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70 फीसदी घटे एसी में सफर करने वाले यात्री, किराया नहीं होगा कम: रेलमंत्री

राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में मंत्री ने कहा, ''2019-20 में एसी डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों में 4 फीसदी की वृद्धि हुई थी, जबकि 2020-21 में इसमें पिछले साल के मुकाबले 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई।''


नई दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से  एसी बोगियों में यात्रा करने वाले यात्रियों में 70 फीसदी की कमी आयी है। इस बात की जानकारी आज रेलमंत्री अश्विन वैष्णव ने संसद में दी।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया है कि रेलवे के टिकटों पर बंद रियायतों को फिलहाल शुरू नहीं किया जा सकता है। राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में मंत्री ने कहा, ''2019-20 में एसी डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों में 4 फीसदी की वृद्धि हुई थी, जबकि 2020-21 में इसमें पिछले साल के मुकाबले 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई।'' 

रेल मंत्री ने आगे कहा, ''2019-20 और 2020-21 के दौरान एसी डिब्बों में क्रमश: 18.1 करोड़ और 4.9 करोड़ लोगों ने यात्रा की।''


वैष्णव ने कहा, ''यह गिरावट कोरोना महामारी की वजह से आई, जिसमें सीमित संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जा रहा था और लोग भी जब तक बहुत जरूरी ना हो यात्रा से बच रहे थे।'' रेलवे ने मार्च 2020 में सभी नियमित ट्रेनों की सेवाएं निलंबित कर दी थी। 

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने संसद को बताया कि कोरोना महामारी के समय से रेलवे के टिकटों पर बंद रियायतों को फिलहाल शुरू करना संभव नहीं है। 

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि इस सुविधा को बहाल करने के लिए उन्हें आवेदन मिले हैं। महामारी और कोविड प्रोटोकॉल के मद्देनजर, यात्रियों की सभी श्रेणियों (दिव्यांगजन की 4 श्रेणियों, मरीजों और छात्रों की 11 श्रेणियों को छोड़कर) को सभी रियायत 20.03.2020 से निलंबित हैं। 


दिल्ली में भी पेट्रोल-डीजल के दाम घटे, जानिए क्या है आज प्रमुख शहरों में तेल के दाम

दिल्ली सरकार द्वारा वैट में कमी किए जाने के कारण दिल्ली में पेट्रोल 8.56 रुपये प्रति लीटर कम होकर 95.41 रुपये प्रति लीटर पर आ गया।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी केजरीवाल सरकार द्वारा वैट में कटौती किये जाने के बाद आज से पेट्रोल और डीजल के दाम में कमीं आ गई है।  दिल्ली सरकार द्वारा वैट में कमी किए जाने के कारण दिल्ली में पेट्रोल 8.56 रुपये प्रति लीटर कम होकर 95.41 रुपये प्रति लीटर पर आ गया।


दिल्ली में पेट्रोल 8 रुपये प्रति लीटर सस्ता होने के बाद अब मेट्रो शहरो में सबसे सस्ता है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब मुंबई से 14.57 रुपये सस्ता है। कोलकाता से यहां पेट्रोल 9:26 रुपये तो चेन्न्ई से 5.99 रुपये सस्ता है। वहीं, अगर अन्य शहरों की बात करें तो राजस्थान के श्रीगंगानगर के मुकाबले दिल्ली में पेट्रोल 16.70 रुपये प्रतिलीटर सस्ता पड़ रहा है।

शहरपेट्रोल (रुपये/लीटर)

डीज़ल (रुपये/लीटर)

दिल्ली की तुलना में पेट्रोल के रेट में अंतर रुपये में
श्रीगंगानगर112.1195.26-16.7
पोर्ट ब्लेयर82.9677.1312.45
जयपुर107.0690.7-11.65
दिल्ली95.4186.670
मुंबई109.9894.14-14.57
चेन्नई101.491.43-5.99
कोलकाता104.6789.79-9.26
भोपाल107.2390.87-11.82
रांची98.5291.56-3.11
बेंगलुरु100.5885.01-5.17
पटना105.991.09-10.49
चंडीगढ़94.2380.91.18
लखनऊ95.2886.80.13


मोबाइल रिचार्ज और एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा, अब 2 रुपए की मिलेगी माचिस

नए महीने की शुरुआत महंगाई के साथ हुई है। आज से एलपीजी सिलेंडर और जियो मोबाइल का रिचार्ज महंगा हो गया है। इसके अलावा 14 साल बाद माचिस के दाम बढ़े हैं। अब माचिस 1 की जगह 2 रुपए में मिलेगा।

नई दिल्ली: नए महीने की शुरुआत महंगाई के साथ हुई है। आज से एलपीजी सिलेंडर और जियो मोबाइल का रिचार्ज महंगा हो गया है। इसके अलावा 14 साल बाद माचिस के दाम बढ़े हैं। अब माचिस 1 की जगह 2 रुपए में मिलेगा।

JIO ने बढ़ाये रिचार्ज के दाम

रिलायंस जियो ने अपने प्रीपेड टैरिफ में बढ़ोतरी कर दी है। 1 दिसंबर से इसके कुछ प्लान महंगे हो गए हैं। कंपनी ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि उसने अपने प्रीपेड टैरिफ में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की है।

जियो के प्लान में 31 से 480 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। जियोफोन के विशेष 75 रुपये के प्लान का रेट तो अब 91 रुपये होगा। अनलिमिटेड प्लान का 129 रुपये वाला प्लान अब 155 में मिलेगा 1 साल की वैलेडिटी का प्लान सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। पहले ये प्लान 2399 रुपये में प्रीपेड कस्टमर को मिलता था, लेकिन अब इसके लिए कस्टमर को 2879 रुपये देने पड़ेंगे।

एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा

पिछले कई महीनों से देश में एलपीजी के दाम रिकॉर्ड बढ़ोतरी देख रहे हैं। इस महीने जहां नॉन-कॉमर्शियल यानी घरेलू एलपीजी सिलिंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वहीं, कॉमर्शियल सिलिंडर 110.50 रुपये महंगा मिलेगा। 

पेट्रोलियम कंपनियों ने 1 दिसंबर से कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। अब 19 किलोग्राम का कॉमर्शियल सिलिंडर अब 2,000.50 रुपये की बजाय 2,101 रुपये में बिकेगा।

माचिस के बढ़े दाम

माचिस के दाम में 14 साल बाद बढ़ोतरी है। 1 दिसंबर 2021 से माचिस की डिब्बी 1 रुपये की जगह 2 रुपये खर्च करने होंगे। वर्ष 2007 में माचिस की कीमत 50 पैसे से बढ़ाकर 1 रुपये किए जा रहे हैं।


प्रदर्शनों की वजह से इंडियन रेलवे को लगी करोड़ों की चपत, रेलमंत्री ने सदन में दी जानकारी

बताते चलें कि देश में हाल के दिनों में हुए किसान आंदोलन का सबसे बड़ा क्षेत्र दिल्ली, पंजाब, हरियाणा रहा। इन इलाकों में बड़ी संख्या में किसानों ने प्रोटेस्ट किया जिसका असर रेलवे की आय पर पड़ा है और उसे भारी नुकसान हुआ है।

नई दिल्ली: किसान प्रदर्शन समेत तमाम तरह के प्रदर्शनों की वजह से भारतीय रेलवे को करोड़ों का नुकसान हुआ है। रेलवे के अलग-अलग जोन में करोड़ों का नुकसान हुआ है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में इस बात की जानकारी दी।


रेल मंत्री ने बताया कि इस साल अक्टूबर तक के महीने में रेलवे के नॉर्दन जोन में 1212 धरना प्रदर्शन हुए। इस वजह से नॉर्दन रेलवे को लगभग 22,58,00000 रुपये का नुकसान हुआ है।

बताते चलें कि देश में हाल के दिनों में हुए किसान आंदोलन का सबसे बड़ा क्षेत्र दिल्ली, पंजाब, हरियाणा रहा। इन इलाकों में बड़ी संख्या में किसानों ने प्रोटेस्ट किया जिसका असर रेलवे की आय पर पड़ा है और उसे भारी नुकसान हुआ है। 

रेलवे ने यह भी साफ किया है कि चालू वित्त वर्ष 2021 में अक्टूबर तक के दौरान रेलवे को जो कुछ भी अनुमानित नुकसान हुआ है उसके लिए अन्य संगठनों के आंदोलन के साथ-साथ किसान आंदोलन भी जिम्मेवार है। इसकी वजह से ट्रेनों का परिचालन काफी बाधित हुआ है।

कितना हुआ नुकसान

रेलवे की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक ईस्टर्न रेलव को 3,3400000
ईस्ट सेंट्रल को 1511602
ईस्ट कोस्टल रेलवे को  ६७८९१८२४
नार्थ सेंट्रल को 937951
नार्थ ईस्टर्न को  1407217
नार्थ वेस्टर्न को 11044256
दक्षिण रेलवे को 8263
साउथ ईस्टर्न को 26120609
साउथ ईस्ट सेंट्रल को 579185 का नुकसान हुआ है


ओमिक्रॉन का डर! 15 दिसंबर से देश में नहीं शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, सिर्फ विशेष उड़ानों का होगा संचालन

बीते दिनों नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तरफ से जारी एक बयान में कहा गया था कि दिसंबर के तीसरे हफ्ते यानी 15 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर शुरू की जा सकती है। लेकिन इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। देश में पिछले साल 23 मार्च से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें निलंबित हैं।

नई दिल्ली: कोरोन के नए वेरिेएंट ओमिक्रॉन को लेकर भारत सरकार अलर्ट पर है। अब 15 दिसंबर से देश में इंटरनेशनल उड़ानों को संचालित करने का फैसला वापस ले लिया गया है। 15 दिसंबर से सिर्फ विशेष और एमरजेंसी उड़ानों की ही संचालन किया जाएगा।


बता दें कि बीते दिनों नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तरफ से जारी एक बयान में कहा गया था कि दिसंबर के तीसरे हफ्ते यानी 15 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर शुरू की जा सकती है। लेकिन इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। देश में पिछले साल 23 मार्च से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें निलंबित हैं।


बीते शुक्रवार नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तरफ से जारी एक बयान में कहा गया था कि कमर्शियल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने के मुद्दे पर गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और स्वास्थ्य-परिवार कल्याण मंत्रालय ने सहमति जताई है। जिसके बाद संभावना जताई जा रही थी कि 15 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू हो सकता है। लेकिन फिलहाल इस मामले में परिस्थितियां, मौजूदा व्यवस्था के अनुसार ही बने रहने की संभावना है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संबंधित मंत्रालय और अधिकारियों से इस विषय पर समीक्षा करने के लिए कहा था।

बताते चलें कि अभी भारत से करीब 28 देशों के साथ एयर बबल व्यवस्था के तहत पिछले साल जुलाई से विशेष अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों का संचालन किया जा रहा है।

एक बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कोरोना के मुद्दे पर 'प्रोएक्टिव' रहने की जरूरत जताई थी। साथ ही सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की निगरानी और निर्देशों के मुताबिक, यात्रियों की जांच पर जोर दिया था।


दिल्ली में भी पेट्रोल-डीजल हुआ सस्ता, नई कीमतें आज आधी रात से होंगी लागू

नई दिल्ली: दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने पेट्रोल पर VAT को 30% से घटाकर 19.40% कर दिया है। नई दरें आज आधी रात से लागू होंगी। बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा काफी पहले उत्पाद शुल्क घटा दिया गया था जिसके बाद सभी भाजपा शासित राज्यों में पेट्रोल और डीजल के दाम 10 रुपए तक कम हुए हैं लेकिन दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने आज VAT में कमीं की हैं। अब लोगों को पेट्रोल और डीजले पहले से सस्ते दामों पर मिलेगा।

आज 4 प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

1 दिसंबर को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 103.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 86.67 रुपये है। मुंबई में आज पेट्रोल के भाव 109.98 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.14 रुपये प्रति लीटर है। चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल का भाव 101.40 रुपये और एक लीटर डीजल का भाव 91.43 रुपये है। कोलकाता में आज पेट्रोल 104.67 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.79 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।

दिल्ली से ही सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 95.29 रुपये और डीजल की कीमत 86.80 रुपये प्रति लीटर है। गाजियाबाद के अलावा एनसीआर में ही आने वाले गुरुग्राम में भी पेट्रोल और डीजल के दाम दिल्ली से कम हैं। गुरुग्राम में पेट्रोल 95.90 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.11 रुपये प्रति लीटर है।


LPG सिलेंडर से लेकर पेट्रोल-डीजल तक सस्ता कर सकती है सरकार!

हर महीने की 1 तारीख को कमर्शियल और घरेलू सिलेंडरों के नए रेट जारी किए जाते हैं। इस बार 1 दिसंबर को होने वाली समीक्षा में पूरी संभावना है कि सिलेंडर के घटेंगे। ऐसा इसलिए कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम हुईं हैं।

नई दिल्ली: जल्द ही पेट्रोल डीजल और एलपीजी सिलेंडर्स के दाम सरकार द्वारा घटाने की घोषणा की जा सकती है। आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम पांच रुपये प्रति लीटर तक कम हो सकते हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों ने वैश्विक हालत के चलते कच्चे तेल के दाम में आई बड़ी गिरावट के बाद ये अनुमान लगाए हैं।



हर महीने की 1 तारीख को कमर्शियल और घरेलू सिलेंडरों के नए रेट जारी किए जाते हैं। इस बार 1 दिसंबर को होने वाली समीक्षा में पूरी संभावना है कि सिलेंडर के घटेंगे। ऐसा इसलिए कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम हुईं हैं।

आईआईएफएल सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसीडेंट (करेंसी व एनर्जी रिसर्च) अनुज गुप्ता ने हिन्दुस्तान को बताया कि कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के डेल्टा से ज्यादा संक्रामक होने की खबर से पुरी दुनिया एहतियात बरत रही है। इसके चलते दुनियाभर के देश एक बार फिर से हवाई यात्रा पर प्रतिबंध समेत लॉकडाउन का सहारा ले रहे हैं। इसके चलते शुक्रवार को कच्चे तेल का दाम एक दिन में करीब 12 फीसदी टूटकर 72 डॉलर प्रति बैरल तक लुढ़क गया।

अगर आने वाले दिनों में ओमिक्रोन से खतरा बढ़ता है तो दुनियाभर के देश सख्ती बढ़ाएंगे। ये कच्चे तेल की मांग को कम करने का काम करेगा। 


वहीं, वैश्विक दवाब के बाद 2 दिसंबर को होने वाली ओपेक देशों की बैठक में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर फैसला हो सकता है। ऐसे कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ने और मांग कम होने से कीमत में कमी आना तय है। अगर, कच्चा तेल 72 डॉलर के आसपास भी रहता है तो भारतीय बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम पांच रुपये तक कम हो जाएंगे।


किसानों को लग सकता है झटका, MSP पर कानून बनाना संभव नहीं!

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद शुक्रवार को कहा कि मिनिमम सपोर्ट प्राइज (एमएसपी) की गारंटी देने वाला कानून बनाना संभव नहीं है, क्योंकि यदि किसानों के उत्पाद को कोई दूसरा नहीं खरीदता है तो सरकार पर ऐसा करने का दबाव बनेगा।


नई दिल्ली: तीनों कृषि विधेयकों को केंद्र द्वारा वापस लेने के बाद जहां किसान इसे अपनी जीत बता रहे हैं तो वहीं किसानों को भी एक बड़ी हार का सामना करन पड़ सकता है। दरअसल, किसान अब एमएसपी एक्ट लाने की जिद पर अड़े हैं और इस कानून को केंद्र शायद ही लाये।

दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद शुक्रवार को कहा कि मिनिमम सपोर्ट प्राइज (एमएसपी) की गारंटी देने वाला कानून बनाना संभव नहीं है, क्योंकि यदि किसानों के उत्पाद को कोई दूसरा नहीं खरीदता है तो सरकार पर ऐसा करने का दबाव बनेगा।

किसानों की ओर से एमएसपी कानून की मांग को लेकर जब खट्टर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ''अब तक इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। कृषि अर्थशास्त्रियों के भी अलग-अलग विचार हैं। इस पर कानून बनाना संभव नहीं लगता है। एमएसपी पर कानून संभव नहीं है, क्योंकि यदि ऐसा किया जाता है तो सरकार पर यह जिम्मेदारी आ जाएगी कि यदि कोई उनके उत्पाद को कोई नहीं खरीदता है तो सरकार को ऐसा करना पड़ेगा।''

खट्टर ने आगे कहा, ''सरकार को इतनी आवश्यकता नहीं है और इस पर सिस्टम बनाना भी संभव नहीं है। हम आवश्यकता के मुताबिक ही खरीद कर सकते हैं।'' खट्टर ने शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में उनके आवास पर मुलाकात की। बैठक के बाद खट्टर ने ट्वीट करके बताया कि हरियाणा में विकास योजनाओं के अलावा कई मुद्दों पर उनकी बात हुई।


RBI ने SBI पर फिर से लगाया 1 करोड़ का जुर्माना, पढ़िए क्यों

एक बार से एसबीआई पर उसके द्वारा लापरवाही बरतने पर के केंद्रीय बैंक यानी कि आरबीआई ने जुर्माना एक करोड़ का जुर्माना लगाया है। इससे पहले भी आरबीआई ने अक्टूबर में भी एसबीआई पर एक करोड़ का ही जुर्माना लगाया था।

नई दिल्ली: एक बार से एसबीआई पर उसके द्वारा लापरवाही बरतने पर के केंद्रीय बैंक यानी कि आरबीआई ने जुर्माना एक करोड़ का जुर्माना लगाया है। इससे पहले भी आरबीआई ने अक्टूबर में भी एसबीआई पर एक करोड़ का ही जुर्माना लगाया था।

फिलहाल आरबीआई ने नियामकीय अनुपालन में कमी को लेकर एसबीआई पर एक करोड़ का  जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक के अनुसार वित्तीय स्थिति के संदर्भ में 31 मार्च 2018 और 31 मार्च 2019 के बीच एसबीआई के निगरानी संबंधी मूल्यांकन को लेकर वैधानिक निरीक्षण किया गया था।

आदेश के अनुसार जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट की जांच, निरीक्षण रिपोर्ट में बैंकिंग विनियमन अधिनियम के एक प्रावधान का उल्लंघन पाया गया। एसबीआई ने उधारकर्ता कंपनियों के मामले में कंपनियों की चुकता शेयर पूंजी के तीस प्रतिशत से अधिक की राशि शेयर गिरवी के रूप में रखा था। आरबीआई ने इसके बाद इस मामले में एसबीआई को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। बैंक के जवाब पर विचार करने के बाद जुर्माना लगाने का निर्णय किया गया।

बता दें कि आरबीआई ने अक्टूबर में भी एसबीआई पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। धोखाधड़ी के वर्गीकरण और सूचना दिए जाने के संबंध में कॉमर्शियल बैंकों द्वारा केंद्रीय बैंक की ओर से जारी निर्देशों का पालन नहीं करने की वजह से यह जुर्माना लगाया गया था। 


Good News: घट गए हैं प्लेटफॉर्म टिकट के दाम, अब 10 रुपए में ही मिलेगा

आज से मध्य रेलवे द्वारा प्लेटफॉर्म टिकेट के दाम घटाकर पहले की तरह 10 रुपए ही कर दिया गया है। कोरोना को लेकर स्थिति सामान्य होते ही रेलवे ने मुरादाबाद रेल मंडल के सभी स्टेशनों पर 2 साल बाद प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत को 30 रुपए से घटाकर 10 रुपए कर दिया है।


नई दिल्ली: आज से मध्य रेलवे द्वारा प्लेटफॉर्म टिकेट के दाम घटाकर पहले की तरह 10 रुपए ही कर दिया गया है। कोरोना को लेकर स्थिति सामान्य होते ही रेलवे ने मुरादाबाद रेल मंडल के सभी स्टेशनों पर 2 साल बाद प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत को 30 रुपए से घटाकर 10 रुपए कर दिया है। 

सीनियर डीसीएम मुरादाबाद रेल मंडल सुधीर सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान हमने रेलवे प्लेटफॉर्म में लोगों की भीड़ को कम करने के लिए प्लेटफॉर्म टिकट की क़ीमत बढ़ाई थी। आज से हमने मुरादाबाद के सभी रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट की क़ीमत को 10 रुपए कर दिया है।


मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति, जानिए कितनी है संपत्ति

काफी लंबे से एशिया के सबसे अमीर शख्स के रूप में विराजमान रहे भारतीय उद्योगपति मुकेश अम्बानी को भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी ने ही पीछे छोड़ते हुए अमीरी के मामले में एशिया के नंबर 1 शख्स बन गए हैं।

नई दिल्ली: काफी लंबे से एशिया के सबसे अमीर शख्स के रूप में विराजमान रहे भारतीय उद्योगपति मुकेश अम्बानी को भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी ने ही पीछे छोड़ते हुए अमीरी के मामले में एशिया के नंबर 1 शख्स बन गए हैं।


गौतम अडानी ने मुकेश अंबानी को पछाड़ते हुए एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब हासिल किया है। बता दें कि मुकेश अंबानी की एक कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज शेयर बाजार में लिस्टेड है। वहीं, गौतम अडानी की कुल छह कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। 


हालांकि, दौलत आंकने वाली वेबसाइट ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स ने अरबपतियों की रैंकिंग को अपडेट नहीं किया है। वेबसाइट पर अब भी मुकेश अंबानी एशिया के सबसे दौलतमंद अरबपति बने हुए हैं। 

मुकेश अंबानी की दौलत 91 बिलियन डॉलर है और वह फिलहाल दुनिया के 12वें सबसे रईस अरबपति हैं। वहीं, गौतम अडानी की दौलत 88.8 बिलियन डॉलर के स्तर पर है। गौतम अडानी की रैंकिंग 13वीं है। ब्लूमबर्ग की वेबसाइट संभवतः अगले 24 घंटे में अपडेट हो जाएगी।


फिलहाल रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर भाव- 2350.90 रुपए (1.48 फीसदी नुकसान) है। वहीं, मार्केट कैपिटल 14 लाख 91 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा है। 

जबकि, गौतम अदाणी की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर भाव- 1754.65 रुपए (2.76 फीसदी बढ़त), मार्केट कैपिटल- 1,92,978 करोड़ रुपए, अडानी टोटल शेयर भाव-1648.35 रुपए (1.58 फीसदी नुकसान), मार्केट कैपिटल-1,81,287 करोड़ रुपए , अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर भाव- 1387.70 रुपए (1.37 फीसदी नुकसान), मार्केट कैपिटल- 2,17,038 करोड़ रुपए, अडानी पोर्ट के शेयर भाव-762.75 रुपए (4.59 फीसदी बढ़त), मार्केट कैपिटल- 1,55,734 करोड़ रुपए, अडानी पावर के शेयर भाव- 105.95 रुपए (0.05 फीसदी बढ़त), मार्केट कैपिटल-40,864 करोड़ रुपए और अडानी ट्रांसमिशन के  शेयर भाव-1924.45 रुपए (0.85 नुकसान), मार्केट कैपिटल- 2,11,652 करोड़ रुपए है।


खुशखबरी! अगले 10 दिनों में और कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, भारत सरकार करने जा रही ये काम

केंद्र सरकार ने अपने इंसरजेंसी स्ट्रैटजिक रिजर्व से 5 मिलियन बैरल कच्चा तेल बाजार में बेचने का फैसला लिया है। सरकार के इस कदम से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीदें है।

नई दिल्ली: अगले 10 से 15 दिनों के अंदर पेट्रोल और डीजल के दामों में और कमीं आने की उम्मीद है। दरअसल, केंद्र सरकार ने अपने इंसरजेंसी स्ट्रैटजिक रिजर्व से 5 मिलियन बैरल कच्चा तेल बाजार में बेचने का फैसला लिया है। सरकार के इस कदम से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीदें है।

विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत के पास 38 मिलियन बैरल कच्चा तेल का रिजर्व है जो देश के पूरब और पश्चिम कोस्टल एरिया में अंडरग्राउंड स्टोर कर रखा गया है। जिसमें से 5 मिलियन बैरल तेल अगले 7 से 10 दिनों के भीतर बाजार में उतारा जाएगा।

बताते चलें कि इससे पहले अमेरिका, जापान, चीन समेत कुछ और देशों ने भी कच्चे तेल की बढ़ती कीमत के मद्देनजर अपने रणनीतिक रिजर्व से कच्चा तेल बाजार में बेचने का फैसला किया है। इन देशों के इस फैसले के बाद से कच्चे तेल की बढ़ती कीमत पर लगाम भी लगी है। केंद्र सरकार अपने Strategic Reserve में स्टोर कर रखा गया ये कच्चा तेल मैंगलोर रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स और हिदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को बेचेगी जिनकी रिफाइनरी इन रिजर्व से पाईपलाइन के जरिये जुड़ी हुई है।

आवश्यकता पड़ने पर केंद्र कच्चे तेल को बेच सकती है ताकि आम लोगों को कम दामों पर डीजल और पेट्रोल मिल सके।


190 'भारत गौरव ट्रेन' चलाएगी भारत सरकार, यात्रियों को मिलेगी ये सुविधाएं

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे 190  'भारत गौरव ट्रेन' चलाने की तैयारी कर रही है। इन ट्रेनों में यात्रियों को तमाम तरीके की सुविधाएं दी जाएगी।  मिली जानकारी के मुताबिक, रेलवे मालगाड़ी और यात्री गाडि़यों के अलावा पर्यटन क्षेत्र को समर्पित एक तीसरे अनुभाग की शुरुआत कर रहा है। इसके तहत करीब 190 थीम आधारित ट्रेनें चलाई जाएंगी। इन्हें 'भारत गौरव ट्रेन' नाम दिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को यह जानकारी दी। रेल मंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इन ट्रेनों का संचालन निजी क्षेत्र और आइआरसीटीसी, दोनों ही कर सकते हैं। 


उन्होंने कहा, ये नियमित ट्रेनें नहीं हैं, जो समय-सारणी के हिसाब से चलें। हमने इन थीम-आधारित ट्रेनों के लिए 3,033 रेल डिब्बों या 190 ट्रेनों की पहचान की है। यात्री और मालगाड़ी अनुभाग के बाद हम भारत गौरव ट्रेनों के लिए पर्यटन सेगमेंट शुरू कर रहे हैं। ये ट्रेनें भारत की संस्कृति और धरोहर को दर्शाएंगी। हमने आज से उनके लिए आवेदन मंगाना शुरू कर दिया है।


उन्होंने कहा कि भारत गौरव ट्रेनों के लिए फिलहाल आइसीएफ कोचों को चिह्नित किया गया है। लेकिन भविष्य में मांग के आधार पर वंदे भारत, विस्टा डोम और एलएचबी कोचों को भी शामिल किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति से लेकर सोसाइटी, ट्रस्ट, टूर आपरेटर या यहां तक कि राज्य सरकार इन ट्रेनों के लिए आवेदन कर सकती है। इन ट्रेनों को विशेष पर्यटन सर्किट में थीम के आधार पर चलाना होगा।

वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह विचार रखा और थीम पर आधारित ट्रेनों का सुझाव दिया, ताकि देश की जनता भारत की धरोहर को समझ सके और उसे आगे बढ़ा सके।


केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इन ट्रेनों का किराया व्यावहारिक रूप से यात्रा संचालक तय करेंगे, लेकिन रेलवे सुनिश्चित करेगा कि भाड़े में विसंगतियां नहीं हों। उन्होंने कहा कि ओडिशा, राजस्थान, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों की सरकारों ने इन ट्रेनों में रुचि दिखाई है। 

वैष्णव ने आगे कहा कि पर्यटन क्षेत्र के पेशेवरों का उपयोग पर्यटन सर्किटों को विकसित करने और भारत की विशाल पर्यटन क्षमता का दोहन करने के लिए थीम-आधारित ट्रेनों को चलाने में किया जाएगा।


आज देश का बैंकिंग सेक्टर बहुत मज़बूत स्थिति में है: PM मोदी

इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने बीते 6-7 वर्षों में बैंकिंग सेक्टर में जो सुधार किए, बैंकिंग सेक्टर का हर तरह से सपोर्ट किया, उस वजह से आज देश का बैंकिंग सेक्टर बहुत मज़बूत स्थिति में है।

नई दिल्ली: आज पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में 'निर्बाध ऋण प्रवाह और आर्थिक विकास के लिए तालमेल बनाने' पर आयोजित किए गए सम्मेलन में शिरकत की। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने बीते 6-7 वर्षों में बैंकिंग सेक्टर में जो सुधार किए, बैंकिंग सेक्टर का हर तरह से सपोर्ट किया, उस वजह से आज देश का बैंकिंग सेक्टर बहुत मज़बूत स्थिति में है। 

उन्होंने आगे कहा कि हम IBC जैसे रिफॉर्म्स लाए, अनेक क़ानूनों में सुधार किए, ऋण वसूली न्यायाधिकरण को सशक्त किया। कोरोना काल में देश में एक समर्पित स्ट्रेस्ड एसेट मैनेजमेंट वर्टिकल का गठन भी किया गया। आज भारत के बैंकों की ताकत इतनी बढ़ चुकी है कि वो देश की इकॉनॉमी को नई ऊर्जा देने में, एक तेज़ी से आगे में, भारत को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। मैं इस चरण को भारत के बैंकिंग सेक्टर का एक बड़ा माइलस्टोन मानता हूं।

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पीएम ने आगे कहा कि आप स्वीकृति देने वाले हैं और सामने वाला आवेदक, आप दाता हैं और सामने वाला याचक, इस भावना को छोड़कर अब बैंकों को पार्टनरशिप का मॉडल अपनाना  होगा। आप सभी PLI स्कीम के बारे में जानते हैं। इसमें सरकार भी कुछ ऐसा ही कर रही है। जो भारत के मैन्यूफैक्चर्स हैं, वो अपनी कपैसिटी कई गुना बढ़ाएं, खुद को ग्लोबल कंपनी में बदलें, इसके लिए सरकार उन्हें प्रॉडक्शन पर इंसेटिव दे रही है। 

पीएम मोदी ने आगे कहा कि बीते कुछ समय में देश में जो बड़े-बड़े परिवर्तन हुए हैं, जो योजनाएं लागू हुई हैं, उनसे जो देश में डेटा का बड़ा पूल क्रिएट हुआ है, उनका लाभ बैंकिंग सेक्टर को जरूर उठाना चाहिए। आज कॉर्पोरेट्स और स्टार्ट-अप जिस स्केल पर आगे आ रहे हैं, वो अभूतपूर्व है। ऐसे में भारत की आकांक्षाओं को मज़बूत करने का, फंड करने का, उनमें इन्वेस्ट करने का इससे बेहतरीन समय क्या हो सकता है।


दिल्ली में कल से होगी शराब की किल्लत, आज रात से बंद हो जाएंगी 600 शराब की दुकानें

दिल्ली सरकार औपचारिक रूप से राजधानी में संचालित होने वाली शराब की करीब 600 सरकारी खुदरा दुकानें बंद करने के साथ ही मंगलवार की रात से इस व्यापार को अलविदा कह रही है।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 17 नवंबर (बुधवार सुबह) से लागू होने जा रही नई आबकारी नीति (Delhi Excise Policy 2021-22) के तहत शराब की सभी खुदरा दुकानों का संचालन अब निजी हाथों में होगा। दिल्ली सरकार औपचारिक रूप से राजधानी में संचालित होने वाली शराब की करीब 600 सरकारी खुदरा दुकानें बंद करने के साथ ही मंगलवार की रात से इस व्यापार को अलविदा कह रही है।


आबकारी विभाग के सूत्रों ने आशंका जताई है कि दिल्ली में शराब की सरकारी खुदरा दुकानें बंद होने के कारण दिल्ली में शराब की कमी हो सकती है क्योंकि सभी 850 निजी दुकानें बुधवार से काम करना शुरू कर देंगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है।

उन्होंने बताया कि सभी 32 जोन के आवेदकों को लाइसेंस दिया जा चुका है, लेकिन नई आबकारी नीति के तहत पहले दिन से करीब 300-350 दुकानों के काम करने की संभावना है।

सूत्रों ने बताया कि करीब 350 दुकानों को प्रोविजनल लाइसेंस जारी किया गया है। 200 से ज्यादा ब्रांड 10 होलसेल लाइसेंस धारकों के साथ पंजीकृत हैं और उन्होंने अभी तक विभिन्न ब्रांड की नौ लाख लीटर शराब खरीदी है। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि धीरे-धीरे सभी 850 शराब की दुकानें संचालित होने लगेंगी और और फिर कोई कमी नहीं रहेगी।

अधिकारियों ने बताया कि ऐसा पहली बार होगा जब दिल्ली में शराब की सभी सरकारी दुकानें बंद होंगी और यह पूरा व्यापार निजी हाथों में चला जाएगा। दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के तहत निजी तौर पर चलने वाली 260 दुकानों समेत सभी 850 शराब की दुकानें खुली निविदा के जरिए निजी फर्मों को दी गई हैं।

निजी शराब की दुकानें 30 सितंबर को पहले ही बंद हो चुकी थीं, और जो भी सरकारी दुकानें डेढ़ महीने की ट्रांजिशन अवधि में काम कर रही थीं, वे भी मंगलवार रात से अपना कारोबार खत्म कर देंगी। नए लाइसेंस धारक बुधवार (17 नवंबर) से शहर में शराब की खुदरा बिक्री शुरू करेंगे।


यात्रीगण कृपया ध्यान दें! अगले 7 दिनों तक टिकट बुकिंग सेवा रहेगी प्रभावित, जानिए क्या होगा समय

रेलवे मंत्रालय की ओर से जरूरी सूचना जारी की गई है। बताया गया है 14 नवंबर की मध्यरात्रि से अगले सात दिन ट्रेन की टिकट बुकिंग प्रभावित रहेगी।

नई दिल्ली: अगले सात दिनों तक रेल टिकट बुकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इस दौरान आईआरसीटीसी की वेबसाइट भी प्रॉपर नहीं चलेगी और टिकट बुकिंग करने में दिक्कतें आएंगी। हालांकि, ये दिक्कतें सिर्फ रात्रि के समय ही रहेंगी।


रेलवे मंत्रालय की ओर से जरूरी सूचना जारी की गई है। बताया गया है 14 नवंबर की मध्यरात्रि से अगले सात दिन ट्रेन की टिकट बुकिंग प्रभावित रहेगी। ऐसा यात्री सेवाओं को सामान्य करने और पूर्व-कोविड स्तरों पर चरणबद्ध तरीके से वापस लौटने के लिए किया जा रहा है। 

रेल मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, 14 और 15-नवंबर की मध्यरात्रि से 20 और 21 नवंबर की रात तक ट्रेन की टिकट बुकिंग प्रभावित रहेगी। रात 23:30 बजे से सुबह 05:30 बजे तक 6 घंटे के लिए ट्रेन की टिकट बुकिंग नहीं हो पाएगी।

मंत्रालय के मुताबिक, इन 6 घंटों (23:30 से 05:30 बजे तक) की अवधि के दौरान कोई पीआरएस सेवाएं (टिकट आरक्षण, वर्तमान बुकिंग, रद्दीकरण, पूछताछ सेवाएं आदि) उपलब्ध नहीं होंगी। पीआरएस सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी पूछताछ सेवाएं जारी रहेंगी। 


यात्रीगण कृपया ध्यान दें! अब ट्रेनों में लगेगा कम किराया, जानिए क्या है वजह

कोरोना वायरस में कमी आने के बाद चलाई गई स्पेशल ट्रेनों के संचालन को रेल मंत्रालय ने बन्द करने का निर्णय लिया है। इन स्पेशल ट्रेनों में यात्रा करने का किराया 30 फीसदी अधिक होता था जो अब यात्रियों को नहीं चुकाना पड़ेगा।

नई दिल्ली: कोरोना वायरस में कमी आने के बाद चलाई गई स्पेशल ट्रेनों के संचालन को रेल मंत्रालय ने बन्द करने का निर्णय लिया है। इन स्पेशल ट्रेनों में यात्रा करने का किराया 30 फीसदी अधिक होता था जो अब यात्रियों को नहीं चुकाना पड़ेगा।


शुक्रवार देर शाम रेलवे बोर्ड ने एक सर्कुलर जारी किया। जारी सर्कुलर के मुताबिक, ट्रेनों के प्रकार और यात्रा को लेकर नए दिशा-निर्देशों के साथ नियमित किराए का संचालन किया जाएगा। ऐसी ट्रेनों की दूसरी श्रेणी विशेष मामले में किसी भी छूट को छोड़कर आरक्षित के रूप में चलती रहेगी।


रेलवे के एक अधिकारी ने कहा,  इन स्पेशल ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को 30% अतिरिक्त किराए का भुगतान करना होगा। कोविड के मामले नियंत्रण में होने के साथ मंत्रालय ने शुक्रवार की बैठक में प्री-कोविड (कोरोना से पहले) ट्रेनों के अनुसार ट्रेनों को फिर से शुरू करने का फैसला किया है।


कोविड-19 महामारी से पहले लगभग 1700 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही थीं लेकिन महामारी के कारण इन ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा था। जब से कोविड-19 महामारी ने देश को प्रभावित किया है, तब से भारतीय रेलवे पूरे देश में पूर्ण आरक्षण के साथ विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहा है। इन विशेष ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को सामान्य ट्रेनों की तुलना में 30 प्रतिशत अतिरिक्त किराया देना पड़ता था।


क्यों मोदी सरकार पेट्रोल डीजल के दामों को नहीं ला रही जीएसटी के अंदर, नितिन गडकरी ने बताई ये वजह

