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पंजाब: CM चन्नी और सिद्धू की मौजूदगी में सिंगर सिद्धू मूसेवाला कांगेस में हुए शामिल

चंडीगढ़: अगले साल पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं और कांग्रेस खुद को मजबूत करने मे जुट गई है। इसी क्रम मे आज पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला शुक्रवार को चंडीगढ़ में राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गए।

बता दें कि ये वही मूसेवाला हैं जिनपर अमरिंदर सरकार में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मौके पर पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने मूसेवाला को एक युवा आइकन और एक "अंतरराष्ट्रीय शख्सियत" के रूप में वर्णित किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला हमारे परिवार में शामिल हो रहे हैं। मैं कांग्रेस में उनका स्वागत करता हूं। 

वहीं, पार्टी में सिंगर सिद्धू का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि मूसेवाला अपनी कड़ी मेहनत से एक बड़े कलाकार बने और अपने गीतों से लाखों लोगों का दिल जीता। भले ही कांग्रेस में अंदरुनी तकरार की बात कही जा रही हो, मगर आज पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला को पार्टी में शामिल कराने के लिए एक ही मंच पर नवजोत सिंह सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी दिखे। इसका मतलब है कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मिशन मोड में जुट गई है। 


सिद्धू मूसेवाला के बारे में

सिद्धू मूसेवाला, जिनका असली नाम शुभदीप सिंह सिद्धू है, मनसा जिले के मूसा गांव के रहने वाले हैं और उनकी मां एक गांव की मुखिया हैं। गायक को पहले अपने गीतों में हिंसा और बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था।

इतना ही नहीं, मूसेवाला के खिलाफ पिछले साल पंजाब पुलिस ने अपने एक गाने में हिंसा और बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देने के आरोप में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।

इससे पहले, कोविड -19 महामारी के दौरान फायरिंग रेंज में एके-47 राइफल से फायरिंग करते हुए उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें एक अन्य मामले में बुक किया गया था।


'सांवले रंग वाला इंसान झूठे वादे नहीं करता...', पंजाब के सीएम चन्नी को केजरीवाल का जवाब

अगले साल कई राज्यों के साथ-साथ पंजाब में भी चुनाव होने हैं। चुनाव की वजह से राजनीतिक गलियारों में गर्माहट है और लगभग सभी राजनेता एक दूसरे पर जमकर हमला बोल रहे हैं।

चंडीगढ़: अगले साल कई राज्यों के साथ-साथ पंजाब में भी चुनाव होने हैं। चुनाव की वजह से राजनीतिक गलियारों में गर्माहट है और लगभग सभी राजनेता एक दूसरे पर जमकर हमला बोल रहे हैं। 

ताजा मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के 'कांले अंग्रेज' वाले बयान पर पलटवार किया है। केजरीवाल गुरुवार को कहा कि उनका रंग सांवला हो सकता है, लेकिन मंशा बिल्कुल साफ है और वह झूठे वादे नहीं करते। 


केजरीवाल ने पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने पर राज्य में जन्में लोगों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने तथा ड्यूटी के दौरान मरने वाले सैनिकों या पुलिस के जवानों के परिवारों को एक करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि देने का वादा किया।

बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने बुधवार को आम आदमी पार्टी को 2022 के राज्य विधानसभा चुनाव जीतने की जुगत में लगी 'काले अंग्रेज' की पार्टी करार दिया था।

जवाब में केजरीवाल ने कहा कि भले ही उनका रंग सांवला है, लेकिन उनकी नीयत साफ है। पंजाब में 2022 के आरंभ में विधानसभा चुनाव होने हैं। 

अमृतसर से पठानकोट जाते समय आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पत्रकारों से कहा, ''मैं उन्हें (कांग्रेस से) कहना चाहता हूं कि एक बार जब हमारी सरकार सत्ता में आ जाएगी तो साधारण कपड़े पहने वाला, और जिसका रंग सांवला है, वह सभी वादे पूरे करेगा। मैं झूठी घोषणाएं या झूठे वादे नहीं करता।'

केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने वादा किया है कि सत्ता में आने पर आप महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए देगा, इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री उन्हें गाली दे रहे हैं। 

उन्होंने कहा, 'मैं चन्नी साहब का बेहद आदर करता हूं। लेकिन जब से मैने सत्ता में आने पर सभी महिलाओं को एक हजार रुपए देने की घोषणा की है, वह मुझे गाली दे रहे हैं। कुछ दिन पहले, उन्होंने साधारण कपड़े पहनने के लिए मुझ पर तंज कसा था, लेकिन मैं उन्हें कहना चाहता हूं, मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है।'

उन्होंने कहा 'जब हम महिलाओं को एक एक हजार रुपए देंगे तब हम अपनी माताओं और बहनों को खुद के लिए नए सूट खरीदते देख खुश होंगे।' 

केजरीवाल ने कहा, 'कल, उन्होंने (चन्नी) मुझे कहा कि मैं 'काला' (सांवले रंग का) हूं। मैं मानता हूं कि मेरा रंग सांवला है। मैं हर गांव का दौरा करता हूं और तेज धूप में बाहर निकलने पर मेरी त्वचा सांवली हो गई है।  मैं उनकी तरह हेलीकॉप्टर में यात्रा नहीं करता'।

उन्होंने कहा, 'मेरी माताओं और बहनों को यह 'काला भाई' (सांवला भाई) पसंद है। हर कोई जानता है कि मेरी मंशा साफ है, और हर कोई जानता है कि किसकी मंशा खराब है।' 

बाद में पठानकोट में अपनी पार्टी की 'तिरंगा यात्रा' के दौरान, केजरीवाल ने मुफ्त और अच्छी शिक्षा का वादा किया और उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर ड्यूटी के दौरान मरने वाले सैनिकों या पुलिस जवानों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।


पंजाब: अस्थायी शिक्षकों को मिला अरविंद केजरीवाल का साथ, कही ये बड़ी बात

अध्यापक 6,000 रुपए की तनख्वाह पर काम कर रहे हैं। 6,000 रुपए की सैलरी लेकर किसका गुजारा चल सकता है। पंजाब सरकार इनकी मांगों पर विचार करें।

मोहाली: अस्थायी शिक्षक अपनी मांगों को लेकर मोहाली में राज्य शिक्षा विभाग के बाहर लगभग 6 महीनों से धरना प्रदर्शन कर रहीं हैं। प्रदर्शन में बैठी शिक्षिका ने बताया, “हमें 18 साल हो गए हैं पढ़ाते हुए और हमारी तनख्वाह 6,000 रुपए ही है। हमारी मांग है कि सरकार हमें जल्द स्थायी करे।”


अब इन शिक्षकों को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का भी साथ मिल गया है। आज केजरीवाल ने  प्रदर्शनरत महिला शिक्षकों से मिले और कहा कि मैं यहां इन अध्यापकों का समर्थन करने के लिए आया हूं।

केजरीवाल ने आगे कहा कि अध्यापक 6,000 रुपए की तनख्वाह पर काम कर रहे हैं। 6,000 रुपए की सैलरी लेकर किसका गुजारा चल सकता है। पंजाब सरकार इनकी मांगों पर विचार करें।


पंजाब की चन्नी सरकार के खिलाफ सिद्धू ने दी भूख हड़ताल की धमकी, जानिए-अब किस बात पर उखड़े 'गुरू'

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि यदि उनकी सरकार ने ड्रग्स और गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की तो वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।

चंडीगढ़: पंजाब में कांग्रेस में चल रही कलह शायद अभी खत्म नहीं हुई है। खासकर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से भी नाखुश हैं और चन्नी सरकार द्वारा लिए जा निर्णयों से दुखी हैं। उन्होंने अब चन्नी सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल करने की धमकी दी है।

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि यदि उनकी सरकार ने ड्रग्स और गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की तो वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।

बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू का अपनी ही पार्टी की सरकार से उलझना नया नहीं है। कैप्टन अमरिंदर सिंह से लंबे समय तक उनकी तनातनी चली और अंत में अमरिंदर ने पार्टी छोड़ दी। अमरिंदर के बाद सीएम बनाए गए चन्नी से भी सिद्धू की नहीं बन रही है।

गौरतलब है कि सिद्धू ने हाल ही में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, इसे उन्होंने वापस ले लिया है। हाल ही में जब चन्नी उन्हें लेकर करतारपुर नहीं गए तो एक बार फिर दोनों के बीच टकराव सामने आ गया।


पठानकोट आर्मी कैंप के गेट के पास ग्रेनेड विस्‍फोट, जांच में जुटी पुलिस, CCTV फुटेज जा रही खंगाली

पंजाब के पठानकोट के आर्मी कैंप के के पास सोमवार सुबह एक ग्रेनेड फटा। यह विस्‍फोट आर्मी कैंप के त्रिवेणी गेट के पास हुआ। इससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने पूरे क्षेत्र को अपने कब्‍जे में ले लिया और जांच शुरू कर दी।

पठानकोट: आज पठानकोट आर्मी कैम्प के समीप ग्रेनेड बम फटने से सनसनी फैल गई हैं पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक, पंजाब के पठानकोट के आर्मी कैंप के के पास सोमवार सुबह एक ग्रेनेड फटा। यह विस्‍फोट आर्मी कैंप के त्रिवेणी गेट के पास हुआ। इससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने पूरे क्षेत्र को अपने कब्‍जे में ले लिया और जांच शुरू कर दी।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पठानकोट के एसएसपी पुलिस टीम के साथ पहुंचे और घटनास्‍थल की जांच की। एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी। ग्रेनेड किसने फेंका इस बारे में अभी पता नहीं चल पाया है।

जांच शुरू कर दी गई। यह पता नहीं चला कि वहां ग्रेनेड कैसे फटा। यह जांच की जा रही है कि ग्रेनेड किसने फेंका है। एसएसपी ने बताया कि इसके लिए सीसीटीवी के फुटेज की जांच की जा रही है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और आसपास के क्षेत्र में तलाशी भी ली जा रही है। पुलिस आसपास के क्षेत्र के लोगों से पूछताछ भी कर रही है।


पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी पर भड़के किसान नेता, लगाया बेइज्जती करने का आरोप, जानिए-क्या है पूरी बात

किसान नेताओं ने आरोप लगाया है कि सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने उन्हें मुलाकात के लिए बुलाया था और जब वह उनसे मिलने पहुंचे तो उनके साथ सीएम के सुरक्षाकर्मियों द्वारा धक्कामुक्की की गई।

