंद्र जजों पर विश्वास नहीं करती है तो और कोई विकल्प अब नहीं रह गया है। सीजेआई ने कड़े शब्दों में कहा कि हमारे संयम का परीक्षण किया जा रहा है। सीजेआई ने अगली सुनवाई से पहले नियुक्तियों को भरन के लिए कहा है। सीजेआई ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि अगली सुनवाई से पहले नियुक्तियां हो जाएंगी। मामले में अगली सुनवाई सोमवार (13 सितंबर) को होगी।


केरल में कोरोना के साथ-साथ निपाह का भी खौफ, एक बच्चे की मौत, 2 में मिले लक्षण, क्षेत्र में लगाया गया लॉकडाउन

अब केरल में निपाह वायरस एक नई चुनौती के तौर पर सामने आया है। यहां पर में दो और लोगों में निपाह वायरस के लक्षण पाए गए हैं। यह दो लोग उन 20 लोगों में शामिल हैं, जो निपाह से मृत लड़के के क्लोज कांटैक्ट्स में शामिल हैं।

कोझिकोड: कोरोना के मामले में केरल इस समय देश में सबसे शीर्ष पर है। लगभग 70 फीसदी कोरोना के नए दैनिक मामले केरल में ही दर्ज किए जा रहे हैं। लेकिन अब केरल में निपाह वायरस एक नई चुनौती के तौर पर सामने आया है। यहां पर में दो और लोगों में निपाह वायरस के लक्षण पाए गए हैं। यह दो लोग उन 20 लोगों में शामिल हैं, जो निपाह से मृत लड़के के क्लोज कांटैक्ट्स में शामिल हैं।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने रविवार को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लड़की मौत निपाह से हुई है। हम हालात पर निगाह बनाए हुए हैं। एनसीडीसी की टीम भी हमसे को-ऑर्डिनेट कर रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक 188 कांटैक्ट्स की पहचान की गई है। सर्विलांस टीम ने इसमें से 20 हाई रिस्क कांटैक्ट्स के बारे में पता लगाया है। इनमें से दो हाई रिस्क कैटेगरी में हैं। वहीं मृत लड़के के घर से तीन किलोमीटर के दायरे में लॉकडाउन लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह दोनों स्वास्थ्य कर्मचारी हैं। इनमें से एक प्राइवेट अस्पताल में काम करता है, जबकि दूसरा कोझिकोड मेडिकल कॉलेज का स्टाफ है। 


स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस मामले को लेकर एक मीटिंग की है। मीटिंग के बाद उन्होंने बताया कि सभी 20 हाई रिस्क् कांटैक्ट्स को शाम तक कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया जाएगा। वहीं मृतक के संपर्क में आए अन्य लोगों को आइसोलेशन में रहने की ताकीद की गई है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के पे वार्ड को निपाह वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। गौरतलब है कि निपाह वायरस से ग्रस्त बच्चे की सुबह मौत हो गई थी। उसका सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वीरोलॉजी पुणे भेजा गया था, जहां उसके अंदर वायरस की पुष्टि हुई। 


बदलाव: दिल्ली में सभी स्कूलों को 9वीं और 11वीं के लिए अपनाना होगा CBSE का टू-टर्म पैटर्न

CBSE द्वारा कक्षा 10 और 12 में दो टर्म की शुरुआत के साथ, शिक्षा निदेशालय ने एकेडमिक ईयर 2021-22 के लिए दिल्ली के सभी पब्लिक, प्राइवेट और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 9 और 11 के लिए भी एक जैसे असेसमेंट सिस्टम को शुरू किया है। जिसके बाद एकेडमिक सेशन टू-टर्म एग्जामिनेशन के होंगे, यानी मिड टर्म परीक्षा (टर्म -1) और ईयरली एग्जाम (टर्म -2) प्रत्येक में लगभग 50 प्रतिशत कोर्स होगा।

नई दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर जैसे जैसे कम हो रही है वैसे वैसे स्कूली बच्चों के लिए पठन पाठन से जुड़ी बातों पर ध्यान रखा जा रहा है। राज्यों द्वारा कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए क्रमबद्ध तरीके से स्कूलों को खोला जा रहा है। इसी क्रम में दिल्ली के सभी स्कूलों के लिए एक बदलाव शिक्षा निदेशालय द्वारा किया गया है। बदलाव के तहत अब दिल्ली के सभी स्कूलों को 9वीं और 11वीं क्लास के लिए CBSE का टू-टर्म पैटर्न अपनाना होगा।

