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नीतीश कुमार ने की BJP महिला विधायक की 'सुंदरता' की तारीफ, लालू की बेटी रोहिणी ने ऐसे किया कटाक्ष

उन्होंने आरजेडी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, 'महिलाओं की सुंदरता ही निहारता रह गया। तीन नंबरी पार्टी का मुखिया बिहार को फिसड्डी राज्य का दर्जा जो दिला दिया।' रोहिणी आचार्य यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने एक और ट्वीट किया, जिसमें लिखा कि 'रंगीन मिजाजी के चर्चे सरेआम हैं, इस उम्र में भी चच्चा बदनाम है।'

पटना: एक महिला बीजेपी विधायक की सुंदरता की तारीफ करके बिहार के सीएम नीतीश कुमार विपक्षियों के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल, बिहार में  बीजेपी की विधायक निक्की हेम्ब्रम की 'सुंदरता' की तारीफ को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष के निशाने पर हैं। खुद निक्की हेम्ब्रम मुख्यमंत्री के व्यवहार से मर्माहत हैं, उन्होंने मीडिया से कहा कि सीएम ने जो उनसे कहा उसे मैं सार्वजनिक तौर पर दोहरा नहीं सकती।

महिला विधायक ने कहा कि यह मेरी मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाला है और मैंने पार्टी फोरम में अपनी बात कह दी है। वहीं, आरजेडी ने इसे लेकर नीतीश कुमार पर तंज कसा है, तो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी इस मौके को लपक लिया।

आरजेडी के ऑफिसियल ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि 'जानें CM नीतीश कुमार का एक महिला भाजपा विधायक पर 'तुम इतनी सुंदर हो' कमेंट कैसे तूल पकड़ रहा?' इस बात को लालू यादव की बेटी और आगे तक ले गईं।

उन्होंने आरजेडी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, 'महिलाओं की सुंदरता ही निहारता रह गया। तीन नंबरी पार्टी का मुखिया बिहार को फिसड्डी राज्य का दर्जा जो दिला दिया।'

रोहिणी आचार्य यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने एक और ट्वीट किया, जिसमें लिखा कि 'रंगीन मिजाजी के चर्चे सरेआम हैं, इस उम्र में भी चच्चा बदनाम है।'

अब इस मामले को तूल पकड़ता देख एनडीए के दोनों घटक दलों बीजेपी और जेडीयू की ओर से बैकडोर मामले को सुलझाने की कोशिश में लग गए हैं।

क्या हुआ था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र को लेकर सोमवार को एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में बीजेपी विधायक निक्की हेमब्रम ने शराबबंदी की वजह से महुआ की खेती में लगे लोगों की बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए वैकल्पिक रोजगार का मुद्दा उठाया था।

इसके बाद नीतीश कुमार ने उन्हें बीच में टोक दिया। उन्होंने कहा, 'आप इतनी सुंदर हैं, लेकिन आपको मालूम नहीं है कि आदिवासियों के लिए हमने क्या-क्या किया है और आपका विचार बिल्कुल उलटा है। नीतीश ने बीजेपी के विधायक से यह भी कह दिया कि वह अपने क्षेत्र में जाती ही नहीं हैं। निक्की हेम्ब्रम कटोरिया से विधायक हैं।


बिहार में जाति आधारित जनगणना होना लगभग तय, तेजस्वी यादव ने दी ये बड़ी जानकारी

बिहार की नीतीश सरकार जाति आधारित जनगणना कराने के पक्ष में है। इसके लिए नीतीश कुमार को अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा का सहयोग नहीं मिल रहा है लेकिन विपक्षी पार्टी राजद का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

पटना: केंद्र सरकार ने बिहार में जाति आधारित जनगणना के लिए मना कर दिया है लेकिन बिहार की नीतीश सरकार जाति आधारित जनगणना कराने के पक्ष में है। इसके लिए नीतीश कुमार को अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा का सहयोग नहीं मिल रहा है लेकिन विपक्षी पार्टी राजद का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

बिहार में अलग से जातीय जनगणना कराने को लेकर विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से विधानसभा के उनके कक्ष में मिला। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सभी दलों के नेताओं ने जातीय जनगणना कराने के लिए जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। मुलाकात के बाद पत्रकारों को तेजस्वी यादव ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया है कि दो-चार दिनों के अंदर सर्वदलीय बैठक होगी। 

सीएम से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि जातीय जनगणना तय है। यह कैसे होगी? इस पर फैसला सर्वदलीय बैठक में होगी। केंद्र ने हमारी माँग को खारिज कर दिया है। ऐसे में बिहार सरकार द्वारा अपने खर्च पर जातीय गणना कराने की हमारी मांग पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है। इस विषय में शीघ्र ही सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। लालू प्रसाद के नेतृत्व में जातीय जनगणना को लेकर काफी पहले से संघर्ष किया जा रहा है, जिसमें विपक्ष की सभी पार्टियों ने भी सहयोग किया है।

तेजस्वी ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट भी बताती है कि बिहार में सबसे अधिक करीब 52 आबादी गरीब है। जातीय जनगणना से यह भी जानकारी मिलेगी कि कौन सी आबादी अधिक पीछे है, जिन्हें आगे लाने के लिए अलग से योजनाएं बनेंगी। कई मामलों में जातीय जनगणना उपयोगी होगी। यह बात गलत है कि जातीय जनगणना से कोई मतभेद पैदा होगा। 

उन्होंने कहा कि हमलोगों ने पहले भी मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि केंद्र सरकार जातीय जनगणना नहीं कराती है तो राज्य सरकार अपने खर्च से इसे कराए। मुख्यमंत्री ने भी इसको लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कही थी। कहा कि जातीय जनगणना तो तय है, पर कैसे होगी इसका निर्णय सर्वदलीय बैठक में होगा।


मुख्यमंत्री से मिलने वाले विपक्षी सदस्यों में तेजस्वी यादव के अलावा राजद के तेजप्रताप यादव, ललित यादव, कांग्रेस के अजीत शर्मा, माले के महबूब आलम, एमआईएमआईएम के अख्तरूल इमान और सीपीएम के अजय शर्मा शामिल थे। 


बिहार में मिला सोने का सबसे बड़ा भंडार, खनन मंत्री ने संसद को बताया

जमुई जिले के सोनो प्रखंड के करमटिया इलाके में यह भंडार है। केंद्रीय खनन मंत्री प्रहलाद जोशी ने खुद इस बात की जानकारी बुधवार को संसद में दी। प्रहलाद जोशी ने खुलासा किया है कि जमुई में देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार है। अकेले 44 प्रतिशत सोना जमुई जिले के सोनो इलाके में है।

नई दिल्ली: सोने के खान देश में बहुत ही कम है लेकिन देश के सबसे बड़ा सोने की खान बिहार में मिली है। इस बातकी जानकारी आज संसद में सरकार ने दी।

जमुई जिले के सोनो प्रखंड के करमटिया इलाके में यह भंडार है। केंद्रीय खनन मंत्री प्रहलाद जोशी ने खुद इस बात की जानकारी बुधवार को संसद में दी। प्रहलाद जोशी ने खुलासा किया है कि जमुई में देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार है। अकेले 44 प्रतिशत सोना जमुई जिले के सोनो इलाके में है।

मंत्री के खुलासे के बाद देश के सबसे गरीब राज्यों में से एक बिहार की उम्मीदें जग गई हैं। स्थानीय लोगों को जल्द ही सोने का खनन शुरू होने की आस भी जगी है।

सोने की खान से जुड़ा सवाल सांसद संजय जायसवाल ने पूछा था। बिहार बीजेपी अध्यक्ष और बेतिया सांसद संजय जायसवाल ने लोकसभा में बुधवार को केंद्रीय खनन मंत्री प्रहलाद जोशी से बिहार के राज्यों में सोने के भंडार को लेकर सवाल किया था।

सवाल के जवाब में प्रहलाद जोशी ने जानकारी देते हुये बताया था कि बिहार में देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार है। इसमें बताया गया कि देश में कुल 501.83 टन का प्राथमिक स्‍वर्ण अयस्‍क भंडार है। इसमें 654.74 टन स्‍वर्ण धातु है, इसमें 44 फीसद सोना तो केवल बिहार में ही पाया गया है। राज्‍य के जमुई जिले के सोनो क्षेत्र में 37.6 टन धातु अयस्‍क सहित 222.885  मिलियन टन स्‍वर्ण धातु से संपन्‍न भंडार मिला है।

बताते चलें कि जमुई जिले का सोनो प्रखंड के चुरहेत पंचायत का करमटिया इलाका कई दशकों से स्वर्ण भंडार को लेकर चर्चा में रहा है। यहां के लोग बताते हैं कि बहुत पहले से यहां की मिट्टी में सोने के छोटे-छोटे टुकड़े पाए जाते थे।

बहुत पहले लोग करमटीया इलाके के मिट्टी को नदी के पानी में धोकर छानते हुए सोना निकाल लेते थे, जिस कारण ही लगभग 15 साल पहले सरकार की एजेंसी के लोग यहां आए थे और महीनों रहकर सर्वेक्षण का काम हुआ था।

उसी सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि जमुई जिले के सोनो प्रखंड के इसी करमटिया इलाके में देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार है, यहां 44 प्रतिशत सोना पाये जाने की बात कही जा रही है।


मुजफ्फरपुर में 'आंख फोड़वा' आई हॉस्पिटल की वजह से 15 लोगों की आंखे हुई खराब

मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में आंख का ऑपरेशन करने वाले लोगों में से अबतक 15 लोगों की आंखें निकालने की इसलिए नौबत आ गई हैं क्योंकि उन्हें इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ रहा था।

मुजफ्फरपुर: बिहार के स्वास्थ्य महकमें की कलई एक बार फिर खुली है। दरअसल, मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में आंख का ऑपरेशन करने वाले लोगों में से अबतक 15 लोगों की आंखें निकालने की इसलिए नौबत आ गई हैं क्योंकि उन्हें इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ रहा था।


मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन के बाद आंख गंवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज में गंभीर रूप से संक्रमित नौ और पीड़ितों की आंख निकालनी पड़ी। इससे आंख गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बुधवार को नौ नए मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए गए हैं। जांच के बाद इनकी आंख निकालने पर फैसला होगा। 

बढ़ सकती है मरीजों की संख्या

ऑपरेशन कर रहे डॉक्टरों के अनुसार संख्या बढ़ सकती है। दूसरी ओर, 22 नवंबर को ऑपरेशन कराने वाले सभी लोगों में संक्रमण की आशंका के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ रखा है। लगभग पचास पीड़ितों के बारे में न तो विभाग के पास पर्याप्त जानकारी है और न ही उनकी कोई खोज-खबर ली जा रही है। 

तीन दिन बाद जागे सीएस

घटना सामने आने के तीन दिन बाद बुधवार को सीएस जागे और आई अस्पताल को पत्र भेजकर पीड़ितों का ब्योरा व अस्पताल से जुड़े दस्तावेज मांगे। वह भी तब जब मुख्यालय ने उनसे पूरी जानकारी तलब की। इस बीच, डीएम ने पीड़ितों को मुख्यमंत्री सहायत कोष से मुआवजा देने की बात कही है। 