चंडीगढ़: किसानों के प्रति राजनीतिक मोह दिखाना पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को भारी पड़ गया है। दरअसल, किसान नेताओं ने आरोप लगाया है कि सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने उन्हें मुलाकात के लिए बुलाया था और जब वह उनसे मिलने पहुंचे तो उनके साथ सीएम के सुरक्षाकर्मियों द्वारा धक्कामुक्की की गई।

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बुधवार को किसान नेताओं को बातचीत के लिए पंजाब भवन में बुलाया था। लेकिन यहां किसान नेता उल्टे सरकार पर ही भड़क गए। दरअसल किसान नेता चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन पहुंचे तो सीएम के साथ सुरक्षाकर्मियों से धक्कामुक्की की घटना हो गई। इस पर किसान नेता भड़क गए और चन्नी सरकार पर बुलाकर अपमान किए जाने का आरोप लगाया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पंजाब भवन पहुंचे किसानों से सुरक्षा में लगे जवानों की धक्कामुक्की हो गई और इस पर विवाद बढ़ गया। अब किसान नेताओं ने राज्य सरकार पर बातचीत के लिए बुलाकर अपमानित करने का आरोप लगाया है।


पंजाब: कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ED की गिरफ्त में, मनी लॉन्ड्रिंग का है केस

अगले साल पंजाब विधानसभा चुनाव है और कांग्रेस अपनी बिगड़ी हुई छवि चमकाने पर लगी हुई है। इस बीच कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा को ईडी द्वारा आज गिरफ्तार किए जाने की खबर है। उनकी गिरफ्तारी मनी लॉंड्रिंग के केस में की गई है।

चंडीगढ़: अगले साल पंजाब विधानसभा चुनाव है और कांग्रेस अपनी बिगड़ी हुई छवि चमकाने पर लगी हुई है। इस बीच कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा को ईडी द्वारा आज गिरफ्तार किए जाने की खबर है। उनकी गिरफ्तारी मनी लॉंड्रिंग के केस में की गई है।

बता दें कि सुखपाल सिंह खैरा इसी साल जून में आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। ईडी की टीम ने सुखपाल खैरा को गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया था और संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक खैरा को मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स तस्करी के केस में अरेस्ट किया गया है।

सुखपाल खैरा पुराने कांग्रेसी रहे हैं, लेकिन 2015 में वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे। जहां वह विधानसभा के लिए चुने गए थे और नेता विपक्ष की भी जिम्मेदारी मिली थी। लेकिन आप की लीडरशिप से मतभेद के चलते उन्हें 2018 में नेता विपक्ष के पद से हटा दिया गया था। इसके बाद 2019 में खैरा ने पार्टी की मेंबरशिप से भी इस्तीफा दे दिया।

उन्होंने इसी साल पंजाब एकता पार्टी के नाम से अलग दल बनाया था, लेकिन 2019 के आम चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। यहां तक कि बठिंडा सीट से खुद भी हार गए थे। आखिर में 6 साल बाद जून 2021 को उन्होंने एक बार फिर से अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस का ही दामन थाम लिया। उनके साथ आप के दो और विधायकों ने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला लिया था।


पंजाब: जालंधर-फगवाड़ा हाईवे पर तेज रफ्तार कार ने 2 युवतियों को कुचला, 1 की मौत

घटना जालंधर-फगवाड़ा हाईवे पर पड़ने वाले क्षेत्र धनोवाली का है। यहां एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रही दो युवतियों को रौंद डाला। घटना में एक युवती की मौके पर मौत हो गई जबकी दूसरी युवती को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जालंधर: ऐसा लग रहा है कि देश में लोगों को कार से कुचलने का कुछ लोगों द्वारा ट्रेंड चला दिया गया है। पहले लखीमपुर खीरी में कार से कुचलकर चार किसानों समेत 5 लोगों की हत्या कर दी जाती है और फिर छत्तीसगढ़ और भोपाल में। अब खबर है कि पंजाब के जालंधर में एक तेज रफ्तार कार ने 2 युवतियों को कुचल दिया है जिसमें से एक ही मौके पर ही मौत हो गई है।

घटना जालंधर-फगवाड़ा हाईवे पर पड़ने वाले क्षेत्र धनोवाली का है। यहां एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रही दो युवतियों को रौंद डाला। घटना में एक युवती की मौके पर मौत हो गई जबकी दूसरी युवती को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मामले में जालंधर सेंट्रल ACP बलविंदर इकबाल सिंह ने बताया, "धनोवाली की रहने वाली 2 लड़कियां सड़क पार कर रही थीं उसी वक्त एक तेज़ रफ़्तार गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी और 1 युवती की मौके पर मौत हो गई। एसीपी ने आगे बताया कि हमने गाड़ी और ड्राइवर का पता लगाया है। गाड़ी ओवरस्पीड में थी और जो भी क़ानून के तहत कार्रवाई होगी वह हम करेंगे।


आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को पंजाब सरकार देगी 50 लाख का मुआवजा, परिवार के 1 सदस्य को सरकारी नौकरी का भी एलान

नई दिल्ली: आज कश्मीर घाटी में आतंकियों की कायराना हरकत का शिकार हुए पंजाब के शहीद जवानों के लिए पंजाब सरकार ने मुआवजे का एलान किया है। 

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पुंछ में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में जान गंवाने वाले नायब सूबेदार जसविंदर सिंह, नायक मनदीप सिंह और सिपाही गज्जन सिंह के शोक संतप्त परिवार को 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की।

बता दें कि आज आतंकी हमले में एनबी सब जसविंदर सिंह, एनके मनदीप सिंह, सिपाही गज्जन सिंह ने शाहदरा, थानामंडी, राजौरी(जम्मू-कश्मीर) में चल रहे ऑपरेशन के दौरान अपनी जान गंवा दी।

इन तीनों बहादुरों के अलावा सिपाही सराज सिंह और सिपाही वैशाख एच ने भी शाहदरा, थानामंडी, राजौरी (जम्मू-कश्मीर) में चल रहे ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए हैं।


पंजाब के DGP दिनकर गुप्ता लंबी छुट्टी पर, IPS सहोता को प्रभार, 5 IAS और 5 PCS अधिकारियों का तबादला

पंजाब के पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्‍ता ने एक माह का अवकाश पर चले गए हैं। उनकी जगह आइपीएस इकबाल प्रीत सिंह सहोता को डीजीपी पद का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। दिनकर गुप्‍ता ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति भी मांगी है।

चंडीगढ़: पंजाब में मुख्‍यमंत्री चरणजीत स‍िंह चन्‍नी के नेतृत्‍व में नई सरकार के गठन के बाद नौकरशाही में बदलाव हो रहा है। नौकरशाही में फेरबदल के बीच बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्‍ता ने एक माह का अवकाश पर चले गए हैं। उनकी जगह आइपीएस इकबाल प्रीत सिंह सहोता को डीजीपी पद का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। दिनकर गुप्‍ता ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति भी मांगी है। 

बता दें कि चरणजीत सिंह चन्‍नी सरकार के गठन के बाद से पंजाब के डीजीपी को हटाने की चर्चाएं चल रही हैं। इससे पहले राज्‍य की मुख्‍य सचिव को बदला जा चुका है। 

दरअसल, मुख्य सचिव विनी महाजन को हटाने के बाद अब सारी नजरें डीजीपी दिनकर गुप्ता को हटाकर नया डीजीपी लगाने को लेकर चल रही हैं। इसी बीच शनिवार को खबर आई कि डीजीपी दिनकर गुप्ता ने एक महीने की छुट्टी पर जाने के लिए आवेदन कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि उन्हें केंद्रीय डेपुटेशन (Central Deputation) के लिए भी रिलीव कर दिया जाए।


5 IAS और 5 PCS अफसरों का तबादला

पंजाब सरकार ने एक आदेश जारी करके पांच आइएएस और पांच पीसीएस को बदल दिया है ।विशेष बात यह है कि के के यादव का नाम लगातार जारी हो रहे तबादलों या अतिरिक्त चार्ज देने वाले आदेशों में है। के के यादव- सचिव लोकसंपर्क के साथ अब सेक्रेटरी सिविल एविएशन लगाया गया है।

इन अफसरों के भी हुए तबादले:

तनु कश्यप--संयुक्त आयुक्त विकास और नरेगा के आयुक्त का अतिरिक्त चार्ज।
अमित कुमार---- एमडी हेल्थ सिस्टम कार्पाेरेशन और स्पेशल सेक्रेटरी मेडिकल एजुकेशन।
सुमित जारंगल-- डायरेक्टर लोक संपर्क के साथ डायरेक्टर सिविल एविएशन का अतिरिक्त् चार्ज।
गिरीश दयालन --स्पेशल सेक्रेटरी गर्वनेंस रिफार्म्स।
अनमोल सिंह धालीवाल ---- डिप्टी प्रिंसिपल सेक्रेटरी टू सीएम।
कनु थिंद --- डायरेक्टर लॉटरीज
उदयदीप सिंह सिद्धू---- एडिश्नल मुख्य प्रशासक पॉलिसी ,पूडा।
मनजीत सिंह चीमा ---डिप्टी प्रिंसिपल सेक्रेटरी टू सीएम।
गोपाल सिंह --डिप्टी सेक्रेटरी लोक संपर्क विभाग और संयुक्त निदेशक प्रशासन।


पंजाब सरकार की नई कैबिनेट का एलान,7 नए चेहरे, धर्मसोत और कांगड़ समेत 5 किये गए बाहर

पंजाब की नई चन्नी सरकार की कैबिनेट का एलान आज हो गया है। नई कैबिनेट में 7 नए चेहरों को जगह मिली है, वहीं धर्मसोत और कांगड़ समेत 5 को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

चंडीगढ़: पंजाब की नई चन्नी सरकार की कैबिनेट का एलान आज हो गया है। नई कैबिनेट में 7 नए चेहरों को जगह मिली है, वहीं धर्मसोत और कांगड़ समेत 5 को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

कैबिनेट के मंत्रियों की सूची दिल्‍ली में बैठक के बाद फाइनल हो गई है। परगट सिंह, कुलजीत सिंह नागरा और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नाम पर स‍हमति बन गई है। करीब छह दिन की माथापच्ची के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शनिवार को अपने मंत्रिमंडल का एलान कर दिया  गया। इसमें पिछली कैबिनेट में शामिल रहे पांच मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई है, जबकि सात नए चेहरों की एंट्री हुई है। वहीं, कैप्टन सरकार के मंत्रिमंडल के नौ वरिष्ठ मंत्रियों पर चन्नी ने भरोसा दिखाते हुए उन्हें दोबारा मौका दिया है। 