बताते चलें कि जुलाई में एकेडमिक ईयर को दो चरणों में विभाजित करते हुए कोविड -19 महामारी के मद्देनजर अगले वर्ष के लिए कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक विशेष मूल्यांकन योजना की घोषणा की थी।बोर्ड ने 2021-22 एकेडमिक ईयर के लिए सिलेबस को युक्तिसंगत बनाने और इंटरनल असेसमेंट और प्रोजेक्ट के काम को ज्यादा "क्रेडिबल" और "वैलिड" बनाने की योजना की भी घोषणा की थी। सीबीएसई ने ये भी कहा था कि टर्म वन की परीक्षा नवंबर-दिसंबर, 2021 में और दूसरी टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल, 2022 में होगी।

मिली जानकारी के मुताबिक, CBSE द्वारा कक्षा 10 और 12 में दो टर्म की शुरुआत के साथ, शिक्षा निदेशालय ने एकेडमिक ईयर 2021-22 के लिए दिल्ली के सभी पब्लिक, प्राइवेट और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 9 और 11 के लिए भी एक जैसे असेसमेंट सिस्टम को शुरू किया है। जिसके बाद एकेडमिक सेशन टू-टर्म एग्जामिनेशन के होंगे, यानी मिड टर्म परीक्षा (टर्म -1) और ईयरली एग्जाम (टर्म -2) प्रत्येक में लगभग 50 प्रतिशत कोर्स होगा।

शिक्षा निदेशालय (DoE) के एक आदेश में कहा गया है कि स्कूलों के साथ शेयर किए गए टर्म और सब्जेक्ट वाइज मार्क्स के अनुसार, फाइनल रिजल्ट की कैलकुलेशन के लिए प्रत्येक टर्म का 50 प्रतिशत वेटेज होगा.आदेश में कहा गया है कि अक्टूबर या नवंबर में आयोजित होने वाली 90 मिनट की टर्म -1 या मिड टर्म परीक्षा के प्रश्न पत्रों में मल्टीपलच्वाइस के प्रश्न होंगे। वहीं टर्म -2 की अवधि दो घंटे की होगी, और यह शार्ट या लॉन्ग- आंसर क्वेश्चन के साथ डिस्क्रिप्टिव होगी।


जम्मू-कश्मीर: अब शहीदों के नाम पर रखे जाएंगे स्कूलों के नाम, शुरुआत शहीद दित्ता सिंह के नाम से

सिपाही बुआ दित्ता सिंह की पोती श्रेया राजपूत ने कहा, ‘मैं इस पहल के लिए सरकार को धन्यवाद देती हूं। छात्रों को अब राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।’ वहीं, कठुआ के बरवाल हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम बदलकर शहीद नायक योगराज सिंह सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल कर दिया गया है।

जम्मू: जम्मू-कश्मीर की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, सरकार ने निर्णय लिया है कि अब राज्य के स्कूलों के नाम शहीदों के नाम पर रखे जाएंगे। इसकी शुरुआत भी हो चुकी है और पहला स्कूल शहीद दित्ता सिंह के नाम पर रखा गया है।

कठुआ के एक स्कूल का नाम बुआ दित्ता सिंह के नाम होने पर उनकी पड़पोती ने बताया, "आज सबको उनके बारे में पता चला है, जिन्होंने 1948 में देश के लिए बलिदान दिया था। इससे लोगों को प्रेरणा मिलेगी।"

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जम्मू के सभी सरकारी स्कूलों का नाम भारतीय सेना के जवानों, सीआरपीएफ जवानों और जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों के नाम पर रखा जा रहा है। जो कर्मी देश की सेवा करते हुए अपनी ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे, उन्हीं शहीदों के नाम पर स्कूलों के नाम रखे जा रहे हैं। इसकी घोषणा जम्मू-कश्मीर कमिश्नर द्वारा जारी निर्देशों के बाद की गई।



छह अगस्त को जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर ने जम्मू, डोडा, रियासी, पुंछ, राजौरी, कठुआ, सांबा, रामबन, किश्तवाड़ और उधमपुर जिलों के डिप्टी कमिश्नर (DC) को पत्र भेजा था। इस पत्र में सुरक्षा अधिकारियों के नाम पर सरकारी स्कूलों का नाम बदलने को कहा गया था। पत्र में कहा गया, ‘वेरिफिकेशन के बाद इस तरह की डिटेल तैयार करने के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन किया जा सकता है। SSP/ADC/DPO या AC पंचायत या सेना के प्रतिनिधि और आदि लोगों को जिला स्तर पर सूची को अंतिम रूप देने के लिए कमेटी में शामिल किया जा सकता है।’

इसके बाद जम्मू के कठुआ जिले के गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल चांदवान का नाम बदलकर शहीद सिपाही बुआ दित्ता सिंह स्कूल कर दिया गया। जम्मू के डिविजनल कमिश्नर ने जम्मू डिवीजन के डिप्टी कमिश्नर को एक पत्र लिखकर सुरक्षाबलों के जवानों के नाम पर सरकारी स्कूलों की पहचान कराने और उनके नामों पर स्कूलों के नाम रखने को कहा था।

