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यूपी के अमेठी में बनेंगे 5 लाख AK 203 राइफल, केंद्र ने दी मंजूरी

5 हजार करोड़ रुपए की इस डील की आधिकारिक घोषणा सोमवार को पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मुलाकात के बाद की जाएगी।

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने अमेठी में 5 लाख एके 203 राइफल बनने की मंजूरी दे दी है। 5 हजार करोड़ रुपए की इस डील की आधिकारिक घोषणा सोमवार को पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मुलाकात के बाद की जाएगी। 


बताते चलें कि समझौते के तहत भारत और रूस के जॉइंट वेंचर में इन राइफलों का उत्पादन उत्तर प्रदेश के अमेठी में किया जाएगा।  पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्यॉरिटी (CCS) ने बुधवार को इस डील पर मुहर लगाई। इससे पहले डिफेंस ऐक्वजिशन काउंसिल (DAC) ने भी इसे अपनी मंजूरी दे दी थी। 


सूत्रों ने बताया, ''रक्षा उत्पादन के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़े प्रयास के तहत सरकार ने अमेठी के कोरवा में 500000 से अधिक AK-203 असॉल्ट राइफलों के उत्पादन की योजना को मंजूरी दी है।''

बता दें कि पिछले साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मॉस्को दौरे पर दोनों देशों ने समझौते को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। जॉइंट वेंचर इन राइफलों के निर्यात की संभावना भी तलाशेगा।  7.62 X 39mm कैलिबर AK-203 राइफल इंसास राइफल की जगह लेंगे।


AK-203 असॉल्ट राइफलों की रेंज 300 मीटर है। यह हल्की होने के साथ मजबूत और उपयोग में आसान होती है। इनसे सैनिकों की युद्ध क्षमता में वृद्धि की उम्मीद है।


आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर बड़ा सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

हादसे जानकारी मिलते ही यूपीडा कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार में फंसे चारों युवकों को किसी तरह बाहर निकाल कर एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा। यहां डॉक्टरों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल एक युवक का इलाज शुरू किया। घटना के बाद चालक डीसीएम लेकर फरार हो गया।

लखनऊ: आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर एक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत होने की खबर है। जानकारी के मुताबिक, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर ठठिया थाना क्षेत्र स्थित बलनापुर पट्टी गांव के सामने भीषण हादसे में दिल्ली के तीन युवकों की मौत हो गई।


इस हादसे में  एक शख्स के घायल होने की भी खबर है। घायल युवक को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात आगरा से लखनऊ की ओर जा रही कार को तेज रफ्तार डीसीएम ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर से कार के परखचे उड़ गए। 

हादसे जानकारी मिलते ही यूपीडा कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार में फंसे चारों युवकों को किसी तरह बाहर निकाल कर एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा। यहां डॉक्टरों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल एक युवक का इलाज शुरू किया। घटना के बाद चालक डीसीएम लेकर फरार हो गया।



हादसे में मृतकों की पहचान के लिए पुलिस ने पड़ताल की तो उनकी जेब से अलग-अलग आईडी मिलीं। सभी की आईडी अलग-अलग महकमों की हैं। एक आईडी सतेंद्र कुमार नाम की है, जिस पर दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल दर्ज है। दूसरी आईडी पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय की ओर से जारी की गई है, इसमें त्रिलोक पुरी, नई दिल्ली के गुंजन का नाम दर्ज है। तीसरा आधार कार्ड मिला, इसमें घड़ोली एक्सटेंशन ब्लॉक-ए राजवीर कॉलोनी मयूर विहार फेस 3 पूर्वी दिल्ली के जितेंद्र सिंह का नाम है। 

हादसे में घायल का नाम परमवीर बताया जा रहा है। ठठिया थाना प्रभारी केशव वाजपेई के अनुसार, पहचान पत्रों के आधार पर परिजनों से सम्पर्क करने की कोशिश कर रही है।


11 दिसंबर से प्रतिदिन 1 घंटे दूरदर्शन पर चलेगा भोजपुरी कार्यक्रम: अनुराग ठाकुर

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक बड़ा वादा भी किया। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन के प्लेटफॉर्म पर पहली बार भोजपुरी में कार्यक्रम चलेगा। हम आज घोषणा कर रहे हैं कि 11 तारीख से दूरदर्शन पर 1 घंटे का कार्यक्रम भोजपुरी में शुरू होने जा रहा है।

गोरखपुर: आज केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने गोरखपुर में अर्थ स्टेशन का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पहले यहां पर अगर कुछ बनता था तो उसको रिकॉर्ड कर लखनऊ भेजा जाता था लेकिन अब आपको लखनऊ भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपके कार्यक्रम अर्थ स्टेशन से लखनऊ और देश के अलग-अलग केंद्रों के साथ जोड़ने का काम आज से शुरू हो गया है।

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक बड़ा वादा भी किया। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन के प्लेटफॉर्म पर पहली बार भोजपुरी में कार्यक्रम चलेगा। हम आज घोषणा कर रहे हैं कि 11 तारीख से दूरदर्शन पर 1 घंटे का कार्यक्रम भोजपुरी में शुरू होने जा रहा है।

इस मौके पर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का धन्यवाद करते हुए कहा कि केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के 37 वर्षों के इंतज़ार को दूर करते हुए अर्थ स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित किया। मैं इसके लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश की 5 करोड़ जनता की तरफ़ से उनका आभार व्यक्त करता हूं।


मिशन यूपी: केशव मौर्या का विवादित बयान, कहा-'BJP ने लुंगी और जालीदार टोपी वाले गुंडों से निजात दिलाई'

उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले लुंगी छाप गुंडे घूमते थे। जालीदार टोपी लगाए बंदूक-गोली लिये व्यापारियों को डराने का काम करते थे। आपकी जमीनों पर कब्जा करना और कब्जे की शिकायत करने भी नहीं देते थे। शिकायत पर धमकी देते थे। ऐसे लोगों से भाजपा ने निजात दिलाई है। आने वाले चुनाव में यह सब कुछ याद रखना है।

प्रयागराज: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या एक के बाद एक विवादित बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा रहे हैं और अपनी पार्टी को असमंजस में डाल रहे हैं।

ताजा विवादित बयान उन्होनें प्रयागराज में व्यापारियों के सम्मेलन में दिया। उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले लुंगी छाप गुंडे घूमते थे। जालीदार टोपी लगाए बंदूक-गोली लिये व्यापारियों को डराने का काम करते थे। आपकी जमीनों पर कब्जा करना और कब्जे की शिकायत करने भी नहीं देते थे। शिकायत पर धमकी देते थे। ऐसे लोगों से भाजपा ने निजात दिलाई है। आने वाले चुनाव में यह सब कुछ याद रखना है। 

केशव ने कहा कि यहां प्रयागराज का सिविल लाइंस इलाका पहले शांतिपूर्ण माना जाता था। सपा की सरकार में उसे भी अशांत करने की कोशिश की गई। समाजवादी पार्टी के गुंडे गाड़ियां लेकर हथियारों के साथ घूमते थे।

उन्होंने आगे कहा कि जब से भाजपा की सरकार बनी है, ये गुंडे दिखाई नहीं दे रहे हैं। यह व्यवस्था इसलिए बदली क्योंकि आपने कमल का फूल खिलाने का काम किया है। केशव ने कहा कि सपा में केवल गुंडे माफिया ही भरे हैं। अगर माफिया-गुंडों को निकाल दें तो सपा बचेगी क्या? 


केशव ने कहा कि भाजपा व्यापारियों, गरीबों, किसानों, नौजवानों सभी के लिए काम कर रही है। लेकिन हम सुरक्षित ही नहीं रहेंगे तो हमारे प्रदेश का भविष्य सुरक्षित कैसे रहेगा। 

सपा के कई दलों से गठबंधन पर भी निशाना साधते हुए केशव ने कहा कि सपा के साथ लोकदल हो या परलोग दल। गठबंधन को लेकर तमाम बयान आते हैं। लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा औऱ लोकदल सभी मिल गए लेकिन भाजपा को रोक नहीं पाए थे। 

केशव ने कहा कि 2012 में भी लोगों के दिल में भाजपा थी लेकिन कई बार लोगों को लगता था कि बीजेपी सरकार नहीं बना पाएगी। हमारे मतदाताओं ने कभी सपा को हराने के लिए तो कभी बसपा को हराने के लिए मतदान किया। अब सभी को मालूम है कि ये सभी मिल जाएं तब भी भाजपा जीतेगी। हमारी तीन सौ से ज्यादा सीटें आएंगी और 2022 में फिर से सरकार बनाएंगे।


मिशन यूपी: अखिलेश यादव ने CM योगी पर कसा तंज, कहा-'बाबा तो लैपटॉप चलाना ही नहीं जानतें...'

अखिलेश ने कहा कि सरकार ने अगर अपना वादा पूरा किया होता तो लॉकडाउन में जनता और नौजवानों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। ये तो कह रहे थे कि लैपटॉप, मोबाइल देंगे, लेकिन क्यों देंगे? हमारे बाबा मुख्यमंत्री तो लैपटॉप चलाना ही नहीं जानते, अगर जानते तो उसकी अहमियत को समझते।

लखनऊ/झांसी: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर हमला करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही हैं। आज अखिलेश यादव ने सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसा है। बता दें कि आज अखिलेश यादव झांसी में हैं वह यहां पर जनसभा भी करेंगे।


योगी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए अखिलेश ने कहा कि सरकार ने अगर अपना वादा पूरा किया होता तो लॉकडाउन में जनता और नौजवानों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। ये तो कह रहे थे कि लैपटॉप, मोबाइल देंगे, लेकिन क्यों देंगे? हमारे बाबा मुख्यमंत्री तो लैपटॉप चलाना ही नहीं जानते, अगर जानते तो उसकी अहमियत को समझते।


वहीं, फर्जी एनकाउंटर्स को लेकर भी अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के जो आंकडे हैं उनमें कम से कम ये बताना चाहिए कि भारत में महिलाओं और बेटियों पर सबसे ज्यादा अन्याय कहां हैं? वो उत्तर प्रदेश है। फर्ज़ी एनकाउंटर में सबसे ज्यादा नोटिस अगर किसी सरकार को मिले हैं तो वो उत्तर प्रदेश सरकार है।


मिशन यूपी: मायावती का विपक्षियों पर बड़ा हमला, कहा-'कांग्रेस, बीजेपी, सपा मिलकर सिर्फ लुभावने वादे कर रही'

उन्होंने कहा कि भाजपा व सपा जनता को जो वादे कर रही हैं वे काम उन्होंने यहाँ अपनी सरकार के रहते हुए क्यों नहीं किए? कांग्रेस भी महिलाओं को 40% टिकट व स्कूटी आदि देने के जो वादे कर रही है वे काम इन्होंने उन राज्यों में क्यों नही किए जहाँ इनकी सरकारें हैं? यह सोचने की बात है।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा में चुनाव होने हैं और ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुट गई है और एक दूसरे पर हमला बोल रही हैं। ताजा मामले में बसपा चीफ मायावती ने भाजपा, सपा और कांग्रेस पर संयुक्त रूप से हमला बोला है।

मायावती ने विपक्षियों पर हमला बोलते हुए कहा कि, यूपी में खासकर भाजपा, सपा, कांग्रेस आदि के द्वारा प्रदेश की जनता को लुभाने व गुमराह करने के लिए आए दिन प्रलोभन भरे जो चुनावी वादों की झड़ी लगाई जा रही है, जिनको सत्ता में आने के बाद अधिकांशः भुला दिया जाता है। अभी तक का यही इतिहास रहा है। जनता इनसे सतर्क रहे।

मायावती ने आगे कहा कि भाजपा व सपा जनता को जो वादे कर रही हैं वे काम उन्होंने यहाँ अपनी सरकार के रहते हुए क्यों नहीं किए? कांग्रेस भी महिलाओं को 40% टिकट व स्कूटी आदि देने के जो वादे कर रही है वे काम इन्होंने उन राज्यों में क्यों नही किए जहाँ इनकी सरकारें हैं? यह सोचने की बात है।


UPTET Exam 2021: व्हाट्सएप पर पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द, अब 1 माह बाद होंगे एग्जाम

ये एग्जाम दो पारियों में आयोजित होनी थी। इस परीक्षा में करीब 21 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे। बताया जा रहा है कि अब एक महीने के बाद ये परीक्षा नए सिरे फिर से आयोजित की जाएगी। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

नई दिल्ली: आज यूपी में होने वाली UP TET की परीक्षा पेपर व्हाट्सएप पर लीक होने के नाते रद्द कर दी गई है। अब यह परीक्षा 1 महीने बाद होगी और इसके लिए परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की फीस नहीं देनी होगी।

ये एग्जाम दो पारियों में आयोजित होनी थी। इस परीक्षा में करीब 21 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे। बताया जा रहा है कि अब एक महीने के बाद ये परीक्षा नए सिरे फिर से आयोजित की जाएगी। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सॉल्वर गैंग के कई सदस्य गिरफ्तार


जानकारी के मुताबिक सॉल्वर गैंग से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एसटीएफ इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि व्हाट्सऐप पर पेपर लीक किया गया था।

पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद, बुलंदशहर, मथुरा में व्हाट्सएप ग्रुप पर एग्जाम का पेपर वायरल हुआ था, जिसके बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा है।


उत्तर प्रदेश अपराध मुक्त या ‘अपराध युक्त’? हर 24 घंटे में 5 बच्चे हो रहे हैं लापता

एक रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में करीब 5 बच्चे हर दिन लापता हो रहे हैं। 2 सालों से लगातार चाइल्ड प्रोटेक्शन के लिए काम कर रहे समाजसेवी और आरटीआई (RTI) एक्टिविस्ट द्वारा प्रदेश में लापता हुए बच्चों की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई।

लखनऊ: एक तरफ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ यह दावा करते नहीं थकते कि उनके शासनकाल में यूपी अपराध मुक्त हो चुका है और अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। दरअसल, एक रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में करीब 5 बच्चे हर दिन लापता हो रहे हैं। 2 सालों से लगातार चाइल्ड प्रोटेक्शन के लिए काम कर रहे समाजसेवी और आरटीआई (RTI) एक्टिविस्ट द्वारा प्रदेश में लापता हुए बच्चों की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई। 


अभी तक मिली सूचना के मुताबिक यूपी के 75 जिलों में से 50 जिलों में एक साल में 1 से 18 वर्ष तक के 1763 बच्चे लापता हैं। इनमें से 1166 लड़कियां और 597 लड़के हैं। अभी करीब 25 जिलों का डाटा आना बाकी है, जिनमें से लखनऊ , गोरखपुर,नोएडा, मथुरा जैसे शहर शामिल हैं। यह आंकड़े और अधिक हो सकते हैं, क्योंकि अमेठी सहित कुछ जिलों की पुलिस ने आरटीआई का जबाव देने से सीधे इंकार कर दिया है। 

सूचना के अधिकार के तहत मिले इस डाटा के मुताबिक प्रदेश में 5 बच्चे ( 3 लड़कियां और 2 लड़के) औसतन रोज गायब हो रहे हैं, पूरे प्रदेश में ऑपरेशन मुस्कान के तहत लापता बच्चों को ढूंढने की कोशिश कई बार हुई पर जिले में अधिकारी बदलते ही फिर वही हाल हो जाता है। जहां एक और पिछले डेढ़ साल से पूरे प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत बच्चों की सुरक्षा की बात कही जाती है। 


आगरा के आरटीआई एक्टिविस्ट को आरटीआई से मिली जानकारी से आंकड़े सामने आए हैं। यूपी पुलिस के राज्य क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के सूचना अधिकारी के द्वारा दिये गए जवाब के मुताबिक यूपी के 50 जिलों से 2020 में कुल 1763 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 1166 लड़कियां हैं। जिनमें से 1080 लड़कियां 12-18 साल की हैं। 

आरटीआई एवं चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस ने 2020 में लापता बच्चों की जानकारी यूपी पुलिस के सभी मंडलों के एडीजी और लखनऊ पुलिस हेडक्वाटर से मांगी थी। जिसमें से उन्हें 50 जिलों से जबाव मिला है। इन लापता बच्चों में से 1461 बच्चों को बरामद किया गया। 302 बच्चे अभी लापता हैं, जिनमें से 102 लड़के और दो सौ लड़कियां हैं। 

आरटीआई के जवाब में 50 जिलों के मिले आंकड़ों के मुताबिक पांच जिले सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं, इनमें मेरठ में 113, गाजियाबाद में 92, सीतापुर में 90, मैनपुरी में 86 और कानपुर नगर में 80 बच्चे लापता हैं। 


नरेश पारस ने लापता बच्चों पर चिंता जताते हुए कहा कि आखिर बच्चे कहां जा रहे हैं? हर रोज पांच बच्चों का लापता होना चिंता का विषय है। लापता बच्चा चार माह तक बरामद न होने पर विवेचना मानव तस्करी निरोधक शाखा में स्थानांतरित करने का प्रावधान है। उसके बावजूद भी लापता बच्चों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, लड़कियों की संख्या और अधिक चितिंत करती है। 12-18 साल की लड़कियां ज्यादा गायब हो रहीं हैं, इनमें या तो लड़कियां प्रेमजाल में फंस रही हैं या फिर उनको मानव तस्करी के जरिये देह व्यापार में धकेला जा रहा है। 


आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश पारस ने बताया कि हर जिले में पुलिस मुख्यालय पर लापता बच्चों की जन सुनवाई कराई जाए। जिसमें थाने के विवेचक और परिजनों को बुलाकर केस की समीक्षा की जाए। चार महीने तक बच्चा न मिलने पर मानव तस्करी निरोधक थाने से विवेचना कराई जाए। यह थाने हर जनपद में खोले गए हैं। 



50 जिलों से मिली सूचना के अधिकार के तहत लापता बच्चों का आंकड़े


1- सोनभद्र - 28

2 - प्रयागराज - 80

3- बागपत- 16

4- हाथरस - 5

5 - श्रावस्ती - 18

6 - रायबरेली - 17

7 - सुल्तानपुर - 47

8 - हापुड़ - 23

9 -कासगंज - 4

10 - सहारनपुर - 22

11 - मुजफ्फरनगर -49

12 - पीलीभीत - 14

13 -जौनपुर-68

14 -बलरामपुर -17

15 -मोरादाबाद - 53

16 - झांसी - 22

17 -गाजियाबाद - 92

18 फिरोजाबाद - 27

19 -महोबा - 9

20 - बिजनौर -13

21 -कौशाम्बी - 57

२२ - बलिया -18

23 - चंदौली -8

24 - आजमगढ़ - 61

25 - मिर्जापुर - 18

26 -सिद्धार्थनगर - 18

27 -बाराबंकी -29

28 - गोंडा - 32

29 -ललितपुर - 9

30 - अमरोहा - 9

31 -सम्भल - 16

32 - अलीगढ - 22

33 - अंम्बेडकर नगर -56

34 - संतकबीर नगर - 27

35 - चित्रकूट - 44

36 - बस्ती - 17

37 -खीरी - 17

38 आगरा - 23

39 - कानपुर नगर -80

4०-कानपूर देहात - 54

41 - मेरठ - 113

42 - हमीरपुर - 26

43 - मैनपुरी - 96

44 - कन्नौज - 25

45 - महराजगंज - 35

46 -शामली - 31

47 - आंबेडकर नगर - 53

48 - संतकबीर नगर - 34

49 - सीतापुर - 90

50 - एटा - 19



मिशन यूपी: सपा पर भड़कीं मायावती, कहा- दलित सावधान रहें

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने संविधान दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी पर हमला बोला और कहा कि समाजवादी पार्टी से दलित सावधान रहें, वह दलितों का विकास नहीं कर सकती है। इन वर्गों के लोगों को समाजवादी जैसी पार्टियों से जरूर सावधान रहना चाहिए।

मायावती शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि "देश में गरीबी बढ़ रही है और खासतौर से मध्यम और गरीब लोग बहुत दुखी हैं, केंद्र व राज्य सरकारों को इस पर ध्यान देना चाहिए। दोनों ही इसके प्रति गंभीर नहीं है। मायावती ने कृषि कानूनों पर बोलते हुए कहा कि "तीन कृषि कानून वापस कर लिए गए हैं जो बहुत उचित कदम है, लेकिन किसानों की अन्य जरूरी मांगों को भी पूरा कर लेना चाहिए ताकि किसान अपने घरों को खुशी-खुशी वापस लौट सकें।"

मायावती ने कहा कि चूंकि दलितों के विकास पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है इसलिए उन्होंने संविधान दिवस पर होने वाले कार्यक्रम से भी दूरी बनाई है। मायावती ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें इस बात की गहन समीक्षा करें कि क्या यह पार्टियां संविधान का सही से पालन कर रही हैं, उन्होंने कहा कि यह लोग इसका सही से पालन नहीं कर रहे हैं, इसलिए हमारी पार्टी ने केन्द्र और राज्य सरकारों के संविधान दिवस मनाने के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है।

मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी से दलित सावधान रहें वह दलितों का विकास नहीं कर सकती है, इन वर्गों के लोगों को एसपी जैसी पार्टियों से जरूर सावधान रहना चाहिए, जिसने एससी और एसटी संबंधित बिल को संसद में फाड़ दिया था और षड्यंत्र तहत पास भी नहीं होने दिया था।

मायावती ने कहा कि परम पूजनीय डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी ने भारतीय संविधान में देश के कमजोर एवं उपेक्षित वर्गों को विशेषकर शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण और अन्य जरूरी सुविधाओं का प्रावधान किया है। उसका पूरा लाभ इन वर्गों के लोगों को नहीं मिल पा रहा है, जिसको लेकर इन वर्गों के लोग और हमारी पार्टी बहुत ज्यादा दुखी है। केंद्र और राज्य की सभी सरकारें इस वर्ग पर जरूर ध्यान दें, यह बीएसपी इनको सलाह देती है।

एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग का ज्यादातर विभागों में आरक्षण का कोटा अधूरा पड़ा है। शोषित,वंचित एवं गरीब वर्गों के लोगों का आज भी अपने हक के लिए सड़कों पर धरना प्रदर्शन जारी हैं।
उन्होंने आगे कहा कि प्राइवेट सेक्टर में भी इन वर्गों के लिए आरक्षण देने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। केंद्र और राज्य सरकारें प्राइवेट सेक्टरों में आरक्षण के मामले को लेकर तैयार नहीं है। क्या केंद्र और राज्य सरकारें संविधान का पालन कर रही हैं? ऐसी सरकारों को संविधान दिवस मनाने का कतई भी नैतिक अधिकार नहीं है, ऐसी सरकारों को आज इस मौके पर इन वर्गों के लोगों से माफी मांगना चाहिए।

मायावती ने विधायक उमाशंकर सिंह को बीएसपी दल का नेता बनाने की घोषणा की, दरअसल, गुरूवार को बीएसपी के विधानमंडल दल नेता गुड्डू जमाली ने बीएसपी से अपना नाता तोड़ लिया है।


मिशन यूपी: TMC से प्रेरित सपा ने लॉन्च किया चुनावी गाना 'खेला होइबे खदेड़ा होइबे'

समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर निशाना साधते हुए आगामी विधानसभा चुनावों के लिए टीएमसी से प्रेरित होकर एक नया चुनावी गाना 'खेला होइबे खदेड़ा होइबे' जारी किया है।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधासभा  चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां जी जान से प्रचार करने में जुटी हैं और प्रचार सामग्री भी बनवा रही है। प्रचार सामग्री बनवाने के क्रम में समाजवादी पार्टी ने अपना चुनावी गाना लांच किया हैं।


समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  और बीजेपी पर निशाना साधते हुए आगामी विधानसभा चुनावों के लिए टीएमसी से प्रेरित होकर एक नया चुनावी गाना 'खेला होइबे खदेड़ा होइबे' जारी किया है।


समाजवादी पार्टी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस गाने को लॉन्च किया है। सपा के इस गाने का नाम 'यूपी में खेला होइबे, खदेड़ा होइबे' है। समाजवादी पार्टी द्वारा लॉन्च किए गए सॉन्ग में एक तरफ अखिलेश की रैली को दिखाया गया है।

रैली में उमड़ी भारी भीड़ को दिखाया गया है, वहीं गाने में बीजेपी पर भी जमकर निशाना साधा गया है। गाने में कहा गया है कि चुनाव में बीजेपी मुंह के बल गिरेगी और अंत में सारा खेल खत्म हो जाएगा। समाजवादी पार्टी के इस गाने के जरिए साफ तौर पर यह बताने की कोशिश की गई है कि इस बार उत्तर प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी के साथ है।

लैपटॉप बांटने से लेकर बीजेपी पर हमला तक...


गाने के वीडियो में अखिलेश यादव भी नजर आते हैं जो युवाओं को लैपटॉप बांटते दिख रहे हैं। समाजवादी पार्टी के इस गाने में महंगाई का भी जिक्र है तो वहीं जबरन तानाशाही न चलाने की बात भी कही गई है। वहीं,  कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी के मुद्दे को भी बड़े विस्तार से दिखाया गया है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव  होने हैं। ऐसे में आगामी चुनावों को देखते हुए सभी राजनीतिक दल जीत हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में अब समाजवादी पार्टी ने अपना गाना लॉन्च किया है।


प्रयागराज में एक ही परिवार के 4 लोगों की हत्या, प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर बोला हमला

प्रियंका गांधी ने कहा को ऐसी परिस्थिति को देखकर शासन और प्रशासन के लोग कैसे चुप रह सकते हैं? आज संविधान दिवस है और संविधान में लिखा है कि इस तरह के हादसे नहीं होने चाहिए,अगर होते हैं तो कार्रवाई होनी चाहिए। दलितों पर अत्याचार हो रहा है तो क्या सब ऐसे ही चुप बैठेंगे?

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले को लेकर प्रियंका गांधी ने सूबे की योगी सरकार पर करारा हमला बोला है।

प्रियंका गांधी ने कहा को ऐसी परिस्थिति को देखकर शासन और प्रशासन के लोग कैसे चुप रह सकते हैं? आज संविधान दिवस है और संविधान में लिखा है कि इस तरह के हादसे नहीं होने चाहिए,अगर होते हैं तो कार्रवाई होनी चाहिए। दलितों पर अत्याचार हो रहा है तो क्या सब ऐसे ही चुप बैठेंगे?

प्रियंका ने आगे कहा कि मैं पूछना चाहती हूं कि इन्हें न्याय क्यों नहीं मिल रहा। जिस तरह ये घटना हुई है मैं उससे खुद हिली हुई हूं और परिवार दहशत में है। इन्हें पुलिस से सहयोग नहीं मिला है।

मामले को लेकर प्रयागराज के DIG ने बताया, “हमने रिपोर्ट देखी है कि 2019 और 2021 में इन्होंने SC/ST एक्ट में कुछ लोगों के ख़िलाफ़ भूमि विवाद पर एक मामला दर्ज़ कराया है। उस मामले की भी जांच करेंगे।”


यूपी की क़ानून व्यवस्था देश के लिए एक नज़ीर बन रही है: CM योगी

अगले साल यानि 2022 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और सूबे के सीएम लगातार अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिना रहे हैं। आज एक बार फिर से सीएम योगी ने अपने शासन की कानून व्यवस्था का बखान किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरे देश के लिए नजीर बन रही है।

लखनऊ: अगले साल यानि 2022 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और सूबे के सीएम लगातार अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिना रहे हैं। आज एक बार फिर से सीएम योगी ने अपने शासन की कानून व्यवस्था का बखान किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरे देश के लिए नजीर बन रही है।


सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भारत तेजी के साथ दुनिया की एक बड़ी ताक़त के रूप में उभर रहा है, उतनी ही तेजी के साथ वे षड्यंत्र भी प्रारंभ होते हुए दिखाई देते हैं, जो भारत को एक भारत, श्रेष्ठ भारत के रूप में आगे नहीं बढ़ने देना चाहते हैं।

सीएम योगी ने आगे कहा कि आज उत्तर प्रदेश की क़ानून व्यवस्था देश के लिए एक नज़ीर बन रही है। जब देश विभिन्न क़ानून व्यवस्थाओं की चुनौतियों से गुजर रहा होता है, तब उत्तर प्रदेश आनंद के साथ अपने पर्व और त्योहारों को आनंद के साथ मनाता हुआ दिखता है।


मिशन यूपी: चुनाव से पहले मायावती को बड़ा झटका, विधानमंडल दल के नेता शाह आलम ने छोड़ी पार्टी, लगाया उपेक्षा का आरोप

बसपा को झटका देते हुए विधानमंडल दल के नेता शाह आलम ने खुद की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए पार्टी एवं समस्त पदों से इस्तीफा दे दिया है।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और फिलहाल माननीयों के पार्टी को छोड़ने का सिलसिला जारी है। ताजा मामले में बसपा को झटका देते हुए विधानमंडल दल के नेता शाह आलम ने खुद की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए पार्टी एवं समस्त पदों से इस्तीफा दे दिया है।


आजमगढ़ के मुबारकपुर से विधायक शाह आलम को मायावती ने इसी साल जून में विधानमंडल दल का नेता बनाया था। शाह आलम ने बसपा के सभी पदों से इस्तीफा दिया है। उन्होंने पार्टी की मुखिया मायावती को अपना इस्तीफा सौंपा है। 

शाह आलम ने इस्तीफे में लिखा है कि भारी मन से विधानसभा सदस्य और बसपा के हर पद से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने पार्टी की 21 नवंबर की बैठक का हवाला देते हुए लिखा है कि 2012 से पार्टी के प्रति निष्ठावान रहा और पार्टी की तरफ से मिली हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया भी, लेकिन लगता है मेरी उपेक्षा की जा रही है। ऐसे में अब आगे साथ रहने की कोई वजह नहीं है।

शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली आजमगढ़ के मुबारकपुर से 2012 तथा 2017 में विधानसभा का चुनाव जीते हैं। बसपा ने जमाली को 2014 में आजमगढ़ लोकसभा सीट से मुलायम सिंह यादव के खिलाफ भी मैदान में उतारा था। जमाली को दो लाख 70 हजार से अधिक वोट मिले थे।


नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: 30 जिले की 4 एक्सप्रेसवे के जरिए सीधी कनेक्टिविटी, 2024 में भरी जाएगी पहली उड़ान

इस एयरपोर्ट से 2024 में पहली उड़ान भरी जाएगी। पहले चरण का काम तब तक पूरा जाएगा। यह हवाई अड्डा दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से 72 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

गौतमबुद्धनगर: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। भाजपा को इस एयरपोर्ट के जरिए जहां चुनावी उड़ान मिलने की उम्मीद है तो वहीं पश्चिम यूपी, हरियाणा के कुछ जिलों और एनसीआर के लिए यह हवाई अड्डा बेहद अहम रहने वाला है। इससे एक तरफ दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा तो वहीं एनसीआर के बड़े हिस्से के लोगों को अपने नजदीक से ही फ्लाइट मिल सकेगी।

तो आइए जानते हैं कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आम लोगों को क्या लाभ मिलेंगे:

1. यूपी के 30 जिले सीधे जुड़ेंगे

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आगरा, मेरठ, मथुरा, गाजियाबाद, नोएडा, अलीगढ़, बुलंदशहर, हाथरस समेत पश्चिम यूपी और ब्रज क्षेत्र के करीब 30 जिलों को जोड़ेगा। इस एयरपोर्ट पर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा समेत कई जिलों से पहुंचना बेहद आसान होगा।

2. हरियाणा के नजदीकी शहरों को फायदा

इसके अलावा हरियाणा के भी नजदीकी शहरों के लोगों को इस एयरपोर्ट से सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र के विकास पर कितना असर पड़ेगा, इसे इससे ही समझा जा सकता है कि आसपास के गांवों में प्रॉपर्टी के रेट तेजी से बढ़े हैं। इसके अलावा इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास भी तेजी से हुआ है।

3. चार एक्सप्रेस वे से कनेक्टिीविटी

कनेक्टिंग फ्लाइट्स से बचने के लिए लोग बड़ी संख्या में इसका इस्तेमाल करेंगे। इसकी वजह यह भी है कि एयरपोर्ट की 4 एक्सप्रेसवे से सीधे कनेक्टिविटी होगी, जिससे लोगों के लिए यहां पहुंचना आसान होगा। यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इससे सीधे तौर पर जुड़ेंगे।

4. 2024 में भरी जाएगी पहली उड़ान

इस एयरपोर्ट से 2024 में पहली उड़ान भरी जाएगी। पहले चरण का काम तब तक पूरा जाएगा। यह हवाई अड्डा दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से 72 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।


PM मोदी ने किया 'नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे' का शिलान्यास किया, कही ये बड़ी बातें

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में 'नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे' का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उनके साथ सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

गौतमबुद्धनगर: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में 'नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे' का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उनके साथ सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

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इस मौके पर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 21वीं सदी का भारत एक से बढ़कर एक आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के जरिए बेहतर मॉडल बनेगा। यह उत्तर भारत का लॉजिस्टिक गेटवे बनेगा। यह पूरे क्षेत्र को नेशनल गतिशक्ति मास्टर प्लान का प्रतिबिंब बनाएगा

पीएम मोदी ने आगे कहा कि नोएडा इंटरनेशन एयरपोर्ट निर्यात के बहुत बड़े केंद्र को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से सीधे जोड़ेगा। यहां के किसान फल, सब्ज़ी, मछली जैसी ज़ल्दी खराब होने वाली उपज को सीधे निर्यात कर पाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि आज़ादी के 7 दशक बाद पहली बार उत्तर प्रदेश को वो मिलना शुरू हुआ है, जिसका वह हमेशा से हकदार रहा है। डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे कनेक्टेड क्षेत्र में परिवर्तित हो रहा है।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज देश और दुनिया के निवेशक कहते हैं कि उत्तर प्रदेश यानी, उत्तम सुविधा, निरंतर निवेश। आने वाले 2-3 सालों में जब जेवर एयरपोर्ट शुरू हो जाएगा, उस वक्त उत्तर प्रदेश 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे वाला राज्य बन जाएगा।

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उन्होंने आगे कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर हमारे लिए राजनीति का नहीं बल्कि राष्ट्रनीति का हिस्सा है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि योजनाएं अटके नहीं, लटके नहीं, भटके नहीं। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि तय समय के भीतर ही इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा किया जाए।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने कही ये बात

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इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री का निर्देश था कि एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनेगा तो उत्तर प्रदेश के जेवर में बनेगा। यहां आने वाले दिनों में 34,000 करोड़ से भी ज़्यादा का निवेश होगा। जेवर एयरपोर्ट को रोड़, रेल, मेट्रो, बस सेवा से जोड़ा जाएगा।

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आज देश के सबसे बड़े हवाई अड्डे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला रखेंगे PM मोदी

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला रखेंगे। पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम में सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी शामिल होंगी।

गौतमबुद्धनगर: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला रखेंगे। पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम में सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी शामिल होंगी।

गौतमबुद्धनगर के  जेवर में बन रहे हवाई अड्डे का नाम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा और इसकी इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से दूरी 72 किलोमीटर की होगी। इसके अलावा नोएडा से इसकी दूरी 40 किलोमीटर होगी और दादरी से भी इतना ही डिस्टेंस रहेगा। लगभग 3,000 एकड़ में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश में सबसे बड़ा होगा। पीएम नरेंद्र मोदी आज यानी 25 नवंबर को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भूमि पूजन करेंगे।


नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने से एक तरफ दिल्ली के हवाई अड्डे पर दबाव कम होगा। इसके अलावा आगरा, मथुरा समेत पश्चिम यूपी के कई जिलों के लोगों को इससे सुविधा होगी।

जेवर एयरपोर्ट में कुल 4 हेलिपैड और 5 रनवे बनाए जाएंगे। इस हवाई अड्डे से दिल्ली-एनसीआर के हवाई यात्रियों को सुविधा होगी। 3 हजार किलोमीटर के दायरे में बन रहे जेवर एयरपोर्ट के निर्माण से इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में उत्तर प्रदेश एक लंबी छलांग लगा लेगा।


मिशन यूपी: BSP-कांग्रेस को तगड़ा झटका, अदिती सिंह और वंदना सिंह ने थामा भाजपा का दामन

अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से ही दल बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। माननीयों का एक दल से दूसरे दल में जाने का काम जारी है। ताजा मामले में अदिती सिंह ने कांग्रेस को झटका देते हुए और वंदना सिंह ने बसपा को झटका देते हुए भाजपा का दामन थाम लिया है।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से ही दल बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। माननीयों का एक दल से दूसरे दल में जाने का काम जारी है। ताजा मामले में अदिती सिंह ने कांग्रेस को झटका देते हुए और वंदना सिंह ने बसपा को झटका देते हुए भाजपा का दामन थाम लिया है।

रायबरेली की सदर सीट से कांग्रेस की बागी विधायक अदिति सिंह और आजमगढ़ के सगड़ी से बसपा विधायक वंदना सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के समक्ष पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में बुधवार को शाम विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

बता दें कि रायबरेली सदर से कांग्रेस की विधायक अदिति सिंह काफी समय से कांग्रेस की आलोचना और भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नीतियों की सराहना करती आ रही हैं। इसके लिए कांग्रेस पार्टी उनको नोटिस भी दे चुकी है। पिछले दिनों तो अदिति सिंह ने साफ कह दिया था कि वह सीएम योगी आदित्यनाथ की टीम का हिस्सा बनना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि सीएम योगी सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं और उनकी टीम का हिस्सा बनकर अपनी विधानसभा के लिए ज्यादा बेहतर कर सकूंगी।

दूसरी तरफ, अदिती सिंह के भाजपा में जाने का बड़ा नुकसान उनके पति अंगद सिंह सैनी को हो सकता है, जो पंजाब की नवांशहर सीट से विधायक हैं। रायबरेली, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र है। ऐसे में अदिति का पालाबदल उनके पति के लिए भारी पड़ सकता है।


मिशन यूपी: अखिलेश यादव का बड़ा वादा, कहा-'किसान आंदोलन में मरे किसानों के परिजनों को दूंगा 25-25 लाख का मुआवजा'

अखिलेश ने ट्वीट करके इसकी जानकार दी। अखिलेश ने लिखा कि किसान का जीवन अनमोल होता है क्योंकि वो ‘अन्य’ के जीवन के लिए ‘अन्न’ उगाता है। हम वचन देते हैं कि 2022 में समाजवादी पार्टी की सरकार आते ही किसान आंदोलन के शहीदों को 25 लाख की ‘किसान शहादत सम्मान राशि’ दी जाएगी।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और सभी राजनीतिक पार्टियां आम जनता से लोक लुभावने वादे कर रही हैं। इसी क्रम में आज यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आज एक बहुत की बड़ा चुनावी वादा किसानों से किया है। उन्होंने कहा कि अगर सपा यूपी की सत्ता में आती है तो किसान प्रदर्शन के दौरान मरे किसानों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए बतौर मुआवजा देंगे।


अखिलेश ने ट्वीट करके इसकी जानकार दी। अखिलेश ने लिखा कि किसान का जीवन अनमोल होता है क्योंकि वो ‘अन्य’ के जीवन के लिए ‘अन्न’ उगाता है। हम वचन देते हैं कि 2022 में समाजवादी पार्टी की सरकार आते ही किसान आंदोलन के शहीदों को 25 लाख की ‘किसान शहादत सम्मान राशि’ दी जाएगी। 


बता दें कि किसानों को लेकर अखिलेश लगातार बीजेपी पर हमले कर रहे हैं। इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि अमीरों की भाजपा ने भूमिअधिग्रहण व काले कानूनों से गरीबों-किसानों को ठगना चाहा। कील लगाई, बाल खींचते कार्टून बनाए, जीप चढ़ाई लेकिन सपा की पूर्वांचल की विजय यात्रा के जन समर्थन से डरकर काले-कानून वापस ले ही लिए। भाजपा बताए सैकड़ों किसानों की मौत के दोषियों को सजा कब मिलेगी।


बच्चे के साथ ओरल सेक्स 'गंभीर यौन हमला नहीं': इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी कुछ ऐसा ही डिसीजन लिया है। डिसजन के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह कहा है कि किसी बच्चे के साथ ओरल सेक्स 'गंभीर यौन हमला' नहीं है बल्कि यह अपराध को पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दंडनीय मानना सही है।

प्रयागराज: कभी-कभी न्यायालय भी ऐसे-ऐसे आदेश दे देती है कि लोगों का माथा ठनक जाता है। ताजा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी कुछ ऐसा ही डिसीजन लिया है। डिसजन के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह कहा है कि किसी बच्चे के साथ ओरल सेक्स 'गंभीर यौन हमला' नहीं है बल्कि यह अपराध को पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दंडनीय मानना सही है।



बच्चे के साथ ओरल सेक्स के एक मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस अपराध को 'गंभीर यौन हमला' नहीं माना है। कोर्ट ने इस प्रकार के अपराध को पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दंडनीय माना है।

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मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा है कि यह कृत्य एग्रेटेड पेनेट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट या गंभीर यौन हमला नहीं है। लिहाजा ऐसे मामले में पोक्सो एक्ट की धारा 6 और 10 के तहत सजा नहीं सुनाई जा सकती। 


सीएए के नाम पर लोगों को भड़काने वालों से सख्ती से निबटेंगे: CM योगी

आज उन्होंने कानपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए सपा और अखिलाश यादव पर जमकर हमला बोला। साथ ही योगी ने चेतावनी दी है कि अगर सीएए के नाम पर लोगों को भड़काने का प्रयास किया जाता है तो भड़काने वाले शख्स के खिलाफ सख्त कार्यवाही सरकार करेगी।

कानपुर: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा जी जान से प्रचार करने में जुटी हुई है। सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ खुद लगातार रैलियां कर रहे हैं। आज उन्होंने कानपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए सपा और अखिलाश यादव पर जमकर हमला बोला। साथ ही योगी ने चेतावनी दी है कि अगर सीएए के नाम पर लोगों को भड़काने का प्रयास किया जाता है तो भड़काने वाले शख्स के खिलाफ सख्त कार्यवाही सरकार करेगी।

सीएम योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक संपदा से भरपूर ये क्षेत्र UP और देश के विकास का आधार बन सकता था लेकिन आज़ादी के बाद परिवारवादी, जातिवादी सोच के लोगों ने सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-बिन्न किया और अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस क्षेत्र के विकास को भी बाधित करने में कोई कोताही नहीं बरती।

सीएम योगी ने आगे कहा कि कानपुर में अगर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त है तो चित्रकूट अपने सौंदर्य और वन संपदा के साथ भगवान श्री राम को वनवास के कालखंड में आश्रय देने के एक पवित्र धार्मिक स्थल के रूप भी हम सबके लिए विख्यात है।

सीएम योगी ने सपा और अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि मैं चाचा जान और अब्बा जान के अनुयायियों से कहूंगा कि अगर प्रदेश की भावनाओं को भड़का कर माहौल खराब करोगे तो सरकार शक्ति के साथ निपटना भी जानती है। हर व्यक्ति जानता है कि ओवैसी समाजवादी पार्टी के एजेंट बनकर प्रदेश में भावनाओं को भड़काने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में 2017 के पहले हर तीसरे-चौथे दिन दंगे होते थे। मैं आज उस व्यक्ति को चेतावनी दूंगा जो यहां पर सीएए के नाम पर फिर से भावनाओं को भड़काने का काम कर रहा है।


देश का सबसे बड़ा अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 25 नवंबर को पीएम मोदी करेंगे भूमि पूजन

लगभग 3,000 एकड़ में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश में सबसे बड़ा होगा। पीएम नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भूमि पूजन करेंगे।

नोएडा: गौतमबुद्धनगर के  जेवर में बन रहे हवाई अड्डे का नाम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा और इसकी इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से दूरी 72 किलोमीटर की होगी। इसके अलावा नोएडा से इसकी दूरी 40 किलोमीटर होगी और दादरी से भी इतना ही डिस्टेंस रहेगा। लगभग 3,000 एकड़ में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश में सबसे बड़ा होगा। पीएम नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भूमि पूजन करेंगे।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने से एक तरफ दिल्ली के हवाई अड्डे पर दबाव कम होगा। इसके अलावा आगरा, मथुरा समेत पश्चिम यूपी के कई जिलों के लोगों को इससे सुविधा होगी।जेवर एयरपोर्ट में कुल 4 हेलिपैड और 5 रनवे बनाए जाएंगे। इस हवाई अड्डे से दिल्ली-एनसीआर के हवाई यात्रियों को सुविधा होगी। 3 हजार किलोमीटर के दायरे में बन रहे जेवर एयरपोर्ट के निर्माण से इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में उत्तर प्रदेश एक लंबी छलांग लगा लेगा। एक्सप्रेसवे राज्य कहलाने वाले यूपी में बीते कुछ सालों में तेजी से इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स आगे बढ़े हैं।

एक्सप्रेस वे के मामले में यूपी नंबर 1 पर

देश का सबसे बड़ा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे भी फिलहाल उत्तर प्रदेश में ही है, जिसका हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। इससे पहले भी यूपी के ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को यह दर्जा हासिल था। फिलहाल यूपी में यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे चल रहे हैं। इसके अलावा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर काम चल रहा है।

इस तरह राज्य में कुल 6 एक्सप्रेसवे अगले कुछ सालों में हो जाएंगे। यही नहीं दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का भी बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ जैसे जिलों से ही गुजरता है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के जरिए पहचान हासिल करने वाले महाराष्ट्र में भी फिलहाल तीन ही एक्सप्रेसवे हैं और इस लिहाज से देखें तो यूपी ने गुजरात, हरियाणा, पंजाब जैसे कई समृद्ध राज्यों पर एक्सप्रेसवे के मामले में बढ़त हासिल की है।


दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने वाले लोगों की लिए बुरी खबर, जल्द बंद होगा फ्री का सफर, देना होगा Toll Tax

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) अगले महीने से एक्सप्रेसवे पर टोल लगाने की तैयारी में है।

नई दिल्ली: अगर आप भी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। दरअसल, अब आपको जेब ढीली करनी पड़ेगी और टोल टैक्स भरना पड़ेगा।

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) अगले महीने से एक्सप्रेसवे पर टोल लगाने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि सड़क परिवहन मंत्रालय से प्रोजेक्ट का काम जल्द पूरा करने को कहा है। इसके लिए निर्माण एजेंसी और रेलवे के अधिकारियों से वार्ता तक चिपियाना रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का काम समय से पूरा किए जाने को कहा गया है। 


विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर में प्रधानमंत्री का मेरठ में कार्यक्रम है, जिसमें प्रोजेक्ट का लोकार्पण कराए जाने की तैयारी है। एक तरह से विधिवत तौर पर प्रोजेक्ट राष्ट्र को समर्पित कर दिया जाएगा। उसके बाद दिल्ली से मेरठ के बीच टोल लगाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

बता दें कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के तीन चरणों पर अभी कोई टोल नहीं लिया जा रहा है। तीसरे चरण में डासना से हापुड़ के बीच छिजारसी में जरूर टोल लिया जा रहा है। शेष चरणों में टोल वसूली के लिए एनएचएआई ने 18 अगस्त को सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था जिस पर मंत्रालय ने यह कहते हुए स्वीकृति देने का इंकार कर दिया था कि प्रोजेक्ट के चौथे हिस्से (डासना-मेरठ) के बीच सड़क टूटी पड़ी है। इसके साथ ही दूसरे चरण (यूपी गेट-डासना) के बीच चिपियाना में काम अधूरा है। 

इसके बाद एनएचएआई ने करीब डेढ़ महीने में चौथे चरण में सड़क की मरम्मत का काम पूरा किया था। साथ ही दूसरे चरण में चिपियाना में मेरठ से दिल्ली की तरफ आने वाले आरओबी को यातायात के लिए खोल दिया था। इसके बाद अक्तूबर में फिर से टोल लगाने का प्रस्ताव भेजा गया लेकिन मंत्रालय से अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। 

अब मंत्रालय ने एनएचएआई से प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने को कहा है। एनएचएआई से कहा गया है कि वो 20 दिसंबर तक प्रोजेक्ट का काम पूरा करे। इसके लिए अगर किसी अन्य विभाग से बातचीत करनी है तो वो भी प्राथमिकता के आधार पर की जाए, जिससे कि प्रोजेक्ट को समय पर पूरा किया जाए।


अखिलेश यादव ने धूम-धाम से मनाया पिता मुलायम का जन्मदिन, शिवपाल रहे नदारद

दशकों तक नेताजी के साथ परछाईं की तरह रहने वाले शिवपाल अकेले सैफई में मौजूद थे। उन्होंने गांव में ही नेताजी के जन्मदिन के मौके पर केक काटा और भाषण में एक तरफ सबको शुभकामनाएं दीं तो अखिलेश को अल्टीमेटम देते नजर आए।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन था। अखिलेश यादव ने उनका जन्मदिन लखनऊ में धूम-धाम से मनाया लेकिन शिवपाल यादव आज यहां पिछड़ गए और वह सैफई में थे।

सोमवार को मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन के मौके पर सामने आईं तस्वीरें तो कुछ ऐसा ही संकेत देती हैं। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में अखिलेश यादव पिता और पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेहद करीब नजर आए।

अखिलेश यादव ने पहले शॉल ओढ़ाकर उन्होंने नेताजी का सम्मान किया और फिर हाथ पकड़कर केक कटवाया। दोनों के बीच इस दौरान गजब की बॉन्डिंग देखने को मिली और मुलायम सिंह यादव बेटे को आशीर्वाद देते नजर आए। इस दौरान अखिलेश के करीबी कहे जाने वाले परिवार के ही एक और सदस्य राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव भी मौजूद थे।

लखनऊ में एक तरफ सपा मुख्यालय में अखिलेश ने धूमधाम से पिता का जन्मदिन मनाया तो दशकों तक नेताजी के साथ परछाईं की तरह रहने वाले शिवपाल अकेले सैफई में मौजूद थे। उन्होंने गांव में ही नेताजी के जन्मदिन के मौके पर केक काटा और भाषण में एक तरफ सबको शुभकामनाएं दीं तो अखिलेश को अल्टीमेटम देते नजर आए।

शिवपाल यादव ने साफ कहा कि यदि अखिलेश यादव एक सप्ताह के भीतर उनकी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के साथ विलय या फिर गठबंधन को लेकर फैसला नहीं लेते हैं तो फिर वह लखनऊ में सम्मेलन बुलाएंगे और आगे की रणनीति पर फैसला लेंगे।


माफिया मुख्तार अंसारी पर बड़ी कार्यवाई, पत्नी की करोड़ों की संपत्ति जब्त, करीबियों पर भी गिरी गाज