मंगलवार को 2 मरीजों की निकाली गईं थीं आंखें

इससे पहले, मंगलवार को दो पीड़ितों की आंख निकाली गई थी, जबकि ऑपरेशन के दूसरे दिन 22 नवंबर को आई अस्पताल ने मामला दबाने के लिए आनन-फानन में चार मरीजों की आंख निकाली थी। 

बुधवार को मुजफ्फरपुर के साथ ही पटना में यह मामला गरमाया रहा। स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह सहित कई अन्य आला अधिकारियों के फोन आने के बाद सीएस डॉ. विनय कुमार शर्मा टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। 


विधानसभा परिसर में शराब की बोतलें मिलने पर CM नीतीश का बड़ा बयान, कहा-'कोई कर रहा है गड़बड़, छोड़ेंगे नहीं'

नीतीश कुमार ने कहा कि इस चीज़ को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हम मुख्य सचिव और DGP को इस पर कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। अगर यहां शराब की बोतल आई है तो इसका मतलब कोई गड़बड़ कर रहा है और उसको छोड़ना नहीं चाहिए।

पटना: आज बिहार विधानसभा परिसर में शराब की बोतले मिलने के बाद सूबे के सीएम नीतीश कुमार विपक्षियों के निशाने पर आ गए हैं। लेकिन उन्होंने विधानसभा में इस घटना को साजिश बताया है और कहा है कि कोई गड़बड़ कर रहा है, इस चीज को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बिहार विधानसभा परिसर में शराब की बोतल मिलने पर सदन में बोलते हुए राज्य के CM नीतीश कुमार ने कहा कि इस चीज़ को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हम मुख्य सचिव और DGP को इस पर कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। अगर यहां शराब की बोतल आई है तो इसका मतलब कोई गड़बड़ कर रहा है और उसको छोड़ना नहीं चाहिए। 

तेजस्वी ने इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमले करते हुए उन्हें घेरने की कोशिश की। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार विधानसभा के अंदर शराब की बोतल कहां से आई ?मुख्यमंत्री को खुद मुआयना करना चाहिए। शराब माफिया के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर हमने देखी है। नीतीश कुमार के मंत्रियों को अपराध करने की छूट है। CM को बिहार की जनता से माफी मांगनी चाहिए।


वीडियो: खुली जीप में पटना की सड़कों पर लालू यादव ने भरा फर्राटा, 'गीता ज्ञान' भी दिया

लालू प्रसाद यादव मंगलवार रात से ही अपनी पुरानी जीप चलाने की जिद कर रहे थे, लेकिन जीप ठीक होने गई हुई थी। ऐसे में जैसे ही बुधवार सुबह जीप बनकर उनके घर पहुंची, लालू प्रसाद यादव उसकी ड्राइविंग सीट पर सवार हो गए और जीप लेकर पटना की सड़कों पर निकल पड़े।

पटना: आरजेडी चीफ लालू यादव  शरीर और उम्र से बेशक बुजुर्ग हो चुके  हैं लेकिन उनका दिल आज भी जवां है। इसका ताजा उदाहरण आज उस समय देखने को मिला जब वह खुली जीप लेकर पटना की सड़कों पर फर्राटा भरते दिखाई दिए।

इस दौरान लालू यादव के साथ कुछ सुरक्षाकर्मी और नेता भी सड़कों के किनारे दिखे। किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो जाये इसके लिए जीप के साथ साथ एक्सपर्ट भी दौड़ रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव मंगलवार रात से ही अपनी पुरानी जीप चलाने की जिद कर रहे थे, लेकिन जीप ठीक होने गई हुई थी। ऐसे में जैसे ही बुधवार सुबह जीप बनकर उनके घर पहुंची, लालू प्रसाद यादव उसकी ड्राइविंग सीट पर सवार हो गए और जीप लेकर पटना की सड़कों पर निकल पड़े।

जीप ड्राइविंग के बाद राजद प्रमुख ने ट्विटर पर गीता का ज्ञान भी समझाया। उन्होंने ड्राइविंग की वीडियो अपलोड करते हुए लिखा- 'आज वर्षों बाद अपनी प्रथम गाड़ी को चलाया। इस संसाद में जन्में सभी लोग किसी ना किसी रूप में ड्राइवर ही तो हैं। आपके जीवन में प्रेम, सद्भाव, सौहार्द, समता, समृद्धि, शांति, सब्र, न्याय और खुशहाली रूपी गाड़ी सबको साथ लेकर सदा मजे से चलती रहे।'


बिहार में आईएएस और आईपीएस कर रहे हैं शराब की होम डिलीवरी: तेज प्रताप यादव

उन्होंने कहा कि बिहार में संपूर्ण शराबबंदी कहां है? राज्य के बॉर्डर पर प्रशासन शराब में लिप्त है। प्रशासन के लोग, सिपाही, हवलदार सभी जगह होम डिलीवरी कर रहे हैं। जिस तरह पिज्जा की होम डिलीवरी होती है उसी तरह से IPS, IAS घरों में शराब की होम डिलीवरी कर रहे हैं।

पटना: पिछले कुछ दिनों में शराब बंदी वाले बिहार में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन भी तभी तक सक्रिय रहता है जबतक मामला मीडिया में गर्म रहता है। उसके बाद ढाक के तीन पात वाली कहानी सामने आ जाती है। 

शराब कांड को लेकर राजनीति भी हो रही है। ताजा मामले में तेज प्रताप यादव ने सूबे की नीतीश सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिहार में संपूर्ण शराबबंदी कहां है? राज्य के बॉर्डर पर प्रशासन शराब में लिप्त है। प्रशासन के लोग, सिपाही, हवलदार सभी जगह होम डिलीवरी कर रहे हैं। जिस तरह पिज्जा की होम डिलीवरी होती है उसी तरह से IPS, IAS घरों में शराब की होम डिलीवरी कर रहे हैं।


'भोजपुरिया दारोगा' ने ADJ को उसके ही कोर्ट में पीटा, पिस्टल भी तान दी, जवाब में वकीलों ने कर दी पिटाई

थानेदार ने जज के साथ मारपीट की और उन पर पिस्टल भी तान दी। इस दौरान थानेदार के साथ एक दरोगा भी मौजूद था। थानेदार की कारस्तानी से कोर्ट परिसर में खलबली मच गई।

मधुबनी: वर्दी का नशा कुछ पुलिसवालों पर इस कदर चढ़ा हुआ है कि अब जज की ही पिटाई कर दे रहे हैं वह भी भरी कोर्ट में। बात इतने पर ही नहीं खत्म हुई दारोगा ने जज पर पिस्तौल भी तान दी।

मधुबनी में कोर्ट के अंदर ही एडीजे पर एक थानेदार ने हमला बोल दिया। थानेदार ने जज के साथ मारपीट की और उन पर पिस्टल भी तान दी। इस दौरान थानेदार के साथ एक दरोगा भी मौजूद था। थानेदार की कारस्तानी से कोर्ट परिसर में खलबली मच गई। कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं ने थानेदार के हाथ से पिस्टल छीनी और उसे पकड़कर जमकर धुना। आपाधापी और मारपीट में पुलिस के दोनों अधिकारी और जज के अलावा एक कर्मचारी और कुछ अधिवक्ता घायल हुए हैं।

मुताबिक एडीजे प्रथम अविनाश कुमार ने घोघरडीहा थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण को उसी थाना क्षेत्र की एक महिला आशा देवी द्वारा दिए गए एक आवेदन के बारे में पूछताछ के लिए बुलाया था। बुधवार को ही पुलिस अधिकारी को बुलाया गया था जबकि वह गुरुवार को एएसआई अभिमन्यु कुमार शर्मा के साथ पहुंचे। पूछताछ के दौरान ही कहासुनी हो गयी। इस पर थानेदार ने जज के साथ हाथापाई शुरू कर दी। थानेदार ने पिस्टल भी तान दी। 
एडीजे के साथ हाथापाई से अचानक अफरातफरी मच गई। एडीजे के चैंबर से हल्ला मचने पर कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ता और कर्मचारी दौड़कर चैंबर में पहुंचे और थानाध्यक्ष के हाथ से उसका पिस्टल छीनकर स्थिति को काबू में किया। थानेदार को काबू में करने के साथ ही भीड़ ने दोनों पुलिस अधिकारियों की पिटाई की। घटना की सूचना मिलते ही सारे अधिवक्ता न्यायालय कक्ष के समक्ष जमा हो गए और दोनों पुलिस अधिकारियों को अपने कब्जे में लेकर चैंबर में ही धकेल कर बंद कर दिया। अधिवक्ताओं का कहना है यह दोनों पुलिस अधिकारी को कोर्ट से ही रिमांड कर भेजा जाए और प्राथमिकी दर्ज की जाए। 

मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम और डीएसपी मौके पर पहुंचे। मामले में दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है और आगे की कार्यवाही की जा रही है।

पटना हाईकोर्ट ने लिया मामले का संज्ञान

पटना उच्च न्यायालय ने आज मधुबनी ज़िले में दो पुलिस अधिकारियों द्वारा झंझारपुर के अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार पर हमले का संज्ञान लिया। बिहार के DGP को 29 नवंबर को मामले की सुनवाई के दौरान मौज़ूद रहने के निर्देश दिए हैं।


बिहार के जमुई में बड़ा सड़क हादसा, कार-ट्रक के टक्कर में 6 लोगों की मौत

बिहार के जमुई में भीषण सड़क हादसा हुआ है। दाह संस्कार कर लौट रहे लोगों की कार ट्रक से भिड़ जाने के कारण 6 लोगों की मौत हुई है कुछ लोग घायल भी हुए हैं।

जमुई: बिहार के जमुई में भीषण सड़क हादसा हुआ है। दाह संस्कार कर लौट रहे लोगों की कार ट्रक से भिड़ जाने के कारण 6 लोगों की मौत हुई है कुछ लोग घायल भी हुए हैं।


मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा सिंकदरा-शेखपुर मुख्‍य मार्ग पर स्थित पिपरा गांव के पास हुआ। मरने वालों में 5 लोग जमुई के खैरा प्रखंड के नौडीहा के बताए जा रहे हैं जबकि एक चौहान जी क्षेत्र के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि सभी लोग दाह संस्कार के लिए जमुई खैरा से पटना गए थे। वापसी के दौरान यह हादसा हुआ।


ट्रक और सुमो विक्‍टा के बीच आमने-सामने की टक्‍कर हुई। टक्‍कर इतनी जबरदस्‍त थी कि छह लोगों की घटनास्‍थल पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को नजदीकी अस्‍पताल पहुंचाया गया। 

हादसे की सूचना पाकर घटनास्‍थल पर बड़ी संख्‍या में लोग जुट गए। पुलिस ने घायलों को अस्‍पताल पहुंचाने का इंतजाम किया और अब आगे की कार्यवाही में जुटी है। मृतकों और घायलों के परिवारों को सूचना दे दी गई है। 


समाजसेवी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह बनाए गए 'विश्व क्षत्रिय परिषद' के राष्ट्रीय संगठन सचिव