कैबिनेट के मंत्रियों के नाम तय होने के बाद मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी राजभवन राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से मिलने पहुंचे। उनसे पहले उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा भी पहुंच चुके हैँ। पता चला है कि कल 10.30 के शपथ ग्रहण समारोह के लिए उनसे समय की मांग की जाएगी।

नई कैबिनेट में डा. राजकुमार वेरका, परगट सिंह, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग सहित सात नए लोगों को मौका दिया गया है। इनमें से राणा गुरमीत पहले कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में भी मंत्री रहे थे, लेकिन बाद में उनको इस्‍तीफा देना पड़ा था।

कैबिनेट में आठ पुराने मंत्रियाें पर भराेसा दिखाया गया है। इनमें कैप्‍टन सरकार में वित्‍तमंत्री रहे मनप्रीत सिंह बादल, ब्रह्म मोहिंदरा, तृप्‍त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखविंदर सिंह सरकारिया , रजिया सुल्‍ताना और  अरुणा चौधरी भी शामिल हैं।


वहीं, पुराने मंत्रिमंडल में शामिल रहे बलबीर सिंह सिद्धू, साधू सिंह धर्मसोत, शाम सुंदर अरोड़ा, राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी और गुरप्रीत सिंह कांगड़ समेत कई मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।


बड़ी खबर: सुखजिंदर रंधावा बनेंगे पंजाब के नए सीएम, अंतिम फैसला सोनिया गांधी पर

सुखजिंदर के अलावा दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर भी चर्चा हो रही है। अरुणा चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। इसके अलावा एक और नेता भारत भूषण आशु को डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा है।

चंडीगढ़: पंजाब में आज शाम तक नए   सीएम के नाम पर मुहर लग जायेगी। पार्टी ने  सुखजिंदर रंधावा का नाम कांग्रेस हाईकमान को भेजा है। लेकिन अंतिम फैसला सोनिया गांधी को ही लेना है। सूत्रों से खबर मिली है कि सोनिया गांधी की भी हां रंधावा के लिए है।


सुखजिंदर के अलावा दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर भी चर्चा हो रही है। अरुणा चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। इसके अलावा एक और नेता भारत भूषण आशु को डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा है।

पंजाब कांग्रेस द्वारा नाम भेजे जाने के बाद रंधावा के घर पर विधायकों और कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा हो रहा है। नवजोत सिंह सिद्धू सरीखे नेता उनके घर पहुंचे हैं। रंधावा के नाम को लेकर महज घोषणा बाकी है।  


PM मोदी ने किया नए स्वरूप में जलियांवाला बाग का वर्चुअली उद्घाटन, बोले- 'विरासत व विकास को साथ लेकर चलना होगा'

पीएम ने कहा कि राष्ट्र का दायित्व होता है वह अपने इतिहास को संभाल कर रखें। इतिहास में हुई घटनाएं हमें सिखाती भी हैं और आगे बढ़ने की दिशा भी देती हैं। जलियांवाला बाग जैसा ही एक नरसंहार भारत विभाजन के समय भी दिखा था।

अमृतसर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सौंदर्यीकरण के बाद नए स्वरूप में जलियांवाला बाग का वर्चुअल उद्घाटन कर दिया है। पीएम ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि अंग्रेज हुकूमत ने जलियांवाला बाग में अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी थी। यहां आज भी गोलियों के निशान दिखते हैं। पीएम ने कहा कि जलियांवाला बाग वह स्थान है जहां सरदार उधम सिंह, सरदार भगत सिंह सहित हजारों बलिदानियों ने आजादी की लड़ाई लड़ने वालों को हौसला दिया। पीएम ने कहा कि वर्तमान समय में विरासत व विकास को साथ लेकर चलना होगा।

पीएम ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें कई बार जलियांवाला बाग आने का अवसर प्राप्त हुआ। यहां जो अलग-अलग गैलरी बनाई गई हैं वह हमें उस कालखंड में लेकर जाती हैं। नरसंहार से पहले यहां बैसाखी के मेले लगते थे। यह स्थान नई पीढ़ी को हमारी आजादी की यात्रा कैसी रही यह जानकारी देगा। यहां तक पहुंचने के लिए हमारे पूर्वजों ने क्या किया किया, कितना त्याग, कितना बलिदान, कितनी कुर्बानियां दी। राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्य क्या होने चाहिए। कैसे हमें अपने हर काम में देश को सबसे ऊपर रखना चाहिए, इसकी भी प्रेरणा नई ऊर्जा के साथ इसी स्थान से मिलेगी।


पीएम ने कहा कि राष्ट्र का दायित्व होता है वह अपने इतिहास को संभाल कर रखें। इतिहास में हुई घटनाएं हमें सिखाती भी हैं और आगे बढ़ने की दिशा भी देती हैं। जलियांवाला बाग जैसा ही एक नरसंहार भारत विभाजन के समय भी दिखा था। पंजाब के मेहनती और जिंदादिल लोग तो विभाजन के बहुत बड़े भुक्तभोगी रहे हैं। विभाजन के समय जो कुछ हुआ उसकी पीड़ा आज भी हिंदुस्तान के हर कोने में और विशेषकर पंजाब के परिवारों में हम अनुभव करते हैं। कहा कि 14 अगस्त को हर वर्ष विभाजन विभीषिका दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उधम सिंह को किया याद


समारोह में पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक ने जलियांवाला बाग की एतिहासिकता के बारे में बताया। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा की आज बहुत ही खुशी का दिन है कि बाग का रिनोवेशन कर इसे देश को समर्पित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग के इतिहास के बारे में हर कोई जानता है, मगर कितने लोग शहीद हुए उनकी पूरी लिस्ट नहीं है, इसलिए इस काम के लिए जीएनडीयू की ओर से रिसर्च की जा रही है। इस बारे में पता करने के लिए गांव-गांव में घूमा जा रहा है। 

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऊधम सिंह के बारे में बताया कि किस तरह उन्होंने बाग के नरसंगार का बदला लिया था। सीएम कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने पीएम मोदी से अपील कि शहीद ऊधम सिंह की डायरी और पिस्तौल को भारत लाया जाए।


पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ फिर से शुरू हुई बगावत, 4 मंत्री जल्द करेंगे कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात

पंजाब में एक बार फिर से कांग्रेस के अंदरखाने में रार शुरू हो गई है। यहां तक कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को सिद्धू धड़े के नेता सीएम पद से भी हटवाना चाह रहे हैं और इसके लिए पंजाब कैबिने के 4 मंत्री जल्द ही सोनिया गांधी से मिलकर पूरी जानकारी देंगे। इतना ही नहीं कैप्टन पर शिरोमणि अकाली दल से मिल जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है।

चंडीगढ़: पंजाब में एक बार फिर से कांग्रेस के अंदरखाने में रार शुरू हो गई है। यहां तक कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को सिद्धू धड़े के नेता सीएम पद से भी हटवाना चाह रहे हैं और इसके लिए पंजाब कैबिने के 4 मंत्री जल्द ही सोनिया गांधी से मिलकर पूरी जानकारी देंगे। इतना ही नहीं कैप्टन पर शिरोमणि अकाली दल से मिल जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है।

पंजाब के चार कैबिनेट मंत्रियों और कांग्रेस के कई विधायकों ने मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करते हुए कहा कि उन्हें सिंह पर विश्वास नहीं है क्योंकि उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले किए गए वादों को पूरा नहीं किया है। चार मंत्रियों तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, सुखजिंदर सिंह रंधावा और चरणजीत सिंह चन्नी और लगभग 24 विधायकों ने मंगलवार को यहां बाजवा के आवास पर मुलाकात की।

पंजाब के चार कैबिनेट मंत्रियों और कांग्रेस के कई विधायकों ने मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करते हुए कहा कि उन्हें सिंह पर विश्वास नहीं है क्योंकि उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले किए गए वादों को पूरा नहीं किया है। चार मंत्रियों तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, सुखजिंदर सिंह रंधावा और चरणजीत सिंह चन्नी और लगभग 24 विधायकों ने मंगलवार को यहां बाजवा के आवास पर मुलाकात की।

इन वादों में 2015 में धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के मामलों में न्याय में देरी, मादक पदार्थ रैकेट में शामिल बड़े लोगों को पकड़ना और बिजली खरीद समझौतों को रद्द करना शामिल है। उन्होंने कहा कि बाजवा, सरकारिया, रंधावा और पंजाब कांग्रेस महासचिव परगट सिंह पार्टी आलाकमान से मुलाकात करेंगे। ये पांचों अमरिंदर सिंह के विरोधी माने जाते हैं। यह बैठक पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू के दो सलाहकारों द्वारा कश्मीर और पाकिस्तान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विवादास्पद टिप्पणी करने के लिए की गई कड़ी आलोचना के बीच हुई। हालांकि, सिद्धू बैठक में मौजूद नहीं थे।

चन्नी ने कहा कि कई विधायक 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस द्वारा किए गए उन वादों को लेकर चिंतित हैं जिन्हें अभी तक पूरा नहीं किया गया है। चन्नी ने कहा, हमारे मुद्दे हल नहीं हो रहे हैं। हमें अब विश्वास नहीं है कि इन मुद्दों का समाधान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कोटकपूरा पुलिस गोलीबारी की घटना में एसआईटी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल से पूछताछ के बाद कुछ नहीं हुआ।

चन्नी ने कहा, आज स्थिति ऐसी है कि मुख्यमंत्री (अमरिंदर सिंह) के साथ हमारे मुद्दों का समाधान नहीं हो रहा है और इसलिए हम पार्टी आलाकमान से मिलने जा रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री को हटाने का प्रयास किया जा रहा है, बाजवा ने कहा कि यह प्रयास नहीं बल्कि लोगों की मांग है। मुख्यमंत्री के नए चेहरे पर एक सवाल के जवाब में बाजवा ने कहा कि फैसला पार्टी आलाकमान द्वारा लिया जाएगा।


उन्होंने दावा किया कि पंजाब में एक धारणा बन गई है कि अमरिंदर सिंह और शिरोमणि अकाली दल की एक-दूसरे के साथ मिलीभगत है और इसने कांग्रेस की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है। कैबिनेट में संभावित फेरबदल के सवाल पर रंधावा ने कहा कि उन्हें किसी पद का लालच नहीं हैं और केवल चुनाव से पहले लोगों से किए गए वादों को पूरा करना चाहते हैं।