लखनऊ में हुसैनगंज में विधानसभा मार्ग पर स्थित मुख्तार अंसारी की तीन करोड़ की जमीन कुर्क कर ली गई। यह जमीन मुख्तार की पत्नी अफशा अंसारी के नाम पर खरीदी गई थी।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक माफिया मुख्तार अंसारी पर योगी सरकार की कार्रवाई जारी है। रविवार को मुख्तार अंसारी पर पांच करोड़ की बड़ी चोट मारी गई।


राजधानी लखनऊ में हुसैनगंज में विधानसभा मार्ग पर स्थित मुख्तार अंसारी की तीन करोड़ की जमीन कुर्क कर ली गई। यह जमीन मुख्तार की पत्नी अफशा अंसारी के नाम पर खरीदी गई थी। 

दूसरी तरफ, मऊ में मुख्तार के दो करीबियों की दो करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क कर ली गई। आजमगढ़ से लखनऊ पहुंची पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 194 वर्ग मीटर की जमीन को कुर्क किया। जमीन की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बतायी जा रही है। इस जमीन पर पहले पेट्रोल पम्प चल रहा था। पुलिस का दावा है कि यह जमीन नजूल की है जिसे फर्जी दस्तावेजों से अवैध रूप से मुख्तार की पत्नी के नाम बेचा गया था।

आजमगढ़ के तरवां थाने में मुख्तार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था। आजमगढ़ डीएम के आदेश पर ही विवेचक प्रशांत श्रीवास्तव टीम के साथ इस जमीन को कुर्क करने के लिये लखनऊ आये थे। विवेचक ने डीएम कार्यालय से कानूनी औपचारिकता पूरी की। 


इसके बाद विधानसभा मार्ग पर पेट्रोल पम्प के पास मुख्तार की पत्नी के नाम से खरीदी गई जमीन पर टीम पहुंची। टीम में सदर तहसीलदार, एलडीए तहसीलदार, इंस्पेक्टर हुसैनगंज अजय कुमार सिंह और आजमगढ़ स्वाट टीम प्रभारी व विवेचक प्रशांत श्रीवास्तव मौजूद रहे। 


PM मोदी आज करेंगे DGP कांफ्रेंस का समापन

पीएम द्वारा कहा गया कि राज्यों में आपसी टकराव व भेदभाव के छोटे-छोटे मुद्दों को सामान्य रूप से कानून-व्यवस्था के तौर पर न देखें, बल्कि उसे बड़ा षड्यंत्र के रूप में देखते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए।

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने आंतरिक सुरक्षा की ऐसी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए गहन विचार-विमर्श किया।

इस दौरान पीएम द्वारा कहा गया कि राज्यों में आपसी टकराव व भेदभाव के छोटे-छोटे मुद्दों को सामान्य रूप से कानून-व्यवस्था के तौर पर न देखें, बल्कि उसे बड़ा षड्यंत्र के रूप में देखते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। 


पीएम की लगभग 12 घंटे की मौजूदगी में चले मंथन की मंशा यही है कि आतंकी मंसूबों को भारत अब और मजबूती से कुचलने के लिए तैयार होगा। लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दिनभर आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ आतंकवाद, साइबर अपराध, तटीय सुरक्षा, नक्सलवाद, मादक पदार्थों की तस्करी के बदलते तरीकों व अन्य चुनौतियों पर न सिर्फ गहन मंथन किया, बल्कि अहम सुझाव भी दिए। इनसे निपटने के लिए की जा रही तैयारियों को भी परखा। 


इस दौरान खासकर सीमा पर प्रवास, देश को बदनाम करने के लिए विदेश से हो रही फंडिंग तथा इसमें विभिन्न एनजीओ की भूमिका को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही राज्यों की पुलिस व जांच एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को बढ़ाने की बात दोहराई गई। प्रधानमंत्री रविवार को तीन दिवसीय सम्मेलन का समापन करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मोदी शनिवार सुबह करीब 9.20 बजे राजभवन से गोमतीनगर विस्तार स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचे और रात करीब 8.45 बजे तक मौजूद रहे। यह पहला मौका था, जब प्रधानमंत्री ने किसी पुलिस मुख्यालय में लगभग 12 घंटे बिताए। 

तीन दिवसीय 56वें पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की मौजूदगी में आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों पर मंथन किया। उनके समक्ष अलग-अलग चुनौतियों व उनसे निपटने की तैयारियों को लेकर प्रस्तुतिकरण किए गए। 


राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों व केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों के अलग-अलग समूह बनाए गए हैं, जिनके साथ प्रधानमंत्री ने चाय व नाश्ते के दौरान चर्चा की। पीएम रात्रिभोज के बाद पुलिस मुख्यालय से राजभवन के लिए रवाना हो गए।


पीएम मोदी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का किया उद्घाटन, विपक्षियों पर बोला हमला, मिराज 2000 की लैंडिंग ने जीता लोगों का दिल

पीएम मोदी ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे में हमारे जिन किसान भाई-बहनों की भूमि इसमें लगी है, जिन श्रमिकों का पसीना इसमें लगा है, जिन इंजीनियरों का कौशल इसमें लगा है, उनका भी मैं बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

नई दिल्ली: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुल्तानपुर में 341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। पुर्वांचल एक्सप्रेस वे के उद्घाटन पर मिराज 2000 की लैंडिंग ने लोगों का दिल जीत लिया। महज 43 सेकेंड में विमान की लैंडिंग हुई। इस मौके पर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज इस पावन धरती को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सौगात मिली है जिसकी आप सभी बहुत दिन से इंतजार कर रहे थे। आप सभी को बहुत-बहुत बधाई।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पूरी दुनिया में जिस किसी को भी उत्तर प्रदेश के सामर्थ्य पर, उत्तर प्रदेश के लोगों के सामर्थ्य पर जरा भी संदेह है वो आज सुल्तानपुर में आकर उत्तर प्रदेश का सामर्थ्य देख सकता है। 3-4 साल पहले जहां सिर्फ ज़मीन थी अब वहां से होकर इतना आधुनिक एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि ये एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश को तेज़ गति से बेहतर भविष्य की तरफ ले जाएगा। ये एक्सप्रेस-वे यूपी की प्रगति का एक्सप्रेस-वे है। ये एक्सप्रेस-वे नए यूपी के निर्माण का एक्सप्रेस-वे है। ये एक्सप्रेस-वे यूपी की मज़बूत होती अर्थव्यवस्था का एक्सप्रेस-वे है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे में हमारे जिन किसान भाई-बहनों की भूमि इसमें लगी है, जिन श्रमिकों का पसीना इसमें लगा है, जिन इंजीनियरों का कौशल इसमें लगा है, उनका भी मैं बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गरीबों को पक्के घर मिलें, गरीबों के घर में शौचालय हों, महिलाओं को खुले में शौच के लिए बाहर ना जाना पड़े, सबके घर में बिजली हो, ऐसे कितने ही काम थे, जो यहां किए जाने जरूरी थे। लेकिन मुझे बहुत पीड़ा है, कि तब यूपी में जो सरकार थी(सपा सरकार), उसने मेरा साथ नहीं दिया।

विपक्षियों पर हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मुझे मालूम था कि जिस तरह तब की सरकार ने यूपी के लोगों के साथ नाइंसाफी की जा रही है, विकास में भेदभाव किया जा रहा है, जिस तरह सिर्फ अपने परिवार का हित साधा जा रहा है, यूपी के लोग ऐसा करने वाली सरकार को हमेशा-हमेशा के लिए यूपी के विकास के रास्ते से हटा देंगे। पिछले मुख्यमंत्रियों के लिए विकास वहीं तक सीमित था जहां उनका घर था। लेकिन आज जितनी पश्चिम की पूछ है, उतनी ही पूर्वांचल के लिए भी प्राथमिकता है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे आज यूपी की इस खाई को पाट रहा है, यूपी को आपस में जोड़ रहा है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि UP में हमने लंबा दौर, ऐसी सरकारों का देखा जिन्होंने कनेक्टिविटी की चिंता किए बिना ही औद्योगीकरण के सपने दिखाए। परिणाम ये हुआ कि ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में यहां लगे अनेक कारखानों में ताले लग गए। ये भी दुर्भाग्य रहा कि दिल्ली और लखनऊ, दोनों ही जगह परिवारवादियों का ही दबदबा रहा।


सीएम योगी ने कही ये बातें 

इस मौके पर अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि आज से 3 साल पहले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास का कार्यक्रम संपन्न हुआ था। पिछले 19 महीने से पूरी दुनिया कोविड महामारी का सामना कर रही है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन संपन्न होने जा रहा है।

सीएम योगी ने आगे कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे सिर्फ आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि पूर्वी उ.प्र. जो आज़ादी के बाद से भौतिक विकास के मापदंडों को पूरा करने में विफल रहा था। उस पूर्वी उ.प्र. को विकास की नई जीवन रेखा के रूप में स्थापित किए जाने वाले प्रयास का हिस्सा होगा।


पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने हरक्यूलिस से PM मोदी पहुंचे सुल्तानपुर, वायुसेना ने भी दिखाया दम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भारतीय वायु सेना के विमान सी-130जे सुपर हरक्यूलिस ने सुल्तानपुर के करवल खीरी में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लैंड हुए।

सुल्तानपुर: पीएम नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े 341 किलोमीटर के पूर्वांचल एक्‍सप्रेस-वे का लोकार्पण करने पहुंच चुके हैं। उद्घाटन समारोह का आगाज रंगारंग कार्यक्रमों से हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भारतीय वायु सेना के विमान सी-130जे सुपर हरक्यूलिस ने सुल्तानपुर के करवल खीरी में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लैंड हुए। यह एक्‍सप्रेस-वे राज्‍य के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों को जोड़ेगा। इससे लखनऊ से गाजीपुर तक की यात्रा सिर्फ साढ़े चार घंटे में पूरी की जा सकेगी।

लखनऊ के चांद सराय से शुरू होकर गाजीपुर तक पहंचने वाले इस एक्‍सप्रेस-वे को बनाने पर 22 हजार 497 करोड़ रुपए का खर्च आया है। यह एक्‍सप्रेस- वे लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, अयोध्‍या, सुल्‍तानपुर, अम्‍बेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर प्रदेश के कुल नौ जिलों से गुजरेगा।

अभी एक्‍सप्रेस-वे छह लेन का है जिसे बाद में बढ़ाकर आठ लेन तक किया जा सकेगा। फिलहाल इस एक्‍सप्रेस-वे को टोल टैक्स से मुक्‍त रखा गया है। सीएम योगी और यूपी सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक बताए जाने वाले पूर्वांचल एक्‍सप्रेस-वे का उद्घाटन करने पीएम मोदी 1:20 बजे हरक्यूलिस विमान से पहुंच चुके हैं। वह 1:30 बजे एक्‍सप्रेस वे का उद्घाटन करेंगे। 



यूपी की योगी सरकार ने गायों के लिए शुरू की एम्बुलेंस सेवा, मात्र 15 मिनट में पहुंचेगी मदद

अक्सर ऐसी खबरें सामने आती रही है कि चारे के अभाव में गौशालाओं में गोवंश दम तोड़ते हैं लेकिन चुनावी समय में एक बार फिर से योगी सरकार को गऊ माता की याद आ गई है। अब उत्तर प्रदेश में गायों के लिए एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में सूबे की सत्ताधारी पार्टी भाजपा जी जान से लोगों को लुभाने में जुटी है। अक्सर ऐसी खबरें सामने आती रही है कि चारे के अभाव में गौशालाओं में गोवंश दम तोड़ते हैं लेकिन चुनावी समय में एक बार फिर से योगी सरकार को गऊ माता की याद आ गई है। अब उत्तर प्रदेश में गायों के लिए एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है।


उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी उ.प्र. राजकोष से 7 लाख गायों के लिए 900 रुपये प्रति माह भरण-पोषण के लिए दिया जा रहा है। लगभग 200 वृहद गौ संरक्षण केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए। 5500 अस्थाई गऊशालाएं बनाई गई हैं। 542 रजिस्टर्ड गौशालाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है।

चौधरी ने आगे बताया कि केंद्र सरकार ने गायों के लिए 520 एंबुलेंस शुरू करने के लिए उ.प्र. सरकार को धन आवंटित किया है। एक कॉल सेंटर बनाया जाएगा। गाय की बीमारी या दुर्घटना की सूचना मिलने के 15 मिनट के अंदर हमारी एंबुलेंस पहुंच जाएगी।


आज पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण, मिराज-सुखोई और जगुआर के एयर शो का भी आयोजन

आज यानी मंगलवार को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रूप में जो नया प्रगति पथ योगी सरकार ने तैयार किया है, उसका लोकार्पण करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुलतानपुर पहुंच रहे हैं।

लखनऊ: आज यानी मंगलवार को  पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रूप में जो नया प्रगति पथ योगी सरकार ने तैयार किया है, उसका लोकार्पण करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुलतानपुर पहुंच रहे हैं।

प्रदेश को सरकार का यह उपहार मिलते ही इस अंचल के छोटे-छोटे जिलों की दिल्ली से दूरी घट जाएगी। उत्‍तर प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं पर जोर देते हुए योगी सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर ¨लक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे बनाने की घोषणा की। 

जुलाई, 2018 में प्रधानमंत्री मोदी ने आजमगढ़ से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वायुसेना के सी-130जे सुपर हरक्युलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से एक्सप्रेसवे पर बनाई गई हवाई पट्टी पर ही उतरेंगे।

लखनऊ से गाजीपुर तक 340.824 किलोमीटर का यह एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है। सोमवार को लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि एक्सप्रेसवे का लोकार्पण मंगलवार को पीएम मोदी सुलतानपुर के कूरेभार स्थित एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी से करेंगे। साथ ही जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उनका कहना था कि यह प्रोजेक्ट बहुत चुनौतीपूर्ण था। तमाम निचले इलाकों में पानी भर जाता है। इधर, कोरोना संक्रमण की वजह से भी काम प्रभावित हुआ, लेकिन काम को रोका नहीं गया। पूरी सावधानी से साथ निर्माण कार्य जारी रखा। उसी का नतीजा है कि तय समय सीमा में एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है।

अवस्थी ने बताया कि एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर औद्योगिक गलियारे बनाए जाएंगे। यहां विभिन्न प्रकार के उद्योग स्थापित होंगे। लाजिस्टिक सुविधा बेहतर होने से स्थानीय कारोबारियों, छोटे व्यापारियों आदि को भी लाभ होगा। वहीं, पूर्वांचल के छोटे-छोटे जिलों से अब लखनऊ और दिल्ली की दूरी घट गई है। दस घंटे का सफर महज साढ़े तीन से चार घंटे में तय किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यह एक्सप्रेसवे बिहार की सीमा तक है, इसलिए इसका लाभ बिहार के सीमावर्ती जिलों को भी सीधे मिल सकेगा। दावा किया कि यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल के विकास के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होगा।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान एयर शो भी होगा। अवनीश अवस्थी ने बताया कि जनसभा के बाद लगभग 45 मिनट का एयर शो होगा, इसमें वायुसेना के जांबाज जवान लड़ाकू विमानों के जरिये युद्ध कौशल दिखाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए वायुसेना ने काफी तैयारी की है। यही नहीं, हवाई पट्टी बनाने में भी पूरा सहयोग किया है। एयर स्टि्रप ऐसी बनी है, जिस पर किसी भी प्रकार का हवाई जहाज उतारा जा सकता है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जो हवाई पट्टी बनाई गई है, उसके बारे में दावा किया गया है कि उस पर किसी भी प्रकार का वाहन उतारा जा सकता है। लोकार्पण के दौरान ही इसका प्रमाण भी सबके सामने होगा। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वायुसेना के सी-130जे सुपर हरक्युलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से आ रहे हैं। वह सुलतानपुर के कूरेभार में एक्सप्रेसवे पर बनाई गई हवाई पट्टी पर ही उतरेंगे। यहीं पर वायुसेना द्वारा मिराज-2000 सहित अन्य लड़ाकू विमानों की लैंडि‍ंग कराई जाएगी।


लखीमपुर खीरी हिंसाः केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी खारिज

लखीमपुर हिंसा में गिरफ्तार केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटा आशीष मिश्रा को एक बार फिर कोर्ट से झटका लगा है। जिला जज ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।

लखनऊ/लखीमपुर खीरी: लखीमपुर हिंसा में गिरफ्तार केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटा आशीष मिश्रा को एक बार फिर कोर्ट से झटका लगा है। जिला जज ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। 


आशीष मिश्रा के साथ ही मामले के सह आरोपी आशीष पांडे, लवकुश राना की जमानत पर भी सोमवार को सुनवाई हुई। दिन में दो घंटे तक बहस के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शाम में जिला जज मुकेश मिश्रा ने केस डायरी, अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों को देखने के बाद जमानत याचिका खारिज करने का फैसला सुनाया।

तीन अक्‍टूबर को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसक झड़प में चार किसानों समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद इस वारदात के कई वीडियो सामने आए थे। इनमें एक थार जीप कुछ किसानों को रौंदते हुए बढ़ती दिख रही है। यह थार जीप मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा की थी। किसानों की ओर से आशीष मिश्रा को इस पूरी वारदात का मुख्‍य आरोपी बनाया गया है। किसानों के आक्रोश में भारी जनदबाव के बीच पुलिस ने आशीष मिश्रा, सह आरोपी आशीष पांडेय और लवकुश राना समेत कुछ अन्‍य लोगों को गिरफ्तार किया था। अशीष मिश्रा और अन्‍य आरोपियों के असलहों की फोसेंसिक जांच भी कराई गई है। 

पुलिस ने इस मामले की केस डायरी और असलहा रिपोर्ट अदालत में पेश की। विवेचक की ओर से कोर्ट में पूरे मामले की रिपोर्ट और अन्‍य दस्‍तावेजों के साथ बैलिस्टिक रिपोर्ट भी पेश की गई। बचाव पक्ष की ओर से सलिल श्रीवास्‍तव, अवधेश दुबे, अवधेश सिंह और रामआशीष मिश्रा ने बहस की। 

उन्‍होंने अदालत के सामने एक फोटो एलबम रखी। उन्‍होंने अदालत से फोटो देखने की अपील की। अभियोजन पक्ष की से जिला शासकीय अधिवक्‍त अरविंद त्रिपाठी ने अपना पक्ष रखा। इस पूरे मामले में कोर्ट में करीब दो घंटे तक बहस चली।


रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने में जुटी मध्य प्रदेश सरकार

पीएम मोदी जनजातीय गौरव दिवस में शामिल होने के बाद इसका लोकापर्ण करेंगे। इस रेलवे स्टेशन की भव्यता इसकी तस्वीरों से साफ झलकती है।

भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब से कुछ ही देर बाद हबीबगंज रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड क्लास पुनर्विकास कार्य पूर्ण होने पर उसके नए नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के साथ लांचिंग करने जा रहा है। पीएम मोदी जनजातीय गौरव दिवस में शामिल होने के बाद इसका लोकापर्ण करेंगे। इस रेलवे स्टेशन की भव्यता इसकी तस्वीरों से साफ झलकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस नए और भव्य रेलवे स्टेशन की कई तस्वीरें पोस्ट की हैं। इस स्टेशन पर यात्रियों की सुगमता को ध्यान में रखते हुए कई एस्केलेटर लगाए गए हैं। साथ ही जगह-जगह पर एलईडी भी लगाए गए हैं, जिसपर ट्रेनों की आवाजही की जानकारियां उपलब्ध होंगी।

गोंड साम्राज्य की बहादुर और निडर रानी कमलापति के नाम पर पुनर्विकसित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन मध्य प्रदेश का पहला विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशन है। सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में पुनर्विकास, स्टेशन को आधुनिक विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ एक हरे रंग की इमारत के रूप में डिजाइन किया गया है जो दिव्यांगजनों के लिए गतिशीलता में आसानी को भी ध्यान में रखता है। स्टेशन को एकीकृत मल्टी-मोडल परिवहन के हब के रूप में भी विकसित किया गया है।

आयोजन के दौरान, प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश में रेलवे की कई पहलों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे जिनमें गेज परिवर्तित और विद्युतीकृत उज्जैन-फतेहाबाद चंद्रावतीगंज ब्रॉड गेज खंड, भोपाल-बरखेड़ा खंड में तीसरी लाइन, गेज परिवर्तित और विद्युतीकृत मथेला-निमाड़ खीरी ब्रॉड शामिल हैं। गेज खंड और विद्युतीकृत गुना-ग्वालियर खंड। प्रधानमंत्री उज्जैन-इंदौर और इंदौर-उज्जैन के बीच दो नई मेमू ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे।


मिशन यूपी: ब्राम्हणों को इस तरह से यूपी में साध रही है बीजेपी, जानिए-क्या है पूरी रणनीति

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को लखनऊ में एक ब्राह्मण संस्था के कार्यक्रम में शामिल हुए और चाणक्य का जिक्र कर बड़ा संदेश दिया। ब्राह्मणों को चाणक्य का वंशज बताकर सीएम योगी ने एक तरफ बिरादरी को संदेश दिया तो वहीं चुनावी रणनीति का भी संकेत दिया है।

लखनऊ: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को लखनऊ में एक ब्राह्मण संस्था के कार्यक्रम में शामिल हुए और चाणक्य का जिक्र कर बड़ा संदेश दिया। ब्राह्मणों को चाणक्य का वंशज बताकर सीएम योगी ने एक तरफ बिरादरी को संदेश दिया तो वहीं चुनावी रणनीति का भी संकेत दिया है।

उन्होंने कहा, 'भारत तब महान बना था, जब चाणक्य इस देश को नई दिशा दे रहे थे। आप सब आचार्य चाणक्य के वंशज हैं।' यही नहीं उन्होंने सनातन धर्म के लिए ब्राह्मणों के योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'यदि सनातन धर्म जीवित रहा है और पूरी दुनिया के अंदर अपने भव्य ध्वज को गाड़ कर चल रहा है तो इसलिए कि वह 'ब्रह्म तत्व' हमारे पास मौजूद है। जो सनातन धर्म की आत्मा में सदैव विराजमान रहकर, स्वयं कष्ट सहकर भी इस धर्म पर आंच नहीं आने देता।'


सनातन धर्म और देश निर्माण में ब्राह्मणों की अहम भूमिका बताते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक तरह से इस बात का भी संदेश दे दिया कि यह समुदाय चुनावी लिहाज से भी अहम है। आमतौर पर ब्राह्मणों को भाजपा का समर्थक वर्ग माना जाता रहा है, लेकिन बीते कुछ सालों में विपक्षी दलों ने यूपी में इस बिरादरी को साधने की जमकर कोशिशें की हैं। मायावती के करीबी नेता सतीश चंद्र मिश्र इस रणनीति पर काम करते रहे हैं। इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने भी परशुराम की प्रतिमा लगाने का ऐलान किया है। यही नहीं हर जिले में ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन भी समाजवादी पार्टी कर रही है।

बीते कुछ सालों में योगी सरकार में ब्राह्मण के उत्पीड़न की बातें विपक्षी दल करते रहे हैं। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही थी कि भाजपा का परंपरागत वोट बैंक रहा यह समुदाय उससे छिटक सकता है। ऐसे में लखनऊ में ब्राह्मण संस्था के कार्यक्रम में न सिर्फ सीएम योगी का शिरकत करना बल्कि राजनाथ सिंह का भी शामिल होना बड़े संकेत देता है। इस आयोजन में योगी सरकार के मंत्री और ब्राह्मण चेहरे ब्रजेश पाठक की अहम भूमिका थी। यही नहीं रीता बहुगुणा जोशी और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी को भी इसमें आमंत्रित किया गया था। इसके अलावा डिप्टी सीएम दिनेश चंद्र शर्मा भी इस आयोजन में मौजूद थे। इस तरह दिग्गज नेताओं के जुटान और ब्राह्मण बिरादरी की तारीफ से सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि आज भी भाजपा उनके लिए पहली पसंद क्यों हो सकती है।


अब आजमगढ़ का नाम बदलने की तैयारी में यूपी की योगी सरकार !

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह विश्वविद्यालय जिसकी आधारशिला रखी गई है सचमुच आजमगढ़ को आर्यमगढ़ में बदल देगा। इसमें तो अब कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

आजमगढ़: जल्द ही आजमगढ़ का नाम भी यूपी की योगी सरकार बदलने वाली है। गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में आजमगढ़ जिले को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान किया है। उन्होंने आजमगढ़ जिले का भी नाम बदलने का संकेत दिया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह विश्वविद्यालय जिसकी आधारशिला रखी गई है सचमुच आजमगढ़ को आर्यमगढ़ में बदल देगा। इसमें तो अब कोई संदेह नहीं होना चाहिए। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने भारत माता और श्रीराम के जयकारे के साथ अमित शाह का स्वागत अभिनंदन करते हुए कहा कि हमने जो कहा वह करके दिखाया। पूरे देश में केंद्र के साथ-साथ जहां भी भाजपा की राज्य सरकारों ने जो बातें कही थीं, उसे धरातल पर उतारा। 

उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। वर्ष 2017 में मोदी जी और अमित शाह के मार्गदर्शन में भाजपा को समर्थन मिला। कहा कि यहां के लोगों ने भले दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को सांसद बनाया हो, लेकिन पहचान धूमिल हुई है। 2014 और 2017 से पहले आजमगढ़ के लोगों को कहीं बाहर कमरा नहीं मिलता था, क्योंकि पहचान का संकट था।

सीएम योगी ने आगे कहा कि आज अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के नेतृत्व काम कर रही है। जब सरकार का गठन हाेने जा रहा तो तय किया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और आजमगढ़ की पहचान बन जाए। आज एयरपोर्ट निर्माण का 95 फीसद काम पूरा हो गया है। आजमगढ़ विवि आजमगढ़ को आर्यमगढ़ बना देगा।


लखीमपुर खीरी कांड: हिंसा के 40 दिन बाद SP विजय ढुल का तबादला, इस IPS अफसर को बनाया गया जिला का नया कप्तान

योगी सरकार ने अब 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव सुमन को लखीमपुर खीरी जिले का नया एसपी बनाया गया है। संजीव सुमन इससे पहले लखनऊ पुलिस आयुक्तालय में पुलिस उपायुक्त (पूर्व) के रूप में तैनात थीं। उनकी जगह अब 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी अमित कुमार आनंद को तैनात किया गया है।

लखीमपुर खीरी: हिंसा के करीब 40 दिन बाद गुरुवार की देर शाम लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय ढुल का तबादला कर दिया गया। ढुल को लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है और उन्हें प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। वहीं इसके साथ ही अपर पुलिस अधीक्षक नगर मुरादाबाद के पद पर तैनात अमित कुमार आनंद का भी तबादला किया गया है।  

योगी सरकार ने अब 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव सुमन को लखीमपुर खीरी जिले का नया एसपी बनाया गया है। संजीव सुमन इससे पहले लखनऊ पुलिस आयुक्तालय में पुलिस उपायुक्त (पूर्व) के रूप में तैनात थीं। उनकी जगह अब 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी अमित कुमार आनंद को तैनात किया गया है।

बताते चलें कि तीन अक्तूबर को तिकोनिया में हुए बवाल में चार किसान और एक पत्रकार समेत आठ लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में किसानों की तरफ केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा समेत पन्द्रह बीस अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने आशीष मिश्रा, आशीष पांडेय, लवकुश राणा, शेखर भारती, अंकितदास और काले उर्फ लतीफ़, भाजपा सभासद सुमित जायसवाल, नन्दन सिंह विष्ट, सत्यम त्रिपाठी, मोहित त्रिवेदी, रिंकू राना, धर्मेंद्र बंजारा और शिशुपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


कानपुर में जीका वायरस का कहर, अबतक 108 मामले

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नेपाल सिंह ने बताया कि कानपुर में जीका वायरस के अब तक कुल 108 पॉजिटिव मामले आए थे जिसमें 17 मामले नेगेटिव हो गए हैं। अब 91 सक्रिय मामले हैं।

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में जीका वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अबतक 100 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। जीका वायरस के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम टीमें घर-घर सर्वे कर रही है।

कानपुर नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, "हम लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि 2-3 दिन से ज़्यादा पानी इकट्ठा न होने दें। हमारी एक टीम लगभग 50 घरों को कवर कर रही है।"

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नेपाल सिंह ने बताया कि कानपुर में जीका वायरस के अब तक कुल 108 पॉजिटिव मामले आए थे जिसमें 17 मामले नेगेटिव हो गए हैं। अब 91 सक्रिय मामले हैं।


डॉक्टर कफील को योगी सरकार ने किया बर्खास्त, गोरखपुर BRD में बच्चों की मौतों के मामले में हुई कार्यवायी

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में अगस्त 2017 में आक्सीजन की कमी से कई बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद 22 अगस्त को डॉक्टर कफील को निलंबित कर दिया गया था। तभी से उनके खिलाफ जांच चल रही थी।

लखनऊ/गोरखपुर: गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन कांड के बाद चर्चा में आए डॉक्टर कफील खान को योगी सरकार ने आज बर्खात कर दिया है। यह कार्यवायी  बीआरडी में हुई बच्चों की मौत के मामले में ही यह कार्रवाई की गई है।

बताते चलें कि पिछले साल भड़काउ भाषण देने का आरोप लगाते हुए कफील पर रासुका लगाकर जेल भी भेजा गया था। हाईकोर्ट से रासुका रद होने पर उनकी रिहाई हो सकी थी। यूपी के प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) आलोक कुमार ने डॉक्टर कफील की बर्खास्तगी की पुष्टि करते हुए पीटीआई-भाषा को बताया कि जांच में दोषी पाए जाने के बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।

अभी तक निलंबित चल रहे डा. कफील को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) कार्यालय से संबद्ध किया गया था। प्रमुख सचिव कुमार ने बताया कि यह मामला चूंकि अदालत में चल रहा है, इसलिये बर्खास्त किए जाने के संबंध में अदालत में जानकारी दी जाएगी।

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में अगस्त 2017 में आक्सीजन की कमी से कई बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद 22 अगस्त को डॉक्टर कफील को निलंबित कर दिया गया था। तभी से उनके खिलाफ जांच चल रही थी।

बताते चलें कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमीं से हुई मौतों को लेकर सूबे की योगी सरकार बुरी तरह घिर गई थी। 


चुनाव में हार के डर से सरकार ने कम किए पेट्रोल-डीजल के दाम, जनता नहीं भूलने वाली: मायावती

मायावती ने कहा कि अब ज़ल्दी ही कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी हार के डर से इनकी कीमतों में जो इन्होंने (भाजपा) थोड़ी कमी की है तो इसकी भी भरपाई यह पार्टी(भाजपा) चुनाव के बाद जनता से ब्याज़ सहित वसूल कर लेगी। इसे भी जनता को ज़रूर ध्यान में रखकर चलना चाहिए।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी तैयारी में जुट गई हैं। जाता मामले में बसपा चीफ ने सूबे की योगी और केंद्र की मोदी सरकार पर हाल ही में पेट्रोल डीजल के दाम कम किेए जाने को लेकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जनता ने जो दुख सहे हैं उन्हें कभी नहीं भूलने वाली।

मायावती ने कहा कि पिछले दिनों जिस प्रकार से हर दिन रिकॉर्ड तोड़ पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ी हैं और जिस प्रकार से देश में मंहगाई भी बढ़ी है, यह सब जनता आसानी से भुलाने वाली नहीं है। अब ज़ल्दी ही कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी हार के डर से इनकी कीमतों में जो इन्होंने (भाजपा) थोड़ी कमी की है तो इसकी भी भरपाई यह पार्टी(भाजपा) चुनाव के बाद जनता से ब्याज़ सहित वसूल कर लेगी। इसे भी जनता को ज़रूर ध्यान में रखकर चलना चाहिए।

मायावती ने अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव के लेकर कहा कि हुजन समाज पार्टी(BSP) किसी भी दूसरी पार्टी के साथ किसी भी प्रकार का कोई चुनावी समझौता नहीं करेगी। BSP अकेले अपने दम पर विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। हम सपा और भाजपा में कोई फर्क नहीं समझते है। ये दोनों पार्टी एक ही सिक्के के दो पहलू है। ये दोनों पार्टी चुनाव को हिंदू-मुस्लिम करना चाहती है। जैसे 2007 में हमें पूर्ण बहुमत मिला था, वैसे ही बहुमत हमें इस बार भी मिलने वाला है।


सीएम योगी ने फिर बोला विपक्षियों पर हमला, कहा-'पहले की सरकारें आतंकियों के केस वापस लेती थीं'

आज बदायूं में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारें आतंकवादियों का मुकदमा वापस लेती थीं, दंगाईयों को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्मानित किया जाता था लेकिन हमारी सरकार में आतंकवादियों को उनके लोक में पहुंचाने का कार्य होता है।

लखनऊ/बदायूं: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज एक बार फिर से सूबे की पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोला है। आज बदायूं में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारें आतंकवादियों का मुकदमा वापस लेती थीं, दंगाईयों को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्मानित किया जाता था लेकिन हमारी सरकार में आतंकवादियों को उनके लोक में पहुंचाने का कार्य होता है।

सीएम योगी ने रोजगार की बात करते हुए कहा कि पहले नौकरी निकलती थी और एक परिवार वसूली के लिए निकल जाता था। नियुक्ति के नाम पर पैसा वसूला जाता था लेकिन नियुक्ति नहीं होती थी क्योंकि धांधली के बाद कोर्ट स्टे लगा देता था। साढ़े चार साल में 4.5 लाख लोगों को नौकरी मिली है जिन पर कोई प्रश्न नहीं उठा सकता।

सीएम योगी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने कोरोना के समय मुफ़्त राशन दिया था। राज्य सरकार ने तय किया है कि इसे होली तक दिया जाए। इसके तहत अंत्योदय परिवार कार्ड धारकों को 35 किलो गेंहू या चावल दिया जाएगा साथ ही 1-1 किलो दाल, खाद्य तेल, चीनी और नमक हर परिवार को उपलब्ध कराया जाएगा।


लोगों को पलायन करने के लिए मजबूर करने वाले अपराधी खुद हो गए पलायन: CM योगी

विपक्षियों पर बिना नाम लिए हमला करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जब मुजफ्फरनगर में दो निर्दोष नौजवान मारे जाते हैं, जब वहां निर्दोष हिन्दुओं के घर जलाए जा रहे थे तब जातिवाद की राजनीति करने वालों को जाति नज़र नहीं आ रही थी। जो लोग कल तक मंदिर जाने में संकोच करते थे वो आज इतना बड़ा तिलक लगाते हैं जैसे ये ही सबसे बड़े हिन्दू हैं।

लखनऊ/कैराना: आज यूपी के सीएम  योगी आदित्यनाथ ने कैराना में विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया व लाभार्थियों को प्रमाण पत्र  बांटे। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा, "मैं 250 करोड़ रुपये की लागत से पीएसी की बटालियन की आधारशिला रखने यहां आया हूं।" 

सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर का दंगा हो या फिर कैराना का पलायन, ये हमारे लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि प्रदेश और देश की आन-बान और शान पर आने वाली आंच का मुद्दा रहा है। हम लोग जब सत्ता में नहीं थे तब भी हम कहते थे कि इस प्रकार की कायराना हरकतों को हम स्वीकार नहीं करेंगे।

सीएम योगी ने आगे कहा कि सत्ता में आए तो अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम शुरू हुआ। कैराना कस्बे में कभी यहां के नागरिकों और व्यापारियों को पलायन करने ​के लिए मजबूर करने वाले अपराधी पिछले साढ़े चार साल के अंदर खुद पलायन करने के लिए मजबूर हो गए।


विपक्षियों पर बिना नाम लिए हमला करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जब मुजफ्फरनगर में दो निर्दोष नौजवान मारे जाते हैं, जब वहां निर्दोष हिन्दुओं के घर जलाए जा रहे थे तब जातिवाद की राजनीति करने वालों को जाति नज़र नहीं आ रही थी। जो लोग कल तक मंदिर जाने में संकोच करते थे वो आज इतना बड़ा तिलक लगाते हैं जैसे ये ही सबसे बड़े हिन्दू हैं।


सीएम योगी का विपक्षियों पर हमला, कहा-‘कुछ लोगों ने रामपुर की विरासत खत्म करने का प्रयास किया’

अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारी में जुट चुकी हैं। इसी क्रम में आज रामपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षियों पर जमकर हमला बोला।

रामपुर: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारी में जुट चुकी हैं। इसी क्रम में आज  रामपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षियों पर जमकर हमला बोला।

सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि विकास योजनाओं को देते हुए आनंद की अनुभूति हो रही है, सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।कुछ लोगों ने रामपुर की विरासत को खत्म करने का प्रयास किया। भारत विरासत का देश है और हर हाल में दुनिया की सबसे प्राचीन विरासत को सुरक्षित और संरक्षित करने का दायित्व भी हम सब पर है। इन साढ़े चार साल में हमने प्रदेश में कानून का राज कायम किया। गुंडे माफिया प्रदेश छोड़कर भाग गए या जेल में बंद हैं। किसी भी भूमाफिया को गरीब, वंचित, व्यापारी एवं गरीब की संपत्ति को कब्जा नहीं करने देंगे, इसलिए हम यहां आए हैं।


सीएम योगी ने आगे कहा कि रामपुर विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बने, बिना भेदभाव के बड़े प्रोजेक्ट होंं, गरीब कल्याण की योजनाओं, कानून व्यवस्था को कायम रखने का प्रयास किया गया है। रामपुर जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बिना भेदभाव के विकास कराया गया है। चेहरा देखकर नहीं बल्कि पात्रों को योजनाओं का लाभ दिया गया। कोरोना काल में हमने अस्पताल में ही नहीं, जेलों में बंद लोगों का भी इलाज कराया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक श्रेष्ठ देश का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामपुर की बात करूं तो पिछले साढ़े चार वर्ष के दौरान तीन हजार करोड़ की परियोजनाओं को प्रदेश सरकार ने मंजूर किया है। बिलासपुर में 1700 करोड़ के रुपये के कार्यों को आगे बढ़ाया है। 240 कार्य मिलक में पूर हो चुके हैं।


योगी ने आगे कहा कि चमरौआ में 162 कार्य पूरे हो चुके हैं। रामपुर में 402 करोड़ के विकास की कार्य की स्वीकृति हो चुकी है। 21 कार्य पूरे हो चुके हैं। विकास के नाम पर कोई भेदभाव नहीं किया गया। तुष्टीकरण के नाम पर कोई खिलवाड़ नहीं, यही सरकार की नीति रही है। आपके रामपुर जनपद में 143 माफिया के खिलाफ कार्रवाई हुई है। 614 हेक्टेयर भूमि को मुक्त कराया गया। सरकार ने चीनी मिल को तेजी से आगे बढ़ाने का काम किया है। जर्जर चीनी मिलों पर काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने रामपुर में विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव के शासन की योजना का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक कैसे पहुंचे, तब सरकार इस मंशा से काम करती है तो गरीबों को अन्य योजनाओं का लाभ मिलता है। किसी मजहब, जाति के नाम पर भेदभाव नहीं हो, यह सरकार की स्‍पष्‍ट मंशा है। कहा, भारत विरासत का देश है। दुनिया सबसे प्राचीन विरासत को सुरक्षित और संरक्षित करने का दायित्व भी हम सब पर है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज एक श्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इसी का परिणाम है कश्मीर में धारा 370 की समाप्ति होना।


कानपुर में जीका वायरस का कहर, अबतक 79 मामले आए सामने

सीएमओ नेपाल सिंह ने बताया कि कानपुर में जीका वायरस के 79 मामले सामने आए हैं। 100 टीमें निगरानी कर रही हैं, जो घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की लाइन लिस्टिंग कर रही हैं। 100 टीमें छिड़काव कर रही हैं। 50 टीमें सैंपल लेने का काम कर रही हैं।

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में जीका वायरस के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। उर्सला अस्पताल के CMS डॉ. अनिल निगम ने बताया, "कानपुर में जीका वायरस के मामले बढ़ने के बाद नगर निगम लगातार सफाई का काम कर रहा है।" 

अनिल निगम ने आगे बताया कि हालात को देखते हुए लोगों के घरों के बाहर जमा हुआ पानी हटाना, घरों के बाहर स्प्रे और घरों का सर्वे किया जा रहा है। अस्पताल में कुल 10 बेड का वार्ड बनाया गया है। अभी हमारे अस्पताल में जीका वायरस का एक भी मामला नहीं आया है।

जिले के सीएमओ नेपाल सिंह ने बताया कि कानपुर में जीका वायरस के 79 मामले सामने आए हैं। 100 टीमें निगरानी कर रही हैं, जो घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की लाइन लिस्टिंग कर रही हैं। 100 टीमें छिड़काव कर रही हैं। 50 टीमें सैंपल लेने का काम कर रही हैं।

गर्भवती महिलाओं को ज्यादा खतरा


कानपुर में जीका वायरस के बढ़ते मामलों ने दिल्ली-एनसीआर में रहने वालों की भी चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टरों का कहना है कि जब कानपुर में जीका वायरस फैल सकता है, तो दिल्ली-एनसीआर भी खतरे से बाहर नहीं है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि डेंगू फैलाने वाले एडिस मच्छरों से ही जीका वायरस भी एक से दूसरे इंसान में फैलता है और दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों डेंगू के मामले काफी बढ़े हुए हैं। 

यही नहीं, जीका वायरस डेंगू और कोविड की तुलना में कहीं ज्यादा खतरनाक भी है। लेकिन सबसे ज्यादा प्रेग्नेंट महिलाओं को इससे खतरा है। गर्भ में पल रहे बच्चे का ब्रेन डिवेलपमेंट तक इससे प्रभावित हो जाता है।

जीका वायरस के लक्षण

बुखार रहना

नाक बहना

सिरदर्द

रैशेज होना

कंजेक्टिवाइटिस

जॉइंट्स पेन


सीएम योगी ने विपक्षियों पर बोला हमला, कहा-'संकट के समय घर बैठने वालों को चुनाव में भी बैठना चाहिए घर'

सीएम योगी ने आगे कहा कि कोरोना के दौरान मैं आपके ज़िले में दो बार आया था, हमारे विधायक, सांसद पूरी मेहनत से ज़िला प्रशासन और कोरोना वॉरियर्स के साथ मिलकर जनता की सेवा कर रही थी लेकिन दूसरे दल के लोग होम आइसोलेशन में थे।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और सूबे के सियासी गलियारों में अभी से ही गर्माहट देखने को मिल रही है। ताजा मामले में एक बार फिर से सूबे के सीएम योगी ने विपक्षियों पर करारा हमला बोला है।


सीएम योगी ने इटावा में केंद्रीय कारागार व विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जो आपके संकट के समय में घर में दुबक कर बैठ जाएं तो चुनाव में  भी उनको घर में ही दुबक कर बैठने की आवश्यकता है, जो आपके दुख में सहभागी नहीं हो सकते है उनको वक्त आने पर उसी प्रकार से जवाब देनी की आवश्यकता है जैसे वे लोग आपके संकट के समय में घर तक सीमित थे।

सीएम योगी ने आगे कहा कि कोरोना के दौरान मैं आपके ज़िले में दो बार आया था, हमारे विधायक, सांसद पूरी मेहनत से ज़िला प्रशासन और कोरोना वॉरियर्स के साथ मिलकर जनता की सेवा कर रही थी लेकिन दूसरे दल के लोग होम आइसोलेशन में थे।


आज 9 लाख दीपों से जगमगाएगी राम नगरी अयोध्या, डिप्टी CM दिनेश शर्मा ने 'शोभायात्रा' को झंडी दिखाकर किया रवाना

सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस साल अयोध्या में 9 लाख दीपक प्रज्वलित होंगे। ये 9 लाख दीपक उन घरों का प्रतीक है, जिन्हें PM आवास योजना शहरी में ग्रह प्रवेश कराया गया है। अब तक हम 45 लाख गरीबों को शहर और ग्रामीण में आवास उपलब्ध करवा चुके हैं। वहीं, अयोध्या में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भव्य दीपोत्सव के अवसर पर 'शोभायात्रा' को झंडी दिखाकर रवाना किया।

अयोध्या: राम नगरी अयोध्या में आज "राम की पैड़ी" पर होने वाले दीपोत्सव कार्यक्रम के लिए दीपों को तैयार कर लिया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस साल अयोध्या में 9 लाख दीपक प्रज्वलित होंगे। ये 9 लाख दीपक उन घरों का प्रतीक है, जिन्हें PM आवास योजना शहरी में ग्रह प्रवेश कराया गया है। अब तक हम 45 लाख गरीबों को शहर और ग्रामीण में आवास उपलब्ध करवा चुके हैं। वहीं, अयोध्या में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भव्य दीपोत्सव के अवसर पर 'शोभायात्रा' को झंडी दिखाकर रवाना किया।

राम की पैड़ी पर आयोजित इस भव्‍य दीपोत्‍सव कार्यक्रम में 36 हजार लीटर तेल का इस्‍तेमाल होगा। 12 हजार वॉलिंटियर आज एक नया वर्ल्‍ड रिकार्ड बनाएंगे जिसे दुनिया के कोने-कोने से लोग देखेंगे। बता दें कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सूबे की सत्‍ता संभालने के बाद पहले साल में ही यानी 2017 में ही दीपोत्‍सव कार्यक्रम की शुरुआत की थी। उस साल करीब 1.80 लाख दीये जलाए गए थे। 2018 में दीयों की संख्‍या बढ़कर 3,01,152 हो गई। इसी तरह 2019 में भी संख्‍या बढ़ी। इस बार 5.50 लाख दीये जलाए गए। 2020 में 5.51 लाख दीये जले और इस साल साढ़े सात लाख दीयों से पूराने सारे रिकार्ड तोड़े जाने हैं। इसके साथ ही योगी सरकार एक नया कीर्तिमान भी बनाएगी। 


रामपैड़ी के 32 घाटों पर मंगलवार को निर्धारित संख्या में नौ लाख दीये को विधिपूर्वक बिछाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया। दीपोत्सव का मुख्य पर्व हनुमान जयंती के अवसर पर बुधवार को मनाया जाएगा। इस दीपोत्सव के मुख्य अतिथि केन्द्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी होंगे। इस मौके पर राज्यपाल व मुख्यमंत्री समेत केन्या, वियतनाम व ट्रिनिडाड-टुबैगो के राजनयिक भी मौजूद रहेंगे।

200 समन्वयक, 32 पर्यवेक्षक और 32 प्रभारी की नियुक्ति

अवध विश्वविद्यालय प्रशासन ने 12 हजार वालंटियर के सहयोग से घाट समन्वयक एवं प्रभारी के दिशा-निर्देशन में दूसरे दिन मंगलवार को निश्चित पैटर्न पर दीए बिछाने का कार्य पूरा कर लिया। इन दीयों में बुधवार को ही तेल डालने और जलाने का काम होगा इस बार के दीपोत्सव में 32 घाटों पर लगभग दो सौ समन्वयक, 32 पर्यवेक्षक एवं 32 प्रभारी नियुक्त किए है। दीपोत्सव में प्रत्येक वालंटियर को लगभग 75 दीए जलाने का लक्ष्य दिया गया है। पूर्वाह्न नौ बजे से घाटों पर वालंटियर अपने घाटों पर मुस्तैद रहे और सुनिश्चित पैटर्न पर दीए लगाने का कार्य शुरू कर दिया।


सीएम योगी ने दी दीपावली की बधाई, सरकारी कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को सौंपी ये जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों को दीपावली को बधाई दी है साथ ही उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और नेताओं को एक जिम्मेदारी भी सौंपी है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों को दीपावली को बधाई दी है साथ ही उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और नेताओं को एक जिम्मेदारी भी सौंपी है।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक बधाई। मेरी सभी जनप्रतिनिधियों से अपील हैं कि वे सब एक-एक घर को अपनाएं और उन घरों में दीप जलाने और मिठाई प्रदान करने में अपना योगदान दें, उन परिवारों के बच्चों को भी दीपावली का उपहार दें।

सीएम योगी ने आगे कहा कि प्रदेश में हमारे पास साढ़े 16 लाख सरकारी कर्मचारी हैं और 4 लाख पुलिस बल हैं। उन सभी से अपील हैं कि एक परिवार को इस अवसर पर गोद लेकर अपनी दीपावली उनके साथ मनाएं।


उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एक बड़ी चुनौती: CM योगी

अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है। इसमें क़ानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एक बड़ी चुनौती है। हमारी सरकार अपराधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति रखती है। पुलिस कठिन परिस्थितयों में भी रात-दिन अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि मानकर काम करती है।

मुरादाबाद: आज उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ मुरादाबाद के बी. आर. अंबेडकर पुलिस अकादमी में 86वें पुलिस उपाधीक्षकों की पासिंग आउट परेड में शामिल हुए।

इस मौके पर अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है। इसमें क़ानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एक बड़ी चुनौती है। हमारी सरकार अपराधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति रखती है। पुलिस कठिन परिस्थितयों में भी रात-दिन अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि मानकर काम करती है।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में तकनीक की मदद से ही अपराध को रोक सकते हैं। इसको देखते हुए लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस की स्थापना की जा रही है। इस संस्थान के बनने के बाद फॉरेंसिक साइंस प्रशिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि होगी


आज अयोध्या दौरे पर सीएम योगी, अफगान से आये जल से करेंगे रामलाल का जलाभिषेक

सीएम योगी काबुल नदी के जल में गंगा जल में मिलाकर राम लला का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद 3 नवंबर को होने वाले दीपोत्सव की तैयारियों का जायजा भी लेंगे।

लखनऊ/अयोध्या: आज उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ एक बार फिर से राम नगरी अयोध्या के दौरे पर हैं। सीएम योगी अयोध्या राम लला को चढ़ाने के लिए अफगानिस्तान से आया काबुल नदी का जल भी साथ ले जाएंगे। सीएम वहां भगवान रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन करेंगे। 

सीएम योगी काबुल नदी के जल में  गंगा जल में मिलाकर राम लला का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद 3 नवंबर को होने वाले दीपोत्सव की तैयारियों का जायजा भी लेंगे। दरअसल, अफगानिस्तान की एक लड़की ने यह जल भेजा है। उसने पीएम मोदी से राम लला पर चढ़वाने का अनुरोध किया था। 

इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोबर से बने दीयों से भरा वाहन वाहन अयोध्‍या रवाना किया। इन दीयों को राष्ट्रीय गौधन महासंघ ने एक लाख 11 हजार गायों के गोबर से तैयार कराया है। जिनमे से शनिवार को एक हजार दियों को अयोध्या भेजा गया। 