नितिन गडकरी ने कहा है कि कुछ राज्य GST के तहत फ्यूल लाने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, हालांकि केंद्र इस विचार के समर्थन को तैयार है। केंद्र सरकार ने यह प्रस्ताव रखा है। लेकिन कुछ राज्य अभी तक इसके विरोध में हैं। वित्तमंत्री इस मसले पर काम कर रहे हैं। अगर सभी राज्य इसे लेकर सहमत होते हैं तो हम भी समर्थन करेंगे।

नई दिल्ली: बेशक केंद्र सरकार ने पेट्रोल डीजल के उत्पाद शुल्क में तेल के दाम कम करने के प्रयास किए हैं लेकिन अभी भी पेट्रोल डीजल के दाम पहले की अपेक्षा बढ़े ही हुए हैं। ऐसे में आमजन भी अब यह सवाल उठा रहे हैं कि अन्य वस्तुओं की तरह पेट्रोल डीजल के दाम में क्यों कटौती नहीं की जा रही है? इसका जवाब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिया है।

एक निजी समाचार चैनल के कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि कुछ राज्य GST के तहत फ्यूल लाने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, हालांकि केंद्र इस विचार के समर्थन को तैयार है। केंद्र सरकार ने यह प्रस्ताव रखा है। लेकिन कुछ राज्य अभी तक इसके विरोध में हैं। वित्तमंत्री इस मसले पर काम कर रहे हैं। अगर सभी राज्य इसे लेकर सहमत होते हैं तो हम भी समर्थन करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि तेल को GST के तहत लाने से पेट्रोल और डीजल आदि की कीमत में कमी आएगी। इस कदम से राजस्व भी बढ़ेगा और राज्यों को भी फायदा पहुंचेगा। हालांकि गडकरी ने GST के तहत फ्यूल को लाने के प्रस्ताव के विरोध करने वाले राज्यों का नाम नहीं लिया।

उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क को कम करके सकारात्मक पहल की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि केंद्र के इस पहल के बाद राज्य भी उत्पाद शुल्क में कमी करेंगे।

वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर उन्होंने कहा है कि दो सालों में ईवी सस्ती हो जाएंगी। हम इथेनॉल को अपना रहे हैं, फ्लेक्स इंजन की ओर बढ़ रहे हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों पर बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं। इससे प्रदूषण में कमी आएगी। फ्यूल का आयात कम होगा और बहुत से लोगों को रोजगार मिलेगा।


RBI की रिटेल डॉयरेक्ट स्कीम को PM मोदी ने किया लॉन्‍च, शिकायत के लिए होगा लोकपाल पोर्टल, आम आदमी को मिलेगा यह फायदा

इस मौके पर PM मोदी ने कहा कि रिटेल डायरेक्‍ट स्‍कीम (RDG) के आने से निवेशकों के बड़े वर्ग को निवेश का एक और प्‍लेटफॉर्म मिल गया है। खासकर छोटे निवेशक इससे ज्‍यादा लाभान्वित होंगे। वहीं एकीकृत लोकपाल योजना ग्राहकों के हितों की रक्षा करने वाली है।

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने आज यानि शुक्रवार को RBI की दो स्‍कीमों को लॉन्‍च किया। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पीएम ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की खुदरा प्रत्यक्ष योजना  और रिजर्व बैंक-एकीकृत लोकपाल योजना  की शुरुआत की। बता दें कि ये योजनाएं कस्‍टमर सेंट्रिक पहल  के तहत शुरू की गई हैं।

इस मौके पर PM मोदी ने कहा कि रिटेल डायरेक्‍ट स्‍कीम (RDG) के आने से निवेशकों के बड़े वर्ग को निवेश का एक और प्‍लेटफॉर्म मिल गया है। खासकर छोटे निवेशक इससे ज्‍यादा लाभान्वित होंगे। वहीं एकीकृत लोकपाल योजना ग्राहकों के हितों की रक्षा करने वाली है।

इस मौके पर वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मौके पर कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की Retail Direct scheme से निवेशकों को बड़ा फायदा होगा। यह निवेश का सरल और सहज माध्‍यम है। सरकारी सिक्‍योरिटी में सीधे निवेश के ऑप्‍शन से रिटेल निवेशकों को एक और मौका मिलेगा। सीतारमण ने कहा-मैं इस इनिशिएटिव की शुरुआत के लिए RBI का धन्‍यवाद करती हूं।

कैसे खुलेगा खाता

कोई भी निवेशक ऑनलाइन सरकारी प्रतिभूति खाते आसानी से खोल सकते हैं और उन प्रतिभूतियों का रख-रखाव कर सकते हैं। यह सेवा पूरी तरह से मुफ्त होगी।

क्‍या है एकीकृत लोकपाल योजना

PM मोदी ने कहा कि एकीकृत लोकपाल योजना को ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने के लिए शुरू किया गया है। इसमें बैंकिंग या दूसरी संस्थाओं के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने नियम बनाए हैं। इस योजना को एक राष्ट्र-एक लोकपाल  की अवधारणा पर लाया गया है।



यात्रीगण कृपया ध्यान दें! छठ पूजा कर लौटने वालों के लिए रेलवे ने यूपी-बिहार से चलाई कई स्पेशल ट्रेनें

रेलवे ने लोगों को बड़ी खुशखबरी देते हुए एक दर्जन से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने जा रही है, ताकि लोगों को छठ महापर्व के बाद अपने गणत्व्य तक पहुंचने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

नई दिल्ली: आज बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश समेत देश के तमाम हिस्सों में छठ महापर्व का समापन हो गया है। भारी संख्या में लोग अपने घर पहुंचे थे लेकिन उन्हें वापस अपने कारबार पर लौटने के लिए तकलीफों का सामना न करना पड़े इसलिए भारतीय रेलवे ने लोगों को बड़ी खुशखबरी देते हुए एक दर्जन से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने जा रही है, ताकि लोगों को छठ महापर्व के बाद अपने गणत्व्य तक पहुंचने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ये ट्रेने पूर्व-मध्य रेल और उत्तर रेलवे के विभिन्न स्टेशनों से नई दिल्ली, पंजाब और पश्चिम बंगाल के लिए चलाई जा रही हैं। इसमें मुजफ्फरपुर- आनंद विहार टर्मिनस, रक्सौल-आनंद विहार टर्मिनस और दानापुर से हावड़ा के लिए ट्रेन शामिल है। बता दें कि ये स्पेशल ट्रेन पूर्व से चलायी जा रही फेस्टिवल स्पेशल के अतिरिक्त हैं। रेलवे ने इन ट्रेनों के परिचालन को लेकर सभी तरह की जानकारी साझा की है। इन ट्रेनों का होगा परिचालन:

03358 दानापुर-हावड़ा छठ स्पेशल

दानापुर-हावड़ा छठ स्पेशल का परिचालन 12.11.2021 को किया जाएगा । दानापुर से यह ट्रेन 14.30 बजे प्रस्थान कर पटना, बख्तियारपुर, मोकामा, किऊल, झाझा स्टेशन पर रूकते हुए 13.11.2021 को 2.00 बजे हावड़ा पहुंचेगी।


03695 राजगीर-आनंद विहार टर्मिनस

राजगीर-आनंद विहार टर्मिनस का परिचालन 13.11.2021 और 16.11.2021 को किया जाएगा । राजगीर से यह ट्रेन 14.45 बजे प्रस्थान कर बिहार शरीफ, बख्तियारपुर, पटना, आरा, बक्सर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन हगोते हुए अगले दिन 10.30 बजे आनंद विहार टर्मिनस पहुंचेगी।

03764 रक्सौल-सियालदह

रक्सौल-सियालदह फेस्टिवल स्पेशल का परिचालन दिनांक 14.11.2021 को किया जाएगा। रक्सौल से यह ट्रेन 21.00 बजे प्रस्थान कर घोड़ासाहन, बैरगनिया, सीतामढ़ी, जनकपुर रोड, कमतौल, दरभंगा, समस्तीपुर, दलसिंह सराय, बरौनी जंक्शन, किउल, झाझा, जसीडीह, मधुपुर से होते हुए सियालदह पहुंचेगी।


05583 बनमनखी-अमृतसर

बनमनखी-अमृतसर फेस्टिवल स्पेशल का परिचालन दिनांक 12.11.2021, 16.11.2021 और 20.11.2021 को किया जाएगा। बनमनखी से यह ट्रेन 06.30 बजे प्रस्थान कर मुरलीगंज, दौरभ मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय, बरौनी, शाहपुर पटोरी, हाजीपुर स्टेशनों से होते हुए अगले दिन 17.00 बजे अमृतसर पहुंचेगी।

05755 कटिहार-जम्‍मूतवी

कटिहार-जम्‍मूतवी स्‍पेशल ट्रेन दिनांक 12.11.2021 को कटिहार से रात्र 12.15 बजे प्रस्‍थान कर खगड़िया, बेगुसराय, बरौनी, हाजीपुर, छपरा, गोरखपुर, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, यमुनानगर जगाधरी, अम्‍बाला, सरहिंद जं, लुधियाना जं, जलंधर छावनी और पठानकोट छावनी होते हुए अगले दिन 10.10 बजे जम्‍मूतवी पहुंचेगी।


दिल्ली-पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन की सीएम केजरीवाल से गुहार, VAT कम कर दो सरकार

केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों से उत्पाद शुल्क की कटौती तो कर दी है लेकिन गैर कांग्रेसी राज्यों द्वारा अभी तक पेट्रोल डीजल के दाम नहीं किए गए हैं। इस बीच आज दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल से पेट्रोल डिजल पर वैट कम करने की अपील की है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों से उत्पाद शुल्क की कटौती तो कर दी है लेकिन गैर कांग्रेसी राज्यों द्वारा अभी  तक पेट्रोल डीजल के दाम नहीं किए गए हैं। इस बीच आज दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल से पेट्रोल डिजल पर वैट कम करने की अपील की है।

दिल्ली-पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग नारायण ने कहा है कि हम अरविंद केजरीवाल से अनुरोध करना चाहते हैं कि आप बाकी जगह भी चुनाव लड़ने जा रहे हैं तो दिल्ली में सबसे ज़्यादा VAT कम करके दिल्ली का उदाहरण दें। इससे हमारी सेल दूसरे राज्यों में नहीं जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि हमारी सेल आधी हो गई है। दिल्ली बहुत छोटी जगह है, कोई भी आदमी आसानी से 15 किलोमीटर जाकर गुडगांव या नोएडा से तेल भरवा लेगा। हमें बहुत भारी नुकसान होना शुरू हो गया है।


नोटबन्दी के 5 साल: बड़ा सवाल- 2000 के नोट 'ब्लैक मनी' तो नहीं बन गए?

इस बात की पूरी संभावना है कि इन नोटों की कीमत अधिक होने के कारण काले धन के रूप में जमा किया गया हो।

नई दिल्ली: नोटबन्दी के 5 वर्ष पूरे हो गए हैं और टीम 5 वर्षों में जितनी तेजी के साथ 2000 के नोट मार्केट में आए उतनी तेजी के साथ धीरे-धीरे 2000 के नोट विलुप्त होते गए। आज के तारीख में 2000 के नोट बहुत ही कम देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में अब यह सवाल भी उठ रहे हैं कि कहीं ऐसा तो नहीं कि 2000 के नोट ब्लैक मनी बनकर रह गए हैं? क्योंकि जितने नोट चरण के लिए सरकार द्वारा माचिस में उतारे गए थे वह सारे नोट अभी तक सरकार के पास वापस नहीं पहुंचे हैं। 

दरअसल,पिछले काफी समय से बैंकों में भी 2000 के नोट जमा किए जा रहे हैं लेकिन वापस से मार्केट में नहीं भेजा रहा है। वही हम कुछ एक्सपर्ट यह कयास लगा रहे हैं कि 2000 का नोट अधिक मूल्यवान हो इस वजह से ब्लैक मनी होल्डर्स द्वारा रख लिया गया है और शायद इसलिए ही जितने नोट चलन में सरकार द्वारा लाए गए थे उसने नोट अभी तक सरकार को वापस नहीं मिले हैं।

भारतीय अर्थव्यवस्था में 2,000 रुपये के नोटों की संख्या, 2017-18 की तुलना में करीब एक चौथाई कम हुई है। आपको बता दें कि नोटबंददी के बाद यह 33,630 लाख के अपने चरम पर पहुंच गई थी, जो कि मार्च 2021 में घटकर 24,510 लाख हो गई है। अगर मूल्यों में देखें तो यह उस समय करीब 6.72 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 4.90 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

प्रचलन से हटाए गए 2,000 रुपये के नोटों की संख्या 9,120 लाख है, जिनकी कुल कीमत 1.82 लाख करोड़ रुपये है। इसका मतलब है कि 2,000 रुपये के नोटों की संख्या में 27 फीसदी की गिरावट आई है।

आरबीआई की ताजा सालाना रिपोर्ट इन नोटों के बारे में कुछ नहीं कहती है। जाहिर है, आरबीआई ने 2,000 रुपये के नए नोटों की छपाई बंद कर दी है क्योंकि ये उच्च मूल्य के नोट बैंकों में वापस नहीं आ रहे हैं। एटीएम में भी लोगों को पहले की तरह 2,000 रुपये के नोट नहीं मिल रहे हैं। इस बात की प्रबल संभावना है कि इन नोटों की कीमत अधिक होने के कारण काले धन के रूप में जमा किया गया हो।

नोटबंदी के समय भी काले धन का अनुमान लगभग 4-5 लाख करोड़ रुपये था, जो विशेषज्ञों का मानना ​​था कि यह सिस्टम में वापस नहीं आएगा।

आरबीआई ने बाजार में कम मूल्य के नोटों की संख्या बढ़ा दी है। RBI की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, प्रचलन में बैंकनोटों के मूल्य और मात्रा में क्रमशः 16.8 प्रतिशत और 7.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो कि 2020-21 के दौरान क्रमशः 14.7 प्रतिशत और 6.6 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले 2019-20 के दौरान देखी गई। 


500 रुपये और 2,000 रुपये के बैंक नोटों की हिस्सेदारी 31 मार्च, 2021 तक प्रचलन में बैंकनोटों के कुल मूल्य का 85.7 प्रतिशत थी, जबकि 31 मार्च, 2020 को यह 83.4 प्रतिशत थी। इससे यह साफ है कि 2,000 रुपये के नोट की जगह 500 रुपये के नोट ले रहे हैं। मात्रा के लिहाज से, 500 रुपये के मूल्यवर्ग में 31.1 प्रतिशत की उच्चतम हिस्सेदारी थी।

बैंक नोटों की कुल मात्रा में 500 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोटों की हिस्सेदारी 31 मार्च, 2019 को 19.8 प्रतिशत से बढ़कर 31 मार्च, 2020 तक 25.4 प्रतिशत और 31 मार्च, 2021 को 31.1 प्रतिशत हो गई।


राफेल सौदे में नया 'खुलासा', बिचौलिए सुशेन गुप्ता को दिए गए थे 65 करोड़, सीबीआई और ईडी को भी थी इसकी जानकारी

दरअसल, एक पत्रिका ने खुलासा किया है कि राफेल सौदे के लिए सुशेन गुप्ता नाम के भारतीय बिचौलिए को 65 करोड़ रुपए फ्रांस की कम्पनी दसॉल्ट एविएशन ने डील फाइनल कराने के लिए बतौर रिश्वत दी थी।

नई दिल्ली: एक बार फिर से राफेल घोटाले का जिंद बोतल से बाहर निकल आया है। इस बार जो खुलासा हुआ है उसके मुताबिक, अपराध की जानकारी सीबीआई औ ईडी को भी थी लेकिन दोनों ही एजेंसियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। दरअसल, एक पत्रिका ने खुलासा किया है कि राफेल सौदे के लिए सुशेन गुप्ता नाम के भारतीय बिचौलिए को 65 करोड़ रुपए फ्रांस की कम्पनी दसॉल्ट एविएशन ने डील फाइनल कराने के लिए बतौर रिश्वत दी थी।


फ्रांस की एक ऑनलाइन पत्रिका 'मीडियापार्ट' ने नया दावा किया है। पत्रिका ने फेक इनवॉयस पब्लिश कर दावा किया है कि राफेल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन ने डील कराने के लिए भारतीय बिचौलिए सुशेन गुप्ता को करीब 65 करोड़ रुपए (€7.5 मिलियन) की रिश्वत दी थी और इसकी जानकारी सीबीआई और ईडी को भी थी, मगर उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दस्तावेजों के होने के बावजूद भारतीय एजेंसियों ने मामले को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया। बता दें कि भारत ने फ्रांस से 59000 करोड़ रुपए में 36 राफेल विमान का सौदा किया था। 

पत्रिका ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 'इसमें ऑफशोर कंपनियां, संदिग्ध अनुबंध और फेक चालान शामिल हैं।मीडियापार्ट यह खुलासा कर सकता है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सहयोगियों के पास अक्टूबर 2018 से सबूत हैं कि दसॉल्ट ने बिचौलिए सुशेन गुप्ता को कम से कम 65 करोड़ का सीक्रेट कमीशन भुगतान किया है।' 

पत्रिका के मुताबिक, कथित फेक चालानों ने फ्रांसीसी विमान निर्माता दसॉल्ट एविएशन को भारत के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा सेक्योर करने में मदद करने के लिए गुप्ता को सीक्रेट कमीशन कम से कम 7.5 मिलियन यूरो यानी करीब 65 करोड़ रुपए का भुगतान करने में सक्षम बनाया। हालांकि, इन दस्तावेजों के मौजूद होने के बावजूद भारतीय एजेंसियों ने मामले में दिलचस्पी नहीं दिखाई और जांच शुरू नहीं की।

पांच महीने पहले मीडियापार्ट ने बताया था कि राफेल सौदे में संदिग्ध 'भ्रष्टाचार और पक्षपात' की जांच के लिए एक फ्रांसीसी न्यायाधीश को नियुक्त किया गया था। अप्रैल 2021 की एक रिपोर्ट में ऑनलाइन पत्रिका ने दावा किया कि उसके पास ऐसे दस्तावेज़ हैं, जिसमें दिखाया गया है कि दसॉल्ट और उसके औद्योगिक साझेदार थेल्स (एक रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स फर्म) ने बिचौलिए गुप्ता को राफेल डील के संबंध में 'सीक्रेट कमीशन' में कई मिलियन यूरो का भुगतान किया था।

अप्रैल की रिपोर्ट की मानें तो अधिकांश भुगतान 2013 से पहले किए गए थे। सुशेन गुप्ता से जुड़े एक अकाउंट स्प्रेडशीट के अनुसार, 'डी नाम की एक कंपनी (जो कि एक कोड है, जिसे वह नियमित रूप से दसॉल्ट के लिए उपयोग करता है) ने 2004-2013 की अवधि में सिंगापुर में शेल कंपनी इंटरदेव को 14.6 मिलियन यूरो (125.26 करोड़ रुपये) का भुगतान किया। रिपोर्ट में कहा गया कि इंटरदेव एक शेल कंपनी थी, जो रियल एक्टिविटी में शामिल नहीं थी और इसे गुप्ता परिवार के लिए एक स्ट्रॉमैन (फेक कैंडिडेट) द्वारा चलाया जाता था। बता दें कि शेल कंपनियां वे कम्पनियां होती हैं, जो प्रायः कागजों पर चलती हैं और पैसे का भौतिक लेनदेन नहीं करतीं।

पत्रिका ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि गुप्ता से संबंधित एक अन्य अकाउंट स्प्रैडशीट के अनुसार, जिसमें केवल 2004 से 2008 के दौरान का लेखा-जोखा है, थेल्स ने दूसरी शेल कंपनी को €2.4 मिलियन (करीब 20 करोड़) का भुगतान किया। अप्रैल में ही फ्रांसीसी मीडिया प्रकाशन 'मीडियापार्ट' ने देश की भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी की जांच का हवाला देते हुए खबर प्रकाशित की थी कि राफेल के 50 रिप्लिका मॉडल तैयार करने के लिए 'दसॉल्ट एविएशन ने भारतीय बिचौलिए गुप्ता को 1 मिलियन यूरो की रिश्वत दी थी।

गौरतलब है कि केंद्र की मोदी सरकार ने ने फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल जेट खरीदने के लिए 23 सितंबर, 2016 को 59,000 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कांग्रेस ने विमान की दरों और कथित भ्रष्टाचार सहित इस सौदे को लेकर कई सवाल खड़े किये थे, लेकिन सरकार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया था।


VVIP हेलिकॉप्टर घोटाला: मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड से हटाया बैन, घोटाले का लगा था आरोप

यह कंपनी 3,546 करोड़ रुपए के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में शामिल अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल से जुड़ी फिनमेकेनिका समूह का हिस्सा है। रक्षा मंत्रालय ने कुछ शर्तों के साथ लियोनार्डो एसपीए के साथ व्यापार फिर से शुरू करने का फैसला लिया है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने इटली की रक्षा साजोसामान बनाने वाली कंपनी लिओनार्डो एसपीए के साथ व्यापार सौदों पर लगी रोक को हटाने का बड़ा फैसला लिया है। 

यह कंपनी 3,546 करोड़ रुपए के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में शामिल अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल से जुड़ी फिनमेकेनिका समूह का हिस्सा है। रक्षा मंत्रालय ने कुछ शर्तों के साथ लियोनार्डो एसपीए के साथ व्यापार फिर से शुरू करने का फैसला लिया है।

इटालियन डिफेंस कंपनी लियोनार्डो एसपीए किसी भी पिछले सौदे के लिए कोई व्यावसायिक दावा और भारत सरकार के खिलाफ कोई नागरिक मुकदमा दायर नहीं कर सकता है। इसके अतिरिक्त जो भी व्यापारिक सौदे होंगे उसका उसके पहले के सौदों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 

इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से कथित वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले की चल रही जांच के जारी रहेगी।


12 गैर भाजपा शासित राज्यों में नहीं घटे पेट्रोल-डीजल के दाम, शुरू हुई राजनीति

केंद्र सरकार ने पेट्रोल डीजल के उत्पाद शुल्क में कटौती की जिसके बाद भाजपा शासित राज्यों में तो पेट्रोल डीजल के दाम कम हो गए हैं लेकिन गैर भाजपा शासित राज्यों में अभी भी पेट्रोल डीजल के दाम पहले की ही तरह महंगे हैं। ऐसे में अब एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल के दाम को लेकर राजनीति शुरू हो गई है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेट्रोल डीजल के उत्पाद शुल्क में कटौती की जिसके बाद भाजपा शासित राज्यों में तो पेट्रोल डीजल के दाम कम हो गए हैं लेकिन गैर भाजपा शासित राज्यों में अभी भी पेट्रोल डीजल के दाम पहले की ही तरह महंगे हैं। ऐसे में अब एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल के दाम को लेकर राजनीति शुरू हो गई है।

इन राज्यों में नहीं कम हुए पेट्रोल-डीजल के दाम (गैर भाजपा शासित प्रदेश)

1. दिल्ली
2. पंजाब
3. राजस्थान
4. छत्तीसगढ़
5. महाराष्ट्र
6. झारखंड
7. तमिलनाडु
8. पश्चिम बंगाल
9. केरल
10. ओडिशा
11. तेलंगाना
12. आंध्र प्रदेश


इन राज्यों में कम हुए पेट्रोल डीजल के  दाम (भाजपा शासित प्रदेश)

1. उत्तर प्रदेश
2. बिहार
3. मध्य प्रदेश
4. गुजरात
5. हरियाणा
6. हिमाचल प्रदेश
7. जम्मू कश्मीर
8. कर्नाटक
9. उत्तराखंड
10. लद्दाख
11. चंडीगढ़
12. गोवा
13. असम
14. अरुणाचल प्रदेश
15. सिक्किम
16. त्रिपुरा
17. मणिपुर
18. नगालैंड
19. मिजोरम
20. पुडुचेरी
21. दादर एवं नगर हवेली
22. दमन एवं दीव


गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बीते बुधवार को पेट्रोल-डीजल लागू उत्पाद शुल्क यानी वैट में कटौती की घोषणा की थी। इस फैसले के मुताबिक, पेट्रोल पर लागू उत्पाद शुल्क में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लागू शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई। उसके फौरन बाद भाजपा-शासित राज्यों ने भी स्थानीय वैट की दरों में कटौती कर दी। लेकिन गैर-भाजपा शासित राज्यों में हालात अभी भी वैसे ही हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि यहां भी जल्द जनता को राहत मिलेगी।


पेट्रोल-डीजल के दाम हुए स्थिर, ऐसे जानें अपने शहर में तेल की कीमतें

दिल्ली में आज दिल्ली में पेट्रोल का दाम 103.97 रुपये प्रति लीटर है, वहीं डीजल 86.67 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। मुंबई पेट्रोल 109.98 और डीजल 94.14 रुपये प्रति लीटर व चेन्नई पेट्रोल 101.40 और डीजल 91.43 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता पेट्रोल 104.67 रुपये और डीजल 89.79 रुपये प्रति लीटर के रेट से बिक रहा है।

नई दिल्ली: पेट्रोल डीजल के उत्पाद शुल्क में केंद्र सरकार द्वारा कटौती किए जाने के बाद लगभग सभी राज्य में पेट्रोल और डीजल के दाम कम हो गए हैं। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल के दाम ₹12 घट है। पेट्रोल के दाम अब स्थिर हो चुके हैं और आज भी किसी प्रकार की दामों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि, दिल्ली की केजरीवाल सरकार द्वारा वैट नहीं कम किये गए हैं इसलिए दिल्ली में एनसीआर से महंगा पेट्रोल मिल रहा है।


महानगरों में तेल के दाम

दिल्ली में आज दिल्ली में पेट्रोल का दाम 103.97 रुपये प्रति लीटर है, वहीं डीजल 86.67 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। मुंबई पेट्रोल 109.98 और डीजल 94.14 रुपये प्रति लीटर व  चेन्नई पेट्रोल 101.40 और डीजल 91.43 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता पेट्रोल 104.67 रुपये और डीजल 89.79 रुपये प्रति लीटर के रेट से बिक रहा है। 

ऐसे जानें अपने शहर में तेल की कीमतें

अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना SMS के जरिए भी चेक कर सकते है। इंडियन ऑयल (IOC) के उपभोक्ता RSP<डीलर कोड> लिखकर 9224992249 नंबर पर व एचपीसीएल (HPCL) के उपभोक्ता HPPRICE <डीलर कोड> लिखकर 9222201122 नंबर पर भेज सकते हैं। बीपीसीएल (BPCL) उपभोक्ता RSP<डीलर कोड> लिखकर 9223112222 नंबर पर भेज सकते हैं। 

प्रमुख शहरों में पेट्रोल डीजल के दाम

शहरपेट्रोल (रुपये/लीटर)

डीज़ल (रुपये/लीटर)

श्रीगंगानगर116.34100.53
दिल्ली103.9786.67
मुंबई109.9894.14
चेन्नई101.4091.43
कोलकाता104.6789.79
भोपाल107.2390.87
रांची98.5291.56
बेंगलुरु100.5885.01
पटना105.9091.09
चंडीगढ़94.2380.90
लखनऊ95.2886.80
नोएडा95.5187.01

स्रोत: आईओसी


उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद 17 राज्यों में 100 से नीचे आया पेट्रोल का दाम

पेट्रोल डीजल के दामों में उत्पाद शुल्क में कटौती किये जाने के बाद 17 राज्यों में पेट्रोल 100 से नीचे आ गया है। असम, गुजरात, उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर, गोआ, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार उड़ीसा समेत कई राज्यों में पेट्रोल 19 और डीजल 13.30 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता हो गया है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल डीजल के दामों में उत्पाद शुल्क में कटौती किये जाने के बाद 17 राज्यों में  पेट्रोल 100 से नीचे आ गया है। असम, गुजरात, उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर, गोआ, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार उड़ीसा समेत कई राज्यों में पेट्रोल 19 और डीजल 13.30 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता हो गया है।

कहाँ कितने हुए पेट्रोल-डीजल के दाम कम

कर्नाटक

कर्नाटक में पेट्रोल की कीमतें 3 नवंबर को ₹113.93 से घटाकर ₹100.63 कर दी गईं, जो कि ₹13.30 की कमी है। इसके साथ, डीजल की कीमतें 3 नवंबर को ₹104.50 से घटाकर ₹85.03 कर दी गईं, जो कि ₹19.47 की कमी है।

हरियाणा

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) में 12 रुपये की कटौती की घोषणा की।

गुजरात

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, गुजरात सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) में 7 रुपये प्रति लीटर की कमी की है।

बिहार

बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने गुरुवार को उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए केंद्र द्वारा उत्पादों पर उत्पाद शुल्क में कटौती के एक दिन बाद पेट्रोल और डीजल पर अपनी वैट दर ₹ 3 प्रति लीटर से अधिक कम कर दी। इस आशय की घोषणा मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर की। 

ओडिशा

ओडिशा सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) में 3 रुपये प्रति लीटर की कमी और तटीय राज्य में 5 नवंबर की मध्यरात्रि से इसके कार्यान्वयन की घोषणा की।

अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने गुरुवार को घोषणा की कि उनकी सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर दरों में 5.5 प्रतिशत की कमी की है। संशोधित वैट दरें पूर्वोत्तर राज्य में 5 नवंबर की मध्यरात्रि से लागू होंगी।

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को मूल्य वर्धित कर (वैट) में चार प्रतिशत की कटौती और दो ईंधन पर उपकर में 1.50 रुपये की कटौती की घोषणा की। नतीजतन, राज्य की राजधानी भोपाल में शुक्रवार से पेट्रोल की कीमत 106.86 रुपये और डीजल की कीमत 90.95 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी।

नगालैंड

नागालैंड सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) में 7 रुपये प्रति लीटर की कमी की घोषणा की। केंद्रीय और राज्य करों में कटौती के साथ पूर्वोत्तर राज्य में पेट्रोल 12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 17 रुपये सस्ता हो गया।

चंडीगढ़

चंडीगढ़ प्रशासन ने गुरुवार को 4 नवंबर की मध्यरात्रि से पेट्रोल और डीजल पर वैट में 7 रुपये की कमी की घोषणा की।

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) 2 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 4.60 रुपये कम किया जाएगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में पेट्रोल 12 रुपये प्रति लीटर सस्ता होगा जबकि डीजल भी 17 रुपये प्रति लीटर सस्ता होगा।

जम्मू और कश्मीर

जम्मू-कश्मीर सरकार ने गुरुवार को इनकी कीमतों में अतिरिक्त ₹7 प्रति लीटर की कमी की।सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश में अब पेट्रोल पर 24 प्रतिशत और डीजल पर 16 प्रतिशत मूल्य वर्धित कर (वैट) लगाया जाएगा।

उत्पाद शुल्क कटौती के बाद प्रमुख शहरों में पेट्रोल डीजल के दाम

राजधानीपेट्रोल रुपये प्रति लीटर

डीजल रुपये प्रति लीटर

पोर्ट ब्लेयर87.180.96
ईटानगर92.0279.63
दमन93.0286.9
चंडीगढ़94.2380.9
अइज़ोल94.2679.73
दिसपुर94.5881.29
पुड्डुचेरी94.9483.58
लखनऊ95.2886.8
गांधीनगर95.3589.33
शिमला95.7880.35
पणजी96.3887.27
गंगटोक97.782.25
कोहिमा98.0584.68
अगरतला98.2385.61
रांची98.5291.56
शिलांग99.2888.75
देहरादून99.4187.56
इम्फाल100.1584.55
श्रीनगर100.3683.91
बेंगलुरु100.5885.01
चेन्नई101.491.43
रायपुर101.8893.78
लेह102.9986.67
नई दिल्ली103.9786.67
कोलकाता104.6789.79
भुवनेश्वर104.9194.51
पटना105.991.09
तिरुवनंतपुरम106.3693.47
भोपाल107.2390.87
हैदराबाद108.294.62
मुंबई109.9894.14
जयपुर111.195.71

स्रोत: IOC


उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद जानिए कितने कम हुए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम

उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद आज दिल्ली में प्रति लीटर पेट्रोल 103.97 रुपए और डीज़ल 86.67 रुपए है। मुंबई में पेट्रोल 109.98 रुपए और डीज़ल 94.14 रुपए प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 104.67 रुपए और डीज़ल 89.79 रुपए प्रति लीटर है और चेन्नई में पेट्रोल 101.40 रुपए और डीज़ल 91.43 रुपए प्रति लीटर है।

नई दिल्ली: आम आदमी के लिए आज का दिन यानि कि दिवाली का दिन खास तोहफा लेकर आया है। दरअसल, केंद्र  सरकार ने पेट्रोल डीजल के उत्पाद शुल्क में कटौती की है जिसके बाद पेट्रोल 5 रुपए प्रतिलीटर और डीजल 10 रुपए प्रतिलीटर सस्ता हुआ है।

उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद आज दिल्ली में प्रति लीटर पेट्रोल 103.97 रुपए और डीज़ल 86.67 रुपए है। मुंबई में पेट्रोल 109.98 रुपए और डीज़ल 94.14 रुपए प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 104.67 रुपए और डीज़ल 89.79 रुपए प्रति लीटर है और चेन्नई में पेट्रोल 101.40 रुपए और डीज़ल 91.43 रुपए प्रति लीटर है।

इन राज्यों में 17 रुपए प्रतिलीटर सस्ता हुआ डीजल

कर्नाटक, गोवा, त्रिपुरा और असम की सरकारों ने दोनों ईंधनों को और सस्ता करने के लिए करों में और कटौती कर दी। 

इन राज्य सरकारों ने पेट्रोल और डीजल पर करों में सात-सात रुपये की कमी करने की घोषणा कर दी, जिससे वहां पर डीजल की कीमत में 17 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत में 12 रुपये प्रति लीटर की कमी आ जाएगी।

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल डीजल के दाम

शहरपेट्रोल (रुपये/लीटर)

डीज़ल (रुपये/लीटर)

श्रीगंगानगर116.34110.53
दिल्ली103.9786.67
मुंबई109.9894.14
चेन्नई101.4094.43
कोलकाता104.6789.79
भोपाल112.5695.40
रांची98.5291.56
बेंगलुरु117.6492.03
पटना107.9293.10
चंडीगढ़100.1286.46
लखनऊ101.0587.09
नोएडा101.2987.31

स्रोत: आईओसी


एसएमएस के जरिए जानें पेट्रोल डीजल के दाम

  • इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर तेल की कीमतें जानने के लिए RSP स्पेस पेट्रोल पंप का कोड लिखकर इस नंबर 9224992249 पर भेजें
  • बीपीसीएल (BPCL) के कस्टमर को RSP लिखकर 9223112222 पर SMS भेजना होगा
  • एचपीसीएल (HPCL) के कस्टमर लिखकर 92222201122 नंबर पर भेजकर पेट्रोल-डीजल के दाम जान सकते हैं।


मोदी सरकार का आम आदमी को तोहफा, पेट्रोल 5 रुपए और डीजल 10 रुपए हुआ सस्ता

आम आदमी को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। लगातार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से लोग परेशान हो गए थे। लोगों को राहत देते हुए सरकार ने पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल के दामों में 10 रुपए की कमी का एलान किया है।

नई दिल्ली: आम आदमी को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। लगातार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से लोग परेशान हो गए थे। लोगों को राहत देते हुए सरकार ने पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल के दामों में 10 रुपए की कमी का एलान किया है।


दिवाली की पूर्व संध्या पर, भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कमी की घोषणा की है। पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कल यानी गुरुवार से क्रमशः 5 रुपये और 10 रुपये कम किया जाएगा। 

पेट्रोल की तुलना में डीजल पर उत्पाद शुल्क में कमी दोगुनी होगी। आगामी रबी सीजन को देखते हुए किसानों के लिए राहत की खबर है। इस राहत के साथ ही पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करने की भी उम्मीद बढ़ गई है।

गौरतलब है कि भारत के अधिकतर शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार चला गया है और लगभग हर रोज 35 पैसे महंगा हो रहा है। 4 अक्टूबर 2021 से 25 अक्टूबर तक पेट्रोल की औसत कीमत में यहां 8 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है। 

बहरहाल, दिपावली से पहले सरकार ने आम आदमी को बहुत बड़ी राहत दी है।


धनतेरश 2021: लोगों ने जमकर की गहनों की खरीददारी, 15 टन सोने के आभूषण बिके, 7500 करोड़ की हुई बिक्री

कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक, इसमें दिल्ली में 1,000 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र में करीब 1,500 करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश में करीब 600 करोड़ रुपये की अनुमानित बिक्री शामिल है। वहीं, दक्षिण भारत में, लगभग 2,000 करोड़ रुपये होने की बिक्री होने का अनुमान है।

नई दिल्ली: धनतेरस के अवसर पर लोगों ने जमकर खरीददारी की। कोरोना की मार के बावजूद इस वर्ष 15 टन सोने के आभूषण बिके हैं औऱ 7500 करोड़ की बिक्री हुई है। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक, इसमें दिल्ली में 1,000 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र में करीब 1,500 करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश में करीब 600 करोड़ रुपये की अनुमानित बिक्री शामिल है। वहीं, दक्षिण भारत में, लगभग 2,000 करोड़ रुपये होने की बिक्री होने का अनुमान है।

आभूषणों की दुकानों में उपभोक्ताओं की बढ़ी हुई भीड़ देखी गयी जिससे ऑफलाइन खरीदारी के फिर से बढ़ने का पता चलता है। एक साल पहले की तुलना में दुकान जाकर खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के क्षेत्रीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत) सोमसुंदरम पी आर ने कहा, दबी मांग, कीमतों में नरमी और अच्छे मानसून के साथ ही लॉकडाउन संबंधी प्रतिबंधों में राहत से मांग में जोरदार उछाल की उम्मीद है। उन्होंने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि यह तिमाही हाल के वर्षों में सबसे बेहतरीन तिमाही होगी।