बिहार के प्रसिद्ध समाजसेवी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह को एक और बड़ी जिम्मेदारी मिल गई है। उनकी सामाज के प्रति सक्रियता व सेवा भावना को देखते हुए विश्व क्षत्रिय परिषद ने उन्हें राष्ट्रीय संगठन सचिव नियुक्त किया है।

पटना: बिहार के प्रसिद्ध समाजसेवी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह को एक और बड़ी जिम्मेदारी मिल गई है। उनकी सामाज के प्रति सक्रियता व सेवा भावना को देखते हुए विश्व क्षत्रिय परिषद ने उन्हें राष्ट्रीय संगठन सचिव नियुक्त किया है।

संगठन के उपाध्यक्ष हरी सिंह ने समाजसेवी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह को विश्व क्षत्रिय परिषद में दी गई जिम्मेदारी को अपने फेसबुक वाल पर साझा करते हुए लिखा, 'दोस्तों नमस्कार! विश्व क्षत्रिय परिषद परिवार में आज एक महत्वपूर्ण नियुक्ति श्री प्रो. चन्द्रशेखर सिंह जी, की राष्ट्रीय संगठन सचिव के लिए हुईं हैं आप बिहार प्रदेश से जाने माने समाज सेवी एवंप्रविख्यात गणितज्ञ है, आशा है आप हमेशा की तरह क्षत्रिय समाज के हितों को लेकर अग्रणी भूमिका में रहेंगे ।


वहीं, नई जिम्मेदारी मिलने के बाद चंद्रशेखर प्रसाद सिंह ने कहा है कि वह अब पहले से और अधिक ऊर्जा के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वह अब अधिक ऊर्जा के साथ लोगों के बीच रहेंगे और जितना हो सकेगा वह संगठन का प्रचार प्रसार करने के साथ-साथ लोगों के हित में काम करते रहेंगे।


बता दें कि चंद्रेशखर प्रसाद सिंह अक्सर अपने सामाजिक कार्यों को लेकर चर्चा में रहते हैं। वह एक चर्चित गणितज्ञ भी हैं और हमेसा वह गरीब कन्याओं का विवाह कराते रहते हैं। क्षेत्र में उनके सराहनीय कार्य की अक्सर चर्चा होती रहती है। यह भी बता दें कि 'भारत रक्षा मंच' बिहार के मुख्य संरक्षक भी हैं। इसके अलावा वह श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के बिहार के मुख्य संरक्षक भी हैं।


सेना का जवान दे रहा था पाकिस्तान की महिला को खुफिया जानकारी, बिहार ATS ने किया गिरफ्तार

खुद को नेवी की मेडिकल टीम का स्टाफ बताने वाली पाकिस्‍तानी महिला को खुफिया जानकारी देने के आरोप में पटना के दानापुर इलाके से सेना के जवान को गिरफ्तार किया गया है।

पटना: आइबी की सूचना पर बिहार एटीएस ने रविवार को राजधानी में बड़ी कामयाबी हासिल की है। खुद को नेवी की मेडिकल टीम का स्टाफ बताने वाली पाकिस्‍तानी महिला को खुफिया जानकारी देने के आरोप में पटना के दानापुर इलाके से सेना के जवान को गिरफ्तार किया गया है। 


जवान पर आरोप है कि वह फील्‍ड इन्फार्मेशन पड़ोसी देश की एक महिला को फोन पर देता था। उस पर कुछ गोपनीय दस्तावेज साझा करने के भी आरोप लगे हैं। हनी ट्रैप के मामले में गिरफ्तार जवान ने प्रारंभिक पूछताछ में अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। आरोपित बिहार के नालंदा निवासी गणेश कुमार मुकेश है। उसकी अभी पुणे में पोस्टिंग है। जवान से खगौल थाने में आइबी, सेना के अधिकारी और एटीएस पूछताछ कर रही है।  

नालंदा जिले के अस्थावां गांव निवासी गणेश कुमार मुकेश सेना में मेडिकल कोर का जवान है। वर्तमान में उसकी पोस्टिंग महाराष्ट्र के पुणे में है। जवान पर आरोप है कि वह पाकिस्तान में रह रही एक महिला को सेना से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा कर रहा था। महिला की जवान से फोन पर बात होती थी। 


आरोप यह भी है कि वह गोपनीय दस्तावेज भी पाकिस्तानी महिला से साझा करता था। आइबी की रिपोर्ट पर छठ के दो दिन पहले से ही बिहार एटीएस की टीम जवान के पीछे लगी थी। पुष्टि होने पर रविवार को उसकी गिरफ्तारी की गई। उसपर गुप्त जानकारी साझा करने का आरोप है। 


मधुबनी में हुई RTI एक्टिविस्ट की हत्या को लेकर तेजस्वी यादव ने साधा CM नीतीश पर निशाना, कही ये बात

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार पुलिस पूरी तरह से नीतीश कुमार की पुलिस हो गई है। अगर जांच होने लगे तो नीतीश कुमार की पूरी कैबिनेट मंत्री से लेकर विधायक तक सब लोग जेल में मिलेंगे।

पटना/मधुबनी: मधुबनी के बेनीपट्टी इलाके में RTI एक्टिविस्ट की कथित तौर पर अपहरण के बाद हत्या के मामले पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने सूबे के सीएम नीतीश कुमार और बिहार पुलिस पर करारा हमला बोला है। 

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार पुलिस पूरी तरह से नीतीश कुमार की पुलिस हो गई है। अगर जांच होने लगे तो नीतीश कुमार की पूरी कैबिनेट मंत्री से लेकर विधायक तक सब लोग जेल में मिलेंगे।


तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि पहले लोग गोली मारकर भाग जाते थे। आजकल लोग गोली मारकर दोबारा देखने जाते हैं कि आदमी जिंदा है कि मरा है। नीतीश कुमार के सुशासन के राज में कितना भारी अंतर आ गया है।

बता दें कि मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के उरैन और पाली गांवों के बीच शुक्रवार की रात पुलिस ने अपहृत आरटीआई कार्यकर्ता बुद्धि नाथ झा उर्फ अविनाश झा (23) का जला हुआ शव बरामद किया। RTI एक्टिविस्ट के साथ अविनाश एक पत्रकार भी थे। उनका नौ नवंबर की रात लोहिया चौक पर उनके घर के पास से ही चार लोगों ने अपहरण कर लिया था। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिवार को सौंप दिया गया।

पुलिस के मुताबिक अविनाश झा के भाई चंद्रशेखर ने जो FIR दर्ज कराई है, उसमें अवैध स्वास्थ्य क्लीनिक मालिकों पर इस कांड का आरोप लगाया गया है। इसी अस्पताल माफिया के गठजोड़ का अविनाश ने खुलासा किया था ।

अविनाश झा ने अपने क्षेत्र में अवैध और अनधिकृत क्लीनिकों, अस्पतालों और स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ अपने वेब पोर्टल पर आरटीआई आवेदन और कथित तौर पर लेख लिखे थे। पुलिस सूत्रों ने कहा कि उन्होंने बिना लाइसेंस के चल रहे ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ मधुबनी डीएम को कई याचिकाएं भी सौंपी थीं, जिसके बाद उनमें से कई को या तो प्रशासन ने बंद कर दिया या जुर्माना लगाया।


बिहार में शराब बंदी का हाल: 9 माह में 38 लाख लीटर शराब जब्त, 62 हजार से ज्यादा गिरफ्तार

आपको जानकर हैरानी होगी कि बीते 9 माह में 38 लाख लीटर अवैध शराब की जब्ती की गई है और 62 हजार से ज्यादा लोगों को शराब पीने, शराब बनाने और शराब बेचने ले जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्यवाई की गई है। बावजूद इसके बिहार में शराब पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

पटना: बिहार में शराबबंदी की किस कदर से लागू है उसका अंदाज आप इस रिपोर्ट को पढ़कर लगा सकते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि बीते 9 माह में 38 लाख लीटर अवैध शराब की जब्ती की गई है और 62 हजार से ज्यादा लोगों को शराब पीने, शराब बनाने और शराब बेचने ले जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्यवाई की गई है। बावजूद इसके बिहार में शराब पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।


एक रिपोर्ट के अनुसार यहां के लोग महाराष्ट्र जैसे राज्यों से भी काफी ज्यादा शराब पी रहे हैं। इतना ही नहीं पिछले कुछ समय से लगातार जहरीली शराब पीने से 40 से ज्यादा लोग मौत की नींद सो चुके हैं। इसी बीच बिहार पुलिस ने एक बयान जारी कर बताया है कि राज्य में जनवरी 2021 से अक्टूबर 2021 तक राज्य मद्य निषेध एवं उत्पाद (संशोधन) अधिनियम-2018 के तहत विशेष छापेमारी करके विभिन्न जिलों में कुल 49,900 मामले दर्ज किए गए हैं। शुक्रवार को राज्य पुलिस ने बताया कि सूबे में कुल 38,72,645 लीटर अवैध शराब बरामद और जब्त की गई है।

बिहार पुलिस ने शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि राज्य में कुल 12,93,229 लीटर देशी शराब और 25,79,415 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है। पुलिस ने कहा कि अभियान के दौरान, राज्य में 62,140 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 12,200 वाहन जब्त किए गए।

पुलिस ने आगे बताया कि कुल आरोपियों में से गिरफ्तार किए गए 1,590 लोग राज्य के नागरिक नहीं है। शराब बरामदगी के मामले में अव्वल रहे पांच जिलों के नाम हैं- 45,63,59 लीटर शराब के साथ वैशाली, 35,00,85 लीटर के साथ पटना, 25,64,80 लीटर के साथ मुजफ्फरपुर, 23,25,42 लीटर के साथ औरंगाबाद और 223767 लीटर के साथ मधुबनी।

गिरफ्तारी के मामले में शीर्ष पांच जिलों के नाम हैं- 6855 गिरफ्तारियों के साथ पटना, 3872 गिरफ्तारियों के साथ सारण, 2832 गिरफ्तारियों के साथ मोतिहारी, 2814 गिरफ्तारियों के साथ नवादा और 2660 गिरफ्तारियों के साथ मुजफ्फरपुर।


बिहार के 3.5 लाख शिक्षकों का 15% वेतन वृद्धि का रास्ता साफ, जानिए कब से मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन

बिहार के सभी कोटि के नियोजित शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों को 1 अप्रैल 2021 से 15 फीसदी वेतन वृद्धि का संकल्प सरकार के शिक्षा विभाग ने 29 अगस्त 2020 को जारी किया था।

पटना: बिहार सरकार ने शिक्षकों को नए साल का बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, बिहार के सभी कोटि के नियोजित शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों को 1 अप्रैल 2021 से 15 फीसदी वेतन वृद्धि का संकल्प सरकार के शिक्षा विभाग ने 29 अगस्त 2020 को जारी किया था। 


इस संकल्प को लागू करने के लिए शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिया। अब शिक्षकों के वेतन निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होगी और जनवरी की पहली तारीख से शिक्षकों को बढ़ा हुआ वेतन मिल पाएगा। 