अपने आवास से दीयों से भरे वाहन को अयोध्‍या रवाना करने के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के साथ साथ अपने त्योहार को मनाया जा सकता है। दीपोत्सव के माध्यम से हम एक तरफ गायों की रक्षा कर सकेंगे तो दूसरी तरफ पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए अपना त्‍योहार भी धूमधाम से मना सकेंगे। 

उन्होंने कहा कि इस बार एक अच्छा संयोग बन रहा है कि भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा तो दूसरी तरफ पवित्र गाय के गोबर से प्रदेश में दीपोत्सव मनाया जायेगा। 


सरदार पटेल की जयंती: सीएम योगी ने दी लौहपुरुष को श्रंद्धाजलि, कही ये बड़ी बात

उन्होंने कहा, “इस अवसर पर सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि और उनके राष्ट्रीय एकता और अखंडता के कार्य को स्मरण करता हूं।”

लखनऊ: आज लौहपुरुष सरदार पटेल को जयंती हैं। इस दिन को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में भी बनाया जाता है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से 75 मोटरसाइकिल सवारों की रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

उन्होंने कहा, “इस अवसर पर सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि और उनके राष्ट्रीय एकता और अखंडता के कार्य को स्मरण करता हूं।”

सीएम योगी ने आगे कहा कि भारत को कमज़ोर करने के लिए रियासतों के ऊपर निर्णय छोड़ा था कि या तो वे भारत में विलय करें या पाकिस्तान में जाएं या स्वतंत्र देश बनाएं। लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल के भारत के एकीकरण के अभियान से वे स्वतंत्र भारत के एकता और अखंडता के शिल्पी माने गए।


आज भारतीयों को पूरी दुनिया में मिल रहा सम्मान: CM योगी

उन्होंने कहा कि 2017 के पहले आप पहले कहीं जाते थे तो पहचान का संकट होता था। लोग हेय दृष्टि से देखते और डरते थे, होटल और धर्मशाला में कमरा नहीं देते थे। आज देश-दुनिया में कहीं जाइए लोग बड़े सम्मान से बैठाएंगे। 360 डिग्री का परिवर्तन आया है।

गोरखपुर: आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अपने गृह जनपद गोरखपुर के दौरे पर हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सीएम योगी लगातार जनसभाएं कर रहे हैं। इसी क्रम में आज योगी ने गोरखपुर में जनसभा की।

लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने सवालिया लहजे में लोगों से पूछा कि क्या पहले किसी प्रधानमंत्री को वैक्सीन सेंटर का दौरा करते देखा? कोरोना के दौरान राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद किया था... कोरोना के दौरान कांग्रेस, SP, BSP किसी का भी अता-पता नहीं था, तब सिर्फ केंद्र और राज्य सरकार या फिर RSS था।

उन्होंने आगे कहा कि 2017 के पहले आप पहले कहीं जाते थे तो पहचान का संकट होता था। लोग हेय दृष्टि से देखते और डरते थे, होटल और धर्मशाला में कमरा नहीं देते थे। आज देश-दुनिया में कहीं जाइए लोग बड़े सम्मान से बैठाएंगे। 360 डिग्री का परिवर्तन आया है।


मिशन यूपी: शिवपाल यादव का बड़ा दावा, कहा-'नेता जी मेरे साथ, मेरे लिए करेंगे प्रचार'

आज प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव मैंने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) से बात की, उन्होंने पूछा कब एक हो रहे हो? मैंने कहा अखिलेश को बुला लो हम 3 लोग बात कर लेंगे। नेताजी ने कहा कि अगर वे (अखिलेश यादव) मान लेंगे तो ठीक है नहीं तो मैं आपका प्रचार करूंगा।

मेरठ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और सूबे की सियासी गलियारों में गर्माहट देखने को मिल रही है। इस बार भी राजनीतिक जानकारों के लिए एक बात सोचने के लिए मजबूर कर रही है कि क्या अखिलेश यादव और शिवपाल यादव एक साथ आएंगे या नहीं।

इस बाबत आज प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव मैंने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) से बात की, उन्होंने पूछा कब एक हो रहे हो? मैंने कहा अखिलेश को बुला लो हम 3 लोग बात कर लेंगे। नेताजी ने कहा कि अगर वे (अखिलेश यादव) मान लेंगे तो ठीक है नहीं तो मैं आपका प्रचार करूंगा।


यूपी के CM योगी ने किया LDA आयोजित 'दीपावली मेले' का शुभारंभ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ नगर निगम द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय 'भव्य दीपावली मेला' का शुभारंभ किया। सीएम योगी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दीपावली मेले में लगाए गए स्टाल का जायज़ा लिया।

लखनऊ: लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ नगर निगम द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय 'भव्य दीपावली मेला' का शुभारंभ किया। सीएम योगी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दीपावली मेले में लगाए गए स्टाल का जायज़ा लिया।

इस मौके पर सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि विगत साढ़े 4 वर्षों में हमने प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में 43 लाख परिवारों को 1-1 आवास उपलब्ध कराया है। ये आवास आज़ादी के बाद जिन लोगों ने शासन किया, वो लोग भी उपलब्ध करा सकते थे लेकिन गरीब के लिए उनके मन में संवेदना नहीं थी।

सीएम योगी ने आगे कहा कि हमने 2 करोड़ 61 लाख को एक-एक शौचालय, 1 करोड़ 41 लाख परिवारों को फ्री बिजली कनेक्शन, 1 करोड़ 56 लाख परिवारों को PM उज्ज्वल योजना में मुफ्त गैस कनेक्शन दिया। हमारे लिए प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी ही हमारा परिवार है लेकिन पहले की सरकारों के लिए स्वयं का खानदान ही प्रदेश था।

गौरतलब है कि अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं। लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां प्रचार प्रसार में जुट चुकी हैं।


मिशन यूपी: BJP ने 30 लाख बूथ वर्कर्स को भेजे गिफ्ट

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बूथ प्रबंधन पर जोर दिया था और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के घर जाकर, भोजन करके एक परिवारिक माहौल बनाने की कोशिश की थी। अमित शाह ने प्रदेश के हर क्षेत्र में बूथ स्तर के सम्‍मेलनों को भी संबोधित किया।

लखनऊ: यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में भाजपा ने खुद को बूथ स्तर तक मजबूत करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी को देखते हुए भाजपा ने अपने तीस लाख बूथ कार्यकर्ताओं को दीपावली के उपहार भेजे हैं।

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बूथ प्रबंधन पर जोर दिया था और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के घर जाकर, भोजन करके एक परिवारिक माहौल बनाने की कोशिश की थी। अमित शाह ने प्रदेश के हर क्षेत्र में बूथ स्तर के सम्‍मेलनों को भी संबोधित किया। 

उसी क्रम में पार्टी ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को दीपावली का उपहार भेजा है। शुक्रवार को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह लखनऊ आ रहे हैं और उनकी सभा भी आयोजित की गई है। राज्‍य में एक लाख 63 हजार बूथ हैं और भाजपा ने डेढ़ लाख से अधिक बूथों पर 20-20 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।

बता दें कि यूपी में भाजपा के 30 लाख से अधिक बूथ स्तर के कार्यकर्ता हैं। पार्टी ने बूथ कमेटी के सभी सदस्यों को उपहार भेजा है। उपहार के पैकेट में तोरण द्वार और कमल दीपक है। कमल दीपक मिट्टी का दीया है जो भाजपा के चुनाव चिह्न कमल के आकार का है।

भाजपा के प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने बृहस्पतिवार को से कहा कि हम सब एक साथ काम करते हैं और बूथ कार्यकर्ता भाजपा परिवार की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। दीपावली पर उपहार देने की परंपरा रही है इसलिए पार्टी ने 30 लाख से अधिक बूथ कार्यकर्ताओं को दीपावली का उपहार भेजा है।

पाठक से जब पूछा गया कि क्या उपहार के जरिए भी चुनाव प्रचार हो रहा है तो उन्होंने कहा, 'पार्टी का पूरा ध्यान 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर है और चुनाव चिह्न जन-जन के बीच ले जाना स्वाभाविक प्रक्रिया है। कमल का दीपक जलेगा तो न केवल अंधेरा मिटेगा बल्कि यह विश्वास भी मजबूत होगा कि मोदी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) और योगी (मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ) की सरकारों ने विकास योजनाओं की जो कड़ी शुरू की है, उस श्रृंखला को और आगे बढ़ाया जाएगा और उन्हें तेजी से पूरा किया जाएगा।'

भारतीय जनता पार्टी ने 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार के खिलाफ परिवर्तन की मुहिम शुरू की और राज्य में चार दिशाओं से परिवर्तन यात्राएं निकालकर अपना संकल्प दोहराया था। उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा और सहयोगी दलों को 325 सीटों पर विजय मिली। इस जीत के पीछे भाजपा के बूथ प्रबंधन की रणनीति को ही राजनीतिक विश्लेषकों ने सबसे कारगर माना था।


लोगों ने 2014 के बाद बदलते भारत को देखा है: योगी आदित्यनाथ

उन्होंने कहा कि 2014 से पहले चीन, पाकिस्तान या अन्य कोई देश भारत के अंदर अतिक्रमण करते थे तो उस समय सभी लोग मौन बने रहते थे और कहते थे कि हमें इस अतिक्रमण का विरोध इसलिए नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे हमारे संबंधों पर असर पड़ेगा।

नई दिल्ली: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और सूबे के सियासी गलियारों में गर्माहट देखने को मिल रही है। भाजपा हर वो मुद्दे विधानसभा चुनाव में भुनाना चाहती है जो काम केंद्र की मोदी सरकार ने किया हो।

ताजा मामले में विपक्षियों पर बिना नाम लिए हमला बोलते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यानथ ने हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले चीन, पाकिस्तान या अन्य कोई देश भारत के अंदर अतिक्रमण करते थे तो उस समय सभी लोग मौन बने रहते थे और कहते थे कि हमें इस अतिक्रमण का विरोध इसलिए नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे हमारे संबंधों पर असर पड़ेगा।

उन्होंने आगे कहा कि 2014 के बाद से आप ने बदलते हुए भारत को देखा है। ना ही केवल वैश्विक मंच पर भारत की पहचान बनी है बल्कि आज भारत अपनी परंपरागत पहचान को बनाए रखते हुए दुनिया में एक ताक़त के रूप में उभरा है।


यूपी में लगातार दूसरे दिन IAS और IPS अधिकारियों के तबादले

योगी सरकार ब्‍यूरोक्रेसी और पुलिस महकमे की वर्किंग को चाक चौबंद करने के इरादे से सरकार अधिकारियों के ताबड़तोड़ तबादले कर रही है। लगातार दूसरे दिन यूपी में आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। लखीमपुर खीरी सहित कई जिलों के कलेक्‍टर भी बदल दिए गए हैं।

लखनऊ: यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे सीएम योगी आदित्‍यनाथ पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली और छवि को लेकर लगातार एक्‍शन में हैं। ब्‍यूरोक्रेसी और पुलिस महकमे की वर्किंग को चाक चौबंद करने के इरादे से सरकार अधिकारियों के ताबड़तोड़ तबादले कर रही है। लगातार दूसरे दिन यूपी में आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। लखीमपुर खीरी सहित कई जिलों के कलेक्‍टर भी बदल दिए गए हैं।

राजेश कुमार श्रीवास्‍तव को पुलिस अधीक्षक/ अपर पुलिस अधीक्षक, अपराध, अलीगढ़ के पद से सेनानायक 41 वीं वाहिनी, पीएससी गाजियाबाद के पद पर स्‍थानांतरित किया गया है। त्रिभुवन सिंह को पुलिस अधीक्षक/ अपर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, जौनपुर से सेनानायक, 30 वीं वाहिनी, पीएसी गोंडा के पद पर भेजा गया है। शशिकांत को पुलिस अधीक्षक/ स्‍टाफ ऑफिसर, एडीजी जोन, लखनऊ के पद से पुलिस अधीक्षक, लोक शिकायत, मुख्‍यालय पुलिस महानिदेशक, लखनऊ के पद पर भेजा गया है। रामसेवक गौतम पुलिस अधीक्षक/ अपर पुलिस अधीक्षक, यातायात गोरखपुर के पद से पुलिस उपायुक्‍त, वाराणसी कमिश्‍नरेट के पद पर स्‍थानांतरित किए गए हैं।

अजीत कुमार सिन्‍हा को पुलिस अधीक्षक, क्षेत्रीय अभिसूचना, प्रयागराज के पद से पुलिस अधीक्षक कानपुर आउटर के पद पर भेजा गया है। अवधेश सिंह को पुलिस अधीक्षक/ अपर पुलिस अधीक्षक, उत्‍तरी बाराबंकी के पद से पुलिस अधीक्षक रेलवे गोरखपुर के पद पर भेजा गया है। पंकज कुमार पांडेय को पुलिस अधीक्षक/ अपर पुलिस नगर आजमगढ़ के पद से पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्‍यालय लखनऊ के पद पर भेजा गया है। डा.श्रीप्रकाश द्विवेदी को पुलिस अधीक्षक/ अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी, प्रतापगढ़ के पद सो पुलिस अधीक्षक, उत्‍तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड, लखनऊ के पद पर स्‍थानांतरित किया गया है। अष्‍टभुजा प्रसाद सिंह का तबादला पुलिस अधीक्षक कानपुर आउटर के पद से पुलिस अधीक्षक मुख्‍यालय पुलिस महानिदेशक, लखनऊ के पद पर किया गया है। 


कई जिलों के कलेक्‍टर बदले

उधर, योगी सरकार ने कई आईएएस अफसरों के तबादले भी कर दिए हैं। इनमें सबसे ज्‍यादा चर्चा लखीमपुर खीरी के कलेक्‍टर को हटाए जाने को लेकर है। इस कार्रवाई को लोग तीन अक्‍टूबर की हिंसा और उसके बाद हालात को संभालने में प्रशासन की नाकामी से जोड़कर देख रहे हैं। महेन्‍द्र बहादुर सिंह लखीमपुर खीरी के नए कलेक्‍टर होंगे। इसके साथ ही योगी सरकार ने 12 अन्‍य आईएएस अफसरों के भी तबादले किए हैं।

तबादला सूची के अनुसार एडी सूडा आलोक सिंह को ललितपुर का नया कलेक्‍टर बनाया गया है। चंद्रभूषण त्रिपाठी हमीरपुर के नए कलेक्‍टर होंगे। अरुण कुमार को मऊ जिले का नया कलेक्‍टर बनाया गया है। अमेठी में शेषमणि पांडेय की तैनाती नए कलेक्‍टर के रूप में की गई है। जबकि अविनाश कृष्‍ण सिंह को मैनपुरी का कलेक्‍टर बनाया गया है। 


मिशन यूपी: सीएम योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, कहा-हम कहते हैं ‘सबका साथ, सबका विकास’ और वो कहते थे 'मेरा परिवार, मेरा विकास'

उन्होंने कहा कि हमारे लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है, पहले की सरकारों में अपना परिवार ही प्रदेश होता था। हम कहते हैं ‘सबका साथ, सबका विकास’ और वो कहते थे मेरा परिवार, मेरा विकास। उनकी सोच आपराधिक मानसिकता की थी, उनकी सोच भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की थी।

लखनऊ/भदोही: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों ने प्रचार प्रसार के साथ-साथ एक दूसरे पर हमला बोलना भी शुरू कर दिया है।

इसे कड़ी में आज भदोही पहुंचे सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर से विपक्षियों पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है, पहले की सरकारों में अपना परिवार ही प्रदेश होता था। हम कहते हैं ‘सबका साथ, सबका विकास’ और वो कहते थे मेरा परिवार, मेरा विकास। उनकी सोच आपराधिक मानसिकता की थी, उनकी सोच भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की थी।


'एक जनपद, एक उत्पाद' का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि एक जनपद, एक उत्पाद के माध्यम से भदोही की कालीन आज दुनिया के मंच पर छाया हुआ है। भदोही भी आज एक निर्यात का हब बन रहा है जिससे हज़ारों नौजवानों की रोजगार की संभावनाएं खुल रही है। विकास की बड़ी-बड़ी परियोजनाएं यहां आ रही हैं।

सीएम योगी ने कहा कि जनपद भदोही में जनप्रतिनिधियों के प्रयास व प्रशासन के सफल क्रियान्वयन से आज ₹373 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास हो रहा है। इसके लिए मैं मां गंगा के आंचल में बसे इस जनपद के निवासियों को हृदय से बधाई व शुभकामनाएं देता हूँ।


सीएम ने आगे कहा कि जनपद भदोही आज एक नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। 'एक जनपद, एक उत्पाद' के माध्यम से भदोही की कालीन आज वैश्विक मंच पर धूम मचा रही है। यह जनपद एक एक्सपोर्ट हब बन रहा है। इसके माध्यम से हजारों युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं विकसित हो रही हैं। 

उन्होंने आगे कहा कि विकास ही आपके जीवन में परिवर्तन और खुशहाली लाएगा। इसी विकास के लिए आपका अभिनंदन करने और दीपावली से पहले आपको बधाई देने आए हैं।


'फैजाबाद रेलवे जंक्शन' का नाम बदलकर योगी सरकार ने किया 'अयोध्या कैंट', केंद्र ने भी दी मंजूरी

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी की गई सूचना के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैज़ाबाद रेलवे जंक्शन का नाम बदलकर

अयोध्या: जिले का नाम बदलने के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में फैजाबाद जंक्शन का नाम बदलकर अयोध्या जंक्शन रखने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी की गई सूचना के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैज़ाबाद रेलवे जंक्शन का नाम बदलकर "अयोध्या कैंट" रखने का फ़ैसला लिया है। योगी सरकार के फैसले पर केंद्र सरकार ने भी मुहर लगा दी है।




बता दें कि सूबे की योगी सरकार अबतक इलाहाबाद, फैजाबाद समेत कई जिलों के नाम बदल चुकी है और अलीगढ़, फिरोजाबाद समेत कई जिलों के नाम बदलने की तैयारी अंतिम चरण में है। इतना ही नहीं की रेलवे स्टेशन के भी नाम योगी सरकार द्वारा बदले जा चुके हैं।


चॉकलेट पटाखे: इस दीवाली पटाखे फोड़ो नहीं बल्कि खाओ

महिला ने बताया, "प्रदूषण बहुत फैल रहा है इसलिए पटाखे जलाएं नहीं बल्कि उसे खाएं। इसे मैंने लॉकडाउन में बनाना शुरू किया था। चॉकलेट पटाखे मैंने हल्दी और केसर से बनाए हैं इसलिए यह इम्युनिटी बूस्टर भी है।"

मुरादाबाद: दीपावली रोशनी का त्योहार है। इस दिन या फिर यह कहें कि दीवाली की रात्रि जमकर आतिशबाजी की जाती है और पटाखे, फुलझड़ी जलाई जाती है। लेकिन उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की रहने वाली एक महिला ने चॉकलेट पटाखा बनाया है। इस पटाखे को फोड़ने की जगह खाया जाएगा।


महिला ने बताया, "प्रदूषण बहुत फैल रहा है इसलिए पटाखे जलाएं नहीं बल्कि उसे खाएं। इसे मैंने लॉकडाउन में बनाना शुरू किया था। चॉकलेट पटाखे मैंने हल्दी और केसर से बनाए हैं इसलिए यह इम्युनिटी बूस्टर भी है।"


लखीमपुर हिंसा: जांच टीम के अध्यक्ष समेत 6 IPS का तबादला

उपेंद्र अग्रवाल को डीआईजी देवीपाटन रेंज बनाया गया है। अभी वह पुलिस उपमहानिरीक्षक मुख्यालय पर तैनात थे। हालांकि, लखीमपुर खीरी मामले की जांच करते रहेंगे या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच टीम अध्यक्ष उपेंद्र अग्रवाल सहित छह आईपीएस के ट्रांसफर कर दिए गए हैं। उपेंद्र अग्रवाल को डीआईजी देवीपाटन रेंज बनाया गया है। अभी वह पुलिस उपमहानिरीक्षक मुख्यालय पर तैनात थे। हालांकि, लखीमपुर खीरी मामले की जांच करते रहेंगे या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। 


उपेंद्र के अलावा जिन आईपीएस के तबादले हुए हैं कि उनमें संजीव गुप्ता, अनिल राय, केपी सिंह, राजेश मोदक और राकेश सिंह के शामिल हैं। यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी की तरफ से इससे जुड़े आदेश जारी किया है। डॉक्टर संजीव गुप्ता आईजी लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह अयोध्या रेंज में पुलिस महानिदेशक के पद पर तैनात थे।

वहीं, अनिल कुमार राय को बस्ती से आईजी पीएसी सेंट्रल जोन, कविंद्र प्रताप सिंह को प्रयागराज से आईजी अयोध्या रेंज, राजेश मोदक को लखनऊ से आईजी बस्ती रेंज और राकेश सिंह को देवीपाटन रेंज से आईजी प्रयागराज रेंज बनाए गए हैं।

इससे पहले माह की शुरुआत में राज्य में 7 आईपीएस अधिकारियों का तबादला हुआ था। इसमें पुलिस अधीक्षक भदोही, पुलिस अधीक्षक बदायूं, पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के साथ-साथ अपर पुलिस उपायुक्त (कानपुर) का तबादला हुआ था।


सीएम योगी की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही, कार्यक्रम में पिस्तौल लेकर घुसा शख्स, 4 पुलिसकर्मी निलंबित

बस्ती के पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया, “बस्ती जिले में तैनात चारों पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है। बाकी तीन पुलिसकर्मियों से जुड़ी रिपोर्ट संबंधित पुलिस अधीक्षकों को भेजी गई है। विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”

बस्ती: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा व्यस्वस्था में हुई चूक को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसके चलते चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिए गया है। बता दें कि सीएम योगी बस्ती जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचना था। उनसे पहले वहां एक शख्स लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर ऑडिटोरियम में घुस गया। हालांकि पुलिस ने सीएम के वहां पहुँचने पहले उसे धर दबोचा, लेकिन सुरक्षा व्यस्वस्था में हुई इस चूक के चलते चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

मामले में बस्ती के एसपी ने कहा, “बस्ती जिले में मुख्यमंत्री का वीआईपी कार्यक्रम था, जहां उनके आने से 45 मिनट पहले, एक व्यक्ति अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर के साथ ऑडिटोरियम में घुस आया था। वहां ड्यूटी पर मौजूद सर्कल अफसर ने उसे देख लिया, जिसके बाद शख्स को बाहर निकाला गया।” 


उन्होंने आगे बताया कि, “इस मामले में 4 पुलिसकर्मियों समेत 7 पुलिसकर्मी की लापरवाही भी उजागर हुई है, जिनमें से दो की तैनाती सिद्धार्थनगर और एक संतकबीर नगर में है।” पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया, “बस्ती जिले में तैनात चारों पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है। बाकी तीन पुलिसकर्मियों से जुड़ी रिपोर्ट संबंधित पुलिस अधीक्षकों को भेजी गई है। विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”


मिशन यूपी: प्रसपा चीफ शिवपाल का वादा-'सत्ता में आए तो हर घर मे एक सदस्य को सरकारी नौकरी, 300 यूनिट तक फ्री बिजली'

अपनी सामाजिक परिवर्तन यात्रा के तहत कौशांबी आए शिवपाल ने मंझनपुर तहसील के कोडर गांव में आयोजित जनसभा में कहा, हमारी पार्टी की सरकार बनी, तो हम प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को कानून बनाकर सरकारी नौकरी देंगे।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और सभी राजनीतिक पार्टियां जनता को रिझाने में जुटी हुई हैं। इसी क्रम में प्रसपा चीफ शिवपाल यादव ने वादा किया है कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो  हर घर में एक शख्स को सरकारी नौकरी मिले ऐसा कानून बनाएंगे।


प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने गुरुवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की सरकार बनने पर कानून बनाकर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। 

अपनी सामाजिक परिवर्तन यात्रा के तहत कौशांबी आए शिवपाल ने मंझनपुर तहसील के कोडर गांव में आयोजित जनसभा में कहा, हमारी पार्टी की सरकार बनी, तो हम प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को कानून बनाकर सरकारी नौकरी देंगे। इसके अलावा हर परिवार को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी और स्नातक बेरोजगार को स्वरोजगार के लिए पांच लाख रुपये दिए जाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपना एक भी चुनावी वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा इस पार्टी (भाजपा)के शासन में पूरे देश के मजदूर, किसान, नौजवान और व्यापारी परेशान हैं। किसान नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 10 माह से आंदोलन कर रहे हैं। 

शिवपाल ने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि समान विचारधारा वाले दल एक साथ मिलकर भाजपा को सत्ता से हटाने का काम करें। शिवपाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों और फैसलों के कारण उद्योग धंधे बंद होने की कगार पर हैं और प्रदेश में बिजली का संकट बढ़ गया है।


लखीमपुर हिंसा के बाद आगरा कांड पर फिर प्रियंका गांधी के सामने झुकी योगी सरकार

प्रशासन द्वारा पांच लोगों के साथ आगरा जाने की अनमुति दिए जाने के बाद प्रियंका गांधी शाम को रिजर्व पुलिस लाइंस लखनऊ से निकलीं। इससे पहले आगरा जाते समय उन्हें रोक लिया गया था।

लखनऊ: लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद एक बार फिर से सूबे की योगी सरकार झुक गई है। दरअसल, आगरा में पुलिस कस्टडी में हुई एक सफाई कर्मचारी की डेथ मामले में पहले तो प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया जाता है और विरोध के बाद योगी सरकार को झुकना पड़ता है और प्रियंका गांधी को आगरा जाने की अनुमति देनी पड़ती है।

प्रशासन द्वारा पांच लोगों के साथ आगरा जाने की अनमुति दिए जाने के बाद प्रियंका गांधी  शाम को रिजर्व पुलिस लाइंस लखनऊ से निकलीं। इससे पहले आगरा जाते समय उन्हें रोक लिया गया था। 

प्रियंका गांधी बुधवार को दोपहर दो बजे लखनऊ से आगरा के लिए निकलीं। उनके साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और कांग्रेस की चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम् भी थे। लखनऊ शहर की सीमा से बाहर निकल कर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस पर जाने से पहले ही पुलिस ने उनका काफिला रोक लिया। प्रियंका  द्वारा इसकी वजह पूछे जाने पर पुलिस ने कहा कि आगरा में कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, वहां के डीएम ने पत्र लिखा है।

इस पर प्रियंका गांधी ने कहा कि किसी पीड़ित परिवार से मिलने पर कानून-व्यवस्था कैसे बिगड़ सकती है, क्या आप लोग चाहते हैं कि आप लोगों की सुविधा के लिए मैं लखनऊ में ही रेस्ट हाउस में बैठी रहूं। हालांकि पुलिस ने उनकी दलीलें खारिज कर दी और उन्हें पुलिस लाइंस चलने को कहा।

 इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू व प्रदेश महासचिव विश्वविजय सिंह समेत कुछ कांग्रेस नेताओं के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की भी हुई। धक्का-मुक्की के समय खुद प्रियंका गांधी भी बगल में ही खड़ी थीं। 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। अंतत: पुलिस प्रियंका गांधी को लेकर पुलिस लाइन आ गई, जहां वह लगभग दो घंटे हिरासत में रहीं। हालांकि पुलिस ने उनके हिरासत में होने से इनकार किया। 


इस बीच प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर  कहा कि अरुण वाल्मीकि की मृत्यु पुलिस हिरासत में हुई। उनका परिवार न्याय मांग रहा है। मैं परिवार से मिलने जाना चाहती हूं। उत्तर प्रदेश सरकार को डर किस बात का है? क्यों मुझे रोका जा रहा है। आज भगवान वाल्मीकि जयंती है, पीएम ने महात्मा बुद्ध पर बड़ी बातें कीं लेकिन बुद्ध के संदेशों पर हमला कर रहे हैं।


खादी के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है, आने वाला समय खादी का है: योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी ने आगे कहा कि आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किए बगैर कोई देश या समाज सम्मानपूर्वक अपने जीवन को आगे नहीं बढ़ा सकता। स्वावलंबन के साथ जीवन गुजर-बसर नहीं कर सकता। 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें 'वोकल फॉर लोकल' बनना चाहिए।

लखनऊ: आज खादी महोत्सव एवं सिल्क एक्सपो का उद्घाटन व पं. दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता योजना के चेक, ऋण स्वीकृति प्रमाण-पत्र सीएम योगी द्वारा लभार्थियों को वितरित किया गया। इस मौके पर सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में खादी महोत्सव एवं सिल्क एक्सपो के आज के इस उद्घाटन कार्यक्रम में मंचासीन महानुभावों एवं इस क्षेत्र में अभिनव कार्य करने वाले भाइयों-बहनों का मैं हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं।

सीएम योगी ने आगे कहा कि आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किए बगैर कोई देश या समाज सम्मानपूर्वक अपने जीवन को आगे नहीं बढ़ा सकता। स्वावलंबन के साथ जीवन गुजर-बसर नहीं कर सकता। 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें 'वोकल फॉर लोकल' बनना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि खादी जुड़ती है हमारे स्वदेशी से, हमारे सम्मान से और हमारे स्वावलंबन से। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान देश को 'आत्मनिर्भर भारत' का एक नया मंत्र दिया है। देसी, स्वदेशी व स्थानीय उत्पाद को नई तकनीक के साथ जोड़ने की दिशा में विभाग ने अनेक कार्यक्रम प्रारंभ किए। "एक जिला, एक उत्पाद" कार्यक्रम, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना व माटी कला बोर्ड से जुड़ी हुई योजनाएं आज देश में ब्रांड बन गई हैं।

सीएम योगी ने आगे कहा कि खादी के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है, आने वाला समय खादी का है। मैं कह सकता हूं कि खादी अपने आप में आजादी का एक ब्रांड था, अब 'आत्मनिर्भर भारत' का भी एक नया ब्रांड बनने जा रहा है। स्वदेशी से जुड़े अभियान ने देश के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को एक मंच दिया था। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने व आदरणीय प्रधानमंत्री जी के संकल्पों को आगे बढ़ाने के लिए खादी अब एक नए ब्रांड के रूप में काम करेगी

अंत में सीएम योगी ने कहा कि जो अपना है वही आपको सम्मान देगा, वही आपके स्वावलंबन का आधार भी बनेगा। हमें अपने परिवार के सदस्य/शुभचिंतक या मित्र के जन्मदिन, मांगलिक कार्यक्रम या किसी धार्मिक व आध्यात्मिक आयोजन पर उपहार स्वरूप खादी देना चाहिए।


यूपी का हाल! शाहजहांपुर में कोर्ट परिसर में अधिवक्ता की हत्या, कातिल फरार, पुलिस बस मलती रह गई हाथ

एक तरफ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ यह दावा करते हैं कि उनके शासनकाल में सब ठीक है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। ताजा मामले में एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मामला यूपी के शाहजहांपुर का है।

शाहजहांपुर: एक तरफ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ यह दावा करते हैं कि उनके शासनकाल में सब ठीक है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। ताजा मामले में एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मामला यूपी के शाहजहांपुर का है।

उत्‍तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक दुस्‍साहिक वारदात को अंजाम देते हुए हत्‍यारों ने कचहरी परिसर के अंदर एक वकील की गोली मारकर हत्‍या कर दी। वकील की लाश अदालत की तीसरी मंजिल पर मिली है। हत्‍या के बाद कातिल मोके पर देसी पिस्‍टल फेंककर चले गए। इस घटना ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ डीएम-एसपी भी मौके पर पहुंचे। 

मिली जानकारी के अनुसार शाहजहांपुर के ईदगाह मोहल्ले के रहने वाले अधिवक्ता भूपेंद्र प्रताप सिंह ( उम्र 36 वर्ष) ने दो साल पहले ही कचहरी में वकालत शुरू की थी। इससे पहले यह टीचिंंग करते थे। सोमवार को भूपेंद्र सिंह की लाश अदालत की तीसरी मंजिल पर मिली। बताया जा रहा है भूपेंन्‍द्र तीसरी मंजिल पर रिकार्ड रूम में कागज चेक करने गए थे। यहां पर ज्यादा लोगों की आवा-जाही नहीं रहती है। दोपहर करीब सवा 12 बजे हमलावरों ने भूपेंद्र पर तमंचे से गोली मारी दी और फरार हो गए। उन्‍हें पीछे से गोली मारी गई है।

बताते हैं कि भूपेंद्र पर भी 18 मुकदमे पंजीकृत थे। कचहरी परिसर में गोली चलने से हड़कंप मच गया। तमाम वकील मौके पर दौड़कर मौके पहुंच गए। भूपेंद्र सिंह खून से लथपथ गैलरी में पड़े थे। उनकी सांसें थम चुकी थीं। शव से कुछ दूरी पर 315 बोर का तमंचा पड़ा था। पुलिस ने तुरंंत ही कचहरी के गेटों की नाकाबंदी कराकर चेकिंग कराई, पर नतीजा शून्य रहा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी एस आनंद भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटना के बारे में जानकारी ली। वकीलों से पूछताछ भी की। एसपी ने घटना के जल्‍द खुलासे का दावा करते हुए कई टीमों का गठन किया है।


लखनऊ पुलिस की चेतावनी, 'रेल रोको' प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों पर लगेगा NSA

आज लखीमपुर हिंसा के खिलाफ किसानों ने देशव्यापी 'रेल रोको' प्रदर्शन का एलान किया है। इस बीच लखनऊ पुलिस की तरफ से किसानों की चेतावनी दी गई है।

लखनऊ: आज लखीमपुर हिंसा के खिलाफ किसानों ने देशव्यापी 'रेल रोको' प्रदर्शन का एलान किया है। इस बीच लखनऊ पुलिस की तरफ से किसानों की चेतावनी दी गई है। 

लखनऊ पुलिस ने कहा है कि किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए रेल रोको आंदोलन में हिस्सा लेने वालों लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। ज़िले में सीआरपीसी की धारा 144 लगाई गई है, अगर कोई सामान्य स्थिति को बाधित करने की कोशिश करता है तो उस पर एनएसए लगाया जाएगा।


यूपी के लखीमपुर खीरी में  हाल में हुई  हिंसा के खिलाफ आज किसान देशव्यापी रेल रोको प्रदर्शन करेंगे। किसानों के प्रदर्शन का असर कई ट्रेनों पर पड़ने वाला है।



संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने ऐलान किया कि लखीमपुर खीरी घटना के सिलसिले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने और गिरफ्तार करने की मांग को लेकर 18 अक्टूबर यानि सोमवार को देश भर में 'रेल रोको' विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 



केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान संघों ने कहा, लखीमपुर खीरी मामले में जब तक न्याय नहीं मिल जाता तब तक विरोध जारी रहेगा। एसकेएम ने 'रेल रोको' विरोध के दौरान कहा, सभी ट्रेन यातायात को रोक दिया जाएगा। कार्यक्रम सोमवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक छह घंटे तक प्रभावी रहेगा। 



लखीमपुर खीरी हत्याकांड में न्याय की मांग कर रहे एसकेएम ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की अपनी मांग को फिर दोहराया है। हालांकि एसकेएम ने रेल रोको अभियान के दौरान सभी लोगों से शांतिपूर्ण तरीके विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है। कहा है कि सरकार की संपत्ति को नुकसान पहुंचाए विरोध प्रदर्शन को सफल बनाया जाएगा।



गौरतलब है कि बीते 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में भाजपा सरकार के काफिले की गाड़ियों की चपेट में आकर चार किसानों की मौत हो गई थी। जिसके बाद हिंसा हुई और चार और लोगों की हत्या कर दी गई। इस प्रकरण में किसानों का दावा है कि किसानों को कुचलने वाली गाड़ी पर केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष सवार थे। इस मामले में आशीष मिश्रा को 9 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। 


पिछले साढ़े चार वर्ष में यूपी में नहीं हुआ एक भी दंगा: सीएम योगी

उन्होंने कहा कि जब पर्व और त्योहार आते थे, जब कमाई करनी होती थी, जब आस्था का सम्मान करना होता था तब प्रदेश में कर्फ्यू लग जाता था, दंगे होते थे। पिछली सरकारों की फितरत दंगों में थी।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार से सूबे की पूर्ववर्ती सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब पर्व और त्योहार आते थे, जब कमाई करनी होती थी, जब आस्था का सम्मान करना होता था तब प्रदेश में कर्फ्यू लग जाता था, दंगे होते थे। पिछली सरकारों की फितरत दंगों में थी। वे दंगाइयों को आगे बढ़ाने का काम करते थे। 4.5 साल में UP में एक भी दंगा नहीं हुआ है।


उन्होंने आगे कहा कि 2014 में नारा लगा था 'सबका साथ सबका विकास' उससे  पहले जिन लोगों ने देश और राज्य में शासन किया था उनका नारा होता था "सबका साथ लेकिन उनके परिवार का विकास"। अपने परिवार के विकास के अलावा उन लोगों की समाज और राष्ट्र के प्रति कोई चिंता नहीं थी।


नाबालिग से दर्जनों ने किया किया रेप, सपा-बसपा के नेता भी आरोपी, अबतक पीड़िता के पिता समेत 7 गिरफ्तार

ललितपुर के एसपी निखिल पाठक ने बताया कि एक नाबालिग ने अपने साथ पिछले कई सालों से हो रहे बलात्कार की सूचना दी। FIR दर्ज़ की गई। मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। लड़की के पिता को भी गिरफ़्तार किया गया है।

नई दिल्ली: यूपी के ललितपुर कोतवाली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक किशोरी से लगातार 6 साल से दुष्कर्म किया जाता रहा। धमकी और प्रताड़ना से तंग किशोरी ने अपनी मां व भाई को कमरे में बंद कर पुलिस को फोन लगाकर सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने जब किशोरी का आरोप सुना तो एकबारगी वह भी सकते में आ गई। 


पुलिस अधीक्षक ने खुद मौके पर पहुँचकर पीड़िता के पिता, चाचा, ताऊ सहित जिले के सपा व बसपा नेताओं पर भी मुकदमा कायम किया है। इस मामले में कुल 28 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में 25 लोग नामजद हैं, जिनमें नौ लोग परिवार के ही हैं।

मामले में ललितपुर के एसपी निखिल पाठक ने बताया कि एक नाबालिग ने अपने साथ पिछले कई सालों से हो रहे बलात्कार की सूचना दी। FIR दर्ज़ की गई।  मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। लड़की के पिता को भी गिरफ़्तार किया गया है।

एसपी निखिल पाठक ने आगे बताया कि सपा के ज़िलाध्यक्ष और बसपा के ज़िलाध्यक्ष को भी मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया। मामले में 7 टीमों का गठन किया गया है। मामले में शामिल अन्य लोगों की भी ज़ल्द गिरफ़्तारी की जाएगी।


बदायूं में मूर्ति विसर्जन के दौरान 6 लोग गंगा में डूबे, खोजबीन जारी

गोताखोरों समेत फ्लड पीएसी डूबे हुये चारों लोगों की तलाश करती रही। एसडीएम सदर भी रात को मौका मुआयना करने पहुंचे। डूबने वाले सभी लोग फीरोजाबाद जिले के रहने वाले हैं। इस हादसे से उनके परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

बदायूं: आज दुर्गा माता की मूर्ति का विसर्जित करने कछला आये छह लोग गंगा में डूब गये। इनमें दो को तो निकाल लिया गया लेकिन चार का देर रात तक कोई पता नहीं लग सका है।

गोताखोरों समेत फ्लड पीएसी डूबे हुये चारों लोगों की तलाश करती रही। एसडीएम सदर भी रात को मौका मुआयना करने पहुंचे। डूबने वाले सभी लोग फीरोजाबाद जिले के रहने वाले हैं। इस हादसे से उनके परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। 

दशहरा के पर्व पर फिरोजाबाद के थाना नारखी इलाके के बचगांव के दो दर्जन से अधिक लोग दुर्गा मूर्ति का विसर्जन को कछला गंगाघाट पर आये थे। बताया जाता है कि सभी लोग विसर्जन करने के लिए गंगा में काफी आगे निकल गये। विसर्जन के दौरान छह लोग प्रतिमा के साथ ही बह गये।


शोर मचाने पर गंगाघाट पर मौजूद गोताखोरों ने दौड़कर वहां से दो लोगों को बचा लिया, जबकि दीपक गुप्ता पुत्र मदन सेठ 45 वर्ष, कुनाल शर्मा पुत्र बृजेश शर्मा 18 वर्ष, भोला शर्मापुत्र सीके शर्मा  15 वर्ष व रामू शर्मा पुत्र कौशल शर्मा 20 वर्ष धार के साथ बह गये। 

हादसे की जानकारी पर फ्लड पीएसी गोताखोरों के साथ गंगा में स्टीमर लेकर उतर गयी और डूबे हुये लोगों की तलाश शुरू कर दी। इंस्पेक्टर ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि लापता लोगों की तलाश जारी है। गंगा में जाल भी डलवाया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी को खोज निकाला जाएगा।


झांसी में बड़ा सड़क हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 11 की मौत

उत्तर प्रदेश के झांसी से एक हृदय विदारक सड़क हादसे की खबर आ रही है। झांसी में दशहरा के दिन पर बड़ा हादसा हो गया। हादसे में सात महिलाओं समेत 11 लोगों की मौत हो गई।

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी से एक हृदय विदारक सड़क हादसे की खबर आ रही है। झांसी में दशहरा के दिन पर बड़ा हादसा हो गया। हादसे में सात महिलाओं समेत 11 लोगों की मौत हो गई। 

मिली जानकारी के अनुसार सड़क पर घूम रहे मवेशियों को बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। सभी लोग दर्शन करके घर को लौट रहे थे। ट्रॉली पलटने से उसमें सवार सात महिलाओं समेत चार बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। दशहरे के दिन हुए इस हादसे से चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग तुरंत मौके पर दौड़ पड़े।


हादसे की खबर पाकर एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी मौके पर पहुंच गए हैं। सभी मृतकों को कब्जे में लेकर पुलिस पोस्टमार्टम के लिए भेज रही है।


लखीमपुर हिंसा: मुख्य आरोपी मंत्री के बेटे आशीष मिश्र समेत सभी आरोपियों को लेकर SIT 'सीन रिक्रिएशन' के लिए घटनास्थल पहुंची

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आज SIT की टीम आशीष मिश्र टेनी और अन्य आरोपियों के साथ घटनास्थल पर 'सीन रिक्रिएशन' करने के लिए पहुंची। बता दें कि बीते दिनों 4 किसान, 1 पत्रकार और 3 भाजपा कार्यकर्ताओं समेत 8 लोगों की मौत हुई थी।

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आज SIT की टीम आशीष मिश्र टेनी और अन्य आरोपियों के साथ घटनास्थल पर 'सीन रिक्रिएशन' करने के लिए पहुंची। बता दें कि बीते दिनों 4 किसान, 1 पत्रकार और 3 भाजपा कार्यकर्ताओं समेत 8 लोगों की मौत हुई थी।


मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सख्ती दिखाए जाने के बाद मुख्य आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा समेत 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। जांच हाईकोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में की जा रही है।

इस मामले को लेकर जमकर राजनीति भी हुई। कांग्रेस, सपा और बसपा समेत तमाम विपक्षी पार्टियां अभी भी सूबे की सरकार के खिलाफ हमलावर हैं। वहीं, मृतक किसानों के परिजनों  और सरकार के बीच मृतक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, 45-45 लाख का मुआवजा, मामले की जांच हाईकोर्ट कोर्ट के रिटायर जज से करने समेत तीन मुख्य  बिंदुओं पर हुआ था।


लखीमपुर हिंसा: मुख्य आरोपी मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत याचिका CJM कोर्ट ने की खारिज

आशीष के वकील अब जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी डालने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, उसकी बेल जिला जज के यहां से भी होनी लगभग मुश्किल है।

लखीमपुर खीरी: लखीमपुर हिंसा कांड के मुख्य आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी सीजेएम कोर्ट से खारिज हो गई है। आशीष के वकील अब जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी डालने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, उसकी बेल जिला जज के यहां से भी होनी लगभग मुश्किल है।


तीन अक्‍टूबर को लखीमपुर में हुई हिंसक झड़प में चार किसान, स्‍थानीय पत्रकार और एक भाजपा कार्यकर्ता सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। आशीष मिश्रा इस मामले में मुख्‍य आरोपी है। 

आरोप है कि जिस थार जीप से किसानों को कुचला गया था वह आशीष मिश्रा ही चला रहे थे। मामले ने राजनीतिक रंग भी लिया। आशीष मिश्रा को पूछताछ के लिए समन भेजकर बुलाया गया और शनिवार की देर रात गिरफ्तार किया
 गया था। 

एसआईटी में शामिल डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने पूछताछ के बाद बताया था कि वे (आशीष मिश्रा) सहयोग नहीं कर रहे। अब एसआईटी आशीष को रिमांड पर लेकर पूछताछ करना चाहती है। एसआईटी ने आशीष मिश्रा का मोबाइल कब्जे में ले लिया है। इस मोबाइल की भी जांच कराई जा रही है। 


यूपी का हाल: 17 साल की किशोरी से 28 लोगों ने किया दुष्कर्म, बसपा-सपा के नेता भी शामिल!

यहां एक किशोरी से लगातार 6 साल से दुष्कर्म किया जाता रहा। धमकी और प्रताड़ना से तंग किशोरी ने अपनी मां व भाई को कमरे में बंद कर पुलिस को फोन लगाकर सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने जब किशोरी का आरोप सुना तो एकबारगी वह भी सकते में आ गई।

ललितपुर: यूपी के ललितपुर कोतवाली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक किशोरी से लगातार 6 साल से दुष्कर्म किया जाता रहा। धमकी और प्रताड़ना से तंग किशोरी ने अपनी मां व भाई को कमरे में बंद कर पुलिस को फोन लगाकर सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने जब किशोरी का आरोप सुना तो एकबारगी वह भी सकते में आ गई। 


पुलिस अधीक्षक ने खुद मौके पर पहुँचकर पीड़िता के पिता, चाचा, ताऊ सहित जिले के सपा व बसपा नेताओं पर भी मुकदमा कायम किया है। इस मामले में कुल 28 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में 25 लोग नामजद हैं, जिनमें नौ लोग परिवार के ही हैं।

मामले में जब न्यूज9इंडिया ने ललितपुर के एसपी से बात की तो उनके पीआरओ ने बताया कि अभी तक मामले में किसी की गिरफ्तारी नही की गई है। मामले की जांच जारी है जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाई की जाएगी। दोषियों को किसी भी हाल में नहीं बख़्सेंगे।


लखीमपुर कांड: मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा तीन दिन एसआईटी की रिमांड में रहेगा, कोर्ट में नहीं चलीं दलीलें

दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आशीष को रिमांड पर देने का फैसला सुनाया। एसआईटी ने आशीष की 14 दिन की रिमांड मांगी थी। तीन दिन की रिमांड 12 अक्टूबर से शुरू होगी।

लखीमपुर: यूपी के लखीमपुर में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार किए गए केंद्रीय राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेने के बेटे व मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को कोर्ट ने तीन दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेजा है। इससे पहले सोमवार की सुबह वीडियो कांफ्रेंसिंग से आशीष की पेशी के बाद सुनवाई शुरू हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आशीष को रिमांड पर देने का फैसला सुनाया। एसआईटी ने आशीष की 14 दिन की रिमांड मांगी थी। तीन दिन की रिमांड 12 अक्टूबर से शुरू होगी।



 मुख्य आरोपी गृहराज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को अदालत ने तीन दिन की एसआईटी की रिमांड मंजूर कर ली है। हालांकि, अदालत ने रिमांड मंजूर करते हुए कुछ शर्तें भी लगाई हैं। वकील के अनुसार पूछताछ के दौरान आशीष का वकील भी मौजूद रहेगा। मेडिकल के बाद आशीष को कस्टडी में लिया जाएगा। जेल में दाखिला के दौरान भी मेडिकल होगा। इसके अलावा दूर से ही एसआईटी पूछताछ करेगी।

आशीष के वकील ने किया रिमांड का विरोध

इससे पहले रिमांड का विरोध करते हुए आशीष के वकील ने कहा कि शानिवार को 12 घंटे में 40 से ज्यादा सवालों के जवाब वह दे चुके हैं। ऐसे में अब रिमांड की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि एसआईटी थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर आशीष से जुर्म कबूल करवाना चाहती है।

घटना के दिन आशीष के दंगल में मौजूद रहने से संबंधित कुछ फोटो भी अदालत को दिखाए। वकील ने कहा कि एसआईटी जेल में जाकर भी पूछताछ कर सकती है। तकनीकी खामियों के कारण सुनवाई कुछ देर के लिए रुकी भी।

मामले पर एक नजर

तीन अक्टूबर को लखीमपुर में हुई घटना में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। एसआईटी का मानना है कि जिस थार जीप से किसानों को कुचला गया था वह आशीष मिश्रा ही चला रहे थे। मामले ने राजनीतिक रंग भी लिया। आशीष मिश्रा को पूछताछ के लिए समन भेजकर बुलाया गया और शनिवार की देर रात गिरफ्तार किया गया था। 

पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा आशीष

एसआईटी में शामिल डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने पूछताछ के बाद बताया था कि वे (आशीष मिश्रा) सहयोग नहीं कर रहे। अब एसआईटी आशीष को रिमांड पर लेकर पूछताछ करना चाहती है। एसआईटी ने आशीष मिश्रा का मोबाइल कब्जे में ले लिया है। इस मोबाइल की भी जांच कराई जा रही है।




मिशन यूपी: BJP की चेतावनी इस काम को कर पाने में असफल रहने वाले विधायकों को नहीं मिलेगा टिकट

विधायकों को दो टूक समझा दिया गया कि मतदाता सूची में नए वोट ना बढ़वाने वाले विधायक अपना टिकट कटा ही समझें। प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने तो बृज की बैठक में यहां तक कह दिया कि लगता है 15-20 विधायकों ने तो मान लिया है कि उनका टिकट कट रहा है या उन्हें चुनाव नहीं लड़ना है।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में समस्त राजनीतिक पार्टियां अपना दम-खम लगाना शुरू कर चुकी हैं। वहीं, भाजपा ने भी अपने मौजूदा विधायकों के लिए एक विशेष निर्देश जारी कि हैं। भाजपा ने कहा है कि ऐसे विधायकों को बिल्कुल भी टिकट नहीं दिया जाएगा जो वोटर बढ़ा पाने में सफल नहीं रहे हैं।


विधायकों को दो टूक समझा दिया गया कि मतदाता सूची में नए वोट ना बढ़वाने वाले विधायक अपना टिकट कटा ही समझें। प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने तो बृज की बैठक में यहां तक कह दिया कि लगता है 15-20 विधायकों ने तो मान लिया है कि उनका टिकट कट रहा है या उन्हें चुनाव नहीं लड़ना है। संगठन के नेताओं ने समझा दिया कि हरेक व्यक्ति का पूरा रिपोर्टकार्ड उनके पास है।



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों, सांसदों, जिला प्रभारियों, जिलाध्यक्षों को टीम वर्क से काम करने का मंत्र दिया। कहा कि बीते साढ़े चार साल में हर क्षेत्र के लिए कुछ ना कुछ काम हुआ है। जरूरत है कि संगठन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पार्टी पदाधिकारियों, सांसदों के साथ बेहतर समन्वय बनाते हुए टीम के रूप में चुनाव में जाएं, निश्चित ही जीत हमारी होगी।


मुख्यमंत्री ने शनिवार को बृज और कानपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों पर पराली जलाने के संबंध में दर्ज मुकदमें सरकार वापस ले रही है। सुनील बंसल ने विधायकों से कहा कि सदस्यता सहित पार्टी के दूसरे अभियान में पूरी रुचि लें। वोट जरूर बढ़वाएं। कोई भ्रम में ना रहे, सबकी रिपोर्ट हमारे पास है। उन्होंने आगामी चुनावी कार्यक्रमों की रूपरेखा विस्तार से समझाई। कहा कि जनप्रतिनिधि और संगठन के लोग सामाजिक सम्मेलनों, जल्द शुरू होने जा रहे सदस्यता अभियान में पूरी रुचि लें। इस बार डेढ़ करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य है।


लखीमपुर हिंसा: 11 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद केंद्रीय मंत्री के बेटे व मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को पुलिस ने किया गिरफ्तार

रात 10:50 बजे एसआईटी के अध्यक्ष डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने पुलिस लाइन में मीडिया को बताया कि नान कॉर्पोरेशन के आरोप में केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्र मोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है। इतना कहकर एक बार फिर डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल क्राइम ब्रांच के दफ्तर में चले गए और दरवाजा बंद कर लिया।

लखीमपुर: यूपी के लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोपित केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र 'मोनू' शनिवार को लंबी पूछताछ के बाद ग‍िरफ्तार कर ल‍िए गए। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर करीब 11 घंटे तक गहन पूछताछ की। रात 10:50 बजे एसआईटी के अध्यक्ष डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने पुलिस लाइन में मीडिया को बताया कि नान कॉर्पोरेशन के आरोप में केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्र मोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है। इतना कहकर एक बार फिर डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल क्राइम ब्रांच के दफ्तर में चले गए और दरवाजा बंद कर लिया। माना जा रहा है कि अब मोनू मिश्रा को जेल भेजने की तैयारी कर ली गई है किसी भी वक्त उन्हें वहां से निकाल कर जेल भेजा जा सकता है


बता दें कि तिकुनिया में तीन अक्टूबर को हुई किसानों की मौत में आशीष मिश्र आरोपित हैैं। पुलिस ने गुरुवार को उनके आवास पर नोटिस चस्पा कर शुक्रवार सुबह 10 बजे तक हाजिर होने को कहा था, लेकिन वह नहीं आए थे।

बताते चलें कि शुक्रवार को पुलिस ने दोबारा समन चस्पा कर शनिवार दिन में 11 बजे पेश होने को कहा था। लेकिन, इससे 20 मिनट पहले ही वह मुंह पर रुमाल बांधकर नीले रंग की स्कूटी से क्राइम ब्रांच के आफिस में जा पहुंचे। वहां विशेष जांच टीम (एसआइटी) के मुखिया पुलिस हेडक्वार्टर के डीआइजी उपेंद्र अग्रवाल ने उनसे एक के बाद एक कई सवाल पूछे। जांच टीम ने अपने सवालों की लिस्ट पहले से ही तैयार कर रखी थी। कुछ सवाल आशीष द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के बाबत भी पूछे गए।


वहीं, त्तर प्रदेश के कानून एवं विधि मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध व अपराधी को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। मंत्री पाठक ने कहा कि लखीमपुर खीरी में हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही कह दिया है कि सिर्फ आरोप पर किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसको किसी भी कीमत पर राहत भी नहीं दी जाएगी। अब तो प्रदेश में किसी भी मामले को सरकार रफा-दफा नहीं किया जा रहा है। सभी तथ्यों की जांच हो रही है और जो दोषी जांच में सामने आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी।


दागदार खाकी ! मनीष गुप्ता हत्याकांड केस में फरार आरोपी पुलिसकर्मियों पर घोषित इनामी राशि 25 हजार से बढ़कर हुई 1 लाख

गोरखपुर में पुलिसिया जुल्म का शिकार हुए कानपुर के व्यवसाई मनीष गुप्ता हत्याकांड मामले में फरार पुलिसकर्मियों (घटना में आरोपी) पर घोषित इनाम की राशि 25 हज़ार से बढ़ाकर 1 लाख कर दी गई है। यूपी पुलिस द्वारा आरोपियों की तस्वीरें भी सार्वजनिक कर दी गई लेकिन एक बड़ा सवाल यह भी अब उठ रहा है कि आखिर इन पुलिसकर्मियों को भागने का मौका दिया ही क्यों गया?