पंजाब: गन्ना किसानों ने उचित मूल्य की मांग को लेकर किया प्रदर्शन, 32 किसान संघ हुए इकट्ठा

विरोध प्रदर्शन में एनएच 1 पर सैकड़ों लोग किसान संघ के झंडे लहराते और सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए दिखे। इस विरोध प्रदर्शन के लिए 32 किसान संघ एकत्र हुए हैं।

चंडीगढ़: एक तरफ किसान कृषि विधेयक को लेकर लगातार 8 महीने से ज्यादा समय से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं तो अब गन्ना किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गन्ना किसानों ने अपनी फसल के उचित मूल्य की मांग करते हुए शुक्रवार को जालंधर-अमृतसर हाईवे ब्लॉक कर विरोध प्रदर्शन किया।

विरोध प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग सड़क के बीच में डेरा डाले हुए थे। जिसके चलते दोनों शहरों के साथ-साथ लुधियाना, पठानकोट और आसपास के क्षेत्रों का यातायात डायवर्ट करना पड़ा। विरोध प्रदर्शन में एनएच 1 पर सैकड़ों लोग किसान संघ के झंडे लहराते और सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए दिखे। इस विरोध प्रदर्शन के लिए 32 किसान संघ एकत्र हुए हैं।

विरोध कर रहे किसानों ने धनोवली गांव के पास रेलवे ट्रैक को भी जाम कर दिया, जिसके चलते शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस (अमृतसर से दिल्ली) को जालंधर स्टेशन पर रोकना पड़ा। एसवीडीके वंदे भारत एक्सप्रेस सहित कम से कम सात अन्य ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।

दोआबा किसान संघर्ष समिति के बैनर तले एकत्र हुए किसानों ने शिकायत की है कि पड़ोसी राज्य हरियाणा में गन्ना किसानों को 48 रुपए प्रति क्विंटल अधिक मिलते हैं। किसान नेताओं ने कहा कि हरियाणा में गन्ने की प्रति क्विंटल कीमत पिछले साल 350 रुपये और इस साल 358 रुपये थी। पंजाब में पिछले पांच वर्षों से कीमत रुपए 310 पर बनी हुई है।

इससे पहले आज अमरिंदर सिंह सरकार ने रुपए 15 प्रति क्विंटल की वृद्धि की घोषणा की। नाराज किसानों ने सीएम द्वारा की गई इस मूल्य वृद्धि को अपर्याप्त माना है। किसानों की मांग है कि गन्ने की कीमत रुपए 70 प्रति क्विंटल बढ़ाई जाए। किसानों ने पंजाब सरकार से करीब 200 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने की भी मांग की है।



अफगानिस्तान के गुरुद्वारे में फंसे 200 से ज्यादा भारतीय सिख, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर ने विदेश मंत्री से लगाई मदद को गुहार

कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि पंजाब सरकार उनकी सुरक्षित वापसी में हर तरह की मदद देने को तैयार है।

काबुल: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को ट्वीट कर अफगानिस्तान के एक गुरुद्वारे में फंसे 200 सिखों को जल्द वतन वापस लाने में मदद करने की मांग की है।


कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि पंजाब सरकार उनकी सुरक्षित वापसी में हर तरह की मदद देने को तैयार है। बता दें, अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होते ही अफरा तफरी का माहौल है। सभी देश अपने-अपने नागरिकों को निकालने में जुट गए हैं।

कैप्टन ने कहा कि अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा भारत के लिए अच्छा नहीं है। यह भारत के खिलाफ चीन-पाक गठजोड़ को मजबूत करेगा। यह संकेत बिल्कुल भी अच्छे नहीं हैं, हमें अपनी सभी सीमाओं पर अब अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।

बता दें कि तालिबान ने तख्तापलट करते हुए अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है। इस बीच काबुल एयरपोर्ट पर भी विमानों का संचालन बंद हो चुका है।


अमृतसर के रंजीत एवेन्यू में हैंड ग्रेनेड मिलने से लोगों में दहशत, जांच जारी

यह हैंड ग्रेनेड सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के अमृतसर दौरे से 24 घंटे पहले बरामद हुआ है। हैंड ग्रेनेड के मिलने से सुरक्षा बल व पुलिस सतर्क हो गई है।

अमृतसर: अमृतसर के सबसे पॉश इलाकों में शामिल रंजीत एवेन्यू मेंं शुक्रवार सुबह एक हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ है। हैंड ग्रेनेड मिलने की सूचना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। मौके पर पुलिस पहुंच चुकी है। बम निरोधक दस्ता भी पहुंचा है, जो हैंड ग्रेनेड की जांच कर रहा है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह किसी की शरारत है या इसके पीछे आतंकियों का हाथ है। 

यह हैंड ग्रेनेड सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के अमृतसर दौरे से 24 घंटे पहले बरामद हुआ है। हैंड ग्रेनेड के मिलने से सुरक्षा बल व पुलिस सतर्क हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर डा.  सुखचैन सिंह गिल, डीसीपी परमिंदर  सिंह भंडाल और डीपीसी मुखविंदर सिंह बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुुंच गए। बम हरे रंग का है और ज्यादा पुराना नहीं है। उसकी पिन निकली हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बम निरोधक दस्ता मंगवाकर बम को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लिया।


जारी है पाकिस्तान की नापाक हरकतें, ड्रोन्स के जरिए भेज रहा IED, पंजाब पुलिस ने साजिश को किया नाकाम, टिफिन बम और 5 हैंड ग्रेनेड बरामद

पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया, 'पुलिस को आज एक टिफिन से पांच हेंड ग्रेनेड बरामद हुए हैं। इलाके के स्थानीय लोगों को आसमान से कुछ गिरने की आवाज आई थी। इसके बाद जब पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया तो ये टिफिन बम मिला।'

अमृतसर: भारत अपने स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में जुटा है लेकिन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह लगार भारत में ड्रोन्स से बड़ी घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में है। ताजा मामले में एक बार फिर से पाकिस्तान की नापाक करतूतों का नाकाम कर दिया गया है।

आज  पंजाब के अमृतसर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर पाकिस्तान की ड्रोन वाली साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पाकिस्तान ने ड्रोन के जरिए टिफिन बम फेंका है। पंजाब पुलिस को पाकिस्तान की ओर से संदिग्ध वस्तु फेंके जानी की सूचना मिली थी। इसके बाद जब जांच शुरू हुई तो पता चला कि ये संदिग्ध वस्तु आईईडी टिफिन बम है। इतना ही नहीं टिफिन में पांच हेंड ग्रिनेड भी मिले हैं।  टिफिन में स्प्रिंग और डेटोनेटर समेत कई सामान थे।

मामले को लेकर पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया, 'पुलिस को आज एक टिफिन से पांच हेंड ग्रेनेड बरामद हुए हैं। इलाके के स्थानीय लोगों को आसमान से कुछ गिरने की आवाज आई थी। इसके बाद जब पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया तो ये टिफिन बम मिला।'

डीजीपी ने कहा कि सरहद पार से ये टिफिन ड्रोन के जरिए गिराया गया। हमें अमृतसर के पास के एक गांव से 7-8 अगस्त की रात को सूचना मिली कि सरहद पार से ड्रोन आते देखा गया और कुछ गिरने की आवाज़ आई। हमें संदिग्ध वस्तु मिलने की भी सूचना मिली थी जिसमें 7 थैलियों में IED, हैंड ग्रेनेड और बंदूक की गोलियां मिली हैं। टिफिन गिराने के बाद ड्रोन वापस चला गया।'

बता दें कि पाकिस्तान लगातार ड्रोन के जरिए विस्फोटक सामग्री भारत भेज रहा है। अब इस बात की जांच की जाएगी कि पाकिस्तान की ओर से भेजा गया ये सामान जम्मू-कश्मीर जाना था या इसे पंजाब में ही इस्तेमाल किया जाना था। 


'चाय' खत्म करेगी CM कैप्टन और सिद्धू के बीच की तकरार, आज 'गुरू' संभालेंगे पंजाब कांग्रेस की कमान

नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी की बागडोर संभालने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में अमरिंदर सिंह को न्योता भेजा तो अब कैप्टन ने पार्टी के सभी नेताओं को सुबह चाय पर बुलाया है। बताया जा रहा है कि सिद्धू साथ चुस्की लेंगे।

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धु और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच बढ़ती दूरी अब खत्म होने की कगार पर है। दरअसल, सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनकी आपत्तियों के बावजूद प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष बनाए गए नवजोत सिंह सिद्धू आज यानि शुक्रवार को साथ में चाय पर चर्चा करने जा रहे हैं। लंबे समय से चली आ रही कड़वाहट और टकराव को खत्म करने के लिए दोनों गुटों की ओर से की गई पहलों के बाद उम्मीद की जा रही है कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के नेता एकजुटता दिखा सकते हैं।


मिली जानकारी के मुताबिक, नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी की बागडोर संभालने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में अमरिंदर सिंह को न्योता भेजा तो अब कैप्टन ने पार्टी के सभी नेताओं को सुबह चाय पर बुलाया है। बताया जा रहा है कि सिद्धू साथ चुस्की लेंगे। बता दें कि पिछले कुछ समय से सिद्धू और अमरिंदर का टकराव चल रहा है। अमृतसर (पूर्व) के विधायक सिद्धू ने पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के मामले के लिए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा था। मुख्यमंत्री ने सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का भी विरोध किया था और कहा था कि जब तक सिद्धू उनके खिलाफ अपमानजनक ट्वीट के लिए माफी नहीं मांगेंगे, वह उनसे नहीं मिलेंगे। अमरिंदर सिंह से कांग्रेस नेताओं ने मुलाकात की।

आज सिद्धू संभालेंगे पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यभार

नवजोत सिंह सिद्धू आज यानि शुक्रवार (23 जुलाई) को यहां पंजाब कांग्रेस भवन में औपचारिक रूप से चार कार्यकारी अध्यक्षों के साथ पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे। नए कार्यकारी अध्यक्ष संगत सिंह गिलजियान, सुखविंदर सिंह डैनी, पवन गोयल और कुलजीत सिंह नागरा हैं। सिद्धू मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ की जगह लेंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) में पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।

इससे पहले हरीश रावत ने कहा कि सब ठीक है, कल आप देखेंगे कि पूरी कांग्रेस आपको कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में एक साथ खड़ी दिखाई देगी और नए अध्यक्ष (नवजोत सिंह सिद्धू) का स्वागत करेगी।