शहीद सिपाही बुआ दित्ता सिंह सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य राकेश जसरोटिया ने कहा, ‘यह हमारे लिए गर्व का पल है। इन शहीदों का एक संक्षिप्त इतिहास भी दीवारों पर लिखा गया है। वीर चक्र पुरस्कार विजेता बुआ दित्ता सिंह ने 1948 में जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में एलओसी पर दुश्मनों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।’

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सिपाही बुआ दित्ता सिंह की पोती श्रेया राजपूत ने कहा, ‘मैं इस पहल के लिए सरकार को धन्यवाद देती हूं। छात्रों को अब राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।’ वहीं, कठुआ के बरवाल हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम बदलकर शहीद नायक योगराज सिंह सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल  कर दिया गया है।

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नायक योगराज सिंह की पत्नी नीलम देवी ने कहा, ‘आने वाली पीढ़ी उनके बलिदान को याद रखेगी। नायक योगराज सिंह 1994 में कश्मीर में एक अफगान आतंकवादी के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। मैं मोदी जी को उन्हें ऐसा सम्मान देने के लिए धन्यवाद देती हूं।’


DGP की नियुक्ति को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार को SC से तगड़ा झटका, बार-बार याचिका दाखिल करने पर दी चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से परामर्श किए बिना पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त करने की पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि यह कानून का दुरुपयोग होगा।

नई दिल्ली: एक बार फिर से पश्चिम बंगाल सरकार को डीजीपी की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार याचिका दाखिल करने पर राज्य सरकार को चेतावनी भी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से परामर्श किए बिना पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त करने की पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि यह कानून का दुरुपयोग होगा।

हालांकि, न्यायमूर्ति नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार को पुलिस सुधार से संबंधित मुख्य मामले में पक्षकार बनने की इजाजत दे दी। मामले की सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि हमने आपका आवेदन देखा है। आप अभी जो प्वाइंट उठा रहे हैं, ठीक वही है जो आपने पहले उठाया था कि डीजीपी की नियुक्ति में यूपीएससी की भूमिका नहीं होनी चाहिए। जब मुख्य मामला सुनवाई में ले लिया जाएगा तो आप इस मामले पर बहस कर सकते हैं। मगर हम इसकी याचिका की अनुमति नहीं दे सकते हैं। यह प्रक्रिया का दुरुपयोग है।

सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार की याचिका को खारिज करते हुए बल देकर कहा कि हम आपके आवेदन को खारिज करते हैं। हम इस तरह की याचिकाएं नहीं सुन सकते हैं। हम इन आवेदनों पर इतना समय क्यों बर्बाद कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि अगर राज्य भी इस तरह से मामले दायर करना शुरू करते हैं तो उसके लिए अन्य मामलों की सुनवाई के लिए समय निकालना मुश्किल होगा। बताते चलें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने पुलिस सुधारों को लेकर 'प्रकाश सिंह' मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2018 के आदेश में संशोधन को लेकर हस्तक्षेप याचिका दायर की है।

राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने दलील दी कि पुलिस अधिकारियों की निगरानी का राज्य सरकार को अधिकार होता है। लेकिन शीर्ष अदालत का नकारात्मक रुख देखकर उन्होंने याचिका वापस लेने की अनुमति देने का अनुरोध खंडपीठ से किया, जिसे उसने स्वीकार कर लिया। 


सुनवाई के दौरान पुलिस सुधार मामले के मुख्य याचिकाकर्ता प्रकाश सिंह की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने न्यायालय से सुनवाई यथाशीघ्र सुनने का अनुरोध किया, इस पर खंडपीठ ने अक्टूबर में सुनवाई का निर्णय लिया। बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके मांग की थी कि राज्य सरकार को बिना संघ लोक सेवा आयोग के दखल के डीजीपी नियुक्त करने की अनुमति दी जाए।


दिल्ली विधानसभा में लाल किले को जोड़ती मिली सुरंग

इस सुरंग से कोई नुकसान नहीं हुआ है। सुरंग से कोई साजिश भी नही लगती। विधानसभा स्पीकर रामनिवास गोयल ने बताया कि अब इस सुरंग का जीर्णोद्धार किया जाएगा। ताकि जनता भी इसे पर्यटन के रुप में विकसित किया जा सके।

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में एक सुरंग मिली है जोकि लाल किले तक है। इस बात की जानकारी दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने गुरुवार को दी। गोयल ने बताया कि दिल्ली विधानसभा में मिला यह सुरंग लाल किले तक है। इसके बारे में कोई स्पष्टता न