लखनऊ: गोरखपुर में पुलिसिया जुल्म का शिकार हुए कानपुर के व्यवसाई मनीष गुप्ता हत्याकांड मामले में फरार पुलिसकर्मियों (घटना में आरोपी) पर घोषित इनाम की राशि 25 हज़ार से बढ़ाकर 1 लाख कर दी गई है। यूपी पुलिस द्वारा आरोपियों की तस्वीरें भी सार्वजनिक कर दी गई लेकिन एक बड़ा सवाल यह भी अब उठ रहा है कि आखिर इन पुलिसकर्मियों को भागने का मौका दिया ही क्यों गया?

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बता दें कि बीते दिनों गोरखपुर में कानपुर के एक व्यवसाई की कुछ पुलिसकर्मियों ने उस समय पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था जब वह एक होटल में रुके थे। आरोप है कि मृतक व्यवसाई के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा बद्तमीजी की गई और जब व्यवसाई ने इसका विरोध किया तो उसे पुलिस ने इतना पीटा की उसकी मौत हो गई। मामले में जमकर राजनीति भी हो रही है। यूपी की सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति कर दी है और मृतक व्यसाई  मनीष की पत्नी को मुआवजे के रूप में सहायता राशि और ओएसडी की नौकरी दी है।

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लखीमपुर खीरी हिंसा: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती पर एक्शन में योगी की पुलिस, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के घर चिपकाया नोटिस, बेटे आशीष को किया तलब

पुलिस ने केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के घर पर नोटिस चिपका दिया है और उनके बेटे को 8 अक्टूबर यानी कल सुबह 10 बजे पेश होने का आदेश दिया है।

लखीमपुरखीरी: आखिरकार लखीमपुर हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद योगी की पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस ने केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के घर पर नोटिस चिपका दिया है और उनके बेटे को 8 अक्टूबर यानी कल सुबह 10 बजे पेश होने का आदेश दिया है। 

रविवार को हिंसा में 4 किसानों सहित 8 लोगों की मौत के मामले में गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर तर्ज है। किसानों की शिकायत पर आशीष के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अभी तक पुलिस ने चुप्पी साध रखी थी। हालांकि, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए यूपी पुलिस से रिपोर्ट मांग की है। 
आईपीसी की धारा 160 के तहत चिपकाए गए नोटिस में पुलिस ने कहा है कि आशीष मिश्रा को 8 अक्टूबर को सुबह 10 बजे अपराध शाखा कार्यालय, रिजर्व पुलिस लाइन्स में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा। उन्हें लिखित/मौखिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी पेश करने को कहा गया है।


बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी कांड में चार किसानों सहित 8 लोगों की हत्या को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को शुक्रवार तक स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। इस स्थिति रिपोर्ट में राज्य सरकार को प्राथमिकी में  नामित आरोपियों के विवरण के साथ ही यह भी बताना है कि क्या उन्हें गिरफ्तार किया गया है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) और न्यायिक जांच आयोग का विवरण भी मांगा है।


लखीमपुर हिंसा: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद जागी योगी सरकार, 2 गिरफ्तार, मंत्री जी का बेटा अभी भी फरार

लखीमपुर हिंसा के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उत्तर प्रदेश की पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी का बेटा आशीष मिश्रा अभी भी फरार चल रहा है।

लखनऊ: लखीमपुर हिंसा के मामले में  आज सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उत्तर प्रदेश की पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी का बेटा आशीष मिश्रा अभी भी फरार चल रहा है।

लखीमपुर खीरी में रविवार को हुए बवाल के 4 दिनों बाद पुलिस ने आशीष पांडेय और लवकुश राणा नाम के दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।  पुलिस का कहना है कि दो लोगों को अरेस्ट कर लिया गया है। कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है, उनकी तलाश जारी है। 


बता दें कि पुलिस की यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद सामने आई है। गुरुवार को ही सुबह मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने यूपी सरकार से पूछा था कि अब तक कितने लोगों को इस मामले में अरेस्ट किया गया है। कोर्ट ने यूपी सरकार से इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

इस मामले में लखनऊ की आईजी रेंज लक्ष्‍मी सिंह ने बताया कि दोनों से पूछताछ की जा रही है। उन्‍होंने तीन लोगों के बारे में बताया है। आईजी रेंज ने बताया कि लखीमपुर हिंसा के तीन आरोपियों की मौत हो चुकी है। उन्‍होंने बताया कि मामले में हत्‍यारोपी आशीष मिश्रा को भी पूछताछ के लिए समन भेजा जा रहा है। 

उन्‍होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्‍शा नहीं जाएगा। उधर, विपक्ष ने मामले में हत्‍यारोपी बनाए गए केंद्रीय गृहराज्‍यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है।


पुलिस ने आशीष पांडेय और लव कुश नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों पर उस गाड़ी में सवार रहने का आरोप है जो उस थार जीप के पीछे-पीछे चल रही थी जिसने किसानों को रौद दिया था। किसानों को थार जीप से रौंदे जाने का वीडियो पिछले दो दिन से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। 


लखीमपुरखीरी हिंसा: इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज को सौंपी गई जांच, 2 महीने में आएगी जांच रिपोर्ट

प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को पूरे कांड की जांच का जिम्मा सौंपा है।


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा की जांच इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज को सौप दी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को हुए बवाल की जांच के लिए एक सदस्यीय आयोग का गठन कर दिया है। 

प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को पूरे कांड की जांच का जिम्मा सौंपा है। श्रीवास्तव को दो महीने के भीतर इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। उत्तर प्रदेश के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि जांच आयोग के गठन के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। आयोग को जांच के लिए दो महीने का वक्त दिया गया है।  


गवर्नर आनंदीबेन पटेल की ओर से 6 अक्टूबर जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया है, 'कमिशन ऑफ इन्क्वायरी ऐक्ट, 1952 के सेक्शन 3 के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज प्रदीप कुमार श्रीवास्तव के अंतर्गत एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया जाता है। इसका मुख्यालाय लखीमपुर खीरी में होगा।' आयोग को जांच के लिए नोटिफिकेशन जारी होने के बाद से दो महीने तक का वक्त रिपोर्ट सौंपने के लिए दिया जा रहा है। आयोग के कार्यकाल में किसी भी तरह का बदलाव को लेकर सरकार फैसला लेगी।


यूपी के बाराबंकी में बड़ा सड़क हादसा, बस-ट्रक की टक्‍कर में 9 की मौत, 27 घायल

सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने दुर्घटना में हुई मौतों पर शोक जताते हुए मृतकों के परिवारीजनों को दो-दो लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए मुआवजे का ऐलान किया है।

बाराबंकी: यूपी के बाराबंकी में आज एक बार फिर से बड़ा सड़क हादसा हुआ है। इस दुर्घटना में नौ बस यात्रियों की मौत की सूचना है। घटना में 27 यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इनमें से 5 को ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।

सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने दुर्घटना में हुई मौतों पर शोक जताते हुए मृतकों के परिवारीजनों को दो-दो लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए मुआवजे का ऐलान किया है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार तड़के करीब 5:30 बजे दिल्ली से बहराइच जा रही टूरिस्ट बस जैसे ही देवा कोतवाली क्षेत्र में किसान पथ पर बबुरी गांव के पास पहुंची। सामने से आ रहा एक ट्रक अचानक बेकाबू होकर उससे टकरा गया। टक्‍कर के दौरान रफ्तार इतनी तेज थी कि बस और ट्रक के परखच्चे उड़ गए। 

दुर्घटना की सूचना पाते ही भारी संख्या में पुलिस बल और तहसील प्रशासन मौके पर पहुंचा। बस और ट्रक को काटकर घायलों को निकाला गया। सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया जहां पर डॉक्‍टरों ने नौ लोगों को मृत घोषित कर दिया। मरने वालों में रहमान (42) पुत्र निजामुद्दीन निवासी आलापुर बाराबंकी के अलावा किसी अन्‍य यात्री की अभी तक शिनाख्‍त नहीं हो सकी है। 

मौके पर पहुंचे डीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मृतकों को दो दो लाख और घायलों को 50 हजार सहायता की घोषणा की है। 

घायलों की लिस्ट

1- यासमीन (28) पुत्री इब्बन निवासी नंदीपुर थाना कैसरगंज बहराइच
2- शादाब 5 वर्ष पुत्र मेराज नंदीपुर थाना कैसरगंज बहराइच
3- सिराज अहमद 45 पुत्र मोहम्मद मोहसिन ग्राम पट्टी थाना कैसरगंज बहराइच
4- सदील (28) पुत्र रफी अहमद निवासी एहतशाम पुर थाना कैसरगंज बहराइच
5- रहमत पुत्र अली उद्दीन निवासी कंडेला थाना कैसरगंज बहराइच
6- चंदू (55) पुत्र रमजान हजूर पुर बहराइच
7- लक्ष्मण चौहान 24 पुत्र राधेश्याम निवासी लोनयन पुरवा नकटा थाना कटरा बाजार गोंडा
8- इतर (35) पत्नी अनिसुर रहमान निवासी पट्टी कैसरगंज बहराइच
9- प्रवेश (18) पुत्र समयदीन निवासी लाला पुरवा थाना कैसरगंज बहराइच
10- अदनान (20) पुत्र रईस अहमद निवासी बहराइच थाना हुजूरपुर बहराइच
11- जगत राम (21) पुत्र बाबादीन निवासी फत्तापुर कला टिकैतनगर बाराबंकी
12- हामिद (21) पुत्र शहीदुर रहमान निवासी उपाधि पट्टी जरवल रोड बहराइच
13 -जरीन (5) पुत्री अनिसुर रहमान निवासी उपाधि पट्टी जरवल रोड बहराइच
14 - शाहिदा (5) पुत्री जावेद निवासी उपाधि पट्टी जरवल रोड बहराइच
15- आसिम पुत्र मोहम्मद सलीम नागेश्वर नाथ मंदिर बाराबंकी
16- विशाल पांडे (21) पुत्र बुधराम निवासी कटका थाना हुजूरपुर बहराइच
17- अब्दुल हसन (35) पुत्र निजामुद्दीन पुरैनी कैसरगंज बहराइच
18- तालुकदार (32) पुत्र रामफल निवासी हरवा टांडा थाना हुजूरपुर बहराइच
19- अलख राम 28 पुत्र गंगाराम निवासी बरगदी कोट थाना करनैलगंज गोंडा
20- अनंतराम (58) पुत्र भैरव दिन निवासी निंदूरा थाना कटरा बाजार गोंडा
21- पवन कुमार (28) पुत्र स्वर्गीय नन्हे निवासी कुर्मिन परवलिया थाना करनैलगंज गोंडा
22- शारदा (33) पत्नी राजेश खरगूपुर गोंडा
23- तरुण कनौजिया पुत्र राजेश खरगूपुर गोंडा
24- मनीष कुमार (20) पुत्र अरुण निवासी जगतपुर कटरा बाजार गोंडा
25- राजेश कुमार कनौजिया (35) पुत्र शाहिद राम निवासी खरगूपुर गोंडा
26- राहुल (19) पुत्र पट्टे लाल निवासी धनराजपुर जरवल रोड बहराइच


NSG ब्लैक कैट कार रैली फ्लैग ऑफ समारोह में यूपी के सीएम योगी ने की शिरकत

इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि जहां सुरक्षा का एक संकट खड़ा होता है उस समय सुरक्षा का बेहतर वातावरण देने में NSG के ब्लैक कैट कमांडों के योगदान को कोई भारतीय विस्मृत नहीं कर सकता।

लखनऊ: आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला के अंतर्गत सुदर्शन भारत परिक्रमा (NSG ब्लैक कैट कार रैली) फ्लैग ऑफ समारोह में आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि जहां सुरक्षा का एक संकट खड़ा होता है उस समय सुरक्षा का बेहतर वातावरण देने में NSG के ब्लैक कैट कमांडों के योगदान को कोई भारतीय विस्मृत नहीं कर सकता।

सीएम योगी ने आगे कहा कि 2 अक्टूबर को गृहमंत्री द्वारा नई दिल्ली में फ्लैग ऑफ करने के बाद आगरा होते हुए यह कार रैली पूरे देश की परिक्रमा के लिए निकली है। यह 3 अक्टूबर को लखनऊ आई है और आज यहां से काशी के लिए प्रस्थान कर रही है।


CM योगी के 'घर' में जलभराव, स्कूल आने-जाने के लिए छात्रों को करना होता है ट्रैक्टर का इंतजार !

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में कई इलाकों में जलभराव हो गया है। इस दौरान इलाके में रहने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गोरखपुर: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में कई इलाकों में जलभराव हो गया है। इस दौरान इलाके में रहने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 

एक छात्रा ने बताया कि मेरी स्कूल से छुट्टी हो गई है लेकिन मैं घर तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर का इंतज़ार कर रही हूं क्योंकि मेरी कॉलोनी में काफी ज़्यादा पानी भरा हुआ है जिसके कारण मैं पैदल नहीं जा सकती हूं। यहां जलभराव की समस्या एक डेढ महीने से बनी हुई है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अभी भी भारी बारिश व बाढ़ की वजह से लोगों को जलभराव की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।


लखीमपुर में बवाल: ADG कानून व्यवस्था की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले-'हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे मामले की जांच, दोषियों को नहीं छोड़ेंगे'

एडीजी ने कहा कि कल लखीमपुर खीरी में मारे गए 4 किसानों के परिवारों को सरकार 45 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी देगी। घायलों को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। किसानों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज़ की जाएगी। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज मामले की जांच करेंगे।

लखनऊ/लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश ले लखीमपुर खीरी में मचे बवाल की वजह से 8 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना को लेकर यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि कोई भी दोषी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा, बहुत जल्द गिरफ़्तारी की जाएगी। तहरीर पर समुचित धाराओं में एफआईआर दर्ज़ की गई है।

एडीजी ने कहा कि कल लखीमपुर खीरी में मारे गए 4 किसानों के परिवारों को सरकार 45 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी देगी। घायलों को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। किसानों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज़ की जाएगी। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज मामले की जांच करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि सीआरपीसी की धारा 144 लागू होने के कारण राजनीतिक दलों के नेताओं को ज़िले का दौरा नहीं करने दिया गया है। हालांकि, किसान संघों के सदस्यों को यहां आने की अनुमति है।


लखीमपुर में बवाल: जिद पर अड़े किसान, बोले-'दोषियों की गिरफ्तारी के बाद ही किया जाएगा शवों का अंतिम संस्‍कार'

लखीमपुर हिंसा के लिए केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को जिम्‍मेदार ठहराते हुए किसानों ने आरोपित की गिरफ्तारी होने तक शवों का अंतिम संस्‍कार न करने का ऐलान किया है।

लखनऊ: लखीमपुर हिंसा के लिए केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को जिम्‍मेदार ठहराते हुए किसानों ने आरोपित की गिरफ्तारी होने तक शवों का अंतिम संस्‍कार न करने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि इस मामले में मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्‍या, आपराधिक साजिश और बलवा सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

लखीमपुर के तिकुनिया थाने में उनके खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश, दुर्घटना और बलवा की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर बहराइच नानपारा के जगजीत सिंह की तहरीर पर दर्ज की गई है। बेटे पर लगे आरोपों को लेकर मंत्री अजय मिश्रा ने सफाई दी है कि किसानों के बीच छुपे हुए कुछ उपद्रवी तत्वों ने उनकी (भाजपा कार्यकर्ताओं) गाड़ियों पर पथराव किया, लाठी-डंडे से वार करने शुरू किए। फिर उन्हें खींचकर लाठी-डंडों और तलवारों से मारापीटा, इसके वीडियो भी हमारे पास हैं। उन्होंने गाड़ियों को सड़क से नीचे खाई में धक्का दिया। उन्होंने गाड़ियों में आग लगाई, तोड़फोड़ की। मेरा बेटा कार्यक्रम खत्म होने तक वहीं(कार्यक्रम स्थल) था, उन्होंने जिस तरह से  घटनाएं की हैं अगर मेरा बेटा वहां(घटनास्थल पर) होता तो वो उसकी भी पीटकर हत्या कर देते।

गौरतलब है कि लखीमपुर में रविवार को दो मंत्रियों के दौरे को लेकर भड़की हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी। इनमें चार किसान हैं। इस मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। आपको बता दें कि देर रात कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया।


लखीमपुर खीरी में बवाल: केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे पर FIR, प्रियंका गांधी गिरफ्तार, अखिलेश यादव हाउस अरेस्ट

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश का लखीमपुर खीरी राजनीति का नया अखाड़ा बनने जा रहा है। लखीमपुर खीरी घटना को लेकर यूपी में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। लखीमपुर खीरी किसानों से मिलने निकली प्रियंका गांधी ने पूरी रात यूपी पुलिस की नींद उड़ा दी। आखिरकार सीतापुर पुलिस ने हरगांव में उन्हें सुबह 4 बजे गिरफ्तार कर लिया। वहीं सतीश चंद्र मिश्रा को भी लखनऊ आवास में नज़रबंद कर लिया गया। उधर, सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खीरी आने के ऐलान के बाद पुलिस  हाउस अरेस्ट करने की तैयारी में है। अखिलेश के आवास के बाहर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। 

इस बीच खबर है कि रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी सोमवार को लखीमपुर खीरी जाएंगे। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि लखीमपुर की घटना पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। वे पीड़ित परिवार वालों से मिलने के लिए सोमवार को लखीमपुर जा रहे हैं। 

घटना को लेकर अबतक क्या हुआ

  • केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज  
  • AAP सांसद संजय सिंह को लखीमपुर जाते समय सीतापुर में रोका गया। हिरासत में लिया गया।
  • अखिलेश के घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात, शिवपाल सिंह यादव और सतीश चंद्र मिश्रा के आवास के बाहर भी पुलिस का पहरा
  • प्रियंका गांधी के काफिले के साथ कांग्रेस के समर्थक पुलिस लाइन गेट के अंदर घुसे, वाहिनी जवानों से  कांग्रेसियों की हुई झड़प, पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए गए
  • हजारों किसान विभिन्न जिलों से पहुंचे, जोरदार नारेबाजी और हंगामा , खीरी जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस का कड़ा पहरा,  एडीजी और आईजी पीलीभीत बॉर्डर पर जमे
  • आईजी, कमिश्नर डीएम और एसएसपी के साथ राकेश टिकैत की वार्ता शुरू ,राकेश टिकैत ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी, मंत्री अजय मिश्र टेनी को सस्पेंड करने, मृतक किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ मुआवजे की मांग की
  • बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को लखीमपुर खीरी जाने से पहले हाउस अरेस्ट कर दिया गया है
  • किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने सैकड़ों समर्थकों के साथ घटनास्‍थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया


क्या हुआ था

घटनाक्रम के अनुसार रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जिले में थे। दोपहर में उनको केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के गांव बनवीरपुर जाना था। उप मुख्यमंत्री के आने के विरोध में सुबह से ही किसान उतर आए थे। तिकुनियां के महाराजा अग्रसेन इंटर कालेज में बनाए गए हेलीपैड पर किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर दीं। सैकड़ों की संख्या में काले झंडे लेकर किसान वहां मौजूद थे और उप मुख्यमंत्री के विरोध का ऐलान कर रहे थे। 

इसी बीच अचानक बनवीरपुर की ओर से बेहद तेज गति से आती दो कारें किसानों के बीच घुस गईं। उनको रौंदती हुई चली गई। इसमें एक कार में केंद्रीय राज्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्र मोनू के सवार होने का दावा किसान यूनियन ने किया है हालांकि हालांकि केंद्रीय मंत्री की ओर से इससे इंकार किया गया है। हादसे में 12 से ज्यादा किसान जख्मी हो गए। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने हादसा करने वाली गाड़ियों में तोड़-फोड़कर आग लगा दी। कार में जो भाजपाई मिला, उसको पीटा। इसके बाद भगदड़ मच गई।

किसानों का आक्रोश देखकर पुलिस भी मैदान छोड़कर भाग खड़ी हुई। घटना में कई पत्रकार भी  गंभीर जख्मी हो गए। बवाल के बाद पुलिस ने तिकुनिया से पहले ही बैरीकेडिंग लगाकर रोक दिया। अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। दर्जनों किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत की चर्चा होने लगी। 

देर रात केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र ने अपने ड्राइवर सहित चार भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत का दावा किया। कुछ देर पर जिलाधिकारी अरविन्द चौरसिया ने कार दुर्घटना में चार लोगों के मरने की बात कही। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मरने वाले चारों लोग किसान हैं या कोई और। न ही उन्होंने कुल मृतकों की संख्या के बारे में साफतौर पर कुछ कहा। 


लखीमपुर खीरी में बवाल: केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी का बयान-'हमारे 4 लोगों को मारा गया, 302 के तहत दर्ज कराऊंगा FIR'

घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने कहा है कि हमारे कार्यकर्ताओं की दुखद मृत्यु हुई है। हमारे तीन कार्यकर्ता और ड्राइवर मारा गया है। हम इसके खिलाफ एफआईआर कराएंगे, इसमें शामिल सभी लोगों पर धारा 302 का केस लगाया जाएगा।

लखीमपुर खीरी: आज हुए कांड के बाद उत्तर प्रदेश का लखीमपुर खीरी सियासत का अड्डा बनता जा रहा है। आज उपद्रव के दौरान 4 किसानों समेत 8 लोगों की मौत हुई है। घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने कहा है कि हमारे कार्यकर्ताओं की दुखद मृत्यु हुई है। हमारे तीन कार्यकर्ता और ड्राइवर मारा गया है। हम इसके खिलाफ एफआईआर कराएंगे, इसमें शामिल सभी लोगों पर धारा 302 का केस लगाया जाएगा।

टेनी ने कहा कि उन्होंने गाड़ियों को सड़क से नीचे खाई में धक्का दिया। उन्होंने गाड़ियों में आग लगाई, तोड़फोड़ की। मेरा बेटा कार्यक्रम खत्म होने तक वहीं(कार्यक्रम स्थल) था, उन्होंने जिस तरह से  घटनाएं की हैं अगर मेरा बेटा वहां(घटनास्थल पर) होता तो वो उसकी भी पीटकर हत्या कर देते।

उन्होंने आगे कहा कि किसानों के बीच छुपे हुए कुछ उपद्रवी तत्वों ने उनकी (भाजपा कार्यकर्ताओं) गाड़ियों पर पथराव किया, लाठी-डंडे से वार करने शुरू किए। फिर उन्हें खींचकर लाठी-डंडों और तलवारों से मारापीटा, इसके वीडियो भी हमारे पास हैं।


लखीमपुर में बवाल: 4 किसान समेत 8 लोगों की मौत, जिले में इंटरनेट बैन

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान रविवार को हुए बवाल में आठ लोगों की मौत हो गई।

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान रविवार को हुए बवाल में आठ लोगों की मौत हो गई। 

दो एसयूवी गाड़ियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को टक्कर मारे जाने के बाद नाराज किसानों ने दो एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) में आग लगा दी। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के चार-चार लोगों की मौत हुई है। गाड़ी से कुचल कर चार किसान मरे जबकि गाड़ी में सवार चार लोगों को प्रदर्शनकारियों ने पीट-पीटकर मार डाला।

योगी सरकार ने लखीमपुर खीरी में इंटरनेट सेवा बंद करने के आदेश दिए हैं। लखीमपुर-खीरी के तिकोनिया-बनबीरपुर मार्ग पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कृषि कानून विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक समूह से दो एसयूवी के कथित रूप से टकरा जाने के बाद हिंसा भड़क गई।

 प्रदर्शनकारियों को कुचले जाने की घटना से नाराज लोगों ने दो गाड़ियों को जबरन रोककर उनमें आग लगा दी। उन्होंने कुछ यात्रियों की भी पिटाई की है। किसान उप मुख्यमंत्री के बनबीरपुर दौरे का विरोध कर रहे थे जो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और खीरी से सांसद अजय कुमार मिश्रा का पैतृक गांव है। इस घटना में कुछ पत्रकारों के भी घायल होने की खबर है। इस बीच हिंसा के मद्देनजर मौर्य का बनबीरपुर गांव का दौरा रद्द कर दिया गया है। 


डिप्टी CM केशव मौर्य के पहुंचने से पहले लखीमपुर में किसानों का बड़ा बवाल, BJP नेता की गाड़ी फूंकी

सड़क पर सैकड़ों की संख्या में किसान वाहनों को जलाने और क्षतिग्रस्त करने में अपनी पूरी ताकत झोंक दिए हैं। साथ ही जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी भी कर रहे हैं।

लखीमपुर: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम से पहले निघासन तहसील क्षेत्र के बनवीर पुर गांव में बड़ा बवाल हो गया है। सड़क पर सैकड़ों की संख्या में किसान वाहनों को जलाने और क्षतिग्रस्त करने में अपनी पूरी ताकत झोंक दिए हैं।  साथ ही जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी भी कर रहे हैं। 

आरोप है कि भाजपा नेता के किसी वाहन ने आंदोलन कर रहे कुछ किसानों को जख्मी कर दिया। इसके बाद से तिकुनिया में गुरु नानक तिराहे के पास मौजूद किसानों में आक्रोश भड़क गया। किसानों घायल हुए ग्रामीणों को देखकर वहां पर मौजूद भाजपा के कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। 

हालांकि, इस बड़ी घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक और जिला अधिकारी सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई है। उधर, बताया जा रहा है कि इस हादसे में कुछ किसानों की मौत होने की खबर भी सामने आ रही है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के काफिले को बनवीर पुर गांव पहुंचने से पहले ही निघासन में रोक दिया गया है। 

ग्रामीणों के आक्रोश के मद्देनजर प्रशासन अभी यह निर्णय नहीं ले पाया है कि उप मुख्यमंत्री को निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, बनवीर पुर गांव ले जाना उचित होगा या नहीं। इस संबंध में एक अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। फिलहाल, तिकुनिया में ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश अभी शांत नहीं हुआ है और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। 


मनीष मर्डर केस: मामले की जांच अब CBI करेगी, योगी सरकार ने की सिफारिश

गोरखपुर में कानपुर के व्यवसायी मनीष गुप्ता की सन्दिग्ध मौत के मामले में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति भारत सरकार को भेजी। जब तक सीबीआई मामले को टेक ओवर नहीं करती, तब तक एसआईटी जांच को आगे बढ़ाएगी।

लखनऊ: गोरखपुर में कानपुर के व्यवसायी मनीष गुप्ता की सन्दिग्ध मौत के मामले में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति भारत सरकार को भेजी। जब तक सीबीआई मामले को टेक ओवर नहीं करती, तब तक एसआईटी जांच को आगे बढ़ाएगी।

बता दें कि गुरुवार को सीएम योगी ने कानपुर पुलिस लाइन में गोरखपुर में पुलिस पिटाई में मारे गए प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी से मुलाकात की थी। मीनाक्षी ने नौकरी, मुआवजा और गोरखपुर से कानपुर केस ट्रांसफर कराने की मांग सीएम योगी ने मान ली थी। सीएम योगी ने मनीष गुप्ता की पत्नी को विकास प्राधिकरण में ओएसडी की नौकरी देने और राहत राशि भी 10 लाख से बढाने के लिये जिला प्रशासन से प्रस्ताव देने को कहा है।


बता दें कि परिवार ने सीबीआई जांच की भी मांग रखी थी। सीएम ने इस पर भी आश्वासन दिया था। सीएम ने कहा था कि जांच के संबंध में भी जो कुछ होगा किया जाएगा। सरकार आपके साथ है। हर हाल में न्याय मिलेगा।


इससे पहले सीएम ने कहा था कि गोरखपुर में हुई घटना बेहद शर्मनाक है। कल सुबह ही मैंने पीड़ित परिवार से मिलने की इच्छा जताई थी। अपराध और अपराधियों के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। कोई अपराधी बख्शा नहीं जाएगा।


यूपी के कैराना में पटाखा फैक्ट्री में बड़ा धमाका, 4 की मौत, दर्जनों के मलवे में दबे होने की खबर

पुलिस और स्थानीय लोग इन्हें निकालने में जुटे हुए हैं। आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। दीपावली नजदीक होने के कारण यहां बड़ी संख्या में पटाखा बनाने की बात सामने आ रही है।

शामली: शामली के कैराना में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया है। इससे 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल हैं। कुछ लोग के मकान के मलबे में दबे होने की आशंका है। 

पुलिस और स्थानीय लोग इन्हें निकालने में जुटे हुए हैं। आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। दीपावली नजदीक होने के कारण यहां बड़ी संख्या में पटाखा बनाने की बात सामने आ रही है। 

जानकारी के मुताबिक, कैराना कस्बे में रजवाहे के किनारे पर स्थित पटाखा फैक्ट्री में शुक्रवार शाम करीब पांच बजे भीषण विस्फोट हुआ। आवास सुनकर बड़े इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा तो फैक्ट्री का मलबा बिखरा पड़ा था। सूत्रों का कहना है कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। लोगों के चीथड़े तक उड़ गए थे। इससे मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। एक घायल को अस्पताल भेजा गया है।

पटाखा फैक्ट्री यहां कैसे और कब से चल रही थी। इस बारे में अभी कोई भी बोलने को तैयार नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि यहां अवैध रूप से फैक्ट्री चलाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करा दिया गया है।

 डीएम जसजीत कौर और एसपी  एसपी सूकीर्ति माधव ने मौके पर जाकर मुआयना किया। बताया जाता है कि फैक्ट्री में करीब दो दर्जन लोग काम करते थे। शुक्रवार को इनमें से करीब आधे लोग अवकाश पर थे। इसके फैक्ट्री में 7-8 लोग ही काम पर आए थे।


CM योगी की रियल्टी चेक में फेल हुए 30 जिलों के DM और SP, अब लटक रही कार्यवाई की तलवार

जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तान को सुबह दस से 12 तक अपने दफ्तर में मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका निस्तारण करना अनिवार्य किया गया है। इसके बाद भी कुछ अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं।

लखनऊ: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आम लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकारियों को रोजाना सुबह अपने दफ्तर में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तान को सुबह दस से 12 तक अपने दफ्तर में मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका निस्तारण करना अनिवार्य किया गया है। इसके बाद भी कुछ अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं।

मुख्यमंत्री तक का आदेश नहीं मान रहे हैं। इस बात की जानकारी शुक्रवार को सीएम योगी की तरफ से कराए गए रियलिटी चेक के बाद सामने आई है। बताया जा रहा है कि 30 जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान गैरहाजिर मिले हैं। 14 डीएम और 16 कप्तान अपने दफ्तरों में नहीं थे।


सीएम योगी के निर्देश पर सभी जिलों के डीएम और कप्तान की लोकेशन ली गई। इसमें पता चला कि कई जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान यानी एसपी और एसएसपी अपने दफ्तरों में मौजूद नहीं हैं। अधिकारियों के दफ्तर में लगे लैंडलाइन फोन पर कॉल कर अधिकारियों की लोकेशन पता की गई। मुख्यमंत्री के कार्यालय और मुख्य सचिव के कार्यालय से जिलाधिकारियों की लोकेशन चेक की गई।

एसपी और एसएसपी की लोकेशन के लिए अपर मुख्य सचिव (गृह), डीजीपी कार्यालय और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के कार्यालय से फोन किया गया। पहली बार सुबह साढ़े 9 बजे और दूसरी बार 10 बजे के बाद फोनकर अधिकारियों के बारे में पूछा गया कि वह आफिस में हैं या नहीं। पता चला कि कई जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी दफ्तरों में मौजूद नहीं थे। दफ्तरों से गौरहाजिर रहे डीएम और पुलिस कप्तान को लेकर सीएम योगी सख्त हो गए हैं। सभी को नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है। माना जा रहा है कि सही जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।


नायब तहसीलदारों को सीएम योगी ने वितरित किया नियुक्ति पत्र

इस मौके पर सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में चयन प्रक्रिया की विसंगति और शासन की नीयत में खोट के कारण योग्य और प्रतिभावान अभ्यर्थी हताश-निराश होता था और पलायन करने को मज़बूर होता था। हमारी सरकार ने तय किया था कि हम जाति, मजहब, मत देखकर नहीं योग्यता को आधार बनाकर आगे बढ़ने का अवसर देंगे।

लखनऊ: आज उ.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2019 में चयनित नायब तहसीलदारों को सीएम योगी द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। इस मौके पर सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि लोकसेवा आयोग द्वारा 145 नायब तहसीलदार चयनित हुए हैं, जिनमें पुलिस वैरिफिकेशन के बाद अबतक 110 को सफलतापूर्वक उस योग्य माना गया।

इस मौके पर सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में चयन प्रक्रिया की विसंगति और शासन की नीयत में खोट के कारण योग्य और प्रतिभावान अभ्यर्थी हताश-निराश होता था और पलायन करने को मज़बूर होता था। हमारी सरकार ने तय किया था कि हम जाति, मजहब, मत देखकर नहीं योग्यता को आधार बनाकर आगे बढ़ने का अवसर देंगे।

सीएम योगी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि देश की 44 ऐसी महत्वपूर्ण योजनाएं हैं जिनमें उत्तर प्रदेश नंबर 1 पर है। ईज ऑफ डूइंग बिजनस में उत्तर प्रदेश नंबर 2 पर है। 4 वर्ष पहले जिस उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 6वें नंबर की कही जाती थी आज वो देश की नंबर 2 की अर्थव्यवस्था बनी हुई है।


मनीष मर्डर केस: पत्नी मीनाक्षी को OSD की नौकरी, CM योगी ने किया मुआवजे का एलान, केस भी ट्रांसफर करने के आदेश

मीनाक्षी ने नौकरी, मुआवजा और गोरखपुर से कानपुर केस ट्रांसफर कराने की मांग सीएम योगी ने मान ली। सीएम योगी ने मनीष गुप्ता की पत्नी को विकास प्राधिकरण में ओएसडी की नौकरी देने और राहत राशि भी 10 लाख से बढाने के लिये जिला प्रशासन से प्रस्ताव देने को कहा है।

लखनऊ: सीएम योगी ने कानपुर पुलिस लाइन में गोरखपुर में पुलिस पिटाई में मारे गए प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी से मुलाकात की। मीनाक्षी ने नौकरी, मुआवजा और गोरखपुर से कानपुर केस ट्रांसफर कराने की मांग सीएम योगी ने मान ली। सीएम योगी ने मनीष गुप्ता की पत्नी को विकास प्राधिकरण में ओएसडी की नौकरी देने और राहत राशि भी 10 लाख से बढाने के लिये जिला प्रशासन से प्रस्ताव देने को कहा है।

बता दें कि परिवार ने सीबीआई जांच की भी मांग रखी। सीएम ने इस पर भी आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि जांच के संबंध में भी जो कुछ होगा किया जाएगा। सरकार आपके साथ है। हर हाल में न्याय मिलेगा।

इससे पहले सीएम ने कहा कि दो दिन पहले गोरखपुर में हुई घटना बेहद शर्मनाक है। कल सुबह ही मैंने पीड़ित परिवार से मिलने की इच्छा जताई थी। अपराध और अपराधियों के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। कोई अपराधी बख्शा नहीं जाएगा।


मनीष हत्याकांड: सीएम योगी का बड़ा बयान, कहा-'दोषियों को नहीं छोड़ेंगे'

कानपुर के व्यवसाई मनीष गुप्ता की हत्या के मामले सीएम योगी ने विपक्ष पर मामले में राजनीति करने का आरोप लगाकार जमकर हमला बोला। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर वह दोषियों को नहीं छोड़ेंगे।

कानपुर/गोरखपुर: कानपुर के व्यवसाई मनीष गुप्ता की हत्या के मामले सीएम योगी ने विपक्ष पर मामले में राजनीति करने का आरोप लगाकार जमकर हमला बोला। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर वह दोषियों को नहीं छोड़ेंगे।

सीएम योगी ने आज कानपुर में करोड़ों की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 2 दिन पहले गोरखपुर में एक दुखद घटना घटी थी। मैंने उसी दिन गोरखपुर पुलिस को कहा था कि तत्काल मुकदमा दर्ज़ होना चाहिए और दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा। अपराधी, अपराधी होता है। मैंने कल सुबह ही यहां के ज़िला प्रशासन को कहा था कि मैं पीड़ित परिवार से मिलना चाहूंगा। क्योंकि दुखद घटना घटी है उसकी पीड़ा के साथ जुड़ना हमारा दायित्व है। दोषी बख्शा नहीं जाएगा, सबकी जवाबदेही भी तय करेंगे। अपराध और अपराधियों को बर्दाश्त न करने की सरकार की नीति किसी से छुपी नहीं है। सरकार ने जो कहा वो करके दिखाया है। कानपुर तो इसका जीता जागता उदाहरण है।

वहीं, विपक्षियों पर हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि एक समय प्रदेश के सामने पहचान का संकट आ खड़ा हुआ था। उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट उन लोगों ने खड़ा किया जिन लोगों ने पेशेवर अपराधियों और माफियाओं के सामने प्रदेश कि स्थिति को गिरवी रख दिया था। ये वही लोग हैं जिन्होंने प्रदेश का राजनीतिक अपराधीकरण किया था।

सीएम योगी ने आगे कहा कि जिन लोगों ने कभी प्रदेश की कानून व्यवस्था पेशेवर अपराधियों और माफियाओं के सामने गिरवी रखा था। उनपर ये कहावत सही बैठती है कि 100 चूहे खाकर बिल्ली चली हज करने। ये लोग प्रदेश को बदनाम करने,अराजकता पैदा करने, पेशेवर अपराधियों, माफियाओं की पैरवी करने का कोई अवसर नहीं गंवाते।

बता दें कि आज कानपुर ज़िले में 556.07 करोड़ रुपये की 45 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास सीएम योगी ने किया। उन्होंने कहा कि अब तो यहां मेट्रो ट्रेन भी आ रही है। नवंबर के अंत में हमलोग यहां मेट्रो का संचालन भी प्रारंभ करने वाले हैं। ये कानपुर का बदलता हुआ नक्शा है।


मनीष मर्डर केस: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली गोरखपुर पुलिस की पोल, सिर, चेहरे, शरीर पर गंभीर चोटें

कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ पुलिस लीपापोती की कोशिश कर रही है, लेकिन मनीष गुप्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसकी झूठी कहानी की पोल खोलकर रख दी है।

लखनऊ/गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की पुलिस की पिटाई से हुई कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ पुलिस लीपापोती की कोशिश कर रही है, लेकिन मनीष गुप्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसकी झूठी कहानी की पोल खोलकर रख दी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि मनीष के सिर, चेहरे और शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। मनीष के सिर के अगले हिस्से पर तेज प्रहार किया गया, जिससे उनके नाक के पास से खून बह रहा था। हालांकि, पुलिस ने घटना के बाद अपने पहले बयान में इसे हादसे में हुई मौत बताया था।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अपराधियों की चेकिंग के दौरान थाना रामगढ़ताल की पुलिस एक होटल में गई। वहां पर एक कमरे में तीन संदिग्ध युवक अलग-अलग शहर से आए थे। इस सूचना पर पुलिस होटल मैनेजर को साथ में लेकर कमरे की चेकिंग करने गई, जहां पर हड़बड़ाहट में एक युवक (मनीष) की कमरे में गिरने से चोट गई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मामले में मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारा सहयोग किया है। हमारी FIR दर्ज़ नहीं हो रही थी उन्होंने हमारा केस दर्ज़ कराया है। जिस होटल में मेरे पति की हत्या हुई उस होटल का लाइसेंस रद्द होना चाहिए और सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि होटल का मालिक फिर से कहीं और होटल ना बनाए। मैं होटल के ख़िलाफ़ भी मुक़दमा दर्ज़ करूंगी। होटल का मालिक अच्छा नहीं है। होटल का मालिक हमारे साथ सहयोग नहीं कर रहा है।

बता दें कि मनीष गुप्ता अपने दो दोस्तों हरदीप सिंह चौहान और प्रदीप सिंह चौहान के साथ सोमवार सुबह गोरखपुर घूमने गए थे। यहां ये लोग होटल कृष्णा पैलेस के रूम नंबर 512 में ठहरे थे। हरदीप ने बताया कि सोमवार रात 12:30 बजे पुलिस होटल में चेकिंग करने पहुंची। मनीष को सोते हुए जगाया तो उन्होंने पूछा इतनी रात में चेकिंग किस बात की हो रही है। क्या हम आतंकी हैं? इस पर पुलिस वालों ने उसे पीटना शुरू दिया। इसके बाद घायल मनीष को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मनीष गुप्ता का अंतिम संस्कार मौत के 53 घंटे बाद गुरुवार सुबह हुआ। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने को अड़े पीड़ित परिजन मनीष का अंतिम संस्कार नहीं कर रहे थे। फिर, बुधरात देर रात कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण समेत कई आला अधिकारी मनीष के घर पहुंचे और उनकी पत्नी मीनाक्षी से बात की। इस दौरान असीम अरुण ने कहा कि गुरुवार को परिवार की सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराई जाएगी, जिसके बाद पीड़ित परिजनों मनीष के अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। 


मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने बताया कि 8 साल पहले वर्ष 2013 में उनकी शादी हुई थी। मनीष रियल इस्टेट का काम करते थे। परिवार में बीमार ससुर के अलावा उनका 4 साल का एक बेटा अभिराज है। सास का पहले ही देहांत हो चुका है। मनीष की तीन बहनें हैं, उनकी शादी हो चुकी है। मीनाक्षी ने बताया कि सोमवार देर रात में फोन पर बात के बाद लगा कि शायद सब कुछ ठीक हो गया होगा, लेकिन मंगलवार सुबह करीब 5 बजे फोन पर पता चला पति अब इस दुनिया में नहीं हैं।


मिशन शक्ति को यूपी सरकार ने 'मिशन मोड' के रूप में लिया है: CM योगी

उन्होंने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन एक दूसरे के साथ जुड़े हैं। मिशन शक्ति का ये अभियान प्रदेश में इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने एक मिशन मोड में लिया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज 'मिशन शक्ति फेज-3 निर्भया-एक पहल' कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन एक दूसरे के साथ जुड़े हैं। मिशन शक्ति का ये अभियान प्रदेश में इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने एक मिशन मोड में लिया है।

सीएम योगी ने आगे कहा कि नारी शक्ति के लिए स्पेशल 3 दिवसीय कार्यक्रम को आज आयोजित किया है। जिसमें 75000 बहनों को ट्रेनिंग दी जाएगी। हर जनपद की 1000 महिलाओं को जोड़ा जाएगा। उन्हें बैंकों से जोड़कर लोन दिलाने और शासन की योजनाओं की सब्सिडी का लाभ दिलाने का काम किया जाएगा।


आजादी का अमृत महोत्सव: CRPF द्वारा आयोजित साइकिल रैली को अलीगढ़ से किया गया रवाना

सीआरपीएफ की 104वीं बटालियन के कमांडेंट अजय कुमार शर्मा ने बताया, ''CRPF द्वारा देश के चारो दिशाओं(कन्याकुमारी,जम्मू,जोरहाट, साबरमती) से राजघाट तक साइकिल यात्रा की जा रही है।''

अलीगढ़: 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' कार्यक्रम के तहत सीआरपीएफ द्वारा आयोजित साइकिल रैली को अलीगढ़ में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर सीआरपीएफ की 104वीं बटालियन के कमांडेंट अजय कुमार शर्मा ने बताया, ''CRPF द्वारा देश के चारो दिशाओं(कन्याकुमारी,जम्मू,जोरहाट, साबरमती) से राजघाट तक साइकिल यात्रा की जा रही है।'

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उन्होंने बताया कि ये यात्रा 2 अक्टूबर को राजघाट में सम्पन्न होंगी। अलीगढ़ में आई ये रैली जोरहाट से चली है। ये अभी एटा से चलकर आई है। ये लोग एक दिन में करीब 60-70 किलोमीटर कवर करते हैं। आज ये रैली खुर्जा में जाकर रुकेगी। इसमें 25 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।

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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी को दी 150 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में बाराबंकी ज़िले में विकास की ढेरों परिजोयनाएं आएंगी। बाराबंकी के नौजवानों को पलायन नहीं करना पड़ेगा। सपा, बसपा और कांग्रेस की कभी विकास में रुचि नहीं रही है। विकास उन सब का एजेंडा नहीं है।

बाराबंकी: आज उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सूबे के बाराबंकी जिले में करोड़ों की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि आज यहां लगभग 150 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण हो रहा है। यहां ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड की बिस्किट और बेकरी निर्माण की इकाई का शिलान्यास कार्यक्रम भी संपन्न हुआ है, जिसकी लागत 340 करोड़ रुपए है।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में बाराबंकी ज़िले में विकास की ढेरों परिजोयनाएं आएंगी। बाराबंकी के नौजवानों को पलायन नहीं करना पड़ेगा। सपा,  बसपा और कांग्रेस की कभी विकास में रुचि नहीं रही है। विकास उन सब का एजेंडा नहीं है।

सीएम योगी ने कहा कि उनके शासनकाल में रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हं। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार सालों में 4,50,000 लोगों को सरकारी नौकरी मिली है। इसी दौरान निजी क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करते हुए 1,61,00,000 नौजवानों को नौकरी से जोड़ा है। आज प्रदेश में बिना सिफारिश के नौकरी मिलती है।


सोच को सलाम! यूपी के उन्नाव ज़िले का सेवा खेड़ा गांव बना 'दहेज मुक्त' गांव

अब इस गांव में दहेज रहित शादी होती है। यानि न तो बेटियों के लिए दहेज दिया जाता है और और न ही बेटों के लिए दहेज की मांग की जाती है। आज के समाज को आईना दिखाने के लिए उन्नाव जिले का खेड़ा गांव एक मिसाल बनकर चर्चा में है।

उन्नाव: आज जहां दहेज की बलि वेदी पर और दहेज की आग में जलकर न जाने कितनी बेटिया जलकर खाक हो रही हैं ऐसे में समाज को आईना दिखाने का काम किया है उन्नाव जिले के सेवा खेड़ा गांव ने। अब इस गांव में दहेज रहित शादी होती है। यानि न तो बेटियों के लिए दहेज दिया जाता है और और न ही बेटों के लिए दहेज की मांग की जाती है। आज के समाज को आईना दिखाने के लिए उन्नाव जिले का खेड़ा गांव एक मिसाल बनकर चर्चा में है।

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मिली जानकारी के मुताबिक, उन्नाव ज़िले के बिछिया विकासखंड का सेवा खेड़ा गांव 'दहेज मुक्त' गांव हो गया है। नवयुग जन चेतना सेवा संस्थान के संस्थापक/ अध्यक्ष और पुरवा के ग्राम विकास अधिकारी पुत्तन लाल पाल ने बताया,''मैं और मेरी संस्था के पदाधिकारियों ने 18 अक्टूबर 2020 से ज़िले में 'दहेज प्रथा का अंत कब' शीर्षक से मुहिम चलाई।

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पुत्तन लाल पाल ने आगे बताया कि मैंने लगभग 50 गांवों में इस तरह की मुहिम चलाई। गांव के लोगों ने हमारी बात को समझा और बैठकर एक लिखित प्रस्ताव पास किया जिसमें डीएम से मांग की कि हमारे गांव को दहेज मुक्त घोषित किया जाए।

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योगी कैबिनेट के नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा, जानिए किसे मिला कौन सा विभाग

नए मंत्रियों में से एकमात्र ब्राम्हण मंत्री जितिन प्रसाद को तकनीकी शिक्षा विभाग मिला है। वहीं, छत्रपाल सिंह गंगवार को राजस्व विभाग, पलटूराम को सैनिक कल्याण, होमगार्ड विभाग और संगीता बिंद को सहकारिता विभाग दिया गया है।

लखनऊ: मिशन यूपी को ध्यान में रखते हुए योगी कैबिनेट के विस्तार रविवार को किया गया और सोमवार को सभी नए 7 मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया।


नए मंत्रियों में से एकमात्र ब्राम्हण मंत्री जितिन प्रसाद को तकनीकी शिक्षा विभाग मिला है। वहीं, छत्रपाल सिंह गंगवार को राजस्व विभाग, पलटूराम को सैनिक कल्याण, होमगार्ड विभाग और संगीता बिंद को सहकारिता विभाग दिया गया है।

इसके अलावा संजीव कुमार को समाज कल्याण विभाग, दिनेश खटीक को जल शक्ति, बाढ़ नियंत्रण विभाग और धर्मवीर सिंह प्रजापति को औद्योगिक विकास विभाग दिया गया है।

नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी को बधाई दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में कल शामिल हुए सभी नए सदस्यों को आज विभागों का दायित्व प्राप्त हो गया है। मुझे विश्वास है कि आप सभी के कुशल, अनुभवी एवं कर्मठ नेतृत्व में संबंधित विभाग विकास की नई ऊंचाइयों को स्पर्श करेंगे। आप सभी के उज्ज्वल कार्यकाल हेतु अनंत शुभकामनाएं।'

सीएम योगी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'मा. कैबिनेट मंत्री श्री जितिन प्रसाद जी को प्राविधिक शिक्षा विभाग का दायित्व प्रदान किया गया है।आपको हार्दिक बधाई! मा. राज्य मंत्री श्री छत्रपाल सिंह गंगवार जी को राजस्‍व विभाग, मा. राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार जी को समाज कल्‍याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्‍याण विभाग, मा. राज्य मंत्री श्री दिनेश खटीक जी को जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग का दायित्व मिला है। सभी को नए दायित्व की बधाई!'