पंजाब कांग्रेस में कलह: सिद्धू समर्थकों के खिलाफ सख्ती के मूड़ में CM कैप्टन, दर्शन बराड़ की खुलने जा रही है फाइल, जानिए क्या है मामला

जिन सिद्धू समर्थकों के खिलाफ सीएम कैप्टन अमरिंदर एक्शन लेने जा रहे हैं उनमें सबसे पहला नाम है दर्शन बराड़ का जोकि मोगा के कस्बा बाघापुराना से विधायक हैं।

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में कलह अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। राज्य के कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू लगातार शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को चिढ़ाने का काम कर रहे हैं। तो वहीं, अब सीएम अमरिंदर भी एक्शन मोड में आ गए हैं। वह सिद्धू समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बना चुके हैं। खबर है कि पंजाब सीएम जल्द ही सिद्धू समर्थक कांग्रेस विधायकों के खिलाफ कड़ा एक्शन ले सकते हैं। 

जिन सिद्धू समर्थकों के खिलाफ सीएम कैप्टन अमरिंदर एक्शन लेने जा रहे हैं उनमें सबसे पहला नाम है दर्शन बराड़ का जोकि मोगा के कस्बा बाघापुराना से विधायक हैं। एक समाचार चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, दर्शन बराड़ पर आरोप है कि उन्होंने होशियारपुर में सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से क्रैशर लगाकर लगातार अवैध खनन कर के सरकार को करोड़ रुपये का चूना लगाया है। इस मामले में बराड़ को दिसंबर 2020 में ही खनन विभाग की तरफ से नोटिस भेजा गया था और उनपर 1.65 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।

हालांकि, तबसे ही दर्शन बराड़ अमरिंदर सिंह पर इस जुर्माने को वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं और वह चाहते हैं कि नोटिस भी वापस ले लिया जाए। मगर जब सीएम अमरिंदर ने ऐसा नहीं किया तो दर्शन बराड़ खुलकर नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थन में आ गए। 

खबर है कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह बराड़ से जुड़े केस की फाइल को खोल सकते हैं। खबरों के मुताबिक, आने वाले दिनों में बराड़ पर खनन विभाग की ओर से दबाव बढ़ सकता है और यहां तक कि कानूनी एक्शन भी लिया जा सकता है।


अपनी 'ताजपोशी' में शामिल होने के लिए सिद्धू ने CM अमरिंदर को 'शक्ति' दिखाकर भेजा न्यौता, बड़ा सवाल-क्या आएंगे कैप्टन?

सिद्धू ने अमरिंदर सिंह को अपनी 'ताजपोशी' के लिए न्योते के साथ 65 विधायकों के हस्ताक्षर भेज दिए हैं। माना जा रहा है कि सिद्धू के इस कदम से दोनों खेमों में तनातनी और बढ़ सकती है।

नई दिल्ली: नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष जबसे घोषित किया है तभी से ही नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं, विधायकों और सांसदों से सम्पर्क साध रहे हैं। सिद्धू से पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने सामने माफी मांगने की शर्त रखी थी लेकिन लेकिन सिद्धू ने उनके '65 विधायकों' को अपने पाले में लाकर ताकत दिखा दी है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सिद्धू ने अमरिंदर सिंह को अपनी 'ताजपोशी' के लिए न्योते के साथ 65 विधायकों के हस्ताक्षर भेज दिए हैं। माना जा रहा है कि सिद्धू के इस कदम से दोनों खेमों में तनातनी और बढ़ सकती है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की आपत्तियों के बावजूद कांग्रेस हाईकमान की ओर से पंजाब में पार्टी की कमान सौपे जाने के बाद से सिद्धू लगातार अपनी टीम मजबूत करने में जुटे हैं। वह कांग्रेस के एक-एक विधायकों, मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं से जाकर मुलाकात कर रहे हैं।

स्वर्ण मंदिर में शक्ति प्रदर्शन कर टेका माथा

बता दें कि बुधवार को जब वह 65 विधायकों के साथ स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने पहुंचे तो संदेश साफ था कि उन्होंने कैप्टन के खेमे में उन्होंने सेंध लगा दी है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सिद्धू के सिर पर पार्टी हाईकमान का हाथ देखकर बड़ी संख्या में नेता उनके साथ आ चुके हैं।

23 जुलाई को संभालेंगे सिद्धू पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यभार

नवजोत सिंह सिद्धू 23 जुलाई को नए अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम के लिए उन्होंने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को न्योता भेजा है। लेकिन आमंत्रण पत्र में उन्होंने 65 विधायकों के हस्ताक्षर भी करा दिए हैं।

इसे लेकर राजनीतिक पंडितों का मानना है कि सिद्धू ने कैप्टन को यह जता दिया है कि उनके पाले में अधिकतर विधायक आ चुके हैं। सिद्धू के इस कदम को कैप्टन को चिढ़ाने के तौर पर भी देखा जा रहा है। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में घमासान खत्म होने की बजाय बढ़ सकते हैं।


पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने किया 'शक्ति प्रदर्शन', CM कैप्टन से माफी मांगने को नहीं हैं तैयार

पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ताजपोशी के बाद से ही समर्थकों से मिल रहे हैं। इसी कड़ी में नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर में मौजूद रहे, जहां उन्होंने स्वर्ण मंदिर में माथा टेका।

अमृतसर: पंजाब कांग्रेस में अभी भी कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस हाई कमान ने बेशक नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाकर सिद्धू की शिकायत दूर कर दी है लेकिन दूसरी तरफ अब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि, कैप्टन ने अपनी तरफ से कुछ कहा नहीं है।

वहीं, दूसरी तरफ पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ताजपोशी के बाद से ही समर्थकों से मिल रहे हैं। इसी कड़ी में नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर में मौजूद रहे, जहां उन्होंने स्वर्ण मंदिर में माथा टेका। 

नवजोत सिंह सिद्धू का समर्थकों से मिलना जारी है। बुधवार को नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर में हैं और उनके घर पर विधायकों का जुटना जारी है। नवजोत सिंह सिद्धू का दावा है कि उनके साथ 62 विधायक मौजूद हैं। बता दें कि पंजाब में कांग्रेस के कुल विधायकों की संख्या 80 है। 

सिद्धू ने विधायकों के साथ स्वर्ण मंदिर का दौरा भी किया। बीते दिन सिद्धू अमृतसर पहुंचे थे, जहां उनका ज़ोरदार स्वागत किया गया। बुधवार को ही नवजोत सिंह 

कैप्टन से माफी नहीं मागेंगे सिद्धू

सूत्रों के मुताबिक, नवजोत सिंह सिद्धू किसी भी हाल में कैप्टन अमरिंदर सिंह से सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगेंगे। वहीं, कैप्टन अमरिंदर सिंह चाहते हैं कि सिद्धू उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें। 

सिद्धू से खफा हैं कैप्टन

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से साफ कर दिया गया है कि जबतक नवजोत सिंह सिद्धू उनसे सार्वजनिक माफी नहीं मांगेंगे, वो मुलाकात नहीं करेंगे। बीते कुछ समय में सिद्धू द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ किए गए ट्वीट से छवि खराब होने के कारण कैप्टन अमरिंदर उनसे खफा हैं।


आज खत्म हो जाएगी पंजाब कांग्रेस की कलह, इस फॉर्मूले पर बनी सहमति

नई दिल्ली: बीते कई दिनों से पंजाब कांग्रेस में चली आ रही कलह आज खत्म हो सकती है। वहीं, खबर है कि पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अब सिद्धू को लेकर मान गए हैं।

पंजाब कांग्रेस में सियासी उठापटक जारी है। यह लड़ाई मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच छिड़ी है। कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी के करीबी सूत्रों का कहना है कि इस संकट को सुलझा लिया गया है। जल्द ही नए फॉर्मूले की घोषणा कर दी जाएगी। 

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी का आवास 10 जनपथ के करीबी सूत्र के अनुसार, जल्द ही हल होगा पंजाब कांग्रेस का संकट। आज नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा कर दी जाएगी। उनके साथ 4 कार्यकारी अध्यक्षों के नाम का भी ऐलान होगा।


पंजाब कांग्रेस कलह: सिद्धू को लेकर सोनिया गांधी से सीएम कैप्टन ने जताई नाराजगी, पत्र लिखकर कहा-'...नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी'

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पत्र लिखकर सोनिया गांधी से कहा है कि अगर नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाता है तो इसके परिणाम बुरे होंगे और आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

नई दिल्ली: पिछले कई दिनों से पंजाब कांग्रेस में चल रही कला खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अब पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से खुलकर अपने मन की बात कह दी है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पत्र लिखकर सोनिया गांधी से कहा है कि अगर नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाता है तो इसके परिणाम बुरे होंगे और आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।


चिट्ठी में कैप्टन ने लिखा है कि यदि पार्टी के पुराने नेताओं को नजरअंदाज किया गया तो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर बुरा असर हो सकता है। अमरिंदर ने सोनिया गांधी को यह लेटर ऐसे समय में लिखा है, जब हाईकमान सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कमान देने का फैसला कर चुका है। 


राज्य के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत भी इस बैठक में मौजूद थे। 

अभी नहीं लिया गया है अंतिम फैसला: हरीश रावत

बैठक के बाद रावत ने कहा कि सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है और जब फैसला हो जाएगा तब वह मीडिया के साथ इसे साझा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि रावत अब पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से मुलाकात कर सकते हैं ताकि उन्हें मनाया जा सके और सुलह के फार्मूले को अंतिम रूप दिया जा सके।

बताते चलें कि कैप्टन साफ कह चुके हैं कि अगला चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री नहीं चाहते कि श्री सिद्धू को उनके बराबर बैठा दिया जाए। वह न तो प्रदेश अध्यक्ष पद और ना ही चुनाव प्रचार कमेटी का जिम्मा सिद्धू को दिए जाने के पक्ष में नहीं हैं।


नवजोत सिंह सिद्धू ने की AAP की तारीफ, कहा-'वह जानती है कि पंजाब के लिए कौन लड़ रहा है', बड़ा सवाल-क्या छोड़ेंगे कांग्रेस का 'हाथ'

दरअसल, इसकी आशंका तब बढ़ गई जब आज पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने आम आदमी पार्टी की तारीफ में कसींदे पढ़े। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को अच्छी तरह पता है कि पंजाब के लिए कौन लड़ रहा है।

नई दिल्ली: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में मची अंदरूणी कलह खत्म होती नहीं दिख रही है। अगर यह खत्म भी होगी तो बड़ी क्षति के साथ। दरअसल, इसकी आशंका तब बढ़ गई जब आज पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने आम आदमी पार्टी की तारीफ में कसींदे पढ़े। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को अच्छी तरह पता है कि पंजाब के लिए कौन लड़ रहा है।


नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'हमारे विपक्षी AAP ने हमेशा पंजाब के लिए मेरे विजन और काम को पहचाना है। 2017 से पहले की बात हो- बेअदबी, ड्रग्स, किसानों के मुद्दे, भ्रष्टाचार और बिजली संकट का सामना पंजाब के लोगों ने किया और इन मुद्दों को मेरे द्वारा उठाया गया, आज जैसा कि मैंने 'पंजाब मॉडल' पेश किया, यह स्पष्ट है कि वे जानते हैं- वास्तव में पंजाब के लिए कौन लड़ रहा है।'



बताते चलें कि काफी समय से इस बात की चर्चा है कि कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पर आम आदमी पार्टी की नजर है. दरअसल, पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी भी चुनाव लड़ने वाली है. ऐसे में पार्टी को एक मजबूत दावेदार की तलाश है. सूत्रों की मानें तो पार्टी को नवजोत सिंह सिद्धू में वह दावेदार नजर आ रहा है.