जानकारी के मुताबिक, 12 नवम्बर 2021 को जारी पे-मैट्रिक्स में 1 अप्रैल 2021 के प्रभाव से जिन शिक्षकों, पुस्तकालयाध्यक्षों के वेतन का निर्धारण होगा, उन्हें वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ 1 जनवरी 2022 से देय होगा। उपयुक्त पे-मैट्रिक्स में वेतन निर्धारण में यदि किसी शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष का मूल वेतन अपने कनीय शिक्षक से कम निर्धारित हो, तो उनका मूल वेतन कनीय शिक्षक के मूल वेतन के अनुरूप निर्धारित किया जाएगा। 

हालांकि, शिक्षा विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2017 को जारी संकल्प के मुताबिक निर्धारित मैट्रिक्स में पूर्व से प्राप्त मूल वेतन में 1.15 से गुना कर जो राशि आएगी, उसे ताजा जारी पे-मैट्रिक्स के सापेक्ष अथवा ठीक ऊपर के लेवल के अनुसार निर्धारित करते हुए 1 अप्रैल 2021 से वित्तीय लाभ अनुमान्य होगा। नियोजित शिक्षकों के भत्तों का भुगतान पूर्व की भांति होगी। 


बिहार: CM नीतीश कुमार ने शराबबंदी पर विचार के लिए बुलाई उच्च स्तरीय बैठक, मुजफ्फरनगर ने जहरीली शराब से 24 घंटे में 5 की मौत

इस बीच मुज़फ़्फ़रपुर के कांति इलाके में एक और व्यक्ति की कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से मौत हो गई है। पिछले 24 घंटों में मरने वालों की संख्या 5 हो गई है।

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में शराबबंदी नीति को और प्रभावी करने के लिए कमर कस ली है। इस क्रम में उन्होंने शराबबंदी नीति पर विचार करने के लिए अपने मंत्री सहयोगियों के साथ बैठक बुलाई है।


सीएम की यह बैठक जहरीली शराब के सेवन से 40 से अधिक लोगों की मौत के बाद सामने आई है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिबंध के कारण लोग खुद को अवैध शराब के सेवन से रोक नहीं पा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार द्वारा बैठक बुलाने को इस बात के संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए कि वह नीति पर पुनर्विचार करेंगे, बल्कि यह इस बात पर चर्चा करने के लिए है कि ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं और नीति के किन हिस्सों में सुधार की आवश्यकता है।

इस बीच मुज़फ़्फ़रपुर के कांति इलाके में एक और व्यक्ति की कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से मौत हो गई है।  पिछले 24 घंटों में मरने वालों की संख्या 5 हो गई है।


बेतिया-गोपालगंज के बाद अब समस्तीपुर में जहरीली शराब का कहर, 4 की मौत, कई लोगों की हालत गंभीर

पहले बेतिया और गोपालगंज में 16 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत होती है और अब खबर आ रही है कि समस्तीपुर में भी जहरीली शराब का कहर बरपा है और 1 आर्मी व 1 बीएसएफ जवान समेत 4 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई है।

समस्तीपुर: बिहार में इन दिनों शराबबंदी की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं। पहले बेतिया और गोपालगंज में 16 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत होती है और अब खबर आ रही है कि समस्तीपुर में भी जहरीली शराब का कहर बरपा है और 1 आर्मी व 1 बीएसएफ जवान समेत 4 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई है।


समस्तीपुर जिले के पटोरी प्रखंड के रुपौली पंचायत में संदिग्ध हालत में एक साथ चार लोगों की मौत होने के साथ ही आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। बीमार लोगों को इलाज के लिए अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया है। मृतकों में एक बीएसएफ का और एक सेना का जवान भी शामिल है। दोनों छुट्टी में घर आये हुए थे। 

चर्चा है कि सभी ने गांव में शराब पी थी। जिसके बाद सभी की स्थिति बिगड़ी, लेकिन इसकी पुष्टि करने को कोई तैयार नहीं है। इस संबंध में पटोरी डीएसपी ओमप्रकाश अरुण ने बताया कि मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की जांच के बाद ही मौत के कारण के बारे में बताया जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम रुपौली में लोगों के बीमार पड़ने और मरने का सिलसिला शुरू हुआ। गांव में व्याप्त चर्चा के अनुसार शुक्रवार शाम तीन से चार बजे के बीच लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ। एक-एक कर करीब दस लोगों की तबीयत बिगड़ने से गांव में हड़कंप मच गया।

ग्रामीणों के सहयोग से परिजन बीमार लोगों को इलाज के लिए ले गए। बताया गया है सबसे पहले बीएसएफ के जवान विनय सिंह (54) की शाम करीब आठ बजे मौत हुई। उसके बाद एक-एक करके चार ने दम तोड़ा। सेना के जवान मोहन कुमार (27) को परिजन इलाज के लिए दानापुर कैंट ले गए थे। उसकी वहीं इलाज के दौरान मौत हो गई। 


इसके अलावा मरने वालों में किसान श्यामनंदन चौधरी और वीरचंद्र राय शामिल हैं। वहीं इलाजरत लोगों में अभिलाख राय, बेंगा राय, सुमन कुमार, दीपक कुमार और कुंदन कुमार का नाम बताया जा रहा है। एक साथ चार लोगों की मौत और आधा दर्जन के गंभीर रूप से बीमार पड़ने के बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कहीं हरकत में नहीं दिखें। 


बिहार में जहरीली शराब पीने से अबतक 13 की मौत, बेतिया से 3 गोपालगंज से 19 गिरफ्तार, 50 से अधिक जगहों पर छापेमारी

अभी भी 9 लोग जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहे हैं। पुलिस द्वारा दोनों जिलों से कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, इस शराबकाण्ड के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है और 50 से भी अधिक जगहों पर छापेमारी की है।

पटना: बेतिया और गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से अबतक 13 लोगों की मौत होने की प्रशासन द्वारा पुष्टि की जा चुकी है। हालांकि, अभी भी 9 लोग जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहे हैं। पुलिस द्वारा दोनों जिलों से कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, इस शराबकाण्ड के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है और 50 से भी अधिक जगहों पर छापेमारी की है।

बेतिया के एसपी ने बताया कि 13 लोगों की मौत हुई है और अभी 9 लोगों का इलाज चल रहा है। नौतन के SHO  और वहां के स्थानीय वफादार को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में 3 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और कुछ लोग फरार है उनके विरुद्ध छापेमारी की जा रही है।

वहीं, गोपालगंज के एसपी आनंद कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटों से ज़िले में शराब के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है, 50 से ज़्यादा जगहों पर छापा मारा गया है जिसमें 19 लोगों को गिरफ़्तार किया गया और 270 लीटर देशी शराब बरामद हुआ तथा 6 वाहनों को जब़्त किया गया है।

एसपी आनंद कुमार ने आगे बताया कि मामले की जांच में अगर किसी भी पुलिस की लापरवाही सामने आएगी तो हम उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे। अभी तक 3 लोग की गिरफ़्तारी हुई है और इसमें जितने लोग शामिल है उन्हें हम जल्द ही गिरफ़्तार कर लेंगे।

ज़हरीली शराब पीने से हुई मौतों पर गोपालगंज के ज़िलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि कुल 11 लोगों की मौतें हुई हैं और मामले में कुल 3 लोग गिरफ़्तार हुए हैं। पूरे ज़िले के लगभग 50 जगहों पर छापा मारा गया है जिसमें हमें कई कामयाबी मिली है। अभी तक जो तथ्य समाने आए हैं उससे पता चलता है कि स्प्रिट से शराब बनाने का प्रयास किया गया। FSL रिपोर्ट आने के बाद हम पुख्ता बता सकते हैं, लोगों के बयान के आधार पर मौतें ज़हरीली शराब से हुई हैं, इसकी आधिकारिक तौर पर अभी पुष्टि नहीं की जा सकती है।


बेतिया में शराब कांड

घटना नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिणी तेलहुआ गांव की बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार मरने वालों में पंचायत के वार्ड नंबर 2, 3 और 4 के लोग हैं। गांववालों के मुताबिक बुधवार की देर शाम एक टोले के लोगों ने शराब पी थी


शराब पीने के कुछ समय बाद ही सभी लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। सभी को आनन-फानन में नजदीकी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। वहां एक के बाद एक लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। 

मृतकों में बच्चा यादव, महाराज यादव, हनुमंत सिंह, मुकेश पासवान, जवाहर सहनी, उमा साह, रमेश सहनी और राम प्रकाश राम शामिल हैं। कई लोग अभी भी गंभीर रूप से बीमार हैं।

गोपालगंज में शराब कांड


मंगलवार को गोपालगंज के महम्मदपुर थाने के महम्मदपुर गांव में छह और बुचेया और लोहजिरा के एक-एक समेत आठ लोगों की बुधवार को संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। चार लोग बीमार हो गए। परिजनों व ग्रामीणों के अनुसार जहरीली शराब पीने के कारण मौत हुई है। 


मृतकों में रामबाबू राय (35) , छोटेलाल प्रसाद (35) संतोष कुमार साह, मुकेश राम (महम्मदपुर) व छोटे लाल सोनी, पानापुर (सारण) शामिल हैं। इनमें दो लोगों को मोतिहारी के छतौनी स्थित निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।


बिहार में शराबबंदी बनी मजाक, नीतीश के मंत्री ने खुद स्वीकार किया, कहा- 'जहरीली शराब से हुई 11 लोगों की मौत'

नीतीश के मंत्री ने 11 लोगों की मौत शराब की वजह से होना बात रहे हैं और 'शराब मुक्त बिहार' की पोल खोल रगे हैं। शेष मौतों के कारणों के लिए अभी मंत्री जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं।

पटना: दीपावली के दिन 16-16 लोगों की जिन्दगी जहरीली शराब ने निगल ली। इसी के साथ सूबे के सीएम नीतीश कुमार के 'शराब मुक्त बिहार' की कलई खुल गई है। वैसे तो 16 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई है लेकिन नीतीश के मंत्री ने 11 लोगों की मौत शराब की वजह से होना बात रहे हैं और 'शराब मुक्त बिहार' की पोल खोल रगे हैं। शेष मौतों के कारणों के लिए अभी मंत्री जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं।

जहरीली शराब पीने से हुई मौतों पर बिहार के मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि गोपालगंज के एसपी और डीएम से 11 मौतों का आंकड़ा प्राप्त हुआ है और बेतिया में 10 मौतों की पुष्टि हुई है। संभावना है कि ये मौतें जहरीली शराब से हुई हैं, पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट आने के बाद हम स्पष्ट रूप से कह पाएंगे।

बता दें कि गोपालगंज और बेतिया में 8-8 लोगों की  जहरीली शराब पीकर आठ लोगों की मौत हुई है और कई लोग अभी भी जिंदगी एयर मौत के बीच अस्पताल में जूझ रहे हैं।


बेतिया में शराब कांड

घटना नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिणी तेलहुआ गांव की बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार मरने वालों में पंचायत के वार्ड नंबर 2, 3 और 4 के लोग हैं। गांववालों के मुताबिक बुधवार की देर शाम एक टोले के लोगों ने शराब पी थी

शराब पीने के कुछ समय बाद ही सभी लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। सभी को आनन-फानन में नजदीकी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। वहां एक के बाद एक लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। अब तक कुल आठ लोगों की मौत हो चुकी है। 