एक अन्य ट्वीट में सीएम ने लिखा, 'मा. राज्य मंत्री श्री छत्रपाल सिंह गंगवार जी को राजस्‍व विभाग, मा. राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार जी को समाज कल्‍याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्‍याण विभाग, मा. राज्य मंत्री श्री दिनेश खटीक जी को जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग का दायित्व मिला है। सभी को नए दायित्व की बधाई!'


योगी कैबिनेट विस्तार: 1 ब्राह्मण और 6 OBC-दलित, मिशन यूपी का रखा गया विशेष ध्यान

कैबिनेट का विस्तार चुनावी समीकरण को ध्यान में रखा गया है और ओबीसी व दलित श्रेणी से ज्यादा मंत्रियों को जगह दी गई है। आज योगी सरकार में भी एक ब्राह्मण और छह ओबीसी या दलित को मंत्री बनाया गया है।

लखनऊ: आज मिशन यूपी को देखते हुए योगी कैबिनेट के विस्तार कर दिया गया है। कैबिनेट का विस्तार चुनावी समीकरण को ध्यान में रखा गया है और ओबीसी व दलित श्रेणी से ज्यादा मंत्रियों को जगह दी गई है। आज योगी सरकार में भी एक ब्राह्मण और छह ओबीसी या दलित को मंत्री बनाया गया है। 

आज जितिन प्रसाद (ब्राह्मण) के अलावा संगीता बलवंत बिंद (ओबीसी), धर्मवीर प्रजापति (ओबीसी), पलटूराम (एससी), छत्रपाल गंगवार (ओबीसी), दिनेश खटिक (एससी) और संजय गौड़ ( एसटी) को  योगी कैबिनेट में जगह मिली है।

नए मंत्रियों की शपथ: 

1. सबसे पहले जितिन प्रसाद ने शपथ ली। तीन महीने पहले कांग्रेस से भाजपा में आए थे। कैबिनेट मंत्री बने।
2. छत्रपाल गंगवार ने शपथ ली, बरेली के बहेड़ी सीट से आते हैं। कुर्मी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। उम्र 65 साल है।
3. पलटू राम ने तीसरे नंबर पर शपथ ली। ये बलराम पुर से आते हैं। 2017 में जीते थे। दलित समुदाय से आते हैं।
4. संगीता बलवंत बिंद ने चौथे नंबर पर शपथ ली। पहली बार विधायक चुनी गई हैं। 42 साल उम्र हैं। पिछड़ी जाति से आती हैं। गाजीपुर सदर सीट से आती हैं।
5. संजीव कुमार ने पांचवें नंबर पर शपथ ली। सोनभद्र की ओबरा सीट से आते हैं। आदिवासी समुदाय से आते हैं।
6. दिनेश खटीक ने छठे नंबर पर शपथ ली। मेरठ के हस्तिनापुर से आते हैं। दलित समुदाय से आते हैं। पश्चिम यूपी से मंत्री बने हैं।
7. धर्मवीर प्रजापति हाथरस से आते हैं। विधान परिषद सदस्य हैं। 2021 में ही विधान परिषद में पहुंचे हैं। माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।


कैबिनेट विस्तार से पहले गन्ना किसानों को सीएम योगी का तोहफा, समर्थन मूल्य 25 रुपए बढ़ाया

सीएम योगी ने गन्ना मूल्य 25 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाने का ऐलान किया है। सीएम योगी ने कहा कि 315 रुपये वाले गन्ने का मूल्य अब 340 रुपये प्रति कुंतल दिया जाएगा वहीं 325 रुपये वाले गन्ने का दाम अब 350 होगा।

लखनऊ: आज योगी कैबिनेट के विस्तार से ठीक पहले सीएम योगी ने गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। सीएम योगी ने गन्ना मूल्य 25 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाने का ऐलान किया है। सीएम योगी ने कहा कि 315 रुपये वाले गन्ने का मूल्य अब 340 रुपये प्रति कुंतल दिया जाएगा वहीं 325 रुपये वाले गन्ने का दाम अब 350 होगा। 


लखनऊ में आयोजित किसान सम्मेलन में रविवार को सीएम योगी ने कहा कि बसपा सरकार में 21 चीनी मिलें बंद हुईं थीं। पिछले साढ़े चार सालों के अंदर हमने किसानों से अन्न की रिकॉर्ड खरीद की है। सपा-बसपा की सरकार पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो काम यूपी सरकार में हुए हैं वह पिछले की सरकारें भी कर सकती थीं। सीएम योगी कहा कि 2004 से लेकर 2014 तक का शासन देश और प्रदेश के लिए अंधकार युग था। यहां अराजकता और गुंडागर्दी का बोलबाला था। प्रदेश के किसान आत्महत्या और गरीब भूख से मर रहा था। जो आज किसानों के हितैषी बने हैं, वो तब कहां थे?  सीएम योगी ने कहा कि अगर हम गेहूं खरीद की बात करें तो पिछली सरकार ने 19,02,08 किसानों को 12,808 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। हमारी सरकार ने 43,75,574 किसानों को 36,504 करोड़ रुपये का गेहूं भुगतान उनके खाते में किया है। 


सीएम योगी ने कहा कि हमारा प्रयास है कि नई तकनीक के साथ किसान को अत्याधुनिक बीज दें ताकि वे भी अगेती गन्ना का ही उत्पादन करने की दिशा में आगे बढ़ें। आदित्यनाथ ने किसानों को इस नई घोषणा के फायदे बताते हुए कहा, इससे गन्ना किसानों की आय में अतिरिक्त आठ प्रतिशत की वृद्धि होगी और 45 लाख किसानों के जीवन में परिवर्तन होगा। यह परिवर्तन सामान्य नहीं है। 119 चीनी मिलों को चलाना है और एथनॉल के साथ इसे जोड़ना है 


बेरोजगारों को ठगने वाले 7 नटवरलालों को नोएडा पुलिस ने दबोचा

भोले-भाले और बेरोजगारों को ठगी का शिकार बनाने वाले 7 नटवरलालों को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। नटवरलालों को नोएडा सेक्टर 20 थाने की पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

नोएडा: भोले-भाले और बेरोजगारों को ठगी का शिकार बनाने वाले 7 नटवरलालों को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। नटवरलालों को नोएडा सेक्टर 20 थाने की पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

नोएडा सेक्टर 20 की पुलिस टीम ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। ADCP रणविजय सिंह ने बताया, ''7 लोग पकड़े गए हैं। ये लोग कहीं से डेटा चोरी करके मोबाईल नबर पर फोन करके नौकरी देने के नाम पर फ्रॉड कर रहे थे।''

एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि ये लोग रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट्स प्रोसेस करने के नाम पर पैसा लेकर भाग जाते थे। ये मिलकर सेक्टर 3 में इसी तरह का एक ऑफिस चला रहे थे। प्री-एक्टिवेटेड सिम, मोबाईल और डॉक्यूमेंट्स बरामद किए गए हैं। ये गाज़ियाबाद, मेरठ, बागपत के रहने वाले हैं। FIR दर्ज़ करके कार्रवाई कर रहे हैं।


दुनियाभर के हिंदुओं को भारत दे रहा नागरिकता: CM योगी

सीएम योगी ने गोरखपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान से जो हिंदू और सिख प्रताणित और अपमानित थे जिनको कोई देश अपना नहीं मानता था। मोदी जी ने कहा कि ये सब हमारे हैं। कानून बनाकर उन सबको भारत की नागरिकता दे दी।

गोरखपुर: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा आज एक बार फिर से पीएम नरेंद्र मोदी के द्वारा लिए गए दूसरे देशों के हिंदुओं के भारतीय नागरिकता की बावत जमकर तारीफ की गई। सीएम योगी ने गोरखपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान से जो हिंदू और सिख प्रताणित और अपमानित थे जिनको कोई देश अपना नहीं मानता था। मोदी जी ने कहा कि ये सब हमारे हैं। कानून बनाकर उन सबको भारत की नागरिकता दे दी।

उन्होंने आगे कहा कि दुनिया का हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन कहां जाएगा। जब संकट आएगा तो उन्हें भारत की तरफ ही देखना होगा। भारत उन्हें आज दोनो हाथ फैलाकर अपना रहा है। जब कानून बना तो तमाम लोगों ने विरोध किया लेकिन कानून लागू किया गया। क्या ये पहले की सरकारें कर पातीं। हिम्मत नहीं थी।


योगी के यूपी में बिजली के अभाव में दम तोड़ता 'स्मार्ट क्लास' का सपना, शिक्षार्थी और शिक्षक दोनों ही परेशान

यहां के सरकारी स्कूलों में लाखों रुपये खर्च करके तैयार किए गए स्मार्ट क्लास बिजली नहीं होने की वजह से चल नहीं पा रहे हैं। बच्चों को गर्मी से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

मुरादाबाद: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ तमाम तरह की बाते कहते हैं और खासकर बिजली को लेकर कि आज 24 घंटे उत्तर प्रदेश में बिजली मिल रही है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। इसका जीता जागता उदाहरण देखने को मिला है मुरादाबाद जिले में। यहां के सरकारी स्कूलों में लाखों रुपये खर्च करके तैयार किए गए स्मार्ट क्लास बिजली नहीं होने की वजह से चल नहीं पा रहे हैं। बच्चों को गर्मी से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। 
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प्राथमिक विद्यालय कन्यादांग की प्रधानाध्यापिका तनुश्री मित्तल ने बताया कि बिजली की समस्या है। प्रीपेड मीटर लगा है जिसके बिल का भुगतान विभाग द्वारा नहीं होता है। जबसे स्मार्ट क्लास लगी है खर्चा बढ़ गया है, जिसे हम दे नहीं सकते। हमने विभाग से समाधान करने के लिए कहा है। अभी तक कुछ नहीं हुआ।

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मामले में खंड शिक्षा अधिकारी भावेश कुमार ने बताया कि स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत 22 स्कूलों में स्मार्ट क्लास चलाई जा रही है। जहां प्रीपेड मीटर लगे हैं वहां समस्या आ रही है। बिजली विभाग से बात करके हल किया जाएगा, संपर्क किया जा रहा है। 2-3 स्कूलों में ये समस्या है जिसे 2-4 दिन में ठीक कर दिया जाएगा।

बहरहाल, अब विद्यालय में बिजली व्यवस्था कब ठीक होगी इसकी जानकारी तो नहीं है लेकिन सूबे के सीएम योगी की बिजली व्यवस्था के प्रति पोल जरूर खुल रही है।


संपत्ति के लालच में अपराधी ने 20 साल में कर डाले 5 अपनों के कत्ल, पढ़िए-गाजियाबाद जिले की खौफनाक कहानी

गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र के बसंतपुर सैंथली गांव में लीलू त्‍यागी नामक एक शख्‍स ने संपत्ति के लालच में अपने ही परिवार के पांच लोगों का कत्‍ल कर डाला। आरोप है कि उसने 20 साल में बारी-बारी इन हत्‍याओं को अंजाम दिया।

गाजिबाद: यूपी के गाजियाबाद में संपत्ति के लिए 5-5 हत्याएं किए जाने की बात सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र के बसंतपुर सैंथली गांव में लीलू त्‍यागी नामक एक शख्‍स ने संपत्ति के लालच में अपने ही परिवार के पांच लोगों का कत्‍ल कर डाला। आरोप है कि उसने 20 साल में बारी-बारी इन हत्‍याओं को अंजाम  दिया।

हत्यारे लीलू त्यागी ने सबसे पहले अपने बड़े भाई की हत्‍या की। फिर अपने भतीजे और दो भतीजियों को मारा और अब दूसरे भतीजे को भी अगवा कर मौत के घाट उतार दिया। यही नहीं उसके शव को पहासु ले जाकर गंगनहर में फेंक दिया। यह शख्‍स और उसके दो साथी अब पुलिस की गिरफ्त में है। 

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लीलू से पूछताछ के आधार पर पुलिस उसके भतीजे के शव की तलाश में जुट गई है। इसके लिए बुलंदशहर पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार सैंथली गांव के ब्र‍िजेश का इकलौता बेटा रेशु 8 अगस्त को अचानक लापता हो गया। परिवारवालों ने कई दिनों तक उसकी तलाश की लेकिन जब कुछ पता नहीं चला तो थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रेशु की तलाश में पुलिस भी जुटी लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने इलेक्‍ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्‍य तरीकों का सहारा लिया। धीरे-धीरे रेशु के गायब होने में ब्रिजेश के छोटे भाई लीलू की भूमिका का पता चलने लगा। उसके खिलाफ कई सबूत भी मिले। फिर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

जब पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ की गई तो लीलू ने सारा राज उगल दिया। उसने बताया कि उसने रेशू की हत्‍या कर दी है। इस जुर्म में उसके साथी सुरेंद्र, विक्रांत व उसके भांजे मुकेश व राहुल ने भी साथ दिया। पहले रेशु को अगवा किया गया फिर मौत के घाट उताकर शव को बुलंदशहर के पहासू में नहर में डाल दिया गया।

पूर्व पुलिसकर्मी ने भी दिया साथ

रेशु की हत्‍या में लीलू का साथ देने वाला सुरेन्‍द्र यूपी पुलिस से दो साल पहले सेवानिवृत बताया जा रहा है। वह हापुड़ के नंगोला गांव का रहने वाला है। पुलिस शव की बरामदगी के लिए जुटी है। इसके साथ ही फरार आरोपित विक्रांत और मुकेश को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही है। 


योगी सरकार से हर कोई परेशान: शिवपाल यादव

समाजवादी पार्टी के प्रति भी उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी हमको साथ लेकर चलती तो 2017 में एक प्रदेश में नहीं बल्कि कम से कम 3 प्रदेशों में समाजवादी पार्टी की सरकार होती।

लखनऊ: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के  चीफ शिवपाल यादव में यूपी की योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार से हर कोई परेशान है। हमारी पूरी तैयारियां हैं। 75 ज़िलों में हमारा संगठन तैयार हो गया है। जितनी भी सेक्युलर और समान विचारधारा वाली पार्टियां हैं। हमारा प्रयास है एक होकर भाजपा को हटाना है।


शिवपाल ने आगे कहा कि इस सरकार से हर वर्ग के लोग परेशान है और सभी लोग भाजपा को हटाना चाहते हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रति भी उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी हमको साथ लेकर चलती तो 2017 में एक प्रदेश में नहीं बल्कि कम से कम 3 प्रदेशों में समाजवादी पार्टी की सरकार होती।


सना खान की शादी कराने वाला मौलाना कलीम सिद्दीकी निकला मतांतरण कराने वाला 'बड़ा खिलाड़ी', यूपी ATS ने खोले राज

मतांतरण मामले में यूपी एटीएस ने मुजफ्फरनगर निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। मौलाना पर अनगिनत मतांतरण के आरोप लगे हैं। एटीएस की टीम लंबे समय से उस पर नजर बनाए हुए थी।

लखनऊ: अवैध ढंग से मतांतरण (धर्मांतरण) कराने के मामले में उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (यूपी एटीएस) ने मेरठ से मौलाना कलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। इस्लामिक विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीकी पूर्व बालीवुड अभिनेत्री सना खान का निकाह कराने को लेकर चर्चा में आए थे। अब मतांतरण के मामले में मौलाना सिद्दीकी से पूछताछ के बाद चौंकाने वाले राजफाश हुए हैं।

मतांतरण मामले में यूपी एटीएस ने मुजफ्फरनगर निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। मौलाना पर अनगिनत मतांतरण के आरोप लगे हैं। एटीएस की टीम लंबे समय से उस पर नजर बनाए हुए थी। मंगलवार देर रात एटीएस की टीम ने मेरठ से एक कार्यक्रम से लौटते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। एटीएस ने मौलाना व उसके तीन साथियों से रात भर पूछताछ की जिसके बाद बुधवार को इस मामले में बड़े किए हैं।

ADG (क़ानून-व्यवस्था),उत्तर प्रदेश  प्रशांत कुमार ने बताया कि 20 जून को अवैध धर्मांतरण गिरोह संचालित करने वाले लोग गिरफ्तार गिए गए थे।इस संबंध में मुकदमा दर्ज़ किया गया था। उमर गौतम और इसके साथियों को ब्रिटिश आधारित संस्था से लगभग 57 करोड़ रुपये की फंडिंग की गई थी। जिसके खर्च का ब्योरा अभियुक्त नहीं दे पाये। इस संबंध में आज के अभियुक्त को छोड़कर कुल 10 लोग गिरफ्तार हुए थे जिसमें से 6 के खिलाफ विभिन्न तिथियों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, 4 के खिलाफ जांच चल रही है।

एडीजी ने आगे बताया कि जांच में तथ्य प्रकाश में आए कि मौलाना कलीम सिद्दिकी अवैध धर्मांतरण के कार्य में लिप्त है और विभिन्न प्रकार की शौक्षणिक, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं की आड़ में यह देशव्यापी स्तर पर किया जा रहा है, जिसके लिए विदेशों से भारी फंडिंग प्राप्त की जा रही है। अभी तक की जांच के अनुसार मौलाना के ट्रस्ट के खाते में एकमुश्त 1.5 करोड़ रुपया बहरीन से आया है। अब तक की जांच से कुल 3 करोड़ रुपये की फंडिंग के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। बीती रात लगभग 9 बजे मौलाना कलीम सिद्दिकी को उत्तर प्रदेश एटीएस ने मेरठ से गिरफ्तार किया है।

उन्होंने आगे बताया कि धर्मांतरण सुनियोजित तरीके से संगठनात्मक रूप से किया जा रहा है। जिसमें देश के कई नामी लोग और संस्था शामिल हैं। तथ्य प्रमाणित हुआ है कि यह भारत का सबसे बड़ा धर्मांतरण सिंडिकेट संचालित करता है, गैर मुस्लिमों को गुमराह करके,डराकर धर्मांतरित करता है।


अलीगढ़: जिला जेल में ब्रेस्ट कैंसर व मेंस्ट्रुअल हाइजीन पर जागरुकता शिवर का आयोजन

'आग़ाज़ रे ऑफ होप' स्वयं सेवी संस्था द्वारा 'वर्ल्ड रोज़ डे' के अवसर पर जो कि कैंसर के मरीजों को जागरुक करने के लिए हर साल 22 सितंबर को मनाया जाता है, के तहत आगाज़ संस्था के माध्यम से ब्रेस्ट कैंसर और मेंस्ट्रुअल हाइजीन पर एक जागरुकता शिवर का आयोजन किया गया।

अलीगढ़: जिला कारागार अलीगढ़ में बंद महिला कैदियों के लिए आज 'आग़ाज़ रे ऑफ होप' स्वयं सेवी संस्था द्वारा 'वर्ल्ड रोज़ डे' के अवसर पर जो कि  कैंसर के मरीजों को जागरुक करने के लिए हर साल 22 सितंबर को मनाया जाता है, के तहत आगाज़ संस्था के माध्यम से ब्रेस्ट कैंसर और मेंस्ट्रुअल हाइजीन पर एक  जागरुकता शिवर का आयोजन किया गया। 


शिविर में कुल 153 महिला बंदी लाभान्वित हुई। जिसमे सभी महिला बंदियों को उक्त संस्था के माध्यम से प्रमुख समाज सेवी तलत जावेद, डॉ उशना, डॉ नायिला, अनम फातिमा द्वारा ब्रेस्ट कैंसर और मेंस्ट्रुअल हाइजीन के बारे में विशेष रूप से जागरूक किया गया।


इस अवसर पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र, जेलर पी. के. सिंह, कारागार के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शाहरुख रिज़वी के द्वारा महिला बंदियों के लिए, महिला बैरक में, महिला विशेषज्ञों द्वारा इस तरह का जागरूकता शिविर आयोजित करने हेतु  आगाज़  संस्था के अध्यक्ष आबरीद अशरफ, उपाध्यक्ष आदिल जवाहर, डॉ शोभित का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

वहीं, संस्था के सदस्यों द्वारा ब्रेस्ट कैंसर और मेंस्ट्रुअल हाइजीन से जुड़ी जानकारियां देने के क्रम में महिला कैदियों से यह जानने का भी प्रयास किया गया कि उनमें से किसी को इस तरह की समस्या है। महिला कैदियों द्वारा ना में जवाब दिया गया और जो भी जानकारियां संस्था द्वारा जागरूकता शिविर में दी गई उसपर महिला कैदियों में अमल करने का संकल्प लिया।


तस्वीरों में देखें: ब्रह्मलीन महंत नरेंद्र गिरि को दी गई भू-समाधि, नम आंखों से संतों और भक्तों ने दी अंतिम विदाई

फूलों से सजे वाहन पर पार्थिव शरीर रखकर अंतिम यात्रा शहर के मार्गों से होकर गंगा, यमुना और अदृश्‍य सरस्‍वती के पावन संगम पहुंची। वहां स्‍नान कराने के बाद बांध स्थित लेटे हनुमान मंदिर फिर वापस श्रीमठ बाघम्‍बरी गद्दी ले जाया गया। यहां वैदिक मंत्रोच्‍चार के साथ महंत के पार्थिव शरीर को भू समाधि दी गई।

प्रयागराज: हिंदुत्व के पुरोधाओं में शामिल महंत नरेंद्र गिरि को आज भू समाधि दे दी गई। इस मौके पर भारी संख्या में संत और भक्त मौजूद रहे। इससे पहले बुधवार को पोस्‍टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर श्रीमठ बाघम्‍बरी गद्दी लाया गया।

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फूलों से सजे वाहन पर पार्थिव शरीर रखकर अंतिम यात्रा शहर के मार्गों से होकर गंगा, यमुना और अदृश्‍य सरस्‍वती के पावन संगम पहुंची। वहां स्‍नान कराने के बाद बांध स्थित लेटे हनुमान मंदिर फिर वापस श्रीमठ बाघम्‍बरी गद्दी ले जाया गया। यहां वैदिक मंत्रोच्‍चार के साथ महंत के पार्थिव शरीर को भू समाधि दी गई।

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महंत नरेंद्र गिरि को अंतिम विदाई के क्रम में संगम तट पर महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर को गंगाजल से स्‍नान कराया गया। पात्रों में गंगाजल भरकर उनके पार्थिव शरीर को स्‍नान कराया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्‍चार का पाठ भी किया गया। संगम तट से महंत की अंतिम यात्रा श्रीमठ बाघम्‍बरी गद्दी अल्‍लापुर के लिए रवाना हो गई।

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महंत नरेंद्र गिरि का पार्थिव शरीर फूलों से सजे वाहन में प्रयागराज शहर की सड़कों पर घूमते हुए संगम तट पहुंचा। संगम तट पर गंगा, यमुना और अदृश्‍य सरस्‍वती के पावन जल से पार्थिव शरीर को स्‍नान कराया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्‍या में श्रद्धालुओं की संगम तट पर भीड़ रही। प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के तगड़े इंतजाम कर रखे थे।


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8 जिले की फोर्स लगी

मुख्यमंत्री समेत कई वीआइपी मंगलवार को श्री मठ बाघम्बरी गद्दी महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इसे लेकर सोमवार रात से ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाने लगा। प्रयागराज के साथ ही प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर जनपद से पुलिस फोर्स बुला ली गई थी। एयरपोर्ट से लेकर मठ तक पुलिस का सख्त पहरा था। मठ की तरफ जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर दिया गया।


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दंगाइयों को सीएम योगी का संदेश, कहा-'सार्वजनिक संपत्ति, गरीब के मकान को जलाओगे तो 7 पीढ़ियां भी नहीं कर पाएंगी भुगतान'

सीएम योगी आदित्यानथ सूबे के कई जिलों के दौरे पर रहेष उन्होंने अमरोहा, हापुड़ का दौरा किया। अपने दौरे के क्रम में अमरोहा पहुंचे सीएम योगी ने विपक्षियों पर हमला बोलने के साथ-साथ दंगाइयों को भी कड़ा संदेश दिया।

अमरोहा/हापुड़: आज यूपी के सीएम योगी आदित्यानथ सूबे के कई जिलों के दौरे पर रहेष उन्होंने अमरोहा, हापुड़ का दौरा किया। अपने दौरे के क्रम में अमरोहा पहुंचे सीएम योगी ने विपक्षियों पर हमला बोलने के साथ-साथ दंगाइयों को भी कड़ा संदेश दिया।

अमरोहा में सीएम योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगाइयों को संरक्षण देने की होती थी। पिछले साढ़े चार साल में उत्तर प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ। दंगाइयों को इस सरकार की स्पष्ट चेतावनी है। अगर प्रदेश में दंगा करोगे तो संपत्ति ज़ब्त होगी। सार्वजनिक संपत्ति, गरीब के मकान को जलाओगे तो सात पीढ़ियां भुगतान करते-करते थक जाएंगी लेकिन उसकी भरपाई नहीं कर पाओगे।

वहीं, समाजवादी पार्टी पर हमला बोले हुए सीएम ने कहा कि समाजवादी पार्टी को प्रदेश में विकास से कोई लेना-देना नहीं था उन्हें सिर्फ़ अपने विकास से मतलब होता था। उनके दौर में विकास की योजना आती थी तो बंदरबांट होने लगता था। जनता तक तो पहुंचता ही नहीं था।


घंटा, शंख, डीज सब बजेगा: CM योगी

हापुड़ पहुंचे सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि मैं पिछली परिपाटी देखकर ताज्जुब कर रहा था कि घंटा नहीं बजने देंगे, शंख नहीं बजेगा, जूलूस नहीं निकलने देंगे और डीजे नहीं बजने देंगे। मैंने कहा कि अब आप इसे अलग रखिये मैं आदेश करता हूं कि ये सब बजेंगे। 

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सीएम योगी ने आगे कहा कि आज आप देखते होंगे दुर्गा पूजा का आयोजन, गणेश पूजन कार्यक्रम, दीपावली के समय लक्ष्मी पूजा या कांवड़ यात्रा का कार्यक्रम हो सब सकुशल सम्पन्न हो रहे हैं। हमने सबसे कहा कि हर वर्ग, मत और मजहब के लोग अपने-अपने त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं, कोई बाधा नहीं है।

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सीएम योगी ने हापुड़ में विभिन्न विकास योजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में  जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि लगभग 342 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास का कार्यक्रम सम्पन्न हो रहा है। सरकार ने विकास के मामले में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया।



सीएम योगी ने मुरादाबाद को दी करोड़ों की सौगात, कई योजनाओं का किया लोकार्पण

उन्होंने कहा कि विपक्ष के विधायकों को विकास से कोई मतलब नहीं है। उनके लिए विकास सैफई खानदान का विकास होता है। 2017 के पहले सरकार अपने स्वार्थ के लिए कार्य करती थी। 30,000 बेटियां उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हो चुकी हैं। प्रदेश में 42 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध करवाया गया।

मुरादाबाद: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुरादाबाद को 2 ऑक्सीजन प्लांट चालू स्थिति में प्राप्त हो रहे हैं। भाजपा का कोई ऐसा विधायक नहीं है जिसने अपने विधानसभा क्षेत्र में 1500-2000 करोड़ रुपये के कार्य न कराए हो।

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सीएम योगी ने इस मौके पर विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के विधायकों को विकास से कोई मतलब नहीं है। उनके लिए विकास सैफई खानदान का विकास होता है। 2017 के पहले सरकार अपने स्वार्थ के लिए कार्य करती थी। 30,000 बेटियां उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हो चुकी हैं। प्रदेश में 42 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध करवाया गया।


महंत नरेंद्र गिरि का निधन: 23 सितंबर सुबह 11 बजे दी जाएगी भू-समाधि, CM योगी की अपील-अनावश्यक बयानबाजी से बचें

योगी ने कहा कि एक एक घटनाक्रम का पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। उन्होंने कहा कि सभी से अपील है कि इस संवेदनशील मामले में अनावश्यक बयानबाजी करने से बचें और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष ढंग से अपना काम करने दें।

लखनऊ/प्रयागराज: स्वर्गीय महंत नरेंद्र गिरि को 23 सितंबर को सुबह 11 बजे भू-समाधि दी जाएगी। संत समाज और अखाड़ा परिषद की कल सुबह 10 बजे बैठक होगी। समाधि संस्कार अब परसों होगा। इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि इस पूरे मामले को संपत्ति का मामला मानते हुए पुलिस की एक टीम- यहां के अतिरिक्त महानिदेशक, महानिरीक्षक, प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं मंडलायुक्त-इस मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।

मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे श्री मठ बाघंबरी गद्दी पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, कल की घटना को लेकर कई साक्ष्य एकत्र किए गए हैं क्योंकि यह मामला धर्माचार्य और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष से जुड़ा हुआ मामला है।

योगी ने कहा कि एक एक घटनाक्रम का पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। उन्होंने कहा कि सभी से अपील है कि इस संवेदनशील मामले में अनावश्यक बयानबाजी करने से बचें और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष ढंग से अपना काम करने दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

सीएम योगी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धार्मिक परंपरा के अनुसार पंचक होने के कारण कल पांच सदस्यीय एक टीम महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम संपन्न करेगी और उसके बाद जो भी धार्मिक रीति है, शास्त्रों की पद्धति से उनकी भावनाओं के अनुरूप समाधि का कार्यक्रम यहां संपन्न होगा। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज कुम्भ 2019 के आयोजन में महंत नरेंद्र गिरि के योगदान को याद करते हुए कहा कि गिरि ने जैसे अपने घर का कार्यक्रम होता है, उसी तर्ज पर प्रयागराज कुम्भ की भव्यता, उसकी सुरक्षा, तेरह अखाड़ों के बीच बेहतर संवाद और समन्वय का सुंदर प्रयास किया था और उसी का परिणाम था कि प्रयागराज कुम्भ को पहली बार वैश्विक मंच पर एक अद्भुत घटना के रूप में जाना गया।


वहीं, पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि उनके परिवार के साथ-साथ हम सब दुखी हैं। मैं उनको याद करता हूं और श्रद्धांजलि देता हूं। उनके अनुयायियों, साथियों और सहयोगियों को इस क्षति पर जो दुख हुआ उसे सहन करने की शक्ति मिले। अखिलेश यादव ने बाघम्बरी मठ पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि के अंतिम दर्शन किए। अखिलेश ने इस मामले में हाईकोर्ट के मौजूदा जज से जांच कराने की मांग की है।



नरेंद्र गिरी महाराज की मौत: यूपी सरकार ने बुलाई आपात बैठक, कमरे से मिला सुसाइड नोट, शिष्य आनंद हिरासत में

यूपी की योगी सरकार ने यूपी सरकार ने इस पूरे मामले को देखते हुए आपात बैठक बुलाई है। मिली जानकारी के मुताबिक, ACS गृह के ऑफिस में ये बैठक बुलाए जाने की खबर है। इस बैठक में पुलिस के आला अधिकारियों को बुलाया गया है, जिसमें एडीडी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का नाम भी शामिल है।

लखनऊ: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। पहले तो यह मामला आत्महत्या का लग रहा था लेकिन अब इस मामले में सुसाइड नोट में किए गए दावों से यह मामला हत्या का लग रहा है। पुलिस ने कहा है कि उनके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें शिष्य आनंद गिरि का जिक्र है। पुलिस ने कहा है कि सुसाइड नोट वसीयत की तरह है मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

इस बीच यूपी की योगी सरकार ने यूपी सरकार ने इस पूरे मामले को देखते हुए आपात बैठक बुलाई है। मिली जानकारी के मुताबिक, ACS गृह के ऑफिस में ये बैठक बुलाए जाने की खबर है। इस बैठक में पुलिस के आला अधिकारियों को बुलाया गया है, जिसमें एडीडी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का नाम भी शामिल है। ये एक हाई प्रोफाइल केस है, ऐसे में इस बैठक में अपडेट लिया जाएगा और मामले की जांच से जुड़ी चर्चा होगी।

वहीं, बीती रात प्रयागराज आईजी केपी सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया ये सुसाइड का मामला लग रहा है। उनका(महंत नरेंद्र गिरि) सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि मैं बहुत से कारणों से दुखी था इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं। मामले में जांच जारी है।

इस बीच यह भी खबर है कि प्रयागराज पुलिस की तरफ से लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को भी हिरासत में लिया गया है।


नरेंद्र गिरि के निधन पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा, “अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!”

महंत नरेंद्र गिरी की मौत को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। दूसरी तरफ, आनंद गिरि ने महंत नरेंद्र गिरी को लेकर कहा कि, उनकी हत्या षडयंत्र के तहत की गई है। इस बीच संत समाज ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।

हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा, “अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी जी के निधन की सूचना मिली जो बहुत ही आहत करने वाला है। ये सनातन धर्म के लिए बहुत बड़ी क्षति है ये अपूरणीय क्षति है। प्रशासन से मांग है कि उनकी मौत की निष्पक्षता से जांच की जाए।”


आरोपी आनंद गिरी ने कही ये बात

हिरासत में लिए जाने से पहले आनंद गिरि ने कहा कि और भी कई लड़के हैं जो उनसे घर बनवाना चाहते थे, धन का लाभ लेना चाहते थे, मठ की संपत्ति बिक नहीं पा रही थी और पैसों का प्रेशर बढ़ता जा रहा था, कई लोगों से गुरूजी ने कर्ज ले लिया था जिसमें एक बहुत बड़े डॉक्टर हैं प्रयागराज के, हरिद्वार के एक बहुत बड़े व्यापारी से कर्ज ले रखा था। इन तमाम कर्ज के कारण उन लड़कों का दवाब लगातार बढ़ता जा रहा था कई। लोग उस मठ की संपत्ति पर गिद्ध की तरह निगाहें गड़ाकर बैठे थे। जब नहीं कर पाए तो उनकी हत्या कर दी गई।” आनंद गिरि ने मांग की कि सुसाइड नोट हैंडराइटिंग की जांच की जाए।

एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कही ये बात

यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा, “नरेंद्र गिरि जी ने आत्महत्या कर ली है ये सूचना उनके शिष्य के द्वारा दी गई। इस पर तात्कालिक रूप से आईजी और अन्य लोगों ने मौके पर जाकर इसका परीक्षण किया। मौके से ये बताया गया है कि दरवाजा पूर्व में बंद था अमूमन साढ़े तीन से चार बजे के बीच महंत जी खुद निकलते थे जब वो नहीं निकले हैं तो उनके शिष्यों ने दरवाजा खटखटाया दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई मूवमेंट नहीं हुआ है तो उन्होंने दरवाजा तोड़ा था जोकि अंदर से बंद था और उन्होंने देखा कि महंत जी की बॉडी एक नाइलॉन के घागे से लटकी हुई है पंखे से और फिर वहां उसको पुलिस की मौजूदगी में उतारा गया है।  मौके से एक सुसाइड नोट भी प्राप्त हुआ है जिसमें कि महंत जी ने आनंद गिरि तथा दो अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध आरोप लगाएं कि उनकी मौत के जिम्मेदार वही लोग हैं। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने आनंद गिरि को उत्तरांचल पुलिस की सहायता से हरिद्वार में हिरासत में लिया है। एक स्पेशल टीम वहां भेजी जा रही है जो पूर्ण सुरक्षा के बीच उसको लाएगी और आगे की पूछताछ इसमें की जाएगी।”


किसने क्या कहा

केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने ट्वीट करते हुए कहा, “अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज का निधन अत्यंत दुःखद है, पूज्य महंत जी ने अपने धार्मिक दायित्वों का निर्वहन अंत्यत कुशलता से किया, वो सभी वरिष्ठ संतो व अखाड़ों में समन्वय की धुरी थे। उनका जाना मेरे लिए तथा निरंजनी अखाड़े के लिए अपुर्णीय क्षति है, ईश्वर पुण्यात्मा को निजधाम में स्थान व उनके अनुयायियों को इस कठिन परिस्तिथि में धैर्य प्रदान करें।”

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर शोक जताया। उन्होंने ट्वीट किया, “देश के प्रख्यात संत व अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत श्री नरेन्द्र गिरि जी की मौत की खबर अति-दुःखद तथा जिस परिस्थिति में उनकी मौत की खबर है वह अति-चिन्तनीय। उनके अनुयाइयों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। सरकार जन भावना व मामले की गंभीरता के अनुरूप संतोषजनक कार्रवाई करे।”


केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिंया ने कहा, “अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी जी महाराज के आकस्मिक निधन की खबर अत्यंत दुःखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं उनके अनुयायियों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”


AAP ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मामले की केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। 'आप' के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने सोमवार को एक बयान में कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में ना आम आदमी सुरक्षित है और ना ही साधु-संत। महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु की खबर अत्यंत दुखद है।


कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शोक जताते हुए ट्वीट किया, “अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत पूज्य श्री नरेंद्र गिरी जी महाराज के देहावसान का दुखद समाचार मिला। ये सम्पूर्ण समाज के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। महंत जी के अनुयायियों के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं। ॐ शांति।”



राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट करते हुए कहा, “अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्र गिरि जी महाराज का देवलोकगमन अध्यात्म जगत के लिए बड़ी क्षति है। उनका सम्पूर्ण जीवन समाजहित एवं सनातन परंपरा को विस्तारित करने के लिए समर्पित रहा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। ॐ शान्ति!’’

कांग्रेस ने निशाना साधते हुए कहा कि यूपी सरकार संतों की रक्षा करने में असमर्थ है। रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करते हुए कहा, “संतों महन्तों की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद के आदरणीय महंत नरेंद्र गिरी जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हृदयविदारक है। श्रद्धांजलि। क्या ये आत्महत्या है या सुनियोजित हत्या? उत्तर प्रदेश भाजपा की ये कैसी सरकार है जो देश के संतों महंतों की रक्षा करने में भी समर्थ नहीं?।”

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शोक जताते हुए कहा, “अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्र गिरि जी का पूरा जीवन अध्यात्म व धर्म के प्रचार, उत्थान व मानव सेवा को समर्पित रहा। उनके देवलोकगमन से हमने सनातन संस्कृति का एक देदीप्यमान नक्षत्र खो दिया है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ॐ शांति”

पीएम मोदी ने शोक जताते हुए कहा, “अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्र गिरि जी का देहावसान अत्यंत दुखद है। आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की अनेक धाराओं को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। प्रभु उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति!!”


महंत नरेंद्र गिरी का निधन: हत्या या आत्महत्या ? जांच में जुटे यूपी के शीर्ष पुलिस अधिकारी, PM मोदी-CM योगी समेत तमाम हस्तियों ने जताया दुःख

एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी की महंत जी ने आत्महत्या की है। सूचना मिलने पर IG और उनकी टीम मौके पर पहुंची और उनके शरीर को पंखे से उतारा। हमको मौके से सुसाइड नोट मिला था जिसपर उन्होंने आनंद गिरि तथा दो अन्य लोगों के विरुद्ध आरोप लगाए हैं।


लखनऊ: आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का निधन हो गया। उनके निधन से संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और तमाम संतों में नरेंद्र गिरी के निधन पर शोक जताया है। इस बीच यह सूचना मिली है कि उनका शव पंखे से लटका मिला एयर आईजी लेवल के अधिकारी की मौजूदगी में शव को पंखे से उतारा गया। यह भी खबर है कि पुलिस ने मामले में जुड़े एक संत को हरिद्वार से उत्तराखंड पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है।

मामले को लेकर प्रयागराज आईजी के.पी. सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया ये सुसाइड का मामला लग रहा है। उनका (महंत नरेंद्र गिरि) सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि मैं बहुत से कारणों से दुखी था इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं। मामले में जांच जारी है। उन्होंने आगे कहा कि हमें आश्रम से फोन आया कि महाराज(महंत नरेंद्र गिरि) फंदे से लटक गए हैं। जब हम यहां आए तो देखा कि महाराज ज़मीन पर लेटे हुए थे। रस्सी पंखे में फंसी हुई थी। उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी की महंत जी ने आत्महत्या की है। सूचना मिलने पर IG और उनकी टीम मौके पर पहुंची और उनके शरीर को पंखे से उतारा। हमको मौके से सुसाइड नोट मिला था जिसपर उन्होंने आनंद गिरि तथा दो अन्य लोगों के विरुद्ध आरोप लगाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि तुरंत कार्रवाई करते हुए हमने आनंद गिरि को उत्तराखंड पुलिस की सहायता से हरिद्वार से हिरासत में लिया। एक टीम वहां भेजी जा रही है जो पूर्ण सुरक्षा के बीच उसको लाएगी और आगे की पूछताछ इसमें की जाएगी।


उनके निधन पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।


वही, हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी जी के निधन की सूचना मिली जो बहुत ही आहत करने वाला है। ये सनातन धर्म के लिए बहुत बड़ी क्षति है। ये अपूरणीय क्षति है। प्रशासन से मांग है कि उनकी मौत की निष्पक्षता से जांच की जाए।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी प्रयागराज पहुंच गए हैं और प्रारंभिक दौर में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनको वे जल्द प्रस्तुत करेंगे। महंत जी का ना रहना हम सब के बीच में अविस्मरणीय और दुखद क्षण है, जो मन को आहत करने वाला है।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य  ने कहा कि इस समाचार से सिर्फ मैं ही नहीं भक्त भी दुखी हैं। उन्होंने मुझे सदैव प्यार दिया। विश्वास नहीं हो रहा की वह आत्महत्या कर सकते हैं। अगर किसी ने ऐसी स्थिति पैदा की है तो उसे बख़्शा नहीं जाएगा। स्थिति जानने के लिए प्रयागराज जा रहा हूं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्र गिरि जी का देहावसान अत्यंत दुखद है। आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की अनेक धाराओं को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। प्रभु उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें।


अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का निधन

आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का निधन हो गया। उनके निधन से संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और तमाम संतों में नरेंद्र गिरी के निधन पर शोक जताया है।

लखनऊ: आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का निधन हो गया। उनके निधन से संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और तमाम संतों में नरेंद्र गिरी के निधन पर शोक जताया है।


उनके निधन पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।


वही, हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी जी के निधन की सूचना मिली जो बहुत ही आहत करने वाला है। ये सनातन धर्म के लिए बहुत बड़ी क्षति है। ये अपूरणीय क्षति है। प्रशासन से मांग है कि उनकी मौत की निष्पक्षता से जांच की जाए।


अलीगढ़: जिला कारागार में बंद कैदियों को वितरित की गई डेंगू की दवा

जिला कारागार अलीगढ़ में निरुद्ध सभी बंदियों (3849)को श्री वार्षणेय मंदिर होम्योपैथिक चिकित्सालय अलीगढ़ के तत्वावधान में डेंगू रोग‌ से बचाव हेतु विशेष दवा Eupatorium Perfoliatum 200 CH नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई।

अलीगढ़: इन दिनों उत्तर प्रदेश के कई जिलों में डेंगू व अन्य तमाम प्रकार के बुखार का कहर बरप रहा है। खासकर पश्चिमी यूपी के कई जिले जैसे कि हाथरस, मथुरा, फिरोजाबाद बुखार की चपेट में हैं। कई लोगों की बुखार की वजह से मौत भी हो चुकी है। ऐसे में आज जिला कारागार अलीगढ़ में बंद कैदियों को आज डेंगू रोधक दवा का वितरण किया गया।


जिला कारागार अलीगढ़ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, आदरणीय पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक महोदय, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश  द्वारा निर्गत निर्देशों के अनुक्रम में आज दिनांक 19 सितंबर को  जिला कारागार अलीगढ़ में  निरुद्ध सभी बंदियों (3849)को श्री वार्षणेय मंदिर होम्योपैथिक चिकित्सालय अलीगढ़ के तत्वावधान में डेंगू रोग‌ से बचाव हेतु विशेष दवा  Eupatorium Perfoliatum 200 CH  नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई। 

उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा आज आयोजित चिकित्सीय शिविर में कारागार में  निरुद्ध 236 पुरुष बंदी + 36 महिला बंदियों सहित कुल 272 बंदियो का परीक्षण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निशुल्क होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध कराया गया। 


इस अवसर पर जेल प्रशासन द्वारा आगंतुक चिकित्सक गण डा. सुनील गुप्ता,  डा. योगेश गुप्ता, डा. अशोक वशिष्ठ और टीम के अन्य सहयोगी सदस्य बंटी और नितिन का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।


यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गिनाई अपनी सरकार की उपलब्धियां, कहा-'दंगामुक्त हुआ उत्तर प्रदेश'

आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि आज हर वर्ग के लोगों तक सरकार को योजना पहुंच रही है। पारदर्शी तरीके से भर्तियां हो रही हैं। उत्तर प्रदेश में अब दंगे नहीं होते और अपराधियों को जेल में डाला जा रहा है।

लखनऊ: आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि आज हर वर्ग के लोगों तक सरकार को योजना पहुंच रही है। पारदर्शी तरीके से भर्तियां हो रही हैं। उत्तर प्रदेश में अब दंगे नहीं होते और अपराधियों को जेल में डाला जा रहा है।

इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि, केंद्र से हमें लगातार सहयोग मिला जिससे हमने सभी योजनाओं को अच्छी तरह से लागू किया। सीएम योगी ने कहा कि, पहले की सरकारों के कार्यकाल में यूपी की क्या दशा थी, ये किसी से छिपी नहीं थी।

सीएम योगी ने कहा कि, पहले सरकारी योजना का हाल क्या होता था, ये सभी जानते हैं। हमारी सरकार ने सभी वर्गों तक पूरी इमानदारी के साथ सरकारी योजनाओं को पहुंचाया। आपदा के वक्त सरकार ने हर स्तर पर लोगों को सहायता पहुंचाई। उन्होंने बताया कि, कोरोना काल में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया गया।

अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए सीएम योगी ने कहा कि यूपी में पहले हर तीसरे चौथे दिन दंगा हुआ करता था, लेकिन हमारी सरकार ने प्रदेश को दंगामुक्त बनाया। वहीं, उन्होंने कहा कि हमने माफिया और अपराधियों पर कानून की दायरे में कार्रवाई की। सीएम योगी ने कहा कि, हमने 1800 करोड़ की सरकारी संपति जब्त की और अवैध निर्माण पर कार्रावाई की।

सीएम योगी ने आगे कहा कि सरकारी नौकरियों को लेकर सीएम योगी ने कहा कि, पहले कुछ परिवारों को लिए ये वसूली का काम होता था। उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार ने पार्दर्शी तरीके से सरकारी नौकरी में भर्ती शुरू की। सीएम ने कहा कि, साढ़े चार लाख युवाओं को हमारी सरकार ने नौकरी दी। किसी भी भर्ती में कोई दलाली नहीं हुई। उन्होंने कहा कि, पहले की सरकारों में वर्षों से नौकरी लंबित पड़ी थी।

इसके अलावा सीएम ने बताया कि, यूपी पुलिस में 30 हजार महिला आरक्षियों की भर्ती की गई। बेसिक शिक्षा परिषद में ज्यादातर महिलाओं की भर्ती की गई। उन्होंने बताया कि, प्रदेश में 50 नये महाविद्यालय बनाये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, यूपी में कानून व्यवस्था ऐसी थी कि, निवेश नहीं था और इज ऑफ डुइंग के मामले में प्रदेश का 14वां स्थान था। लेकिन हमारी सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार करते हुए यूपी में पहले इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया और खास बात ये है कि, अब देश और दुनिया का उद्योगपति प्रदेश में निवेश का इच्छुक है। यूपी में तीन लाख करोड़ का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि यूपी अब इज ऑफ डुइंग में दूसरे स्थान पर आ गया है।