दिल्ली की कंपनी पीसी ज्वेलर्स के प्रबंध निदेशक बलराम गर्ग ने कहा कि इस धनतेरस के दौरान मांग पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है। उन्होंने कहा, अब तक हमारे शोरूम में लोगों की भीड़ अच्छी थी। उपभोक्ता हल्के वजन के आभूषण खरीद रहे हैं। कोलकाता की कंपनी नेमीचंद बमालवा एंड संस के सह-संस्थापक बछराज बमालवा ने भी कहा कि उपभोक्ताओं ने पिछले दो वर्षों में महामारी के कारण खरीदारी नहीं की और अब स्थिति सामान्य होने के साथ लोग बाहर निकल रहे हैं तथा खरीदारी कर रहे हैं।


गोल्ड की कीमत

सोने की कीमत को राष्ट्रीय राजधानी में 46,000-47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (टैक्स को छोड़कर) के दायरे में थीं, जो इस साल अगस्त में 57,000 रुपये से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि, सोने की दर अभी भी धनतेरस, 2020 के भाव 39,240 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में 17।5 प्रतिशत अधिक है।

अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण स्थानीय परिषद के चेयरमैन आशीष पेठे ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि बिक्री की मात्रा (पूर्व-कोविड स्तरों की तुलना में) बराबर होगी क्योंकि दरें 2019 से बढ़ी हैं। मूल्य के संदर्भ में, हम 2019 के स्तर से 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद करते हैं।



पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम आज थमे, ऐसे चेक करें अपने शहर में दाम

आज लगभग एक सप्ताह बाद पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम रुके हैं। आज तेल के दामों में तेल कम्पनियों ने कोई बढ़ोत्तरी नहीं की है। इससे पहले मंगलवार को पेट्रोल की कीमत में 35 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ था।

नई दिल्ली: आज लगभग एक सप्ताह बाद पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम रुके हैं। आज तेल के दामों में तेल कम्पनियों ने कोई बढ़ोत्तरी नहीं की है। इससे पहले  मंगलवार को पेट्रोल की कीमत में 35 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ था।
 
ऐसे जानें अपने शहर में पेट्रोल डीजल के दाम
  • इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर तेल की कीमतें जानने के लिए RSP स्पेस पेट्रोल पंप का कोड लिखकर इस नंबर 9224992249 पर भेजें
  • बीपीसीएल (BPCL) के कस्टमर को RSP लिखकर 9223112222 पर SMS भेजना होगा
  • एचपीसीएल (HPCL) के कस्टमर लिखकर 92222201122 नंबर पर भेजकर पेट्रोल-डीजल के दाम जान सकते हैं।


आज फिर बढ़े पेट्रोल के दाम, डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी नहीं

पेट्रोल की कीमतों में आज एक बार फिर से 35 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, हालांकि डीजल की कीमतों में आज कोई वृद्धि नहीं हुई है।

नई दिल्ली: पेट्रोल की कीमतों में आज एक बार फिर से 35 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, हालांकि डीजल की कीमतों में आज कोई वृद्धि नहीं हुई है।

बढ़ी हुई कीमतों के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 110.04 रुपये है। वहीं डीजल की कीमत 98.42 रुपये है।

बता दें कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हर रोज सुबह छह बजे बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नए रेट्स लागू हो जाते हैं। पेट्रोल व डीजल की कीमत में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।

एसएमएस करके जानें अपने शहर में तेल की कीमतें


  • इंडियन ऑयल के कस्टमर RSP लिखकर 9224992249 नंबर पर एसएमएस करें
  • बीपीसीएल उपभोक्ता RSP लिखकर 9223112222 नंबर पर भेज जानकारी हासिल कर सकते हैं
  • एचपीसीएल उपभोक्ता HPPrice लिखकर 9222201122 नंबर पर भेजकर भाव पता कर सकते हैं


200 करोड़ के घोटाले में गिरफ्तार किए गए SBI के पूर्व चेयरमैन प्रतीप चौधरी, रिटायरमेंट से पहले लिख दी थी 'फ्रॉड' करने की कहानी

रिटायरमेंट के बाद प्रतीप चौधरी उसी कंपनी में डायरेक्टर के तौर पर शामिल हो गए, जिसे यह होटल बेचा गया था। फिलहाल इन होटलों की कीमत 200 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।

नई दिल्ली: होटल की संपत्ति को एनपीए घोषित कर सस्ते दाम पर बेचने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी आदेश के आधार पर एसबीआई के पूर्व चेयरमैन प्रतीप चौधरी को दिल्ली से जैसलमेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 

प्रतीप चौधरी को रविवार को गिरफ्तार किया गया था और सोमवार को उन्हें जैसलमेर लाया जाएगा। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जैसलमेर में एक होटल ग्रुप से जुड़े एक मामले में प्रतीप चौधरी को दिल्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। 

आरोप है कि करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्ति को नॉन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित कर 25 करोड़ रुपये में बेचा गया। यह संपत्ति वास्तव में ऋण के बदले में जब्त की गई थी।

पुलिस के मुताबिक होटल ग्रुप ने 2008 में एसबीआई से कंस्ट्रक्शन के लिए 24 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। उस समय समूह का एक और होटल सुचारू रूप से चल रहा था। उसके बाद जब समूह ऋण राशि नहीं चुका सका तो बैंक ने समूह के दोनों होटलों को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति मानकर जब्त कर लिया। उस समय बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी थे।

बैंक ने तब दोनों होटलों को बाजार दर से काफी कम कीमत पर 25 करोड़ रुपये में एक कंपनी को बेच दिया। इस पर होटल समूह कोर्ट गया।


इसी बीच 2016 में इसे क्रेता कंपनी ने अपने कब्जे में ले लिया और 2017 में जब इस संपत्ति का मूल्यांकन किया गया तो इसका बाजार मूल्य 160 करोड़ रुपये पाया गया। वहीं, रिटायरमेंट के बाद प्रतीप चौधरी उसी कंपनी में डायरेक्टर के तौर पर शामिल हो गए, जिसे यह होटल बेचा गया था। फिलहाल इन होटलों की कीमत 200 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।


दिवाली पर महंगाई का एक और तोहफा, गैस सिलेंडर के दाम में 265 रुपये की बढ़ोत्तरी

सरकार आम आदमी का दिवाला निकालने में जुटी हुई है। पेट्रोल डीजल के दाम औसतन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं लेकिन अब गैस सिलेंडर के दाम में 265 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है।

नई दिल्ली: सरकार आम आदमी का दिवाला निकालने में जुटी हुई है। पेट्रोल डीजल के दाम औसतन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं लेकिन अब गैस सिलेंडर के दाम में 265 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है। 

हालांकि, ये बढ़ोत्तरी सिर्फ कमर्सियल गैस सिलेंडर के लिए की गई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम अभी नहीं बढ़े हैं लेकिन माना जा रहा है कि जल्दी ही इनके भी दाम बढ़ जाएंगे।


इस बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली में कमर्शियाल सिलेंडर 2000 रुपये के पार पहुंच गया है। इससे पहले यह 1733 रुपये का था। मुंबई में 1683 रुपये में मिलने वाला 19 किलो का सिलेंडर अब 1950 रुपये में मिलेगा।

कोलकाता में अब 19 किलो वाला इंडेन गैस सिलेंडर 2073.50 रुपये का हो गया है। चेन्नई में अब 19 किलो वाले सिलेंडर के लिए 2133 रुपये खर्च करने पड़ेंगे।


महंगाई के साथ नवंबर महीने की शुरुआत, आज फिर बढ़े पेट्रोल डीजल के दाम

आज से नवंबर महीने की शुरुआत हुई है साथ ही महीने के पहले दिन ही पेट्रोल डीजल के दामों में लगातार छठवें दिन 35-35 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है।

नई दिल्ली: पेट्रोल डीजल के दाम जिस तरह भाग रहे हैं उसे देखकर ऐसा तो लगता ही नहीं है कि अब वाहन से चलने का किसी का मन हो रहा हो लेकिन मजबूरी में चलना ही पड़ता है। आज से नवंबर महीने की शुरुआत हुई है साथ ही महीने के पहले दिन ही पेट्रोल डीजल के दामों में लगातार छठवें दिन 35-35 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है।


महानगरों में तेल के दाम

  • दिल्ली में पेट्रोल-डीजल की कीमत अब 109. 69 रुपए प्रति लीटर हो गई है। जबकि डीजल 98.42 रुपए प्रति लीटर हो गई है। 
  • मुंबई में पेट्रोल 115. 50 रुपए प्रति लीटर और डीजल 106. 62 रुपए प्रति लीटर हो गई है। 
  • कोलकाता में पेट्रोल 110.15 रुपए प्रति लीटर और डीजल 101.56 रुपए प्रति लीटर हो गया है।
  • चेन्नई में 106.35 रुपए प्रति लीटर और डीजल 102.59 रुपए प्रति लीटर हो गया है।

एसएमएस करके जानें अपने शहर में तेल की कीमतें

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'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को सिद्ध करने के लिए सहकारिता ही सबसे बड़ा मार्ग: अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में सहकारिता बहुत बड़ा योगदान कर सकती है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए सहकारिता से बड़ा कोई मार्ग नहीं हो सकता।

अहमदाबाद: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सहकारिता के क्षेत्र में सरदार वल्‍लभ भाई पटेल के योगदान का उल्‍लेख करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को सिद्ध करने के लिए सहकारिता से बड़ा कोई मार्ग नहीं हो सकता है।


केंद्रीय गृह मंत्री ने गुजरात के आणंद में अमूल के 75वें स्थापना वर्ष समारोह में कहा कि सरदार पटेल का अमूल से गहरा रिश्ता है। प्राइवेट डेयरी के अन्याय के खिलाफ किसानों के संघर्ष को सरदार पटेल की प्रेरणा और कर्मठ नेता त्रिभुवन दास पटेल ने सकारात्मक सोच की तरफ मोड़ने का काम किया।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में सहकारिता बहुत बड़ा योगदान कर सकती है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए सहकारिता से बड़ा कोई मार्ग नहीं हो सकता।

शाह ने कहा कि आज अमूल का 75वां स्थापना वर्ष अमृत महोत्सव चल रहा है। जब मात्र 200 लीटर दूध एकत्रित होता था तब कल्पना भी नहीं की होगी कि आज अमूल का 2020-21 का वार्षिक टर्नओवर 53,000 करोड़ को पार कर चुका है। आज अमूल ने प्रतिदिन 30 मिलियन दूध की प्रोसेसिंग और स्टोरेज करने की क्षमता विकसित की है। 36 लाख किसान परिवार इसको अपना व्यवसाय बनाकर, अमूल के साथ जुड़े हुए हैं और अपना जीवन सम्मान से जी रहे हैं।

अमित शाह ने कहा कि 18,600 से ज्यादा गांव की छोटी-छोटी दुग्ध सहकारी समितियां अमूल से जुड़कर इसे एक वटवृक्ष बनाने में अपना योगदान दे रही हैं। 18 जिला स्तरीय डेरियां और पूरे देश में 87 मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट अमूल द्वारा लगाए गए हैं। मोदी जी ने सहकारिता मंत्रालय बनाया है वो 'सहकार से समृद्धि' के सूत्र वाक्य के साथ बनाया गया है। 


दिवाली से पहले पेट्रोल-डीजल ने निकाला आम आदमी का दिवाला, लगातार पांचवें दिन बढ़े दाम

तेल कंपनियां आम आदमी को बिल्कुल भी राहत देने के मूड में नहीं है। अगर यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब पेट्रोल ले दाम 150 के पार होंगे। आज लगातार पांचवे दिन आज भी पेट्रोल और डीजल 35-35 पैसे महंगा हुआ है।

नई दिल्ली: तेल कंपनियां आम आदमी को बिल्कुल भी राहत देने के मूड में नहीं है। अगर यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब पेट्रोल ले दाम 150 के पार होंगे। आज लगातार पांचवे दिन आज भी पेट्रोल और डीजल 35-35 पैसे महंगा हुआ है।

महानगरों में पेट्रोल डीजल के दाम

आज बढ़ी हुई कीमतों के बाद दिल्ली एक लीटर पेट्रोल का दाम 109.34 रुपए और एक लीटर डीजल का दाम 98.07 रुपए हो गया है। वहीं,  कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 109.79 रुपए और एक लीटर डीजल की कीमत 101.19 रुपए हो गई है। 


मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 115.15 रुपए हैं। वहीं, एक लीटर डीजल 106.23 रुपए में मिल रहा है और चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 106.04 रुपए हैं व एक लीटर डीजल 102.25 रुपए में मिल रहा है।

120 रुपए पहुंचा पेट्रोल

मध्य प्रदेश के जिले बालाघाट में पेट्रोल की कीमतों ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यहां एक लीटर पेट्रोल का दाम 120.41 रुपए है, जबकि एक लीटर डीजल के लिए 109.67 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं।

ऐसे चेक करें अपने शहर में पेट्रोल डीजल के दाम


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1 नवंबर से होने जा रहे कई बदलाव, LPG सिलेंडर के भी बढ़ेंगे दाम, जानिए-आप पर कितना पड़ेगा असर

इनमें से एक बदलाव ऐसा है जो आपकी जेब का बोझ बढ़ा सकता है। हालांकि, कुछ मामलों में आमजन को राहत मिलेगी और कमाई के मौके भी मिलेंगे।

नई दिल्ली: नवंबर माह की शुरुआत होने वाली है। इस नए महीने में आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई बड़े बदलाव होने वाले हैं। इनमें से एक बदलाव ऐसा है जो आपकी जेब का बोझ बढ़ा सकता है। हालांकि, कुछ मामलों में आमजन को राहत मिलेगी और कमाई के मौके भी मिलेंगे।


पहला बदलाव

निवेशकों के लिए कमाई का मौका: अगर आप निवेशक हैं और शेयर बाजार में आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) के जरिए कमाई करना चाहते हैं तो बड़ा मौका है। दरअसल, 1 नवंबर को पॉलिसीबाजार और 8 नवंबर से पेटीएम का आईपीओ खुलने वाला है। इसके अलावा  1 नवंबर से SJS एंटरप्राइजेज और सिगाची इंडस्ट्रीज का आईपीओ भी सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। वहीं, नाइका, फिनो पेमेंट बैंक के आईपीओ में भी दांव लगाने का मौका रहेगा। नाइका का आईपीओ 1 नवंबर को बंद हो रहा है जबकि फिनो पेमेंट बैंक का आखिरी दिन 2 नवंबर है। 

दूसरा बदलाव

17 दिन बंद रहेंगे बैंक: अगर आप नवंबर महीने में बैंक से जुड़े कामकाज निपटाना चाहते हैं तो छुट्टियों का हिसाब-किताब समझना होगा। दरअसल, नवंबर में दिवाली, छठ आदि की वजह से देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 17 दिन बैंक नहीं खुलेंगे। डिटेल के लिए इस खबर को क्लिक करें-  नवंबर में 17 दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट 

तीसरा बदलाव

घर जाना होगा आसान: दिवाली और छठ त्योहार को देखते हुए रेलवे ने कई नई स्पेशल ट्रेन शुरू की है। कुछ ट्रेनों का संचालन नवंबर महीने में अलग-अलग तारीखों पर शुरू होगा। ये ट्रेनें देश के अलग-अलग रूट से चलेंगी। इनका रूट मुख्यतौर पर बिहार और उत्तर प्रदेश केंद्रित होगा।

चौथा बदलाव

व्हाटसऐप यूजर्स के लिए खबर: मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप 1 नवंबर से कई स्मार्टफोन पर काम करना बंद कर देगा। अगर आपका फोन आउटडेटेड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल रहा है तो व्हाट्सऐप चलना बंद हो सकता है। इन फोन में Apple से सैमसंग और सोनी जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। 

पांचवा बदलाव

रसोई गैस होगा महंगा: नवंबर के पहले सप्ताह में एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ सकते हैं। हाल ही में न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक एलपीजी के मामले में लागत से कम मूल्य पर बिक्री से होने वाला नुकसान (अंडररिकवरी) 100 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच चुका है। इस वजह से इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। इस समय दिल्ली और मुंबई में रसोई गैस सिलेंडर का दाम 899.50 रुपये है।

छठवां बदलाव

पेंशनर्स के लिए राहत: एक नवंबर से SBI एक नई सुविधा की शुरुआत करने जा रहा है। इसके तहत पेंशनर्स को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए बैंक नहीं जाना होगा। अब कोई भी पेंशनभोगी वीडियो कॉल के जरिए अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेगा। 




महंगाई की मार! पेट्रोल जाएगा 150 के पार, आज फिर बढ़े तेल के दाम, ऐसे जानें अपने शहर के भाव

आलम यह हो गए हैं कि राजस्थान के श्रीगंगा नगर में आज पेट्रोल 121.25 रुपये और डीजल 112.15 रुपये लीटर बिक रहा है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के लगभग जिलों में पेट्रोल 120 रुपये लीटर के करीब है।

नई दिल्ली: आज फिर से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में 35 पैसे की बढ़ोत्तरी की है। अब आलम यह हो गए हैं कि राजस्थान के श्रीगंगा नगर में आज पेट्रोल 121.25 रुपये और डीजल 112.15 रुपये लीटर बिक रहा है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के लगभग जिलों में पेट्रोल 120 रुपये लीटर के करीब है।

महानगरों में पेट्रोल डीजल के दाम

  • दिल्ली पेट्रोल 108.99 रुपये और डीजल 97.72 रुपये प्रति लीटर
  • मुंबई पेट्रोल 114.81 रुपये और डीजल 105.86 रुपये प्रति लीटर
  • चेन्नई पेट्रोल 105.74 रुपये और डीजल 101.92 रुपये प्रति लीटर
  • कोलकाता पेट्रोल 109.46 रुपये और डीजल 100.84 रुपये प्रति लीटर

ऐसे चेक करें अपने शहर में पेट्रोल डीजल के दाम

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RBI गवर्नर शक्तिकांत दास को मिला 3 साल का सेवा विस्तार

शक्तिकांत दास का कार्यकाल 10 दिसंबर, 2021 को खत्म होने जा रहा था।

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास को 3 साल का सेवा विस्तार केंद्र की मोदी सरकार द्वारा दिया गया है। बता दें कि शक्तिकांत दास का कार्यकाल 10 दिसंबर, 2021 को खत्म होने जा रहा था। 

अब वो 10 दिसंबर 2021 के बाद अगले तीन सालों तक आरबीआई पद पर बने रहेंगे। केंद्र सरकार ने एक बयान में कहा कि नियुक्ति संबंधी कैबिनेट समिति ने तमिलनाडु कैडर के पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी दास की फिर से नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

बता दें कि 2018 में पूर्व आरबीआई गर्वनर उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद शक्तिकांत दाम आरबीआई गर्वनर बनाये गये थे।


महंगाई बनी डायन, पेट्रोल डीजल के दाम आज फिर बढ़े

आज डीजल के दाम 35 से 37 पैसे तो वहीं पेट्रोल के दामों में 24 से 35 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। कई राज्यों में इसके दाम 100 रुपये से ऊपर पहुंच चुके हैं।

नई दिल्ली: आज एक बार फिर से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की है। आज डीजल के दाम 35 से 37 पैसे तो वहीं पेट्रोल के दामों में 24 से 35 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। कई राज्यों में इसके दाम 100 रुपये से ऊपर पहुंच चुके हैं।

अब दिल्ली में पेट्रोल आज 0.35 रुपये बढ़कर 108.64 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 0.35 रुपये बढ़कर  97.37 रुपये प्रति लीटर हुआ। मुंबई में पेट्रोल के दाम 114.47 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल के दाम  105.49 रुपये प्रति लीटर हो गया है। 

वहीं, कोलकाता में पेट्रोल का दाम 109.02 रुपये जबकि डीजल का दाम 100.49 रुपये लीटर है। वहीं चेन्नई में भी पेट्रोल 105.43 रुपये लीटर है तो डीजल 101.59 रुपये लीटर है।

बता दें कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेट्रोल का भाव 100 रुपये पार हो चुका है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक है। 


अभी और पड़ेगी महंगाई की मार, अबकी बार पेट्रोल जा सकता है 150 के पार!

अभी तो पेट्रोल सिर्फ 110 या 120 पहुंचा है लेकिन आने वाले समय में पेट्रोल के दाम 150 रुपए प्रति लीटर तक पहुंचेंगे।

नई दिल्ली: महंगाई की मार से बेहाल जनता को किसी भी तरह से राहत नहीं मिलने वाली है। अभी तो पेट्रोल सिर्फ 110 या 120 पहुंचा है लेकिन आने वाले समय में पेट्रोल के दाम 150 रुपए प्रति लीटर तक पहुंचेंगे।


दरअसल, मार्केट स्टडी और साख निर्धारण करने वाली कंपनी गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें अगले साल तक 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएंगी। ये मौजूदा स्तर 85 डॉलर प्रति बैरल से 30 फीसदी अधिक है। अनुमान के मुताबिक कच्चे तेल की कीमत 147 डॉलर प्रति बैरल के ऑल टाइम हाई लेवल को भी टच कर सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों का ये लेवल साल 2008 में था। ये वो वक्त था जब दुनिया आर्थिक मंदी की चपेट में थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ऐसा होता है तो पेट्रोल की कीमत 150 रुपए तक जा सकती है। वहीं, डीजल की बात करें तो भाव 140 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकता है। हालांकि, गोल्डमैन सैक्स का ये अनुमान अगले साल के लिए है। 

बता दें कि इस महीने में अब तक 28 दिनों में से 21 दिन तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल 6.65 रुपये प्रति लीटर और डीजल 7.25 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है। बता दें कि जुलाई में पहली बार पेट्रोल का भाव 100 रुपए के स्तर को पार कर लिया था।


फ्यूचर रिटेल डील: किशोर बियानी दिल्‍ली HC की शरण में, रिलायंस से डील पर रोक हटाने की मांग की

फ्यूचर रिटेल और उसके प्रवर्तकों ने सिंगापुर के मध्यस्थता न्यायाधिकरण एसआईएसी द्वारा रिलायंस रिटेल के साथ उसके 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर रोक लगाने संबंधी आदेश पर स्‍टे और उसे निरस्त करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है।

नई दिल्‍ली: फ्यूचर रिटेल और उसके प्रवर्तकों ने सिंगापुर के मध्यस्थता न्यायाधिकरण एसआईएसी द्वारा रिलायंस रिटेल के साथ उसके 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर रोक लगाने संबंधी आदेश पर स्‍टे और उसे निरस्त करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है।

एसआईएसी ने 21 अक्टूबर को यह आदेश दिया था। सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (SIAC) ने 21 अक्टूबर को फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें रिलायंस के साथ सौदे पर बीते साल 25 अक्टूबर को एसआईएसी के आपात मध्यस्थ (इमरजेंसी आर्बिट्रेटर) द्वारा लगाई गई अंतरिम रोक को हटाने की मांग की गई थी।


FRL ने एक नियामकीय सूचना में कहा, "कंपनी ने 25, अक्टूबर 2020 के आपात मध्यस्थ के अंतरिम आदेश को खारिज करने के लिए अपने आवेदन पर एसआईएसी द्वारा 21 अक्टूबर, 2021 को जारी आक्षेपित आदेश के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है।"

एफआरएल ने हाईकोर्ट से "21 अक्टूबर 2021 के आक्षेपित आदेश के पालन पर रोक लगाने और उसे निरस्त करने" और "वैकल्पिक रूप से, कंपनी को शेयरधारकों और लेनदारों की बैठक करने की मंजूरी देने का अनुरोध किया है, जैसा कि एनसीएलटी (राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण) मुंबई द्वारा 28 सितंबर के आदेश में कहा गया था।"

इससे पहले इस महीने एसआईएसी ने अपने एक फैसले में यह भी कहा था कि रिलायंस रिटेल के फ्यूचर ग्रुप की संपत्तियों की बिक्री से जुड़े विवाद में अमेजन और फ्यूचर ग्रुप के बीच चल रही मध्यस्थता में फ्यूचर रिटेल एक पक्ष है। फ्यूचर ने एसआईएसी के समक्ष तर्क दिया था कि उसे मध्यस्थता की कार्यवाही से बाहर रखा जाना चाहिए क्योंकि वह अपने प्रवर्तक फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड (एफसीपीएल) और अमेजन के बीच विवाद का पक्ष नहीं है।




पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने किया आम आदमी का जीना मुहाल, जानिए-आज कितने बढ़े दाम

आज डीजल के दाम 33 से 37 पैसे तो वहीं पेट्रोल के दाम 30 से 35 पैसे बढ़े थे। कई राज्यों में इसके दाम 100 रुपये से ऊपर पहुंच चुके हैं।

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को राहत नहीं मिलने वाली है। अक्टूबर महीने में औसतन प्रतिदिन पेट्रोल डीजल के दाम बढ़े हैं और आज फिर से तेल कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए है। आज डीजल के दाम 33 से 37 पैसे तो वहीं पेट्रोल के दाम 30 से 35 पैसे बढ़े थे। कई राज्यों में इसके दाम 100 रुपये से ऊपर पहुंच चुके हैं। 

महानगरों में पेट्रोल डीजल के दाम

दिल्ली में पेट्रोल का दाम 108.29 रुपये जबकि डीजल का दाम 97.02 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 114.14 रुपये व डीजल की कीमत 105.12 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल का दाम 108.78 रुपये जबकि डीजल का दाम 100.14 रुपये लीटर है। वहीं चेन्नई में भी पेट्रोल 105.13 रुपये लीटर है तो डीजल 101.25 रुपये लीटर है।

बता दें कि बता दें कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेट्रोल का भाव 100 रुपये पार हो चुका है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक है। 


आज फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए-आपके शहर में क्या हैं कीमतें

दो दिन ब्रेक लेने के बाद आज एक बार फिर से 35 प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की गई है। देश में पेट्रोल अब 120 रुपये के पार चला गया है, वहीं डीजल 111 रुपये के ऊपर बिक रहा है।

नई दिल्ली: तेल कंपनियां आम आदमी का तेल निकालने में जुटी हुई हैं।  दो दिन ब्रेक लेने के बाद आज एक बार फिर से 35 प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की गई है। देश में पेट्रोल अब 120 रुपये के पार चला गया है, वहीं डीजल 111 रुपये के ऊपर बिक रहा है।

मुंबई पेट्रोल 113.80 रुपये प्रति लीटर और डीजल 104.75 रुपये प्रति लीटर बिका रहा है।  पटना, बेंगलुरू, हैदराबाद जैसे शहरों में पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर के पार बिक रहा है। लखनऊ में पेट्रोल 104.88 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.13 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। इस महीने में अब तक 27 दिनों में से 20 दिन इन दोनों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इस महीने में अब तक पेट्रोल 6.30 रुपये प्रति लीटर और डीजल 6.90 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक, वाराणसी में पेट्रोल के दाम 105.73 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.92 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है तो आगरा में पेट्रोल 104.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 96.88 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर बिक रहा है। मेरठ में पेट्रोल 104.60 रुपये तथा डीजल 96.86 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर पहुंच गया है। कानपुर में पेट्रोल 104.56 रुपये और डीजल 96.83 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।

अब राजस्थान के श्रीगंगानगर में पेट्रोल 120.15 रुपये प्रति लीटर तो डीजल 111.01 रुपये बिक रहा है। जबकि,  दिल्ली में पेट्रोल 107.94 रुपये प्रति लीटर और डीजल 96.67 रुपये प्रति लीटर बिका रहा है। वहीं, रांची में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मात्र 21 पैसे का अंतर रह गया है। यहां पेट्रोल 102.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल 101.96 रुपये प्रति लीटर के रेट से बिक रहा है। 

बता दें कि अक्टूबर महीने में 27 दिनों में 20वीं बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाये जा चुके हैं. अक्टूबर माह में पेट्रोल 6.30 रुपये और डीजल 6.80 रुपये हो चुका है महंगा।

प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

शहरपेट्रोल (रुपये/लीटर)

डीज़ल (रुपये/लीटर)

श्रीगंगानगर120.15111.01
नई दिल्‍ली107.9496.67
मुंबई113.80104.75
कोलकाता108.4599.78
चेन्‍नई104.83100.92
नोएडा105.1097.32
बेंगलुरु111.70102.60
हैदराबाद112.27105.46
पटना111.64103.28
जयपुर115.21106.47
लखनऊ104.6296.90
गुरुग्राम105.5197.42
चंडीगढ़103.8896.38

स्रोत: आईओसी


आम आदमी का 'तेल' निकालने में जुटीं तेल कंपनियां, लगातार पांचवे दिन बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

अक्टूबर महीने में अब तक 19 बार से ज्यादा ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। महज तीन दिन को छोड़कर हर रोज पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं। देश के कई शहरों में इस समय पेट्रोल के रेट 120 लीटर के करीब पहुंच चुके हैं।

नई दिल्ली: पेटोल और डीजल के बढ़ते दाम थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आलम यह हो गया है कि पेट्रोल के दाम 120 रुपए और डीजल के दाम 104 रुपए प्रतिलीटर तक पहुंच गए हैं। आज लगातार पांचवे दिन फिर पेट्रोल और डीजल के दाम में 35 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है।


दिल्ली में पेट्रोल 107.59 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 96.32 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 113.46 रुपये प्रति लीटर और डीजल अब 104.38 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं, कोलकाता में पेट्रोल 108.11 प्रतिलीटर और डीजल 99.43 प्रतिलीटर बिक रहा है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 104.52 रुपए प्रतिलीटर और डीजल 100.59 प्रतिलीटर बिक रहा है।

बता दें कि अक्टूबर महीने में अब तक 19 बार से ज्यादा ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। महज तीन दिन को छोड़कर हर रोज पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं। देश के कई शहरों में इस समय पेट्रोल के रेट 120 लीटर के करीब पहुंच चुके हैं। 


अब चूल्हे में आग लगाना पड़ेगा महंगा, 14 साल बाद बढ़े माचिस के दाम

अगले महीने यानी 1 दिसंबर से माचिस के दाम 1 रुपए बढ़ जाएंगे। इस बढ़ोतरी के बाद माचिस की नई कीमत 2 रुपए होगी। कीमत में बढ़ोतरी का ये फैसला ऑल इंडिया चैंबर ऑफ मैचेस की बैठक में लिया गया।

नई दिल्ली: देश में हर तरफ महंगाई ही महंगाई है। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी सिलेंडर के बाद अब माचिस के दाम भी बढ़ गए हैं। अब 1 रुपए की जगह 2 रुपए में माचिस मिलेगी। माचिस की डिब्बी के दाम बढ़ने जा रहे हैं। करीब 14 साल बाद माचिस के दाम बढ़े हैं।


एक अंग्रेजी समाचार पत्र में छपी खबर के मुताबिक अगले महीने यानी 1 दिसंबर से माचिस के दाम 1 रुपए बढ़ जाएंगे। इस बढ़ोतरी के बाद माचिस की नई कीमत 2 रुपए होगी। कीमत में बढ़ोतरी का ये फैसला ऑल इंडिया चैंबर ऑफ मैचेस की बैठक में लिया गया। आपको बता दें कि इस बैठक में पांच प्रमुख माचिस उद्योग निकायों के प्रतिनिधि शामिल थे। इन्होंने सर्वसम्मति से माचिस के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है। 


करीब 14 साल बाद माचिस के दाम बढ़ने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक आखिरी बार साल 2007 में माचिस की कीमत में बढ़ोतरी हुई थी। तब माचिस की कीमत में 50 पैसे का बोझ बढ़ा दिया गया था। इसके बाद माचिस की कीमत 1 रुपए थी।


सब्जियों ने बिगाड़ा आम आदमी का बजट, 15 दिन नहीं मिलनेवाली राहत

सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि सब्ज़ियों के दामों में बढ़ोतरी का पहला कारण मौसम की मार है। दूसरा डीज़ल और पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी की वजह से गाड़ियों के दर बढ़े हुए हैं। मौसमी सब्ज़ियां आने में 10-12 दिन लगेंगे तब तक सब्ज़ियों के दाम बढ़े रहेंगे।

नई दिल्ली/लखनऊ: आम आदमी की पहुंच से इन दिनों सब्जियां बाहर हो चुके हैं। टमाटर और प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो हरी सब्जियां खरीदने के बारे में लोगों को 10 बार सोचना पड़ेगा पड़ रहा है। 

हरी सब्जी 70 से ₹100 किलो के बीच बिक रहे हैं। वहीं टमाटर भी 70 से 100 के बीच हो चुका है। यह हाल अभी 15 दिनों तक रहेगा क्योंकि जब तक सीजन की सब्जियां बाजार में नहीं आएंगी तबतक किसी भी प्रकार की कोई राहत आम आदमी को नहीं मिलने वाली।


सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि सब्ज़ियों के दामों में बढ़ोतरी का पहला कारण मौसम की मार है। दूसरा डीज़ल और पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी की वजह से गाड़ियों के दर बढ़े हुए हैं। मौसमी सब्ज़ियां आने में 10-12 दिन लगेंगे तब तक सब्ज़ियों के दाम बढ़े रहेंगे। 


गाज़ियाबाद में सब्ज़ियों के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। एक गृहणी ने बताया, "हर सब्ज़ी के दाम 10% तक तो बढ़ ही गए हैं। इस बढ़ोतरी से हमारी जेब पर इसका भारी असर पड़ रहा है। घर चलाना मुश्किल हो रहा है। पूरे किचन का बजट बिगड़ गया है।"


तेल की कीमतों में लगी आग, 120 रुपए में पेट्रोल तो 104 रुपए प्रतिलीटर बिक रहा डीजल

पेटोल और डीजल के बढ़ते दाम थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आलम यह हो गया है कि पेट्रोल के दाम 120 रुपए और डीजल के दाम 104 रुपए प्रतिलीटर तक पहुंच गए हैं। आज फिर पेट्रोल और डीजल के दाम में 35 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है।

नई दिल्ली: पेटोल और डीजल के बढ़ते दाम थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आलम यह हो गया है कि पेट्रोल के दाम 120 रुपए और डीजल के दाम 104 रुपए प्रतिलीटर तक पहुंच गए हैं। आज फिर पेट्रोल और डीजल के दाम में 35 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है।

दिल्ली में आज प्रति लीटर पेट्रोल के दाम 107.24 रुपए और डीज़ल 95.97 रुपए है। मुंबई में प्रति लीटर पेट्रोल के दाम 113.12 रुपए और डीज़ल 104.00 रुपए है। कोलकाता में प्रति लीटर पेट्रोल 107.78 रुपए और डीज़ल 99.08 रुपए है। चेन्नई में प्रेट्रोल 104.22 रुपए और डीज़ल 100.25 रुपए है। 

बता दें कि अक्टूबर महीने में अब तक 18 बार से ज्यादा ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। महज तीन दिन को छोड़कर हर रोज पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं। सिर्फ अक्टूबर में ही पेट्रोल 5.15 रुपये महंगा हो गया है, तो वहीं डीजल भी 5 रुपये तक बढ़ गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है लिहाजा पेट्रोल-डीजल के रेट भी लगातार बढ़ रहे हैं।

देश के कई शहरों में इस समय पेट्रोल के रेट 120 लीटर के करीब पहुंच चुके हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर में पहली बार पेट्रोल 120 रुपये के करीब पर पहुंच गई है। इतना हीं मुंबई में पेट्रोल से महंगा डीजल मिल रहा है। आज शनिवार को यहां एक लीटर पेट्रोल 113.12 रुपये तो डीजल 104 रुपये पर पहुंच गया है।


केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने बताई बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों का कारण

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल की खपत कोविड-पूर्व स्तरों की तुलना में 16 प्रतिशत और डीजल की खपत 10-12 प्रतिशत अधिक है।

नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल की खपत कोविड-पूर्व स्तरों की तुलना में 16 प्रतिशत और डीजल की खपत 10-12 प्रतिशत अधिक है।


हरदीप सिंह पुरी ने आगे कहा कि देश की इकोनॉमी पटरी पर लौट रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत 2024-25 तक 5,000 अरब अमेरिकी डॉलर और 2030 तक 10,000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। 

बीते कुछ महीनों में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी हरदीप सिंह पुरी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ईंधन की दरें अधिक हैं। इस तरह की ऊंची कीमतें वैश्विक आर्थिक सुधार को कमजोर कर रही हैं और विकासशील देशों के हितों को नुकसान पहुंचा रही हैं।


हरदीप सिंह पुरी ने आगे बताया कि वह स्थिति को कम करने के लिए अमेरिका और सऊदी अरब जैसे देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि आर्थिक सुधार के साथ ऊर्जा की खपत भी बढ़ेगी।


पेट्रोलियम मंत्री के मुताबिक तेल की मांग और ओपेक और उससे जुड़े सहयोगी देशों (ओपेक प्लस) जैसे उत्पादकों की तरफ से होने वाली आपूर्ति में अंतर है। बता दें कि भारत ऊर्जा आयात पर बहुत अधिक निर्भर है। यह 85 फीसदी कच्चे तेल का आयात करता है। वहीं, अपनी गैस खपत का 55 फीसदी आयात करता है।


आम आदमी का 'तेल' निकालने में जुटी सरकार, आज फिर से बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

तेल कंपनियां आम आदमी को किसी भी तरीके से राहत देने के मूड में नहीं है और खासकर पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर तो बिल्कुल नहीं। आज एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल के दामों में 35 पैसे प्रतिलीटर की बढ़ोत्तरी की गई है।

नई दिल्ली: सरकार और तेल कंपनियां आम आदमी को किसी भी तरीके से राहत देने के मूड में नहीं है और खासकर पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर तो बिल्कुल नहीं। आज एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल के दामों में 35 पैसे प्रतिलीटर की बढ़ोत्तरी की गई है।

दिल्ली में आज पेट्रोल के दाम 0.35 रुपये बढ़कर 106.54 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल के दाम 0.35 रुपये बढ़कर 95.27 रुपये प्रति लीटर हुए।मुंबई में पेट्रोल के दाम 112.44 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल के दाम 103.26 रुपये प्रति लीटर हैं।