मृतकों में बच्चा यादव, महाराज यादव, हनुमंत सिंह, मुकेश पासवान, जवाहर सहनी, उमा साह, रमेश सहनी और राम प्रकाश राम शामिल हैं। कई लोग अभी भी गंभीर रूप से बीमार हैं। 

गोपालगंज में शराब कांड

मंगलवार को गोपालगंज के महम्मदपुर थाने के महम्मदपुर गांव में छह और बुचेया और लोहजिरा के एक-एक समेत आठ लोगों की बुधवार को संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। चार लोग बीमार हो गए। परिजनों व ग्रामीणों के अनुसार जहरीली शराब पीने के कारण मौत हुई है। 

मृतकों में रामबाबू राय (35) , छोटेलाल प्रसाद (35) संतोष कुमार साह, मुकेश राम (महम्मदपुर) व छोटे लाल सोनी, पानापुर (सारण) शामिल हैं। इनमें दो लोगों को मोतिहारी के छतौनी स्थित निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।


दिवाली पर बिहार में शराब बनी लोगों की काल, गोपालगंज और बेतिया में 8-8 लोगों की मौत

दिवाली पर तो जहरीली शराब ने कहर ही बरपा रखा है। कल गोपालगंज में आठ लोगों की मौत के बाद आज बेतिया से भी बुरी खबर आई है। वहां भी जहरीली शराब पीकर आठ लोगों की मौत हो गई जबकि कई बीमार होकर अस्‍पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

पटना: वैसे तो बिहार में शराबबंदी चल रही है लेकिन सिर्फ कागजों पर। प्रशासन अवैध शराब बनाने वालों पर कार्यवाई करने में बिल्कुल भी सक्षम नहीं दिख रहा है। ताजा मामले में गोपाल और बेतिया में 8-8 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत होने की खबर है।


दिवाली पर तो जहरीली शराब ने कहर ही बरपा रखा है। कल गोपालगंज में आठ लोगों की मौत के बाद आज बेतिया से भी बुरी खबर आई है। वहां भी जहरीली शराब पीकर आठ लोगों की मौत हो गई जबकि कई बीमार होकर अस्‍पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 

घटना नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिणी तेलहुआ गांव की बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार मरने वालों में पंचायत के वार्ड नंबर 2, 3 और 4 के लोग हैं। गांववालों के मुताबिक बुधवार की देर शाम एक टोले के लोगों ने शराब पी थी। शराब पीने के कुछ समय बाद ही सभी लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। सभी को आनन-फानन में नजदीकी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। वहां एक के बाद एक लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। अब तक कुल आठ लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में बच्चा यादव, महाराज यादव, हनुमंत सिंह, मुकेश पासवान, जवाहर सहनी, उमा साह, रमेश सहनी और राम प्रकाश राम शामिल हैं। कई लोग अभी भी गंभीर रूप से बीमार हैं। बेतिया के एसपी उपेन्द्रनाथ वर्मा ने कहा कि वह खुद इस मामले को देख रहे हैं। दोषियों को बख्‍शा नहीं जाएगा। 

दूसरी तरफ, मंगलवार को गोपालगंज के महम्मदपुर थाने के महम्मदपुर गांव में छह और बुचेया और लोहजिरा के एक-एक समेत आठ लोगों की बुधवार को संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। चार लोग बीमार हो गए। परिजनों व ग्रामीणों के अनुसार जहरीली शराब पीने के कारण मौत हुई है। हालांकि प्रशासन ने चार की मौत की पुष्टि की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। वहीं, खान व भूतत्व मंत्री जनक राम ने जहरीली शराब पीने से आठ लोगों की मौत की बात कही है।


मृतकों में रामबाबू राय (35) , छोटेलाल प्रसाद (35) संतोष कुमार साह, मुकेश राम (महम्मदपुर) व छोटे लाल सोनी, पानापुर (सारण) शामिल हैं। इनमें दो लोगों को मोतिहारी के छतौनी स्थित निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।

 गोपालगंज के एसपी आनंद कुमार ने बताया कि संदिग्ध स्थिति में मौत के मामले की जांच की जा रही है। शवों का पोस्टमार्टम व एसएफएल जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि आखिर चार लोगों की मौत किस वजह से हुई है। चार को हिरासत में लेकर पूछताछ हो रही है।


सीएम योगी ने वनटांगियों संग मनाई दीवाली, कहा-'इसी को कहते हैं राम राज्य'

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आज दिवाली मनाने गोरखपुर के वनटांगिया गांव पहुंचे। वनवासियों के बीच दिवाली मनाने के बाद एक सभा को सम्‍बोध‍ित करते हुए उन्‍होंने कहा कि शासन की जो योजनाएं पहले यहां सपना थीं, अब आसानी से हर पात्र तक उपलब्ध हैं।

गोरखपुर: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आज दिवाली मनाने गोरखपुर के वनटांगिया गांव पहुंचे। वनवासियों के बीच दिवाली मनाने के बाद एक सभा को सम्‍बोध‍ित करते हुए उन्‍होंने कहा कि शासन की जो योजनाएं पहले यहां सपना थीं, अब आसानी से हर पात्र तक उपलब्ध हैं। 


सीएम योगी ने कहा कि आजादी के बाद भी 70 साल तक वनटांगिया गांवों में कोई बुनियादी सुविधा तो दूर वोटिंग का अधिकार तक नहीं था, वहां 2017 के बाद से विकास की नई गाथा लिखी गई है। अब यहां हर व्यक्ति के पास अपना पक्का मकान, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, पीने को शुद्ध पानी, खेती के लिए जमीन का पट्टा, राशनकार्ड, आयुष्मान हेल्थ कार्ड, पात्रता के अनुसार पेंशन, समेत सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित रूप से उपलब्ध है। रामराज्य इसी को कहते हैं और इस रामराज्य की अवधारणा वनटांगिया गांव में साकार हुई है।

अयोध्या में जन्मभूमि पर रामलला और हनुमानगढ़ी का दर्शन करने के बाद वनटांगिया गांव तिकोनिया नम्बर तीन पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क व अन्य बुनियादी सुविधाओं वाली आठ विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। साथ ही उन्होंने गोरखपुर-महराजगंज के वनटांगिया गांवों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित कर उपहार दिए। 

इस मौके पर वनटांगिया परिवारों को मिले विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब तक 874 को आयुष्मान कार्ड, 132 को किसान सम्मान निधि, 14 को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, 833 को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है।  43 समूहों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्य हो रहे हैं। 916 को व्यक्तिगत शौचालय, 758 को उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन, 154 को वृद्धावस्था पेंशन, 71 को निराश्रित पेंशन, 33 को दिव्यांग पेंशन का लाभ मिला है। इसके साथ ही 3 से 6 वर्ष के 195 बच्चों, 6 माह से 3 वर्ष तक के 232 बच्चों व 34 गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। सड़क, बिजली, पानी और स्कूल जैसी सभी वह सुविधाएं उपलब्ध हैं जो पहले सपना लगती थीं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान वनटांगियों से अपील की कि वे जंगल की सुरक्षा जरूर करेंगे। जंगल को ना तो खुद नुकसान पहुंचाएंगे और ना ही किसी को नुकसान पहुंचाने देंगे। उन्होंने कहा कि वन सुरक्षा से है,  पहचान बनेगी और जंगल बचे रहेंगे तो समृद्धि आएगी जिसका लाभ वनटांगिया लोगों को भी मिलेगा।

सीएम योगी ने यह भी अपील की की वनटांगिया लोग अपने बच्चों को खूब पढ़ाएं। बच्चों की पढ़ाई को लेकर सरकार ने हर तरह की व्यवस्था कर रखी है। बालिकाओं को तो स्नातक तक मुफ्त शिक्षा दी जा रही है । मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार स्नातक और परास्नातक में पढ़ने वाले युवाओं को मुफ्त टैबलेट या स्मार्ट फोन देने जा रही है ताकि उनकी ऑनलाइन पढ़ाई में कोई दिक्कत न आने पाए।


आरजेडी चीफ लालू यादव की फिर बिगड़ी तबियत, राबड़ी-तेजस्वी संग दिल्ली रवाना

पटना एयरपोर्ट पर आरजेडी मुखिया ने कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं, इलाज के लिए दिल्ली जा रहा हूं। एयरपोर्ट पर जब लालू यादव पहुंचे तो उन्हें सहारा देकर गाड़ी से उतारा गया। उनके साथ बेटे तेजस्वी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी थीं।

पटना: आरजेडी चीफ और बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव की तबियत आज अचानक फिर बिगड़ गई। जिसके बाद लालू यादव आज अपने पुत्र तेजस्वी यादव व पत्नी राबड़ी देवी के साथ दिल्ली रवाना हुए।

पटना एयरपोर्ट पर आरजेडी मुखिया ने कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं, इलाज के लिए दिल्ली जा रहा हूं। एयरपोर्ट पर जब लालू यादव पहुंचे तो उन्हें सहारा देकर गाड़ी से उतारा गया। उनके साथ बेटे तेजस्वी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी थीं।

बता दें कि बिहार में हुए दो सीटों पर उपचुनाव से ठीक पहले ही लालू यादव पटना पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कुशेस्वरस्थान में 27 अक्टूबर को चुनावी रैली को भी संबोधित किया था। एक दिन पहले ही बिहार की दो सीटों कुशेश्वरस्थान और तारापुर में हुए उपचुनाव के रिजल्ट्स सामने आए। 

दोनों ही जगह जेडीयू को जीत मिली। इस चुनाव में सत्ताधारी एनडीए ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा, जिसका नतीजा भी नजर आया कि दोनों सीटों पर जेडीयू कैंडिडेट ने फिर से कब्जा जमा लिया।


बिहार विधानसभा उपचुनाव: दोनों ही सीटों पर आरजेडी की हार, जेडीयू की बड़ी जीत

बिहार विधानसभा उपचुनाव में आरजेडी की बहुत बुरी हार हुई है। दोनों ही सींटों पर जेडीयू ने बड़ी जीत हासिल की है।

पटना: बिहार विधानसभा उपचुनाव में आरजेडी की बहुत बुरी हार हुई है। दोनों ही सींटों पर जेडीयू ने बड़ी जीत हासिल की है। 

दरभंगा की कुशेश्वरस्थान और मुंगेर की तारापुर सीट पर राजद प्रत्याशियों को हराकर जदयू ने यह जीत दर्ज की है। चुनाव से ठीक पहले लालू यादव के बिहार आने और प्रचार में उतरने से चुनाव नीतीश के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया था।  

जदयू ने कुशेश्वरस्थान सीट 12 हजार से ज्यादा वोटों से जीती है। पिछली बार के मुकाबले यह दोगुना है। 2020 के चुनाव में जदयू ने छह हजार वोटों से जीत हासिल की थी। तारापुर सीट करीब 4000 वोटों से जदयू ने जीती है। 

कुशेश्वरस्थान से जदयू प्रत्याशी अमन भूषण हजारी ने 12698 वोटों से जीत हासिल की है। अमन कुशेश्वरस्थान के जदयू के पूर्व विधायक स्व. शशिभूषण हजारी के पुत्र हैं। शशिभूषण हजारी के असामयिक निधन के बाद कुशेश्वरस्थान में उपचुनाव हुआ था। यहां चौथे राउंड तक राजद प्रत्याशी गणेश भारती आगे रहे। 