अलीगढ़: BJP नेता को पकड़ने आई बंगाल पुलिस टीम को पीटा, CO से भिड़े MP-MLA, जानिए-क्या है मामला

अलीगढ़ आई पुलिस टीम को शुक्रवार शाम लोगों ने कमरा बंद कर पिटाई की। सूचना पर भाजपा सांसद-विधायक और समर्थक मौके पर पहुंच गए।

अलीगढ़: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ विवादित बयान देने वाले अलीगढ़ के बीजेपी नेता को गिरफ्तार करने आई पुलिस टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। अलीगढ़ आई पुलिस टीम को शुक्रवार शाम लोगों ने कमरा बंद कर पिटाई की। सूचना पर भाजपा सांसद-विधायक और समर्थक मौके पर पहुंच गए।

 सांसद-विधायक भी स्थानीय पुलिस की तरफ से पहुंचे सीओ से भिड़ गए। बाद में स्थानीय पुलिस बंगाल पुलिस टीम को समर्थकों से बचाते हुए थाने ले गई। घटना को लेकर भाजपा समर्थकों ने काफी देर तक हंगामा किया।


बीजेपी युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष योगेश वाष्र्णेय ने 2017 में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सिर कलम करने पर 11 लाख रुपये इनाम देने का बयान दिया था। मामले में योगेश के खिलाफ कोलकाता में तीन मुकदमे दर्ज किये गये थे। योगेश की गिरफ्तारी को टीम पूर्व में कई बार अलीगढ़ आ चुकी है। लेकिन योगेश एक बार भी पुलिस गिरफ्त में नहीं आया।

शुक्रवार को फिर से: बंगाल पुलिस स्थानीय गांधीपार्क पुलिस को लेकर उनके घर पहुंची। जैसे ही टीम उसके घर पहुंची देखते ही देखते समर्थकों की भीड़ जमा हो गई। भारी भीड़ के बीच भाजपा समर्थकों ने बंगाल पुलिस टीम की कमरे में बंद कर जमकर धुनाई की। 

सूचना पर सांसद सतीश गौतम, कोल विधायक अनिल पाराशर और शहर विधायक संजीव राजा मौके पर पहुंच गए। बंगाल पुलिस का बचाव करते हुए गांधीपार्क पुलिस उनको अपने साथ थाने ले गई। घटना के बाद मौके पर सांसद व विधायक समर्थकों के साथ हंगामा करते रहे।

भाजपा समर्थकों को पुलिस से लेकर मीडिया तक किसी को घर में नहीं घुसने दिया। सभी को घर से बाहर रखा। हालांकि बाद में स्थानीय पुलिस मकान में घुसी थी। सांसद सतीश गौतम ने सीओ मोहसिन खान व इंस्पेक्टर गांधीपार्क वंशीधर पांडेय से सवाल-जवाब किया। कहा कि तुम्हारी अनुमति के बिना पुलिस टीम मकान तक कैसे पहुंच गई। बंगाल पुलिस व उनके साथ आई थाना गांधीपार्क पुलिस पर भाजपा नेता के परिजनों ने घर की महिलाओं के साथ छेड़खानी व अभद्रता करने का आरोप लगाया है। मामले में तहरीर दी जा रही है।


यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि कार्यक्रम में लिया हिस्सा

आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं पुण्यतिथि और महंत अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सप्ताहिक पुण्यतिथि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की।

गोरखपुर: आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं पुण्यतिथि और महंत अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सप्ताहिक पुण्यतिथि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। 

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इस मौक पर सीएम गोयी ने अपने संबोधन में कहा कि महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ ने अपना पूरा जीवन देश और सनातन धर्म के लिए समर्पित किया था। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनकी भागीदारी उन सभी अभियानों के साथ रही है जो लोक कल्याण और राष्ट्र कल्याण के लिए देश में विगत 100 वर्षों के अंदर घटित हुई है।

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मिशन यूपी: EVM और DM से सावधान रहने की जरूरत- अखिलेश यादव

उन्होंने भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों पर हमला करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव देश का सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है। बिहार के चुनाव में बेईमानी EVM और DM ने की लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने जवाब दिया। हमें इस बार EVM और DM से सावधान रहना होगा।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां चुनवी तैयारी में जुट चुकी हैं और एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। ताजा मामले में यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर बिना नाम लिए हमला होला है।

अखिलेश यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों पर धांधली करने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों पर हमला करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव देश का सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है। बिहार के चुनाव में बेईमानी EVM और DM ने की लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने जवाब दिया। हमें इस बार EVM और DM से सावधान रहना होगा।


बारिश बनी आफत, उत्तर प्रदेश में 44 लोगों की मौत

सबसे ज्यादा नुकसान लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में हुआ है। यहां 18 लोगों की जान चली गई। वहीं, प्रयागराज, कौशाम्बी व प्रतापगढ़ में 14, मध्य यूपी व बुंदेलखंड में छह और पूर्वांचल में छह लोगों की मौत हुई है।

लखनऊ: लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से उत्तर प्रदेश में 44 लोगों की मौत की सूचना है। राज्य में बुधवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने कहर ढा दिया है। गुरुवार को जगह-जगह मकान, दीवार, पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। 

रेलवे ट्रैक पर ओएचई लाइन टूट जाने से कई ट्रेनों के पहिए थम गए, विमान सेवा बाधित हुई और बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कुल 44 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई घायल हैं। 

सबसे ज्यादा नुकसान लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में हुआ है। यहां 18 लोगों की जान चली गई। वहीं, प्रयागराज, कौशाम्बी व प्रतापगढ़ में 14, मध्य यूपी व बुंदेलखंड में छह और पूर्वांचल में छह लोगों की मौत हुई है। 

घनघोर बारिश के चलते लखनऊ के मोहिबुल्लापुर स्टेशन पर जलभराव में डूबने से दो बच्चों की और अलीगंज में बिजली का झटका लगने से एक बच्चे की जान चली गई। निगोहा में एक घर, मोहनलालगंज में तहसील की छत समेत आधा दर्जन घरों की दीवारें ढह गईं। 

लखनऊ का दो तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया। मानकनगर में ट्रैक पर पानी भरने से कानपुर से आने-जाने वाली ट्रेनें उत्तर रेलवे के ट्रैक से गईं। जिले में बिजली का हाहाकार रहा। 52 से अधिक पोल पेड़ गिरने व चार दर्जन से अधिक ट्रांसफर दग गए। 

बाराबंकी के बसायगपुर मजरा ढेमा, खुशेहटी, महमूदपुर मजरे टिकरा घाट और जेठौती कुर्मियान गांव में दीवार व कच्चे मकान गिरने से पिता-पुत्र समेत पांच लोगों की मौत हो गई है।

प्रयागराज समेत कौशाम्बी और प्रतापगढ़ में मूसलाधार बारिश ने कहर ढा दिया। जर्जर मकान गिरने से प्रयागराज में छह, कौशाम्बी में तीन और प्रतापगढ़ में पांच लोगों की की जान गई। प्रशासन सभी तहसीलों से आकड़े एकत्र कर रहा है, जिससे मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जा सके। 

प्रयागराज में शंकरगढ़ क्षेत्र के कचारी गांव के जंगल में खंडहरनुमा मकान गिर गया। मलबे में दबने से दो गार्डों की मौत हो गई। मऊआइमा के सेमरा बीरभानपुर में एक अधेड़ की मौत हो गई। कोरांव क्षेत्र में एक और सदर तहसील के अंतर्गत मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। 

वहीं फूलपुर के मौजा आले मऊ स्थित कान्हा गोशाला में पांच गोवंशों ने दम तोड़ दिया और सात गंभीर रूप से बीमार हैं। कोहंडौर और कंधई इलाके में दो बुजुर्ग महिलाओं ने दम तोड़ दिया। गोंड़े गांव में बहन के घर आए एक युवक की मलबे में दबने से और लालगंज में कच्चा मकान गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। अंतू क्षेत्र में चार साल के बच्चे की जान चली गई। इधर कौशाम्बी के पइंसा क्षेत्र के जवई पंडिरी में एक वृद्ध, रामपुर बढ़नावा गांव 11 वर्षीय बच्चे तथा नेवादा के बिरनेर में एक अधेड़ महिला की दीवार के मलबे में दबने से मौत हो गई।

बलिया को छोड़कर पूर्वांचल के 9 जिलों में दिनभर रुक रुककर बारिश होती रही। जौनपुर में कच्चे मकान और पेड़ गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। आजमगढ़ में दीवार गिरने से एक की जान चली गई। चंदौली में वज्रपात से किसान की मौत हो गई। 

पूर्वांचल भर में गुरुवार को औसत सात एमएम बारिश होने का अनुमान है। बारिश से सब्जी की फसल को काफी नुकसान हुआ है। भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़ और मऊ के कई इलाकों में बिजली के तार टूट जाने से 270 से अधिक गांवों की आपूर्ति बाधित है। चंदौली के आधा दर्जन गांवों में कच्चे मकान ढहने से आधा दर्जन लोग चोटिल हैं। 

मूसलाधार बारिश से धान और सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा है। पूर्वांचल में खासतौर पर धान की अगैती फसल पर बुरा असर पड़ा। लखनऊ मण्डल के कृषि उप निदेशक सीपी श्रीवास्तव के अनुसार अगैती फसल में बालियां आने लगी हैं। इसलिए तेज हवा और बारिश से फसल खेत में गिर गई। 

उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि मक्का, ज्वार और बाजरा के खेतों में भरा पानी मेड़ काटकर तत्काल निकाल दें। बहराइच, अम्बेडकरनगर समेत कई जगह गन्ने की फसल गिर गई है। केले की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। 


अलीगढ़: सांसद सतीश गौतम ने किया जिला कारागार में बने बंदी कौशल विकास एवं कल्याण केन्द्र का उद्घाटन

इस अवसर पर उपस्थित कैदियो को सम्बोधित करते हुए सांसद सतीश गौतम के द्वारा जेल प्रशासन अलीगढ़ द्वारा बंदियों के दीर्घकालिक हितों के दृष्टिगत सुधार एवं पुनर्वास योजना के अंतर्गत जो कार्य किए जा रहे हैं उसकी प्रशंसा करते हुए आश्वासन दिया गया कि उनके द्वारा बंदियों के कल्याणार्थ हर तरह का सहयोग जेल प्रशासन को प्राथमिकता प्रदान करते हुए अवश्य उपलब्ध कराया जाएगा।

अलीगढ़: जिला कारागार अलीगढ़ में बंद कैदियों की जिंदगी को सुधारने का बीड़ा जेल प्रशासन द्वारा उठाया गया है। खासकर, कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा कैदियों को इस बात का एहसास नहीं होने देते कि वह जेल के अंदर हैं। अगर कोई कैदी अपना हुनर निखारना चाहता है या जेल के बाहर निकलकर अच्छी जिंदगी जीना चाहता है तो ऐसे कैदियों को हुनर सीखने का पूरा मौका जिला कारागार अलीगढ़ में दिया जा रहा है।

ताजा मामले में आज दिनांक 16 सितंबर 2021 को जिला कारागार अलीगढ़ में नव स्थापित बंदी कौशल विकास एवं कल्याण केन्द्र का औपचारिक उद्घाटन सांसद सतीश गौतम ने किया। केंद्र में कारागार में निरुद्ध बंदियों को सुधार एवं पुनर्वास के दृष्टिगत रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर उन्हें कारागार से रिहा होने के पश्चात समाजोपयोगी और स्वावलंबी जीवन जीने  के साथ-साथ आपराधिक मानसिकता से दूर रखने के उद्देश्य से वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र के नेतृत्व में जेल प्रशासन एवं  बिजली के सजावटी सामान बनाने वाली कम्पनी वी. एस. एनर्जी के सहयोग से जेल में निरुद्ध बंदियों को सजावटी झालर, एल ई डी बल्ब, नाइट लैंप आदि उपकरण बनाया जाना सिखाया जा रहा है।

इस अवसर पर उपस्थित कैदियो को सम्बोधित करते हुए सांसद सतीश गौतम के द्वारा जेल प्रशासन अलीगढ़ द्वारा बंदियों के दीर्घकालिक हितों के दृष्टिगत सुधार एवं पुनर्वास योजना के अंतर्गत जो कार्य किए जा रहे हैं उसकी प्रशंसा करते हुए आश्वासन दिया गया कि उनके द्वारा बंदियों के कल्याणार्थ हर तरह का सहयोग जेल प्रशासन को प्राथमिकता प्रदान करते हुए अवश्य उपलब्ध कराया जाएगा। सांसद सतीश गौतम द्वारा स्थानीय स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से और शासन-प्रशासन स्तर से भी बंदियों के  नैतिक और सामाजिक उत्थान के लिए हर तरह से सहयोग प्रदान करने हेतु प्रतिबद्धता प्रकट की गई।

इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार की मंशानुरूप जेल में नव स्थापित कौशल विकास एवं कल्याण केन्द्र में निर्मित उत्पादों को स्थानीय बाजार में बिक्री के लिए व्यापारियों से समर्थन दिलाने का भरोसा भी सांसद सतीश गौतम द्वारा जेल प्रशासन को दिलाया गया। विशेष रूप से सजावटी झालर के लिए सतीश गौतम द्वारा आगामी दीपावली के दृष्टिगत  अधिक से अधिक उत्पादन करने हेतु प्रशिक्षु बंदियों को प्रेरित किया गया ताकि इस तरह के उत्पादों में हमारी आत्मनिर्भरता बढ़ सके और बाजार में इस तरह के उपलब्ध चाइनीज सामानों पर हम बढ़त हासिल कर सकें।

अपने संबोधन में सतीश गौतम ने यह भी कहा कि वह शहरवासियों से अपील करेंगे कि दीपावली अथवा अन्य त्योहारों और समारोहों में भविष्य में अलीगढ़ जेल द्वारा निर्मित उत्पादों से ही लोग अपने घरों की सजावट करें। इस मौके पर सतीश गौतम द्वारा कैदियों से बात-चीत की गई और उनका हाल-चाल भी जाना गया। कारागार की साफ-सफाई, भोजन आदि की गुणवत्ता तथा जेल प्रशासन एवं बंदियों के बीच परस्पर सौहार्द और विश्वास की भावना की सांसद द्वारा विशेष सराहना की गई।

वहीं, वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र द्वारा अपने सम्बोधन में सांसद सतीश गौतम द्वारा जिला कारागार को समय दिए जाने एवं कैदियों और जेल प्रशासन का उत्साहवर्धन करने के लिए हार्दिक आभार जताया गया।


ATS को बड़ी सफलता, 3 आतंकी गिरफ्तार, ISI ने दी थी ट्रेनिंग, यूपी को दहलाने का था प्लान

यूपी एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, एटीएस ने तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। आतंकियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा ट्रेनिंग दिया गया था। गिरफ्तार किए गए आतंकी आने वाले दिनों में यूपी को दहलाने की फिराक में थे।

लखनऊ: यूपी एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, एटीएस ने तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। आतंकियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा ट्रेनिंग दिया गया था। गिरफ्तार किए गए आतंकी आने वाले दिनों में यूपी को दहलाने की फिराक में थे।


मिली जानकारी के मुताबिक, यूपी के आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) ने दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त आपरेशन में मंगलवार को चार शहरों लखनऊ, प्रयागराज, रायबरेली और प्रतापगढ़ में एक साथ छापेमारी कर आईएसआई के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। ये आतंकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के जरिये प्रशिक्षित किए गए थे। इनके कब्जे से यूपी एटीएस ने प्रयागराज स्थित बन नैनी के डांडी से एक अतिसंवेदनशील आईईडी बरामद की है। इसमें उच्च श्रेणी के विस्फोटक आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल की सूचना है। ये माड्यूल अयोध्या के साथ ही चुनाव के दौरान होने वाली बड़ी रैलियों या किसी बड़े आयोजन में विस्फोट करने की साजिश रच रहा था।


एटीएस के एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों के जरिये सूचनाएं मिल रही थीं कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत के कई शहरों खासतौर पर यूपी में विस्फोट करने की साजिश में जुटी है। सूचना के बाद यूपी एटीएस ने प्रयागराज के करेली इलाके से जीशान कमर (28), रायबरेली से मूलचंद उर्फ लाला उर्फ सज्जू और लखनऊ के मानकनगर प्रेमवती नगर से मोहम्मद आमिर जावेद को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि तीनों आतंकियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक सूचना मिली है कि उन्होंने आईएसआई से ट्रेनिंग ली है।

उन्होंने बताया कि एटीएस ने प्रयागराज, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़ में एक साथ छापेमारी की है। इसमें प्रयागराज से जीशान कमर के कब्जे से आईईडी बरामद की गई है। इसमें घातक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया है। इस आईईडी को प्रयागराज में बम निरोधक दस्ते की मदद से निष्क्रिय किया गया। इस मामले में अंडरवर्ल्ड से भी तार जुड़े होने की सूचना है। इस मामले में अभी आगे की पड़ताल की जा रही है। एटीएस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों युवक शिक्षित हैं।

बहरहाल, गिरफ्त में आये आतंकियों से एटीएस पूछताछ कर रही है। लेकिन एटीएस और दिल्ली पुलिस की सक्रियता से एक बार फिर से आतंकियों के अरमानों पर पानी फिर गया है।


माफिया मुख्तार अंसारी की जेल में बिगड़ी तबियत, बांदा मेडिकल कॉलेज में उपचार हेतु कराया गया भर्ती

फर्जी एंबुलेंस प्रकरण समेत कई मामलों में जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की तबियत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद उसे बांदा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्तार अंसारी को क्या तकलीफ है इस बात की जानकारी अधिकारी अभी नहीं दे रहे हैं।

बांदा: फर्जी एंबुलेंस प्रकरण समेत कई मामलों में जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की तबियत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद उसे बांदा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्तार अंसारी को क्या तकलीफ है इस बात की जानकारी अधिकारी अभी नहीं दे रहे हैं।

बता दें कि पंजाब की रोपण जेल से 6 अप्रैल को मुख्तार को बांदा जेल लाया गया था। तब से वह जेल की चहारदीवारी में ही है। इस दौरान मऊ, आजमगढ़, प्रयागराज, बाराबंकी की अदालतों में उसकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। पांच महीने में पहली बार उसे जेल से बाहर कहीं लाया गया है। 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बांदा जेल की बैरक में ही मंगलवार की सुबह उसकी तबीयत बिगड़ी तो पहले जेल अस्पताल में लाया गया। यहां हालात गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इसके बाद आला अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। तत्काल सुरक्षा गारद जेल पहुंची और मुख्तार को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया। मेडिकल कालेज पर भी पुलिस और पीएसी के दस्ते तैनात कर दिये गए हैं। मुख्तार की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल क्या हुआ है, इस पर कोई कुछ बोलने  को तैयार नहीं है। 

बता दें कि पंजाब की जेल में जाने से पहले भी मुख्तार अंसारी बांदा की जेल में बंद थे। तब भी एक बार उनकी तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उनके भाई अफजाल अंसारी ने कहा था कि उन्हें चाय में जहर दिया गया था। पंजाब की जेल में एक बार फिर जब मुख्तार को बांदा लाया गया तो अफजाल और परिवार वालों ने विरोध भी किया था। कहा था कि एक बार उन्हें चाय में जहर देकर मारने की कोशिश यहां हो चुकी है। 

यह भी बता दें कि मुख्तार अंसारी ने लगातार अपनी पेशी के दौरान जान के खतरे का अंदेशा जताते हुए गुहार लगाई है। फिलहाल उनकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से होती है। उनके भाई अफजाल अंसारी और पत्नी अफ्शां अंसारी ने भी कोर्ट में इस बाबत गुहार लगाई थी।


अलीगढ़: सलाखों के पीछे कैदी सीख रहे जिंदगी जीने का हुनर, वी एस एनर्जी कर रहा सहयोग

जिला कारागार अलीगढ़ के माध्यम से कारागार में निरुद्ध बंदियों को सुधार एवं पुनर्वास के दृष्टिगत कारागार से रिहा होने के पश्चात गरिमापूर्ण, स्वावलंबी और समाजोपयोगी जीवन व्यतीत करने हेतु स्वयं सेवी संस्था वी. एस. एनर्जी के सहयोग से बिजली की झालर, एलईडी बल्ब और नाइट लैंप आदि बिजली के सजावटी उपकरण जेल में ही बनाना सिखाया जाएगा।

अलीगढ़: जेल... एक ऐसी जगह जहां जाने के बाद इंसान पर एक कलंक सा लग जाता है। लेकिन कहा जाता है ना कि हर जगह सिर्फ सही अथवा सिर्फ गलत लोग ही नहीं रहते। कुछ इसी की तरह एक जगह है जेल। सलाखों के पीछे एक अलग ही दुनिया बसती है। कोई यहां रहकर अपराध के अंधकार में जाने की सोचता है तो कोई यहां रहकर अपने आने वाले भविष्य को सुनहरा बनाने की सोचता है।

जिला कारागार अलीगढ़ में बंद जो कैदी अपने भविष्य को सुनहरा बनाने की सोच रखते हैं ऐसे कैदियों की मदद खुद जेल प्रशासन ही कर रहा है। तमाम तरीके से कैदियों की जिंदगी बनाने का प्रयास जेल प्रशासन करता रहता है। इसी कड़ी में जिला कारागार अलीगढ़ के माध्यम से कारागार में निरुद्ध बंदियों को सुधार एवं पुनर्वास के दृष्टिगत कारागार से रिहा होने के पश्चात गरिमापूर्ण,  स्वावलंबी और समाजोपयोगी जीवन व्यतीत करने हेतु स्वयं सेवी संस्था  वी. एस. एनर्जी के सहयोग से बिजली की झालर, एलईडी बल्ब और नाइट लैंप आदि बिजली के सजावटी उपकरण जेल में ही बनाना सिखाया जाएगा।


इस बंदी सुधार सम्बन्धी महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र द्वारा कारागार में नव स्थापित कौशल विकास केन्द्र में किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षु बंदियों को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र ने कहा कि उनका प्रयास है कि कारागार में निरुद्ध होने वाले बंदियों को इस तरह से प्रशिक्षित किया जाए कि वह कारागार से मुक्त होने पर समाज के साथ कदम-से-कदम मिलाते हुए एक गरिमापूर्ण, स्वावलंबी और गैर आपराधिक जीवन व्यतीत कर सके।

उन्होंने कहा कि कारागार में रहते हुए बंदियों को विभिन्न रोजगारोन्मुखी व्यवसायिक प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करने का मूल उद्देश्य है कि पैसे/रोजगार की कमी की वजह से फिर से कोई व्यक्ति आपराधिक गतिविधियों में पुनः संलिप्त न हो, अपितु स्वयं लोगों को रोजगार दे।

कार्यक्रम के उद्घाटन में वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा साथ-साथ वी. एस. एनर्जी संस्था के विशेष कार्याधिकारी विवेक, जिला कारागार अलीगढ़ के कारापाल पी.के. सिंह, जेल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. शाहरुख रिज़वी डिप्टी जेलर श्री सुरेश कुमार और अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।


यूपी के बहराइच में नहीं थम रहा हत्याओं का सिलसिला, 9 किमी के अंदर 2 दिन में मिली 4 लाशें

बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच में हत्याओं और लावारिश लाशों के मिलने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। ताजा मामले में 9 किलोमीटर की दूरी में 2 दिन के अंदर 4 लाशें मिलने से सनसनी फैल गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ-बहराइच हाईवे से लगे फखरपुर इलाके के नौ किमी दायरे में दो दिन में चार हत्याओं ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

शनिवार को मिली बालक-बालिका और रविवार को मिली महिला और बच्‍ची की लाशों की पहचान न होने से पुलिस की तहकीकात की मुश्किलें और  बढ़ा दी हैं। रविवार को मिली लाशें सड़ने लगी थीं। जिससे इनकी हत्या शुक्रवार या शनिवार के बीच होने के कयास लगाए जा रहे हैं। 

फखरपुर थाने से बहराइच की तरफ ग्राम मलूकपुर व माधौपुर की सीमा पर रविवार की शाम हाईवे से लगभग 100 मीटर दूरी पर राम गोपाल के खेत में धान की फसल के बीच छह वर्षीय बालिका व बालक राम के खेत में 35 वर्षीय महिला की लाश मिली है। शनिवार को मिली दो मासूमों की लाशों व रविवार को मिली लाशों में गला रेत कर हत्या होना एक समानता पाई गई है।

महिला व बालिका की लाशों में सड़न पैदा होने से इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इनकी हत्या शुक्रवार या शनिवार के बीच हुई होगी। लोगों ने इन चारों शवों का एक ही परिवार का होने की आशंका भी जताई है। एसपी सुजाता सिंह ने रविवार को मलूकपुर व माधौपुर गांव का निरीक्षण किया। हालांकि इस पर एसपी का कहना है कि साक्ष्य मिलने पर ही कुछ कहा जा सकता है।



विपक्ष ने किसानों को लूटा, हमने सम्मान दिया, राम भक्तों पर गोलियां चलवाने वालों को लगेगा बिच्छू का डंक: CM योगी

आज किसानों के बहाने एक बार फिर से विपक्षी पार्टियों पर यूपी केे सीएम योगी आदित्यनाथ ने जमकर हमला बोला। इसके अलावा उन्होंने राम मंदिर निर्माण को लेकर भी विपक्षियों पर तंज कसा।

लखनऊ/कुशीनगर: आज किसानों के बहाने एक बार फिर से विपक्षी पार्टियों पर यूपी केे सीएम योगी आदित्यनाथ ने जमकर हमला बोला। इसके अलावा उन्होंने राम मंदिर निर्माण को लेकर भी विपक्षियों पर तंज कसा।

कुशीनगर दौरे पर आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान राम के भक्तों पर गोली चलवाने वालों को बिच्छू का डंक लगेगा। जनता से राम मंदिर के लिए खुशी पूछी और कहा कि कांग्रेस सरकार में राम मंदिर नहीं बन पाता। सपा व बहुजन समाज पार्टी भी नहीं बना पाती। अब मंदिर निर्माण को देख विपक्ष के अब लोग बोलने लगे हैं कि हम अब स्मारक नहीं बनाएंगे। 


सीएम रविवार को कुशीनगर के कप्तानगंज व सेवरही में जन संवाद एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वाले नतो मंदिर बना पाते, न 370 हटाते और न ही तीन तलाक हटा पाते। सवा सात वर्ष पीएम मोदी न झुके, न थके, न डिगे, निरन्तर देश के लिए कार्य कर रहे हैं। मोदी की प्रेरणा से बिना थके, बिना डिगे हमने जनता की सेवा की है। 

योगी ने कहा कि विपक्ष ने किसानों व गरीबों के हक पर लगातार डकैती डाली। हमने किसानों को सम्मान निधि दी। अब किसान किसी के आगे हाथ फैलाने को मजबूर नहीं हैं। केन्द्र की मोदी सरकार ने हर गरीब को मुफ्त राशन दिया और कोरोना की मुफ्त वैक्सीन सभी को दी है। इसी का असर है कि यूपी में कोरोना काफी हद तक नियंत्रित हो गया है। रविवार को यूपी की 24 करोड़ आबादी में केवल 14 केस आए हैं। 

उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ना मूल्य के रूप में 2007 से 2016 तक करीब 95 हजार करोड़ का भुगतान किया गया। उसमें भी कई जगह भारी गड़बड़ियां हुईं। भाजपा सरकार ने महज साढ़े चार साल में इससे अधिक का भुगतान कर दिया और कहीं गड़बड़ी नहीं होने दी।  

सीएम योगी ने आगे कहा कि कानून व्यवस्था को हमने बेहतर किया। आज दंगाई गायब हैं। पडरौना के कुशीनगर के डोल मेले में दंगा होता था। अब दंगाई जानते हैं घर बार बिक जाएगा। किसान, गरीब का नुकसान किया तो सात पीढ़ी को भरना पड़ेगा। 

सीएम ने आगे कहा कि कहा कि पीएम मोदी की प्रेरणा से बिना थके, बिना डिगे हमने जनता की सेवा की है। सीएम ने चार साल तक के अपने काम गिनाए और कहा कि अगर इस भाव से सेवा कर सके तो आगे भी मौका चाहिए। कार्यकर्ताओं को यह संकल्प लेना होगा। जीत के मायने तभी हैं, जब विपक्षियों की जमानत जब्त हो जाए।

सीएम ने कहा कि कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। यह भगवान बुद्ध को समर्पित होगा। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई जहाज की उड़ान जल्द होगी। पहली उड़ान अंतरराष्ट्रीय होगी।


 कार्यक्रम को प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी संबोधित किया। स्वागत भाषण गो सेवा आयोग उपाध्यक्ष अतुल सिंह ने दिया। हेलीपैड पर सीएम का भाजपा पदाधिकारियों ने स्वागत किया।


ओवैसी पर तिरंगे के अपमान का आरोप, बाराबंकी में मुकदमा दर्ज

दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा की शिकायत पर बिना अनुमति के जनसभा करने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धारा 144 व कोविड-19 एवं महामारी अधिनियम के तहत ओवैसी और आयोजकों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

बाराबंकी: मिशन यूपी के लिए अपनी पार्टी AIMIM के लिए जमीन तलाश रहे असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है। उनपर राष्ट्रध्वज तिरंगे का अपमान करने का आरोप लगा है। दरअसल, ओवैसी ने बिना अनुमति एक सभा यूपी के बाराबंकी में की थी। इस सभा में उन्होंने तिरंगे को फहराने के बजाय उसे पिल्लर में लपेटा था। मामले में पुलिस ने राष्ट्रध्वज के अपमान के अलावा धारा 144 का उल्लंघन करने, बिना अनुमति सभा करने एवं कोविड 19 महामारी के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने से जुड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

ओवैसी ने बाराबंकी में गुरुवार को बिना अनुमति एक जनसभा को संबोधित किया था। दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा की शिकायत पर बिना अनुमति के जनसभा करने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धारा 144 व कोविड-19 एवं महामारी अधिनियम के तहत ओवैसी और आयोजकों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

शुक्रवार को जनसभा की तस्वीरें वायरल होने के बाद उसी मुकदमे में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की धाराएं भी जोड़ दी गईं। ओवैसी पर राष्ट्रीय ध्वज को फहराने की जगह एक खंभे पर लपेटने का आरोप लगा है। जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें ओवैसी के ठीक बगल में राष्ट्रीय ध्वज एक खंभे पर लपेटा नजर आ रहा है। 


मिली जानकारी के मुताबिक, दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा ने ओवैसी व कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ एफआईआर कराए जाने की मांग गुरुवार की शाम को अपर मुख्य सचिव गृह से की थी। उसकी प्रति डीएम व एसपी को भी भेजी। विधायक ने बताया कि उन्होंने डीएम व एसपी से इस संबंध में बात भी की। तब प्रशासन हरकत में आया।

विधायक सतीश शर्मा ने अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में लिखा है कि गुरुवार को कटरा मुहल्ला में बिना अनुमति के मीटिंग कर ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर रामसनेहीघाट में 100 साल पुरानी मस्जिद शहीद कराने का आरोप लगाया है जो निंदनीय व सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला है, जबकि अवैध ढांचे को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत गिराया गया है।


सपा सांसद आजम खान को मेदांता हॉस्पिटल से छुट्टी मिली, वापस भेजे गए सीतापुर जेल

यूपी के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद आजम खान को मेदान्ता हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है और उन्हें वापस सीतापुर जेल कड़ी सुरक्षा के बीच भेजा गया है। बता दें कि, पिछले दिनों तबियत खराब होने की वजह से लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

लखनऊ: यूपी के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद आजम खान को मेदान्ता हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है और उन्हें वापस सीतापुर जेल कड़ी सुरक्षा के बीच भेजा गया है। बता दें कि, पिछले दिनों तबियत खराब होने की वजह से लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


मेदान्ता अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि आजम खान की सेहत में सुधार होने पर छुट्टी कर दी गई है। आगे जरूरत पड़ने पर वह फॉलोअप पर आ सकते हैं। आजम 19 जुलाई को मेदान्ता में दोबारा भर्ती हुए थे।

बता दें कि कोरोना संक्रमित आजम खान की नौ मई को सीतापुर जेल में तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने मेदान्ता अस्पताल में भर्ती कराया था। उनके बेटा भी पॉजिटिव था। साथ में दोनों लोग मेदान्ता भर्ती हुए थे। 13 जुलाई को आजम खान व उनके बेटे अब्दुल्ला को मेदान्ता अस्पताल से छुट्टी मिलने सीतापुर जेल भेजा गया था।


मिशन यूपी: मऊ से बसपा ने भीम राजभर को बनाया प्रत्याशी, मुख्तार अंसारी को लगाया किनारे

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है लेकिन इससे पहले बसपा चीफ मायावती ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बाहुबली विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी को किनारे लगा दिया है। मुख्तार की जगह भीम राजभर को मऊ विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है लेकिन इससे पहले बसपा चीफ मायावती ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बाहुबली विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी को किनारे लगा दिया है। मुख्तार की जगह भीम राजभर को मऊ विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।


बहुजन समाज पार्टी का अगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव में प्रयास होगा कि किसी भी बाहुबली व माफिया आदि को पार्टी से चुनाव न लड़ाया जाए। आजमगढ़ मण्डल की मऊ विधानसभा सीट से अब मुख्तार अंसारी नहीं भीम राजभर चुनाव लड़ेंगे। इस बात की जानकारी खुद बसपा चीफ मायावती ने दी है।


इस बात का एलान मायावती ने अपने ट्विटर हैंडलर पर किया। उन्होंने ट्वीट किया, 'बीएसपी का अगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव में प्रयास होगा कि किसी भी बाहुबली व माफिया आदि को पार्टी से चुनाव न लड़ाया जाए। इसके मद्देनजर ही आजमगढ़ मण्डल की मऊ विधानसभा सीट से अब मुख्तार अंसारी का नहीं बल्कि यूपी के बीएसपी स्टेट अध्यक्ष श्री भीम राजभर के नाम को फाइनल किया गया है।'

अपने दूसरे ट्वीट में मायावती ने लिखा, '2. जनता की कसौटी व उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने के प्रयासों के तहत ही लिए गए इस निर्णय के फलस्वरूप पार्टी प्रभारियों से अपील है कि वे पार्टी उम्मीदवारों का चयन करते समय इस बात का खास ध्यान रखें ताकि सरकार बनने पर ऐसे तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने में कोई भी दिक्कत न हो।'

तीसरे और आखिरी ट्वीट में मायावती ने लिखा, '3. बीएसपी का संकल्प ’कानून द्वारा कानून का राज’ के साथ ही यूपी की तस्वीर को भी अब बदल देने का है ताकि प्रदेश व देश ही नहीं बल्कि बच्चा-बच्चा कहे कि सरकार हो तो बहनजी की ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ जैसी तथा बीएसपी जो कहती है वह करके भी दिखाती है यही पार्टी की सही पहचान भी है।'


ज्ञानवापी मस्जिद के पुरातात्विक सर्वेक्षण पर HC ने लगाई रोक, मुस्लिम पक्षकारों को फौरी राहत

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद की जमीन का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के सिविल कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने आज रोक लगा दी। मामले में मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति जतते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद की जमीन का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के सिविल कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने आज रोक लगा दी। मामले में मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति जतते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रकाश पाडिया की सिंगल बेंच ने सर्वेक्षण पर रोक लगाते हुए सभी पक्षों से 2 हफ्ते में नए सिरे से जवाब दाखिल करने को कहा है। तब तक के लिए निचली अदालत के फैसले पर रोक लगी रहेगी।

हाईकोर्ट ने 1991 में दायर मुख्य मुकदमे की किसी कार्यवाही पर भी अगली सुनवाई तक रोक लगाई है। अगली सुनवाई 8 नवंबर को होगी। फिलहाल हाईकोर्ट के इस आदेश से मुस्लिम पक्षकारों को तत्कालिक राहत जरूर मिल गई है।


अंजुमन इंतजामिया मसाजिद व यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की याचिका पर स्टे का फैसला देते हुए अदालत ने वाराणसी के सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के आदेश को निराधार बताया। मामले की सुनावाई के दौरान कोर्ट का कहना था कि ऊपरी अदालत में मामला लंबित होने के बावजूद निचली कोर्ट को आदेश देने का अधिकार नहीं है। 

बता दें कि 8 अप्रैल 2021 को वाराणसी के सीनियर डिवीजन सिविल जज ने वाद मित्र की याचिका पर सर्वेक्षण का आदेश दिया था। एएसआई से खुदाई कराकर सर्वेक्षण के जरिए हकीकत का पता लगाने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाने को कहा था। मुस्लिम पक्षकारों ने सिविल जज के इस आदेश पर असहमति जताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मस्जिद की इंतजामिया कमेटी और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इससे पहले इस मामले में 31 अगस्त को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था।

मामले पर एक नजर

ज्ञानवापी में नए मंदिर के निर्माण और हिंदुओं को पूजा पाठ करने का अधिकार देने आदि को लेकर वर्ष 1991 में मुकदमा दायर किया गया था। मामले में निचली अदालत व सत्र न्यायालय के आदेश के खिलाफ 1997 में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट से कई वर्षों से स्टे होने से वाद लम्बित रहा।

10 दिसंबर 2019 में प्राचीन मूर्ति स्वयंभू लार्ड विश्वेश्वर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने सिविल जज सीनियर डिविजन (फास्ट ट्रैक कोर्ट) आशुतोष तिवारी की अदालत में आवेदन देकर अपील की थी कि ढांचास्थल के पुरातात्विक सर्वेक्षण के लिए निर्देशित किया जाये। दावा किया कि ढांचा के नीचे काशी विश्वनाथ मंदिर के पुरातात्विक अवशेष हैं। 

न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत अपील में कहा गया कि मौजा शहर खास स्थित ज्ञानवापी परिसर के 9130, 9131, 9132 रकबा नं. एक बीघा 9 विस्वा लगभग जमीन है। उक्त जमीन पर मंदिर का अवशेष है। 14वीं शताब्दी के मंदिर में प्रथमतल में ढांचा और भूतल में तहखाना है। इसमें 100 फुट गहरा शिवलिंग है। मंदिर हजारों वर्ष पहले 2050 विक्रमी संवत में राजा विक्रमादित्य ने, फिर सतयुग में राजा हरिश्चंद्र और 1780 में अहिल्यावाई होलकर ने जीर्णोद्धार कराया।


यूपी के विंध्याचल में गंगा में पलटी नाव, 6 डूबे

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। दर्शनार्थियों से भरी नाव पलटने से छह लोग डूब गए। डूबने वालों में तीन बच्चे और तीन महिलाएं हैं। नाव पर 12 लोग सवार थे। छह लोगों को आसपास के नाविकों ने बचा लिया। डूबे लोगों को तलाश में गोतोखोरों को लगाया गया है।

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। दर्शनार्थियों से भरी नाव पलटने से छह लोग डूब गए। डूबने वालों में तीन बच्चे और तीन महिलाएं हैं। नाव पर 12 लोग सवार थे। छह लोगों को आसपास के नाविकों ने बचा लिया। डूबे लोगों को तलाश में गोतोखोरों को लगाया गया है।

हादसे का शिकार हुए लोग झारखंड की राजधानी रांची से विंध्यधाम में दर्शन पूजन के लिए आए थे। आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, रांची के रहने वाले राजेश तिवारी अपने परिवार के साथ विंध्याचल दर्शन पूजन करने पहुंचे थे। इसी दौरान बुधवार को अखाड़ा घाट पर नाव से ऊपर पार गए थे। नाव पर परिवार के 12 लोग राजेश (35), विकास (28), दीपक (27), वाहन चालक (अज्ञात), अल्का (9), रितिका (7), गुड़िया (28) खुशबू (30), अनीषा (26), सत्यम (5) और एक अन्य बच्चा उम्र (2½) व एक बच्ची (3माह) सवार थे। 

दोपहर करीब एक बजे उस पार से वापस आते समय नाव बीच गंगा में डगमगाने लगी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता नाव पलट गई। चीख पुकार मचने पर आसपास के नाविक अपनी नावों के साथ वहां पहुंचे। 

राजेश, विकास, दीपक, उनके वाहन चालक, अल्का, रितिका को बचा लिया गया। गुड़िया, खुशबू, अनीषा, सत्यम, एक अन्य बच्चा उम्र (2.5) व एक बच्ची (3माह) डूब गए। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। क्षेत्राधिकारी नगर, थाना विन्ध्याचल पुलिस बल सहित मौके पर पहुंच गए। स्थानीय नाविकों और गोताखोरो की मदद से डूबे हुए लोगों की तलाश कराई जा रही है।


दलितों ने मुश्किल समय में भी नहीं छोड़ा BSP का साथ, ब्राम्हणों ने बहकावे में आकर दिया BJP को वोट: मायावती

मायावती ने लखनऊ के पार्टी कार्यालय में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे।

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ के पार्टी कार्यालय में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मायावती ने दलिव वर्ग के लोगों को एक बार फिर से साधने की कोशिश की तो वहीं, ब्राम्हणों के हवाले से कहा कि आज ब्राम्हण कहते हैं कि उन्होंने बहकावे में कर BJP की पूर्ण बहुमत की सरकार बना दी।

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अपने संबोधन में मायावती ने कहा कि दलित वर्ग के लोगों पर शुरू से गर्व रहा है कि उन्होंने बिना गुमराह और बहकावे में आए कठिन से कठिन दौर में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। ये लोग मज़बूत चट्टान की तरह पार्टी के साथ खड़े रहे हैं। उम्मीद है कि BSP से जुड़े अन्य सभी वर्गों के लोग इनकी तरह आगे कभी गुमराह नहीं होंगे।

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मायावती ने आगे कहा कि ब्राम्हण समाज के लोग भी कहने लगे हैं कि, हमने BJP के प्रलोभन भरे वादों के बहकावे में आकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर बहुत बड़ी गलती की है। BSP की रही सरकार ने ब्राम्हण समाज के लोगों के सुरक्षा, सम्मान, तरक्की के मामले में हर स्तर पर अनेको ऐतिहासिक कार्य किए हैं।

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मायावती ने आगे कहा कि मुझे कल मीडिया के ज़रिए मालूम हुआ है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक ही हैं। मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि एक ही हैं तो आरएसएस की बीजेपी हर स्तर पर मुसलमानों के साथ सौतेला रवैया क्यों अपना रही है।


यूपी: फिरोजाबाद में डेंगू के बढ़ते मामलों पर सख्त हुए CM योगी, लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई के आदेश

फिरोजाबाद और आसपास के जिलों में डेंगू बुखार व अन्य बीमारियों के बढ़ने के मामले को लेकर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

लखनऊ: फिरोजाबाद और आसपास के जिलों में डेंगू बुखार व अन्य बीमारियों के बढ़ने के मामले को लेकर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।


उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिरोजाबाद में डेंगू और अन्य वायरल बीमारियों को फैलने से रोकने में लापरवाही के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इनमें स्वास्थ्य और नगर विकास के कुछ अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने संजय गांधी पीजीआई, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और केजीएमयू के विशेषज्ञ चिकित्‍सकों की तीन अलग-अलग टीमें आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा भेजने के निर्देश दिए हैं।

सोमवार को अधिकारियों के साथ उच्‍च स्‍तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ से भेजी जाने वाली विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें तीनों जिलों के अस्‍पतालों में इलाज की प्रक्रिया देखेंगी और स्‍थानीय चिकित्‍सकों का मार्गदर्शन करेंगी।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि एक-एक मरीज की सेहत पर बारीकी से ध्यान दिया जाए। बैठक में बताया गया कि तीनों जिलों में इलाज के लिए स्‍थानीय स्‍तर पर पर्याप्त चिकित्‍सकों की तैनाती की गई है।

फिरोजाबाद में डेंगू व अन्य वायरल बीमारियों की रोकथाम के लिए अतिरिक्त बेड, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयां व जांच उपकरण आदि की व्यवस्था की गई है। प्रभावित जिले में मरीजों की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। 

सीएम हेल्पलाइन द्वारा भी मरीजों और उनके परिजनों से संपर्क कर उनको मिल रहे इलाज और सुविधाओं की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग और प्रशासन को लोगों को इस बात के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए हैं कि बीमारी के हल्के लक्षण होने पर भी तत्काल निकटतम अस्पताल से संपर्क करें। 


मुजफ्फरनगर में किसानों की 'महापंचायत' जारी, अन्नदाताओं को मिला BJP सांसद वरुण गांधी का साथ, कही ये बड़ी बात

किसानों को पीलीभीत लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद वरुण गांधी का साथ मिला है।वरूण गांधी ने किसानों का दर्द समझने की अपील की है।

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत जारी है। इस बीच किसानों को पीलीभीत लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद वरुण गांधी का साथ मिला है।वरूण गांधी ने किसानों का दर्द समझने की अपील की है। 


उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मुजफ्फरनगर में आज प्रदर्शन के लिए लाखों किसान जुटे हैं। वो हमारा ही खून हैं। हमें उनके साथ फिर से सम्मानजनक तरीके से जुड़ने की जरूरत है। उनका दर्द समझें, उनका नजरिया देखें और जमीन तक पहुंचने के लिए उनके साथ काम करें।'


उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के जीआईसी मैदान में आज किसान महापंचायत जारी है। देशभर से सैकड़ों किसानों का सैलाब इसमें हिस्सा लेने के लिए पहुंचा है। महिलाएं भी बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है। महापंचायत के मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टि से चप्पे-चप्पे पर पुलिसबल तैनात हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान कृषि कानूनों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं। माना जा रहा है कि महापंचायत में अगले साल यूपी और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए भी रणनीति बन सकती है। इस महापंचायत में देशभर के 300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल हुए हैं। 

बीकेयू नेता नरेश टिकैत मुजफ्फरनगर पहुंच गए हैं। महापंचायत के मंच पर राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव सहित कई अन्य किसान नेता मौजूद हैं। महापंचायत में जीआईसी मैदान के मंच से लेकर पार्किंग तक की व्यवस्था एसकेएम और बीकेयू के वालंटियर देख रहे हैं। पहचान के लिए वालंटियर्स को आईडी कार्ड दिए गए हैं। वहीं पुलिसबल किसानों की जिले और शहर में सुरक्षित एंट्री और उनके सकुशल प्रस्थान तक की व्यवस्था देख रही है।

मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत को लेकर यूपी एडीजी (कानून और व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा, 'हमने सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। पीएससी की 25 कंपनियां और मेरठ जोन के तहत 20 अधिकारियों को तैनात किया गया है। हमने यातायात की सुचारू आवाजाही के लिए ट्रैफिक अलर्ट जारी किया है। हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।'


यूपी के मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत आज, अन्नदाता भरेंगे हुंकार, अलर्ट पर प्रशासन

इस महापंचायत में देशभर के 300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल होंगे, जिनमें करीब 60 किसान संगठन होंगे और अन्य कर्मचारी, मजदूर, छात्र, शिक्षक, रिटायर्ड अधिकारी, सामाजिक, महिला आदि संगठन शामिल रहेंगे। किसानों के 40 संगठन अग्रणी भूमिका में रहेंगे, जबकि 20 संगठन पूरा सहयोग करेंगे।

मुजफ्फरनगर: यूपी के मुजफ्फरनगर में आज यानी रविवार को किसान महापंचायत होने वाली है। महापंचायत के दौरान किसान जीआईसी मैदान में जुटेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों किसान यहां केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। 

बताया जा रहा है कि इस महापंचायत में देशभर के 300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल होंगे, जिनमें करीब 60 किसान संगठन होंगे और अन्य कर्मचारी, मजदूर, छात्र, शिक्षक, रिटायर्ड अधिकारी, सामाजिक, महिला आदि संगठन शामिल रहेंगे। किसानों के 40 संगठन अग्रणी भूमिका में रहेंगे, जबकि 20 संगठन पूरा सहयोग करेंगे।


इधर रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी को मुजफ्फरनगर में संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में आने वाले किसानों पर पुष्प वर्षा करने की अनुमति नहीं मिली है। जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को पुष्प वर्षा की अनुमति देने के लिए लिखे गए लेटर की प्रति ट्वीट करते हुए जयंत चौधरी ने लिखा कि किसानों के सम्मान से भला सरकार को क्या खतरा। बहुत माला पहनी हैं, मुझे जनता ने बहुत प्यार, सम्मान दिया है। अन्नदाताओं पर पुष्प बरसाकर उनका नमन और स्वागत करना चाहता था। डीएम एडीजी सिटी मजिस्ट्रेट प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री सबको सूचित किया लेकिन अनुमति नहीं दे रहे! किसान के सम्मान से सरकार को क्या ख़तरा है?