वहीं, कोलकाता में पेट्रोल – ₹107.11 प्रति लीटर और डीजल – ₹98.38 प्रति लीटर बिक रहा है तो चेन्नई में पेट्रोल –103.61 रुपये प्रति लीटर, डीजल – ₹99.59 प्रति लीटर पर पहुंच गया है।

इस महीने देखा जाए तो लगभग 15 दिन तेल के दामों में बढ़ोतरी हुई है।


आम आदमी को नहीं मिलने वाला आराम, तेल कंपनियों ने आज फिर बढ़ाये पेट्रोल-डीजल के दाम

औसतन हर दूसरे दिन तेल कंपनियां पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा रही हैं। आज यानी 20 अक्टूबर 2021 को पेट्रोल और डीजल के दामों में 0.35 पैसे की बढ़ोतरी कर दी है। बता दें कि एक हफ्ते में पेट्रोल और डीजल के दामों में 2 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।

नई दिल्ली: अब पेट्रोल और डीजल चलित वाहनों को लेकर चलना आम आदमी के बस की बात नहीं रह गई है। औसतन हर दूसरे दिन तेल कंपनियां पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा रही हैं। आज यानी 20 अक्टूबर 2021 को पेट्रोल और डीजल के दामों में 0.35 पैसे की बढ़ोतरी कर दी है।


अब आज दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 0.35 रुपए (106.19 रुपए प्रति लीटर) और डीजल की कीमतों में 0.35 रुपए (94.92 रुपए प्रति लीटर) की वृद्धि हुई। मुंबई में आज पेट्रोल की कीमतों में 0.34 रुपए (112.11 रुपए/लीटर) और डीजल की कीमतों में 0.37 रुपए (102.89 रुपए/लीटर) की वृद्धि हुई। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 103.01 रुपये लीटर बिक रहा है। वही कोलकात्ता में पेट्रोल का प्राइस 106.43 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है।

बता दें कि एक हफ्ते में पेट्रोल और डीजल के दामों में 2 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।


सोना 47 हजार के पार, चांदी भी चमकी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में दिसंबर महीने की डिलिवरी के लिये सोने की कीमत 19 रुपये यानी 0.04 प्रतिशत घटकर 47,194 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। इसमें 12,043 लॉट के लिये कारोबार हुआ। चांदी की बात करें तो दिसंबर डिलीवरी वाला लॉट 907 रुपए ऊपर 64173 रुपए प्रति किलो बोला गया।

मुंबई: काफी दिनों के बाद सर्राफा मार्किट में खुशी लौटी है। Share Market की तरह सोना और चांदी भी उछाल पर हैं। Gold का रेट मंगलवार को MCX पर उछलकर 47524 रुपए प्रति 10 ग्राम बोला गया। यह दिसंबर डिलीवरी का लॉट है। जबकि एक दिन पहले स्थानीय वायदा बाजार में सोमवार को सोने का भाव 19 रुपये घटकर 47,194 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में दिसंबर महीने की डिलिवरी के लिये सोने की कीमत 19 रुपये यानी 0.04 प्रतिशत घटकर 47,194 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। इसमें 12,043 लॉट के लिये कारोबार हुआ। चांदी की बात करें तो दिसंबर डिलीवरी वाला लॉट 907 रुपए ऊपर 64173 रुपए प्रति किलो बोला गया। मार्च डिलीवरी का लॉट 929 रुपए ऊपर 64727 रुपए प्रति किलो चल रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 37 रुपये की मामूली तेजी के साथ 46,306 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 46,269 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 323 रुपये के उछाल के साथ 62,328 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 62,005 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मामूली गिरावट के साथ 1,766 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी 23.36 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। 


पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से अभी नहीं मिलनेवाला आम आदमी को आराम

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आए दिन बढ़ोतरी देखी जा रही है। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक देश में ईंधन की बढ़ती कीमतों में तुरंत कमी नहीं आने की उम्‍मीद नहीं नजर आ रही है। सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि तेल की आपूर्ति और मांग के मसले पर केंद्र सरकार कई तेल निर्यातक देशों के साथ बातचीत कर रही है लेकिन कीमतों में तत्काल राहत की कोई संभावना नहीं है। 

सूत्र ने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में प्रमुख तेल उत्पादक देशों के साथ तेल की कीमतों, आपूर्ति और मांग के मामले में चिंता जताई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने सऊदी अरब, कुवैत, यूएई, रूस और अन्य जैसे कई देशों के ऊर्जा मंत्रालयों को बैठक के लिए बुलाया है। हालांकि प्राकृतिक तेल पर टैक्स कम करने के मसले पर केंद्र और राज्यों के बीच गतिरोध बरकरार है।


पूरे विश्व को भारत पर विश्वास: पीयूष गोयल

दुबई की सरकार ने जम्मू-कश्मीर के साथ एमओयू करके पूरे विश्व को एक बहुत बड़ा संकेत दिया है कि जैसे भारत तेज़ गति से एक विश्व शक्ति बन रहा है, उसमें जम्मू-कश्मीर की भी बहुत अहम भूमिका होगी।

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर सरकार और दुबई के बीच निवेश को लेकर एक करार हुआ है। जिसपर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पूरे विश्व को आज भारत पर जो विश्वास है कि भारत भविष्य में विश्व व्यापार में बहुत अहम भूमिका निभाएगा, उसके प्रतीक के रूप में आज ये एमओयू दुबई और जम्मू-कश्मीर शासन के बीच तय हुआ है। ये एक पड़ाव है जिसके बाद बड़े रूप में विश्व भर से लोग जम्मू-कश्मीर में निवेश करने आएंगे।


उन्होंने आगे कहा कि दुबई की सरकार ने जम्मू-कश्मीर के साथ एमओयू करके पूरे विश्व को एक बहुत बड़ा संकेत दिया है कि जैसे भारत तेज़ गति से एक विश्व शक्ति बन रहा है, उसमें जम्मू-कश्मीर की भी बहुत अहम भूमिका होगी।


आज फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम जनता की नहीं मिलने वाला आराम

आज भी दोनों ईंधनों के दाम में प्रति लीटर 35-35 पैसे की भारी बढ़ोतरी हुई।

नई दिल्ली: आज एक बार फिर सब देश में पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ गए हैं। आज भी दोनों ईंधनों के दाम में प्रति लीटर 35-35 पैसे की भारी बढ़ोतरी हुई। दिल्ली के बाजार (Delhi Market) में रविवार को इंडियन ऑयल (IOC) के पंप पर पेट्रोल प्रति लीटर 105.84 रुपये और डीजल 94.57 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया।
पिछले महीने की 28 तारीख को पेट्रोल जहां 20 पैसे महंगा हुआ था वहीं डीजल भी 25 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था। दरअसल, पिछले महीने के अंतिम दिनों से जो पेट्रोल की कीमतें बढ़नी शुरू हुई, वह आज भी नहीं थमी है। 

पेट्रोल की कीमतों में देखें तो बीते 16 दिनों में ही यह 4.65 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है। इस दौरान पेट्रोल के मुकाबले डीजल ज्यादा महंगा हुआ है। बीते 19 दिनों में ही यह 5.95 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है।

जानिए अपने शहर में कीमतें

शहर का नामपेट्रोल रुपये/लीटरडीजल रुपये/लीटर
दिल्ली105.8494.57
मुंबई111.77102.52
चेन्नै103.0198.92
कोलकाता106.4397.68
भोपाल114.45103.78
रांची100.2599.80
बेंगलुरु109.53100.37
पटना109.24101.14
चंडीगढ़101.8794.29
लखनऊ102.8395.02
नोएडा103.0695.21
(स्रोत- IOC SMS)


तेल कंपनियां बनीं डॉयन, आज फिर बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, अक्टूबर माह में 13वीं बार बढ़ोत्तरी

आज डीजल के दाम 33 से 37 पैसे तो वहीं पेट्रोल के दाम 30 से 34 पैसे बढ़ें हैं। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं। कई राज्यों में इसके दाम 100 रुपये से ऊपर पहुंच चुके हैं। अक्टूबर माह में आज 13वीं बार पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की गई है।

नई दिल्ली: देश की तेल कंपनियां डॉयन बन चुकी है। ये किसी भी तरीके से आम आदमी को जीने नहीं देना चाह रही है। आज एक बार फिर से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के जाम बढ़ा दिए हैं। आज डीजल के दाम 33 से 37 पैसे तो वहीं पेट्रोल के दाम 30 से 34 पैसे बढ़ें हैं। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं। कई राज्यों में इसके दाम 100 रुपये से ऊपर पहुंच चुके हैं। अक्टूबर माह में आज 13वीं बार पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की गई है।

दिल्ली में पेट्रोल का दाम 105.49 रुपये जबकि डीजल का दाम 93.22 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.43 रुपये व डीजल की कीमत 102.15 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल का दाम 106.10 रुपये जबकि डीजल का दाम 97.33 रुपये लीटर है। वहीं चेन्नई में भी पेट्रोल 102.70 रुपये लीटर है तो डीजल 98.59 रुपये लीटर है।

जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम


दशहरे के दिन भी 'रावण' बनीं तेल कंपनियां, आज फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

आज पेट्रोल-डीजल के दाम में 35-35 पैसे की तगड़ी बढ़ोतरी हुई है।

नई दिल्ली: दशहरा के उल्लास में पेट्रोल-डीजल ने आज भी भंग डाला है। आज पेट्रोल-डीजल के दाम में  35-35 पैसे की तगड़ी बढ़ोतरी हुई है।

महानगरों में पेट्रोल-डीजल के आज के दाम

दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 105.14 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 93.87 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें प्रति लीटर- 111.09 रुपये और 101.78 रुपये, कोलकाता में 105.76 रुपये और 96.98 रुपये, चेन्नई में क्रमशः 98.26 और 102.40 रुपये है।

बता दें कि अक्टूबर के इन 15 दिनों में पेट्रोल जहां 3.50 रुपये महंगा हो हुआ है, तो डीजल 4.00 रुपये। इस महीने की पहली तारीख को पेट्रोल जहां 25 पैसे व डीजल 30 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था।

शहरपेट्रोल (रुपये/लीटर)

डीज़ल (रुपये/लीटर)

श्रीगंगानगर117.22107.99
नई दिल्‍ली105.1493.87
मुंबई111.09101.78
कोलकाता105.7696.98
चेन्‍नई102.498.26
रांची99.699.07
बेंगलुरु108.899.63
पटना108.44100.43
चंडीगढ़101.293.59
लखनऊ102.1594.31
नोएडा102.3894.5

स्रोत: आईओसी


आम आदमी को नहीं मिलने वाला आराम, आज फिर बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम

दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 104.79 रुपए प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 93.52 रुपए प्रति लीटर है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 110.75 और डीज़ल 101.40 रुपए प्रति लीटर है।

नई दिल्ली: आम आदमी को महंगाई से किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिलने वाली। आज एक बार फिर से तेल कंपनियों ने तेल के दाम बढ़ा दिए हैं।

दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 104.79 रुपए प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 93.52 रुपए प्रति लीटर है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 110.75 और डीज़ल 101.40 रुपए प्रति लीटर है। भोपाल में 113.37 और 102.66 रुपए है।  कोलकाता में 105.43 और 96.63 रुपए। चेन्नई में 102.10 और 97.93 रुपए है।

SMS के जरिए ऐसे जानें अपने शहर में पेट्रोल-डीजल के रेट

आप अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना SMS के जरिए भी चेक कर सकते है। इंडियन ऑयल (IOC) के उपभोक्ता RSP<डीलर कोड> लिखकर 9224992249 नंबर पर व एचपीसीएल (HPCL) के उपभोक्ता HPPRICE <डीलर कोड> लिखकर 9222201122 नंबर पर भेज सकते हैं। बीपीसीएल (BPCL) उपभोक्ता RSP<डीलर कोड> लिखकर 9223112222 नंबर पर भेज सकते हैं। 


महंगाई की मार! टमाटर 70 के पार

आम आदमी हर तरफ से महंगाई की मार सहने के लिए मजबूर है। पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों के बीच अब सब्जियों के दाम भी बढ़ने लगे हैं। देश के मेट्रो शहरों में प्रति किलो टमाटर की कीमत 70 रुपए के पार चली गई है।

नई दिल्ली: आम आदमी हर तरफ से महंगाई की मार सहने के लिए मजबूर है। पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों के बीच अब सब्जियों के दाम भी बढ़ने लगे हैं। देश के मेट्रो शहरों में प्रति किलो टमाटर की कीमत 70 रुपए के पार चली गई है। 

बीते 12 अक्टूबर को कोलकाता में टमाटर की कीमत 72 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि कुछ दिनों पहले तक 38 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक्री हुई थी। 

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों को ही मानें तो एक माह में दिल्ली और चेन्नई में, टमाटर की खुदरा कीमतें क्रमश: 30 रुपए और 20 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 57 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। आंकड़ों से पता चलता है कि इस दौरान मुंबई के खुदरा बाजारों में टमाटर की कीमत 15 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 53 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है।


जनता पर लगातार पड़ रही महंगाई की मार, अब बढ़ गए पीएनजी-सीएनजी के दाम

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने 10 दिन के भीतर दूसरी बार कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम में बढ़ोतरी की है। मंगलवार को CNG और PNG की कीमतों में इजाफा किया गया। IGL ने दोनों गैस के दाम में लगभग 2 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे बुधवार से लागू करने की बात कही।

नई दिल्ली: आम आदमी को बढ़ती महंगाई से किसी भी प्रकार की कोई राहत नहीं दिख रही है। इसी बीच इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने सीएनजी और पीएनजी के दाम बढ़ा दिए हैं। दस दिन में आज दूसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं। नई कीमतें आज से लागू हो चुकी हैं।

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने 10 दिन के भीतर दूसरी बार कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम में बढ़ोतरी की है। मंगलवार को CNG और PNG की कीमतों में इजाफा किया गया। IGL ने दोनों गैस के दाम में लगभग 2 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे बुधवार से लागू करने की बात कही।


इससे पहले अक्टूबर में दिल्ली में पीएनजी के दाम में 2.10 रुपये प्रत यूनिट (प्रति एससीएम) का इजाफा किया गया था। वहीं, दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में पीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई थी। तब दिल्ली में पीएनजी के दाम 33.01 रुपये प्रति यूनिट और एनसीआर के शहरों में 32.86 रुपये प्रति यूनिट हो गए थे. अब मंगलवार को आईजीएल ने पीएनजी के दाम में दोबारा बढ़ोतरी की। 


आईजीएल ने मंगलवार को ट्वीट करके पीएनजी के दाम में बढ़ोतरी की जानकारी दी. कीमतों में बदलाव बुधवार यानी आज से लागू हो जाएगा। इसके बाद दिल्ली में पीएनजी के दाम 35.11 प्रति यूनिट हो जाएंगे। जबकि एनसीआर में शामिल नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में पीएनजी 34.86 रुपये प्रति यूनिट मिलेगी। 


दुनिया का हाल: कही बिजली की किल्लत, कही बढ़े गैस और पेट्रोल-डीजल के दाम

विश्व में गैस की औसत कीमत जनवरी से लेकर अब तक 250 फीसदी बढ़ी है। लेकिन गैस के दाम में सबसे ज्यादा इजाफा यूरोपीय देशों में हुआ है। यूरोप में जनवरी के मुकाबले अक्तूबर में गैस की कीमतें छह गुना हो गईं। यूरोप अपनी गैस जरूरत का 35 फीसदी आयात रूस से करता है, इसलिए रूस में गैस के महंगा होने से यूरोप में भी दाम बढ़ गए।

नई दिल्ली: इस समय पूरी दुनिया संकट से गुजर रही है। कई देशों में बिजली गुल होने की नौबत आन पड़ी है। कई देशों में महंगी, बिजली, गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल हो चुके हैं।

वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट का असर ईंधन कीमतों में भारी इजाफे के रूप में दिख रहा है। एशिया, यूरोप और अमेरिका में कोयले, प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर हैं। इससे दुनियाभर के लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है, तो कई मिल-फैक्टरियों पर बंद होने का खतरा मंडराने लगा है।

विश्व में गैस की औसत कीमत जनवरी से लेकर अब तक 250 फीसदी बढ़ी है। लेकिन गैस के दाम में सबसे ज्यादा इजाफा यूरोपीय देशों में हुआ है। यूरोप में जनवरी के मुकाबले अक्तूबर में गैस की कीमतें छह गुना हो गईं। यूरोप अपनी गैस जरूरत का 35 फीसदी आयात रूस से करता है, इसलिए रूस में गैस के महंगा होने से यूरोप में भी दाम बढ़ गए।

यूरोपियन यूनियन के देशों में पिछले कुछ हफ्तों में बिजली दरों में भारी इजाफा देखा जा रहा है। स्पेन में तो दरें तीन गुना तक बढ़ गई हैं। दरों में इजाफे से यूरोप में आने वाली सर्दियां मुसीबत का सबब बन सकती हैं। सर्दियों में बिजली की डिमांड सबसे ज्यादा होती है। एशियाई देशों में भी ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं।


ईंधन की ऊंची कीमतों से बढ़ी महंगाई:

ब्रिटेन में गैस की कीमतें 600 फीसदी बढ़ीं: ऊर्जा और बिजली संकट के मद्देनजर ब्रिटेन में गैस की कीमतें जनवरी के मुकाबले अक्तूबर के दूसरे हफ्ते तक बढ़कर 600 फीसदी हो गईं। जनवरी में एक यूनिट गैस की कीमत 50 पेंस थी, लेकिन अब इसकी कीमत 400 पेंस है। इसी तरह ब्रिटेन में पेट्रोल के दाम 136.5 पेंस प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं।

श्रीलंका में गैस सिलेंडर 2500 रुपये के पार: श्रीलंका में साढ़े 12 किलोग्राम वजनी रसोई गैस सिलेंडर का दाम दोगुना हो गया है। आवश्यक वस्तुओं के लिए मूल्य सीमा समाप्त करने की सरकार की घोषणा के बाद रसोई गैस के एक सिलेंडर की कीमत 11 अक्तूबर को बढ़कर 2657 रुपये हो गई।

पाक में गैस सिलेंडर 30 फीसदी महंगा: पाकिस्तान में 30 अप्रैल से लेकर अगस्त तक गैस के दाम में 30 फीसदी इजाफा हुआ। फिलहाल पाकिस्तान में 11.8 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंड की कीमत 2000 रुपये से अधिक है। पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत बढ़ाकर 127 रुपये प्रति लीटर से अधिक है। प्रति लीटर हाई-स्पीड डीजल की कीमत 122 रुपये और मिट्टी के तेल की कीमत 99 रुपये से अधिक है।

चीन में कोयला 223 रुपये प्रति टन: झेंगझाउ कामोडिटी एक्सचेंज पर प्रति टन कोयला का भाव बढ़कर 233.6 रुपये हो गया। कोयले की किल्लत और इसके रिकॉर्ड ऊंचे भाव से कई संयंत्रों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के कारण 60 से अधिक कोयला खदानों के बंद होने और कोयला संकट गहराने से गैस और तेल की मांग बढ़ गई। मांग बढ़ने से इनके दाम में काफी अधिक बढ़ोतरी हुई है।

जापान में बिजली 33 रुपये प्रति यूनिट : कोयला, गैस और कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे के बाद जापान में बिजली की दर बढ़ गई। अब प्रति किलोवाट घंटा (एक यूनिट) के लिए 33 रुपये देने पड़ रहे हैं। यह पिछले नौ महीने में बिजली दर की सर्वाधिक ऊंची कीमत है। इसके अलावा रसोई गैस और तेल की कीमतों में इजाफे से खाद्य पदार्थ महंगे हो गए हैं।

अमेरिका में दाम बढ़े : अमेरिका में मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतें सात साल का रिकॉर्ड तोड़कर 80.9 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं। सिटीग्रुप इंक ने चौथी तिमाही में तेल की कीमतें बढ़कर प्रति बैरल 90 डॉलर होने का अनुमान लगाया है। कच्चा तेल वैश्विक स्तर पर भी तीन साल के सबसे उच्चतम स्तर 83.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।


अच्छी खबर: 18 अक्टूबर से पूरी तरह से हट जाएंगी घरेलू उड़ानों से पाबंदियां

देश में कोरोना के मामलों में कमी को देखते हुए नागरिक विमानन मंत्रालय ने 18 अक्टूबर से घरेलू व्यावसायिक उड़ानों में यात्रियों की क्षमता को लेकर लागू पाबंदियां हटाने का आदेश दिया है।

नई दिल्ली: देश में कोरोना के मामलों में कमी को देखते हुए नागरिक विमानन मंत्रालय ने 18 अक्टूबर से घरेलू व्यावसायिक उड़ानों में यात्रियों की क्षमता को लेकर लागू पाबंदियां हटाने का आदेश दिया है। 


इससे उड़ानों का संचालन पूरी क्षमता से किया जा सकेगा। इसका अर्थ है कि वे अब सभी उपलब्ध सीटों में से 100 प्रतिशत बुक कर सकती हैं। हालांकि, इस दौरान कोविड प्रोटोकाल का पालन करना होगा। नया आदेश सोमवार 18 अक्टूबर से प्रभावी हो गया है।


हालांकि, एयरलाइंस और हवाईअड्डा संचालकों को मंत्रालय ने कहा है कि सुनिश्चित करें कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए और कोविड उपयुक्त व्यवहार को सख्ती से लागू किया जाए। मंत्रालय ने कहा कि हवाई यात्रा की मांग की समीक्षा के बाद क्षमता प्रतिबंध हटा दिए गए हैं।


नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मई 2020 से घरेलू एयरलाइन की क्षमता को सीमित कर दिया था। वर्तमान में घरेलू उड़ानों की क्षमता की सीमा 85 फीसद है। भारतीय एयरलाइंस 9 अक्टूबर को 2,340 घरेलू उड़ानें संचालित कीं या उनकी संयुक्त रूप से कोविड पूर्व ​​क्षमता का 71.5 फीसद रहा। सितंबर में सरकार ने क्षमता प्रतिबंध को 72.5 फीसदी से बढ़ाकर 85 फीसदी कर दिया था। 


इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जुलाई महीने में घरेलू उड़ानों की क्षमता को 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी किया था। कोरोना के प्रसार के कारण केंद्र सरकार ने दो महीने के ब्रेक के बाद मई महीने में घरेलू उड़ान संचालन फिर से शुरू किया था।


हेरोइन की खेप पकड़े जाने के बाद अडानी ग्रुप का बड़ा फैसला, पाक-अफगान व ईरान से आने वाले माल अपने पोर्ट पर नहीं उतारेगा

अडानी ग्रुप द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया है, 'अपने सभी टर्मिनल पर 15 नवंबर से अडानी पोर्ट्स और सेज ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले कंटेनर को हैंडल नहीं करेगा।'

नई दिल्ली: अडानी ग्रुप ने एक बड़ा फैसला किया है। दरअसल बीते दिनों गुजरात के मुन्द्रा पोर्ट पर हेरोइन की बडी खेप पकड़े जाने के अब  उनसे एक बयान में कहा गया है कि अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान से इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट होने वाले कार्गो को अडानी ग्रुप हैंडल नहीं करेगा। कंपनी का यह फैसला 15 नवंबर से लागू होगा। 

अडानी ग्रुप द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया है, 'अपने सभी टर्मिनल पर 15 नवंबर से अडानी पोर्ट्स और सेज ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले कंटेनर को हैंडल नहीं करेगा।'

बता दें, गुजरात के कच्छ के मुंद्रा पोर्ट पर हेरोइन की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। अनुमान के मुताबिक राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की ओर से पकड़े गए ड्रग्स की कीमत करीब 21 हजार करोड़ रुपये है।

पोर्ट पर दो कंटेनर्स में लगभग 3000 किलो हेरोइन बरामद की गई थी। इसके साथ-साथ दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।

सरकारी एजेंसी ने अपने बयान में कहा था कि हेरोइन को टैल्क ले जाने दो कंटेनरों में रखा गया था। तब डीआरआई ने बताया  था कि एक कंटेनर में लगभग 2,000 किलोग्राम (4,409 पाउंड) हेरोइन और दूसरे में लगभग 1,000 किलोग्राम की खेप अफगानिस्तान से आई थी और इसे ईरान के एक बंदरगाह से गुजरात भेज दिया गया था।


पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने किया आम आदमी का जीना मुहाल, आज फिर से बढ़ गए तेल के दाम, जानिए आपके शहर का भाव

आज डीजल के दाम में प्रति लीटर 35 पैसे की तगड़ी बढ़ोतरी हुई है और पेट्रोल भी 30 पैसे प्रति लीटर महंगा कर दिया गया है।

नई दिल्ली: सरकार आम आदमी को पेट्रोल डीजल के दाम में किसी भी प्रकार की कोई राहत नहीं देना चाह रही है। आज लगातार छठवें दिन पेट्रोल और डीज के दाम में बढ़ोत्तरी हुई है। आज डीजल के दाम में प्रति लीटर 35 पैसे की तगड़ी बढ़ोतरी हुई है और पेट्रोल भी 30 पैसे प्रति लीटर महंगा कर दिया गया है।

इस समय कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Prices) एक बार फिर से 82 डॉलर के पार पहुंच गई है। इसलिए सभी पेट्रोलियम पदार्थ (Petroleum Products) महंगे हो रहे हैं। पेट्रोल की कीमतों में देखें तो इस महीने यह 2.80 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है। वहीं, डीजल इस महीने के एक दिन को छोड़ दें तो हर रोज डीजल महंगा हुआ है। इस दौरान पेट्रोल के मुकाबले डीजल ज्यादा महंगा हुआ है। 10 दिनों में ही यह 3.30 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है।

आइए जानें आज आपके शहर में क्या है पेट्रोल और डीजल के दाम
शहर का नामपेट्रोल रुपये/लीटरडीजल रुपये/लीटर
दिल्ली104.4493.18
मुंबई110.38101.00
चेन्नै101.7697.56
कोलकाता105.0596.24
भोपाल112.96102.25
रांची98.8998.30
बेंगलुरु108.0498.85
पटना107.6099.68
चंडीगढ़100.4992.86
लखनऊ101.4393.57
नोएडा101.7093.80
(स्रोत- HPCL Website)


PM मोदी दशहरे पर करेंगे 7 कंपनियों का उद्धाटन, Indian Army मेक इन इंडिया चीजों से होगी लैस

दशहरे के अवसर पर पीएम मोदी 7 'मेक इन इंडिया' कंपनियों का उद्घाटन करेंगे। इतना ही नहीं भारतीय सेना भी मेक इन इंडिया उपकरणों से लैस होने जा रही है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्तवाकांक्षी योजनाओं में से एक 'मेक इन इंडिया' अब रफ्तार पकड़ चुका है। दशहरे के अवसर पर पीएम मोदी 7 'मेक इन इंडिया' कंपनियों का उद्घाटन करेंगे। इतना ही नहीं भारतीय सेना भी मेक इन इंडिया उपकरणों से लैस होने जा रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक, रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सात नई रक्षा कंपनियों का गठन करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। आगामी 15 अक्तूबर को आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन कंपनियों को राष्ट्र को सर्मपित करेंगे। ये कंपनियां मौजूदा 41 आयुध फैक्टरियों को मिलाकर बनाई गई हैं। साथ ही नई कंपनियां सौ फीसदी सरकारी होंगी, लेकिन ये कॉरपोरेट की तर्ज पर कार्य करेंगी।

केंद्र सरकार का मानना है कि नई कंपनियों के गठन से आयुध फैक्ट्री का परंपरागत स्वरूप खत्म हो जाएगा तथा नई कंपनियां मौजूदा जरूरतों के अनुसार पेशेवर रूप में कार्य कर सकेंगी। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इसी साल जून में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट ने आर्डिनेंस फैक्ट्री के निगमीकरण का फैसला लिया था। मौजूदा 41 फैक्ट्री को उनके कामकाज के हिसाब से सात हिस्सों में वर्गीकृत कर सात नई कंपनियां बनाई गई हैं। मसलन, एक जैसे कार्य में लगी फैक्ट्री को मिलाकर एक नई कंपनी बनाई गई है।

'मेक इन इंडिया' के तहत इन 7 कंपनियों का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी

  • एक कंपनी पूरी तरह से गोला-बारूद एवं अन्य विस्फोटक सामग्री बनाने के कार्य से जुड़ी होगी। इसे म्यूनिशन इंडिया लिमिटेड का नाम दिया गया है। 
  • आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड वाहनों के निर्माण जैसे टैंक, लड़ाकू वाहन, सुरंगरोधी वाहन आदि बनाने का ही कार्य करेगी।
  • एडवांस वेपंस एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड विभिन्न किस्म के हथियारों का निर्माण करेगी। इसमें पिस्टल, रिवॉल्वर से लेकर बड़े कैलीबर के हथियारों का निर्माण शामिल होगा।
  • चौथी कंपनी ट्रूप कंफर्ट्स लिमिटेड सैनिकों के इस्तेमाल से जुड़ी सामग्री का निर्माण करेगी।
  • पांचवीं कंपनी यंत्र इंडिया लिमिटेड सहायक रक्षा सामग्री का निर्माण करेगी। 
  • छठी कंपनी इंडिया आप्टेल लिमिटेड प्रकाशीय इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों के निर्माण का कार्य करेगी। 
  • सातवीं कंपनी ग्लायर्ड इंडिया लिमिटेड को पैराशूट के निर्माण का जिम्मा दिया जाएगा


कोयले की कमी से देश में गहराया बिजल की संकट, अबतक 20 पावर स्टेशन बंद

अबतक विभिन्न राज्यों के 20 थर्मल पांवर स्टेशन बंद हो चुके हैं। पंजाब में तीन, केरल में चार और महाराष्ट्र में 13 थर्मल पावर स्टेशन बंद हो चुके हैं। सभी

नई दिल्ली: कोयली की भारी कमीं होने की वजह से देश पर बिजली संकट आन पड़ा है। अबतक विभिन्न राज्यों के 20 थर्मल पांवर स्टेशन बंद हो चुके हैं। पंजाब में तीन, केरल में चार और महाराष्ट्र में 13 थर्मल पावर स्टेशन बंद हो चुके हैं। सभी 

कोयले की कमी के कारण बंद हुए हैं। संभावित बिजली संकट के डर से, कर्नाटक और पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र से अपने राज्यों में कोयले की आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध किया है। महाराष्ट्र के ऊर्जा विभाग ने नागरिकों से बिजली बचाने का आग्रह किया है। केरल सरकार ने भी चेतावनी दी है कि उन्हें लोड-शेडिंग का सहारा लेना पड़ सकता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया ताकि कोयले और गैस को बिजली की आपूर्ति करने वाले संयंत्रों की तरफ मोड़ा जा सके।


वहीं, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने रविवार को कहा कि दिल्ली में बिजली की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे भी कोयले की आपूर्ति बनी रहेगी। आर के सिंह ने कहा कि देश प्रतिदिन कोयले की औसत आवश्यकता से चार दिन आगे है और इस मुद्दे पर एक अनावश्यक दहशत पैदा की जा रही है। राज्य निश्चित रूप से घबराते दिख रहे हैं। केंद्र का मानना ​​है कि चिंता करने की जरूरत नहीं है।




बढ़ती महंगाई से आम आदमी को नहीं मिल रहा आराम, आज फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए-अपने शहर की कीमतें

आज लगातार पांचवे दिन पेट्रोल और डीजल के दाम फिर से बढ़े हैं। जिसकी वजह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 30 पैसा प्रति लीटर और डीजल 35 पैसा प्रति लीटर महंगा हो गया। दिल्ली में पेट्रोल 104.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.82 रुपये प्रति लीटर बिका रहा है।

नई दिल्ली: आम आदमी को महंगाई से किसी भी प्रकार की राहत मिलती नहीं दिख रही है। आज लगातार पांचवे दिन पेट्रोल और डीजल के दाम फिर से बढ़े हैं। जिसकी वजह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 30 पैसा प्रति लीटर और डीजल 35 पैसा प्रति लीटर महंगा हो गया। दिल्ली में पेट्रोल 104.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.82 रुपये प्रति लीटर बिका रहा है। 

आपके शहर में  पेट्रोल-डीज की नई कीमतें

शहर का नामपेट्रोल रुपये/लीटरडीजल रुपये/लीटर
श्रीगंगानगर116.18106.86
इंदौर112.72101.98
भोपाल112.69101.96
जयपुर111.23102.31
मुंबई110.12100.66
पुणे109.6698.67
बेंगलुरु107.7798.92
पटना107.1999.36
कोलकाता104.8095.93
दिल्ली104.1492.82
चेन्नई101.5397.26
नोएडा101.4093.45
लखनऊ101.1193.26
आगरा100.9493.01
चंडीगढ़100.2492.55
रांची98.6697.98

स्रोत: IOC

SMS के जरिए ऐसे जानें अपने शहर में पेट्रोल-डीजल के रेट

आप अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना SMS के जरिए भी चेक कर सकते है। इंडियन ऑयल (IOC) के उपभोक्ता RSP<डीलर कोड> लिखकर 9224992249 नंबर पर व एचपीसीएल (HPCL) के उपभोक्ता HPPRICE <डीलर कोड> लिखकर 9222201122 नंबर पर भेज सकते हैं। बीपीसीएल (BPCL) उपभोक्ता RSP<डीलर कोड> लिखकर 9223112222 नंबर पर भेज सकते हैं। 


आज लगातार तीसरे दिन फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

आज एक बार फिर से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की है। आज एक लीटर पेट्रोल के दाम 33 से 37 पैसे और एक लीटर डीजल के दाम में 26 से 30 पैसे की बढोतरी हुई है।

नई दिल्ली: आम आदमी को बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों में अभी राहत नहीं मिलने वाली है। आज एक बार फिर से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की है। आज एक लीटर पेट्रोल के दाम 33 से 37 पैसे और एक लीटर डीजल के दाम में 26 से 30 पैसे की बढोतरी हुई है।

आज महानगरों में दिल्ली में पेट्रोल की नई कीम 103.84 रुपए प्रति लीटर है और डीजल के दाम 92.47 रुपए हैं। वहीं, कोलकाता में पेट्रोल व डीजल के दाम क्रमश: 104 रुपए 52 पैसे व 95 रुपए 58 पैसे हो गया है। मुंबई की बात करें तो यहां एक लीटर पेट्रोल- 109 रुपए 83 पैसे जबकि एक लीटर डीजल- 100 रुपए 29 पैसे मिल रहा है। इसके अळावा चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल- 101 रुपए 27 पैसे
एक लीटर डीजल- 96 रुपए 93 पैसे में मिल रहा है।

वहीं, बीते कल यानि की शुक्रवार को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 103.54 पैसे का मिल रहा था। वहीं, एक लीटर डीजल 92.12 रुपए का मिल रहा था। कल कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल 104.23 पैसे का मिल रहा था। वहीं, एक लीटर डीजल 95.23 रुपए का मिल रहा था। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने क्रमश: 24 सितंबर और 28 सितंबर से डीजल एवं पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने का सिलसिला फिर से शुरू कर दिया, जिसके साथ ही उससे पिछले कुछ समय से मूल्य वृद्धि पर लगी रोक समाप्त हो गई. तब से डीजल के दाम 3.80 रुपए प्रति लीटर और पेट्रोल के दाम करीब 2.70 रुपये प्रति लीटर बढ़े हैं।


18000 करोड़ में Air India को टाटा संस ने खरीदा

Dipam सचिव ने बताया कि टाटा सन्‍स की इकाई Talace Pvt Ltd ने 18 हजार करोड़ रुपए में यह बोली जीती है। यह डील दिसंबर 2021 तक पूरी होने की संभावना है। इस बिड को पास करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह की अध्‍यक्षता में मंत्रियों का पैनल बना था। इसमें दो बिडर के बीच कड़ा मुकाबला था।

नई दिल्ली: Air India फिर Tata Sons की झोली में आ गिरी है। Dipam सचिव की मानें तो मंत्री समूह ने Air India के विनिवेश प्रक्रिया में Tata Sons की बोली को स्‍वीकार कर लिया है। इससे टाटा Air India को 67 साल बाद ग्रुप में जोड़ने में कामयाब रहा है। Airline अब नमक से लेकर सॉफ्टवेयर बनाने वाले टाटा समूह के पास वापस चली जाएगी।

Dipam सचिव तुहिन कांत पांडे ने कहा कि Tata Sons ने एंटरप्राइज वैल्‍यू 18000 करोड़ रुपए लगाई थी। इस बिड में दो बोली लगाने वाले ग्रुप ने हिस्‍सा लिया था। 5 बिडर्स को अयोग्‍य घोषित कर दिया गया क्‍योंकि उनकी बोली वे निर्धारित मानदंड से मेल नहीं खा रही थी। बिडर्स को विश्‍वास में लेते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ाया गया।


Dipam सचिव ने बताया कि टाटा सन्‍स की इकाई Talace Pvt Ltd ने 18 हजार करोड़ रुपए में यह बोली जीती है। यह डील दिसंबर 2021 तक पूरी होने की संभावना है। इस बिड को पास करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह की अध्‍यक्षता में मंत्रियों का पैनल बना था। इसमें दो बिडर के बीच कड़ा मुकाबला था। 


आम आदमी की जेब पर फिर पड़ा डाका, पेट्रोल-डीजल के दाम आज फिर बढ़े, 11 दिनों में 2.35 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल

बता दें पिछले मंगलवार से पेट्रोल की कीमतों में इजाफा होना शुरू हुआ था। इस बीच हफ्ते में दो दिन बीते बुधवार और इस सोमवार को सिर्फ दाम स्थिर थे। इसके अलावा हर दिन कीमतों में इजाफा देखने को मिला है। पिछले 11 दिनों में पेट्रोल की कीमतों में 2.35 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, डीजल 3.50 रुपये तक महंगा हो गया है।