अभी कुछ दिन पहले ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि पंजाब में आम आदमी पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कोई सिख ही होगा. इसके बाद जब केजरीवाल से नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सिद्धू का वो काफी सम्मान करते हैं. वो कांग्रेस के सम्मानित नेता हैं.

अब आज आम आदमी पार्टी की तारीफ में सिद्धू ने जिस तरह से कसींदे पढ़ें हैं उससे तो यही लग रहा है कि सिद्धू जल्द ही कांग्रेस का 'हाथ' छोड़कर आम आदमी पार्टी की 'झाडू' उठाएंगे।  


पंजाब में कोविशील्ड वैक्सीन की भारी कमी, सिर्फ आज का बचा है स्टॉक, CM ने लगाई केंद्र से मदद की गुहार

मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, "राज्य में कोविशिल्ड के समाप्त होने और कोवैक्सीन का भंडार सिर्फ एक दिन का होने के बीच, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने फिर से केंद्र से टीकों की आपूर्ति में वृद्धि की आवश्यकता पर जोर दिया।"

चंडीगढ़: कोरोना से जंग के बीच पांजाब में कोविशील्ड वैक्सीन खत्म होने की सूचना मिल रही है। मात्र एक दिन का ही स्टॉक राज्य सरकार के पास रह गया है। वहीं, वैक्सीन की आपूर्ति के लिए सीएम अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को केंद्र से इनकी आपूर्ति बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, "राज्य में कोविशिल्ड के समाप्त होने और कोवैक्सीन का भंडार सिर्फ एक दिन का होने के बीच, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने फिर से केंद्र से टीकों की आपूर्ति में वृद्धि की आवश्यकता पर जोर दिया।"


इससे पहले सीएम ने कोविड संबंधी एक समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य के लिए टीकों का कोटा बढ़ाने के लिए केंद्र के साथ काम करते रहें। सीएम ने कहा कि पंजाब में पहले ही लगभग 83 लाख पात्र लोगों (लगभग 27 प्रतिशत आबादी) को टीका लगाया गया है। 70 लाख लोगों को पहली खुराक, 13 लाख लोगों को दूसरी खुराक लगायी गयी है।


बता दें कि पंजाब में राज्य में कोविड टीकों की आपूर्ति में वृद्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां शुक्रवार को सप्ताहांत तथा रात का कर्फ्यू हटा लिया गया तथा कॉलेज, सिनेमा हॉल, मॉल, रेस्तरां, बार और जिम उन लोगों के लिए फिर से खोलने की अनुमति दी, जिन्होंने टीके की कम से कम एक खुराक ली है।


पंजाब विधानसभा चुनाव: सरकार बनी तो 'शहीद' किसान के परिवार में एक शख्स को देंगे सरकारी नौकरी-सुखबीर सिंह बादल

खुद को किसानों का हितैषी बताते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि यदि किसानों की हितैषी हमारी अकाली दल और बीएसपी की सरकारी आती है तो पहली कैबिनेट मीटिंग में ही हम आंदोलन में शहीद किसानों के परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और अन्य तमाम सुविधाएं दी जाएंगी।

चंडीगढ़: पंजाब में विधानसभा चुनाव होने में अभी एक साल का समय बचा है लेकिन लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों द्वारा जोर आजमाइश शुरू कर दी गई है। तमाम तरह के लोक लुभावने वादे किए जा रहे हैं। इस बीच अकाली दल ने किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले पंजाब के लोगों के परिवारों के लिए बड़ा ऐलान किया है। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पिछले 7 महीनों से पंजाब और अन्य राज्यों के किसान अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए दिल्ली की सीमा पर बैठे हैं। ऐसी भीषण गर्मी और उससे पहले सर्दी में संघर्ष करते हुए तमाम किसान अपनी जान गंवा चुके हैं। करीब 500 से ज्यादा लोग किसान आंदोलन के दौरान जान गंवा चुके हैं।


खुद को किसानों का हितैषी बताते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि यदि किसानों की हितैषी हमारी अकाली दल और बीएसपी की सरकारी आती है तो पहली कैबिनेट मीटिंग में ही हम आंदोलन में शहीद किसानों के परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और अन्य तमाम सुविधाएं दी जाएंगी। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि किसान जो लड़ाई दिल्ली की सीमा पर लड़ रहे हैं, वह हम सभी की है।


'शहीद' किसानों के लिए कई वादे

सुखबीर ने कहा कि सिर्फ सरकारी नौकरी ही नहीं बल्कि शहीद किसान के पूरे परिवार का हेल्थ इंश्योरेंस कराया जाएगा। यही नहीं उनके बच्चों और पोते-पोतियों को पोस्ट ग्रेजुएशन तक की शिक्षा मुफ्त में दी जाएगी। अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो जारी कर सुखबीर सिंह बादल ने किसानों को संदेश दिया है कि यदि 2022 में शिअद-बसपा की सरकार आती है तो आंदोलन में शहीद हुए किसान के परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी व उनके बच्चे और पोते पोतियों को स्नातकोत्तर तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। इसके अलावा बादल ने ऐलान किया कि शहीद किसान के हर परिवार को सरकार स्वास्थ्य बीमा लाभ भी देगी।

सीएम कैप्टन अमरिंदर पर होला हमला

बादल ने राज्य में लगाए जा रहे पावर कट को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अकाली सरकार के समय में लोगों को 24 घंटे बिजली मुहैया करवाई जाती थी, जबकि ऐसा करने में कैप्टन सरकार विफल रही है। उन्होंने बिजली की कमी के लिए सूबे के सीएम कैप्टन अमरिंदर को जिम्मेदार ठहराया है।


आलाकमान से मुलाकात के बाद पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर का बयान-'सोनिया गांधी का हर फैसला मंजूर, सिद्धू के बारे में जानकारी नहीं'

मुलाकात के बाद कैप्टन अमरिंदर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें सोनिया गांधी का हर फैसला मंजूर है। वहीं, नवजोत सिंह सिद्धू से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बीच आज पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद कैप्टन अमरिंदर  ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें सोनिया गांधी का हर फैसला मंजूर है। वहीं, नवजोत सिंह सिद्धू से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।


अमरिंद सिंह ने दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, ''मैं कांग्रेस अध्यक्ष से मिलने आया था, पार्टी के आंतरिक मामलों, पंजाब के विकास के मुद्दे पर चर्चा की। जहां तक पंजाब की बात है तो वह जो भी फैसला लें, हम उसके लिए तैयार हैं। हम आगामी चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।''

कैप्टन ने आगे कहा, 'मैं सिद्धू पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, मैं यहां पार्टी को मजबूत करने आया हूं।' उन्होंने पंजाब कांग्रेस में किसी भी कहल की बात से साफ इनकार कर दिया।


पंजाब कांग्रेस में कलह: आज सोनिया गांधी से मिलेंगे सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह

माना जा रहा है कि आज पांजाब में चल रहे कांग्रेस में कलह का अंत हो जाएगा। साथ ही पंजाब में नेतृत्व व नवजोत सिंह सिद्धू के भविष्य को लेकर भी तस्वीर साफ हो सकती है।

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में जारी कलह के बीच आज पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि आज पांजाब में चल रहे कांग्रेस में कलह का अंत हो जाएगा। साथ ही पंजाब में नेतृत्व व नवजोत सिंह सिद्धू के भविष्य को लेकर भी तस्वीर साफ हो सकती है।

कांग्रेस की केंद्रीय नेतृत्व अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में जारी गुटबाजी को खत्म करने का रास्ता तलाश रही है। इसके लिए एक पैनल का भी गठन किया गया था। पैनल ने अमरिंदर, सिद्धू व अन्य कांग्रेसी नेताओं से बात भी की थी। सिद्धू ने पिछले हफ्ते नई दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। पंजाब कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी राष्ट्रीय राजधानी में चार दिनों तक राहुल गांधी के साथ बैठकें की थीं।


कांग्रेस द्वारा बनाए गए पैनल में मल्लिकार्जुन खड़गे जेपी अग्रवाल और हरीश रावत शामिल हैं। हाल ही में सिद्धू की राहुल और प्रियंका के साथ बैठक के बाद पार्टी नेता हरीश रावत ने उम्मीद जताई थी कि पार्टी की पंजाब इकाई से संबंधित मुद्दों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह उन कुछ राज्यों में से एक है जहां पार्टी अभी भी सत्ता में है।

गौरतलब है कि पंजाब व राजस्थान में काफी समय से कांग्रेस में रार चल रही है। जहां, पंजाब कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू आमने-सामने हैं तो वहीं राजस्थान में सीएम गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट एक दूसरे के आमने-सामने हैं।



पंजाब: प्रेम प्रसंग को लेकर गुरदासपुर में फायरिंग, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, 2 की हालत गंभीर

फायरिंग में लड़के पक्ष के चार लोगों की मौत हो गई, दो की मौत मौके पर ही हुई, जबकि दो ने अस्पताल में दम तोड़ा। दो युवक घायल भी हुए हैं।

गुरदासपुर: प्रेम प्रसंग में शुरू हुए विवाद में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई है और 2 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की सीमा से सटे गुरदासपुर जिले के बटाला में प्रेम प्रसंग को लेकर लड़की के घरवालों ने लड़के के परिवार वालों पर हमला कर दिया। पहले तो मामला बातचीत तक ही सीमित था लेकिन देखते ही देखते बात गोलीबारी पर पहुंच गई। फायरिंग में लड़के पक्ष के चार लोगों की मौत हो गई, दो की मौत मौके पर ही हुई, जबकि दो ने अस्पताल में दम तोड़ा। दो युवक घायल भी हुए हैं।


मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को पहले बटाला सिविल अस्पताल पहुंचाया जहां से घायलों को अमृतसर रेफर कर दिया गया। वहीं शवों को पोस्टमार्टम के लिए मार्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस हत्यारों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही।

बताया जा रहा है कि युवक-युवती आपस में प्रेम करते हैं। इसको लेकर लड़की पक्ष वाले विरोध जताते रहे हैं। जब दोनों प्रेमी घर से गए तो परिवार वाले गुस्से में थे। इसी गुस्से में उन्होंने लड़के के परिवार पर हमला कर दिया। पुलिस परिवार वालों के साथ-साथ गांव वालों से भी पूछताछ कर रही है। 


क्या है पूरा मामला

रविवार सुबह गांव बल्लरवाल का प्रेमी जोड़ा घर से फरार हो गया। हालांकि बाद में वे दोनों वापस आ गए। इससे गुस्साए लड़की के परिवार वालों ने खेत में काम कर रहे लड़के के परिवार वालों पर हमला बोल दिया और भगा भगाकर पिस्तौल से गोलियां मारकर एक ही परिवार के चार सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया। मरने वालों में लड़के के दादा, पिता, भाई व चचेरे भाई शामिल हैं, जबकि एक सगे व एक चचेरे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया। काबिलेजिक्र है कि लड़की का पिता मौजूदा पंच हैं, जबकि लड़के का परिवार खेतीबाड़ी का काम करता है।

सुखविंदर सिंह के बेटे जर्मन के अपनी ही गांव के पंच सुखजिंदर सिंह की बेटी से प्रेम संबंध थे। जिसके चलते वह दोनों रविवार की सुबह घर से भाग गए, लेकिन बाद में वापस आ गए। जिसके बाद दोनों अपने अपने घर चले गए, लेकिन लड़की का पिता सुखजिंदर सिंह अपने एक अन्य साथी के साथ लड़के के खेतों में गया और खेत में काम कर रहे उसके परिवारिक सदस्यों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई।

सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और शवों को कब्जे में लेकर कार्यवाही शुरू कर दी है। उधर, लड़की का पिता व उसका साथी घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गए हैं।


इन लोगों की हुई मौत

मंगल सिंह (65) पुत्र उजागर सिंह
सुखविंदर सिंह (35) पुत्र मंगल सिंह
जसवीर सिंह (32) पुत्र मंगल सिंह
बबनदीप सिंह (22) पुत्र जसपाल सिंह (सभी निवासी वासियाना पुराना बल्लरवाल थाना घुमान के रूप में हुई है)

ये हुए घायल

हरमनदीप सिंह
जसप्रीत सिंह


पजांब: बिजली संकट को लेकर AAP कार्यकर्ताओं ने CM अमरिंदर के फार्म हाउस के सामने किया प्रदर्शन

प्रदर्शन के अगुआ और आम आदमी पार्टी से सांसद भगवंत मान और विधायक हरपाल सिंह चीमा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

चंडीगढ़: पंजाब में उत्पन्न हुई बिजली संकट ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। अब विपक्षी सूबे की सरकार पर हमलावर हो रहे हैं। ताजा मामले में 'आम आदमी पार्टी' के कार्यकर्ताओं द्वारा पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के फार्म हाउस पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान  प्रदर्शन के अगुआ और आम आदमी पार्टी से सांसद भगवंत मान और विधायक हरपाल सिंह चीमा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।


दूसरी ओर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वायरस कैनन का इस्तेमाल किया। कार्यकर्ताओं को वाटर कैनन के जरिए खदेड़ने का एक वीडियो भी सामने आया है। 

शिरोमणि अकाली दल ने भी किया था प्रदर्शन


बता दें कि एक दिन पहले शुक्रवार को पंजाब में विपक्षी शिरोमणि अकाली दल ने राज्य में बिजली कटौती के विरोध में प्रदेश भर में पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमि​टेड के कार्यालयों के समक्ष धराना दिया था और कांग्रेस सरकार पर किसानों को आठ घंटे मुफ्त बिजली की आपूर्ति रोकने, शहरी क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती करने और सप्ताह में दो बार उद्योगों को बंद करने का आदेश देने का आरोप लगाया था।


पंजाब में बिजली की कमी पर चिंता जताने वाले नवजोत सिंह सिद्धू पर विभाग का 8.67 लाख बकाया

खुद सिद्धू का ही 8 लाख से बिजली बिल बकाया है और बिल भरने की अंतिम तिथि 2 जुलाई थी लेकिन बिल नहीं भरा गया।

चंडीगढ़: वैसे तो पंजाब में बिजली की कमी को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू अपने हो सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं लेकिन एक हकीकत यह भी है कि खुद सिद्धू का ही 8 लाख से बिजली बिल बकाया है और बिल भरने की अंतिम तिथि 2 जुलाई थी लेकिन बिल नहीं भरा गया।


बता दें कि हाल ही में उन्होंने प्रदेश की कैप्टन अमरिंदर सिंहर सरकार पर बिजली की स्थिति को लेकर हमला बोला था। पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की वेबसाइट के अनुसार, अमृतसर स्थित सिद्धू के घर का बिजली बिल 8,67,540 हो गया है जो अब तक जमा नहीं किया गया है और बिल जमा करने की आखिरी तारीख दो जुलाई है। बार बार प्रयास के बावजूद ​सिद्धू इस पर टिप्पणी के लिये उपलब नहीं हो सके ।

पंजाब में बिजली की किल्लत के बीच सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान किए गए बिजली खरीद समझौते (पीपीए) को रद्द करने के लिए नया कानून लाने का शुक्रवार को आग्रह किया। 


सिद्धू ने कहा कि अगर राज्य सही दिशा में काम करता है, तो पंजाब में बिजली कटौती या कार्यालय के समय को विनियमित करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।


पंजाब में बिजली की भारी कमी, सरकारी दफ्तरों में AC बंद रखने के आदेश, अकाली दल आज करेगी प्रदर्शन

हालात यह हो गए हैं कि सरकारी दफ्तरों में काम के घंटे कम कर दिए गए हैं। इसके अलावा सरकारी दफ्तरों में एसी भी बंद रखने का आदेश दिया गया है। बिजली के मुद्दे विपक्ष अमरिंदर सरकार पर हमलावर हो गया है। आज पंजाब के बिजली बोर्ड दफ़्तरों के बाहर अकाली दल प्रदर्शन भी करने वाला है।

चंडीगढ़: पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं लेकिन राज्य में बिजली की समस्या उत्पन्न हो गई है। दरअसल, अब राज्य में 15-16 घंटे बिजली की कटौती हो रही है। हालात यह हो गए हैं कि सरकारी दफ्तरों में काम के घंटे कम कर दिए गए हैं। इसके अलावा सरकारी दफ्तरों में एसी भी बंद रखने का आदेश दिया गया है। बिजली के मुद्दे विपक्ष अमरिंदर सरकार पर हमलावर हो गया है। आज पंजाब के बिजली बोर्ड दफ़्तरों के बाहर अकाली दल प्रदर्शन भी करने वाला है।


पंजाब के कई हिस्सों में लोग सड़कों पर उतर चुके हैं। होशियारपुर जिले में कल गुस्साए लोगों ने होशियारपुर और उना रोड ही जाम कर दिया। बिजली कटौती किसानों के लिए और बड़ी मार है। दरअसल, धान की फसल के लिए इस समय पानी की सख्त जरूरत है और बिजली ना होने से किसान अपने खेतों की सिचाईं नहीं कर पा रहे हैं। बीते कल किसानों ने मोगा में लुधियाना फिरोजपुर हाइवे को जाम करके पावर ग्रिड के आगे प्रदर्शन किया।


बिजली की कितनी जरूरत पड़ रही है पंजाब को

पंजाब में बुधवार को बिजली की मांग 14 हजार 142 यूनिट तक पहुंच गई, जबकि आपूर्ति 12 हजार 842 यूनिट ही है। इसलिए ही सरकारी दफ्तरों में शनिवार तक एसी नहीं चलाने का सर्कुलर जारी किया गया है। एसी नहीं चलाने का फरमान निगर और बोर्ड के दफ्तरों के लिए भी है। इतना ही नहीं जरूरत नहीं होने पर लाइट भी बंद रखने के लिए कहा गया है। औद्योगिक इकाईयों को हफ्ते में पांच दिन ही काम करने की इजाजत है।


पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के मुताबिक, तलवंडी साबो थर्मो पावर ग्रिड की एक इकाई काम नहीं कर रही है, जिससे बिजली सप्लाई पर असर पड़ा है। किसानों और आम लोगों को बिजली की आपूर्ति नहीं होने को लेकर अकाली दल कैप्टन सरकार को झटके दे रहा है। 


पंजाब कांग्रेस घमासान: सीएम अमरिंदर 'लंच पार्टी' कर अपनों को मनाएंगे !

कैप्टन यह नहीं चाहते हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू को हाल में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिले। ऐसे में कैप्टन यह देखने चाहते हैं कि उनके साथ कौन-कौन से विधायक हैं।

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बीच आज पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने समर्थक विधायकों को लंच पर बुलाया है। आज उन्होंने अपने फॉर्म हाउस पर समर्थित विधायकों के साथ लंच का प्रोग्राम रखा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कैप्टन यह नहीं चाहते हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू को हाल में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिले। ऐसे में कैप्टन यह देखने चाहते हैं कि उनके साथ कौन-कौन से विधायक हैं।

सिद्धू को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

बेशक पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह सिद्धू के खिलाफ हैं लेकिन कांग्रेस आलाकमान पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले नवजोत सिंह सिद्धू को बड़ी जिम्मेदारी देना चाह रही है। बुधवार को प्रियंका गांधी और नवजोत सिंह सिद्धू की मुलाकात में इस बात का निर्णय हुआ है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूचना यह भी है कि कांग्रेस अगले दो दिन में सिद्धू को दी जाने वाली जिम्मेदारी को लेकर प्रेस कॉफ्रेंस कर सकती है।

बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू ने लंबे वक्त से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ था, हाल ही में पंजाब को लेकर हलचल बढ़ी थी. क्योंकि अगले साल राज्य में चुनाव होने हैं, ऐसे में अब दिल्ली में ये मीटिंग हुई. वहीं, कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से कुछ दिनों पहले पंजाब के विवाद को सुलझाने के लिए एक कमेटी बनाई गई थी, जिसके समक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह और और नवजोत सिंह सिद्धू समेत पंजाब के अन्य नेताओं ने अपनी बातें कहीं थी।


पंजाब कांग्रेस विवाद : आज राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे नवजोत सिंह सिद्धू, बड़ा सवाल - क्या कलह हो जाएगी खत्म ?