भले ही जयंत चौधरी को प्रशासन ने किसान महापंचायत पर पुष्प वर्षा की अनुमति नहीं दी। लेकिन रालोद के प्रदेश मीडिया संयोजक सुनील रोहटा ने बताया कि प्रशासन के अनुमति न दिए जाने की स्थिति में भी रालोद सुप्रीमो जयन्त चौधरी हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा अवश्य करेंगे।  किसानों पर हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा के बाद तिरंगा फहराते हुए जयन्त चौधरी बिना उतरे वापस दिल्ली लौट जाएंगे।


यूपी को हुआ 'बुखार', CMO के पैरों में गिरकर बोला बुजुर्ग-'मेरे गाँव को बचा लो'

गांव में सीएमओ के पहुंचने पर एक बुजुर्ग उनके पैरों में पड़ गया और बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाने लगा। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

मथुरा: उत्तर प्रदेश में इन दिनों बुखार का प्रकोप जारी है। इसका सबसे ज्यादा प्रकोप फिरोजाबाद जिले में देखने को मिला है। मथुरा में भी कई बच्चों की बुखार से मौत हुई है। हर व्यक्ति अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर काफी डरा हुआ महसूस कर रहा है। 

मथुरा के कोह गांव में बुखार से हो रहीं मौत से गांव के लोग घबराये हुए हैं। बहुत से लोग तो घर छोड़कर रिश्तेदारियों में चले गए हैं। गांव में सीएमओ के पहुंचने पर एक बुजुर्ग उनके पैरों में पड़ गया और बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाने लगा। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

फरह के गांव कोह में अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है। गांव में बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं। कुछ मथुरा के अस्पतालों में तो कुछ आगरा में इलाज करा रहे हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम डेरा डाले हुए है। दो दिन पूर्व सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता जब टीम के साथ गांव पहुंचीं तो गांव के बुजुर्ग किशन सिंह ने रोते हुए सिर उनके पैरों में रख दिया और बच्चों की जान की भीख मांगने लगे। सीएमओ ने उनसे पैर न छूने को कहते हुए ढांढ़स बंधाया। 

रोते हुए किशन सिंह ने कहा कि हमारी कोई गलती हो तो बताओ, आप नहीं बताएंगी तो कौन बताएगा। उन्होंने बिलखते हुए कहा कि कैसे भी करके उनके गांव के बच्चों को बचा लो। उनका नाती मर गया। गांव के तमाम बच्चे अस्पतालों में भर्ती हैं। गांव की महिलाएं भर्ती हैं। एक-एक करके उनकी आंखों के सामने उनके नौनिहाल बुखार के कारण जान गंवा रहे हैं। पूरा गांव त्राहि-त्राहि कर रहा है। यह देखकर वहां मौजूद सभी अधिकारी व ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। 

सीएमओ ने ग्रामीणों से कहा कि आपके बच्चे कहां-कहां भर्ती हैं, इसकी लिस्ट बनाकर दो, हम दिखवाते हैं। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अन्य लोगों भी द्रवित हो गए। कोह गांव की घटना से क्षेत्र के हर व्यक्ति के दिल में गम और दहशत है।


महिला सिपाही के प्यार में अंधे शख्स ने परिवार की मदद से किया पत्नी, बच्चों और दोस्त का कत्ल, खुद को भी दिखाया मरा, 3 साल बाद हुआ खुलासा, पढ़िए-पूरी कहानी

महिला सिपाही के प्यार में पड़े एक युवक ने नोएडा के बिसरख में पहले अपनी पत्नी और दो बच्चों को मार डाला और उसके बाद अपने जैसे दिखने वाले एक दोस्त को मौत के घाट उतारकर अपनी ही हत्या साबित कर दी। फिर तीन साल तक वह शख्स नाक की सर्जरी कराकर वेश बदल घूमता रहा और अंत में जब पर्दाफाश हुआ तो हर कोई इस वारदात से सन्न रह गया।

कासगंज/नोएडा: कहते हैं प्यार अंधा होता है लेकिन इतना भी अंधा नहीं होना चाहिए कि प्यार को पाने के लिए अपने बीवी, बच्चों और दोस्त का कत्ल कर दिया जाए। दरअसल, ऐसी खौफनाक कहानी यूपी के अलीगढ़ से सामने आई है। महिला सिपाही के प्यार में पड़े एक युवक ने नोएडा के बिसरख में पहले अपनी पत्नी और दो बच्चों को मार डाला और उसके बाद अपने जैसे दिखने वाले एक दोस्त को मौत के घाट उतारकर अपनी ही हत्या साबित कर दी। फिर तीन साल तक वह शख्स नाक की सर्जरी कराकर वेश बदल घूमता रहा और अंत में जब पर्दाफाश हुआ तो हर कोई इस वारदात से सन्न रह गया।

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मिली जानकारी के मुताबिक, कासगंज जिले के गंगीरी इलाके के गांव नौगंवा के रहने वाले युवक ने महिला सिपाही के इश्क में अपनी पत्नी और दो बच्चों को अपने नोएडा विशरख के चिपयाना स्थित मकान में हत्या कर दी। तीनों के शवों को घर के बेसमेंट में दफनाया और उसके ऊपर पक्का फर्स कर दिया। ससुराल वालों को पत्नी बच्चों को गायब होने की सूचना दे दी, लेकिन ससुराल वालों ने शक पर होने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मुकदमे से बचने और उल्टा ससुराल पर साजिश के तहत अपने कदकाठी जैसे दोस्त की कासगंज में लाकर हत्या कर दी।

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उसके क्षतविक्षत शव को अपने कपड़े पहनाकर अपना आईकार्ड जेब में डाल दिया। साजिश में शामिल पिता और भाई ने शव का शिनाख्त अपने बेटे के रूप में कर दी। हत्या का केस ससुराल वालों पर दर्ज करा दिया। इस मामले में पुलिस तह तक गई और डीएनए टेस्ट कराये तो डीएनए का मिलान नहीं होने पर चार हत्याओं की साजिश परत दर पर खुलकर सामने आ गई। पुलिस ने हत्याओं के मास्टरमाइंड युवक और उसकी प्रेमिका सिपाही समेत परिजनों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज खुलासा किया है। 

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मामले में गुरुवार को खुलासा करते हुए एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि, गांव कलुआ थाना मारहरा एटा निवासी मोती लाल ने अपनी बेटी रतनेश की शादी शादी वर्ष 2012  में राकेश पुत्र बनवारी लाल निवासी नौगंवा गंगीरी अलीगढ़ के साथ की थी। जबकि इस दौरान राकेश का गांव ही एक युवती रूबी के साथ प्रेमसंबंध चल रहे थे। शादी के बाद पति राकेश और पत्नी रतनेश ने शादीशुदा जिंदगी की शुरूआत की थी। इसके बाद उनके दो बच्चे हुए पुत्री अवनी उम्र 3 वर्ष एवं पुत्र अर्पित हुए। बच्चे होने के बाद राकेश द्वारा नोएडा में पंच विहार कॉलोनी थाना बिसरख में एक मकान खरीदा गया। उसी मकान में वह परिवार सहित निवास कर रहा था और स्वयं नोएडा में ही एक लेबोरेट्री में काम कर रहा था। 

इस तरह से की पत्नी व बच्चों की हत्या

शादीशुदा होने के बाद भी राकेश के रूबी से प्रेम प्रसंग बादस्तूर बने रहे तथा वह अपनी पत्नी को रास्ते से हटाकर रूबी के साथ शादी करने की योजना बना रहा था। इस योजना में उसकी प्रेमिका रूबी, पिता बनवारी लाल, भाई राजीव कुमार व प्रवेश एवं मां इन्द्रवती ने पूरा सहयोग किया। योजना के तहत ही 14 फरवरी 2018 को राकेश ने पत्नी रतनेश एवं दोनों बच्चों अवनी व अर्पित को मकान के बेसमेन्ट में बुलाकर लोहे की रॉड (सब्बल) से प्रहार कर तीनों की हत्या कर उनके  शवों को उसी मकान के  बेसमेन्ट में दफन कर ऊपर से सीमेन्ट का पक्का फर्श बनवा दिया। 

ससुरालियों को ऐसे किया गुमराह

योजना के तहत ही राकेश ने अपने ससुर मोती लाल को नोएडा बुलाकर सूचना दी कि, उसकी पत्नी रत्नेश बच्चों के साथ गायब है। इस पर रत्नेश के पिता मोतीलाल द्वारा थाना बिसरख जनपद नोएडा पर पहले गुमशुदा होने की सूचना दी। फिर धारा 364,498 ए,504,506 भादवि के तहत दामाद राकेश, ससुर बनबारी लाल समेत परिजनों के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस के मुताबिक इस मामले में राकेश को थाना बिसरख पुलिस द्वारा कईं बार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन उसने कोई भी जानकारी होने से इंकार किया था। 

अपनी हत्या दिखाने के लिए कर दिया दोस्त का मर्डर


एसपी ने बताया कि, पुलिस एवं अन्य कार्यवाही से बचने के लिए आरोपी राके श ने अपने परिवार के  लोगों से मिलकर साजिश रचकर अपने ही गांव के  अपने जैसे शरीर की बनावट के  अपने मित्र राजेन्द्र उर्फ  कलुआ पुत्र दिलीप सिंह को रिश्तेदारी में चलने के  बहाने से मोटर साइकिल पर ले जाकर रास्ते में पहले शराब पिलाई गई। इसके बाद कासगंज के थाना ढोलना क्षेत्र ग्राम मारुपुर के जंगल में रेलवे लाइन के  पास पहले से ही मोटर साइकिल में छिपाये गये गंडासे को निकालकर उसकी हत्या कर दी गई तथा पहचान छिपाने के  लिए  उसके  सिर, हाथों के  पंजे काटकर साक्ष्य छिपाने के  उद्देश्य से नष्ट कर दिये गये। शव को अपने कपडे़ पहनाकर तथा अपना पहचान पत्र भी उसके  पास फेंकदिया। अपनी हत्या का षडयन्त्र रचते हुए अपने भाई राजीव कुमार के  माध्यम से शव की पहचान राकेश (स्वयं) के  रूप में करा दी। इसके बाद भाई राजीश के  ही माध्यम से थाना ढोलना पर अपनी हत्या का मुकदमा राकेश के ससुर मोतीलाल एवं साले जितेन्द्र एवं रवि के  विरुद्ध पंजीकृत कराया गया। 

राकेश से बन गया दिलीप शर्मा


अपनी योजना के मुताबिक राकेश द्वारा अपने को छिपाते हुए दिलीप शर्मा पुत्र सुभाष शर्मा निवासी कुक्कन पटटी जनपद कुशीनगर नाम का आधार कार्ड बनवाया तथा स्वयं पानीपत हरियाणा में मछरौली नामक गांव में पहले मजदूर एवं बाद में राजमिस्त्री बनकर कार्य करने लगा और स्थायी रूप से वहीं पर रहने लगा। 

डीएनए रिपोर्ट से सच आया सामने

इधर राकेश की हत्या के केस में फंसे ससुर मोती लाल व उसके बेटों ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर मामले की गहनता से जांच कराने के लिए जानकारी देना शुरू किया। पुलिस ने भी तह तक जाना शुरू किया और राकेश के नाम के मिले शव के विसरा रक्त और राकेश के पिता बनवारी लाल और राकेश के दोस्त कलुआ के पिता के रक्त के नमूने विधि विज्ञान प्रयोगशाला भिजवाया। जिसकी रिपोर्ट आई तो राकेश केनाम के मिले शव और उसके पिता बनबारी लाल का डीएनए का मिलान नहीं हुआ। जबकि कलुआ और उसके पिता का डीएनए मिलान होने पर पुलिस को पूरी साजिश समझ में आ गई। जिस पर घेराबंदी करके पुलिस ने पिता बनबारी लाल और उसके बाद उसके बेटे राकेश को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो चौंकाने वाले दबे राज खुलकर सामने आते चले गये। 

नोएडा ले गई पुलिस

पुलिस ने बताया कि, इस दौरान भी अपनी राकेश अपनी प्रेमिका रूबी के  लगातार सम्पर्क  में बना रहा, जिससे मिलने के  लिए ही राकेश एक सितंबर को जनपद कासगंज से होकर गंगीरी जा रहा था। इसी बीच मुखबिर की सूचना पर कासगंज पुलिस द्वारा गढी तिराहे के पास गिरफ्तारी की गई।

एसपी ने बताया कि, थाना ढोलना पुलिस एवं एसओजी, सर्विलांस टीम द्वारा आरोपी को साथ लेकर उसकी निशानदेही पर मित्र राजेन्द्र उर्फ  कलुआ की हत्या में प्रयुक्त गंडासा मारूपुर के  जंगलों से बरामद किया गया। इसके बाद थाना बिसरख जनपद नोएडा से समन्वय स्थापित किया गया और आरोपी राकेश की पत्नी एवं बच्चों के  शवों की बरामदगी के लिए नोएडा से एक मजिस्टे्रट की नियुक्ति कराकर उनके  समक्ष बेसमेन्ट को खुदवाकर उनके  कंकालों एवं हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड को बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने हत्याओं की वारदात के मुख्य आरोपी राकेश, उसके भाई राजीव, प्रवेश, पिता बनवारी लाल, मां इन्द्रवती और प्रेमिका रूबी को गिरफ्तार कर लिया है।


यूपी के सीएम योगी ने किया बाढ़ प्रभावित जिलों का किया दौरा, पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजे के आदेश

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। मैंने अपने 3 दिन का आगामी कार्यक्रम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के लिए और प्रभावित परिवारों को मिलने वाली राहत सामग्री की समीक्षा करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया है। बहराइच में राहत कार्य संतोष जनक ढ़ंग से आगे बढ़ रहा है।

लखनऊ: भारी बारिश की वजह से इन दिनों यूपी में कई नदियां उफनाई हुई हैं। आज सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और इसी क्रम में वह बहराइच पहुंचे। जहां उन्होंने लोगों से बात की। इसके अलावा सीएम ने लोगों को राहत सामग्री भी वितरित की।


इस दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत में सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। मैंने अपने 3 दिन का आगामी कार्यक्रम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के लिए और प्रभावित परिवारों को मिलने वाली राहत सामग्री की समीक्षा करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया है। बहराइच में राहत कार्य संतोष जनक ढ़ंग से आगे बढ़ रहा है।

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सीएम योगी ने बताया कि राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की बाढ़ ईकाई को हर ज़िले में तैनात किया गया है। अगर किसी की बाढ़ के पानी में डूबने या किसी हिंसक जानवर के काटने से मौत होती है तो पीड़ित परिवारों को तत्काल 4 लाख रुपये उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

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बलरामपुर में भी लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा

बहराइच के बाद सीएम योगी बलरामपुर भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से गन्ने की खेती प्रभावित हुई है। प्रशासन को सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पीड़ित किसानों को आवश्यक मुआवज़ा दिया जा सके इसके बारे में अपनी तैयारी पूरा करने के लिए कहा गया है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बाढ़ के कारण लाखों लोग प्रभावित है। इसी हिस्सी के गोरखपुर में बाढ़ ने कहर बरपाया हुआ है। गोरखपुर में राप्ती और रोहन नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसके कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। बाढ़ बुलेटिन के मुताबिक राप्ती नदी 77.27 मीटर पर बह रही है, जबकि खतरे का स्तर 74.98 है, रोहिन नदी 84.44 मीटर पर बह रही है जबकि इसका खतरे का निशान 82.44 मीटर है। 

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राहत की बात है कि रोहिन नदी का जल स्तर बुधवार से कुछ कम हुआ है। जिले के इलाहीबाग, बशारतपुर, बडगो, चिलुआताल, चिलमापुर और बहरामपुर सहित अन्य क्षेत्र बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से पुरानी बीमारियों के रोगियों के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो इलाके प्रभावित नहीं हैं। वहां के कर्मचारी और गांवों के चिकित्सक भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करें।


4 साल में योगी सरकार ने गन्ना किसानों को किया 1,42,311 करोड़ रुपये का भुगतान

उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने चार वर्ष में अब तक 1,42,311 करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को करने का काम किया। इस वर्ष भी अब तक 84% भुगतान गन्ना किसानों को कर दिया गया है। पिछले 15 सालों में कभी भी 3 सितंबर तक 84% भुगतान नहीं किया गया था।

लखनऊ: यूपी की योगी सरकार द्वारा गन्ना किसानों का बीते 4 वर्षों में 1,42,311 करोड़ रुपये भुगतान किया गया है। इस बात की जानकारी यूपी सरकार के मंत्री सुरेश राणा ने दी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने चार वर्ष में अब तक 1,42,311 करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को करने का काम किया। इस वर्ष भी अब तक 84% भुगतान गन्ना किसानों को कर दिया गया है। पिछले 15 सालों में कभी भी 3 सितंबर तक 84% भुगतान नहीं किया गया था।

उन्होंने यह भी बताया कि गन्ना किसानों को 2016-17 में 14,998 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। इसके बाद जैसे ही योगी सरकार आई, एक ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला और 2017-18 में 35,443 करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को किया गया।


यूपी हाईकोर्ट का केंद्र को सुझाव-'गाय को घोषित किया जाए राष्ट्रीय पशु, इसे मारने का अधिकार किसी को नहीं'

गो हत्या के एक आरोपी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को राय दी है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और इन्हें मारने का अधिकार किसी को नहीं है।

लखनऊ/प्रयागराज: गो हत्या के एक आरोपी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को राय दी है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और इन्हें मारने का अधिकार किसी को नहीं है।


गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। साथ ही हाईकोर्ट ने केन्द्र को सुझाव भी दिया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। 

गो हत्या के आरोपी जावेद की जमानत याचिका रद्द करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और गोरक्षा को हिंदुओं का मौलिक अधिकार किया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट ने बुधवार को टिप्पणी करते हुए कहा कि गायों को सिर्फ धार्मिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। देशवासी गाय का सम्मान करें और उनकी सुरक्षा भी करें।

हाईकोर्ट ने यह सुझाव काउ स्लाटर एक्ट के तहत आरोपी जावेद नाम के व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह सुझाव केन्द्र सरकार को दिए। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हम जानते हैं जब किसी देश की संस्कृति और उसकी आस्था को ठेस पहुंचती है, तो देश कमजोर हो जाता है। 

न्यायमूर्ति शेखर यादव की खंडपीठ ने गो हत्या के आरोपी जावेद को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि आवेदक ने गाय की चोरी करने के बाद उसे मार डाला था, उसका सिर काट दिया था और उसका मांस भी उसके साथ रखा था। यह उसका पहला अपराध नहीं है, इससे पहले उसने कई गो हत्या की थी, जिसने समाज के सौहार्द्र को बिगाड़ दिया था। कोर्ट ने कहा कि अगर आरोपी जमानत पर रिहा हुआ तो वह फिर से अपराध करेगा, जिससे माहौल भी खराब होगा। 


'भारत रत्न' बिस्मिल्लाह खाँ की नातिन से गैंगरेप, मुख्तार के गुर्गों पर आरोप, दरिंदों को बचाने में जुटी यूपी की जौनपुर पुलिस

अब यूपी पुलिस के लिए गैंगरेप जैसी वारदात 'नार्मल' अपराध बन चुके हैं और शायद इसलिए ही 2019 ले मामले में एडीजी स्तर से निर्देश मिलने के बाद भी जौनपुर जिले की पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। शायद इसलिए क्योंकि आरोपी मुख्तार के गुर्गे हैं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस अक्सर अपने कारनामों को लेकर सुर्खियों में रहती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। दरअसल, अब यूपी पुलिस के लिए गैंगरेप जैसी वारदात 'नार्मल' अपराध बन चुके हैं और शायद इसलिए ही 2019 ले मामले में एडीजी स्तर से निर्देश मिलने के बाद भी जौनपुर जिले की पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। शायद इसलिए क्योंकि आरोपी मुख्तार अंसारी के गुर्गे हैं।


'भारत रत्न' मशहूर शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खाँ की नातिन गत वर्ष 2019 में गैग रेप शिकार हो गयी थी, जिसे अब तक सूबे के सीएम योगी का प्रशासन न्याय नहीं दिलवा सका है। यह सनसनीखेज घटना सूबे जौनपुर जनपद की सदर कोतवाली के मुफ़्ती मोहल्ले की है।


पीड़िता के साथ गत 2019 में गैंगरेप की घटना को अंजाम देने वाले बांदा जेल में बंद पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी के चारो गुर्गे हैं, जिनके नाम हसन जमाल, हसन कमाल, हसन फराज व हसन जहिद हैं। भारत रत्न शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खान की नातिन पिछले माह भी सूबे की राजधानी लखनऊ में सीएम योगी व डीजीपी मुकुल गोयल से मिलने आयी थी, लेकिन तब उसकी मुलाकात सीएम योगी से नहीं हो सकी थी।

हालांकि एडीजी एल ओ प्रशांत कुमार से उसने मुलाकात कर उसने गैंग रेप के आरोपियों को शीध्र गिरफ्तारी की मांग की थी। एडीजी एल ओ ने पीड़िता का शिकायती पत्र लेकर उसे तत्काल न्याय दिलाने का आश्वसन दिया था। उसके बाद भी इस गैंगरेप के प्रकरण पर जौनपुर की सदर कोतवाली पुलिस ने अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है।


बताया जा रहा है कि मशहूर शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खां की नातिन के साथ गैंगरेप की घटना को दो साल पूर्व अंजाम देने वाले चारों रेपिस्ट के खिलाफ अदालत ने नॉन बेलेबिल वारंट भी जारी कर दिए हैं। उसके बाद भी चारों रेपिस्ट खुले आम सड़को पर घूम रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि चारों रेपिस्ट माफिया मुख्तार अंसारी के गुर्गे होंने के कारण जौनपुर की सदर कोतवाली पुलिस इनके दवाब में है।


वहीं पीड़िता ने बताया है कि उसकव साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों पर जौनपुर पुलिस का खुला संरक्षण भी है। अब सवाल यह है कि इस मसले पर अखिर जौनपुर इतनी लापरवाही क्यो बरत रही है। आज इस घटना को तीन साल होने जा रहे हैं। उसके बाद भी अब तक जौनपुर पुलिस इन चारों रेपिस्ट को गिरफ्तार करने में हीलाहवाली क्यों कर रही है? 


हाल-ए-लखनऊ: महिला सिपाही से छेड़छाड़, विरोध करने पर रॉड से किया जानलेवा हमला, आरोपी गिरफ्तार

अलीगंज थाने के पिंक स्कूटी पर तैनात महिला सिपाही पर गश्त के दौरान युवक ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। विरोध पर लोहे की रॉड से हमला बोल दिया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ में अब महिला खाकीधारी भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं। यहां मनचलों के हौसलें इतनी बुलंदी पर हैं कि महिला पुलिसकर्मी तक के साथ छेड़-छाड़ जैसी घटनाएं कारित कर रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, अलीगंज थाने के पिंक स्कूटी पर तैनात महिला सिपाही पर गश्त के दौरान युवक ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। विरोध पर लोहे की रॉड से हमला बोल दिया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने घायल सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ छेड़छाड़ व जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया।

मामले में प्राची सिंह (एडीसीपी, उत्तर), लखनऊ ने बताया कि बीते कल अलीगंज थाना क्षेत्र में गश्त कर रही महिला सिपाही पर एक युवक ने अभद्र टिप्पणी की। जब महिला ने युवक से टिप्पणी पर सवाल किए तो युवक अपने घर जाकर लोहे की रॉड लाया और महिला सिपाही को मारने लगा। वह अकेली थी अपने आप को बचा नहीं पाई। जब वहां पर कुछ लोग आए तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया। घटना के एक घंटे बाद ही पुलिस ने मामले में FIR दर्ज़ कर अभियुक्त की गिरफ़्तारी की। आगे की कार्रवाई जारी है।

आरोपी प्रभात सिंह।

आरोपी प्रभात सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है


प्रभारी निरीक्षक पन्ने लाल यादव के मुताबिक, मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि खून से लथपथ सिपाही सड़क पर पड़ी थी और स्कूटी पास में गिरी पड़ी थी। एंबुलेंस से सिपाही को अस्पताल भेजा गया। पीड़िता के ठीक होने के बाद तहरीर पर आरोपी प्रभात सिंह के खिलाफ छेड़छाड़, सरकारी काम में बाधा, सरकारी कार्य के दौरान सिपाही पर हमला और जान से मारने की नियत से हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

आरोपी को पकड़कर पुलिस टीम थाने लेकर गई, जहां उससे देर रात तक पूछताछ की जा रही थी। उधर, प्रभात के पिता वैभव सिंह ने पुलिस को बताया कि प्रभात को मानसिक बीमारी है। उसका इलाज चल रहा है। लेकिन इसके संबंध में पुलिस को कोई दस्तावेज नहीं दिखा सकें।


नोएडा: ट्रैक्टर्स से जोर आजमाइश करने वालों को बादलपुर थाने की पुलिस ने दबोचा, वार्निंग देकर छोड़ा

क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार से शिकायत की गई थी कि कुछ लोग अक्सर ट्रैक्टर्स का शक्ति प्रदर्शन करते हैं और उसमें हार-जीत के रूप में रकम तय करते हैं। यानि एक प्रकार से जुआं खेलते हैं।

नोएडा (बादलपुर): गौतमबुधनगर जिले की बादलपुर थाने की पुलिस ने आज ट्रैक्टर्स से जोर आजमाइश करने वालों को बादलपुर में उस समय दबोचा जब वहां कई ट्रैक्टर चालक अपने ट्रैक्टर्स लेकर पहुंचे थे। क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार से शिकायत की गई थी कि कुछ लोग अक्सर ट्रैक्टर्स का शक्ति प्रदर्शन करते हैं और उसमें हार-जीत के रूप में रकम तय करते हैं। यानि एक प्रकार से जुआं खेलते हैं।

बादलपुर थाने की पुलिस को आज जैसे ही इनके इकट्ठा होने का खबर मिली तुरंत फोर्स मौके पह पहुंची और अम्बेडकर पार्क के समीप लगभग आधा दर्जन ट्रैक्टरों को धर दबोचा। मौके पर 100 से अधिक लोग थे जो ट्रैक्टर्स की जोर आजमाइश देखने आए हुए थे। पुलिस को देखते ही ट्रैक्टर्स चालक मौके से भाग निकले जिसके बाद पुलिस ने सभी ट्रैक्टर्स को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।

मामले में थानाध्यक्ष दिनेश कुमार द्वारा सूझ-बूझ का परिचय देते हुए सभी ट्रैक्टर्स के मालिकों को बुलाया गया और उनके बच्चों को उनके कृत की जानकारी दी गई। अभिभावक भी अपने बच्चों के द्वारा की जा रही गलतियों के अनजान थे। लिहाजा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने सभी को चेतावनी देते हुए छोड़ दिया गया और कहा गया कि अगर इस तरह की गलती करते हुए दोबारा कोई पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाएगी।

वहीं, शरारत कर रहे लोगों द्वारा माफीनाफा थानाध्यक्ष को संबोधित करते हुए दिया गया और कहा गया कि वह आगे से इस तरह की कोई गलती नहीं करेंगे जो नियमों के विपरीत हो। खासकर ट्रैक्टर का शक्ति प्रदर्शन बिल्कुल भी नहीं करेंगे।

वहीं, दूसरी तरफ कुछ लोगों का यह भी कहना था कि ट्रैक्टर्स के शक्ति प्रदर्शन से किसी का भी नुकसान नहीं हो रहा था। जब पुलिस पहुंची तो वह खुद पुलिस का सम्मान करते हुए भाग निकले। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले एक जिप्सी में चार-पांच पुलिसकर्मी मौके पर थे लेकिन लोगों की संख्या अधिक होने की वजह से अतिरिक्त फोर्स मंगानी पड़ गई। जिसके बाद तीन वाहनों में पुलिसकर्मी पहुंचे फिर स्थिति नियंत्रण में आई।


तस्वीरों में देखें! जिला कारागार अलीगढ़ में किस तरह से मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी

शासनादेश के मुताबिक, आज जिला कारागार अलीगढ़ में भी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर कैदियों द्वारा भगवान कृष्ण के भजनों पर रंगारंग प्रस्तुति दी गई।

अलीगढ़: आज भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जा रहा है। लेकिन कान्हा का जन्मदिन एक और जगह पर बेहद ही खास तरीके से मनाया जाता है। वह जगह है थाने और कारागार। जी हां! यूपी के समस्त थानों और जेलों में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव बड़े ही धूम-धाम से मनाए जाते हैं। 

शासनादेश के मुताबिक, आज जिला कारागार अलीगढ़ में भी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर कैदियों द्वारा भगवान कृष्ण के भजनों पर रंगारंग प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ने लोगों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्री कृष्ण के जीवन पर प्रकाश डाला गया। विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि आज जन्माष्टमी के अवसर पर शासनादेश के मुताबिक, जिला कारागार में कैदियों द्वारा जन्माष्टमी मनाया गया और कृष्ण भजनों पर रंगारंग प्रस्तुति दी गई।

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राष्ट्रपति ने किया रामायण कान्क्लेव का शुभारंभ, बोले-'प्रभु राम के बिना अयोध्या की कल्पना असंभव', सीएम योगी ने कही ये बड़ी बात

राष्ट्रपति ने रामायण कान्क्लेव के आयोजन और कला व संस्कृति के माध्यम से आम लोगों तक रामायण पहुंचाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम की सराहना भी की।

लखनऊ/अयोध्या: राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के यूपी दौरे का आज चौथा दिन है। आज वह अयोध्या पहुंचे।  इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनकी अगवानी की। उनके रामनगरी में प्रथम आगमन को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी की गई है। अयोध्या में राष्ट्रपति का भव्य स्वागत आठ मंचों से किया गया। 


अयोध्या में रामायण कान्क्लेव के शुभारंभ के बाद राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रामायण एक ऐसा विलक्षण ग्रंथ है जो राम कथा के माध्यम से विश्व समुदाय के समक्ष मानव जीवन के उच्च आदर्शों और मर्यादा को प्रस्तुत करता है।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि रामायण के प्रचार-प्रसार के लिए यूपी सरकार का यह प्रयास पूरी मानवता के हित में बहुत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। राष्ट्रपति ने रामायण कान्क्लेव के आयोजन और कला व संस्कृति के माध्यम से आम लोगों तक रामायण पहुंचाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम की सराहना भी की।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने आगे कहा कि अयोध्या प्रभु राम की जन्म और लीला भूमि तो है ही बिना राम के इस नगरी की कल्पना करना भी असंभव है। उन्होंने कहा रामायण का प्रचार महत्वपूर्ण है। क्योंकि इसमें जीवन के निहित मूल्य मानवता के लिए हमेशा प्रासंगिक हैं। दर्शन के साथ-साथ रामायण आदर्श आचार संहिता भी प्रदान करती है जो हमारे जीवन के सभी पहलुओं का मार्गदर्शन करती है।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा कि अयोध्या मानव सेवा का उत्कृष्ट केंद्र बने। शिक्षा और शोध का भी वैश्विक केंद्र बनाया जाए। उन्होंने कहा कि विश्व समुदाय और युवा पीढ़ी को रामकथा में निहित जीवन मूल्यों से जोड़ना चाहिए। रामायण में राम निवास करते हैं। वाल्मीकि जी ने कहा था जब तक पृथ्वी पर नदी और पर्वत रहेंगे रामकथा लोकप्रिय रहेगी। रामकथा के अनेक पठनीय रूप देश और विदेश में प्रचलित है। इस दौरान उन्होंने पर्यटन विभाग की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिल्यान्यास भी किया।

सीएम योगी ने कही ये बात


रामायण कान्क्लेव के शुभारंभ अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम जन-जन के हैं। हमारी आस्था और रोम-रोम में राम बसे हैं। यही आस्था ही अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण के मार्ग को प्रशस्त किया है। 


खराब सड़क को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा, योगी के मंत्री को गाड़ी से उतारा और कीचड़ में पैदल चलवाया!

बिलासपुर में बदहाल सड़क के कारण नाराज लोगों ने औलख के काफिले को न सिर्फ जबरन रुकवाया बल्कि उन्हें कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलने को मजबूर किया। वे शीघ्र सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे।

बिलासपुर (रामपुर): आज यूपी के जलशक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख को उस समय अपने ही विधानसभा क्षेत्र में लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ गई जब भारी संख्या में लोग आकर उन्हें गाड़ी से उतारकर टूटी सड़कों पर चलने के लिए मजबूर कर दिया गया। बिलासपुर में बदहाल सड़क के कारण नाराज लोगों ने औलख के काफिले को न सिर्फ जबरन रुकवाया बल्कि उन्हें कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलने को मजबूर किया। वे शीघ्र सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे।

मिली जानकारी के मुताबि, शनिवार दोपहर राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ सीएचसी में ऑक्सीजन रिफिलिंग प्लांट के उद्घाटन के लिए जा रहे थे। इसी बीच वर्षों से सड़क की बदहाली झेल रहे मोहल्ला सिंह कॉलोनी के नाराज लोगों ने राज्यमंत्री के काफिले को रास्ते में रोक लिया। वे राज्यमंत्री और जिलाधिकारी को खस्ताहाल सड़क दिखाकर पालिका की लापरवाही पर नाराजगी जताने लगे।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई वर्षों से सड़क के निर्माण के लिए पालिका और अन्य अफसरों से अनुरोध किया गया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे बारिश के दिनों में लोगों को काफी परेशानी होती है। शनिवार को भी सवेरे बारिश हुई थी लेकिन मंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए अफसरों ने लापरवाही छिपाने के लिए पालिका ने गड्ढों को मिट्टी से पाट दिया लेकिन इससे राहत मिलने के बजाय पूरे रास्ते पर कीचड़ हो गई।

मंत्री ने दिया रोड जल्द ठीक कराने का आश्वासन

लोगों की नाराजगी इस कदर थी कि उन्होंने अपनी परेशानी से मंत्री औलख को अवगत कराने के लिए उन्हें कार से उतार लिया और उन्हें कुछ दूर तक कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलने को मजबूर किया। औलख ने भी लोगों की नाराजगी को समझा और बिना हिचक कीचड़ भरे रास्ते पर चले। साथ ही कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मामले को लेकर राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि यह रास्ता पालिका क्षेत्र में आता है। यदि उनके अधिकार क्षेत्र में होता तो कब का दुरुस्त करा दिया गया होता। केंद्रीय मंत्री व डीएम ने पूर्व में भी इस रास्ते को लेकर पालिका को चेताया था। मगर इसे ठीक नहीं कराया गया। लोगों की नाराजगी सही है। ईओ को सख्त चेतावनी दी गई है। अगर जल्द रास्ते का निर्माण नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री को पैदल चलते देख जिलाधिकारी का भी पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और ईओ राजेश सिंह राणा के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखे जाने की बात कही। डीएम ने ईओ को आदेश दिए कि वह तत्काल इस मार्ग का निर्माण कराएं, अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


पक्की खबर! 5 दिन के अंदर होगा योगी कैबिनेट का विस्तार, इन बातों का रखा जाएगा विशेष ध्यान

कैबिनेट का विस्तार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए खासकर जातीय समीकरण के ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। कैबिनेट विस्तार में उन चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा जिनका रिपोर्ट कार्ड अच्छा नहीं है और कई नए चेहरों को भी कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।

लखनऊ: अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बहुप्रतिक्षित यूपी कैबिनेट विस्तार होने की संभावना जल्द है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अगले पांच दिनों के अंदर योगी कैबिनेट का विस्तार होगा। कैबिनेट का विस्तार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए खासकर जातीय समीकरण के ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। कैबिनेट विस्तार में उन चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा जिनका रिपोर्ट कार्ड अच्छा नहीं है और कई नए चेहरों को भी कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।


बीजेपी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का उत्तर प्रदेश दौरा खत्म होते ही, उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार होना तय हो गया है। 29 अगस्त को राष्ट्रपति अयोध्या में राम मंदिर दर्शन करने जाएंगे और उसके बाद वह दिल्ली को रवाना हो जाएंगे। राष्ट्रपति के उत्तर प्रदेश से दिल्ली रवाना होने के बाद शपथ ग्राहण की तारीख तय कर ली जाएगी। एबीपी न्यूज़ ने पहले भी इस बारे में अमित शाह के आवास पर 20 अगस्त को हुई बैठक एक बाद एक्सक्लूसिव खबर दी थी कि अगले 15 दिन में उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार होगा। 


सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरकार और संगठन ने पूरी कवायद कर ली है। इसके लिए पश्चिम से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक अलग-अलग बिरादरी और क्षेत्र के विधायकों की छटनी भी कर ली गयी है। बाकायदा इन विधायकों का एक पैनल तैयार किया गया है। इनमें से जिन नामों पर केंद्रीय नेतृत्व की मुहर लग जाएगी, उनको मंत्री बनाया जाएगा।

किसे कहां से बनाया जाएगा मंत्री

पश्चिम से शुरू करें तो सबसे पहले जाट समाज की बात कर लेते हैं। किसान आंदोलन की वजह से जाटों की नाराज़गी को दूर करने की कोशिश जाटों को मंत्री पद देकर की जा रही है, जिन विधायकों के नाम छाटें गए हैं उनमें जाट समुदाय से मंजु सीवास का नाम सबसे ऊपर है। वह गाज़ियाबाद की मोदीनगर विधानसभा से विधायक हैं और पेशे से डॉक्टर हैं, जबकि जाट समुदाय से दूसरा नाम बागपत के छपरौली से  विधायक सहेंद्रव रमाला हैं। वह RLD से बीजेपी में 2018 में आए थे और RLD के एकमात्र विधायक हैं।


गुर्जर समाज से भी मंत्री बनाया जाएगा। मेरठ से विधायक सोमेंद्र गुर्जर का नाम सबसे ऊपर है। वह पहली बार विधायक बने हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से बीजेपी में आए और अब मंत्री बनाए जा सकते हैं। वहीं दूसरा नाम गौतमबुद्ध नगर के दादरी से विधायक तेजपाल नागर का है, वह पेशे से शिक्षक हैं।


ब्रह्मणों की नाराज़गी दूर करने के लिए जतिन प्रसाद को मंत्री बनाया जा रहा है। वह हाल ही में कांग्रेस से बीजेपी में आए हैं। उन्हें MLC भी बनाया जाएगा। वह दूसरी पीढ़ी के बड़े ब्राह्मण नेता में शुमार होते हैं। 


निषाद समुदाय को भी मंत्रिमंडल में जगह दी जा रही है। निषाद पार्टी के संजय निषाद को MLC और मंत्री बनाया जा सकता है, जबकि एक अन्य नाम संगीता बलवंत बिंद है। वे गाज़ीपुर सदर से विधायक हैं और बिंद समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं।


पटेल और कुर्मी बिरादरी को भी योगी सरकार में जगह दी जा रही है। अपना दल के अध्यक्ष हैं आशीष पटेल। वह भी मंत्री बनाए जा सकते हैं। आशीष पटेल फिलहाल MLC हैं।

महेंद्र पाल सिंह सेंथवार भी मंत्री बनाए जा सकते हैं। वह गोरखपुर के पिपराइच से विधायक हैं। जब योगी मुख्यमंत्री बने थे तब उन्होंने योगी आदित्यनाथ के लिए सबसे पहले अपनी सीट छोड़ने की पेशकश की थी। 

अदिवासी समाज से भी मंत्री बनाया जाएगा। अपना दल से उत्तर प्रदेश की छानबे विधानसभा विधायक राहुल कोल को मंत्री बनाया जा सकता है। वह पहली बार विधायक चुने गए हैं। अनुसूचित जनजाति से आते हैं, जब आदिवासी समाज से ही बीजेपी विधायक संजय गोंड का नाम भी सम्भावित मंत्रियों की सूची में है। वे सोनभद्र के ओबरा से विधायक हैं। अनुसूचित जनजाति से आते हैं, अपनी सादगी के लिए चर्चित रहते हैं।

अनुसूचित जाति से रवि सोनकर को मंत्री बनाया जा सकता है। वे सोनभद्र ज़िले की महादेवा सीट से विद्यायक हैं। पिता कल्पनाथ सोनकर 1989-1991 सांसद रह चुके हैं। अनुसूचित जाति में अच्छा असर रखते हैं।


राष्ट्रपति ने गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय का किया शिलान्यास, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी भी रहे मौजूद

इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कोविड-19 की लड़ाई में विशेषकर दूसरी लहर में आयुष चिकित्सा पद्धतियों ने लोगों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उन्हें संक्रमण मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले 2 दशकों में पूरे देश में आयुष चिकित्सा पद्धतियों की लोकप्रियता में बढ़ोतरी हुई है।

गोरखपुर: आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया। इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कोविड-19 की लड़ाई में विशेषकर दूसरी लहर में आयुष चिकित्सा पद्धतियों ने लोगों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उन्हें संक्रमण मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले 2 दशकों में पूरे देश में आयुष चिकित्सा पद्धतियों की लोकप्रियता में बढ़ोतरी हुई है।

वहीं, सीएम योगी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ साल से पूरी दुनिया कोरोना महामारी से त्रस्त है। इस दौरान दुनिया का कोई देश ऐसा नहीं होगा जिसने इस महामारी से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए भारत की चिकित्सा पद्धतियों का अनुसरण न किया हो।

सीएम योगी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने UNO के मंच से भारत की इस परंपरा को वैश्विक मंच पर ले जाने का कार्य किया है। इसकी वजह से भारत की चिकित्सा पद्धति तेज़ी के साथ आगे बढ़ी। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय भूमि पूजन और शिलान्यास के साथ शुरू होने जा रहा है।




योगी की पुलिस की जबरजस्ती, 'जबरिया रिटायर' आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जबरन किया गिरफ्तार

अमिताभ ठाकुर को आज लखनऊ की हजरतगंज थाने की पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के समय का वीडियो उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने अपने फेसबुक वॉल पर शेयर किया है।

लखनऊ: सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने के एलान ले बाद पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को आज लखनऊ की हजरतगंज थाने की पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के समय का वीडियो उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने अपने फेसबुक वॉल पर शेयर किया है।

बसपा सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगाने वाली युवती ने मरने से पहले अमिताभ ठाकुर पर भी लगाए थे आरोप। बसपा सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगानी वाली लड़की और गवाह की मौत के मामले में एसआईटी की रिपोर्ट पर अमिताभ ठाकुर पर पहले एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद गिरफ़्तार करके हजरतगंज कोतवाली ले जाया गया।

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार करने के बाद हजरतगंज कोतवाली ले ज़ाया गया है जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पूर्व IPS ठाकुर को बंद कमरे में रखा गया है। कोतवाली में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।


यूपी के इटावा में बड़ा सड़क हादसा, रोडवेज बस और ट्राला की टक्कर में 3 की मौत, 30 से ज्यादा घायल

उत्तर प्रदेश के इटावा में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। यहां, रोडवेज बस और ट्राला के बीच हुई टक्कर में तीन लोगों की मौत हुई है और 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। यहां, रोडवेज बस और ट्राला के बीच हुई टक्कर में तीन लोगों की मौत हुई है और 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

मिली जानकारी के मुताबिक, आगरा-कानपुर नेशलन हाइवे पर गुरुवार देर रात कानपुर से आगरा जा रही आगरा डिपो की रोडवेज बस हाइवे पर खड़े ट्राला से टकरा गई। भीषण हादसे में बस में सवार एक मासूम समेत तीन यात्रियों की मौत हो गयी और 30 से अधिक यात्री घायल हो गए। 


दुर्घटना के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई, आसपास के गांव वालों और पुलिस ने रेस्क्यू चलाकर घायलों को अस्पताल भिजवाया। हादसा बकेवर क्षेत्र के राधे-राधे धाबा के पास द्वारका गांव के सामने हुआ। ट्राला से टकराने के बाद बस का एक तरफ का पूरा हिस्सा ही गायब हो गया। भयानक मंजर देखकर लोग सन्न रह गए। 

गुरुवार की रात कानपुर नगर से चलकर रोडवेज की आगरा फोर्ट डिपो की बस लगभग 50 सवारियों को लेकर आगरा के लिए निकली थी। बस में कानपुर, इटावा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, आगरा, अलीगढ़ की सवारियां थीं। रात करीब सवा दो बजे बस इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी वह हाइवे पर खड़े 22 चक्का ट्राला से पीछे से तेजी से टकरा गई। बस की कन्डक्टर साइड के आधे हिस्से के परखचे उड़ गए।

पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे


सूचना पर एसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह, सीओ भरथना पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस ने आनन फानन में रेस्क्यू अभियान चलाकर बस में फंसे घायल यात्रियों को एम्बुलेन्स व निजी वाहनों की मदद से अस्पताल भिजवाया। वहां डॉक्‍टरों ने एक साल के मासूम अलीगढ़ के आदित्य, हमीरपुर के निरपत समेत तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। 30 घायलों में एक महिला समेत सात लोगों की हालत नाजुक होने पर उन्हें सैफई रेफर किया गया है। जिला अस्पताल में सीएमएस एमएम आर्या समेत पांच डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में जुटी है।


चाचा के खिलाफ साजिश रचने वाला मुनव्वर राना का बेटा गिरफ्तार, खुद पर चलवाई थी गोली

खुद पर हमले की साजिश रचने के आरोपी शायर मुनव्वर राना के बेटे तबरेज राना को रायबरेली पुलिस ने बुधवार की शाम गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तबरेज को लखनऊ के लालकुंआ से पकड़ा है।

लखनऊ: खुद पर हमले की साजिश रचने के आरोपी शायर मुनव्वर राना के बेटे तबरेज राना को रायबरेली पुलिस ने बुधवार की शाम गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तबरेज को लखनऊ के लालकुंआ से पकड़ा है।

बताते चलें  कि 28 जून को तबरेज राना पर हाईवे पर हमला हुआ था। इस दौरान उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग भी की गई थीं। जब मामले की जांच पड़ताल की गई तो उसमें खुद ही हमले की साजिश रचने की बात सामने आई थी। तबरेज ने खुद को साजिश को आरोपी भी माना था। 

इस साजिश में तबरेज के अलावा चार अन्य आरोपी थी जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज दिया था, लेकिन तब से तबरेज फरार चल रहा था। तबरेज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके करीबियों से भी पूछताछ की थी लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चल सका था। बुधवार की शाम को तबरेज की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस ने राहत की सांस ली है।

हाईवे पर हमले के बाद तबरेज राना ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तबरेज राना के वाहन पर गोलियों के निशान भी मिले थे। पुलिस की जांच में पता चला था कि अपने निजी स्वार्थों के लिए तबरेज ने खुद ही अपने ऊपर फायर कराया था। पुलिस ने गोली चलाने वाले शूटरों को भी गिरफ्तार किया था। 

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व अन्य तथ्यों के आधार पर इसका खुलासा किया था। इसके बाद पुलिस ने तबरेज को इसी मामले में झूठ बोलने व षडयंत्र रचने के साथ ही अन्य धाराओं में आरोपी बनाया। 


पुलिस तबरेज की तलाश कर रही है वहीं दो जुलाई को तबरेज ने न्यायालय ने आत्मसमर्पण का प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर न्यायालय ने छह जुलाई की तिथि नियत की थी लेकिन नियत तिथि पर भी तबरेज न्यायालय में हाजिर नहीं हुए थे।

कैसे रची थी साजिश


तबरेज पर हमले की जब पुलिस ने जांच बिठाई तो पूरा मामला पानी की तरह साफ हो गया था। चाचा को फंसाने के लिए तबरेज ने खुद पर गोली चलवाई थी। 

पुलिस ने बताया था कि पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर इस साजिश का पता चला था। जानकारी के अनुसार तबरेज ने अपने साथी हलीम और सुल्तान के साथ पूरी साजिश रची थी। तबरेज ने अपने चाचा को संपत्ति विवाद में फंसाने के लिए ये पूरा घटनाक्रम रचा था। 

पुलिस ने बताया था कि हलीम ने सतेंद्र और शुभम नाम के दो शूटर को फायरिंग के लिए भेजा था। उन्होंने बताया कि हलीम, सुल्तान, सतेंद्र और शुभम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान उनके पास से पिस्टल और एक बाइक भी बरामद हुई थी। 


पुलिस फोर्स में दाढ़ी रखना संवैधानिक अधिकार नहीं: यूपी हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने याचिका दाखिल करने वाले सिपाही के खिलाफ जारी निलंबन आदेश और आरोप पत्र में भी दखल से इनकार कर दिया है।

लखनऊ: एक मुस्लिम सिपाही की याचिका आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यह कहकर खारिज कर दी कि पुलिस फोर्स में दाढ़ी रखना कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने याचिका दाखिल करने वाले सिपाही के खिलाफ जारी निलंबन आदेश और आरोप पत्र में भी दखल से इनकार कर दिया है।


यह आदेश जस्टिस राजेश सिंह चौहान की एकल पीठ ने अयोध्या जनपद के खंडासा थाने में तैनात रहे सिपाही मोहम्मद फरमान की दो अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ पारित किया। पहली याचिका में पुलिस महानिदेशक द्वारा 26 अक्टूबर 2020 को जारी सर्कुलर के साथ-साथ याची ने अपने खिलाफ डीआइजी/एसएसपी अयोध्या द्वारा पारित निलंबन आदेश को चुनौती दी थी जबकि दूसरी याचिका में विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही में याची के खिलाफ जारी आरोप पत्र को चुनौती दी गई थी।

याची का कहना था कि संविधान में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के तहत उसने मुस्लिम सिद्धांतों के आधार पर दाढ़ी रखी हुई है। याचिका का सरकारी वकील ने विरोध किया। उन्होंने दोनों ही याचिकाओं की पोषणीयता पर सवाल उठाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के पश्चात पारित अपने निर्णय में कहा कि 26 अक्टूबर 2020 का सर्कुलर एक कार्यकारी आदेश है जो पुलिस फोर्स में अनुशासन को बनाए रखने के लिए जारी किया गया है।

हाई कोर्ट ने कहा कि पुलिस फोर्स को एक अनुशासित फोर्स होना चाहिए और लॉ इंफोर्समेंट एजेंसी होने के कारण इसकी छवि भी सेक्युलर होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अपने एसएचओ की चेतावनी के बावजूद दाढ़ी न कटवा कर याची ने कदाचरण किया है।


पंचतत्व में विलीन हुए कल्याण सिंह, पुत्र राजवीर स‍िंह व दो पौत्र ने दी मुखाग्नि

राजकीय सम्मान के साथ बुलंदशहर जिले के नरौरा स्थित बंशी घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। उनके बेटे राजवीर सिंह ने मुखाग्नि दी।

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान-हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए। राजकीय सम्मान के साथ बुलंदशहर जिले के नरौरा स्थित बंशी घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। उनके बेटे राजवीर सिंह ने मुखाग्नि दी।


इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत कई बड़े नेताओं ने पूर्व सीएम को श्रद्धांजलि दी। उनके अंतिम दर्शनों के लिए भारी जनसैलाब यहां पर उमड़ा।

इस बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पार्थिव शरीर को नरौरा में श्रद्धांजलि अर्पित की। 


यादों में रहेंगे कल्याण ! अयोध्या में राम मंदिर जाने वाली सड़क का नाम होगा 'कल्याण सिंह मार्ग'

यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि की ओर जाने वाली सड़क का नाम पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर रखा जाएगा।

नई दिल्ली: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन पर राज्य में 3 दिवसीय राजकीय शोक का एलान किया गया है। वहीं, यूपी की योगी सरकार ने उन्हे सम्मान देने के लिए कई फैसले किए हैं।

यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि की ओर जाने वाली सड़क का नाम पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर रखा जाएगा। उनके इस कदम का केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल समेत कई लोगों ने स्वागत किया है।


पूर्व मुख्यमंत्री के सम्मान में लखनऊ, अलीगढ़, एटा, बुंलदशहर और प्रयागराज की एक-एक सड़क का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। बता दें कि कल्याण सिंह को राम मंदिर आंदोलन के सेनापति के तौर पर जाना जाता है। डिप्टी सीएम ने बताया कि अधिकारियों को कागजी कार्यवाही जल्द पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।


केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को ट्वीट में कहा, "राम भक्त स्वर्गीय बाबू जी के नाम लोक निर्माण विभाग अयोध्या अलीगढ़,एटा,बुलंदशहर प्रयागराज में एक एक मार्ग के नाम होगा। बाबू जी ने राम मंदिर के लिए सत्ता छोड़ दी परंतु कारसेवकों पर गोली नहीं चलाई!! अधिकारियों को जल्द प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश!!" 