नई दिल्ली: आम आदमी को सरकार किसी भी तरीके से महंगाई से राहत नहीं दे रही है। खासकर बढ़ते पेट्रोल डीजल के दाम के मामले में। पिछले 11 दिन में 2.35 रुपए तक पेट्रोल महंगा हुआ है और आज एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल के दामों में क्रमश: 30 पैसे व 35 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है।

इस इजाफे के बाद कोलकाता में पेट्रोल का भाव 104 रुपये के पार पहुंच गया है। वहीं. चेन्नई में पेट्रोल ने 100 का आंकड़ा पार कर लिया है। आज की बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 1 लीटर पेट्रोल का भाव 103.54 रुपये और डीजल की कीमत 92.12 रुपये हो गई है।

आपको बता दें पिछले मंगलवार से पेट्रोल की कीमतों में इजाफा होना शुरू हुआ था। इस बीच हफ्ते में दो दिन बीते बुधवार और इस सोमवार को सिर्फ दाम स्थिर थे। इसके अलावा हर दिन कीमतों में इजाफा देखने को मिला है। पिछले 11 दिनों में पेट्रोल की कीमतों में 2.35 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, डीजल 3.50 रुपये तक महंगा हो गया है।

महानगरों में तेल के नए दाम

  • दिल्ली में पेट्रोल का भाव 103.54 रुपये जबकि डीजल का दाम 92.12 रुपये प्रति लीटर है
  • मुंबई में पेट्रोल की कीमत 109.54 रुपये व डीजल की कीमत 99.92 रुपये प्रति लीटर है
  • कोलकाता में पेट्रोल का दाम 104.23 रुपये जबकि डीजल का दाम 95.23 रुपये लीटर है
  • चेन्नई में भी पेट्रोल 101.01 रुपये लीटर है तो डीजल 96.60 रुपये लीटर है


यात्रीगण कृपया ध्यान दें! 10 अक्टूबर से शुरू होंगी त्योहार के लिए स्पेशल ट्रेनें, वैष्णो देवी के लिए भी चलेंगी दो ट्रेन

त्यौहारों को देखते हुए भारतीय रेल ने दिल्ली से 10 अक्टूबर से त्योहार विशेष रेलगाड़ियां शुरू होने जा रही हैं। फिलहाल आठ ट्रेन की घोषणा की गई है। आगे इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी।

नई दिल्ली: त्यौहारों को देखते हुए भारतीय रेल ने दिल्ली से 10 अक्टूबर से त्योहार विशेष रेलगाड़ियां शुरू होने जा रही हैं। फिलहाल आठ ट्रेन की घोषणा की गई है। आगे इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। 

नवरात्र के मौके पर इनमें से दो ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा के लिए भी हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक बिहार और उत्तर प्रदेश के उन रूटों की पहचान की जा रही है जहां पिछले वर्ष दिवाली और छठ पर ट्रेन फुल या मांग अधिक रही थी। इसकी पहचान होने के बाद जल्द ही यहां के लिए त्योहार स्पेशल ट्रेन की घोषणा की जाएगी।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कुछ डिब्बे रिजर्व रखे जाएंगे। उन्हें जरूरत पड़ने पर अंतिम समय में इस्तेमाल किया जाएगा। त्योहार विशेष ट्रेन केवल कुछ समय-सीमा के लिए चलाई जाती हैं। इसके अलावा कुछ क्लोन ट्रेन चलाई जाएंगी, जिन्हें व्यस्त रूटों पर आगे भी यात्री उपयोग कर सकेंगे। 

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि बुकिंग काउंटर और आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंट से ही टिकट खरीदें। वर्ष 2020 में दिल्ली से करीब 40 से अधिक त्योहार विशेष ट्रेन चलाई गई थीं। इनमें से करीब 90 फीसदी ट्रेन बिहार और उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए थीं।


आम आदमी पर जमकर पड़ रही महंगाई की मार, आज लगातार दूसरे दिन बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

आज दूसरे दिन लगातार पेट्रोल और डीजल के दामों में तेल कंपनियों ने बढ़ोतरी की है। आज पेट्रोल की कीमत में 30 पैसे और डीजल की कीमतों में 35 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।

नई दिल्ली: आम आदमी को सरकार किसी भी प्रकार से महंगाई को लेकर राहत देने के मूड में नहीं है। कभी एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ जा रहे हैं, तो कभी खाने पीने की  चीजों के दाम। ताजा मामले में आज दूसरे दिन लगातार पेट्रोल और डीजल के दामों में तेल कंपनियों ने बढ़ोतरी की है। आज पेट्रोल की कीमत में 30 पैसे और डीजल की कीमतों में 35 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।

महानगरों में पेट्रोल डीजल के नए दाम

  • दिल्ली में पेट्रोल का भाव 103.24 रुपये जबकि डीजल का दाम 91.77 रुपये प्रति लीटर है।
  • मुंबई में पेट्रोल की कीमत 109.25 रुपये व डीजल की कीमत 99.55 रुपये प्रति लीटर है।
  • कोलकाता में पेट्रोल का दाम 103.94 रुपये जबकि डीजल का दाम 94.88 रुपये लीटर है।
  • चेन्नई में भी पेट्रोल 100.75 रुपये लीटर है तो डीजल 96.26 रुपये लीटर है।

26 राज्यों में पेट्रोल 100 के पार

बताते चलें कि 26 राज्यों में पेट्रोल-डीजल का भाव 100 रुपये के पार है जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मणिपुर, नागालैंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, नागालैंड, पुडुचेरी, तेलंगाना, पंजाब, सिक्किम, उड़ीसा, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और राजस्थान के सभी जिलों में पेट्रोल का भाव 100 रुपये प्रति लीटर के पार है।


जनता पर महंगाई की मार, आज लगातार दूसरे दिन बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

आज एक बार फिर से पेट्रोल डीजल के साथ-साथ घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के भी दाम बढ़ गए हैं। जहां एक तरफ, पटना जैसे शहर में गैस सिलेंडरों के दाम 1000 पर पहुंच गए हैं तो वही पेट्रोल और डीजल के दाम आज लगातार दूसरे दिन भी बढ़े हैं।

नई दिल्ली: आम आदमी को महंगाई से किसी भी प्रकार की कोई राहत नहीं मिल रही हैं। आज एक बार फिर से पेट्रोल डीजल के साथ-साथ घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के भी दाम बढ़ गए हैं। जहां एक तरफ, पटना जैसे शहर में गैस सिलेंडरों के दाम 1000 पर पहुंच गए हैं तो वही पेट्रोल और डीजल के दाम आज लगातार दूसरे दिन भी बढ़े हैं।


दिल्ली में आज पेट्रोल के 102.94 रुपये/लीटर (0.30 रुपये  बढ़कर) और डीज़ल 91.42 रुपये/लीटर (0.35 रुपये बढ़कर) है। मुंबई में पेट्रोल 108.96 रुपये/लीटर (0.29 रुपये बढ़कर) और डीज़ल 99.17 रुपये प्रति लीटर (0.37 रुपये बढ़कर) है।


महंगाई की मार! घरेलू LPG सिलेंडर हुआ फिर से महंगा, जानिए-अब कितने बढ़ गए दाम

दिल्ली- मुंबई में नॉन-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 884.50 रुपये से अब 899.50 रुपये हो गई है। पटना में अब एलपीजी सिलेंडर के लिए 1000 में से केवल 2 रुपये कम चुकाने पड़ेंगे।

नई दिल्ली: आम आदमी के लिए सरकार द्वारा कोई राहत नहीं दी जा रही है। रसोई से लेकर पेटोल पम्प तक हर तरफ लोगों की जेबें कट रही है। एक दिन पहले पेट्रोल डीजल के दाम बढ़े रहे और आज घरेलू गैस सिलेंडर के दाम फिर से बढ़ गए हैं।

नॉन-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बुधवार यानी 6 अक्टूबर को एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले एक अक्टूबर को केवल 19 किलो वाले कामर्शियल सिलेंडरों के दाम बढ़ाए गए थे। दिल्ली- मुंबई में नॉन-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 884.50 रुपये से अब 899.50 रुपये हो गई है। पटना में अब एलपीजी सिलेंडर के लिए 1000 में से केवल 2 रुपये कम चुकाने पड़ेंगे।

कोलकाता में 926 और चेन्नई में अब 14.2 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 915.50 रुपये में मिलेगा।  कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि इस बार एलपीजी सिलेंडर का दाम 1000 रुपये के पार चला जाएगा।


आम आदमी को नहीं मिल रहा आराम, आज फिर बढ़ गए पेट्रोल डीजल के दाम

आज डीजल के दाम में 30 से 32 पैसे तो वहीं पेट्रोल के दाम 21 से 25 पैसे बढ़े हैं।

नई दिल्ली: महंगाई की मार से बेहाल आम आदमी को कोई भी राहत मिलती नहीं दिख रही है और खासकर बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दामों से। आज एक बार फिर से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की है। आज डीजल के दाम में 30 से 32 पैसे तो वहीं पेट्रोल के दाम 21 से 25  पैसे बढ़े हैं।

दाम बढ़ने के बाद दिल्ली में पेट्रोल का दाम 102.64 रुपये जबकि डीजल का दाम 91.07 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 108.67 रुपये व डीजल की कीमत 98.80 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल का दाम 103.36 रुपये जबकि डीजल का दाम 94.17 रुपये लीटर है। वहीं चेन्नई में भी पेट्रोल 100.23 रुपये लीटर है तो डीजल 95.59 रुपये लीटर है।

बता दें कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेट्रोल का भाव 100 रुपये पार हो चुका है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक है। 



अभी लोगों को और रुलाएंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, सरकार के पास कीमतें बढ़ाने के अलावा नहीं है और कोई विकल्प

एक सरकारी अधिकारी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिस तेजी से कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं, उस स्थिति में सरकार के पास पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। भारत ना केवल कच्चे तेल का तीसरा बड़ा आयातक है बल्कि वह तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है।

नई दिल्ली: आम आदमी को बढ़ती महंगाई से कोई भी राहत मिलती नहीं दिख रही है। खासकर पेट्रोल और डीजल की कीमतों के मामले में तो बिल्कुल भी नहीं। लोग ऐसी उम्मीद लगा कर बैठे थे कि पेट्रोल और डीजल के दामों में गिरावट आएगी लेकिन आम लोगों को अभी तगड़ा झटका लगने वाला है। दरअसल, भारत सरकार के पास पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिस तेजी से कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं, उस स्थिति में सरकार के पास पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। भारत ना केवल कच्चे तेल का तीसरा बड़ा आयातक है बल्कि वह तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है। देश अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 85 फीसद और प्राकृतिक गैस की जरूरत का 50 फीसद आयात करता है। कच्चे तेल को आयात करने के बाद उसे पेट्रोल और डीजल जैसे ईधन में बदला जाता है जबकि गैस का उपयोग वाहनों में सीएनजी और कारखानों में ईधन के तौर पर होता है।

पेट्रोल-डीजल की कीमत तय करने में शामिल एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ज्यादा हैं, जिसके चलते भारत जैसे देशों को फिलहाल कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। एक महीने पहले जहां कच्चे तेल का दाम 72 डालर प्रति बैरल था वहीं सोमवार को यह बढ़कर 79 डालर प्रति बैरल हो गया। चूंकि बढ़े हुए दामों ने तेल कंपनियों के मार्जिन पर खासा असर डाला है, इसीलिए कीमतों में बढ़ोतरी का भार उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है।

अधिकारी ने कहा कि जुलाई और अगस्त के महीने में कच्चे तेल के दामों में बहुत उतार-चढ़ाव नहीं आया था, इसीलिए तेल कंपनियों ने 18 जुलाई से 23 सितंबर तक कोई मूल्य वृद्धि नहीं की गई थी। उल्टे पेट्रोल की कीमत में 0.65 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दामों में 1.25 रुपये की कमी की गई थी। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों के चलते 28 सितंबर से पेट्रोल और 24 सितंबर से डीजल की कीमतों में वृद्धि शुरू की गई। 

यह बात ठीक है कि सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई, लेकिन 24 सितंबर से अब तक डीजल के दाम 2.15 रुपये बढ़ चुके हैं जबकि एक सप्ताह में पेट्रोल के दामों में सवा रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।

पेट्रोलियम सचिव तरुण कपूर ने पिछले सप्ताह कहा था कि तेल कंपनियां लागत के साथ खुदरा दरों के तालमेल के लिए खुद निर्णय ले रही हैं। हालांकि साथ ही वे सुनिश्चित कर रही हैं कि बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की स्थिति नहीं बने। उन्होंने कहा, 'हमारी स्थिति पर निगाह है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वैश्विक उतार-चढ़ाव का प्रभाव देश में सीमित रहे।' एक अन्य अधिकारी ने कहा कि एलपीजी दरों पर गौर करें तो एक महीने में इसकी कीमत 665 डालर से 797 डालर हो गई है, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियों ने इसका पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला है।


देश के सामने बिजली की संकट, 72 थर्मल प्लांट के पास सिर्फ 3 दिन का कोयला!

मंत्रालय की मानें, तो देश के 135 थर्मल पावर संयंत्रों में से 72 के पास महज तीन दिन और बिजली बनाने लायक कोयला बचा है।

नई दिल्ली: देश में भी पड़ोसी देश चीन की तरह ही बिजली संकट की आशंका है। विशेषज्ञों ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय व अन्य एजेंसियों की तरफ से जारी कोयला उपलब्धता के आंकड़ों का आकलन कर यह चेतावनी दी है। मंत्रालय की मानें, तो देश के 135 थर्मल पावर संयंत्रों में से 72 के पास महज तीन दिन और बिजली बनाने लायक कोयला बचा है। 


ये संयंत्र कुल खपत का 66.35 फीसदी बिजली उत्पादन करते हैं। इस लिहाज से देखें तो 72 संयंत्र बंद होने पर कुल खपत में 33 फीसदी बिजली की कमी हो सकती है। 

सरकार के अनुसार, कोरोना से पहले अगस्त-सितंबर 2019 में देश में रोजाना 10,660 करोड़ यूनिट बिजली की खपत थी, जो अगस्त-सितंबर 2021 में बढ़कर 12,420 करोड़ यूनिट हो चुकी है। 

उस दौरान थर्मल पावर संयंत्रों में कुल खपत का 61.91 फीसदी बिजली उत्पादन हो रहा था। इसके चलते दो साल में इन संयंत्रों में कोयले की खपत भी 18% बढ़ चुकी है। बाकी 50 संयंत्रों में से भी चार के पास महज 10 दिन और 13 के पास 10 दिन से कुछ अधिक की खपत लायक ही कोयला बचा है।

दो साल में इंडोनेशियाई आयातित कोयले की कीमत प्रति टन 60 डॉलर से तीन गुना बढ़कर 200 डॉलर तक हो गई। इससे 2019-20 से ही आयात घट रहा है। लेकिन तब घरेलू  उत्पादन से इसे पूरा कर लिया था। केंद्र ने स्टॉक की सप्ताह में दो बार समीक्षा के लिए कोयला मंत्रालय के नेतृत्व में समिति बनाई है। केंद्रीय बिजली प्राधिकरण, कोल इंडिया लि., पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉर्पोरेशन, रेलवे और ऊर्जा मंत्रालय की भी  कोर प्रबंधन टीम बनाई गई है, जो रोज निगरानी कर रही है।


इस कारण बिगड़े हालात

  • अर्थव्यवस्था सुधरी : यह वैसे तो सकारात्मक है, पर इस वजह से देश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी।
  • कोयला खदान क्षेत्रों में भारी बारिश : सितंबर में भारी बारिश से उत्पादन व आपूर्ति प्रभावित हुई।
  • कीमतें बढ़ीं : कोयला महंगा होने से खरीद सीमित, उत्पादन भी कम।
  • मानसून से पहले स्टॉक नहीं : सरकार के अनुसार कंपनियों को यह कदम पहले से उठाना चाहिए था।
  • राज्यों पर भारी देनदारी : यूपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश पर कंपनियों का भारी बकाया।

ये उपाय किये जा रहे हैं:

  • सरकार का अनुमान है कि बिजली की मांग बढ़ती रहेगी। इसलिए जरूरी है रोजाना कोयला आपूर्ति को खपत से ज्यादा बढ़ाया जाए।
  • सरकार ने 700 मीट्रिक टन कोयला खपत का अनुमान लगाया है और आपूर्ति के निर्देश दिए हैं।
  • सीईए ने कोयले का बकाया नहीं चुकाने वाली बिजली कंपनियों को सप्लाई सूची में नीचे व नियमित भुगतान वाली कंपनियों को प्राथमिकता देने की सिफारिश की।


काम की खबर! कोरोना काल में नौकरी गंवाने वाले लोगों को मोदी सरकार देगी 3 माह का वेतन

केंद्र सरकार नौकरी गंवाने वाले इन सदस्यों को तीन माह की सैलरी देगी। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान ये बात कही है।

नई दिल्ली: कोरोना काल में नौकरी गंवाने वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ECSI) के सदस्यों को बड़ी खुशखबरी मिली है। दरअसल, केंद्र सरकार नौकरी गंवाने वाले इन सदस्यों को तीन माह की सैलरी देगी।  केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान ये बात कही है। 

भूपेंद्र यादव ने कहा कि उनका मंत्रालय कोरोना के चलते जान गंवाने वाले ECSI सदस्यों के स्वजन को आजीवन वित्तीय मदद भी मुहैया कराएगा। हालांकि, श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसके बारे में अभी विस्तार से कुछ नहीं बताया है।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि हर राज्य में 'लेबर कोड' तैयार करने का काम चल रहा है। नए लेबर कोड के कार्यान्वयन की प्रक्रिया जारी है। आपको बता दें कि श्रम से संबंधित 29 श्रम कानूनों को 4 कोड से बदल दिया गया है। इसके लागू होने के बाद कंपनियों में कामकाज से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव आएगा। ऐसा माना जा रहा था कि 1 अक्टूबर से इस कोड को लागू कर दिया जाएगा, लेकिन इंतजार बढ़ता जा रहा है।


दुबई एक्सपो 2020: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किया भारतीय पवेलियन का उद्घाटन, PM मोदी ने दिया ये संदेश

इस मौके पर पीएम मोदी में अपने संदेश में कहा कि एक्सपो 2020 की मेन थीम कनेक्टिंग माइंड्स, क्रिएटिंग द फ्यूचर है। इसकी भावना भारत के प्रयासों में भी दिखाई देती है क्योंकि हम एक नया भारत बनाने के लिए आगे बढ़ते हैं।

नई दिल्ली: आज दुबई में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक्सपो 2020 में भारतीय पवेलियन का उद्घाटन किया।  इस मौके पर पीएम मोदी में अपने संदेश में कहा कि एक्सपो 2020 की मेन थीम कनेक्टिंग माइंड्स, क्रिएटिंग द फ्यूचर है। इसकी भावना भारत के प्रयासों में भी दिखाई देती है क्योंकि हम एक नया भारत बनाने के लिए आगे बढ़ते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष को अमृत महोत्सव के रूप में मना रहा है, हम सभी को भारतीय पवेलियन का दौरा करने और न्यू इंडिया में अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि पिछले 7 सालों में भारत सरकार ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए हैं। हम इस ट्रेंड को जारी रखने के लिए और अधिक प्रयास करते रहेंगे।


पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि भारत अपनी जीवंतता और विविधता के लिए प्रसिद्ध है। हमारे पास विभिन्न संस्कृतियां, भाषाएं, व्यंजन, कला, संगीत और नृत्य हैं। यह विविधता हमारे पवेलियन में झलकती है।

दुबई में भारतीय पवेलियन के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और यूएई के संबंध सिंधु घाटी सभ्यता से वर्तमान समय तक ट्रेस किए जा सकते हैं। एक्सपो में हमारी बड़ी उपस्थिति का एक कारण यूएई के साथ हमारी विशेष साझेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय पवेलियन दुनिया भर में रहने वाले भारतीय नागरिकों के गौरव, क्षमता और शक्ति का प्रतीक है। भारत एक वैश्विक आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।


लगातार तीसरे महीने 1 लाख करोड़ से ज्यादा GST कलेक्शन

सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक सितंबर के ग्रॉस कलेक्शन में सीजीएसटी 20,578 करोड़ रुपए, एसजीएसटी 26,767 करोड़ रुपए, आईजीएसटी 60,911 करोड़ रुपए और सेस 8,754 करोड़ रुपए शामिल है।

नई दिल्ली: सरकारी खजाने में जीएसटी के जरिए लगातार तीसरे महीने एक लाख करोड़ से ज्यादा की रकम इकट्ठी हुई है। सितंबर 2021 के महीने में ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यु कलेक्शन 1 लाख 17 हजार करोड़ रुपए है। सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक सितंबर के ग्रॉस कलेक्शन में सीजीएसटी 20,578 करोड़ रुपए, एसजीएसटी 26,767 करोड़ रुपए, आईजीएसटी 60,911 करोड़ रुपए और सेस 8,754 करोड़ रुपए शामिल है।

ये कलेक्शन पिछले साल के इसी महीने में जीएसटी राजस्व से 23 फीसदी अधिक है। वहीं, लगातार तीसरा महीना है जब कलेक्शन ने 1 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार किया है। इससे पहले अगस्‍त, 2021 में  ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यु कलेक्शन 1,12,020 करोड़ रुपये रहा। इसमें  सीजीएसटी 20,522 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 26,605 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 56,247 करोड़ रुपये और सेस 8,646 करोड़ रुपये शामिल हैं।

बताते चलें कि जीएसटी संग्रह लगातार 9 महीने तक 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने के बाद जून 2021 में घटकर 1 लाख करोड़ रुपये के स्‍तर से नीचे आ गया था। हालांकि, कोविड प्रतिबंधों में ढील देने के बाद जीएसटी कलेक्शन जुलाई और अगस्‍त 2021 में फिर 1 लाख करोड़ से अधिक हो गया। अब सितंबर के महीने में भी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए के पार है। 



70 साल बाद फिर से TATA की होगी Air India, सबसे ज्यादा कीमत लगाकर जीती बोली

अगर ऐसा हुआ है तो कर्ज में डूबी सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइन एयर इंडिया एक बार फिर टाटा ग्रुप के हाथों में चली जाएगी। दरअसल, एयर इंडिया के लिए बोली लगाने की आखिरी तिथि 15 सितंबर थी। इस एयरलाइन के लिए बोली लगाने वाली कंपनियों में टाटा संस भी शामिल थी।

नई दिल्ली: एक बार फिर से लगभग 70 साल बाद भारत सरकार की विमानन कंपनी एयर इंडिया टाटा समूह की होगी। टाटा संस ने ने सबसे ज्यादा कीमत लगाकर बोली जीत ली है। ब्लूम बर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रियों के एक पैनल ने एयरलाइन के अधिग्रहण के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। आने वाले दिनों में एक आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है। हांलाकि अभी नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

अगर ऐसा हुआ है तो कर्ज में डूबी सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइन एयर इंडिया एक बार फिर टाटा ग्रुप के हाथों में चली जाएगी। दरअसल, एयर इंडिया के लिए बोली लगाने की आखिरी तिथि 15 सितंबर थी। इस एयरलाइन के लिए बोली लगाने वाली कंपनियों में टाटा संस भी शामिल थी। बताते चलें कि जे आर डी टाटा ने 1932 में टाटा एयर सर्विसेज शुरू की थी, जो बाद में टाटा एयरलाइंस हुई और 29 जुलाई 1946 को यह पब्लिक लिमिटेड कंपनी हो गई थी। 1953 में सरकार ने टाटा एयरलाइंस का अधिग्रहण कर लिया और यह सरकारी कंपनी बन गई।

अब एक बार फिर टाटा ग्रुप की टाटा संस ने इस एयरलाइन में दिलचस्पी दिखाई है। अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है कि टाटा ने बोली जीत ली है तो करीब 70 साल बाद एक बार फिर एयर इंडिया टाटा ग्रुप के पास  आ जाएगी। टाटा संस की ग्रुप में 66 फीसदी हिस्सेदारी है, और ये टाटा समूह की प्रमुख स्टेकहोल्डर है।



बता दें कि केंद्र सरकार सरकारी स्वामित्व वाली एयरलाइन में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचना चाहती है, जिसमें एआई एक्सप्रेस लिमिटेड में एयर इंडिया की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी और एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल हैं।

विमानन कंपनी साल 2007 में घरेलू ऑपरेटर इंडियन एयरलाइंस के साथ विलय के बाद से घाटे में है। साल 2017 से ही सरकार एयर इंडिया के विनिवेश का प्रयास कर रही है। तब से कई मौके पर प्रयास सफल नहीं हो पाए।


LPG सिलेंडर, चेकबुक, पेंसन से जुड़े आज से बदल जाएंगे 7 नियम

आज से जो नियम बदल रहे हैं उनमें कई बैंकों के चेक बुक, ऑटो डेबिट भुगतान, एलपीजी सिलेंडर के दाम और पेंशन से जुड़े नियम मुख्य हैं।

नई दिल्ली: आज यानी 1 अक्टूबर से बैंक से लेकर रोजमर्रा से जुड़े कई नियम बदल जाएंगे। इन बदलावों का असर आम आदमी से लेकर खास तक के जीवन पर होगा। आज से जो नियम बदल रहे हैं उनमें कई बैंकों के चेक बुक, ऑटो डेबिट भुगतान, एलपीजी सिलेंडर के दाम और पेंशन से जुड़े नियम मुख्य हैं।

ये बदलाव होंगे


LPG घरेलू सिलेंडर हुआ महंगा

1 अक्टूबर को पेट्रोलियम कंपनियां घरेलू एलपीजी के रेट जारी करती हैं। आज से एलपीजी सिलेंडर करीब 36 रुपये महंगा हो गया है। हालांकि यह बढ़ोतरी 19 किलो वाले कामर्शियल सिलेंडर में हुई है। दिल्ली में नॉन-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अभी भी 884.50 रुपये ही है।

खाने के बिल पर FSSAI रजिस्ट्रेशन नंबर लिखना होगा अनिवार्य

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया FSSAI ने एक अक्टूबर तक खाद्य पदार्थों से जुड़े सभी दुकानदारों को रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया था। आज से खाद्य पदार्थों से जुड़े दुकानदारों को सामान के बिल पर FSSAI का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखना अनिवार्य हो गया है। 

अब  दुकान से लेकर रेस्टोरेंट को डिस्प्ले में बताना होगा कि वह किन खाद्य पदार्थों का उपयोग कर रहे हैं। ग्राहकों को बिल पर FSSAI का रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं देंने पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई होगी, जिसमें जेल जाने तक की सजा है।

नहीं चलेगी पुरानी चेक बुक

आज से ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) , यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) और इलाहाबाद बैंक के पुराने चेकबुक काम नहीं करेंगे। इन बैंकों का विलय दूसरे बैंकों में किया जा चुका है, जिसके बाद खाताधारकों के खाता नंबर, चेक बुक, आईएफएससी व एमआईसीआर कोड बदल गए। 

अब तक ग्राहक पुराने चेक बुक का इस्तमाल कर ले रहे थे, लेकिन अब 1 अक्टूबर यानी आज से वो ऐसा नहीं कर पाएंगे। ऐसे में खाताधारकों को नए चेकबुक लेना होगा।

पेंशन नियम में होगा बदलाव

आज से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र से जुड़ा नियम बदल गया है। देश के सभी बुजुग पेंशनर्स जिनकी उम्र 80 साल या उससे ज्यादा है वो देश के सभी प्रधान डाकघर के जीवन प्रमाण सेंटर में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। इसके लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है।

दिल्ली में प्राइवेट शराब की दुकानें बंद 

दिल्ली में निजी शराब की दुकानें आज से बंद हो रही हैं और 16 नवंबर, 2021 तक बंद रहेंगी। तब तक सिर्फ सरकारी दुकानें खुलेंगी। यह बदलाव लाइसेंस के अलॉटमेंट को लेकर किया गया। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के अनुसार नई एक्साइज पॉलिसी राजधानी को 32 जोन में बांटेगी। नई गाइडलाइन के मुताबिक 17 नवंबर से नई नीति के तहत आने वाली दुकानें ही संचालित हो सकेंगी।

निष्क्रिय हो जाएगा डीमैट अकाउंट

सेबी ने डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट रखने वाले लोगों को 30 सितंबर 2021 से पहले केवाईसी डिटेल्स अपडेट करने के लिए कहा था। अगर आपने अब तक अपने डीमैट अकाउंट में केवाईसी अपडेट नहीं किया है तो आपका डीमैट अकाउंट सस्पेंड हो जाएगा और आप बाजार में ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे। यह तब तक चालू नहीं होगा, जब तक आप केवाईसी अपडेट नहीं कर लेते।

म्यूचुअल फंड निवेश में बदलाव होगा

बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड निवेश के नियम में बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक एसेट अंडर मैनेजमेंट, म्यूचुअल फंड हाउस में काम करने वाले जूनियर कर्मचारियों पर लागू होगा। 1 अक्टूबर 2021 सेएमएससी कंपनियों के जूनियर कर्मचारियों को अपनी सैलरी का 10 फीसदी हिस्सा म्यूचुअल फंड के यूनिट्स में निवेश करना होगा, जबकि 1 अक्टूबर 2023 तक फेजवाइज यह सैलरी का 20 फीसदी हो जाएगा।

ऑटो डेबिट भुगतान का बदलेगा तरीका

1 अक्टूबर से क्रेडिट-डेबिट कार्ड के पेमेंट से जुड़े नियम में बदलाव हो गया है। आज से आपके क्रेडिट/डेबिट कार्ड से होने वाले ऑटो भुगतान का नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत बिना ग्राहक की जानकारी दिए बैंक आपके खाते से पैसा नहीं काट सकेंगे। बैंक आपको इसके लिए पूर्व जानकारी देगा, सभी इसकी पेमेंट आपके बैंक से कटेगी। बैंक उपभोक्ता के खाते से पैसा तभी डेबिट होगा, जब वह इसके लिए अनुमति देगा।


आम आदमी को नहीं मिलनेवाला आराम, आज फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

यह बढ़ोत्तरी सराकरी तेल कंपनियों की ओर से की गई है। डीजल के दाम में जहां 29 से 32 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है वहीं पेट्रोल के दाम 22 से 30 पैसे बढ़े हैं।

नई दिल्ली: आम आदमी को किसी भी प्रकार से महंगाई से राहत नहीं मिलने वाली है। खास करके पेट्रोल डीजल की कीमतों के मामले में। आज एक बार फिर से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। यह बढ़ोत्तरी सराकरी तेल कंपनियों की ओर से की गई है। डीजल के दाम में जहां 29 से 32 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है वहीं पेट्रोल के दाम 22 से 30 पैसे बढ़े हैं।

महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

  • दिल्ली में पेट्रोल का दाम 101.89 रुपये जबकि डीजल का दाम 90.17 रुपये प्रति लीटर
  • मुम्बई में पेट्रोल की कीमत 107.95 रुपये व डीजल की कीमत 97.84 रुपये प्रति लीटर
  • कोलकाता में पेट्रोल का दाम 102.47 रुपये जबकि डीजल का दाम 93.27 रुपये
  • चेन्नई मेंपेट्रोल 99.58 रुपये लीटर है तो डीजल 94.74 रुपये लीटर है

कई राज्यों में पेट्रोल के दाम 100 के पार

भारत में फिलहाल मुंबई ऐसा शहर है जहां पेट्रोल के दाम सबसे अधिक 107 रुपये प्रति लीटर है। इसके अलावा कई ऐसे राज्य हैं जहां पेट्रोल के दाम ने सेंचुरी का आंकड़ा पार कर लिया है इन राज्यों में बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं।


निवेशकों को 'करोड़पति' बनाने की गारंटी देकर बुरे फंसे बाबा रामदेव, SEBI ने भेजा नोटिस

दरअसल, रामदेव अपनी कंपनी के शेयर लोगों से खरीदने की अपील की और उन्हें करोड़पति बनाने तक की गारंटी दे डाली। जब इसका वीडियो वायरल को तो अब उन्हें SEBI ने नोटिस जारी किया है।

नई दिल्ली: योगगुरू स्वामी रामदेव अक्सर विवादों को लेकर चर्चा में रहते हैं। अभी डॉक्टरों के खिलाफ दिए गए विवादित बयान का मामला शांत नहीं हुआ था कि बाबा ने एक और विवादित बयान दे दिया है। दरअसल, रामदेव अपनी कंपनी के शेयर लोगों से खरीदने की अपील की और उन्हें करोड़पति बनाने तक की गारंटी दे डाली। जब इसका वीडियो वायरल को तो अब उन्हें SEBI ने नोटिस जारी किया है।


मिली जानकारी के मुताबिक, शेयर बाजार को रेग्युलेट करने वाली संस्था सेबी ने योगगुरु रामदेव की कंपनी रुचि सोया को नोटिस जारी किया है। नोटिस में सेबी ने रुचि सोया से यह बताने के लिए कहा है कि योगगुरु रामदेव ने नियामक मानदंडों का उल्लंघन क्यों किया। आपको बता दें कि रामदेव की पतंजलि ने दिवाला प्रक्रिया के जरिए साल 2019 में रुचि सोया का अधिग्रहण किया था। ये कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड है। 

दरअसल, आस्था टीवी पर प्रसारित एक योग सत्र के दौरान योगगुरु रामदेव लोगों से रुचि सोया के स्टॉक में निवेश करने का आग्रह करते नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही रामदेव ने वीडियो में कुछ ऐसी भी बातें कही हैं, जो सेबी की नजर में संदिग्ध है। यही वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद पूंजी बाजार नियामक सेबी ने रुचि सोया को नोटिस जारी किया है।  

वीडियो क्लिप में रामदेव कहते हैं, “आजकल, रुचि सोया के एफपीओ (फोलो-ऑन पब्लिक ऑफर) पर बहुत चर्चा है। अब, क्या आप करोड़पति बनना चाहते हैं? मैं करोड़पति बनने का मंत्र दूंगा। मैंने अभी-अभी शेयर बाजार में निवेश करने के तरीके सीखे हैं। शेयरों में व्यापार करने के लिए, एक डीमैट खाते की आवश्यकता होती है। इसलिए, आज ही एक डीमैट खाता खोलें।” योग गुरु रामदेव की यहां तक की बातों को सेबी निवेश की सलाह के तौर पर देख रहा है।  

वीडियो में इसके आगे रामदेव ने जो बातें कही हैं, वो सेबी की नजर में संदिग्ध है। रामदेव आगे कहते हैं, “जब मैं आपको बताऊं तो अपने डीमैट खाता में रुचि सोया के शेयर खरीदें। रुचि सोया के बाद पतंजलि आयुर्वेद के शेयर खरीदें।” आपको यहां बता दें कि पतंजलि अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है लेकिन कंपनी आईपीओ के जरिए शेयर बाजार में एंट्री का ऐलान कर चुकी है। ऐसा माना जा रहा है कि पतंजिल अगले साल शेयर बाजार में लिस्टेड हो जाएगी।

वीडियो क्लिप में रामदेव आगे कहते हैं, “पतंजलि के लिए, मैं और अधिक करूंगा। मुझे सीमा में रहकर बात करने की जरूरत है। रुचि सोया का एफपीओ जारी है। पतंजलि का आकलन किसी भी एजेंसी से करवा लें, मार्केट कैप हजारों करोड़ में होगा। इसलिए, जो कोई भी पतंजलि और रुचि सोया के शेयरों में निवेश करता है, उसे करोड़पति बनने से नहीं रोका जा सकता है। यह गारंटी मैं आपको दे रहा हूं।” 


गुजरात और मध्य प्रदेश को मोदी सरकार ने दिया ये बड़ा तोहफा

मध्य प्रदेश में नीमच-रतलाम लाइन अभी भी सिंगल लाइन है। इस लाइन के डब्लिंग की मंजूरी दे दी गई है। 133 किलोमीटर की इस लाइन पर लगभग 196 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

नई दिल्ली: आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में सरकार द्वारा कई निर्णय लिए गए जिनमें मध्य प्रदेश और गुजरात में नए रेलवे लाइन बिछाने का निर्णय लिया गया। 

बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि आज कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें कई महत्वपूर्ण मामलों पर निर्णय लिए गए। मध्य प्रदेश में नीमच-रतलाम लाइन अभी भी सिंगल लाइन है। इस लाइन के डब्लिंग की मंजूरी दे दी गई है। 133 किलोमीटर की इस लाइन पर लगभग 196 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

उन्होंने आगे बताया कि गुजरात में राजकोट-कनालुस लाइन को भी डब्लिंग की मंजूरी दी गई। 111 किलोमीटर की इस लाइन पर 1080 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इन दोनों लाइन के निर्माण होने से उद्योगों को बल मिलेगा। सुनिश्चित किया गया है कि 3 सालों में इन दोनों रेलवे लाइनों को पूरा किया जाए।


आम आदमी को नहीं मिलने वाला आराम, आज फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

तेल कंपनियों ने डीजल में आज सीधे 25 पैसों की बढ़ोतरी की है। वहीं, पेट्रोल 20 से 22 पैसों तक महंगा हुआ है।

नई दिल्ली: महंगाई से आम आदमी को किसी प्रकार की राहत मिलती नहीं दिख रही है। एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं।


पिछले पांच दिनों में डीजल के रेट में आज चौथी बार बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही आज यानी मंगलवार को पेट्रोल भी महंगा हो गया है। तेल कंपनियों ने डीजल में आज सीधे 25 पैसों की बढ़ोतरी की है। वहीं, पेट्रोल 20 से 22 पैसों तक महंगा हुआ है। बता दें पेट्रोल के दामों में लगभग दो महीनों बाद बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले तेल कंपनियों ने 24, 26 और 27 सितंबर को भी डीजल के दाम बढ़ाए थे। 

दाम बढ़ने के बाद अब दिल्लीमें पेट्रोल101.39 रुपये और डीजल 89.57 प्रति लीटर हो गया है। लखनऊ में पेट्रोल- 98.51 रुपये प्रति लीटर तो डीजल- 89.98 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पटना में पेट्रोल 104.04 रुपये प्रति लीटर तो डीजल 95.70 रुपये है। जबकि मुंबई में पेट्रोल 107.47 और डीजल 97.21 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है।

कोलकाता में पेट्रोल 101.87 रुपये प्रति लीटर हो गया है जबकि डीजल 92.62 प्रति लीटर के रेट से बिक रहा है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 99.15 और डीजल 94.17 रुपये प्रति लीटर है। अगर बेंगलुरु की बात करें तो पेट्रोल 104.92 और डीजल 95.06 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। भोपाल में पेट्रोल109.85 प्रति लीटर तो एक लीटर डीजल 98.45 रुपये के रेट से आज बिक रहा है। 


सोना हुआ महंगा, चांदी भी चमकी!