पांचवें राउंड से जदयू प्रत्याशी अमन भूषण हजारी ने बढ़त बनानी शुरू की जो अंत तक जारी रही। कुल 23 राउंड की गिनती हुई। जदयू प्रत्याशी अमन भूषण हजारी को 59882 मत मिले। दूसरे स्थान पर रहे राजद प्रत्याशी गणेश भारती को 47184 मत मिले। लोजपा की अंजू देवी 5623 मतों के साथ तीसरे और कांग्रेस के अतिरेक कुमार 5603 मतों के साथ चौथे स्थान पर रहे।


गांधी मैदान ब्लास्ट मामला: 4 दोषियों को फांसी, 2 को उम्रकैद, 2 को 10 वर्ष व 1 को 7 साल की सजा

एनआईए कोर्ट ने दोषियों को (इम्तियाज अंसारी, हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी, नोमान अंसारी, मुजीबुल्लाह अंसारी) फांसी की सजा सुनाई है। वहीं दो दोषियों (उमर सिद्दकी, अजहरुद्दीन) को उम्रकैद और दो (अहमद हुसैन, फिरोज असलम) को 10 साल की सुनाई है। इसके अलावा एक दोषी (इफ्तेखर आलम) को सात वर्ष की सजा सुनाई गई है।

पटना: 16वीं लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली में ब्लास्ट करने के मामले में दोषियों को आज एनआईए की कोर्ट ने सजा सुना दी है। 9 दोषियों में से 4 दोषियों को फांसी की सजा, 2 दोषी को उम्रकैद, 2 को 10 वर्ष की सजा और 1 दोषी को 7 वर्ष की सजा सुनाई गई है।

एनआईए कोर्ट ने दोषियों को (इम्तियाज अंसारी, हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी, नोमान अंसारी, मुजीबुल्लाह अंसारी) फांसी की सजा सुनाई है। वहीं दो दोषियों (उमर सिद्दकी,  अजहरुद्दीन) को उम्रकैद और दो (अहमद हुसैन, फिरोज असलम)  को 10 साल की सुनाई है। इसके अलावा एक दोषी (इफ्तेखर आलम) को सात वर्ष की सजा सुनाई गई है। 

बता दें कि गांधी मैदान और पटना जंक्शन पर सीरियल बम ब्लास्ट 27 अक्टूबर 2013 को हुआ था। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी और 89 लोग घायल हुए थे। आठ साल बाद इस मामले में फैसला आया है। बता दें कि बुधवार को कोर्ट ने मुख्य छह आरोपित को देशद्रोह, आपराधिक साजिश, हत्या, हत्या का प्रयास, यूएपीए एक्ट की धारा में दोषी करार दिया था। अन्य तीन दोषी पाए गए। एक को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।  


मंच पर महिला ने खोली सरकारी योजनाओं की पोल, झल्ला उठे केंद्रीय मंत्री, जांच के दिए आदेश

पटना: बिहार में ई-श्रम कार्ड बनाने में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। इसका प्रमाण उस वक्त सामने आया जब केंद्रीय मंत्री लाभार्थियों को कार्ड वितरित कर रहे थे। महिला ने भरे मंच में मंत्री जी को बोल दिया कि उसने इस कार्ड के लिए 100 रुपए चुकाए थे। जबकि केंद्र सरकार गरीबों को मुफ्त में ई-श्रम कार्ड बना रही है।

ई-श्रम कार्ड के लिए पैसे देने की बात सुनकर मंत्री जी का चेहरा लाल हो गया। आस-पास खड़े लोग भी हकदक रह गए। मंत्री जी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। घटना बीते रोज बिहार की राजधानी पटना में एक कार्यक्रम के दौरान घटी। केंद्रीय श्रम संसाधन राज्य मंत्री रामेश्वर तेली लाभार्थियों को ई-श्रम कार्ड वितरित कर रहे थे। इसी दौरान ये वाकया हुआ, जब मंत्री जी समेत मंच पर मौजूद तमाम लोग शर्म से लाल हो गए। 

बिहार के मजदूरों को ऑनलाइन  ई-श्रम कार्ड से जोड़ने को लेकर पटना में ई श्रम कार्ड वितरण सह निबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली और बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री जीवेश मिश्रा मौजूद थे। राज्य सरकार द्वारा राज्य के श्रमिकों को निबंधित करने के लिए ई-श्रम कार्ड वितरण करने का समारोह चल रहा था।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्रम संसाधन रामेश्वर तेली बिहार के श्रमिकों को ई-कार्ड बांट रहे थे। इसी बीच केंद्रीय मंत्री ने एक श्रमिक महिला किरण देवी को कार्ड देने के दौरान उनसे सवाल पूछा कि उन्हें इस कार्ड को बनाने में किसी तरह का कोई पैसा तो नहीं देना पड़ा। महिला ने इसका जवाब देते हुए कहा, मुझे ई-श्रम कार्ड को बनाने के लिए 100 रुपये देना पड़ा। 

मंत्री जी श्रमिक महिला की बात सुनकर चौंक गए और वहां पर खड़े बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री जीवेश मिश्रा से कहा कि इस मामले की जांच कराएं और देखें आखिर क्या कुछ मामला है? क्योंकि श्रम संसाधन विभाग श्रमिकों को पैसे देने और सरकारी योजना का लाभ पहुंचाने के लिए यह ई-श्रम कार्ड बनाने का काम कर रही है ना कि श्रमिकों से इसके लिए पैसे लिए जा रहे हैं। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार श्रमिक कार्ड बनाने में एक भी रुपया नहीं ले रही है और यह पूरी तरह से निशुल्क है। श्रमिक महिला किरण देवी से भी जब मीडिया ने इस संबंध में जानकारी मांगी तो किरण देवी ने कहा कि उन्हें यह कार्ड बनाने में 100 रुपए खर्च करने पड़े। 


तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर बोला जोरदार हमला, एक डीएसपी को भी बताया JDU का 'साथी'

तेजस्वी यादव ने आज एक बार फिर से सीएम नीतीश कुमार पर करारा हमला बोला है साथ ही एक पुलिस अधिकारी पर भी जेडीयू के लिये काम करने का आरोप लगाया है।

पटना: बिहार विधानसभा  उपचुनाव के लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच आज बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष व आरजेडी विधायक तेजस्वी यादव ने आज एक बार फिर से सीएम नीतीश कुमार पर करारा हमला बोला है साथ ही एक पुलिस अधिकारी पर भी जेडीयू के लिये काम करने का आरोप लगाया है।


तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि कल 2 जगह ऐतिहासिक चुनावी जनसभा हुई। जनता चोर दरवाजे से आई सरकार से छुटकारा चाहती है। बिहार के मुख्यमंत्री चिंतित हैं, अपने भविष्य और वर्तमान को लेकर डरे हुए हैं। उपचुनाव की दोनों सीटिंग सीट जेडीयू की हैं लेकिन उसे जनता हराएगी और दोनों ही सींटों पर आरजेडी की जीत होगी।


वहीं, एक पुलिस अधिकारी का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने कहा कि दिलीप कुमार झा दरभंगा ज़िले में DSP के तौर पर 4 साल से भी ज्यादा समय तक पोस्टिंग रही है। 3 साल से ज्यादा किसी अधिकारी को एक जगह नहीं रहना होता। पुलिस का काम न करके जेडीयू वर्कर का काम करते हैं। शिकायत के बाद 1 महीने पहले इनका ट्रांसफर बगहा कर दिया गया।

तेजस्वी ने आगे कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद उनकी दरभंगा में पोस्टिंग कर दी जाती है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट तौर पर दरभंगा के इंचार्ज को जांच की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा। लेकिन प्रशासन चुनाव आयोग की बात नहीं सुन रहा। दिलीप कुमार झा को 25 बूथ की ज़िम्मेदारी दी जाती है।


तेज प्रताप का फिर फूटा गुस्सा, कहा-'हमें RJD से कोई लेना-देना नहीं'

तेज प्रताप ने कहा कि हमें RJD से कोई लेनादेना नहीं है, कोई मतलब नहीं है। आज खुशी का इतना बड़ा मौका था, सब को एक होना था लेकिन ऐसी परिस्थिति में भी हमें बेइज्ज़त किया गया। एयरपोर्ट पर हमें जगदानंद सिंह ने ठेलने का काम किया। ये कैसा रवैया है? तुम RSS वाले हो।

पटना: लालू के लाल तेज प्रताप यादव का गुस्सा एक बार फिर से फूटा है। उन्होंने आरजेडी के बिहार के अध्यक्ष जगदानंद पर खुद के साथ बद्तमीजी करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह आरएसएस के हैं और उन्हें आरजेडी से अब कोई मतलब नहीं है।

तेज प्रताप ने कहा कि हमें RJD से कोई लेनादेना नहीं है, कोई मतलब नहीं है। आज खुशी का इतना बड़ा मौका था, सब को एक होना था लेकिन ऐसी परिस्थिति में भी हमें बेइज्ज़त किया गया। एयरपोर्ट पर हमें जगदानंद सिंह ने ठेलने का काम किया। ये कैसा रवैया है? तुम RSS वाले हो।

उन्होंने आगे कहा कि जब तक हम आपको पार्टी से नहीं निकालेंगे तब तक हमें RJD से कोई मतलब नहीं है। आगे हम बहुत बड़ा कदम लेने वाले हैं।


बिहार के गोपालगंज और दरभंगा में बड़ा नौका हादसा, 15 लोग नदी में डूबे

गुरुवार को गोपालगंज और दरभंगा में दो नावें पानी में समा गईं। गोपालगंज में तीन लोगों के साथ नाव गंडक नदी में समा गई। हादसा कैमरे में भी कैद हो गया है। किसी तरह तीनों ने तैरकर मुश्किल से जान बचाई। वहीं, दरभंगा में नाव पलटने से 12 लोग डूब गए। दस लोगों को बचा लिया गया, जबकि दो लोग लापता हैं। दोनों की तलाश हो रही है।

गोपालगंज/दरभंगा: बारिश के कारण नदियों में आई बाढ़ लोगों के लिए जानलेवा बन गई है। गुरुवार को गोपालगंज और दरभंगा में दो नावें पानी में समा गईं। गोपालगंज में तीन लोगों के साथ नाव गंडक नदी में समा गई। हादसा कैमरे में भी कैद हो गया है। किसी तरह तीनों ने तैरकर मुश्किल से जान बचाई।

मिली जानकारी के मुताबिक, हादसा डुमरिया पुल के पास हुआ। वहीं, दरभंगा में नाव पलटने से 12 लोग डूब गए। दस लोगों को बचा लिया गया, जबकि दो लोग लापता हैं। दोनों की तलाश हो रही है। बताया जा रहा है कि दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में शिसोमा घाट के समीप गुरुवार को कमला बालान नदी में नाव पलटी। दरभंगा के उप निदेशक (जनसंपर्क) एन के गुप्ता ने बताया कि कोनिया घाट से 12 व्यक्ति नाव पर सवार होकर शिशोमा घाट जा रहे थे।