खबर यह भी है कि अलीगढ़ के एयरपोर्ट का भी कल्याण सिंह के नाम पर रखने को लेकर विचार चल रहा है। अलीगढ़ के बीजेपी नेता लगातार इस मांग को उठा रहे हैं कि नवनिर्मित हवाई अड्डे को पूर्व मुख्यमंत्री का नाम दिया जाए। 

अलीगढ़ एय़रपोर्ट का नाम कल्याण सिंह के नाम पर रखे जाने के सवाल पर यूपी के सीएम ने कहा, हम जल्द ही कैबिनेट की बैठक करेंगे और इस पर फैसला लेंगे।


बीजेपी कार्यालय लखनऊ से कल्याण सिंह का पार्थिव शरीर लेकर अलीगढ़ रवाना हुए सीएम योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा के अन्य नेता यहां से पार्थिव देह तो लेकर अमौसी एयरपोर्ट रवाना हो गए। जहां से एयर एंबुलेंस से पूर्व सीएम कल्याण सिंह की पार्थिव देह को अलीगढ़ ले जाया जाएगा। आज अलीगढ़ में उनकी पार्थिव देह को जनता के दर्शन के लिए स्टेडियम में रखा जाएगा।

लखनऊ/अलीगढ़: यूपी के पूर्व सीएम व दिग्गज बीजेपी नेता कल्याण सिंह अब अपने अंतिम सफर पर हैं। भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक कल्याण सिंह का शनिवार को लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ में निधन हो गया।

सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ में भाजपा कार्यालय से कल्याण सिंह की पार्थिव देह को लेकर अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे। वहां पर राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने स्वर्गीय कल्याण सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर कल्याण सिंह के सांसद पुत्र राजवीर सिंह तथा उनकी पत्नी भी थीं।

भाजपा के दिग्गज नेताओं में शामिल रहे कल्याण सिंह की पार्थिव देह का अंतिम दर्शन करने भाजपा प्रदेश मुख्यालय में भी बड़ी संख्या में भाजपा के विधायक, मंत्री तथा कार्यकर्ता एकत्र थे। यहां पर कल्याण सिंह की पार्थिव देह तो तिरंगे के साथ भाजपा के ध्वज में भी लपेटा गया। यहां पर उनकी पार्थिव देह को सेना की गाड़ी में रखा गया। जहां से गाड़ी को लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट रवाना किया गया। इस दौरान चारों तरफ लोग नारे लगा रहे थे, कल्याण सिंह अमर रहें। 


पार्टी कार्यालय से जब कल्याण सिंह का पार्थिव शव लेकर सेना का वाहन निकला तो उसपे पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी फ्लीट के साथ रवाना हो गए। सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा के अन्य नेता यहां से पार्थिव देह तो लेकर अमौसी एयरपोर्ट रवाना हो गए। जहां से एयर एंबुलेंस से पूर्व सीएम कल्याण सिंह की पार्थिव देह को अलीगढ़ ले जाया जाएगा। आज अलीगढ़ में उनकी पार्थिव देह को जनता के दर्शन के लिए स्टेडियम में रखा जाएगा।

कल्याण सिंह का पार्थिव देह का अंतिम दर्शन करने विधान भवन में इससे पहले विपक्षी दलों के नेता विधान भवन में भी बड़ी संख्या में नेता तथा विपक्षी दलों के दिग्गज पहुंचे। इनमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी थे। विधान भवन के हाल में सभी अपने लोकप्रिय तथा जनप्रिय नेता की अंतिम झलक पाने को आतुर थे। यहां पर दलगत भावना भी टूटती दिखीं।

 समाजवादी पार्टी के साथ ही बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल तथा अन्य पार्टियों के विधायक तथा नेताओं ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी। उनकी पार्थिव देह को रात से ही उनके पौत्र और योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री संदीप सिंह के सरकारी आवास पर रखा गया।


कल्याण सिंह का निधन: यूपी में 3 दिन का राजकीय शोक, सोमवार को सार्वजनिक अवकाश, 23 अगस्त को अंतिम संस्कार

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की अंत्येष्टि 23 अगस्त की शाम उनके पैतृक गांव अतरौली के नरौरा में गंगा घाट पर होगी। इस दिन पूरे यूपी में सार्वजनिक अवकाश भी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के निधन की आधिकारिक जानकारी देते हुए प्रदेश में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा भी की।

लखनऊ: यूपी के तीन बार मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह का आज यानि शनिवार (21 अगस्त को रात्रि में निधन हो गया। उनके निधन पर भाजपा परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। पीएम मोदी, राष्ट्रपति समेत तमाम बीजेपी के दिग्गजों दुख जताया। वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य में तीन दिवसीय राजकीय शोक का एलान किया है।

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की अंत्येष्टि 23 अगस्त की शाम उनके पैतृक गांव अतरौली के नरौरा में गंगा घाट पर होगी। इस दिन पूरे यूपी में सार्वजनिक अवकाश भी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के निधन की आधिकारिक जानकारी देते हुए प्रदेश में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा भी की। 

सीएम योगी ने बताया कि रविवार की शाम कल्याण सिंह का पार्थिव शरीर अलीगढ़ ले जाया जाएगा। लोगों के दर्शन के लिए वहां स्टेडियम में व्यवस्था हो रही है। अगले दिन सोमवार 23 अगस्त को पार्थिव शरीर उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि अतरौली लाया जाएगा। यहां लोगों के दर्शन के बाद नरौरा में गंगा किनारे अंतिम संस्कार किया जाएगा। 

कल्याण सिंह के निधन की खबर मिलते ही शनिवार की देर शाम सीएम योगी पीजीआई पहुंचे। कल्याण सिंह के निधन की घोषणा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सदस्य कल्याण सिंह जी हमारे बीच नहीं रहे। दो महीने से कल्याण सिंह जी बीमार थे। रात सवा नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। 

सीएम योगी ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान कल्याण सिंह ने जो आदर्श प्रस्तुत किये वो आज भी मानक बने हुए हैं। वह श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी नेता थे। राममंदिर के लिए सत्ता छोड़ने में भी संकोच नहीं किया। विवादित ढांचा गिरने पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था। कल्याण सिंह का जाना न केवल समाज बल्कि भारतीय राजनीति की भी बड़ी क्षति है। 


सीएम योगी ने बताया कि आज रात ही या सुबह कैबिनेट की बैठक में शोक प्रस्ताव के साथ ही कल्याण सिंह के निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक का प्रस्ताव रखा जाएगा। 23 अगस्त को अंत्येष्टि के दिन सार्वजनिक अवकाश भी रहेगा। सीएम योगी ने कल्याण सिंह के शोक संतृप्त परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनसे लगातार संपर्क में हम लोग हैं। कल्याण सिंह ने जो सपना देखा उसे पूरा करने में हम लोगों ने ताकत लगा दी है।


योगी सरकार का बहनों को तोहफा, रक्षाबंधन के अवसर पर फ्री कर सकेंगी यूपी रोडवेज की बसों में यात्रा

सभी महिलाएं शनिवार रात 12 बजे से लेकर रविवार रात 12 बजे तक उत्तर प्रदेश रोडवेज के सभी बसों जिसमें एसी और नॉन एसी दोनों शामिल हैं में फ्री यात्रा कर सकतीं हैं।

लखनऊ: रक्षाबंधन के दिन यूपी की योगी सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त में यात्रा करने का एलान किया है। सभी महिलाएं शनिवार रात 12 बजे से लेकर रविवार रात 12 बजे तक उत्तर प्रदेश रोडवेज के सभी बसों जिसमें एसी और नॉन एसी दोनों शामिल हैं में फ्री यात्रा कर सकतीं हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। सीएम ने कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत लोगों से रक्षाबंधन का पर्व कोविड प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन करते हुए मनाए जाने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने बधाई संदेश में कहा है कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पारस्परिक प्रेम, स्नेह व विश्वास का त्यौहार है। यह पर्व कर्तव्य, आत्मीयता, त्याग, सामाजिक एकता व सद्भाव की भावना का प्रतीक है। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व तो है ही, यह भारत की गुरु-शिष्य परम्परा का त्यौहार भी है।

उन्होंने कहा है कि रक्षाबंधन का त्यौहार श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण मास में ऋषिगण आश्रम में रहकर अध्ययन और यज्ञ करते थे। श्रावण पूर्णिमा को मासिक यज्ञ की पूर्णाहुति होती थी। यज्ञ की समाप्ति पर यजमानों और शिष्यों को रक्षासूत्र बांधने की प्रथा थी, जिसका पालन रक्षाबंधन के रूप में भी किया जाता है।


पक्की खबर! 15 दिनों के अंदर होगा योगी कैबिनेट का विस्तार

उत्तर प्रदेश में अगले 15 दिनों के अंदर मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। खबर है कि रक्षा बंधन के बाद लखनऊ में सरकार और संगठन की बैठक होगी, जिसमें मंत्रिमंडल के विस्तार के लिए संभावित मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले 15 दिनों के अंदर मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। खबर है कि रक्षा बंधन के बाद लखनऊ में सरकार और संगठन की बैठक होगी, जिसमें मंत्रिमंडल के विस्तार के लिए संभावित मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।


मिली जानकारी के मुताबिक, अगस्त के आखिरी हफ्ते या सितम्बर के पहले हफ्ते में प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। इसमें 5 से 7 नए मंत्री बनाए जाने की संभावना है।


गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर तकरीबन साढे तीन घंटे उत्तर प्रदेश को लेकर मंथन चला। बैठक में पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और संगठन मंत्री सुनील बंसल शामिल हुए। विधानसभा चुनावों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार मंत्रिमंडल विस्तार की जरूरत पर जोर देती नजर आ रही है।

चर्चा में क्षेत्रीय, सामाजिक और जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए 5-7 मंत्री बनाए जाने की जरूरत जताई गई। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अगले तीन दिनो में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी और फिर आखिरी मुहर के लिए केंद्र की सहमति ली जाएगी। जिसके बाद  मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख तय की जाएगी।


मुरादाबाद जिला कारागार के सभी कैदियों को मिल चुकी है वैक्सीन की पहली डोज, 1752 को दूसरी खुराक भी मिली

वैक्सीनेशन के मामले में ज़िला कारागार मुरादाबाद उत्तर प्रदेश की पहली जेल बनी जहां वैक्सीन की पहली डोज़ सभी लोगों को लगाई गई।

मुरादाबाद: कोरोना के खिलाफ जंग में प्रभावी वैक्सीन लोगों को सुरक्षित करने का काम कर रही है। वहीं, सूबे का कारागार विभाग कैदियों की सेहत को लेकर लगातार प्रयासरत रहता है। खासकर कोरोना का टीका कैदियों को लगाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। सूबे के सभी कारागारों में कैदियों को वैक्सीन लगाई जा रही है।

वैक्सीनेशन के मामले में ज़िला कारागार मुरादाबाद उत्तर प्रदेश की पहली जेल बनी जहां वैक्सीन की पहली डोज़ सभी लोगों को लगाई गई।


जिला कारागार मुरादाबाद के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉक्टर विरेश राज शर्मा  द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यहां के सभी कैदियों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है और आधे स ज्यादा कैदियों को दूसरी डोज भी दी जा चुकी है।


डॉक्टर शर्मा ने बताया कि 3350 लोगों को पहली डोज़ लगी थी, दूसरी डोज़ 1752 लोगों को लगा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करके कैदियों को दूसरी डोज़ लगवा रहे हैं।


मिशन यूपी: CM योगी ने लगाई वादों की झड़ी, युवाओं को टैबलेट या स्मार्ट फोन देने से लेकर दलितों को मकान देने तक किया किया वादा

आज विधानसभा में अनुपूरक बजट से योगी सरकार ने न सिर्फ अपने घोषणा पत्र के कुछ बचे वादों को पूरा करने की ओर कदम बढ़ाया है, बल्कि चुनावी गणित भी साधा है। मानसून सत्र के अंतिम दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने नौजवानों के लिए खास तौर पर उपहारों की बरसात कर दी।

लखनऊ: अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां जी जान से जुटी हैं। वहीं, आज विधानसभा में अनुपूरक बजट से योगी सरकार ने न सिर्फ अपने घोषणा पत्र के कुछ बचे वादों को पूरा करने की ओर कदम बढ़ाया है, बल्कि चुनावी गणित भी साधा है। मानसून सत्र के अंतिम दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने नौजवानों के लिए खास तौर पर उपहारों की बरसात कर दी।


सीएम योगी ने घोषणा की है कि एक करोड़ युवाओं को टैबलेट या स्मार्ट फोन दिया जाएगा। प्रतियोगी छात्रों को तीन परीक्षाओं तक भत्ता दिया जाएगा तो संस्कृत छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की भी व्यवस्था सरकार करने जा रही है। विधानसभा सत्र में बुधवार को पेश किए गए अनुपूरक बजट पर गुरुवार को चर्चा शुरू हुई तो विपक्ष ने इसे चुनावी और निरर्थक बताया। वहीं, जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस पर चर्चा शुरू की तो समझा दिया कि इस बजट का क्या गुणा-भाग है। नौजवानों की बड़ी आबादी को सरकार चुनाव से पहले तोहफा देने जा रही है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने तीन हजार करोड़ की निधि बनाई है। इससे एक करोड़ नौजवानों को टैबलेट या स्मार्ट फोन दिया जाएगा। इसके पात्र स्नातक, परास्नातक, तकनीकी या डिप्लोमा के छात्र होंगे। उन्हें जरूरत के अनुसार डिजिटल एक्सेस भी मुफ्त मिलेगा। अगली घोषणा भी युवाओं के लिए ही थी। योगी ने कहा कि कारपोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड, अन्य वित्तीय संस्थाओं और विश्वविद्यालयों के सहयोग से तीन हजार करोड़ रुपये का एक बड़ा कोष गठित किया जाएगा। उससे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए परीक्षार्थी को तीन परीक्षाओं तक सरकार भत्ता देगी।

विपक्ष पर संस्कृत विद्यालयों को बंद करने और उनमें छात्रों के प्रवेश न होने देने का आरोप लगाते हुए योगी ने कहा कि सभी संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती मानदेय पर करने के लिए जिलों में विद्यालय प्रबंधकों की अध्यक्षता में टीम गठित कर दी गई है। इसके अलावा संस्कृत छात्रों को अभी तक कोई सुविधा नहीं मिलती थी। पहली बार सरकार ने तय किया है कि संस्कृत छात्रों को छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। इसके कुछ देर बाद विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने विधानसभा सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।

अधिवक्ताओं को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा :

योगी सरकार ने अधिवक्ता वर्ग के लिए पिटारा खोला है। सीएम ने घोषणा की है कि युवा अधिवक्ताओं के लिए वह पहले ही व्यवस्था कर चुके हैं। अब सभी अधिवक्ताओं की सामाजिक सुरक्षा मजबूत की जा रही है। अब तक इसकी राशि डेढ़ लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जा रहा है।

बढ़ेगा कार्मिकों का मानदेय :

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अनुपूरक बजट को युवाओं, कोरोना योद्धाओं और फील्ड कर्मचारियों को समर्पित किया। कोरोना काल में इन सभी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि रोजगार सेवकों, पीआरडी जवान, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं सहित कम मानदेय वाले कार्मिकों का मानदेय बढ़ाया जाएगा।


माफिया से मुक्त जमीनों पर बनेंगे गरीबों के आवास :

विपक्षी दलों पर माफिया को संरक्षण के आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने 1500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त और ध्वस्त की है। माफिया से खाली हुई इन जमीनों पर गरीब और दलितों के लिए आवास बनाए जाएंगे। बिना किसी दल का नाम लिए बोले कि अब समझ लें कि जो माफिया को साथ लेकर चलेगा, उसके पीछे-पीछे बुल्डोजर भी जाएगा।


चीनी निर्यात शुरू होते ही बाकी गन्ना मूल्य का भुगतान :

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने सदन में गन्ना मूल्य बकाया का मुद्दा उठाया। इस पर योगी ने कहा कि 2017 तक हाल यह था कि 2010 से गन्ना मूल्य का भुगतान बकाया था। चीनी मिलें बंद हो रही थीं। भाजपा सरकार 81 फीसद गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी है। अब चीनी निर्यात शुरू होते ही नए सीजन से पहले बचा हुआ भुगतान भी कर दिया जाएगा।



माफियाओं से जब्त की गई जमीन पर दलितों के लिए घर बनवाएगी यूपी सरकार, सीएम योगी ने विधानसभा में किया एलान

अनुपूरक बजट पर बोलते हुए सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखे वार किए। सीएम ने कहा कि अवैध तरीके से जुटाई गई माफियाओं की हर संपत्ति सरकार जब्त करेगी।

लखनऊ: यूपी में माफियाओं से जब्‍त जमीन पर सीएम योगी दलितों-गरीबों के लिए मकान बनवाएंगे। गुरुवार को उन्‍होंने विधानसभा में कहा कि हम माफियाओं को सिर पर ढोते नहीं चलते। सरकार ने उनकी 1500 करोड़ रुपए की सम्‍पत्तियां जब्‍त कर ली हैं। गरीबों को लूटकर सम्‍पत्ति बनाने वालों के यहां बुल्‍डोजर चल रहे हैं। सरकार माफियाओं से जब्‍त जमीन पर गरीबों और दलितों के लिए मकान बनवाएगी। अनुपूरक बजट पर बोलते हुए सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखे वार किए। सीएम ने कहा कि अवैध तरीके से जुटाई गई माफियाओं की हर संपत्ति सरकार जब्त करेगी।


उन्‍होंने कहा कि गुंडों के कब्जे से मुक्त कराई जा रही जमीनों पर सरकार उन गरीबों-दलितों के लिए आवास बनाएगी, जिनके पास रहने के लिए घर नहीं हैं। उन्‍होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय ने कहा था कि आर्थिक योजनाओं और आर्थिक प्रगति का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को भी मिलना चाहिए। हमने बिना किसी भेदभाव के अपनी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम किया। सीएम ने कहा कि यह पहली महामारी है जिसमें एक भी गरीब भूखा नहीं मरा। हमें महामारी को तो स्वीकार करना होगा नहीं तो बीमारी के उपचार के लिए और बीमारी से बचाव के लिए कोई अभियान आगे नहीं बढ़ पाएगा। 

उन्‍होंने कहा कि विपक्ष को तो गरीबों को अन्‍न दिया जाना भी बुरा लग रहा है। झोलों में अनाज वितरण को भी गरीबों का मजाक बता दिया। यह साफ दिख रहा है कि विपक्ष को जमीन पर चलने की आदत नहीं है। सीएम ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रदेश के अंदर बजट का दायरा काफी बढ़ गया। वर्ष 2015-16 में ढाई लाख करोड़ रुपए का बजट आता था। 2016-17 में 2.40 लाख करोड़ का बजट आया। आज हम करीब छह लाख करोड़ रुपए तक बजट के दायरे को पहुंचाने में सफल रहे हैं। बड़ी सोच और बड़े कार्यों के साथ बजट का दायरा भी बढ़ा है। 


39 जातियों को आरक्षण सूची में शामिल करने की तैयारी में यूपी की योगी सरकार

सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार ने 39 नई जातियों को ओबीसी की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया है। राज्य में फिलहाल 79 जातियां ओबीसी आरक्षण के दायरे में आती हैं।

नई दिल्ली: संसद से ओबीसी बिल पास होने के बाद यूपी की योगी सरकार एक्शन में आ गई है। संसद ने 127वें संविधान संशोधन को मंजूरी देकर राज्यों को अपने स्तर पर ओबीसी आरक्षण के लिए जातियों की सूची तैयार करने का अधिकार दिया है। 

इसी के तहत अब राज्यों में हलचल तेज हो गई है और नई सूची तैयार करने का काम हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार ने 39 नई जातियों को ओबीसी की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया है। राज्य में फिलहाल 79 जातियां ओबीसी आरक्षण के दायरे में आती हैं। 

राज्य पिछड़ वर्ग आयोग के चेयरमैन जसवंत सैनी ने कहा, 'हमारा काम राज्य सरकार से सिफारिश करना है। 24 जातियों के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है और कुछ सिफारिशें सरकार को पहले ही भेजी जा चुकी हैं।' आयोग का कहना है कि अभी 15 और जातियों का सर्वे किया जाना है और फिर सभी सिफारिशों को राज्य सरकार के समक्ष भेजा जाएगा। 


यूपी ही नहीं दक्षिण भारत के बीजेपी शासित राज्य में भी यह काम शुरू हो चुका है। आयोग उन जातियों की मांग पर विचार कर रहा है, जिन्होंने ओबीसी सूची में एंट्री की डिमांड की है।


उत्तर प्रदेश में अगले ही साल चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में 39 जातियों को ओबीसी में शामिल करने की कवायद बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।


यूपी में 1 सितंबर से खुलेंगे 1 से 5वीं तक के स्कूल

उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को आगामी 23 अगस्त से छठी से आठवीं कक्षाओं तक के और एक सितंबर से पहली से पांच कक्षाओं तक के स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए खोलने के आदेश जारी किए। राज्य में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नौंवीं से 12 वीं कक्षाओं तक के स्कूलों को 16 अगस्त से खोले जाने के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

लखनऊ: कोरोना वायरस का संक्रमण धीरे-धीरे कम हो रहा है ऐसे में अब स्कूलों को खोलने की कवायद राज्य सरकारों द्वारा की जा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में 1 से लेकर 5वीं तक के स्कूलों के खुलने का एलान सरकार द्वारा कर दिया गया है। 

उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को आगामी 23 अगस्त से छठी से आठवीं कक्षाओं तक के और एक सितंबर से पहली से पांच कक्षाओं तक के स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए खोलने के आदेश जारी किए। राज्य में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नौंवीं से 12 वीं कक्षाओं तक के स्कूलों को 16 अगस्त से खोले जाने के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आगामी 23 अगस्त से छठी से आठवीं कक्षाओं तक के और एक सितंबर से पहली से पांच कक्षाओं तक के स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए खोलने के आदेश जारी कर दिये गए हैं। इस हफ्ते के शुरू में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से आगामी 23 अगस्त से छठी से आठवीं कक्षाओं तक के और एक सितंबर से पहली से पांच कक्षाओं तक के स्कूलों को छात्र-छात्राओं के लिए खोलने पर विचार करने को कहा था।


यूपी के 3 जिलों के नाम बदलने की तैयारी, अलीगढ़ बनेगा हरिगढ़, मैनपुरी बनेगी मयन नगरी, फिरोजाबाद का भी बदलेगा नाम!

यूपी में इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम बदलने के बाद तीन और जिलों के नाम बदलने की तैयारी की जा रही है। ये जिले हैं अलीगढ़, फिरोजाबाद और मैनपुरी। अलीगढ़ को कुछ दिनों बाद हरिगढ़ और मैनपुरी को मयन नगरी के नाम से जाना जाएगा। इतना ही नहीं फिरोजाबाद का भी नाम बदलने की तैयारी चल रही है।

लखनऊ: यूपी में इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम बदलने के बाद तीन और जिलों के नाम बदलने की तैयारी की जा रही है। ये जिले हैं अलीगढ़, फिरोजाबाद और मैनपुरी। अलीगढ़ को कुछ दिनों बाद हरिगढ़ और मैनपुरी को मयन नगरी के नाम से जाना जाएगा। इतना ही नहीं फिरोजाबाद का भी नाम बदलने की तैयारी चल रही है।


मिली जानकारी के मुताबिक, अब मैनपुरी, अलीगढ़ तथा फीरोजाबाद का भी नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ रखने की मांग लंबे समय से की जा रही है। विश्व हिंदू परिषद और भाजपा के जन प्रतिनिधि कई बार मांग को प्रदेश स्तर तक उठा चुके हैं। इलाहाबाद का नाम प्रयागराज तथा फैजाबाद का अयोध्या रखा गया है।


अलीगढ़, मैनपुरी तथा फीरोजाबाद जिला पंचायत की बैठकों में जिलों का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित किया गया है। फीरोजाबाद का नाम चंद्रनगर करने का प्रस्ताव पारित होने के बाद अब मैनपुरी का नाम मयन नगरी व अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने का प्रस्ताव दोनों जिलों के जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सोमवार को रखा गया। सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को पारित कर दिया। अब प्रस्तावों को शासन स्तर पर भेजा जाएगा। इसके बाद अब वहां से ही आगे की कार्यवाही होने का प्रविधान है।

मैनपुरी में जिला पंचायत की बैठक अध्यक्ष अर्चना भदौरिया की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में हुई। सदस्य योगेंद्र प्रताप ने मैनपुरी का नाम मयन नगरी रखे जाने का प्रस्ताव पेश किया। इसे चर्चा के बाद स्वीकार कर लिया गया। अर्चना भदौरिया ने बताया कि अब इसे शासन को भेजा जाएगा। बैठक में विकास के लिए कार्ययोजना बनाने पर भी सदस्यों ने मंथन किया। गांवों में विकास के लिए पहल करने की बात रखी।

अलीगढ़ में जिला पंचायत बोर्ड की पहली बैठक में बिजौली के ब्लाक प्रमुख उमेश यादव व अतरौली ब्लाक प्रमुख केहरी सिंह ने प्रस्ताव रखा कि पूर्व में जिले का नाम हरिगढ़ था। ऐसे में अलीगढ़ का नाम पुन: हरिगढ़ करने का प्रस्ताव इस सदन से पास करके शासन को भेजा जाए। जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने भी हरिगढ़ नाम रखने के लिए ज्ञापन दिया है, जिसमें जिले में स्व. राजा बलवंत सिंह के नाम से द्वार बनवाने की भी मांग है। अलीगढ़ के जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह के मुताबिक बोर्ड की बैठक में अलीगढ़ को हरिगढ़ बनाने का प्रस्ताव आया था, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है। गंभीर रूप से बीमार होने के कारण लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ में भर्ती कल्याण सिंह 1992 में मुख्यमंत्री रहते हुए अलीगढ़ का नाम बदलने की कवायद शुरू की थी, लेकिन तब ऐसा नहीं हो सका था।


यूपी विधानसभा सत्र: योगी सरकार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन, सपाई बैलगाड़ी से तो कांग्रेसियों ने की रिक्शे की सवारी

यूपी विधानमंडल के दोनों सदनों की बैठकें शुरू हो चुकी हैं। सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारीऔर किसान बिल को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहा है।

लखनऊ: यूपी विधानमंडल के दोनों सदनों की बैठकें शुरू हो चुकी हैं। सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारीऔर किसान बिल को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहा है। 


महंगाई और बेरोजगारी का विरोध करते हुए समाजवादी पार्टी के विधायक बैलगाड़ी से विधानसभा पहुंचे। काफिले की शक्ल में विधानसभा पहुंचे सपा विधायकों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। सपा विधायक एक हाथ में राष्ट्रध्वज और एक हाथ में समाजवादी पार्टी का झंडा लिए बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी का विरोध कर रहे थे। वहीं कांग्रेस यूपी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू रिक्शे से विधानसभा पहुंचकर विरोध जताया। लल्लू ने कहा कि सदन के अंदर और बाहर हम संघर्ष करेंगे।

21 व 22 अगस्त को शनिवार व रविवार होने के कारण अवकाश रहेगा। सोमवार 23 अगस्त को विधायी कार्य होंगे। 24 अगस्त को बजट पर चर्चा के बाद बजट पास किया जाएगा। इसी तरह विधान परिषद में भी कार्यवाही चलेगी। इस दौरान उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन (द्वितीय)अध्यादेश-2021, उप्र निजी विश्वविद्यालय संशोधन अध्यादेश, उप्र प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय संशोधन अध्यादेश और उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक पेश होंगे।


'मेरी हत्या के लिए दी गई है 5 करोड़ की सुपारी', मुख्तार अंसारी ने जज से कहा

पीठासीन अधिकारी के सामने मुख्तार ने 5 करोड़ की सुपारी देने व साजिश में जेल पुलिस के शामिल होने का आरोप लगाते हुए सीसीटीवी फुटेज व गेट बुक तलब करने की मांग की है।

बांदा/बाराबंकी/लखनऊ: बाराबंकी की अदालत में वर्चुअल पेशी के दौरान माफिया मुख्तार अंसारी ने बांदा जेल में अपनी हत्या की आशंका जताई। 

एम्बुलेंस के फर्जी पते पर रजिस्ट्रेशन के मामले में हो रही वर्चुअल सुनवाई को दौरान मुख्तार ने न्यायाधीश के सामने ही कहा कि उसकी हत्या के लिए कैदियों को पांच करोड़ का आफर दिया जा रहा है। पीठासीन अधिकारी के सामने मुख्तार ने 5 करोड़ की सुपारी देने व साजिश में जेल पुलिस के शामिल होने का आरोप लगाते हुए सीसीटीवी फुटेज व गेट बुक तलब करने की मांग की है। 

फर्जी पते पर एम्बुलेंस पंजीकृत कराने के मामले में सोमवार को बाराबंकी के एमपी-एमएलए कोर्ट की प्रभारी न्यायाधीश मौसमी मधेशिया की कोर्ट में मुख्तार अंसारी की वर्चुअल पेशी थी। 

बचाव पक्ष के अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन के मुताबिक बांदा जेल में निरुद्ध मुख्तार अंसारी ने पेशी के दौरान कहा है कि जेल के अंदर पुलिस के साथ कई संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ी है। इन लोगों की गेट बुक में एंट्री भी नहीं की जाती है। यही नहीं ऐसे लोगों के आते-जाते समय कैमरा घुमा दिया जाता है। ऐसे लोगों से मुख्तार ने जान का खतरा बताया है।


अधिवक्ता सुमन के मुताबिक मुख्तार ने पेशी के दौरान यह भी कहा है कि उन्हें पता चला है कि उनकी हत्या के लिए पांच करोड़ रुपए की सुपारी दी गई है। सुपारी देने वाले ने कहा है कि हत्या के बदले पांच करोड़ परिवार को दिया जाएगा और उसके मुकदमें भी खत्म कर दिए जाएंगे। इसे लेकर मुख्तार ने कोर्ट से मांग की है कि जेल की गेट बुक व सीसीटीवी फुटेज को तलब कर उसकी जांच की जाए।


 मुख्तार ने कोर्ट से की गई प्रार्थना को एक पत्र के रूप में देते हुए अपनी सुरक्षा की मांग की है। कोर्ट ने सारी बाते सुनने के बाद सुनवाई की अगली तिथि 27 अगस्त नियत है।


'जबरिया रिटायर' IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर लड़ेंगे यूपी विधानसभा चुनाव, CM योगी के खिलाफ मैदान में उतरने का किया एलान

अमिताभ ठाकुर ने शनिवार को कहा कि वह उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ खड़े होंगे।

लखनऊ: भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने शनिवार को कहा कि वह उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ खड़े होंगे। उत्तर प्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी ठाकुर को समयपूर्व सेवानिवृत्त कर दिया गया था।


ठाकुर ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा,‘‘ आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल में तमाम अलोकतांत्रिक, अराजक, दमनकारी, उत्पीड़नात्मक तथा विभेदकारी कार्य किये, वह इनके विरोध में मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे,फिर चाहे आदित्यनाथ जहां से भी चुनाव लड़ें।

अपने फेसबुक वॉल पर जारी किए गए एक बयान में उन्होंने यह भी कहा है कि कल योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर करने के बाद से तमाम साथी लगातार मुझे उनके खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए कह रहे हैं। सभी बातों पर गंभीरता से विचार कर मैंने निर्णय लिया है कि वे जहाँ से भी आगामी विधान सभा चुनाव लड़ेंगे, मैं निश्चित रूप से उनके विरुद्ध चुनाव लडूंगा।

कई साथी कह रहे हैं कि आप योगीजी के खिलाफ चुनाव लड़ जाईये। आईडिया बुरा नहीं है। वैसे मैं भी जानता हूँ कि मुझे वोट बहुत ही कम मिलेंगे, नाममात्र  के, क्योंकि मुझ में नेताओं वाले गुण नहीं हैं, पर इतना जरुर है कि उस चुनाव में योगीजी से आचार संहिता का पूर्ण पालन जरुर करवा दूंगा।

ठाकुर ने कहा कि यह उनके लिए सिद्धांतों की लड़ाई है, जिसमें वह गलत के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त करेंगे। उन्हें गृह मंत्रालय के निर्णय के अनुपालन में गत 23 मार्च को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गयी थी।


जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में आजम खान को राहत नही

जयाप्रदा पर अश्लील टिप्पणी केस में मुरादाबाद की स्पेशल एमपीएमएलए अदालत ने शुक्रवार को आजम खान की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को खारिज कर दिया है। अब अगली तारीख पर दोनों के खिलाफ आरोप तय होंगे।

लखनऊ/रामपुर: अभिनेत्री जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान को कोर्ट से किसी भी प्रकार का राहत नहीं मिलता दिख रहा है। दरअसल, जयाप्रदा पर अश्लील टिप्पणी केस में मुरादाबाद की स्पेशल एमपीएमएलए अदालत ने शुक्रवार को आजम खान की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को खारिज कर दिया है। अब अगली तारीख पर दोनों के खिलाफ आरोप तय होंगे।


मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को मुरादाबाद की एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के जज बहस के बाद डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। अब अगली तारीख पर आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला पर चार्ज फ्रेम होंगे।

बीजेपी नेत्री व रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा पर मुरादाबाद में एक कार्यक्रम में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। ये कार्यक्रम जून 2019 में मुरादाबाद में मुस्लिम इंटर कालेज में आजम खां के स्वागत में रखा गया था। 

समारोह में मुरादाबाद के सांसद डा. एसटी हसन ने जयप्रदा पर अभद्र टिप्पणी की थी। इसका वीडियो वायरल हुआ तो थाना कटघर में रामपुर व मुरादाबाद सांसद समेत सपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही थी।

मामले में शुक्रवार को अदालत ने अपने आदेश में प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया और अब अगली तारीख पर सपा नेताओं पर चार्ज फ्रेम होंगे। आज़म खान और अब्दुल्लाह आज़म फरवरी 2020 से सीतापुर जेल में बंद हैं।


झांसी: योगी की पुलिस शिकायत करने पर महिलाओं को गला दबाकर पीटती है!

मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के एसपी शिवहरि मीणा ने आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया है और उसके खिलाफ जांच बैठा दी है।

झांसी: उत्तर प्रदेश पुलिस महकमें में  कुछ ऐसे हैं जो रात दिन खाकी को चमकाने में जुटे रहते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो खाकी को खाक में मिलाने से जरा भी पीछे नहीं हटते हैं। कुछ ऐसे मामला झांसी से सामने आया है। जहां एक दरोगा जी ने पीड़ित शिकायतकर्ता महिला को गला दबाकर तमाचे भी जड़ दिए। विरोध करने पर उसे तमाम तरीके की धमकियां दी। हालांकि, मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के एसपी शिवहरि मीणा ने आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया है और उसके खिलाफ जांच बैठा दी है।


मिली जानकारी के मुताबिक, प्रेमनगर थाने में परिजनों संग पहुंची महिला से दरोगा ने न केवल अभद्रता की बल्कि गर्दन पकड़कर धकिया दिया। दरोगा ने वीडियो बना रहे महिला के बेटे को भी मारने के लिए दौड़ाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एसएसपी शिवहरि मीणा ने दरोगा संदीप यादव को सस्पेंड कर पूरे प्रकरण की जांच सीओ गरौठा आभा सिंह को सौंप दी है। महिला आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। 

दरअसल, क्षेत्र में दो महिलाओं के बीच मकान का विवाद थाने पहुंचा था। मीना नाम की महिला ने संध्या नाम की महिला के पास साल 2019 में एग्रीमेंट कर अपना मकान गिरवी रखा था। हाल में संध्या ने न्यायालय के माध्यम से मीना को नोटिस भेज दिया, इस पर मीना घबरा गई और धोखाधड़ी की शिकायत लेकर चौकी पहुंची। 

पुलिस ने जांच का आश्वासन देकर महिला को टरका दिया। चौकी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो मीना परिजनों को लेकर थाने पहुंच गई। थाने में महिला हेल्प डेस्क में शिकायत की, लेकिन मामला चौकी क्षेत्र का होने पर उसे वहां भी टरकाने का प्रयास किया गया। इस पर उसने थाना प्रभारी व उच्चाधिकारियों से शिकायत करने को कहा। इस पर दरोगा संदीप यादव ने मीना को फटकारना शुरू कर दिया।

 मीना का आरोप है कि उन्होंने दरोगा को रोकने की कोशिश की तो उसे थप्पड़ जड़ दिया दिया। इस बीच दरोगा की नजर वीडियो बना रहे एक युवक पर पड़ी तो वह उसे मारने के लिए दौड़ा लिया। मीना ने रोकने की कोशिश की तो दरोगा ने गर्दन पकड़कर धक्का देकर गिरा दिया। जिस युवक को दरोगा ने दौड़ाया था वह मीना का बेटा बताया जा रहा है। उसने पूरी घटना का वीडियो वायरल कर दिया।


योगी के यूपी का हाल! बच्ची अपने पिता से लिपटी रही और भीड़ लगवाती रही 'जय श्री राम' का नारा

कानपुर में कुछ अतिवादी लोगों ने सरेआम एक मुस्लिम रिक्‍शेवाले को पीटते हुए 'जयश्री राम' के नारे लगवाए और सड़क पर उसका जुलूस निकाला।

कानपुर: एक तरफ उत्तर प्रदेश के सीएम यह कहते नहीं थकते कि उनके यहां सब ठीक है। किसी भी जाति, धर्म, मजहब के लोगों को कोई परेशान नहीं कर सकता लेकिन हकीकत कुछ और ही है।


दरअसल, उत्‍तर प्रदेश के कानपुर में कुछ अतिवादी लोगों ने सरेआम एक मुस्लिम रिक्‍शेवाले को पीटते हुए 'जयश्री राम' के नारे लगवाए और सड़क पर उसका जुलूस निकाला। कानपुर की एक बस्‍ती में दो पड़ोसी कुरैशा और रानी के परिवार में बाइक के मुद्दे को लेकर झगड़ा शुरू हुआ था, इसमें कुरैशा ने रानी पर मारपीट की FIR की तो रानी ने कुरैशा के लड़कों पर छेड़खानी की। फिर बजरंग दल इस मामले में आया और उसने कल वहां जाकर प्रदर्शन किया। 

इस मामले में पिटते हुए पिता को बचाने के लिए उसकी बच्‍ची लिपटकर रोती रही लेकिन धर्म के नाम पर यह करने वालों को उस पर रहम नहीं आया। खास बात यह है कि पिटने वाले अफसार पर न कोई आरोप है और नहीं उसके खिलाफ कोई एफआईआर है।


'हमलावर' कुरैशा बेगम के घर उनके बेटों को पकड़ने गए थे, उनके बेटे नहीं मिले लेकिन सड़क पर उनके देवर हाथ लग गए  तो उनके साथ ही मारपीट की। घटना के पहले बजरंग दल वे वहां पर एक सभा भी की थी। कानपुर बजरंग दल के जिला संयोजक दिलीप सिंह बजरंगी कहते हैं, 'हम हिंदू समाज को आहत नहीं होने देंगे। हम अपने सनातन धर्म को बचाने के लिए स्‍वयं सक्षम हैं। अगर हमारा हिंदू परिवार किसी भी प्रकार से परेशान रहेगा तो हम उसके लिए ढाल बनकर खड़े हैं।' 


बहरहाल,  पुलिस दोनों पक्षों की एफआईआर  दर्ज कर जांच कर रही थी तभी किसी की राय पर रानी ने बजरंग दल के लोगों से मुलाकात की, जिन्‍होंने उनकी बस्‍ती में प्रदर्शन किया।


कुरैशा का कहना है कि रानी के दरवाजे पर बाइक लड़ने से शुरू हुए झगड़े को सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अफसार की जान बचाई और उनकी तरफ से कुछ लोगों पर मारपीट की एफआईआर  की है।

एसीपी कानपुर साउथ, रवीना त्‍यागी ने कहा, 'जो पीडि़त है उनकी तहरीर के आधार पर कुछ नामजद और कुछ अज्ञात व्‍यक्तियों के खिलाफ मुकदमा कायम कर लिया गया है। मामले में कार्रवाई की जा रही है।' 


उज्ज्वला 2.0: मोदी सरकार पर प्रियंका गांधी का करारा हमला, कहा- '90 फीसदी गरीबों को मिले सिलेंडर खा रहे हैं धूल, दोगुने हो चुके है LPG के दाम'

इसके पीछे प्रियंका गांधी ने सिलेडरों के दाम में बढ़ोत्तरी की बात कहीहै। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि सिलेंडर के दाम दोगुने हो गए हैं और सब्सिडी नहीं दी जा रही है।

नई दिल्ली/लखनऊ: पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उज्जवला योजना के दूसरे चरण की शुरुआत यूपी के महोबा से की। लेकिन अब कांग्रेस महासचिव और यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 90 फीसदी गरीबों के मिले गैस के सिलेंडर धूल खा रहे हैं।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने दावा किया है कि इस स्कीम के तहत गरीब परिवारों को मिले 90 फीसदी सिलेंडर धूल खा रहे हैं। प्रियंका ने कहा कि महिलाएं चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं। इसके पीछे प्रियंका गांधी ने सिलेडरों के दाम में बढ़ोत्तरी की बात कहीहै। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि सिलेंडर के दाम दोगुने हो गए हैं और सब्सिडी नहीं दी जा रही है।

प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, 'उज्ज्वला में मिले 90 प्रतिशत सिलेंडर धूल खा रहे हैं और महिलाएं चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं क्योंकि भाजपा सरकार ने सिलेंडर के दाम 7 सालों में दुगने और सब्सिडी न के बराबर कर दी है।' प्रियंका गांधी ने कहा, 'अगर उज्ज्वला को लेकर सरकार जरा भी ईमानदार है तो गरीबों को सब्सिडी दे और महंगाई कम करे।'

बता दें कि पीएम मोदी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के दूसरे चरण की शुरुआत की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महोबा जिले में इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने उज्ज्वला योजना-दो के 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस ऑनलाइन कार्यक्रम में मोदी ने उज्ज्वला योजना के पहले चरण के पांच लाभार्थियों से बातचीत भी की थी।


'जबरिया रिटायर' IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने बनाई 'अधिकार सेना', जानिए-कैसे करेंगे लोगों की मदद

उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा, 'हमें "अधिकार सेना" में सरकारी नौकरों को भगवान मानने वाले दब्बू लोग नहीं, सरकारी तंत्र को उसकी औकात में रख कर अपने क़ानूनी अधिकार छीनने वाले व दूसरों के क़ानूनी अधिकार दिलाने वाले ऐसे "दबंग" चाहिए, जिनके नाम से ही बेईमान अफसरों के पसीने छूटें।'

लखनऊ: 'जबरिया रिटायर' आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर एक बार फिर से चर्चा में हैं। अक्सर लोगों की मदद के लिए तत्पर रहने वाले अमिताभ ठाकुर अब लोगों के हक की लड़ाई के लिए एक मंच तैयार कर रहे हैं। इसका नाम दिया गया है 'अधिकार सेना' और इसका आदर्श वाक्य है 'Fight For Right' यानि हक के लिए लड़ाई। 

अमिताभ ठाकुर की अपील पर भारी संख्या में लोग 'अधिकार सेना' से जुड़ रहे हैं। वहीं, अमिताभ ठाकुर ने ऐसे लोगों को सेना में शामिल होने से बचने को कहा है जो निर्भीक नहीं हो। उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा, 'हमें "अधिकार सेना" में सरकारी नौकरों को भगवान मानने वाले दब्बू लोग नहीं, सरकारी तंत्र को उसकी औकात में रख कर अपने क़ानूनी अधिकार छीनने वाले व दूसरों के क़ानूनी अधिकार दिलाने वाले ऐसे "दबंग" चाहिए, जिनके नाम से ही बेईमान अफसरों के पसीने छूटें।'

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कोर्ट में व्याप्त भ्रष्टाचार के बारे में लिखा। उन्होंने पोस्ट किया, 'तमाम भुक्तभोगी साथियों ने राय दी कि अधिकार सेना को न्यायिक भ्रष्टाचार पर भी काम करना चाहिए क्योंकि यह अब एक बहुत गंभीर व बड़ा मुद्दा हो गया है पर कई बार "कंटेम्प्ट" के भय से लोग इसकी शिकायत तक नहीं करते हैं। हम इससे पूरी तरह सहमत हैं व अधिकार सेना कानून के अधीन इसपर भी काम करेगी।

May be an image of text that says 'अधिकार सेना Fight for Rights'

साथ ही अमिताभ ठाकुर ने अपील कि है कि अधिक से अधिक लोग अधिकार सेना से जुड़ें। उन्होंने इस बाबत फेसबुक पर लिखा, '"अधिकार सेना" का यह मानना है कि संविधान ने सारे अधिकार "हम भारत के लोग" को दिए व हमारी देखभाल के लिए कुछ पोलिटिकल व प्रशासनिक पद बनाये, किन्तु वे पदधारक खुद को राजा मान बैठे। यह सेना आम जन की उसी ताकत की बात करती है। इस कार्य हेतु इच्छुक साथी व्हाट्सएप नं 9415534526 पर अवगत कराएँ।'

कुल मिलाकर आनेवाले समय में अमिताभ ठाकुर और उनके साथी आम जन की तकलीफों को दूर करते नजर आने वाले हैं। बता दें कि अमिताभ ठाकुर अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। शासन किसी का भी रहा हो लेकिन उन्होंने कानून और अपने फर्ज को ही सबसे ऊपर रखा। कभी भी वह खादी के सामने नहीं झुके। कई बार उन्हें अपनी ईमानदारी की कीमत भी चुकानी पड़ी। सबसे बड़ी कीमत उन्हें यह चुकानी पड़ी कि उनके सामने आए आईपीएस अफसर उनसे बड़े ओहदे पर पहुंच गए। शायद इसलिए कि अमिताभ ठाकुर को अपना फर्ज ज्यादा पसंद था और योगी सरकार द्वारा उन्हें 'जबरिया रिटायर' करना पड़ा।


काकोरी कांड की वर्षगांठ: CM योगी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि, कहा-'देश की स्वाधीनता से बढ़कर कुछ भी नहीं'

काकोरी कांड की वर्षगांठ पर आज सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर लखनऊ में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे और शहीदों एवं क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी मौजूद थीं।

लखनऊ: काकोरी कांड की वर्षगांठ पर आज सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर लखनऊ में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे और शहीदों एवं क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी मौजूद थीं। 

इस अवसर पर शहीदों के स्वजन को भी सम्मानित किया गया। सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन की 97वीं वर्षगांठ पर मैं देश की स्वाधीनता के लिए स्वयं को बलिदान करने वाले अमर शहीदों को कोटि-कोटि नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अॢपत करता हूं।

काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि काकोरी घटना में मां भारती की सेवा में सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारियों के साहस का प्रतीक है। 

सीएम ने आगे कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव और चौरा-चौरी शताब्दी महोत्सव की कड़ी में काकोरी रेल घटना हमें याद दिलाती है कि यदि देश की आजादी को लेकर हमने कोई असावधानी बरती तो हमें इसी तरह की यातनाएं भुगतनी पड़ेंगी। इसलिए देश की स्वाधीनता से कोई समझौता नहीं होना है। इसके लिए भारत के हर नागरिक को एक साथ चलने की जरुरत है।

सीएम योगी ने इस अवसर पर कहा कि अमृत महोत्सव का मतलब आजादी का अमृत महोत्सव। यानी आजादी की ऊर्जा का अमृत, स्वाधीनता सेनानियों से प्रेरणा का अमृत, नए विचारों का अमृत, नए संकल्प का अमृत तथा आत्मनिर्भरता का अमृत। आजादी के अमृत महोत्सव एवं चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव की शृंखला के तहत काकोरी रेल घटना की वर्षगांठ का भी आयोजन किया जा रहा है।

अपने संबोधन में सीएम ने आगे कहा कि हम सब जानते हैं कि ब्रिटिश हुकूमत ने कैसे अन्याय किया। ट्रैन एक्शन कांड में देश सेनानियों ने 46 सौ रुपए लूटे थे। लेकिन इन सेनानियों को पकड़ने के लिए उस समय हुकूमत ने 10 लाख रुपये खर्च किये। इससे पता चलता है कि अंग्रेज कितने दमनकारी थे।


क्या है काकोरी कांड

आजादी की लड़ाई हिंसक तरीके से लड़ने वाले क्रांतिकारियों को अपना आंदोलन तेज करने के लिए धन की जरूरत थी। इसके लिए राम प्रसाद बिस्मिल ने अंग्रेजी सरकार का खजाना लूटने की योजना बनाई। 9 अगस्त 1925 को लखनऊ के काकोरी रेलवे स्टेशन पर सरकारी खजाना ले जाने वाली सहारनपुर-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन को चेन खींचकर रोका गया। बिस्मिल के नेतृत्व में अशफाकउल्ला खां, पं। चंद्रशेखर आजाद और अन्य क्रांतिकारियों ने ट्रेन पर धावा बोलकर सरकारी खजाना लूट लिया। इसे काकोरी कांड के नाम से जाना जाता है। 


'आप' सांसद संजय सिंह का यूपी सरकार पर बड़ा आरोप, कहा-'जल जीवन मिशन में हुआ 30 हजार करोड़ का घोटाला, मामले की हो सीबीआई जांच'

'आम आदमी पार्टी' के यूपी प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर 30 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है। संजय सिंह ने कहा है कि सरकार द्वारा ब्लैक लिस्टेड कंपनी को टेंडर जारी किया गया था। संजय सिंह ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगले साल चुनाव होने हैं और राजनीतिक पार्टियां एक दूसरी के खिलाफ 'पोल खोल' अभियान छेड़ चुकी हैं। इसी क्रम में 'आम आदमी पार्टी' के यूपी प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर 30 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है। संजय सिंह ने कहा है कि सरकार द्वारा ब्लैक लिस्टेड कंपनी को टेंडर जारी किया गया था। संजय सिंह ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। 

संजय सिंह ने रविवार को एक पीसी कर घोटाले का आरोप लगाया। संजय सिंह ने कहा कि कई राज्यों में ब्लैक लिस्टेड कंपनी रश्मि मेटलिक को यूपी में करोंड़ों का काम दिया गया। संजय सिंह ने कहा कि अगर एक हफ्ते में इसकी सीबीआई या सिटिंग जज की अध्यक्षता में गठित कमेटी से जांच नही