चडीएफसी सिक्योरिटीज के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में सोने के दाम में 35 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इससे हाजिर बाजार में सोने का रेट 45,110 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इससे पिछले सत्र में दिल्ली में 10 ग्राम सोने का रेट 45,075 रुपये पर रहा था।

मुंबई: काफी समय से सोने और चांदी के दामों में गिरावट दर्ज की जा रही थी। लेकिन आज से फिर सोना और चांदी दोनों के दाम बढ़ गए हैं। सोने एवं चांदी की कीमत में सोमवार को बढ़त देखने को मिली। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में सोने के दाम में 35 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इससे हाजिर बाजार में सोने का रेट 45,110 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इससे पिछले सत्र में दिल्ली में 10 ग्राम सोने का रेट 45,075 रुपये पर रहा था।

वैश्विक स्तर पर सोने एवं चांदी की कीमतों में बढ़ोत्तरी की बदौलत घरेलू बाजारों में यह तेजी देखने को मिली। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के मुताबिक चांदी की कीमत में भी 383 रुपये प्रति किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई। इससे शहर में चांदी की कीमत 59,138 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। हाजिर बाजार में इससे पिछले सत्र में चांदी की कीमत 58,755 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी।


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का भाव तेजी के साथ 1,755 डॉलर प्रति औंस पर रहा। इसी तरह चांदी की कीमत 22.60 डॉलर प्रति औंस पर सपाट रही। विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन के एवरग्रांड संकट को लेकर सोमवार को सोने के दाम में तेजी देखने को मिली।''

विशेषज्ञों का कहना है कि 'पिछले सप्ताह में 1,750 डॉलर प्रति औंस के नीचे आने के बाद इस सप्ताह के पहले कारोबारी सत्र में सोने के दाम में तेजी दर्ज की गई। इसकी वजह यह है कि चीन के एवरग्रांड संकट से जुड़ी चिंताओं की चलते निवेशकों ने जोखिम लेना उचित नहीं समझा लेकिन ब्याज दर में बढ़ोत्तरी और जुलाई के बाद यील्ड में सबसे ज्यादा वृद्धि से बुलियन की तेजी एक स्तर तक सीमित रही।


2021 में अबतक 185 बिलियन डॉलर का निर्यात: पीयूष गोयल

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस वर्ष निर्यात में पिछले वर्ष से लगभग 30% से ज़्यादा की बढ़ोतरी का लक्ष्य है। पहले 6 महीने पूरे होने से पहले ही 185 बिलियन डॉलर का निर्यात हो चुका है, ये वर्ष भारत के रिकॉर्ड निर्यात का वर्ष होगा।

नई दिल्ली: केंद्रीय सरकार द्वारा आयोजित किए गए वाणिज्य सप्ताह कार्यक्रम का आज समापन हो गया। समापन के अवसर पर  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वाणिज्य सप्ताह में देशभर में लगभग एक करोड़ लोगों ने भाग लिया या इस वाणिज्य सप्ताह के काम ने उन्हें छुआ। इस ​वाणिज्य सप्ताह की सफलता पर मैं उद्योग जगत से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद करता हूं।

उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष निर्यात में पिछले वर्ष से लगभग 30% से ज़्यादा की बढ़ोतरी का लक्ष्य है। पहले 6 महीने पूरे होने से पहले ही 185 बिलियन डॉलर का निर्यात हो चुका है, ये वर्ष भारत के रिकॉर्ड निर्यात का वर्ष होगा।


RSS से जुड़ी पत्रिका ने ई कॉमर्स कम्पनी अमेजन को बताया 'ईस्ट इंडिया कंपनी 2.0'

पांचजन्य ने ईस्ट इंडिया कंपनी 2.0 के नाम से अपने लेख लिखा, भारत पर 18वीं शताब्दी में कब्जा करने के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी ने जो कुछ किया, वही आज अमेजन की गतिविधियों में दिखाई देता है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी एक पत्रिका ने मशहूर ई कॉमर्स कंपनी की तुलना अंग्रेजों के जमाने की 'ईस्ट इंडिया कंपनी' से करते हुए उसे 'ईस्ट इंडिया कंपनी 2.0' करार दिया है।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी साप्ताहिक पत्रिका पांचजन्य ने कहा है कि कंपनी ने अनुकूल सरकारी नीतियों के लिए रिश्वत के तौर पर करोड़ों रुपए का भुगतान किया है। पांचजन्य ने अपनी पत्रिका के नए संस्करण में अमेजन पर लेख लिखते हुए उसकी कड़ी आलोचना की है। इससे पहले इसी पत्रिका ने अपने एक लेख में दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस पर गंभीर आरोप लगाए थे।

पांचजन्य ने ईस्ट इंडिया कंपनी 2.0 के नाम से अपने लेख लिखा, भारत पर 18वीं शताब्दी में कब्जा करने के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी ने जो कुछ किया, वही आज अमेजन की गतिविधियों में दिखाई देता है। 

पत्रिका ने यह दावा करते हुए कि अमेजन भारतीय बाजार में अपना एकाधिकार स्थापित करना चाहता है और ऐसा करने के लिए ई-कॉमर्स कंपनी ने भारतीय नागरिकों की आर्थिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर कब्जा करने के लिए पहल करना शुरू कर दिया है। 

लेख में अमेजन के वीडियो मंच की भी कड़ी आलोचना करते हुए कहा गया कि वह अपने मंच पर ऐसी फिल्में और वेब सीरीज जारी कर रहा है, जो भारतीय संस्कृति के खिलाफ हैं।


अबकी बार... जमकर पड़ रही महंगाई की मार: LPG सिलेंडर होगा 1000 के पार

एक तरफ बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ रखा है तो दूसरी तरफ अब घरेलू गैस की कीमतें एक बार फिर से बढ़ने जा रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही एलपीजी सिलेंडर्स के दाम 1000/- पार जा सकते हैं।

नई दिल्ली: आम आदमी को महंगाई से किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिल रही है। एक तरफ बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ रखा है तो दूसरी तरफ अब घरेलू गैस की कीमतें एक बार फिर से बढ़ने जा रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही एलपीजी सिलेंडर्स के दाम 1000/- पार जा सकते हैं।

दूसरी तरफ, 18 दिन से स्थिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज बदलाव से इसकी शुरुआत भी हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं। पिछले दस दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। कच्चे तेल की कीमत अगस्त में कच्चे तेल के दाम 74.22 डॉलर प्रति बैरल थे। सितंबर में कच्चे तेल के दाम 75 डॉलर पार सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का रुझान जारी रहता है, तो इसका असर तेल की कीमतों पर होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ सकते हैं।


वहीं, कच्चे तेल और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमत बढ़ती है, तो रसोई गैस भी मंहगी होगी। खबर है कि सरकार रसोई गैस सब्सिडी को भी पूरी तरह खत्म कर सकती है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सब्सिडी सिर्फ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दी जा सकती। वहीं, सरकार के आंतरिक सर्वे में यह बात मानी गई है कि उपभोक्ता एक हजार रुपए का सिलेंडर खरीद सकते हैं।

बताते चलें कि मंत्रालय ने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है। पर जल्द ही सरकार इन बारे में कोई निर्णय कर सकती है। इस साल एक जनवरी के बाद राजधानी दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 190.50 रुपए बढ़ी है, जबकि पिछले साल से कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है।

फिलहाल देश के चुनिंदा राज्यों में उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। जिन राज्यों में लोगों को एलपीजी सिलेजर्स पर सब्सिडी मिल रही है उनमें लद्दाख, लक्ष्यद्वीप, अंडमान निकोबार, उत्तर पूर्व के राज्य और कुछ राज्यों के पिछडे़ क्षेत्र शामिल हैं।



Modi in America : पीएम मोदी ने की ग्लोबल CEO से बात, क्रिस्टियानो ने दिखाई 5G में रुचि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाशिंगटन डीसी में क्वालकाम के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) क्रिस्टियानो आर अमोन से मुलाकात की।

वाशिंगटन: भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे पर हैं और आज उनके दौरे का पहला दिन है। पीएम मोदी ने मौजूदा समय में अमेरिका दौरे पर है। गुरुवार को पहले दिन पीएम मोदी की पांच कंपनियों के ग्लोबल सीईओ से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाशिंगटन डीसी में क्वालकाम के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) क्रिस्टियानो आर अमोन से मुलाकात की। 


बैठक के बाद क्रिस्टियानो आर अमोन कहा कि यह एक शानदार बैठक थी। हमें भारत के साथ साझेदारी पर बहुत गर्व है। हमने 5 जी और इसमें गति के बारे में बात की। हमने न केवल भारत में बल्कि प्रौद्योगिकी के निर्यात के रूप में उद्योग को आगे बढ़ाने के एक अविश्वसनीय अवसर के बारे में बात की।

बता दें कि यह बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा है, जो पीएम मोदी उन चुनिंदा कारपोरेट प्रमुखों के साथ करेंगे, जिनमें भारत में महत्वपूर्ण निवेश करने की क्षमता है। क्वालकाम प्रमुख के अलावा पीएम मोदी एडोब, ब्लैकस्टोन, जनरल एटॉमिक्स और फर्स्ट सोलर के प्रमुखों से मिलने वाले हैं। क्वालकाम एक बहुराष्ट्रीय फर्म है, जो सेमीकंडक्टर्स, सॉफ्टवेयर और वायरलेस टेक्नोलॉजी सर्विस देने वाली कंपनी है। मीटिंग में दौरान भारत में निवेश को लेकर बातचीत हो सकती है।


LIC ने विदेशी निवेशकों के लिए खोला दरवाजा, चीन की नो एंट्री!

ये दावा न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में किया गया है। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारत सरकार, चीनी निवेशकों को जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में शेयर खरीदने से रोकना चाहती है।

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) के आईपीओ से पहले विदेशी निवेश की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि, विदेशी निवेशकों में चीन की एंट्री पर रोक के लिए योजना बनाई जा रही है। ये दावा न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में किया गया है। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारत सरकार, चीनी निवेशकों को जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में शेयर खरीदने से रोकना चाहती है।


रिपोर्ट के मुताबिक एलआईसी जैसी कंपनियों में चीन का निवेश जोखिम पैदा कर सकता है। यही वजह है कि सरकार चीन के निवेश को रोकने पर मंथन कर रही है, हालांकि अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल गलवान घाटी में सीमा पर उपजे विवाद के बाद से कारोबारी स्थिति पहले जैसी नहीं रह गई है। सरकार लगातार चीन से आयात होने वाले प्रोडक्ट पर एंटी डंपिंग चार्ज लगा रही है। वहीं, टिकटॉक समेत कई चर्चित ऐप्स को भी बैन किया जा चुका है।  

बहरहाल, रॉयटर्स की ताजा खबर पर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय और एलआईसी की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई जवाब नहीं दिया गया है। वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय ने भी अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। आपको बता दें कि सरकार इस वित्त वर्ष के अंत तक एलआईसी का आईपीओ लेकर आ जाएगी। इस आईपीओ के जरिए सरकार 5% से 10% की हिस्सेदारी बेचकर करीब 1 लाख करोड़ रुपए जुटाने की उम्मीद कर रही है। इसके साथ ही एलआईसी की शेयर बाजार में लिस्टिंग होगी।


बता दें कि मौजूदा एफडीआई नीति के मुताबिक बीमा क्षेत्र में ‘स्वत: मंजूरी मार्ग’ के तहत 74 फीसदी विदेशी निवेश की अनुमति है। हालांकि, ये नियम भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) पर लागू नहीं होते हैं। मौजूदा नियम के तहत, कोई भी विदेशी निवेशक एलआईसी में निवेश नहीं कर सकता है।

हालांकि, सरकार विदेशी संस्थागत निवेशकों को एलआईसी की पेशकश का 20% तक खरीदने की अनुमति देने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो कोई विदेशी निवेशक देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी में बड़ी हिस्सेदारी खरीद सकता है। सूत्रों ने ये भी बताया कि सरकार ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह पूरी राशि जुटाने के लिए शेयरों की एक किश्त बेचेगी या दो चरणों में बिक्री करेगी।


बड़ा फैसला: ई कॉमर्स कंपनी Amazon ने 600 चाइनीज ब्रांड को किया बैन, करते थे ये गलत काम

अमेजन ने लगभग 3,000 ऑनलाइन मर्चेंट खातों पर रोक लगा दी है, जिन्हें उसके स्टोर पर 600 चीनी ब्रांड द्वारा समर्थित किया गया था।

नई दिल्ली: चाइनीज कंपनियों पर अब भारत में व्यापार कर रही ई-कॉमर्स कंपनियों ने भी नकेल कसनी शुरू कर दी है। दरअसल, अमेजन ने 600 चीनी ब्रांड को बैन किया है। अमेजन ने लगभग 3,000 ऑनलाइन मर्चेंट खातों पर रोक लगा दी है, जिन्हें उसके स्टोर पर 600 चीनी ब्रांड द्वारा समर्थित किया गया था। यह रोक उपभोक्ता समीक्षा दुर्व्यवहारों पर कंपनी की कार्रवाई का हिस्सा है, जिन्हें सबसे पहले द वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा रिपोर्ट किया गया।

प्रकाशन ने कुछ कंपनियों की ओर इशारा किया था जो स्टोर पर सकारात्मक समीक्षा के बदले ग्राहकों को गिफ्ट कार्ड प्रदान करती हैं। द वर्ज ने जांच में पाया कि इनमें से कुछ ऑफर वीआईपी परीक्षण कार्यक्रमों या विस्तारित उत्पाद वारंटी के रूप में भी कवर्ड थे। अन्य कंपनियों ने उन लोगों को प्रोत्साहन पैकेज की पेशकश की, जिन्होंने खराब समीक्षा पोस्ट की, उन्हें एक मुफ्त उत्पाद या पूर्ण धनवापसी देने का ऑफर दिया गया बशर्ते वे नकारात्मक समीक्षा को हटा दें।

अमेजन की एशिया ग्लोबल सेलिंग की उपाध्यक्ष सिंडी ताई ने चाइना सेंट्रल टेलीविजन के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य चीन या किसी अन्य देश को टारगेट करना नहीं था। उसने यह भी कहा कि इस कार्रवाई से मंच पर चीनी ब्रांड की वृद्धि प्रभावित नहीं हुई है।

द वर्ज के साथ साझा किए गए एक बयान में, अमेजन ने कहा, ग्राहक खरीद निर्णय लेने के लिए उत्पाद समीक्षाओं की सटीकता और प्रामाणिकता पर भरोसा करते हैं और हमारे पास समीक्षकों और बिक्री भागीदारों दोनों के लिए स्पष्ट नीतियां हैं जो हमारी सामुदायिक सुविधाओं के दुरुपयोग को प्रतिबंधित करती हैं। हम इन नीतियों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हैं चाहे वे दुनिया में कहीं भी हों।

अमेजन ने कहा है कि हम दुरुपयोग का पता लगाने में सुधार करना जारी रखेंगे और गलत काम करने वालों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई करेंगे, जिसमें जानबूझकर नीति उल्लंघन शामिल हैं। इनमें जिसमें समीक्षा दुरुपयोग भी आता है। कंपनी ने कहा कि की गई कार्रवाई ग्राहकों के हित में और एक ईमानदार व्यवसाय बनाए रखने के लिए की गई है।


जानिए: क्यों पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने से बच रही है मोदी सरकार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम लोगों की उम्मीदों को झटका देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भारत सरकार पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने का सही समय नहीं है। ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि अगर पेट्रोल और डीजल भी GST यानी वस्तु और सेवा कर के दायरे में आ जायें, तो आपके घर का मासिक बजट किस हद तक महंगाई से लड़ने में मददगार बन सकता है?

नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल की बैठक में आम आदमी को उनके उस सवाल का जवाब मिल गया है जिसकी वह प्रतीक्षा कर रहे थे। लोगों को इस बात की उम्मीद थी कि पेट्रोल और डीजल को सरकार जीएसटी के दायरे में लाएगी तो उनपर खर्च का बोझ कम हो जाएगा। लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम लोगों की उम्मीदों को झटका देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भारत सरकार पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने का सही समय नहीं है।

ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि अगर पेट्रोल और डीजल भी GST यानी वस्तु और सेवा कर के दायरे में आ जायें, तो आपके घर का मासिक बजट किस हद तक महंगाई से लड़ने में मददगार बन सकता है? जाहिर है कि सोचा भी होगा लेकिन इसका जवाब शायद नहीं मिल पा रहा होगा।  चूंकि ये मसला सिर्फ आपके घर की तिजोरी से नहीं बल्कि केंद्र से लेकर हर राज्य की सरकार के खजाने से जुड़ा हुआ है।  लिहाज़ा,पहले वे अपनी तिजोरी को भरने की चिंता करें,या हम सबकी। ये ऐसा मसला है,जो हम सबकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ है और इन दोनों जरुरी चीजों की कीमतें ही हमारे देश में महंगाई का पैमाना तय करती हैं कि वो कम होगी या फिर सुरसा की तरह बढ़ती ही जाएगी।


इसी मसले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में शुक्रवार को जीएसटी कॉउंसिल की जो मीटिंग हुई, उसमें दो राज्यों का रुख बेहद चौंकाने वाला था। वह इसलिये कि महाराष्ट्र व केरल ऐसे राज्य हैं,जहां बीजेपी सत्ता में नहीं है और वहां की सरकारों से लोगों को ये उम्मीद थी कि वे तो हर सूरत में पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगी। लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट क्योंकि इन दोनों सरकार ने कोरोना महामारी की दलील देते हुए साफ कह दिया कि अगर केंद्र सरकार ने ऐसा किया,तो हम तो सड़क पर आ जाएंगे। तो इससे एक बात तो साफ हो ही गई और लगे हाथ विपक्षी दलों के इस आरोप की भी हवा निकल गई,जो हर रोज चिल्लाते हुए कहते हैं कि मोदी सरकार अपना खज़ाना भरने के लिए इन दोनों ईंधन को जीएसटी में नहीं लाना चाहती।


ऐसे में सवाल उठता है कि तो सवाल ये उठता है कि आखिर केंद्र व राज्य सरकारें इसे जीएसटी में लाने से आखिर क्यों बच रही है? होना तो ये चाहिये कि लोगों को महंगाई से थोड़ी-सी भी राहत देने के लिए सबको एक सुर में इसका समर्थन करना चाहिये था। लेकिन सरकारें हमारे सोचने औऱ उसे हक़ीक़त में बदलने के हिसाब से नहीं चला करतीं। वे पहले अपना फायदा देखती हैं और जनता की तकलीफें उसकी सबसे निचली पायदान पर फरियाद करते हुए दम तोड़ देती हैं।


महंगाई बढ़ाने या उस पर काबू पाने की सबसे बड़ी वजह बनने वाली इन दोनों चीजों की कीमतें तय करने के पीछे का खेल आखिर है क्या। तो जानते हैं,वो हक़ीक़त। दरअसल,जितनी तेल की कीमत होती है, लगभग उतना ही टैक्स भी लगता है।  कच्चा तेल ख़रीदने के बाद रिफ़ाइनरी में लाया जाता है और वहां से वो पेट्रोल-डीज़ल की शक्ल में बाहर निकलता है। इसके बाद उस पर टैक्स लगना शुरू होता है।  सबसे पहले एक्साइज़ ड्यूटी केंद्र सरकार लगाती है।  फिर राज्यों की बारी आती है जो अपना टैक्स लगाते हैं।  इसे सेल्स टैक्स या वैट कहा जाता है। जानकारों के मुताबिक पेट्रोल-डीजल पर जो वैट अभी लगता है, वो पुराने सेल्स टैक्स का नया नाम है।  इसका जीएसटी से कोई लेना-देना नहीं है।  हर राज्य ख़ुद ये फ़ैसला करता है कि उसे पेट्रोल-डीजल पर कितना वैट लगाना है।


इसके साथ ही पेट्रोल पंप का डीलर उस पर अपना कमीशन जोड़ता है।  अगर आप केंद्र और राज्य के टैक्स को जोड़ दें तो यह लगभग पेट्रोल या डीजल की वास्तविक कीमत के बराबर होती है। उत्पाद शुल्क से अलग वैट एड-वेलोरम (अतिरिक्त कर) होता है, ऐसे में जब पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ते हैं तो राज्यों की कमाई भी बढ़ती है। लिहाज़ा,कोई भी राज्य सरकार आखिर क्यों चाहेगी कि उसकी कमाई पर इस तरह से खुले आम डाका डाल दिया जाये।


अब फ़र्ज़ कीजिए कि एक्साइज़ ड्यूटी और वैट, दोनों हटाकर पेट्रोल को भी जीएसटी के दायरे में लाने का फ़ैसला कर लिया जाए तो क्या होगा? लोगों को तो काफी हद तक राहत मिलेगी लेकिन केंद्र और राज्य सरकार को इससे नुकसान होगा,इसलिये वे न तो ऐसा करना चाहती हैं और शायद चाहेंगी भी नहीं।


उदाहरण के तौर पर अगर दिल्ली की बात करें,तो जो पेट्रोल आज सौ रुपये प्रति लीटर के आसपास है, अगर उस पर से एक्साइज़ ड्यूटी और वैट हटा दिया जाए और उसे जीएसटी में ला दिया जाए,तो उसकी कीमत तब भी तकरीबन 77 रुपये लीटर से ज्यादा नहीं होंगी। यानी जनता को सीधे 23 रुपये प्रति लीटर का फायदा होगा। डीजल की कीमतों पर भी यही फार्मूला लागू होता है और जब उसकी कीमत कम होगी, तो जाहिर है कि ट्रांसपोर्ट पर खर्च कम होगा,तो सभी जरुरी वस्तुओं की कीमतें भी खुद ही कंट्रोल में आ जाएंगी। अगर किसी से ये पूछा जाये कि अपनी बम्पर कमाई का जरिया क्या आप छोड़ सकते हो,तो उसका जवाब 'ना' में ही मिलेगा। यही हक़ीक़त हमारी सरकारों पर भी लागू होती है, चाहे वह केंद्र हो या राज्य।


जानकर बताते हैं कि अगर इन दोनों को जीएसटी में लाया गया,तो फिर सरकार को पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय करने का अधिकार दोबारा अपने हाथ में लेना होगा,जो फिलहाल आयल कंपनियों के पास है। गौरतलब है कि जून 2010 तक सरकार पेट्रोल की कीमत निर्धारित करती थी और हर 15 दिन में इसे बदला जाता था। लेकिन 26 जून 2010 के बाद सरकार ने पेट्रोल की कीमतों का निर्धारण ऑइल कंपनियों के ऊपर छोड़ दिया। इसी तरह अक्टूबर 2014 तक डीजल की कीमत भी सरकार निर्धारित करती थी, लेकिन 19 अक्टूबर 2014 से सरकार ने ये काम भी ऑइल कंपनियों को सौंप दिया। वे कंपनियां क्या इतनी नासमझ हैं ,जो खुद नुकसान झेलकर हमें खुश रखने के बारे में जरा-सा भी सोचेंगी?


GST काउंसिल की बैठक में आम आदमी की उम्मीदों को तगड़ा झटका, नहीं कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम!

ऐसा माना जा रहा था कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में पेट्रोल और डीजल के जीएसटी के अंतर्गत लाया जाएगा, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कर दिया है कि पेट्रोल-डीजल को अभी जीएसटी के दायरे में लाने का समय नहीं है। ऐसे में आम आदमी की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है।

नई दिल्ली: आम आदमी को बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों से राहत नहीं मिलने वाली है। दरअसल, ऐसा माना जा रहा था कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में पेट्रोल और डीजल के जीएसटी के अंतर्गत लाया जाएगा, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कर दिया है कि पेट्रोल-डीजल को अभी जीएसटी के दायरे में लाने का समय नहीं है। ऐसे में आम आदमी की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। हालांकि जिंदगी बताने वाली दवाइयों पर जरूर छूट मिली है।


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक के नतीजे आ गए हैं। बैठक में पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की उम्मीद थी। हालांकि, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी काउंसिल को लगा कि यह पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकतर राज्य इस विचार से सहमत हैं। मतलब ये कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक झटका है। 

हालांकि, तेल विपणन कंपनियों को डीजल में मिलाने के लिए आपूर्ति की जाने वाली बायोडीजल पर जीएसटी दर को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। अब देखना अहम होगा कि तेल कंपनियां क्या ग्राहकों को इस छूट का फायदा देती हैं कि नहीं। आपको बता दें कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं। इस वजह से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। यही वजह है कि पेट्रोल और डीजल के जीएसटी दायरे में लाने की उम्मीद की जा रही थी।  

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कोरोना से जुड़ी दवाओं पर जीएसटी छूट जारी रहेगी। ये छूट 31 दिसंबर 2021 तक के लिए है। वहीं, जीवन-रक्षक दवाओं पर भी जीएसटी छूट का फैसला लिया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि ज़ोल्गेन्स्मा और विल्टेप्सो दवाओं पर जीएसटी छूट दी गई है। ये दोनों बेहद जरूरी दवाएं हैं जिनकी कीमत करीब 16 करोड़ रुपए है। इसलिए जीएसटी काउंसिल ने इन 2 दवाओं के लिए जीएसटी से छूट देने का फैसला किया है। वहीं, मेडिकल इक्विपमेंट्स पर जीएसटी छूट नहीं दी गई है। 

विशेष विकलांग व्यक्तियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले वाहनों के लिए रेट्रो फिटमेंट किट पर जीएसटी दरों को भी घटाकर 5% कर दिया गया है। वहीं, फूड डिलिवरी ऐप्स को जीएसटी दायरे में लाए जाने को लेकर अभी फैसला नहीं लिया गया है। आपको बता दें कि देश में कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद काउंसिल की पहली फिजिकल बैठक थी। कोरोना काल में अब तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हो रही थी।  


पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में सरकार कर रही लाने की तैयारी, जानिए-आम आदमी को कैसे मिलेगा फायदा

मौजूदा समय में देश में ईंधन की महंगाई हर किसी को खाए जा रही है। खासकर पेट्रोल और डीजल के बढ़े हुए दाम आम आदमी का सारा बजट बिगाड़ चुके हैं। लेकिन अगर सबकुछ ठीक रहा तो पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी कमी आ सकती है।

नई दिल्ली: मौजूदा समय में देश में ईंधन की महंगाई हर किसी को खाए जा रही है। खासकर पेट्रोल और डीजल के बढ़े हुए दाम आम आदमी का सारा बजट बिगाड़ चुके हैं। लेकिन अगर सबकुछ ठीक रहा तो पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी कमी आ सकती है।

दरअसल, पेट्रोल-डीजल को सरकार GST के दायरे में लाने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमत में बड़ी कटौती हो सकती है। सूत्रों की मानें तो आगामी 17 सितंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर मंथन की संभावना है। 


हालांकि, पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना इतना आसान भी नहीं होगा। दरअसल, जीएसटी प्रणाली में किसी भी बदलाव के लिए पैनल के तीन-चौथाई लोगों की मंजूरी जरूरी है। इस पैनल में सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें से कुछ ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाने का विरोध कर रहे हैं।  इनका मानना है कि पेट्रोल और डीजल के जीएसटी दायरे में आने के बाद राजस्व का एक अहम हथियार राज्यों के हाथों से निकल जाएगा।

जीएसटी काउंसिल की इस 45वीं बैठक में कोविड-19 से संबंधित आवश्यक सामान पर रियायती दरों की समीक्षा हो सकती है। इसके अलावा जीएसटी काउंसिल नवीकरणीय उपकरणों पर 12 फीसदी और लौह, तांबा के अलावा अन्य धातु अयस्कों पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने पर विचार करेगा।


माना जा रहा है कि  जीएसटी काउंसिल की इस 45वीं बैठक में कोविड-19 से संबंधित आवश्यक सामान पर रियायती दरों की समीक्षा हो सकती है। इसके अलावा जीएसटी काउंसिल नवीकरणीय उपकरणों पर 12 फीसदी और लौह, तांबा के अलावा अन्य धातु अयस्कों पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने पर विचार करेगा।


आसमान का सम्राट बनेने की तैयारी में टाटा ग्रुप, Air India को खरीदने में दिखाई दिलचस्पी

करीब 70 साल पहले इस एयरलाइन की शुरुआत जे आर डी टाटा ने की थी। उन्होंने साल 1932 में टाटा एयर सर्विसेज शुरू की थी, जो बाद में टाटा एयरलाइंस हुई और 29 जुलाई 1946 को यह पब्लिक लिमिटेड कंपनी हो गई थी। हालांकि, 1953 में सरकार ने टाटा एयरलाइंस का अधिग्रहण कर लिया।

नई दिल्ली: अगर सब कुछ ठीक रहा तो एक बार फिर से आखिरी सांसे गिन रही Air India को टाटा का सहारा मिल जाएगा। बेशक इस समय एयर इंडिया  सरकार के कब्जे में है लेकिन करीब 70 साल पहले इस एयरलाइन की शुरुआत जे आर डी टाटा ने की थी। उन्होंने साल 1932 में टाटा एयर सर्विसेज शुरू की थी, जो बाद में टाटा एयरलाइंस हुई और 29 जुलाई 1946 को यह पब्लिक लिमिटेड कंपनी हो गई थी। हालांकि, 1953 में सरकार ने टाटा एयरलाइंस का अधिग्रहण कर लिया।

Tatas, SpiceJet's Ajay Singh submit financial bids to acquire Air India |  Business Standard News

अब एक बार फिर टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा संस ने एयर इंडिया को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। कर्ज में डूबी सरकारी एयर लाइन कंपनी एयर इंडिया की बिक्री की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। वैसे तो इसे खरीदने के लिए कंपनियों की अच्छी खासी संख्या है लेकिन सबसे प्रबल दावेदार टाटा ग्रुप को माना जा रहा है।

Tata Group firms seeking $2.5 billion in syndicated loans

टाटा ग्रुप की इस कंपनी ने एयर इंडिया को खरीदने के लिए दिलचस्पी दिखाई है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो इस साल के अंत तक टाटा समूह के कब्जे में तीसरी बड़ी एयरलाइन आ जाएगी। वर्तमान में टाटा समूह की एयर एशिया और विस्तारा में हिस्सेदारी है। आइए जानते हैं कि किस एयरलाइन में टाटा समूह की कितनी हिस्सेदारी है।

विस्तारा एयरलाइन

विस्तारा एयरलाइन टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड और सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड (एसआईए) का एक ज्वाइंट वेंचर है। इसमें टाटा संस की 51 फीसदी हिस्सेदारी है तो सिंगापुर एयरलाइन का स्टेक 49 फीसदी है।

India's Vistara to start direct flights to Sharjah amid rising demand -  Arabianbusiness

कंपनी टाटा एसआईए एयरलाइंस लिमिटेड के रूप में रजिस्टर्ड है। विस्तारा के पास 47 एयरक्राफ्ट हैं तो वहीं हर दिन 200 से अधिक फ्लाइट उड़ान भरती हैं।

एयर एशिया

साल 2013 में मलेशियाई एयरलाइंस कंपनी एयर एशिया बेरहाद और टाटा संस के ज्वाइंट वेंचर ने एयर एशिया की शुरुआत की थी। इस कंपनी में टाटा संस का हिस्सा 51 फीसदी था तो वहीं एयर एशिया बेरहाद की हिस्सेदारी 49 फीसदी थी।

AirAsia is certified as a 3-Star Low-Cost Airline | Skytrax

हालांकि, बीते साल एयर एशिया बेरहाद ने अपनी 32.67% हिस्सेदारी टाटा संस को 276 करोड़ रुपए में बेच दी। अब कंपनी में टाटा संस की हिस्सेदारी बढ़कर 83.67% हो गई है।




भारतीय रेल का बड़ा फैसला, निजी कंपनियों को लीज पर दिए जाएंगे स्टॉक में पड़े कोच

रेलवे की ओर से जारी बयान के मुताबिक कोचिंग स्टॉक और बेयर शेल्स को लीज पर देने की योजना बनाई गई है। बेयर शेल्स वो कोच होते हैं जो किसी वजह से उपयोग में नहीं हैं।

नई दिल्ली: इंडियन रेल ने स्टॉक में पड़े कोचों (बोगियों) को अब निजी कंपनियों को लीज पर देने का फैसला लिया है। रेलवे की ओर से जारी बयान के मुताबिक कोचिंग स्टॉक और बेयर शेल्स को लीज पर देने की योजना बनाई गई है। बेयर शेल्स वो कोच होते हैं जो किसी वजह से उपयोग में नहीं हैं।

आधिकारिक बयान के मुताबिक इच्छुक पार्टियां रेलवे कोचों की एकमुश्त खरीद कर सकती हैं। एकमुश्त खरीद के लिए कोई लीज शुल्क नहीं है। इच्छुक पार्टियों को कोचों में मामूली सुधार की अनुमति है। वहीं, लीज की न्यूनतम अवधि 5 साल प्रस्तावित है। मतलब इच्छुक पार्टियों को कम से कम 5 साल के लिए कोच को खरीदना जरूरी है। 


यह अवधि कोचों की कोडल लाइफ तक बढ़ाई जा सकती है। अगर कोच की स्थिति ठीक रही तो लीज की अवधि बढ़ जाएगी। अहम बात ये है कि इच्छुक पार्टी खुद बिजनेस मॉडल (मार्ग, यात्रा कार्यक्रम, टैरिफ आदि) का विकास या निर्णय करेगी। इसके अलावा पात्रता मानदंड के आधार पर इच्छुक पार्टियों के लिए आसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होगी। 


रेलगाड़ी के भीतर तीसरी पार्टी के विज्ञापनों की अनुमति, रेलगाड़ी की ब्रांडिंग की अनुमति होगी। इसके अलावा रेल कोच चलाने वाली कंपनियों पर समय की पाबंदी की प्राथमिकता देना जरूरी होगा। कोच नवीनीकरण और यात्रा कार्यक्रमों के लिए समय पर मंजूरी के अलावा रखरखाव संचालनों के लिए कोई हॉलेज नहीं मिलेगी।

इंडियन रेलवे द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक, आम जनता के बीच थीम आधारित सांस्कृतिक, धार्मिक और अन्य पर्यटक सर्किट रेलगाड़ी चलाने के लिए ये फैसला लिया गया है। रेलवे ने बताया कि नीति निर्माण और नियम व शर्तों के लिए मंत्रालय द्वारा कार्यकारी निदेशक स्तर की समिति भी गठित की गई है।


मेक इन इंडिया को तगड़ा झटका, फोर्ड ने छोड़ा भारत, 40 हजार लोग बेरोजगार, 4 साल में तीसरी कंपनी का देश से पलायन

पीएम मोदी की महत्तवाकांक्षी योजना 'मेक इन इंडिया' को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्ड ने भारत छोड़ दिया है और इसी के साथ 40 हजार से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए हैं। पिछले 4 साल में फोर्ड के रूप में तीसरी कंपनी ने भारत से पलायन किया है।

नई दिल्ली: पीएम मोदी की महत्तवाकांक्षी योजना 'मेक इन इंडिया' को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्ड ने भारत छोड़ दिया है और इसी के साथ 40 हजार से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए हैं। पिछले 4 साल में फोर्ड के रूप में तीसरी कंपनी ने भारत से पलायन किया है।

अमेरिकी कार कंपनी फोर्ड ने ऐलान किया है कि वह भारत में कार बनाना बंद कर देगी। गुरुवार को कंपनी ने कहा कि भारत के बाजार में उसकी एक स्थिर जगह बनाने की कोशिशें नाकाम हो गईं, जिसके बाद यह फैसला किया गया है। फोर्ड कंपनी अब भारत में कारें नहीं बनाएगी। भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' योजना के लिए यह बड़ा झटका है क्योंकि इससे पहले दो और कंपनियां ऐसा ही कर चुकी हैं। पिछले साल हार्ली डेविडसन ने भी ऐसा ही फैसला किया था। 2017 में जनरल मोटर्स ने भारत छोड़ दिया था। फोर्ड ने कहा कि पिछले 10 साल में उसे दो अरब डॉलर से ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। 2019 में उसकी 80 करोड़ डॉलर की संपत्ति बेकार हुई।

एक बयान में कंपनी के भारत में अध्यक्ष और महाप्रबंधक अनुराग मेहरोत्रा ने कहा, "हम लंबी अवधि में मुनाफा कमाने के लिए एक स्थिर रास्ता खोजने में नाकाम रहे।' मेहरोत्रा की ओर जारी बयान में कहा गया कि कंपनी को उम्मीद है कि कंपनी के पुनर्गठन में करीब दो अरब डॉलर का खर्च आएगा। इसमें से 60 करोड़ तो इसी साल खर्च हो जाएंगे, जबकि अगले साल 12 अरब डॉलर का खर्च होगा। बाकी खर्च आने वाले सालों में होगा। 