शिसोमा घाट पहुंचने के पहले नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। इनमें से 10 लोगों को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने बचा लिया जबकि दो लोग अभी भी लापता है। गुप्ता ने बताया कि लापता लोगों की खोज लगातार की जा रही है लेकिन अबतक सफलता नहीं मिली है। घटनास्थल के समीप एसडीआरएफ की टीम के साथ कुशेश्वरस्थान पूर्वी के अंचलाधिकारी एवं बिरौल के अनुमंडल पदाधिकारी कैंप कर रहे हैं।


बिहार उपचुनाव: लालू के लाल तेजप्रताप देंगे 'हाथ' का साथ

तेज प्रताप यादव ने शनिवार को कुशेश्वरस्थान से कांग्रेस प्रत्याशी अतिरेक कुमार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया।


पटना:  बिहार विधानसभा की दो सीटों कुशेश्वरस्थान और तारापुर सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में लालू के लाल तेजप्रताप ने कांग्रेस के लिए प्रचार करने का ऐलान कर दिया है। तेज प्रताप यादव ने शनिवार को कुशेश्वरस्थान से कांग्रेस प्रत्याशी अतिरेक कुमार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। तेज प्रताप का उपचुनाव में तेजस्वी के खिलाफ यह नया दांव माना जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक, तेज प्रताप यादव ने छात्र जनशक्ति परिषद की बैठक में कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देन का ऐलान किया है। तेज प्रताप ने इसके लिए पत्र जारी कर दिया है। वहीं तेजप्रताप ने तारापुर से आरजेडी उम्मीदवार को अपना समर्थन दिया है। तारापुर से आरजेडी ने अरुण कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है।


RJD स्टार प्रचारकों की लिस्ट से राबड़ी, मीसा भारती और तेज प्रताप आउट, बिहार के सियासी गलियारों में गर्माहट

आज राष्ट्रीय जनता दल ने अपने 20 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में एक अहम बात यह देखने को मिली है कि इसमें से राबड़ी देबी, मीसा भारती और तेजप्रताप का नाम गायब है।

पटना: आज राष्ट्रीय जनता दल ने अपने 20 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में एक अहम बात यह देखने को मिली है कि इसमें से राबड़ी देबी, मीसा भारती और तेजप्रताप का नाम गायब है।


राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा 20 स्टार प्रचारकों की सूची से RJD नेता तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और राबड़ी देवी का नाम हटाए जाने पर पार्टी के नेता तेज प्रताप यादव ने नाराज़गी जताते हुए ट्वीट किया। 

तेज प्रताप ने लिखा, 'ऐ अँधेरे देख ले मुँह तेरा काला हो गया माँ ने आँखें खोल दीं घर में उजाला हो गया…मेरा नाम रहता ना रहता मां और दीदी का नाम रहना चाहिए था…इस गलती के लिए बिहार की महिलाएं कभी माफ नहीं करेगीं,दशहरा में हम मां की ही अराधना करतें हैं ना जी… '

बता दें कि तेज प्रताप यादव काफी समय से आरजेडी से कटे कटे चल रहे हैं। उन्होंने छात्र जनशक्ति परिषद नाम का संगठन भी बना लिया है और पाधिकारियों की नियुक्ति भी शुरू कर दी है।

स्टार प्रचारकों की सूची में जिन नेताओं को जगह दी गयी है, उसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, अब्दुल बारी सिद्दीकी, जय प्रकाश नारायण यादव, उदय नारायण चौधरी, श्याम रजक, भोला यादव, वृषण पटेल, ललित कुमार यादव, मनोज कुमार झा, तनवीर हसन, आलोक कुमार मेहता, शिवचंद्र राम, अनिल कुमार सहनी, लवली आनंद, चंद्रहास चौपाल, भरत बिंद, रामवृक्ष सदा, साधु पासवान और भरत मंडल का नाम शामिल है।

बिहार में दो विधानसभा सीटों पर इसी महीने के अंत में चुनाव होना है। ऐसे में सभी पार्टियां चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है। इसी क्रम में आरजेडी ने गुरुवार को उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। स्टार प्रचारकों की सूची में 20 नेताओं का नाम है। लेकिन सूची में लालू के बड़े लाल तेज प्रताप यादव जो पार्टी नेता होने के साथ ही हसनपुर से विधायक भी हैं को जगह नहीं दी गई है।

 वहीं, राज्यसभा सांसद मीसा भारती, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और कद्दावर नेता शिवानंद तिवारी के नाम को भी स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर रखा गया है। इसी बात पर विवाद जारी है।


जातिगत जनगणना से बिहार की असली तस्वीर आएगी सामने: तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने कहा है कि जाति जनगणना बहुत ज़रूरी है। जब तक जाति जनगणना नहीं होगी तब तक आपके सामने असली तस्वीर नहीं आने वाली है। इससे सरकार को कल्याणकारी योजना बनाने में आसानी होगी।

पटना: बिहार में जाति आधारित जनगणना कराने से केंद्र सरकार द्वारा संसद और सुप्रीम कोर्ट दोनों ही जगहों पर मना कर दिया गया है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार और नेता विपक्ष तेजस्वी यादव जातिगण जनगणना कराने के पक्ष में शुरू से ही हैं। अब एक बार फिर से तेजस्वी यादव ने जातिगत जनगणना को जरूरी बताया है।


तेजस्वी यादव ने कहा है कि जाति जनगणना बहुत ज़रूरी है। जब तक जाति जनगणना नहीं होगी तब तक आपके सामने असली तस्वीर नहीं आने वाली है। इससे सरकार को कल्याणकारी योजना बनाने में आसानी होगी।

तेजस्वी यादव ने पटना में डॉक्टरों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हम नई सोच के हैं। हमें नया बिहार बनाना है। हमारी पार्टी में मास कैपिटल बहुत है, अब हमें ब्रेन कैपिटल, इंटेलेक्चुअल कैपिटल की ज़रूरत है। हम चाहते हैं कि इंजीनियर्स, डॉक्टर, प्रोफेसर जैसे प्रोफेशनल हमारी पार्टी से जुड़ें।


डेढ़ साल बाद खुला भारत-नेपाल का वीरगंज बॉर्डर

शुक्रवार से नेपाल कस्टम ने कोविड से जुड़ी शर्तों के साथ भारतीय निजी वाहनों के प्रवेश की अनुमति दे दी। इससे बॉर्डर से सटे क्षेत्र के लोगों में हर्ष है।

नई दिल्ली/रक्सौल: करीब 18 माह से कोविड संक्रमण के कारण बंद नेपाल के वीरगंज बॉर्डर को भारतीय समेत तीसरे देशों के नागरिकों व भारतीय वाहनों की आवाजाही के लिए औपचारिक तौर पर खोल दिया गया। शुक्रवार से नेपाल कस्टम ने कोविड से जुड़ी शर्तों के साथ भारतीय निजी वाहनों के प्रवेश की अनुमति दे दी। इससे बॉर्डर से सटे क्षेत्र के लोगों में हर्ष है।


शुक्रवार सुबह करीब सवा दस बजे वीरगंज स्थित नेपाल कस्टम पर सबसे पहले भारतीय वाहन से पहुंचे टूर-ट्रेवल्स व्यवसायी देशबन्धु गुप्ता व मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी संगठन के एम राम, दीपक कुमार, अनुज कुमार, लव कुमार समेत अन्य को एंट्री दी गई। इसके लिए इन्हें हेल्थ डेस्क के थर्मल स्क्रीनिंग व कोविड जांच से गुजरना पड़ा। रिपोर्ट निगेटिव आने व नेपाल इमिग्रेशन के अधिकारियों द्वारा सीसीएमसी फॉर्म भरवाने के बाद प्रवेश की अनुमति मिली।

इससे पहले वीरगंज बॉर्डर के शंकराचार्य गेट पर पर्यटन एवं होटल व्यवसायी संघ समेत नेपाल, कस्टम, इमिग्रेशन व आर्म्ड पुलिस फोर्स, नेपाल पुलिस आदि के अधिकारियों ने सबसे पहले प्रवेश पाने वाले भारतीय दल का फूल माला से स्वागत किया। वीरगंज के मेयर विजय सरावगी, होटल एवं पर्यटन व्यवसायी संघ के अध्यक्ष हरी पंत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सचेन्द्र सिंह थापा, महासचिव माधव बस्नेत, उपाध्यक्ष कुमार श्रेष्ठ, कोषाध्यक्ष पुष्प श्रेष्ठ, पर्यटन पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष शंकर आचार्य, राधे श्याम पटेल आदि भी मौके पर थे। 

पंत व आचार्य आदि ने बॉर्डर खोलने व भारतीय वाहनों की आवाजाही की अनुमति देने के लिए प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा का आभार किया। कहा कि इससे पर्यटन, व्यापार की तरक्की के साथ ही द्विपक्षीय जनता के स्तर संबंधों में भी मजबूती आएगी। 


नीतीश के मंत्री का बड़ा बयान, कहा-'बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांगकर थक चुके हैं, अब नहीं मांगेंगे'

बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा सूबे की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू द्वारा एक दशक से ज्यादा समय से मांगी जा रही ही लेकिन अभी तक उसे कामयाबी नहीं मिल पाई है। इससे जुड़े सवाल पर आज नीतीश के मंत्री का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने कहा कि वह अब बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग नहीं करने। वह थक चुके हैं।

पटना: बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा सूबे की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू द्वारा एक दशक से ज्यादा समय से मांगी जा रही ही लेकिन अभी तक उसे कामयाबी नहीं मिल पाई है। इससे जुड़े सवाल पर आज नीतीश के मंत्री का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने कहा कि वह अब बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग नहीं करने। वह थक चुके हैं।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और केंद्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह ने भी कहा है कि अब आर्थिक पैकेज की बात हो रही है। जो भी प्रदेश राष्ट्रीय मानक से पीछे हैं, उन्हें विशेष सहायता मिलनी चाहिए। हमारे नेता नीतीश कुमार इस बात को बराबर उठाते रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि विशेष दर्जे की मांग करते-करते हमलोग थक चुके हैं। इसके लिए कमेटी बनी, जिसकी रिपोर्ट भी आई। पर, कोई नतीजा नहीं निकला।

योजना एवं विकास मंत्री ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि हमलोग एक सरकार में हैं और मांग की एक सीमा होती है। सात-आठ सालों तक मांक किये। अब कितने दिनों तक अनवरत यही किया जाए, हमलोग अपना काम कर रहे हैं। वहीं उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट को विरोधाभासी बताया और कहा कि बिहार की सही तस्वीर पेश नहीं की गई है। 

इधर, दिल्ली में इस मुद्दे पर पत्रकारों के सवाल पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि वित्त आयोग ने जो रिपोर्ट दी है, उसके आधार पर पिछड़ेपन को दूर करने के लिए विशेष पैकेज की बात हो रही है। हमलोग उस पर मजबूती से अपनी बात रख रहे हैं। फाइनेंस कमीशन की रिपोर्ट के बाद किसी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल रहा है। फाइनेंस कमीशन ने भी कहा है कि जो पिछड़े राज्य हैं उन्हें आर्थिक पैकेज मिलना चाहिए। इसी सवाल पर केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने पत्रकारों से कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया है। जो भी प्रदेश राष्ट्रीय मानक से पीछे हैं, सबको मानक तक आने के लिए अलग-अलग तरीके से आवश्यकता होती है। हमारे नेता नीतीश बाबू इस बात को बराबर उठाते रहे हैं। तो स्वाभाविक है कि यह मांग तो रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन-जिन मानकों में हम पीछे हैं, उसमें संसाधनों की मांग हमलोग करते रहे हैं। मांग आगे भी होगी। 