राहुल गांधी और नवजोत सिंह सिद्धू की मुलाकात ऐसे समय पर हो रही है जब पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी रिपोर्ट कांग्रेस द्वारा पंजाब के लिए बनाई गई कमेटी को सौंप चुके हैं।

नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में जारी कलह के बीच आज नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस नेता और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। 


माना जा रहा है कि इस मुलाकात में राहुुल गांधी नवजोत सिंह सिद्धू को समझा-बुझाकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने की बात कहेंगे।  राहुल गांधी और नवजोत सिंह सिद्धू की मुलाकात ऐसे समय पर हो रही है जब पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी रिपोर्ट कांग्रेस द्वारा पंजाब के लिए बनाई गई कमेटी को सौंप चुके हैं।


वहीं सूत्रों के मुताबिक यह भी खबर है कि कांग्रेस पैनल और खुद राहुल गांधी इस बात से नवजोत सिंह सिद्धू से नाराज हैं कि उन्होंने पार्टी की बातों को सार्वजनिक मंच पर रख। उन्हें पार्टी से शिकायत थी या किसी शख्स से शिकायत थी तो उनको उसकी बात पार्टी के मंच पर रखनी थी ना कि बाहरी मंच पर या फिर सार्वजनिक रूप से।

बता दें कि इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस पैनल से मुलाकात कर पूरी जानकारी दी थी। हालांकि सोनिया गांधी से मुलाकात नहीं कर पाए थे। पैनल में उन्हें विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने के लिए कहा था। पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह पर ही भरोसा जताया है और उन्हें टीम बनाने के लिए फ्री हैंड दिया है। लेकिन यह भी कहा है कि वह अपने रूठे हुए सहयोग को मनाए।


गौरतलब है कि पंजाब समेत पांच राज्यों में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। समिति ने यह साफ कर दिया था कि राज्य के सीएम कैप्टन अमरिंदर ही बने रहेंगे। ऐसे में नवजोत सिद्धू की आज राहुल गांधी से मुलाकात को दूरियां खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

बता दें कि पंजाब यूनिट में गुटबाजी को हल करने के लिए गठित कांग्रेस पैनल ने 10 जून को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. पैनल ने मुख्यमंत्री को हटाने की सिफारिश नहीं की है और कैप्टन अमरिंदर सिंह के अगले चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने की संभावना है. इसके बजाय, पार्टी की राज्य इकाई में कई सुधारों का सुझाव दिया गया है.


पंजाब कांग्रेस में घमासान: अमरिंदर सिंह ही रहेंगे 'कैप्टन', चुनाव के लिए मिली टीम की कमान, सिद्धू की नहीं गली दाल !

हाईकमान ने फैसला सार्वजनिक नहीं किया है लेकिन सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू को कहीं ना कहीं गलत पाया गया है और एक बार फिर से कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भरोसा जताया है।

नई दिल्ली/चंडीगढ़: काफी समय से पंजाब कांग्रेस में रार चल रहा है आज इसका फैसला हाईकमान ने कर दिया है। हालांकि, हाईकमान ने फैसला सार्वजनिक नहीं किया है लेकिन सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू को कहीं ना कहीं गलत पाया गया है और एक बार फिर से कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भरोसा जताया है।  अगला विधानसभा चुनाव कैप्टन  के ही नेतृत्व में लड़ा  जाएगा और उन्हें टीम बनाने के लिए फ्री हैंड दे दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ नवजोत सिंह सिद्धू को इस बात का दोषी माना गया है कि वह पार्टी की बातें बाहर करते हैं। जो भी बातें कहनी थी वह  उसे अगर पार्टी के मंच पर करते तो ज्यादा अच्छा होता। यह भी कहा जा रहा है कि सिद्धू को पंजाब सरकार में मंत्री पद से संतोष करना पड़ सकता है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से छिड़ी रार सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के पक्ष में जाती दिख रही है। बीते दिनों नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से उन पर खुले तौर पर हमला बोलने के मुद्दे को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाईकमान के सामने उठाया है।


 सूत्रों के मुताबिक हाईकमान ने भी माना है कि नवजोत सिंह सिद्धू को किसी भी तरह के मतभेद की बात पार्टी फोरम में ही रखनी चाहिए थी। यही नहीं सूत्रों का कहना है कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के पैनल ने अमरिंदर सिंह को ही 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए कैप्टन बनाए रखने पर सहमति जताई है और उन्हें टीम चुनने के लिए फ्रीहैंड दिया है।


कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इस तरह खुले तौर पर बयानबाजी करके सिद्धू ने ने गलत  किया है और अब उन्हें डिप्टी सीएम या फिर प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना लगभग मुश्किल है। इससे पहले हाईकमान की ओर से सिद्धू को डिप्टी सीएम बनाए जाने का प्रस्ताव दिया था। इस पर भी कांग्रेस सूत्रों का कहना था कि सिद्धू ने डिप्टी सीएम बनने से इनकार कर दिया है और प्रदेश अध्यक्ष का ही पद चाहते हैं। 

कहा यह भी जा रहा है कि अब नवजोत सिंह सिद्धू अमरिंदर कैबिनेट में मंत्री के पद पर ही संतोष कर सकते हैं। इसके अलावा चुनाव प्रचार में उन्हें कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है

इसके अलावा मल्लिकार्जुन खड़गे की लीडरशिप वाले पैनल ने अमरिंदर सिंह से चुनावों के मद्देनजर जरूरी बदलाव करने और जनहित की योजनाओं पर आगे बढ़ने की सलाह दी है।


पंजाब कांग्रेस में कलह : कैप्टन को नाराज विधायकों को मनाने की नसीहत, सिद्धू से खुश नहीं हैं राहुल गांधी

पंजाब कांग्रेस में उपजे कला के बीच आज पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस कमेटी के सामने उपस्थित हुए। जहां उन्हें कमेटी के सदस्यों ने राज्य के नाराज विधायकों को मनाने की नसीहत दी।

नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में उपजे कला के बीच आज पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस कमेटी के सामने उपस्थित हुए। जहां उन्हें कमेटी के सदस्यों ने राज्य के नाराज विधायकों को मनाने की नसीहत दी। इस दौरान यह बात भी सामने आई है कि हाल ही में नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा की गई बयानबाजी को लेकर कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष राहुल गांधी खुश नहीं हैं।



सूत्रों के मुताबिक, गुटबाजी को खत्म करने के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय समिति ने भी सिद्धू की सार्वजनिक बयानबाजी पर नाराजगी जाहिर की है।

नाराज विधायकों को जल्द मनाएं कैप्टन

न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मंगलवार को समिति ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को नसीहत दी कि वह नाराज विधायकों को जल्दी मनाएं। उनसे कहा गया कि चुनाव से पहले विधायकों को संतुष्ट करना जरूरी है। नवजोत सिंह सिद्धू गुट को मनाने की पूरी कोशिश की जाएगी। 


सिद्धू से खुश नहीं राहुल

बताया जा रहा है कि समिति और राहल गांधी नवजोत सिंह सिद्धू की बयानबाजी से खुश नहीं है। खासकर उनके उस बयान पर नाराजगी जाहिर की गई है जिसमें उन्होंने कहा था पंजाब में 'दो परिवार' लाभ ले रहे हैं। समिति और शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि सार्वजनिक बयानबाजी से बचा जाए। 

राहुल गांधी खुद जुटे डैमेज कंट्रोल करने में

एक तरफ अमरिंदर सिंह ने दिल्ली में एआईसीसी की तीन सदस्यीय समिति से मुलाकात की। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला और फतेहगढ़ साहिब के विधायक कुलजीत सिंह नागरा सहित पंजाब के कुछ नेताओं से मुलाकात की। आज भी वह कई नेताओं से मिलेंगे। 

बता दें कि मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में गठित एआईसीसी की समिति का गठन पंजाब इकाई में चल रही गुटबाजी को खत्म करने और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने के लिए किया गया है। पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने कैप्टन के खिलाफ एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है और पार्टी को आशंका है कि इस गुटबाजी का फायदा अगले चुनाव में दूसरे दलों को मिल सकता है।


दिल्ली पहुँचा पंजाब कांग्रेस में कलह का मामला, कैप्टन अमरिंदर आज कांग्रेस पैनल से मिलेंगे

आज पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस पैनल से मिलेंगे और अपनी बात रखेंगे कांग्रेसियों से मीटिंग के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात करेंगे।

नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के मुद्दा अब दिल्ली पहुंच चुका है। आज पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस पैनल से मिलेंगे और अपनी बात रखेंगे कांग्रेसियों से मीटिंग के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात करेंगे।


बता दें कि काफी समय से सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच विवाद चल रहा है। अगर विवाद ऐसे ही रहा तो इसकी भारी कीमत कांग्रेस को आने वाले विधानसभा चुनाव में चुकानी पड़ सकती है और कांग्रेस ऐसा बिल्कुल नहीं चाहेगी।

कैप्टन सोमवार को ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। एक महीने के भीतर उन्हें दूसरी बार दिल्ली आना पड़ रहा है। यहां आज यानी 22 जून को वह AICC पैनल से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर सकते हैं।

पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी को रिपोर्ट सौंपने के बाद पैनल के सदस्यों के साथ यह उनकी पहली बैठक होगी। एआईसीसी पैनल, जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे, जेपी अग्रवाल और हरीश रावत शामिल हैं, अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद राहुल गांधी से दो बार मिल चुके हैं।

दूसरी तरफ, सोनिया गांधी ने पंजाब कांग्रेस के अन्य  दिग्गज नेताओं को दिल्ली बुलाया है, जिससे विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी में जारी कलह खत्म हो सके।कांग्रेस में पार्टी नेतृत्व को लेकर पंजाब में लगातार सियासी हलचल बढ़ी हुई है। उन्होंने 24 जून को पार्टी के महासचिवों, राज्य के प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की मीटिंग बुलाई है। यह मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही होगी। 

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इस मीटिंग में मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर कुछ प्रस्ताव पास किए जा सकते हैं। इसके अलावा कांग्रेस में ही जारी अंतर्कलह को लेकर भी बात हो सकती है।