फोर्ड ने भारत में बिक्री के लिए वाहन बनाना फौरन बंद कर दिया है। उसकी फैक्ट्री पश्चिमी गुजरात में है, जहां निर्यात के लिए कारें बनाई जाती हैं। फैक्ट्री का कामकाज साल के आखिर तक बंद कर दिया जाएगा। फोर्ड का इंजन बनाने वाली और कारों को असेंबल करने वाली फैक्ट्रियां चेन्नै में हैं, जिन्हें अगले साल की दूसरी तिमाही तक बंद कर दिया जाएगा। इस कारण करीब चार हजार कर्मचारी प्रभावित होंगे। आईएचएस मार्किट नामक फर्म के असोसिएट डाइरेक्टर गौरव वंगाल ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, "कार निर्माण क्षेत्र के लिए यह बड़ा झटका है। भारत में कार बनाकर अमेरिका निर्यात करने वाली यह एकमात्र कंपनी थी। और वे ऐसे वक्त में जा रहे हैं जब हम (भारत) कार निर्माताओं को निर्माण के बदले लाभ देने पर विचार कर रहे हैं।


11,000 करोड़ की लागत से देश में ही बनेंगे वॉर्निंग एयरक्राफ्ट्स, पाक और चीन की हरकतों पर रहेगी पैनी नजर

मोदी सरकार की ओर से डीआरडीओ के भी उस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत स्वदेशी राडार बनाए जाने हैं। इन्हें एयरबस-321 पैसेंजर एयरक्राफ्ट्स में लगाया जाएगा।

नई दिल्ली: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की हरकतों पर नजर रखने के लिए भारत सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 11,000 करोड़ रुपये के बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इसके तहत भारत में ही 6 एयरक्राफ्ट तैयार किए जाएंगे, जो किसी भी संकट की स्थिति में देश को पहले ही आगाह कर सकेंगे। इससे भारतीय वायुसेना की सर्विलांस की ताकत बढ़ सकेगी और चीन एवं पाकिस्तान की सीमाओं की निगरानी की जा सकेगी।

इन 'एयरबोर्न अर्ली-वॉर्निंग एंड कंट्रोल' एयरक्राफ्ट्स को आसमान में भारत की आंख के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार की ओर से डीआरडीओ के भी उस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत स्वदेशी राडार बनाए जाने हैं। इन्हें एयरबस-321 पैसेंजर एयरक्राफ्ट्स में लगाया जाएगा। 

इन एयरक्राफ्ट्स को एयर इंडिया की मौजूदा फ्लीट से लिया जाएगा। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में बुधवार को इन प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। कैबिनेट की मीटिंग में एयरबस-टाटा के उस प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 21,000 करोड़ रुपये की लागत से मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-295 को बनाया जाना है। इस परियोजना के तहत कुल 56 एयरक्राफ्ट तैयार किए जाएंगे। 'एयरबोर्न अर्ली-वॉर्निंग एंड कंट्रोल' एयरक्राफ्ट्स को सीमाओं पर बढ़ते खतरे की निगरानी के लिहाज से अहम माना जा रहा है। रक्षा मंत्रालय की ओर से इस प्रोजेक्ट को बीते साल दिसंबर में ही स्वीकार कर लिया गया था।

यह परियोजना इसलिए भी अहम है क्योंकि इस तकनीक के मामले में चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश पहले ही आगे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के तहत पहला ट्रायल अगले 4 सालों में होगा। इसके अलावा 7 साल में इस परियोजना के पूरे होने का लक्ष्य तय किया गया है। फिलहाल भारतीय वायुसेना के पास तीन इजरायली फाल्कन AWACS हैं, जिन्हें रूसी एयरक्राफ्ट्स IL-76 में तैनात किया गया है। इनके जरिए 400 किलोमीटर की दूरी तक 360 डिग्री कवरेज की जा सकती है।


गौरतलब है कि मोदी सरकार ने बीते एक साल 209 डिफेंस आइटम्स के आयात पर रोक लगा दी है। इस पर 2021 से 2025 के दौरान अमल किया जाएगा और धीरे-धीरे आयात में कमी की जाएगी। इस बैन के तहत एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट्स को भी शामिल किया गया है। एक तरफ केंद्र सरकार ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में एफडीआई में इजाफा किया है तो वहीं दूसरी तरफ स्वदेशी हथियारों के निर्माण पर भी तेजी से फोकस किया है।


31 दिसंबर तक ITR फाइलिंग की बढ़ी डेडलाइन, टैक्स पेयर्स को राहत

सीबीडीटी ने बताया कि आकलन वर्ष 2021-22 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा को 31 दिसंबर 2

नई दिल्ली: टैक्स पेयर्स के लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल, अब आईटीआर फाइलिंग के लिए 31 दिसंबर तक डेडलाइन बढ़ा दी गई है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कराधान बोर्ड (CBDT) ने उन टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है, जिन्होंने अब तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं की है। सीबीडीटी ने बताया कि आकलन वर्ष 2021-22 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा को 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ा दिया गया है।

वित्त मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा  कि बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। मिनिस्ट्री ने बताया है, " आकलन वर्ष 2021-2022 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख पहले 31 जुलाई थी। इसे पहले बढ़ाकर 30 सितंबर किया गया। अब एकबार फिर इस डेडलाइन को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2021 कर दिया गया है।" मतलब ये कि अब आप 31 दिसंबर तक आईटीआर फाइल कर सकते हैं।


ये फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब टैक्सपेयर्स को नये आईटीआर पोर्टल पर आईटीआर फाइल करने में दिक्कत हो रही है। बीते दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन्फोसिस को पोर्टल की खामियों को दूर करने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया था। दरअसल, इस पोर्टल को इन्फोसिस ने ही बनाया है।  

हालांकि, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कहना है कि नये आईटीआर पोर्टल पर कई तकनीकी मुद्दों का समाधान किया गया है। डिपार्टमेंट के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अब तक 1.19 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। 

डिपार्टमेंट के बयान के मुताबिक सात सितंबर तक 8.83 करोड़ विशिष्ट करदाताओं ने पोर्टल पर ‘लॉगइन’ किया। सितंबर में औसतन प्रतिदिन 15.55 लाख करदाता पोर्टल पर ‘लॉगइन’ किए। आंकड़े बताते हैं कि आयकर रिटर्न फाइलिंग सितंबर 2021 में दैनिक आधार पर 3.2 लाख पहुंच गयी है।


इंडियन एयरफोर्स को जल्द मिलेंगे 56 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट

केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने बुधवार को भारतीय वायु सेना के लिए 56 C-295 MW परिवहन विमान की खरीद को मंजूरी दे दी है।

नई दिल्ली: भारतीय एयरफोर्स को जल्द ही 56 नए एयरक्राफ्ट मिलने जा रहे हैं।  केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने बुधवार को भारतीय वायु सेना के लिए 56 C-295 MW परिवहन विमान की खरीद को मंजूरी दे दी है। 

ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब भारत में किसी निजी कंपनी की ओर से एक सैन्य विमान का निर्माण किया जाएगा। ये मालवाहक विमान स्पेन की मेसर्स एयर बस डिफेंस एंड स्पेस कंपनी से खरीदे जाएंगे। 

यह कंपनी अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के चार साल में उड़ने की हालत में तैयार 16 विमानों की आपूर्ति करेगी जबकि बाकी 40 विमान देश मे ही टाटा कंसोर्टियम द्वारा दस सालों में बनाए जाएंगे।

यह अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है जिसमें देश की निजी कंपनी द्वारा सैन्य विमान बनाए जाएंगे। इन विमानों को बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कलपुर्जे भी देश की सूक्ष्म और लघु तथा मध्यम इकाइयों द्वारा बनाए जाएंगे। विमानों के पिछले हिस्से में एक रैंप होगा जिससे छताधारी सैनिक और समान को तेजी और आसानी से उतारा जा सकता है। 

सरकार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक इस परियोजना से सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी और देश में रोजगार के प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष अवसर बढ़ेंगे। साथ ही रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता में भी कमी आएगी।

ये अत्याधुनिक विमान वायुसेना के बेड़े में पुराने पड़ चुके हैं एवं मालवाहक विमानों की जगह लेंगे। पांच से 10 टन की क्षमता वाले ये विमान अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी पर आधारित होंगे तथा इनमें देश में ही विकसित इलेक्ट्रॉनिक वार फेयर प्रणाली लगाई जाएगी। 

सरकार का कहना है कि इससे रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निमार्ण को बढ़ावा मिलेगा और उसकी मेक इन इंडिया जैसी महत्वकांक्षी योजना को भी बल मिलेगा।


पीएफ के नियमों में नया बदलाव, ब्याज पर देना होगा टैक्स !

बोर्ड ने कहा है कि नए नियम 1 अप्रैल 2022 से प्रभावी हो जाएंगे। बजट 2021 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जिन लोगों का EPF और VPF में सालाना कंट्रीब्‍यूशन 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा है, उन्हें इस पर मिलने वाला ब्‍याज टैक्‍स के दायरे में आएगा।

नई दिल्ली: पीएम के नियमों में एक और बदलाव हुआ है। अगर आपका पीएफ एकाउंट में 2.5 लाख रुपए से ज्यादा प्रतिवर्ष जमा होता है तो उसपर आपको जो ब्याज मिलेगा उसपर आपको अब टैक्स देना पड़ेगा।  केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इसको लेकर हाल ही में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, टैक्‍सेबल ब्याज की कैलकुलेशन के लिए प्रॉविडेंट फंड अकाउंट के भीतर एक अलग अकाउंट खुलेगा।

बोर्ड ने कहा है कि नए नियम 1 अप्रैल 2022 से प्रभावी हो जाएंगे। बजट 2021 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जिन लोगों का EPF और VPF में सालाना कंट्रीब्‍यूशन 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा है, उन्हें इस पर मिलने वाला ब्‍याज टैक्‍स के दायरे में आएगा।

CBDT की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ईपीएफ में 31 मार्च, 2021 तक ईपीएफओ सब्‍सक्राइबर की ओर से किया गया कोई भी कंट्रीब्‍यूशन नॉन-टैक्सेबल रहेगा। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के बाद पीएफ अकाउंट्स पर ब्‍याज की कैलकुलेशन अलग-अलग की जाएगी। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 और उसके बाद के फाइनेंशियल ईयर  लिए प्रॉविडेंट फंड के भीतर अलग-अलग अकाउंट होंगे। 

CBDT ने कहा है कि यह नियम एक अप्रैल, 2022 से प्रभावी होंगे। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में अगर पीएफ खाते में 2.5 लाख रुपए से अधिक जमा हैं तो उस पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स चुकाना होगा। इसकी जानकारी आपको अगले साल के इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग में भी देनी होगी। पीएफ अकाउंट में हर साल 2.5 लाख रुपये तक कंट्रीब्‍यूशन पर इंटरेस्‍ट फ्री ब्‍याज की लिमिट प्राइवेट इम्‍प्‍लॉइज के लिए है। नए नियम को इनकम टैक्‍स (25वां संशोधन) रूल्‍स, 2021 कहा जाएगा। 

किन लोगों पर होगा ज्यादा असर

नए नियमों का असर उन लोगों पर ज्‍यादा होगा, जिनकी इनकम ज्‍यादा है और ईपीएफ में अधिक कॉन्ट्रिब्‍यूट करते हैं। हालांकि, सरकार का मानना है कि इसका असर ईपीएफ में कंटीब्‍यूशन करने वाले 1 फीसदी से भी कम सब्‍सक्राइबर्स पर होगा। 


आर्थिक मोर्चे पर अच्छी खबर! GST कलेक्शन में 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी

जीएसटी कलेक्शन के मामले में अच्छी खबर आई है। लगभग 30 फीसदी कलेक्शन इस बार बढ़ा है। जीएसटी रेवेन्यु कलेक्शन एक बार फिर 1 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार कर लिया है। अगस्त महीने में ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यु 1,12,020 करोड़ रुपए रहा।

नई दिल्ली: जीएसटी कलेक्शन के मामले में अच्छी खबर आई है। लगभग 30 फीसदी कलेक्शन इस बार बढ़ा है। जीएसटी रेवेन्यु कलेक्शन एक बार फिर 1 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार कर लिया है। अगस्त महीने में ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यु 1,12,020 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की इसी अवधि से तुलना करें तो जीएसटी राजस्व में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, जुलाई 2021 के मुकाबले अगस्त में जीएसटी कलेक्शन कम हुआ है। 

बता दें कि जुलाई, 2021 में 1,16,393 करोड़ रुपए का ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यु कलेक्शन था। इसमें सीजीएसटी 22,197 करोड़ रुपए, एसजीएसटी 28,541 करोड़ रुपए, आईजीएसटी 57,864 करोड़ रुपए और उपकर (सेस) 7,790 करोड़ रुपए शामिल हैं। 

जीडीपी के मोर्चे पर अच्छी खबर: 

कोरोना वायरस की खतरनाक दूसरी लहर के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 20.1 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई। इसका कारण पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही का तुलनात्मक आधार नीचे होना है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी जीडीपी ग्रोथ का कारण है।


पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत, LPG सिलेंडरों के फिर बढ़े दाम, जानिए-नए भाव

आज सितम्बर महीने का पहला दिन आम लोगों के लिए राहत और आफत दोनों ही लेकर आया है। आज जहां एक तरफ पेट्रोल डीजल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है तो वहीं एक बार फिर से एलपीजी सिलेंडर्स के दाम बढ़ गए। घरेलू के साथ साथ कमर्शियल सिलेंडर्स के दाम भी बढ़े हैं।

नई दिल्ली: आज सितम्बर महीने का पहला दिन आम लोगों के लिए राहत और आफत दोनों ही लेकर आया है। आज जहां एक तरफ पेट्रोल डीजल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है तो वहीं एक बार फिर से एलपीजी सिलेंडर्स के दाम बढ़ गए। घरेलू के साथ साथ कमर्शियल सिलेंडर्स के दाम भी बढ़े हैं।


एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े


आज एक सितंबर से गैर सब्सिडी घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 25 रुपये बढ़ा दी गई है। अब दिल्ली में 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम बढ़कर 884.50 रुपये हो गया है। इससे पहले 18 अगस्त को सिलेंडर का दाम 25 रुपये बढ़ा था। वहीं, एक जुलाई को रसोई गैस की कीमतों में 25.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

अब 14.2 किलो वाला गैर सब्सिडी LPG सिलेंडर दिल्ली-मुंबई में 884.5 रुपये, कोलकाता में 911 रुपये और चेन्नई में 900.5 रुपये बिक रहा है। इससे पहले सिलेंडर क्रमश: 859.5 रुपये, 886 रुपये और 875 रुपये बिक रहा था।

घरेलू एलपीजी सिलेंडर ही नहीं, बल्कि 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर भी महंगा हो गया है। दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 1618 रुपये की जगह अब 1693 रुपये बिक रहा है।


पेट्रोल डीजल के दामों में हल्की गिरावट

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हर रोज बदलाव होता है और तेल कंपनियां सुबह पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी करती है। कंपनी ने बुधवार (1 सितंहर 2021) के नए रेट भी जारी कर दिए हैं। नई रेटों के अनुसार, कई शहरों में पेट्रोल के साथ डीजल की कीमतों में भी कमी आई है।

नए रेट के हिसाब से आज राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 101.34 रुपये प्रति लीटर है। वहीं, डीजल 88.77 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. मुंबई में भी पेट्रोल 107.39 रुपये प्रति लीटर और डीजल 96.33 पैसे प्रति लीटर है। अंतरराष्‍ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी और भारी भरकम टैक्‍स की वजह से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्‍तर पर हैं।

ऐसे जानें अपने शहर में पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें

शहर कोड आपको इंडियन ऑयल (IOCL) की आधिकारिक वेबसाइट पर मिल जाएगा। मैसेज भेजने के बाद आपको पेट्रोल और डीज़ल का ताजा भाव भेज दिया जाएगा। इसी प्रकार BPCL के ग्राहक अपने मोबाइल से RSP टाइप कर 9223112222 SMS भेज सकते हैं। HPCL के ग्राहक HPPrice लिखकर 9222201122 लिखकर SMS भेज सकते हैं।


लापरवाही की हद! यात्रियों का सामान एयरपोर्ट पर छोड़कर उड़ी एअर इंडिया की फ्लाइट, एक्शन में ज्योतिरादित्य सिंधिया, एक ट्वीट पर हुए एक्टिव

बीते 29 अगस्त को इस प्लाइट ने शिकागो (यूएस) के लिए नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ान भरी थी। लेकिन इस विमान में बैठे करीब 40 यात्रियों का सामान विमान में रखा ही नहीं गया। एक यात्री ने बताया कि उनका सामान शिकागो तक नहीं पहुंचा क्योंकि, एअर इंडिया ने विमान में सामान लोड ही नहीं किया था।

नई दिल्ली: लापरवाही क्या होती है यह कोई एअर इंडिया के कारनामें के बारे में जानकर अंदाजा लगा सकता है। एअर इंडिया के कर्मचारी इतने होनहार है कि यात्रियों के सामान एअरपोर्ट पर ही रह जा रहे हैं और यात्री अपनी मंजिल तक पहुंच जा रहा है। आपको सुनकर अटपटा जरूर लग रहा है लेकिन यह सोलह आने सच है।

मिली जानकारी के मुताबिक, एअर इंडिया की एक फ्लाइट यात्रियों का सामान लिये बगैर ही उड़ गई। इस मामले में अब केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एयरलाइंस से रिपोर्ट मांगी है। जानकारी के मुताबिक बीते 29 अगस्त को इस प्लाइट ने शिकागो (यूएस) के लिए नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ान भरी थी। लेकिन इस विमान में बैठे करीब 40 यात्रियों का सामान विमान में रखा ही नहीं गया। एक यात्री ने बताया कि उनका सामान शिकागो तक नहीं पहुंचा क्योंकि, एअर इंडिया ने विमान में सामान लोड ही नहीं किया था। 

AI 127 दिल्ली-शिकागो विमान, बिना 40 यात्रियों का सामान लिये ही लैंड कर गई। इस मामले में एक ट्विटर यूजर ने केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को टैग करते हुए लिखा कि 'सोचिए इस मुश्किल घड़ी में इस विमान के यात्रियों की हालत कैसी रही होगी।' ट्वीट पर नजर पड़ते ही केंद्रीय मंत्री भी एक्शन में आ गए। उन्होंने इस मामले को बेहद ही गंभीरता से लेते हुए एयरलाइंस को शिकायत की जांच का आदेश दे दिया।

केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि 'एअर इंडिया, कृप्या कर जांच करें और जवाब दें।' इसके बाद एअर इंडिया को शिकायत की जानकारी मिली और एक यात्रियों का सामान नहीं पहुंचने के मामले में जांच भी शुरू हो गई।

वहीं, एअर इंडिया ने ट्वीट कर कहा है कि 'हम अपनी शिकागो बैगेज टीम के साथ इस मामले की जांच कर रहे हैं आखिर कैसे यात्रियों का सामान छूट गया।'


अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अच्छी खबर, पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 20 फीसदी से भी अधिक

कोरोना की वजह से लगभग पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। लेकिन पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 20 फीसदी से भी अधिक दर्ज की गई है।

मुंबई: कोरोना की वजह से लगभग पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। लेकिन पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 20 फीसदी से भी अधिक दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2022 की अप्रैल-जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों से इसके संकेत मिले हैं। आंकड़ों के मुताबिक इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में देश की जीडीपी दर बढ़कर 20.1 फीसदी हो गई।

पिछले साल समान तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट निगेटिव में 23.9 फीसदी रही थी। एक साल पहले की पहली तिमाही का तुलनात्मक आधार नीचे होने से इस साल की वृद्धि दर ऊंची रही है। आंकड़ों के मुताबिक 2021-22 की पहली तिमाही में जीडीपी 32.38 लाख करोड़ रुपए रही है, जो 2020-21 की पहली तिमाही में 26.95 लाख करोड़ रुपए थी।

बताते चलें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए मार्च से मई के दौरान देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ लगाया था। इसी वजह से ग्रोथ निगेटिव में पहुंच गया थी। बहरहाल, कोरोना काल में पहली बार जीडीपी में इस स्तर की तेजी आई है। 


सुप्रीम फैसला: नोएडा में सुपरटेक की दो 40 मंजिला इमारतें तोड़ने के आदेश, फ्लैट मालिकों को ब्याज समेत मिलेगा उनका पैसा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने फैसले में कहा कि इन टावरों का निर्माण नोएडा प्राधिकरण और सुपरटेक के अधिकारियों के बीच मिलीभगत का परिणाम था।

नई दिल्ली: आज सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक रियल स्टेट कंपनी को तगड़ा झटका देते हुई उसकी नोएडा स्थित दो इमारतों को तोड़ने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं, फ्लैट मालिकों का पैसा ब्याज समेत वापस करने का आदेश भी दिया है।


सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक को एक बड़ा झटका देते हुए कंपनी द्वारा नोएडा में अपने एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में बनाए गए दो 40-मंजिल टावरों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। 


सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने फैसले में कहा कि इन टावरों का निर्माण नोएडा प्राधिकरण और सुपरटेक के अधिकारियों के बीच मिलीभगत का परिणाम था। 

जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि नोएडा सेक्टर-93 में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट में लगभग 1,000 फ्लैटों वाले ट्विन टावरों का निर्माण नियमों का उल्लंघन करके किया गया था और सुपरटेक द्वारा इन्हें अपनी लागत पर तीन महीने की अवधि के भीतर तोड़ा जाना चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को इन ट्विन टावरों के सभी फ्लैट मालिकों को 12% ब्याज के साथ रकम वापस करने का भी आदेश दिया है। 

मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2014 के फैसले को बरकरार रखा और सुपरटेक को एक एक्सपर्ट बॉडी की देखरेख में इन टावरों को गिराने का निर्देश दिया। 

कोर्ट ने कंपनी को दो महीने के भीतर सभी फ्लैट खरीददारों को रक वापस करने के लिए कहा है, इसके अलावा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को 2 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा है, जिसने अवैध निर्माण के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व किया।

कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण को भी नगर निगम और अग्नि सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन में 40-मंजिला टावरों के अवैध निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए बिल्डर के साथ मिलीभगत करने के लिए कड़ी फटकार लगाई। 

कोर्ट ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित 2009 की मंजूरी योजना अवैध थी क्योंकि इसने न्यूनतम दूरी मानदंड का उल्लंघन किया था और यह कि योजना को फ्लैट खरीददारों की सहमति के बिना भी मंजूरी नहीं दी जा सकती थी।


यात्रीगण कृपया ध्यान दें! पटना से जम्मू, आगरा और अमृतसर जाने वालीं कई ट्रेनें रद्द, देखें यहां पर पूरी लिस्ट

लखनऊ मंडल के रायबरेली स्टेशन पर प्री. एनआई, एनआई तथा गंगागंज रायबरेली रूपामाऊ रेलखंड के दोहरीकरण के कारण पूर्व मध्य रेल की 10 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इतना ही नहीं तीन स्पेशल ट्रेन्स के रूट भी बदले गए हैं।

नई दिल्ली/पटना/लखनऊ: लखनऊ मंडल के रायबरेली स्टेशन पर प्री. एनआई, एनआई तथा गंगागंज रायबरेली रूपामाऊ रेलखंड के दोहरीकरण के कारण पूर्व मध्य रेल की 10 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इतना ही नहीं तीन स्पेशल ट्रेन्स के रूट भी बदले गए हैं।

रद्द की गई ट्रेनों की लिस्ट

  1. पटना से जम्मूतवी के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 02355  पटना-जम्मूतवी स्पेशल ट्रेन का परिचालन 31 अगस्त, 04 सितंबर, 07 सितंबर एवं 11 सितंबर को रद्द रहेगा।
  2. जम्मूतवी से पटना के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 02356  जम्मूतवी-पटना स्पेशल ट्रेन का परिचालन 01 सितंबर, 05 सितंबर,  08 सितंबर एवं 12 सितंबर को रद्द रहेगा।
  3. कोलकाता से आगरा कैंट के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 03167  कोलकाता-आगरा कैंट स्पेशल ट्रेन का परिचालन 02 सितंबर एवं  09 सितंबर को रद्द रहेगा।
  4. आगरा कैंट से कोलकाता के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 03168 आगरा कैंट-कोलकाता स्पेशल ट्रेन का परिचालन 04 सितंबर एवं 11 सितंबर को रद्द रहेगा।
  5. हावड़ा से अमृतसर के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 03005 हावड़ा-अमृतसर स्पेशल ट्रेन का परिचालन 30 अगस्त से 12 सितंबर तक रद्द रहेगा।
  6. अमृतसर से हावड़ा के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 03006 अमृतसर-हावड़ा स्पेशल ट्रेन का परिचालन 31 अगस्त से 14 सितंबर तक रद्द रहेगा।
  7. सिंगरौली से टनकपुर के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 05073 सिंगरौली-टनकपुर स्पेशल ट्रेन का परिचालन 05 सितंबर से 14 सितंबर तक रद्द रहेगा। 
  8. शक्तिनगर से टनकपुर के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 05075  शक्तिनगर-टनकपुर स्पेशल ट्रेन का परिचालन 05 सितंबर से 14 सितंबर तक रद्द रहेगा।
  9. टनकपुर से सिंगरौली के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 05074 टनकपुर-सिंगरौली स्पेशल ट्रेन का परिचालन 04 सितंबर से 13 सितंबर तक रद्द रहेगा।
  10. टनकपुर से शक्तिनगर के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 05076 टनकपुर-शक्तिनगर स्पेशल ट्रेन का परिचालन 04 सितंबर से 13 सितंबर तक रद्द रहेगा।

इन ट्रेनों के रूट बदले

  1. 30 अगस्त को अमृतसर से प्रस्थान करने वाली 03006 अमृतसर-हावड़ा स्पेशल परिवर्तित मार्ग वाया लखनऊ-सुलतानपुर-प्रतापगढ़ के रास्ते चलेगी।
  2. पुरी से 31 अगस्त, 03 सितंबर, 05 सितंबर, 07 सितंबर, 10 सितंबर एवं 12 सितंबर को प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 02875 पुरी-आनंद विहार  टर्मिनल स्पेशल ट्रेन परिवर्तित मार्ग वाया प्रतापगढ़-सुलतानपुर-लखनऊ के रास्ते चलेगी।
  3. आनंद विहार टर्मिनल से दिनांक 31 अगस्त, 03 सितंबर, 05 सितंबर, 07 सितंबर, 10 सितंबर एवं 12 सितंबर को प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या  02876 आनंद विहार टर्मिनल-पुरी स्पेशल ट्रेन परिवर्तित मार्ग वाया लखनऊ-सुलतानपुर-प्रतापगढ़ के रास्ते चलेगी।


14 हजार करोड़ के स्वदेशी हेलिकॉप्टर और मिसाइल्स खरीदेगी इंडियन आर्मी, 'मेक इन इंडिया' अभियान को मिलेगी मजबूती

भारतीय सेना ने 14,000 करोड़ रुपये की स्वदेशी मिसाइल और हेलिकॉप्टर खरीदने का फैसला लिया है। मेक इन इंडिया के तहत भारतीय सेना आकाश-एस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की दो रेजिमेंट और 25 उन्नत हल्के हलिकॉप्टर (एएलएच) की खरीदारी करेगी।

नई दिल्ली: पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना 'मेक इन इंडिया' को अब इंडियन आर्मी भी बढ़ावा दे रही है। दरअसल, 14 हजार करोड़ के स्वदेशी हेलिकॉप्टर व मिसाइलों को भारतीय सेना ने खरीदने की इक्षा जताई है।


भारतीय सेना ने 14,000 करोड़ रुपये की स्वदेशी मिसाइल और हेलिकॉप्टर खरीदने का फैसला लिया है। मेक इन इंडिया के तहत भारतीय सेना आकाश-एस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की दो रेजिमेंट और 25 उन्नत हल्के हलिकॉप्टर (एएलएच) की खरीदारी करेगी। इसके लिए सरकार के पास कुल 14000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है।


मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना ने प्रस्ताव को रक्षा मंत्रालय के पास भेज दिया है। प्रस्ताव को जल्द मंजूरी भी मिल सकती है। उम्मीद किया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जल्द ही इस संबंध में एक हाई लेवल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने कहा कि आकाश-एस मिसाइल एक स्वदेशी हथियार के साथ-साथ यह आकाश मिसाइल प्रणाली का एक नया संस्करण है।


आकाश-एस 25-30 किमी दूर से ही दुश्मनों के विमान और क्रूज मिसाइल को निशाना बनाने में सक्षम है। खास बता यह है कि यह मिसाइल लद्दाख जैसे अत्यधिक ठंड के मौसम में दुश्मनों को जवाब देने में सक्षम हैं। ऐसे में आकाश-एस मिसाइल चीन और पाकिस्तान की सीमाओं के साथ पहाड़ी और अन्य क्षेत्रों में भारतीय सेना की सभी आवश्यकताओं को पूरा करेंगी।


फ्यूचर रिटेल और अमेजन की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में पहुंची

दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश की पीठ ने दो फरवरी को फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे में यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया था।

नई दिल्ली: फ्यूचर रिटेल लि. (एफआरएल) ने रिलायंस रिटेल के साथ अपने 24,713 करोड़ के सौदे पर दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। कंपनी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उच्च न्यायालय ने रिलायंस रिटेल के साथ के कंपनी के सौदे पर यथास्थिति कायम रखने और सिंगापुर के आपात पंचाट के आदेश के प्रवर्तन का निर्देश दिया था।

शेयर बाजारों को भेजी सूचना में फ्यूचर रिटेल ने कहा, ‘‘कंपनी ने दो फरवरी, 2021 और 18 मार्च, 2021 को सुनाए गए एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) दायर की है। समय के साथ इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।'' दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश की पीठ ने दो फरवरी को फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे में यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया था। अमेरिका की ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन ने इस सौदे पर आपत्ति जताई थी। न्यायमूर्ति जे आर मिधा ने कहा था कि अदालत इस बात को लेकर संतुष्ट है कि अमेजन के अधिकारों के संरक्षण के लिए तत्काल अंतरिम आदेश पारित करने की जरूरत है।

इसके बाद 18 मार्च को अदालत ने सिंगापुर आपात पंचाट (ईए) के फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल को अपना कारोबार 24,713 करोड़ रुपये में बेचने के सौदे पर रोक के आदेश को उचित ठहराया था। न्यायमूर्ति जे आर मिधा ने फ्यूचर रिटेल को निर्देश दिया था कि वह रिलायंस के साथ सौदे पर आगे कोई कार्रवाई नहीं करे। अदालत ने कहा था कि समूह ने जानबूझकर ईए के आदेश का उल्लंघन किया है। उच्च न्यायालय ने फ्यूचर समूह की सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया था और साथ कंपनी और उसके निदेशकों पर 20 लाख रुपये की लागत भी लगाई थी।

फ्यूचर रिटेल लि। ने 12 अगस्त को शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा था कि किशोर बियानी, राकेश बियानी और बियानी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ होल्डिंग कंपनियों फ्यूचर कूपंस, फ्यूचर कॉरपोरेट रिसोर्सेज, अकार एस्टेट एंड फाइनेंस ने उच्चतम न्यायालय में अमेजन।कॉम एनवी इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स एलएलसी के खिलाफ विशेष अवकाश याचिका दायर की है।


1 सितंबर से होने जा रहे हैं ये बदलाव, बैंकिंग, पीएफ एकाउंट समेत कई नियम होंगे चेंज

1 सितंबर से कई तरह के बदलाव होने जा रहे हैं। इसके साथ ही FY 22 की दूसरी तिमाही भी शुरू हो जाएगी। इस तारीख को Bank ग्राहकों को सेविंग खातों में FY 22 की दूसरी तिमाही का ब्‍याज भी मिलेगा। इसके अलावा GSTN ने कुछ नियम सख्‍त कर दिए हैं। वहीं LPG सिलेंडर के रेट की समीक्षा भी होगी।

नई दिल्‍ली: 1 सितंबर से कई तरह के बदलाव होने जा रहे हैं। इसके साथ ही FY 22 की दूसरी तिमाही भी शुरू हो जाएगी। इस तारीख को Bank ग्राहकों को सेविंग खातों में FY 22 की दूसरी तिमाही का ब्‍याज भी मिलेगा। इसके अलावा GSTN ने कुछ नियम सख्‍त कर दिए हैं। वहीं LPG सिलेंडर के रेट की समीक्षा भी होगी।

त्‍योहारी सीजन को देखते हुए Indian Railways कुछ नई स्‍पेशल ट्रेनों या पूजा स्‍पेशल की शुरुआत कर सकता है ताकि यात्रियों को घर आने में दिक्‍कत न झेलनी पड़े। EPFO ने भी PF खाते को लेकर नियम बदले हैं। आइए जानते हैं 1 सितंबर को कौन से बदलाव होंगे और हमारी जेब पर कितना असर पड़ेगा।

GST से जुड़े बदलाव

GSTN ने कहा है कि जिन कारोबारियों ने बीते दो महीनों में GSTR-3B रिटर्न दाखिल नहीं किया है, वे 1 सितंबर से बाहर भेजी जाने वाली आपूर्ति का ब्‍योरा GSTR-1 में नहीं भर पाएंगे। जहां कंपनियां किसी महीने का GSTR-1 उसके अगले महीने के 11 वें दिन तक दाखिल करती हैं, जीएसटीआर-3बी को अगले महीने के 20-24वें दिन के बीच क्रमबद्ध तरीके से दाखिल किया जाता है। व्यवसायिक इकाइयां जीएसटीआर-3बी के जरिए कर भुगतान करती हैं।

बड़े एमाउंट का चेक जारी करने से पहले करें ये काम

RBI ने 1 जनवरी 2020 से चेक जारी करने पर नया नियम लागू कर रखा है। ज्‍यादातर बैंकों ने RBI के Positive Pay System को अपना लिया है। अब 1 सितंबर से Axis Bank इस नियम को अपने यहां लागू कर रहा है। इसके तहत ग्राहक को बड़ी रकम का चेक जारी करने से पहले बैंक को बताना होगा। यह चेक फ्रॉड रोकने की दिशा में उठाया गया कदम है। बैंक ने अपने ग्रा‍हकों को इसकी जानकारी देना शुरू कर दिया है।

पंजाब नेशनल बैंक ब्याज में करेगा कमी

देश के बड़े सरकारी बैंकों में से एक Punjab National Bank सेविंग अकाउंट में डिपॉजिट पर ब्याज दर में कटौती कर रहा है। यह कटौती 1 सितंबर 2021 से लागू होगी। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर दी जानकारी के मुताबिक बैंक की नई ब्याज दर 2.90 फीसदी सालाना हो जाएगी। नई ब्याज दर PNB के मौजूदा और नए बचत खातों पर लगेगी। मौजूदा ग्राहकों को PNB बचत खाते पर 3 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है।

पीएफ एकाउंट एकाउंट होल्डर भी ध्यान दें

EPFO ने कहा है कि 31 अगस्त तक अगर PF खाताधारक अपने UAN को Aadhaar से नहीं लिंक करते हैं तो न ही उनका Employer पीएफ खाते में मंथली कॉन्ट्रीब्यूशन दे पाएगा और न ही कर्मचारी अपना PF खाता ऑपरेट कर पाएगा। बता दें कि EPFO ने 1 जून 2021 को नया नियम बनाया था। उसके तहत हरेक कर्मचारी के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को Aadhaar से लिंक कराना अनिवार्य है। बाद में इसकी तारीख 31 अगस्‍त कर दी गई थी।


भारतीय रेल की पूजा स्‍पेशल ट्रेन

भारतीय रेल कुछ नई ट्रेनों का ऐलान कर सकता है ताकि यात्रियों को आने-जाने में सुविधा हो। इसके लिए वह कुछ स्‍पेशल ट्रेनों के फेरों में बढ़ोत्‍तरी कर सकता है। साथ ही डिमांड के हिसाब से कुछ पूजा स्‍पेशल ट्रेनें भी चल सकती हैं।

एलपीजी सिलेंडर का रेट रिवीजन

LPG सिलेंडर के रेट का हर 15 दिन पर रिवीजन होता है। 1 सितंबर को भी तेल कंपनियां इसके रेट की समीक्षा करेंगी। जुलाई और अगस्‍त में ही तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस के दाम में 25-25 रुपए की बढ़ोत्‍तरी की थी।


वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का PSU बैंकों को लेकर बड़ा बयान, कहा-'कोरोना के बावजूद कर रहे अच्छा काम', सरकारी बीमा कंपनियों के लिए कही ये बड़ी बात

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को मुंबई में अपने दो दिवसीय यात्रा के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर बयान दिया। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान कई सरकारी बैंकों के सीईओ और अन्य अधिकारियों सहित कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के अधिकारियों से मिलीं।

मुंबई: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को मुंबई में अपने दो दिवसीय यात्रा के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर बयान दिया। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान कई सरकारी बैंकों के सीईओ और अन्य अधिकारियों सहित कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के अधिकारियों से मिलीं।

बैठकों में बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन और महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था के समर्थन में उनकी तरफ से उठाये गये कदमों की समीक्षा की गई। मंत्री ने इस दौरान सरकारी बैंकों में सुधार के लिए वित्तवर्ष 2021-22 के लिए एक रिफॉर्म एजेंडा EASE 4.0 Index भी लॉन्च किया। उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने महामारी के बावजूद अच्छा काम किया और इस दौरान वह रिजर्व बैंक की त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई से बाहर निकले हैं।