जून में वर्ष 2020-21 की नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट, जिसमें बिहार को विभिन्न विकास के मानकों पर संयुक्त रूप से देश में 28 वें नंबर पर रखा गया था, पर राज्य सरकार ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है। योजना विकास मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बिहार ने सड़कें, पुल-पुलिया, बिजली, गुणवत्ता शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि और गरीबी दर घटाने आदि मामलों में अच्छी प्रगति की है। रिपोर्ट में आयोग ने राज्य की प्रगति को शामिल नहीं किया है। यह बिहार के साथ न्याय नहीं है। इस संबंध में योजना एवं विकास विभाग ने नीति आयोग को ज्ञापन भेजा है, जिसमें मानक बदलने की भी बात कही गई है। ज्ञापन ने कहा गया है कि वर्ष 2019-20 में राज्य की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 10.5 प्रतिशत रही है, जबकि भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस वर्ष में 4.2 प्रतिशत रही है। 


वर्ष 2018-19 में भी यह आंकड़ा क्रमश: 9.3 और 6.1 प्रतिशत रही थी। बिहार ने गरीबी दर में छह सालों में 21 प्रतिशत की कमी की है। वर्ष 2004-05 में गरीबी दर 54.4 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2011 में से 33.7 प्रतिशत थी। इन सालों में राष्ट्रीय स्तर में कमी सिर्फ 12.5 प्रतिशत की रही। पर, राज्यों की रैंकिंग में इस बात को महत्व नहीं दिया गया। इसी तरह गरीबी रेखा के नीचे रह रहे लोगों की संख्या वर्ष 2011 के आंकड़ों के आधार पर ही चली आ रही है। इसका नया आंकड़ा आना चाहिए। बिहार में पिछले छह साल में प्रति व्यक्ति विकास पर खर्च 17.9 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह बढ़त 11.6 प्रतिशत है। इस तरह के कई कार्य बिहार में काफी अच्छे हुए हैं, जिनको शामिल किये बगैर रिपोर्ट जारी की गई है। उन्होंने कहा कि बिहार में गाड़ियों की संख्या बढ़ी और बिजली की खपत में काफी वृद्धि हुई तो फिर गरीबी कैसे नहीं घटी।


बिहार के मोतिहारी में बड़ा नौका हादसा, सिकरहना नदी में नाव डूबने से 1 की मौत, 20 गायब, 5 की हालत गंभीर

बिहार के मोतिहारी जिले से एक दर्दनाक खबर आ रही है। यहाँ सिकरहना नदी में नांव डूबने से 1 शख्स की मौत हो गई है और 20 लोग लापता हुए हैं। हादसे में 5 लोगों को गम्भीर चोटें भी आई हैं।

मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी जिले से एक दर्दनाक खबर आ रही है। यहाँ सिकरहना नदी में नांव डूबने से 1 शख्स की मौत हो गई है और 20 लोग लापता हुए हैं। हादसे में 5 लोगों को गम्भीर चोटें भी आई हैं।


 मिली जानकारी के मुताबिक, मोतिहारी में रविवार सुबह 10 बजे बड़ा हादसा हो गया है। जिले के चिरैया प्रखंड के सिकरहना नदी में 25 लोगों से भरी नाव डूब गई। हादसे में 20 लोग लापता हैं। जबकि एक की मौत हो गई है। वहीं पांच गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। नाव में सभी लोग घास लाने के लिए सवार हुए थे। महिला मुन्ना देवी सहित दो को सही सलामत बाहर निकाल लिया गया है। अन्य की तलाश जारी है।

नाव डूबने से कोहराम मच गया है। स्थानीय लोगों की मदद से एक बच्ची के शव को निकाला गया है। वहीं चार महिलाएं घायल हैं। एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद हैं। जबकि एसडीआरएफ की टीम पहुंच रही है। गोताखोर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। लापता हुए लोगों के परिजनों का बुरा हाल है। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ मौजूद है।


बिहार: गया ज़िले की बेलागंज और खिजरसराय में पंचायत चुनावों की मतगणना शुरू

बिहार के गया ज़िले की बेलागंज और खिजरसराय में पंचायत चुनावों की मतगणना शुरू हो चुकी है। मतगणना केंद्रों पर किसी प्रकार का खलल उत्पन्न न हो इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

गया: बिहार के गया ज़िले की बेलागंज और खिजरसराय में पंचायत चुनावों की मतगणना शुरू हो चुकी है। मतगणना केंद्रों पर किसी प्रकार का खलल उत्पन्न न हो इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।


SP सिटी राकेश कुमार ने बताया, ''इसके लिए अलग से फोर्स लगाई गई है। अनधिकृत व्यक्तियों को प्रवेश से रोका जा रहा है। जिन्हें ज़िला प्रशासन ने प्रवेश पत्र दिया है उन्हें ही अनुमति दी गई है।''

डीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। 6 हॉल बनाए गए हैं जिसमें 4 हॉल में ईवीएम के माध्यम से मुखिया, वार्ड सदस्य और ज़िला परिषद सदस्यों की मतगणना होगी और 2 हॉल में पंच, सरपंच की बैलेट पेपर के माध्यम से मतगणना होगी। सभी चीजें पहुंच गई है।


जातिगत जनगणना को लेकर RJD कर रही मोदी सरकार को घेरने की तैयारी, तेजस्वी बोले-'विपक्षियों को करेंगे एकजुट'

तेजस्वी यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर तगड़ा हमला करते हुए कहा कि मैंने एक अखबार में देखा कि महाराष्ट्र की मांग पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक हलफनामा पेश किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह उनका सचेत निर्णय है कि वे जाति-आधारित जनगणना की अनुमति नहीं देंगे।

नई दिल्ली/पटना: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि वह जातिगत जनगणना को लेकर विपक्ष को एक करेंगे। तेजस्वी यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर तगड़ा हमला करते हुए कहा कि मैंने एक अखबार में देखा कि महाराष्ट्र की मांग पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक हलफनामा पेश किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह उनका सचेत निर्णय है कि वे जाति-आधारित जनगणना की अनुमति नहीं देंगे।  


तेजस्वी ने कहा कि बिहार विधानसभा ने भी जातीय जनगणना को लेकर दो प्रस्ताव पारित किए गए थे। इस मसले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम सभी ने पीएम मोदी से मुलाकात भी की थी। तेजस्वी ने आगे कहा कि हम महागठबंधन की बैठक में इस पर चर्चा करेंगे। मैं अपने गठबंधन और समान विचारधारा वाले दलों को भी पत्र लिखूंगा।

वहीं, राजद अध्यक्ष लालू यादव ने जातीय जनगणना को लेकर केन्द्र सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि पता नहीं भाजपा और आरएसएस के लोगों को पिछड़ों और अति पिछड़ों से इतनी नफरत क्यों है? ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए।

लालू यादव ने कहा है कि जातीय जनगणना से सभी वर्गों का भला होगा। इससे सबकी वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। शुक्रवार को ट्वीट कर लालू ने कहा है कि यह कैसी बात है कि देश में सांप-बिच्छू, तोता-मैना, हाथी-घोड़ा, कुत्ता-बिल्ली सहित सभी पशु-पक्षी, पेड़-पौधे गिने जाएंगे लेकिन पिछड़े-अतिपिछड़े वर्गों के इंसानों की गिनती नहीं होगी। केन्द्र सरकार के इस रवैये पर लालू ने आश्चर्य व्यक्त किया है। 


दूसरी तरफ, इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के इनकार के बाद जदयू ने कहा है कि हमारी मांग जारी रहेगी। जातीय जनगणना पर निर्णय लेना केंद्र सरकार का काम है। सीएम नीतीश कुमार पिछले कई वर्षों से यह मांग करते रहे हैं।


तेजस्वी यादव के आरोपों पर बिहार के डिप्टी सीएम तारकिशोर का जवाब-'सरकार को बदनाम करने की साजिश'

बिहार में 'हर घर नल का जल' योजना में कथित घोटाले पर RJD नेता तेजस्वी यादव ने सूबे के डिप्टी सीएम तारकिशोर पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि घोटाले की सूचना मुख्यमंत्री को दी गई थी।

पटना: बिहार में 'हर घर नल का जल' योजना में कथित घोटाले पर RJD नेता तेजस्वी यादव ने सूबे के डिप्टी सीएम तारकिशोर पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि घोटाले की सूचना मुख्यमंत्री को दी गई थी। रामप्रकाश महतो ने 28 फरवरी को चिट्ठी लिखकर उन्हें इसके संदर्भ में बताया। अगस्त 2020 में इन्होंने पहली बार इसका पर्दाफाश किया लेकिन उसके बाद भी कोई जांच नहीं हुई।

तेजस्वी ने आगे कहा कि वह CM को चुनौती देंगे कि 50 पंचायत का नाम बता दें जहां योजना सही से काम कर रही हो। हर जगह भ्रष्टाचार है। जेडीयू और बीजेपी के नेताओं को कॉन्ट्रैक्ट दिया जा रहा है। कंपनी के निदेशक उपमुख्यमंत्री के साले और दामाद हैं। दोनों कंपनी में इनको 53 करोड़ के आसपास का ठेका दिया गया।

वहीं, तेजस्वी के आरोपों को गलत बताते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि दोनों प्रतिष्ठानों में ना कोई मेरे परिवार का और ना ही मेरे ससुराल का व्यक्ति शामिल है। गलत बयान देकर मुझे और मेरी सरकार को बदनाम करने की साजिश को जनता समझ रही है।


बिहार के वैशाली में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या, चिराग पासवान ने सीएम नीतीश कुमार पर बोला हमला

मामले में वैशाली के SP मनीष ने बताया, “संदिग्ध लोगों से पुछताछ चल रही है। अभी मामले में जांच जारी है और अपराधी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।”

वैशाली: बिहार के वैशाली के महनार थाना इलाके के करनौती में एक नाबालिग के साथ बलात्कार कर हत्या करने का मामला सामने आया है। जिसके बाद लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने सूबे के सीएम नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला।

चिराग पासवान ने सूबे की नीतीश सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार राज्य अगर सुर्खियां बनाता है तो सिर्फ आपराधिक घटनाओं को लेकर... मैं खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह करूंगा कि अगर उनसे संभव नहीं हो पाता है ऐसी घटनाओं की जांच करके दोषियों को सज़ा देना तो इसे सीबीआई को सौंप देना चाहिए।


मामले में वैशाली के SP मनीष ने बताया, “संदिग्ध लोगों से पुछताछ चल रही है। अभी मामले में जांच जारी है और अपराधी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।”


बिहार के मधेपुरा में बड़ा हादसा, नौका डूबने से 5 बच्चों की मौत

बिहार के मधेपुरा जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर आ रही हैं। यहां पूजन सामग्री के विसर्जन के दौर