वित्त मंत्री ने बैंकों से राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया है, जिससे ‘एक जिला, एक निर्यात' एजेंडा को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि ‘एक जिला- एक उत्पाद' को बढ़ावा देने के लिये बैंकों से राज्यों के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से कहा कि वे निर्यातकों के संगठनों से बातचीत करें और उनकी जरूरतों को समझें। उन्होंने ‘एक जिला, एक उत्पाद निर्यात' एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए बैंकों से राज्यों के साथ मिलकर काम करने को कहा। वित्त मंत्री ने बैंकों से वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र को समर्थन देने को भी कहा।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने निजीकरण का विरोध कर रहे सरकारी बीमा कंपनियों को कर्मचारियों को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि 'सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार उनकी चिंताओं से अवगत है।' बता दें कि सरकार ने इस मॉनसून सत्र में संसद में साधारण बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 पास किया है, जिसका पीएसजीआई कंपनियों के श्रमिक संगठन विरोध कर रहे हैं। इस विधेयक के पारित होने के बाद केंद्र सरकार किसी बीमा कंपनी में 51 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी रख सकती है यानी उसका निजीकरण किया जा सकता है।


पेट्रोल-डीजल के दामों में जल्द आएगी कमी, जानिए-तेल से मिलने वाली रकम कहां खर्च कर रही केंद्र सरकार

देश में लगातार पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों से परेशान आम जनता को जल्द ही राहत मिलने वाली है। दरअस, वैश्विक बाजार में कच्चे तेलों के दामों में गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में जल्द ही आम लोगों को इसका फायदा मिलना शुरू हो जाएगा।

नई दिल्ली: देश में लगातार पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों से परेशान आम जनता को जल्द ही राहत मिलने वाली है। दरअस, वैश्विक बाजार में कच्चे तेलों के दामों में गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में जल्द ही आम लोगों को इसका फायदा मिलना शुरू हो जाएगा।

आज प्रेस कांफ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें धीरे-धीरे नीचे आ रही हैं और स्थिर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनो में इसका असर तेल के दामों पर पड़ेगा और इसमें कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान सरकार द्वारा तेल के दामों पर अधिक एक्साइज ड्यूटी लगाने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ठीक है सरकार प्रति लीटर 32 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूल करती है, लेकिन इससे मिले पैसे का इस्तेमाल विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं में किया जाता है।

उन्होंने कहा कि सरकार अपनी अन्य जिम्मेदारियों को लेकर भी बहुत संवेदनशील है। पुरी ने कहा कि कोरोना के बाद 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया। फ्री वैक्सीन दी गई और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इस सबका पैसा कहां से आया। ऐसे में तस्वीर को पूरी तरह से देखने की जरूरत है। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्रीय सरकार द्वारा लगाई गई एक्साइज ड्यूटी वही है जो अप्रैल 2010 में लगाई गई थी। उन्होंने कहा कि जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 19 डॉलर 60 सेंट प्रति लीटर थी तब भी 32 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से ही एक्साइज ड्यूटी लगाई गई थी। जब जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 75 डॉलर प्रति लीटर तक पहुंच चुकी हैं तब भी इसी दर से एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है।

पुरी ने कहा कि भारत में तेल की कीमतें अंतर्राष्ट्रीय मार्केट के हिसाब से तय होती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकारें भी वैट लगाती हैं। 


मारूती सुजुकी पर लगा 200 करोड़ का जुर्माना, जानिए-क्यों

नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारूती सुजुकी पर 200 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। भारत के अविश्वास नियामक या कहें तो एंटीट्रस्ट रेगुलेटर ने भारत की सबसे बड़ी वाहन निर्माता, मारुति सुज़ुकी पर रु 200 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इस जुर्माने को लेकर नियामक द्वारा सोमवार को कहा गया कि, कंपनी ने मुकाबले के लिए गलत नीति अपनाई है जिसमें डीलर्स को कारों पर डिस्काउंट देने के लिए मजबूर किया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, कॉम्पिटिशन कमिशन ऑफ इंडिया CCI ने 2019 से इस मामले पर नज़र जमाकर रखी थी जब मारुति पर डीलर्स को डिस्काउंट या ऑफर्स को सीमित रखने का दबाव बनाने के आरोप लगाए गए थे, इससे डीलर्स के बीच मुकाबले में बुरा प्रभाव पड़ा है और अगर डीलर्स को अपने हिसाब से काम करने दिया जाता तो ग्राहकों को वाहन संभवतः कम कीमत पर भी मिल सकते थे।

डीलर्स को अपने हिसाब से काम करने दिया जाता तो ग्राहकों को वाहन कम कीमत पर मिल सकते थे। जांच के बाद एक आदेश जारी किया गाय है जिमें सीसीआई ने Maruti Suzuki को "इस नीति को बंद करने और इससे परहेज करने" को कहा है, और यह भी कहा है कि अगले 60 दिनों में कंपनी जुर्माने की राषि जमा करे। मारुति का ज़्यादातर हिस्सा जापान की सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन के पार है जिससे तत्काल प्रभाव से इस मामले में कोई भी जवाब नहीं दिया है।




Income Tax Portal में आ रही खामियों को लेकर वित्त मंत्री ने Infosys को दिया अल्टीमेटम, इस समय से पहले ठीक करने को कहा

सीतारमण ने अपने दफ्तर में Infosys के सीईओ सलिल पारेख से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री ने पारेख से इस बात की जानकारी ली कि आखिर लॉन्चिंग के ढाई महीने बाद भी पोर्टल से जुड़ी समस्याएं अब तक क्यों नहीं दुरुस्त हो पायी हैं। इस बैठक के दौरान Infosys के MD और CEO सलिल पारेख ने कहा कि वह और उनकी पूरी टीम पोर्टल के सुचारु कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।

नई दिल्ली: लॉंचिंग के शुरुआत से ही इनकम टैक्स की नई वेबसाइट दिक्कतें कर रही है। लगातार करदाता इस बात की शिकायत कर रहे थे। सरकार द्वारा इसे बनाने वाली कंपनी इन्फोसिस को समय दिया जाता रहा लेकिन जब पानी सिर से ऊपर उठा तो केंद्र सरकार सकते में आई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Infosys को नए इनकम टैक्स पोर्टल से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों को 15 सितंबर, 2021 तक दूर करने को कहा है। इससे पहले उन्होंने इस पोर्टल को डेवलप करने वाली कंपनी Infosys के CEO सलिल पारेख के समक्ष वेबसाइट से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर चिंता जाहिर की।

मिली जानकारी के मुताबिक, सीतारमण ने अपने दफ्तर में Infosys के सीईओ सलिल पारेख से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री ने पारेख से इस बात की जानकारी ली कि आखिर लॉन्चिंग के ढाई महीने बाद भी पोर्टल से जुड़ी समस्याएं अब तक क्यों नहीं दुरुस्त हो पायी हैं। इस बैठक के दौरान Infosys के MD और CEO सलिल पारेख ने कहा कि वह और उनकी पूरी टीम पोर्टल के सुचारु कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि 750 से ज्यादा सदस्य इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं और COO प्रवीण राव व्यक्तिगत रूप से इस प्रोजेक्ट पर नजर बनाए हुए हैं।


बता दें कि इससे पहले रविवार को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक ट्वीट कर कहा था कि मंत्री ने समस्याओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए Infosys के CEO को तलब किया है। इनकम टैक्स विभाग के नए पोर्टल को सात जून को लॉन्च किया गया था। यह पोर्टल 'इमरजेंसी मेंटेनेंस' के लिए 21 अगस्त से लेकर 22 अगस्त की शाम तक एक्सीसेबल नहीं था।

यह भी बता दें कि सीतारमण ने वेबसाइट से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर इन्फोसिस के अधिकारियों से दूसरी बार यह मुलाकात की है। इससे पहले उन्होंने 22 जून को पारेख और कंपनी के COO प्रवीण राव से मुलाकात की थी।


Income Tax E-फाइलिंग पोर्टल में अब भी आ रही हैं दिक्कतें, इंफोसिस के CEO को केंद्र ने किया तलब

लॉचिंग के पहले ही दिन से दिक्कतों का सामना कर रही आयकर विभाग के नए इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल को लेकर अब इसे बनाने वाली कंपनी इंफोसिस के सीईओ को केंद्र सरकार ने तलब किया है।

नई दिल्ली: लॉचिंग के पहले ही दिन से दिक्कतों का सामना कर रही आयकर विभाग के नए इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल को लेकर अब इसे बनाने वाली कंपनी इंफोसिस के सीईओ को केंद्र सरकार ने तलब किया है।  

मिली जानकारी के मुताबुक, लगातार आ रही खामियों के मद्देनजर वित्त मंत्रालय ने इंफोसिस के चीफ सलिल पारेख को तलब किया है। मंत्रालय ने पारेख से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष यह स्पष्ट करने को कहा है कि दो महीने बाद भी पोर्टल ठीक से काम क्यों नहीं कर रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जून में इस दिक्कत को लेकर चिंता जताई थी। वित्त मंत्रालय ने पारेख और वरिष्ठ कार्यकारी प्रवीण राव को पोर्टल को "अधिक ह्यूमन और यूजर फ्रेंडली" बनाने के लिए काम करने को कहा था। 


आयकर विभाग की ओर से रविवार को किए गए ट्वीट में कहा गया, ‘‘वित्त मंत्रालय ने इन्फोसिस के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ सलिल पारेख को 23 अगस्त को तलब किया है। पारेख को वित्त मंत्री के समक्ष यह बताना है कि नए ई-फाइलिंग पोर्टल के लॉन्च होने के ढाई महीने बाद भी दिक्कतें क्यों जारी हैं और उन्हें ठीक क्यों नहीं किया जा सका है। 21 अगस्त से तो यह पोर्टल उपलब्ध नहीं है।"

ई-फाइलिंग के नए पोर्टल को आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस ने डिजाइन किया है, जिसमें 7 जून को सेवा शुरू होने के बाद से कई तकनीकी समस्याएं पाई गईं। उपयोगकर्ताओं ने साइट पर आ रही दिक्कतों का स्क्रीनशॉट डालते हुए कई बार उसमें वित्त मंत्री को भी टैग किया है। 

खबरों के मुताबिक, जनवरी, 2019 से जून, 2021 के दौरान सरकार ने इन्फोसिस को पोर्टल के विकास के लिए 164.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।




तालिबान ने दिखाई अपनी औकात, भारत के साथ सभी आयात-निर्यात किया बंद, महंगे होंगे ड्राई फ्रूट्स !

डॉ. सहाय के मुताबिक भारत अफगानिस्तान के बड़े व्यापार साझेदारों में से एक है। नई दिल्ली से काबुल को साल 2021 में अब तक 83.5 करोड़ डॉलर (लगभग 6262.5 करोड़ रुपये) का सामान निर्यात किया जा चुका है।

नई दिल्ली: दुनियभर से शांति का वादा करने वाला तालिबान अपनी काबुल ओर कब्जा करने के साथ ही औकात पर आ गया है। तालिबान ने भारत से सभी तरह का आयात-निर्यात रोक दिया है। भारतीय निर्यात संगठन संघ (एफआईईओ) के महानिदेशक डॉ. अजय सहाय ने बुधवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में यह जानकारी दी।


सहाय ने बताया कि तालिबान ने पाकिस्तान के ट्रांजिट मार्ग से माल की ढुलाई बंद कर दी है। इससे मुल्क में भारत से सामान की आवाजाही रुक गई है। डॉ. सहाय के मुताबिक भारत अफगानिस्तान के बड़े व्यापार साझेदारों में से एक है। नई दिल्ली से काबुल को साल 2021 में अब तक 83.5 करोड़ डॉलर (लगभग 6262.5 करोड़ रुपये) का सामान निर्यात किया जा चुका है। 

वहीं, अफगानिस्तान से भारत में लगभग 51 करोड़ डॉलर (लगभग 3825 करोड़ रुपये) का सामान आयातित हो चुका है। व्यापार के अलावा भारत ने अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर निवेश भी कर रखा है। मुल्क में भारत की ओर से संचालित 400 से अधिक परियोजनाओं में तीन अरब डॉलर (लगभग 225 अरब रुपये) का निवेश होने का अनुमान है।


फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन ने इस बात को लेकर चिंता जाहिर की कि अफगानिस्तान में अस्थिर स्थिति के कारण आने वाले दिनों में ड्राई फ्रूट्स की कीमतें बढ़ सकती हैं। भारत करीब 85 फीसदी सूखे मेवे अफगानिस्तान से आयात करता है।


सिंगल यूज प्लास्टिक पर सरकार ने लगाया पूरी तरह से प्रतिबंध!

देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्तुओं की खरीद, बिक्री, मैन्युफैक्चरिंग पर रोक का आदेश जारी किया है।

नई दिल्ली: सरकार द्वारा सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। केंद्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक के आइटम्स पर जुलाई 2022 से रोक लगाए जाने की अधिसूचना जारी कर दी है। 


देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्तुओं की खरीद, बिक्री, मैन्युफैक्चरिंग पर रोक का आदेश जारी किया है। इसके अलावा सरकार ने पॉलीथीन बैग की मोटाई 50 माइक्रोन से बढ़ाकर 120 माइक्रोन तक कर दी है। हालांकि, मोटाई संबंधित नियम 30 सितंबर से शुरू होकर दो चरणों में लागू किया जाएगा। फिलहाल देश में 50 माइक्रॉन से कम के पॉलीथीन बैग पर बैन है।


अगले साल 31 दिसंबर से 75 माइक्रोन से कम मोटाई के पॉलीथीन बैग और 120 माइक्रोन से कम के बैग पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 1 जुलाई, 2022 से पॉलीस्टाइनिन और एक्सपैंडेड पॉलीस्टाइनिन सहित सिंगल यूज वाले प्लास्टिक के उत्पादन, आयात, स्टॉकिंग, वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। 


इन चीजों को इस्तेमाल करने से बचें


सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक सिंगल यूज वाली प्लास्टिक चीजों में प्लास्टिक स्टिक, गुब्बारे के लिए प्लास्टिक स्टिक, झंडे और कैंडी की प्लास्टिक स्टिक, आइसक्रीम की स्टिक, सजावट के लिए पॉलीस्टाइनिन [थर्मो-कॉल] शामिल हैं। इसके अलावा प्लेट, कप, गिलास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, ट्रे, मिठाई बक्से, निमंत्रण कार्ड, और सिगरेट के पैकेट पर लपेटे जाने वाली प्लास्टिक और 100 माइक्रोन से कम के पीवीसी बैनर शामिल हैं। इन पर प्रतिबंध लग जाएगा।


स्‍क्रैप नीति का देश के विकास में अहम योगदान: PM मोदी

पीएम मोदी ने इस सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में आज नेशनल आटोमोबाइल स्‍क्रैपिंग नीति लान्‍च हो रही है, जो देश के आटोमोबाइल सेक्टर को एक नई पहचान देगी। खराब और प्रदूषण फैलाने वाले व्‍हीकल्‍स को वैज्ञानिक तरीके से सड़क से हटाने में ये नीति अहम भूमिका निभाएगी।

नई दिल्ली: पीएम मोदी ने आज गुजरात में आयोजित निवेशकों के सम्‍मेलन को वर्चुअल तौर पर संबोधित किया। इस मौके पर उन्‍होंने केंद्र सरकार की स्‍क्रैप नीति को देश के विकास में अहम बताया है। पीएम मोदी ने इस सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में आज नेशनल आटोमोबाइल स्‍क्रैपिंग नीति लान्‍च हो रही है, जो देश के आटोमोबाइल सेक्टर को एक नई पहचान देगी। खराब और प्रदूषण फैलाने वाले व्‍हीकल्‍स को वैज्ञानिक तरीके से सड़क से हटाने में ये नीति अहम भूमिका निभाएगी।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, 'आज देश नेशनल ऑटोमोबाइल स्क्रैपेज पॉलिसी शुरू कर रहा है। ये नीति नए भारत के ऑटो सेक्टर को नई पहचान देने वाली है। देश में अनफिट वाहनों को एक वैज्ञानिक तरीके से हटाने में ये नीति बहुत बड़ी भूमिका निभाएगी।ये नीति देश में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का नया निवेश लाएगी और हज़ारों रोज़गार का निर्माण करेगी।'



पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि नई स्क्रैपिंग नीति कचरे से कंचन के अभियान की सर्कुलर अर्थव्यवस्था की एक अहम कड़ी है। ये नीति शहरों से प्रदूषण कम करने और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ तेज़ विकास की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। ये नीति मेटल सेक्टर में देश की आत्मनिर्भरता को भी नई ऊर्जा देगी।'

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'स्क्रैपिंग नीति से पूरे देश में स्क्रैप से जुड़े सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी। स्क्रैपिंग से जुड़े हमारे कामगारों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आएगा, संगठित क्षेत्र के दूसरे कर्मचारियों जैसे लाभ भी उनको मिल पाएंगे।'

उन्‍होंने कहा कि मोबिलिटी का देश के विकास में अहम योगदान है। 21वीं सदी का भारत कन्वेनिएंट और क्‍लीन लक्ष्‍य को लेकर चले, ये समय की मांग है। ये नीति तेज विकास के सरकार के कमिटमेंट को दर्शाती है। ये देश की आत्‍मनिर्भरता को भी आगे बढ़ेगी। उन्‍होंंने कहा कि आने वाले 25 वर्ष देश के लिए बेहद अहम हैं। आज मौजूद संपदा हमें धरती से मिल रही है, वो भविष्‍य में कम हो जाएगी और इसलिए भारत डीप ओशियन की नई संभावनाओं को तलाशने में लगा है। क्‍लाइमेट चेंज को हर कोई अनुभव कर रहा है। इसलिए देश को बड़े कदम उठाने भी जरूरी हैं। बीते वर्षों में ऊर्जा के सेक्‍टर में काफी तरक्‍की की है।  


पीएम ने नई स्‍क्रैप नीति को वेस्‍ट टू वेल्‍थ की दिशा में एक अहम कदम बताया है। उन्‍होंंने कहा कि इससे न सिर्फ रोजगार मिलेगा, बल्कि देश की अर्थव्‍यवस्‍था को भी तेजी मिलेगी। उन्‍होंंने बताया कि ये नीति हमारे जीवन से जुड़ी हुई है। पुरानी गाड़ियों की वजह से होने वाले हादसों को इस नीति के तहत रोका जा सकेगा। जिसके पास स्‍क्रैप सर्टिफिकेट होगा उसको रजिस्‍ट्रेशन के नाम पर दिया जाने वाला पैसा नई गाड़ी की खरीद पर नहीं लगेगा। साथ ही नई गाड़ी खरीदने वालों को कई दूसरी तरह की छूट भी मिलेंगी।    

नितिन गडकरी ने कही ये बात

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि भारत में लगभग एक करोड़ गाड़ियां ऐसी थीं जो वेलिड फिटनेस के बिना चल रही थीं। इससे प्रदूषण भी बढ़ रहा था और तेल में काफी खर्च हो रहा था। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से ये मानदंडों को पूरा नहीं कर रही थीं। इन्हीं विचारों से स्क्रैपिंग पॉलिसी की शुरुआत हुई।


कच्चे तेल का दामों में 4 डॉलर से अधिक की गिरावट, बड़ा सवाल-अब क्यों पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं कर रहीं तेल कंपनियां?

आम आदमी को ये सवाल बार-बार कचोट रहा है कि जब कच्चे तेल के दाम बढ़े तो उनकी जेब पर डाका डाला गया और उन्हें महंगे दाम पर पेट्रोल डीजल खरीदने पड़े और जब आज कच्चे तेल के दामों में कमीं आ गई है तो उसका फायदा उन्हें क्यों नहीं मिल पा रहा है।

नई दिल्ली: पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों के पीछे तेल कंपनियां अक्सर कच्चे तेलों के बढ़ते दामों का हवाला देती रही हैं लेकिन आज जब कच्चे तेलों के दाम घट गए हैं तो वह पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं कर रही हैं। आम आदमी को ये सवाल बार-बार कचोट रहा है कि जब कच्चे तेल के दाम बढ़े तो उनकी जेब पर डाका डाला गया और उन्हें महंगे दाम पर पेट्रोल डीजल खरीदने पड़े और जब आज कच्चे तेल के दामों में कमीं आ गई है तो उसका फायदा उन्हें क्यों नहीं मिल पा रहा है।

करीब 24 दिन में कच्चे तेल में पांच फीसदी से अधिक गिरावट के बावजूद कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे कंपनियों के साथ सरकार का खजाना भर रहा है। वहीं आम लोगों की जेब हल्की हो रही है। पिछली बार 15 जुलाई को पेट्रोल के दाम में बढ़ोत्तरी हुई थी। उसके बाद से लेकर अब तक कच्चे तेल का भाव 74.33 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 69.72 डॉलर प्रति बैरल पर आ चुका है। कच्चे तेल के दाम में गिरावट के बावजूद पेट्रोल-डीजल सस्ता नहीं करने से कंपनियों को अब तक 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बचत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है।

तेल कंपनियां निकालती रहेंगा आम आदमी का तेल!

कंपनियों का कहना है कि वह कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोलियम का दाम नहीं घटाकर अपने घाटे की भरपाई कर रही हैं। उनका तर्क है कि जब कच्चा तेल महंगा था, तब उस अनुपात में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए थे। वहीं सरकार का तर्क है कि महंगे कच्चे तेल के दौर में उसने 1.3 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी दी थी जिसकी भरपाई हो रही है।

ऐसे समझिए तेल का खेल
  • 4.61 डॉलर सस्ता हो चुका है कच्चा तेल 15 जुलाई के बाद
  • 15 जुलाई को अंतिम बार बढ़ा था पेट्रोल का दाम
  • 08 हजार करोड़ रुपये की बचत होती है कंपनियों को कच्चा तेल एक डॉलर सस्ता होने पर
  • 13 हजार करोड़ रुपये सरकार को लाभ पेट्रोल-डीजल पर एक रुपया टैक्स बढ़ाने से
  • 74.33 डॉलर प्रति बैरल था कच्चा तेल 15 जुलाई को
  • 69.72 डॉलर प्रति बैरल रहा कच्चा तेल 10 अगस्त को
  • 3.39 लाख करोड़ रुपये पेट्रोलियम पर टैक्स से मिले सरकार को वित्त वर्ष 2020-21 में
  • 62 फीसदी अधिक कमाई हुई सरकार की पेट्रोलिम पर टैक्स से वित्त वर्ष 2019-20 के मुकाबले
  • 09 फीसदी घटी पेट्रोलियम की बिक्री वित्त वर्ष 2020-21 में कोरोना की वजह से
  • 58 फीसदी टैक्स पेट्रोल की कुल कीमत में
  • 52 फीसदी टैक्स डीजल की कुल कीमत में
कुल मिलाकर एक बार जिस चीज के दाम बढ़ गए हैं उसके दाम बढ़े ही रहेंगे। ज्यादा हो हल्ला किया गया तो 10-20 पैसे पेट्रोल डीजल के दाम ज्यादा से ज्यादा घट सकते हैं। ऐसे में यहां यह कहना सही होगा कि आम जनता को फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दामों में किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिलने वाली है। तेल कंपनियां अपना घाटा पूरा कर रही है और सरकार भी उनका साथ दे रही और अपना खजाना भर रही है।


सोने और चांदी की चमक पड़ी फीकी, तेजी से गिर रहे हैं दाम

आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1 ग्राम पर 4,628, 8 ग्राम पर 37,024 10 ग्राम पर 46,280 और 100 ग्राम पर 4,62,800 रुपये चल रही है। अगर प्रति 10 ग्राम देखें तो 22 कैरट सोना 45,280 पर बिक रहा है।

मुंबई: अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से नीतिगत दरों को उम्मीद से पहले बढ़ाए जाने के डर ने बुलियन मार्केट में हलचल मचा रखी है। इंटरनेशनल मार्केट में सोना गिरकर अपने चार महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसके चलते सोमवार को मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज पर गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर में जबरदस्त गिरावट दिखाई दी। सोना आज 1 फीसदी से ज्यादा गिर गया। वहीं, सिल्वर में भी बड़ी गिरावट दिखी है। वहीं स्पॉट गोल्ड भी बहुत बड़ी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। अच्छे US जॉब डेटा के चलते डॉलर और यूएस ट्रेजरी यील्ड में तेजी ने सोने की चमक फीकी कर दी है।

22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के दाम

आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1 ग्राम पर 4,628, 8 ग्राम पर 37,024 10 ग्राम पर 46,280 और 100 ग्राम पर 4,62,800 रुपये चल रही है। अगर प्रति 10 ग्राम देखें तो 22 कैरट सोना 45,280 पर बिक रहा है।


अगर प्रमुख शहरों में गोल्ड की कीमतों पर नजर डालें तो दिल्ली में 22 कैरेट के सोने की कीमत 45,580 और 24 कैरेट सोने की कीमत 49,720 चल रही है। मुंबई में 22 कैरेट सोना 45,280 और 24 कैरेट सोना 46,280 पर चल रहा है।

कोलकाता में 22 कैरेट सोना 46,030 रुपए है, वहीं 24 कैरेट सोना 48,730 रुपए हैं। चेन्नई में 22 कैरेट सोने की कीमत 43,800 और 24 कैरेट 47,780 रुपए पर है। ये कीमतें प्रति 10 ग्राम सोने पर हैं।

अगर चांदी की बात करें तो प्रति किलोग्राम चांदी की कीमत 63,600 रुपए प्रति किलो है। दिल्ली में चांदी 63,600 रुपए प्रति किलो बिक रही है। मुंबई और कोलकाता में भी चांदी की कीमत यही है. चेन्नई में चांदी की कीमत 68,700 रुपए प्रति किलो है।


SC से फ्यूचर रिटेल को तगड़ा झटका, नहीं कर सकेगा रिलायंस में विलय, अमेजन को मिली जीत

फ्यूचर और रिलायंस ग्रुप को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, सु्प्रीम कोर्ट ने अमेजन के पक्ष में फैसला सुनात हुए फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के रिलायंस रिटेल में विलय होने के 24 हजार करोड़ के सौदे पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के साथ ही शेयर बाजार में रिलांयस के शेयर 1.33 फीसदी तक गिर गए।

नई दिल्ली: फ्यूचर और रिलायंस ग्रुप को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, सु्प्रीम कोर्ट ने अमेजन के पक्ष में फैसला सुनात हुए फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के रिलायंस रिटेल में विलय होने के 24 हजार करोड़ के सौदे पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के साथ ही शेयर बाजार में रिलांयस के शेयर 1.33 फीसदी तक गिर गए।

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फ्यूचर रिटेल के रिलायंस रिटेल के साथ विलय सौदे पर रोक लगाने का फैसला भारतीय कानूनों के तहत वैध और लागू करने योग्य है। सिंगापुर में आया इमरजेंसी आर्बिट्रेशन का फैसला भारत में लागू है। इमरजेंसी आर्बिट्रेशन ने इस सौदे पर रोक लगाई थी। अमेजन ने इस विलय सौदे का विरोध किया था।

बताते चलें कि अमेरिकी ई-रिटेल कंपनी अमेजन 24,713 करोड़ के इस सौदे के खिलाफ है। अमेजन का कहना है कि सिंगापुर में इमरजेंसी आर्बिट्रेटर इस सौदे पर रोक लगा चुके हैं। इसके रहते फ्यूचर का रिलायंस में विलय नहीं हो सकता।

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को अमेजन ने सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती


इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने फ्यूचर रिटेल को इमरजेंसी आर्बिट्रेटर का आदेश मानने के लिए कहा था। इससे विलय का सौदा खटाई में पड़ गया था। फ्यूचर ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी है कि भारतीय कानूनों में इस तरह के इमरजेंसी अंतर्राष्ट्रीय आर्बिट्रेशन की कोई मान्यता नहीं है।


दरअसल, अमेजन ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसने रिलायंस-एफआरएल सौदे को हरी झंडी दे दी थी। एफआरएल का प्रतिनिधित्व करने वाले साल्वे ने तर्क दिया कि मध्यस्थता और सुलह पर भारतीय कानून के तहत ईए की कोई धारणा नहीं है और साथ ही, इस आशय का कोई मध्यस्थता समझौता नहीं था।

साल्वे ने जोर देकर कहा कि भारतीय कानून के तहत ईए के लिए कोई प्रावधान नहीं है। इसके बाद पीठ ने आठ फरवरी को सौदे के संबंध में एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें उन्होंने एफआरएल और विभिन्न वैधानिक निकायों से यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा था।


RBI की ब्याज दरों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं, आम आदमी को EMI में नहीं मिलेगी राहत

RBI ने रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट, एमएसएफ रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4 फीसदी रहेगा। एमएसएफ रेट और बैंक रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4.25 फीसदी रहेगा। वहीं रिवर्स रेपो रेट भी बिना किसी बदलाव के साथ 3.35 फीसदी पर रहेगा। इस वजह से ईएमआई में भी कोई बदलाव नहीं होगा।

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत दर रेपो में किसी भी प्रकार को कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। RBI ने रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट, एमएसएफ रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4 फीसदी रहेगा। एमएसएफ रेट और बैंक रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4.25 फीसदी रहेगा। वहीं रिवर्स रेपो रेट भी बिना किसी बदलाव के साथ 3.35 फीसदी पर रहेगा। इस वजह से ईएमआई में भी कोई बदलाव नहीं होगा।

GDP वृद्धि दर का अनुमान 9.5 फीसदी

RBI गवर्नर गवर्नर शशिकांत दास ने कहा, ‘’मौद्रिक नीति समिति ने मौद्रिक नीति के मामले में उदार रुख बनाये रखने का निर्णय किया है। हमारे कदम का मकसद वृद्धि को गति देना और अर्थव्यवस्था में संकट को दूर करना है।’’ आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 9.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।

उन्होंने कहा, ‘’अर्थव्यवस्था कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से लगे झटके से बाहर आ रही है, टीकाकरण में गति के साथ आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।  अर्थव्यवस्था में आपूर्ति-मांग में सुतंलन बहाल करने के लिये काफी कुछ किये जाने की जरूरत है।’’


क्या होता है रेपो रेट

रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI जरूरत पड़ने पर वाणिज्यिक बैंकों को धन उधार देता है और RBI इसे मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए एक उपकरण के रूप में उपयोग करता है। वहीं रिवर्स रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों से उधार लेता है। वहीं आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था में उम्मीद से बढ़िया तेजी देखने को मिल रही है।


PM मोदी ने लॉन्च किया e-RUPI, जानिए-कैसे करेगा काम

पीएम नरेंद्र मोदी ने डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन e-RUPI को सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लॉन्च किया। यह वाउचर बेस्ड पेमेंट सॉल्यूशन है। e-RUPI के जरिए कैशलेस और कॉनटैक्टलेस तरीके से डिजिटल पेमेंट किया जा सकता है।

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन e-RUPI को सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लॉन्च किया। यह वाउचर बेस्ड पेमेंट सॉल्यूशन है। e-RUPI के जरिए कैशलेस और कॉनटैक्टलेस तरीके से डिजिटल पेमेंट किया जा सकता है।


इस मौके पर मुंबई में एक महिला ने एक प्राइवेट हॉस्पिटल में e-RUPI के जरिए वैक्सीनेशन के लिए भुगतान किया और इस तरह इस सॉल्यूशन की पहली यूजर बन गईं। इस महत्वपूर्ण डिजिटल कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के राज्यपालों, केंद्रीय मंत्रियों, आरबीआई के गवर्नर और अन्य गणमान्य व्यक्ति ने हिस्सा लिया।

e-RUPI लॉन्चिंग के मौके पर पीएम मोदी द्वारा कही गई मुख्य बातें

  • आज देश, डिजिटल गवर्नेंस को एक नया आयाम दे रहा है। eRUPI वाउचर, देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन को, डीबीटी को और प्रभावी बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाला है। इससे टार्गेटेड, ट्रांसपोर्ट और लीकेज फ्री डिलिवरी में सभी को बड़ी मदद मिलेगी।

  • सरकार ही नहीं, अगर कोई सामान्य संस्था या संगठन किसी के इलाज में, किसी की पढाई में या दूसरे काम के लिए कोई मदद करना चाहता है तो, वो कैश के बजाय eRUPI दे पाएगा। इससे सुनिश्चित होगा कि उसके द्वारा दिया गया धन, उसी काम में लगा है, जिसके लिए वो राशि दी गई है।

  • eRUPI, एक तरह से पर्सन के साथ-साथ पर्पस स्पेसिफिक भी है। जिस मकसद से कोई मदद या कोई बेनिफिट दिया जा रहा है, वो उसी के लिए प्रयोग होगा, ये eRUPI सुनिश्चित करने वाला है।

  • पहले हमारे देश में कुछ लोग कहते थे कि टेक्नोलॉजी तो केवल अमीरों की चीज है, भारत तो गरीब देश है, इसलिए भारत के लिए टेक्नोलॉजी का क्या काम। जब हमारी सरकार टेक्नोलॉजी को मिशन बनाने की बात करती थी तो बहुत से राजनेता, कुछ खास किस्म के एक्सपर्ट्स उस पर सवाल खड़ा करते थे।

  • भारत आज दुनिया को दिखा रहा है कि टेक्नोलॉजी को अपनाने में, उससे जुडने में वो किसी से भी पीछे नहीं हैं। नवाचार की बात हो, सर्विस की डिलीवरी में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो, भारत दुनिया के बड़े देशों के साथ मिलकर ग्लोबल लीडरशिप देने की क्षमता रखता है।

  • हमारी सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की। आज देश के छोटे-बड़े शहरों में, 23 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी और ठेले वालों को इस योजना के तहत मदद दी गई है। इसी कोरोना काल में करीब-करीब 2300 करोड़ रुपए उन्हें दिए गए हैं।

  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए जो काम पिछले 6-7 वर्षों में हुआ है, उसका लोहा आज दुनिया मान रही है। विशेषकर भारत में फिनटेक का बहुत बड़ा आधार तैयार हुआ है। ऐसा आधार तो बड़े-बड़े देशों में भी नहीं है।

E-RUPI के बारे में

डिजिटल पेमेंट के लिए यह एक कैशलेस और कॉन्टैक्लेस इंस्ट्रुमेंट है। यह क्यूआर कोड या एसएमएस स्ट्रिंग पर आधार ई-वाउचर है, जिसे लाभार्थियों के मोबाइल पर डिलिवर किया जा सकता है। 

इस वन टाइम पेमेंट सिस्टम के यूजर बिना किसी कार्ड, डिजिटल पेमेंट ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के इस वाउचर को सर्विस प्रोवाइडर के पास रिडीम कर पाएंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने यूपीआई प्लेटफॉर्म पर इसे डेवलप किया है। इसे वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के साथ मिलकर डेवलप किया गया है।


पान मसाला कंपनी की 400 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति का खुलासा !

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उत्तर भारत के एक पान मसाला उत्पादन समूह पर छापेमारी में 400 करोड़ रुपए से अधिक के बेनामी लेनदेन पकड़े जाने की बात कही है।

नई दिल्ली: एक चर्चित पान मसाला कंपनी के 400 करोड़ से अधिक बेनामी  संपत्ति के बारे में पता चला है। हालांकि, अभी कंपनी का नाम सामने नहीं आया है लेकिन आज कंपनी के यूपी में स्थित की ब्रांचों में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नगदी, कई किलो सोना और आवश्यक दस्तावेज एजेंसियों द्वारा बरामद किया गया है।


मिली जानकारी के मुताबिक, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उत्तर भारत के एक पान मसाला उत्पादन समूह पर छापेमारी में 400 करोड़ रुपए से अधिक के बेनामी लेनदेन पकड़े जाने की बात कही है। इनकम टैक्स विभाग ने गुरुवार को कानपुर, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और कोलकाता में कंपनी के 31 परिसरों में छापेमारी की। यह समूह रियल स्टेट बिजनेस भी करता है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने समूह के नाम का खुलासा किए बिना कहा, ''शुरुआती आंकड़े 400 करोड़ से अधिक के बेनामी लेनदेन की ओर इशारा कर रहे हैं।'' सीबीडीटी आईटी डिपार्टमेंट के लिए पॉलिसी तैयार करता है।

 सीबीडीटी की ओर से कहा गया है, ''समूह पान मसाला की बेनामी बिक्री और रियल स्टेट के बेनामी कारोबार से बड़ी रकम अर्जित कर रहा है।'' मुखौटा कंपनियों के माध्यम से पैसा वापस लाया जाता था।

भारी मात्रा में नगदी और सोना बरामद

छापेमारी के दौरान 52 लाख रुपए कैश और 7 किलो सोना भी बरामद किया गया। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की कार्रवाई में कागजों में मौजूद कंपनियों के नेटवर्क का पता चला, जिनके डायरेक्टर्स के पास कोई आर्थिक साधन नहीं है। 

इन कंपनियों ने रियल स्टेट समूह को तीन साल में 266 करोड़ रुपए का कथित लोन और अडवांस दिया। बयान में कहा गया है कि 115 मुखौटा कपनियों का नेटवर्क पाया गया है।


भारत के भगोड़े विजय माल्या ने बैंकों पर कसा तंज, कहा-'...और बैंक कहते हैं, मैं उनका बकायेदार हूं'

नई दिल्ली: भारतीय बैंकों को चूना लगाकर विदेश भागने वाला भारत का भगोड़ा विजय माल्या अब बैंकों पर ही कटाक्ष कर रहा है। दरअसल, विजय माल्या ने गुरुवार का बैंकों पर उनके इस तर्क के लिए कटाक्ष किया कि अभी भी उस पर उनका धन बकाया है।

विजय माल्या ने एक मीडिया रिपोर्ट के साथ यह टिप्पणी की जिसमें कहा गया था कि आईडीबीआई बैंक ने बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइंस से अपना पूरा बकाया वसूल लिया है। माल्या ने ट्विटर पर एक खबर को पोस्ट किया। इसमें कहा गया है कि आईडीबीआई बैंक ने एयरलाइंस के ऊपर 753 करोड़ रुपये का बकाया वसूल लिया है। इसके साथ व्यवसायी ने ट्वीट किया,‘और बैंक कहते हैं, मैं उनका बकायेदार हूं।’